2026 Triumph Originals Winner Miura Image Gallery

2026 Triumph Originals Winner Miura Image Gallery
Rider performing a jump on the Triumph Miura, a custom built by Spain's Tamarit motorcycles based on the Scrambler 400 XC.

Spain’s Tamarit Motorcycles has won Triumph Originals 2026 – the British manufacturer’s global custom competition, after securing 33 percent of the public vote and earning the judge panel’s highest score. Its Scrambler 400 XC based build, Miura, impressed both judges and voters with its interpretation of the brief and excellent build quality.

Bringing together custom builders from seven countries (Canada, China, France, Italy, Spain, the UK and the USA), Triumph Originals 2026 required each team to create a 1/1 ‘Time Capsule’ Scrambler inspired by a defining era from the model’s rich history.

Thousands of motorcycle enthusiasts from around the world cast their votes to help decide the winner. The public vote was combined with scores from an international judging panel made up of leading figures from the worlds of motorcycle design, custom building, journalism and heritage, ensuring every entry was assessed on its originality, technical execution and interpretation of the competition’s brief.

कनाडा में स्टडी वीजा के नियम बदले:अब ₹17 लाख बैंक बैलेंस रखना होगा; 31 अगस्त तक अप्लाई करने वाले पंजाबियों को फायदा हुआ

स्टडी वीजा पर कनाडा जाने वाले पंजाबियों को अब ज्यादा पैसे खर्चने पड़ेंगे। अब पढ़ने जाने वाले स्टूडेंट्स को अपने रहने-खाने सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिए बैंक बैलेंस 17 लाख रखना होगा। इमीग्रेशन रिफ्यूजी सिटिजनशिप डिपार्टमेंट ने नए नियम लागू कर दिए है, जिसे अफिशियल वेबसाइट पर 1 दिन पहले अपडेट किया गया है। कनाडा सरकार का कहना है कि देश में बढ़ रही महंगाई के चलते ये निर्णय लिया गया है। पहले कनाडा स्टडी के लिए जाने वाले स्टूडेंट्स को 15 लाख के करीब सालाना बैंक बैलेंस मेंटेन रखना जरूरी था। IRCC के अनुसार 31 अगस्त तक अप्लाई कर चुके स्टूडेंट्स पर नए नियम लागू नहीं होंगे। 1 सितंबर 2026 से अप्लाई कर रहे स्टूडेंट्स पर नए नियमों के तहत अब कनाडाई यूनिवर्सिटी या कॉलेज में दाखिला लेने से पहले अपनी वित्तीय मजबूती साबित करने करने के लिए पहले से लगभग 2 लाख रुपए ज्यादा बैंक बैलेंस दिखाना होगा। कॉलेज फीस और ट्रेवल खर्च के अतिरिक्त दिखाना हो बैलेंस कनाडा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (canada.ca) पर जारी ताजा नोटिफिकेशन के अनुसार, अब सिंगल एप्लीकेंट (अकेले जाने वाले छात्र) को लिविंग एक्सपेंस यानी रहने-खाने के खर्च के तौर पर कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर (CAD) का फंड दिखाना अनिवार्य होगा। भारतीय रुपए में यह रकम करीब 17 लाख रुपए बैठती है। इस रकम में कॉलेज की ट्यूशन फीस और भारत से कनाडा आने-जाने का ट्रैवल खर्च शामिल नहीं है। ट्यूशन फीस और यात्रा खर्च का हिसाब इस निर्धारित राशि से अलग रहेगा। परिवार के 4 मेंबर के साथ दिखाने होंगे 30 लाख इमिग्रेशन विभाग (IRCC) के आधिकारिक डेटा चार्ट के मुताबिक, यदि छात्र के साथ उनके परिवार के सदस्य भी कनाडा जाते हैं, तो उसी हिसाब से फंड की सीमा बढ़ जाएगी। दो लोगों के परिवार के लिए यह सीमा 29,185 CAD (20.10 लाख), तीन सदस्यों के लिए 35,880 CAD (24.74 लाख) और चार सदस्यों के परिवार के लिए 43,562 CAD (30.04 लाख) तय की गई है। इसके बाद परिवार के प्रत्येक अतिरिक्त सदस्य के जुड़ने पर 6,315 कनाडाई डॉलर (4.35 लाख) का अतिरिक्त फंड बैंक खाते में दिखाना अनिवार्य होगा। हालांकि, ये नियम क्यूबेक प्रांत को छोड़कर पूरे कनाडा में लागू होंगे, क्योंकि क्यूबेक अपने लिविंग एक्सपेंस के नियम अलग से तय करता है। महंगाई के चलते कनाडा सरकार ने बढ़ाया बजट IRCC की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, इस फैसले का मुख्य मकसद कनाडा में रह रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों को वित्तीय संकट और महंगाई से बचाना है। बीते कुछ वर्षों में कनाडा के प्रमुख शहरों में रेंट (मकान का किराया), ग्रोसरी और बेसिक यूटिलिटीज के दाम काफी तेजी से बढ़े हैं। पुराना फंड पैरामीटर मौजूदा महंगाई दरों के हिसाब से काफी कम पड़ रहा था, जिसके चलते कई विदेशी छात्रों को वहां जाकर पार्ट-टाइम जॉब्स पर पूरी तरह निर्भर रहना पड़ता था या रहने-खाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। वीजा अप्लाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान अब 1 सितंबर 2026 के बाद वीजा फाइल जमा करने वाले सभी छात्रों को तीन अलग-अलग मदों में अपना फंड प्रूफ देना होगा। पहला, पहले साल की पूरी ट्यूशन फीस; दूसरा तय लिविंग एक्सपेंस दिखाना होगा जो सिंगल छात्र के लिए 23,448 डालर है। तीसरा, भारत से कनाडा आने-जाने का टिकट खर्च। विशेषज्ञों की सलाह है कि कनाडाई वीजा के रिजेक्शन से बचने के लिए छात्र अपने स्पॉन्सर या बैंक स्टेटमेंट में आधिकारिक वेबसाइट द्वारा तय राशि से थोड़ा अधिक ही बैलेंस मेंटेन रखें, ताकि एप्लीकेशन में कोई अड़चन न आए। कनाडा में 10 लाख पंजाबी रह रहे कनाडा में पंजाबी मूल के लोगों की कुल संख्या लगभग 9.4 लाख से 10 लाख के बीच है, जो वहां की कुल आबादी का करीब 2.6% है।

Stocks to Watch : 16 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 शेयर, फिनटेक स्टॉक्स पर भी खास नजर

Stocks to Watch: बुधवार, 16 सितंबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। Bharat Forge से लेकर BHEL और Sonata Software तक कई कंपनियों ने अहम कारोबारी अपडेट दिए हैं। वहीं, UPI पर MDR लागू होने के बाद Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे फिनटेक स्टॉक्स भी नजर में रहेंगे। आइए जानते हैं 16 सितंबर को किन 13 शेयरों पर बाजार की नजर रहेगी।

Bharat Forge

डिफेंस और ऑटो सेक्टर की कंपनी Bharat Forge ने RTX की Pratt & Whitney Canada के साथ हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियां DRDO के HALE UAV प्रोग्राम में एडवांस्ड टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावना तलाशेंगी।

Sonata Software

आईटी सेक्टर की कंपनी Sonata Software ने Amazon Web Services (AWS) के साथ पांच साल का Strategic Collaboration Agreement किया है। कंपनी की घरेलू इकाई Sonata Information Technology Limited इस समझौते पर काम करेगी।

BHEL

सरकारी पावर और इंजीनियरिंग कंपनी BHEL ने Titagarh Rail Systems के साथ ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट किया है। यह JV Vande Bharat Sleeper Trainsets की व्यापक मेंटेनेंस का काम करेगा। दोनों कंपनियां इन ट्रेनों की 35 साल तक देखरेख करेंगी।

Groww

फिनटेक कंपनी Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures में ब्लॉक डील की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक Peak XV Partners Investments VI-1 और Sequoia Capital Global Growth Fund III – U.S./India Annex Fund अपने शेयर बेच सकते हैं। इस डील के लिए ₹191.45 प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस बताया गया है।

Vedanta

माइनिंग सेक्टर की कंपनी Vedanta 18 सितंबर को कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक करेगी। इसमें Non-Convertible Debentures यानी NCDs जारी करने के प्रस्ताव पर विचार होगा। कंपनी इन NCDs को प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए जारी करने की तैयारी कर रही है।

NBCC

सरकारी कंस्ट्रक्शन कंपनी NBCC (India) को करीब ₹144.98 करोड़ के नए वर्क ऑर्डर मिले हैं। इन ऑर्डर की वैल्यू में GST शामिल नहीं है। कंपनी को NEEPCO, SAIL, ED और Damodar Valley Corporation से ये काम मिले हैं।

Blue Star

होम अप्लायंस सेक्टर की कंपनी Blue Star ने बताया कि Oman की W.J. Towell & Co LLC ने Dubai Court of Appeal का रुख किया है। कंपनी ने आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को रद्द करने की मांग की है। इस अवॉर्ड में Blue Star के खिलाफ किए गए सभी दावों को खारिज कर दिया गया था।

Tata Communications

टेलीकॉम सेक्टर की कंपनी Tata Communications की कनाडा स्थित सब्सिडियरी TC Canada और Canada Revenue Agency के बीच एक समझौते पर सहमति बनी है। यह समझौता टैक्स दावों से जुड़ा है। ये दावे TC Canada की इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन सर्विसेज से हुई आय से संबंधित हैं।

GMR Airports

एयरपोर्ट सेक्टर की कंपनी GMR Airports ने अगस्त में अपने एयरपोर्ट पोर्टफोलियो में 94 लाख पैसेंजर मूवमेंट दर्ज किए। वित्त वर्ष 2027 में अब तक पैसेंजर ट्रैफिक 4.897 करोड़ हो गया है। यह पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.4% ज्यादा है।

Aurobindo Pharma

फार्मा सेक्टर की कंपनी Aurobindo Pharma ने बताया कि US FDA ने उसकी API मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का निरीक्षण पूरा कर लिया है। यह यूनिट उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Apitoria Pharma की है। यूनिट-II तेलंगाना में स्थित है।

VIP Industries

लगेज सेक्टर की कंपनी VIP Industries 18 सितंबर को बोर्ड बैठक करेगी। इसमें फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। कंपनी इक्विटी शेयर, डेट सिक्योरिटीज, कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज, ADRs, GDRs, FCCBs, वारंट और अन्य सिक्योरिटीज जारी करने पर विचार कर सकती है।

Purple Style Labs

फैशन और ई-कॉमर्स सेक्टर की कंपनी Purple Style Labs ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी PSL Retail में ₹420 करोड़ निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश राइट्स इश्यू के जरिए किया जाएगा। Purple Style Labs, Pernia’s Pop-Up Shop की पैरेंट कंपनी है।

India Pesticides

एग्रोकेमिकल सेक्टर की कंपनी India Pesticides को इंटरनेशनल मार्केट में अपने दो पेस्टिसाइड प्रोडक्ट्स के लिए रेगुलेटरी मंजूरी मिली है। कंपनी को ब्रिटेन में एक कीटनाशक के लिए Technical Equivalence अप्रूवल मिला है। वहीं अर्जेंटीना में एक हर्बीसाइड के लिए रजिस्ट्रेशन मिला है।

Fintech Stocks

सरकार की ओर से UPI पर 0.40% MDR तय किया है। इसके बाद Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे फिनटेक स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर रहेगी। नए MDR स्ट्रक्चर का डिजिटल पेमेंट कंपनियों और उनके रेवेन्यू मॉडल पर असर दिख सकता है।

Stock in Focus: BHEL ने वंदे भारत ट्रेन के लिए रेल कंपनी से मिलाया हाथ, 35 साल तक मेंटेनेंस का रहेगा काम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: डिफेंस कंपनी की HALE ड्रोन के लिए Pratt & Whitney से पार्टनरशिप, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: दिग्गज मेटल फोर्जिंग और डिफेंस कंपनी Bharat Forge ने एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में एक अहम सहयोग किया है। कंपनी अब RTX की Pratt & Whitney Canada के साथ मिलकर काम करेगी। दोनों कंपनियां DRDO के HALE UAV प्रोग्राम में टर्बोप्रॉप इंजन के इस्तेमाल की संभावना तलाशेंगी।

Bharat Forge ने मंगलवार यानी 15 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इस प्रोग्राम का मकसद भारत के अगली पीढ़ी के HALE UAV को तैयार करना है। इसके लिए इंजन और ड्रोन के बीच तालमेल की जांच की जाएगी।

इंजन की क्षमता और फिटिंग की होगी जांच

इस सहयोग में सबसे पहले यह देखा जाएगा कि Pratt & Whitney Canada का एडवांस्ड टर्बोप्रॉप इंजन HALE UAV के लिए कितना सही है। इंजन की क्षमता और प्रदर्शन की भी जांच होगी। इसके साथ ही ड्रोन में इंजन लगाने के लिए क्या बदलाव करने होंगे, यह भी देखा जाएगा।

Pratt & Whitney Canada इंजन की परफॉर्मेंस और इंस्टॉलेशन रिक्वायरमेंट्स का आकलन करेगी। वहीं, Bharat Forge इंजन को UAV के एयरफ्रेम के साथ जोड़ने का काम संभालेगी।

Bharat Forge की जिम्मेदारी क्या होगी?

Bharat Forge के हिस्से में इंजन की इंस्टॉलेशन डिजाइन और सिस्टम इंटरफेस से जुड़े काम आएंगे। इसके लिए कंपनी अपनी इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सिस्टम की क्षमता का इस्तेमाल करेगी।

कंपनी के मुताबिक, यह सहयोग भारत में स्वदेशी ड्रोन और दूसरे अनमैन्ड एरियल सिस्टम डेवलप करने की कोशिशों को आगे बढ़ाएगा। यह सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल के मुताबिक है।

Bharat Forge ने क्या कहा?

Bharat Forge के वाइस चेयरमैन और ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित कल्याणी ने कहा, ‘Pratt & Whitney की प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और Bharat Forge की इंजीनियरिंग व सिस्टम इंटीग्रेशन क्षमता को साथ लाकर एक बेहतर HALE प्लेटफॉर्म तैयार करने में मदद मिलेगी। इससे भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता और रक्षा तैयारियों को मजबूती मिल सकती है।’

Pratt & Whitney ने क्या कहा?

Pratt & Whitney के वाइस प्रेसिडेंट और इंडिया कंट्री हेड आशीष सराफ ने कहा ने कहा कि Pratt & Whitney Canada के टर्बोप्रॉप इंजन कठिन परिस्थितियों में अपनी विश्वसनीयता साबित कर चुके हैं। उनके मुताबिक, भारत के HALE प्रोग्राम के लिए ऐसी ही क्षमता की जरूरत है।

क्या काम आते हैं HALE UAV?

HALE UAV ऐसे ड्रोन होते हैं जो काफी ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ सकते हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जाता है। इनके जरिए जमीन और समुद्री इलाकों पर सर्विलांस और इंटेलिजेंस जैसे काम किए जा सकते हैं। रक्षा क्षेत्र में ऐसे ड्रोन लंबे समय तक किसी इलाके पर नजर रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

मंगलवार को Bharat Forge का शेयर BSE पर ₹1,874 पर बंद हुआ। शेयर में ₹66 यानी 3.40% की गिरावट रही।

Stock in Focus: BHEL ने वंदे भारत ट्रेन के लिए रेल कंपनी से मिलाया हाथ, 35 साल तक मेंटेनेंस का रहेगा काम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Nepal Flash Flood: तबाही के बाद नेपाल में फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा, भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ा, जारी हुआ अलर्ट

Nepal Flash Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आए विनाशकारी बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया। बाढ़ में अब तक कम से कम 800 लोगों के मरने की खबर है वहीं हजारों लोग लापता है। अभी लोग इस तबाही से उबर भी नहीं पाए हैं कि नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरे का अलर्ट आने लगा। भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने रविवार को नई चेतावनी जारी की है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। वहीं, राहत और बचाव टीमें पहले आई बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।

लोगों को भेजा जा रहा अलर्ट

रविवार सुबह लोगों के मोबाइल पर बाढ़ को लेकर चेतावनी मैसेज भेजे जा रहे है। इसके बाद से पहले से प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता और बढ़ गई। वहींलगातार मिल रही अलग-अलग चेतावनियों के कारण प्रभावित गांवों के लोगों के बीच भी डर और असमंजस का माहौल बना हुआ है। इसी बीच राहत और बचाव दल काठमांडू को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख हाईवे को फिर से खोलने में जुटे हुए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है।

चीन से मिली जानकारी

नेपाल में बाढ़ को लेकर जारी नई चेतावनी चीन से मिली ताजा जानकारी के बाद जारी की गई है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रमुख धर्म राज उप्रेती ने बताया कि ऊपरी इलाकों में पानी का बहाव बढ़ने की सूचना मिली है। इसके बाद नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, करीब 5.6 किलोमीटर दूर बना एक बड़ा गड्ढा अब भी चिंता का कारण बना हुआ है, जिसमें बड़ी मात्रा में पानी जमा है। अधिकारियों ने इसकी स्थिति पर लगातार नजर रखने की बात कही है।

लापता लोगों की तलाश जारी

26 अगस्त को आए बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। आपदा एजेंसी के अनुसार, देश में मृतकों की संख्या बढ़कर 788 हो गई है, जबकि 2,502 लोग अब भी लापता हैं। वहीं, चीन की सीमा से लगे प्रभावित क्षेत्र में भी भारी नुकसान हुआ है, जहां अधिकारियों ने 16 लोगों की मौत और 546 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। राहत और बचाव अभियान के बीच लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है।

ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से आई बाढ़

नेपाल और तिब्बत में आई भीषण बाढ़ के बाद सैकड़ों विदेशी नागरिकों के लापता होने की खबर है। इनमें कई लोग नौकरी, पहाड़ों की यात्रा और धार्मिक यात्रा के लिए हिमालयी क्षेत्र में पहुंचे थे। बताया जा रहा कि ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने और बड़ी मात्रा में पानी व मलबा नीचे आने से नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव की चपेट में आने से कई घर, पुल और अन्य ढांचे बह गए, जिससे नेपाल और तिब्बत के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है।

Mohan Bhagwat Canada Visit: ‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’, कनाडा में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया एकता का संदेश

Mohan Bhagwat Canada Visit: ‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’, कनाडा में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने दिया एकता का संदेश

Mohan Bhagwat Canada Visit: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कनाडा के टोरंटो में आयोजित ‘हिंदू विश्व बंधु-एम्ब्रेस द वर्ल्ड इन फ्रेंडशिप’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिंदू पहचान, विविधता, एकता और भारत की सभ्यतागत सोच पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हिंदू शब्द को किसी एक भाषा, पूजा पद्धति या जीवनशैली तक सीमित नहीं किया जा सकता। हिंदू विचारधारा की मूल भावना अलग-अलग विविधताओं को स्वीकार करने और उनमें मौजूद एकता को पहचानने की है।

मोहन भागवत ने आगे कहा कि हिंदू की पहचान किसी खास भाषा, पूजा के तरीके या जीवन जीने की शैली से तय नहीं होती। उन्होंने कहा कि हिंदू विचार सभी को स्वीकार करने और सभी का सम्मान करने की भावना पर आधारित है।

उन्होंने कहा, “जब मैं हिंदू कहता हूं तो हिंदू शब्द को किसी विशेष भाषा, किसी विशेष पूजा या किसी विशेष जीवनशैली से परिभाषित नहीं किया जा सकता।” भागवत ने जोर देकर कहा कि हिंदू विचारधारा में ‘सबका सम्मान और सबकी स्वीकृति’ का भाव है।

‘विविधता स्वाभाविक है, एकता वास्तविकता’

RSS प्रमुख ने भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता का जिक्र करते हुए कहा कि देश में जाति, पंथ और भाषाओं की अनेकता हमेशा से रही है। उनके मुताबिक, अलग-अलग होना स्वाभाविक है, लेकिन एकता मूल वास्तविकता है।

उन्होंने कहा, “कई जातियां हैं, कई पंथ हैं, कई भाषाएं हैं। सब कुछ अनेक है। विविधता स्वाभाविक है, जबकि एकता वास्तविकता है।” भागवत ने कहा कि भारत की प्राचीन सभ्यतागत सोच यह सिखाती है कि विविधता को एकता के लिए खतरा नहीं माना जाना चाहिए। बल्कि उसका सम्मान और संरक्षण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विविधता एकता की अभिव्यक्ति है। यही विविधता समाज को सुंदर बनाती है।

‘हिंदू जागे तो दुनिया जागेगी’

मोहन भागवत ने अपने संबोधन में सेवा और मानवता की भावना को भी हिंदू विचार से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा जरूरतमंदों की मदद करने की रही है और कई बार भारत ने बिना मांगे भी दूसरों की सहायता की है। उन्होंने कहा, “जब भी दुनिया में कहीं भारत से मदद मांगी गई, भारत ने कभी मना नहीं किया। बल्कि बिना मांगे भी मदद का हाथ बढ़ाया। यही भारत की परंपरा और उसका डीएनए है।”

इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि आपने यह बात सुनी होगी कि अगर हिंदू जागता है तो दुनिया जागती है। भागवत ने कहा कि हिंदू आध्यात्मिक परंपरा लोगों को विविधता के भीतर एकता देखने की सीख देती है। इसमें केवल मनुष्यों ही नहीं। बल्कि जीव-जंतुओं और निर्जीव प्रकृति के साथ भी जुड़ाव की भावना पर जोर दिया जाता है।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ का किया जिक्र

RSS प्रमुख ने अपने भाषण में भारत की प्राचीन अवधारणा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे पूरी दुनिया को एक परिवार मानने वाली सोच बताया। उन्होंने कहा कि खुले विचारों वाले और ज्ञान रखने वाले लोग इस विचार को स्वीकार करते हैं कि पूरी पृथ्वी एक परिवार है। भागवत के मुताबिक, इंसानों के बीच बाहरी रूप-रंग को लेकर भले ही अंतर दिखाई दे। लेकिन मूल रूप से सभी एक हैं। इसी सोच से दूसरों की सेवा करने का दायित्व पैदा होता है। उन्होंने कहा, “दूसरों की सेवा करना हमारा कर्तव्य है। हमने यह ज्ञान प्राप्त किया है, जो हमें स्थायी खुशी और संतुष्टि देता है।”

‘भारत विश्वगुरु बना, महाशक्ति बनकर नहीं’

मोहन भागवत ने भारत के वैश्विक प्रभाव की तुलना केवल सैन्य या आर्थिक ताकत से करने के बजाय सेवा और मानवीय मूल्यों से की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया पर अपना प्रभाव किसी सुपरपावर के रूप में नहीं बनाया, बल्कि अपने चरित्र और दुनिया की सेवा के कारण ‘विश्वगुरु’ बना। उन्होंने कहा, “कोई भारत को सुपरपावर कह सकता है, लेकिन भारत सुपरपावर नहीं था। उसने दुनिया की सेवा की और अपने चरित्र के कारण ‘विश्वगुरु’ बना, ‘महाशक्ति’ नहीं।”

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों का उदाहरण

भागवत ने भारत की शरण देने की परंपरा को समझाने के लिए इतिहास के कई उदाहरण दिए। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश शरणार्थियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब पोलैंड के लोग युद्ध और संकट के कारण परेशान थे, तब जामनगर के महाराजा ने उन्हें शरण और सुरक्षा दी। उन्हें तब तक संरक्षण दिया गया, जब तक वे सुरक्षित रूप से अपने देश लौटने की स्थिति में नहीं आ गए।

ये भी पढ़ें- US-Iran War: अमेरिका का ईरान पर फिर बड़ा हमला, होर्मुज स्ट्रेट में की जमकर बमबारी, तेहरान ने जॉर्डन के अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

न्होंने भारत की हालिया मानवीय सहायता का भी उदाहरण दिया। भागवत ने मध्य-पूर्व के एक युद्ध क्षेत्र से भारतीय नागरिकों की निकासी का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सैन्य विमानों ने न केवल भारतीयों बल्कि सात अन्य देशों के नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला।

ट्रंप टैरिफ पर कनाडा का तगड़ा पलटवार, अमेरिकी सामान पर 50% तक ड्यूटी लगाई; ₹5.4 अरब का राहत पैकेज का ऐलान

अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर फिर तेज हो गया है। कनाडा ने अमेरिकी सामान पर नए जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। साथ ही कनाडा सरकार ने प्रभावित कर्मचारियों और कारोबारियों के लिए C$5.4 अरब का राहत पैकेज भी घोषित किया है।

कनाडा की सरकार अमेरिकी सामान पर 15% से 50% तक के जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी कर रही है। ये टैरिफ 8 सितंबर से लागू होंगे। सरकार का कहना है कि इससे अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित कंपनियों और कर्मचारियों को राहत देने में मदद मिलेगी।

अमेरिका ने कनाडा के सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया

अमेरिका ने शनिवार से कनाडा के कई सामान पर 50% तक के नए टैरिफ लागू कर दिए हैं। इससे करीब 20 अरब डॉलर के कनाडाई एक्सपोर्ट पर असर पड़ने का अनुमान है। यह अमेरिका को कनाडा के कुल एक्सपोर्ट का करीब 5.5% है।

अमेरिका के इस कदम के बाद कनाडा ने जवाबी कार्रवाई का फैसला किया है। Oxford Economics के मुताबिक, नए अमेरिकी टैरिफ से कनाडा के अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट पर प्रभावी टैरिफ रेट 5.1% से बढ़कर 6.9% हो सकता है।

किन सेक्टर पर ज्यादा असर?

इस ट्रेड विवाद का असर कई इंडस्ट्री पर पड़ सकता है। प्लास्टिक, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लकड़ी और पेपर प्रोडक्ट्स पर इसका बड़ा असर होने की उम्मीद है। Quebec, New Brunswick और Ontario के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर भी दबाव बढ़ सकता है। कंपनियों के लिए लागत और सप्लाई चेन को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है।

ऑटो सेक्टर भी निशाने पर

ट्रेड विवाद अब ऑटो सेक्टर तक भी पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगले साल कनाडा से आने वाली कारों पर टैरिफ बढ़ाकर 50% किया जा सकता है। फिलहाल गैर-अमेरिकी कंटेंट पर 25% टैरिफ है। इस प्रस्ताव के बाद कनाडाई ऑटो इंडस्ट्री पर दबाव और बढ़ सकता है।

अमेरिका पर कनाडा की बड़ी निर्भरता

कनाडा के लिए यह ट्रेड वॉर इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था अमेरिका के साथ कारोबार पर काफी निर्भर है। कनाडा के कुल एक्सपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 70% है। वहीं कनाडा इस साल अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर है।

विवाद अब सिर्फ टैरिफ तक सीमित नहीं

दोनों देशों के बीच तनाव अब ट्रेड से आगे राजनीतिक मुद्दों तक पहुंच गया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आरोप लगाया कि अमेरिकी वार्ताकारों ने कनाडा के दूसरे देशों के साथ ट्रेड समझौतों और फ्रेंच भाषा व Quebec की संस्कृति से जुड़े मुद्दों पर भी दबाव बनाया।

ट्रंप ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह कनाडाई लोगों के फ्रेंच बोलने के मामले में कभी दखल नहीं देंगे।

USMCA पर भी नजर

अब दोनों देशों के बीच USMCA यानी US-Mexico-Canada Agreement का भविष्य भी अहम हो गया है। ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वह मौजूदा समझौते को उसी रूप में आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं।

ESDS Software IPO: 28 अगस्त से खुलेगा ₹720 करोड़ का आईपीओ, GMP 58% के पार; आशीष कचोलिया का भी है निवेश

‘अमेरिका बदल गया है…’, ट्रंप के टैरिफ से कनाडा नाराज, अब 8 सितंबर से अमेरिका पर लगाएगा जवाबी टैरिफ

US-Canada Trade War: अमेरिका और कनाडा के बीच ट्रेड वॉर यानी व्यापार विवाद और बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच आखिरी समय में हुई बातचीत से कोई समझौता नहीं हो सका। इसके बाद अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर (लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपये) के सामान पर 50% टैरिफ लगा दिया है। वहीं, जवाब में कनाडा ने भी 8 सितंबर से अमेरिका के खिलाफ इसी तरह के कदम उठाने की घोषणा की है।

बता दें कि अमेरिका के नए टैरिफ का असर कनाडा से अमेरिका को होने वाले सालाना निर्यात के लगभग 5% हिस्से पर पड़ेगा और इसमें हॉकी के सामान, डेयरी उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान सहित कई तरह के उत्पाद शामिल हैं।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ओटावा ने बातचीत के दौरान कई रियायतें दीं, लेकिन वॉशिंगटन की उन मांगों को ठुकरा दिया जिन्हें उन्होंने जरूरत से ज्यादा बताया।

उन्होंने X पर लिखा, “एक साल से ज्यादा समय से, कनाडा ने अमेरिका के साथ एक नई और व्यापक व्यापार डील पर बातचीत करने के लिए पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम किया है। हमने व्यावहारिक, धैर्यवान और लगातार प्रयास करने वाला रवैया अपनाया है। हमारा मकसद हमेशा कनाडाई लोगों के लिए सबसे अच्छी डील हासिल करना रहा है, न कि किसी भी कीमत पर या किसी भी समय-सीमा में डील करना। कल देर शाम मैंने अपने वार्ताकारों को ओटावा लौटने का निर्देश दिया। हम अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं कर सकते और न ही हम उनकी मांगी गई चीजें देंगे।”

कनाडा डॉलर-के-बदले-डॉलर के हिसाब से टैरिफ लगाकर जवाब देगा

कार्नी ने कहा कि अमेरिका के टैरिफ लागू होने के बाद कनाडा भी जवाबी टैरिफ लगाएगा। इन उपायों में स्टील, डेयरी, घरेलू उपकरण, कृषि उपकरण, पल्प और पेपर, और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर शामिल हो सकते हैं।

कार्नी ने कहा, “आने वाले दिनों में हम इन नए टैरिफ उपायों की जानकारी जारी करेंगे, जो लेबर डे के बाद आने वाले मंगलवार से लागू होंगे।”

कनाडा ने बातचीत के दौरान यह प्रस्ताव भी दिया था कि अगर वॉशिंगटन अपने टैरिफ में काफी कमी करता है, तो वह अमेरिकी स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल पर लगे अपने बाकी जवाबी टैरिफ हटा लेगा। ओटावा ने यह भी संकेत दिया था कि प्रांत अमेरिकी शराब उत्पादों को अपने बाजार में वापस आने की इजाजत दे सकते हैं।

हालांकि, कार्नी ने कहा कि अमेरिका के अंतिम प्रस्ताव कनाडा की स्वीकार करने की क्षमता से कहीं अधिक थे।

अमेरिका का दावा- कनाडा ने बेहतर डील ठुकराई

अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने वॉशिंगटन के रुख का बचाव करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन ने कनाडा के लिए अहम उत्पादों – जैसे स्टील, ऑटोमोबाइल और लकड़ी – पर रियायतें देने की पेशकश की थी।

ग्रीर ने कहा, “हम ऐसे कदम उठा रहे हैं जो कनाडा की जवाबी कार्रवाई का जवाब देंगे।”

उन्होंने तर्क दिया कि कनाडा को बेहतर शर्तें ऑफर की गई थीं, लेकिन उसने उन्हें स्वीकार नहीं किया।

आखिरी समय की मांगों की वजह से बातचीत टूट गई

कार्नी के मुताबिक, अमेरिका की आखिरी मांगों में ऐसी शर्तें शामिल थीं जिनसे कनाडा में बनी गाड़ियों पर टैरिफ में मिलने वाली छूट कम हो जाती, दूसरे देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट करने की कनाडा की क्षमता सीमित हो जाती और भाषा, संस्कृति व संप्रभुता से जुड़ी सुरक्षा पर असर पड़ता।

कार्नी ने इन मांगों को “अस्वीकार्य” बताया और कहा कि कनाडा अब अमेरिका के साथ पहले जैसे रिश्तों की स्थिति में वापस नहीं जाएगा।

बातचीत टूटने की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही दोनों देशों के अधिकारियों ने उम्मीद जताई थी कि वे किसी समझौते पर पहुंचने के करीब हैं।

USMCA के भविष्य पर सवाल

बढ़ते विवाद ने यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के भविष्य पर भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह नॉर्थ अमेरिकन ट्रेड पैक्ट इन तीनों देशों के बीच होने वाले व्यापार के एक बड़े हिस्से को नियंत्रित करता है।

अमेरिका पहले ही मैक्सिको के साथ इस समझौते में बदलाव को लेकर बातचीत शुरू कर चुका है, लेकिन कनाडा के साथ अभी तक औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है।

अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ता यह विवाद लंबे समय से सहयोगी रहे इन दोनों देशों के रिश्तों में एक बड़ा बदलाव दिखाता है। पिछले साल अमेरिका और कनाडा के बीच लगभग 880 अरब डॉलर का सामान और सेवाएं एक्सचेंज की गईं, जिससे वे व्यापार के लिए एक-दूसरे पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गए हैं।

पुराने सहयोगी देशों के रिश्तों में बढ़ा तनाव

टैरिफ को लेकर यह ताजा विवाद वॉशिंगटन और ओटावा के बीच महीनों से बढ़ते तनाव के बाद शुरू हुआ है। ट्रंप ने अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बार-बार टैरिफ लगाने पर जोर दिया है और कनाडा के अमेरिका का 51वां राज्य बनने के बारे में विवादित बातें भी कही हैं।

कार्नी ने दोनों देशों के रिश्तों में आ रहे बदलाव को स्वीकार करते हुए कहा कि कनाडा ने यह समझ लिया है कि “अमेरिका बदल गया है” और दोनों देश “अपने पुराने रिश्तों की स्थिति में वापस नहीं लौटेंगे।”

बता दें कि कनाडा अपने सामान का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अमेरिका को निर्यात करता है, इसलिए यह विवाद कनाडाई कारोबारियों और कर्मचारियों के लिए बहुत अहम है।

ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने कार्नी के जवाब का समर्थन किया है। उन्होंने “टैरिफ के बदले टैरिफ और डॉलर के बदले डॉलर” के आधार पर जवाबी कार्रवाई करने की बात कही और कहा कि “सभी विकल्पों पर विचार किया जाना चाहिए।”

ट्रंप ने नए टैरिफ के लिए 1930 के ट्रेड लॉ का इस्तेमाल किया

ये नए टैरिफ US टैरिफ एक्ट, 1930 की धारा 338 पर आधारित हैं। इस नियम के तहत US राष्ट्रपति उन देशों से होने वाले इंपोर्ट पर 50% तक टैरिफ लगा सकते हैं, जिन्होंने अमेरिकी कारोबारों के साथ भेदभाव किया हो।

यह नियम ‘महामंदी’ (Great Depression) के दौर का है और पहले कभी भी इस तरह से टैरिफ लगाने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया गया है।

इन नए कदमों से वह ट्रेड विवाद और गहरा हो गया है, जिसने दुनिया के सबसे करीबी आर्थिक और राजनीतिक रिश्तों में से एक पर पहले ही तनाव पैदा कर दिया है। फिलहाल आगे कोई बातचीत तय नहीं है, इसलिए दोनों देश अब टैरिफ विवाद के अगले दौर की तैयारी कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Trump Tariffs: अमेरिका और कनाडा के बीच नहीं हो सकी डील, अब कनाडाई सामान पर लगेगा 50% टैरिफ

यूजरनेम में छूटा सिर्फ एक अंडरस्कोर, निर्दोष शख्स ने जेल में काट दिए 18 महीने; वजह कर देगी हैरान

कई बार छोटी-सी गलती किसी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकती है। कनाडा के एक व्यक्ति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जहां एक मामूली डिजिटल अंतर ने उसे गंभीर कानूनी मुसीबत में डाल दिया। पुलिस ने एक ऑनलाइन यूजरनेम की गलत पहचान के आधार पर उसे आरोपी मान लिया और उसे लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा। मामला तब सामने आया जब अपील की प्रक्रिया के दौरान जांच में पता चला कि जिस अकाउंट को पुलिस आरोपी से जोड़ रही थी, वह वास्तव में किसी और का था।

एक अतिरिक्त अंडरस्कोर की वजह से हुई यह गलती इतनी बड़ी बन गई कि एक निर्दोष व्यक्ति को सजा भुगतनी पड़ी। बाद में अदालत ने पूरे मामले की समीक्षा करते हुए उसे बेगुनाह माना। यह घटना डिजिटल जांच में छोटी-सी चूक के गंभीर परिणामों को दिखाती है।

एक छोटे से अंतर ने बना दिया आरोपी

कनाडा के हैलिफैक्स निवासी ब्रैंडन क्लेम को साल 2020 में गिरफ्तार किया गया था। मामला 2018 में अमेरिका के विस्कॉन्सिन से शुरू हुई एक जांच से जुड़ा था। पुलिस ने ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर जिस व्यक्ति की पहचान की थी, उसका यूजरनेम “fus__ro_dah” था। वहीं, क्लेम का यूजरनेम “fus_ro_dah” था। दोनों में अंतर सिर्फ इतना था कि असली आरोपी के नाम में एक अतिरिक्त अंडरस्कोर (_) था। लेकिन यही छोटी-सी गलती क्लेम के लिए बड़ी परेशानी बन गई।

गलत पहचान के आधार पर हुई सजा

पुलिस ने इसी यूजरनेम को आधार बनाकर क्लेम को आरोपी मान लिया। साल 2023 में डार्टमाउथ प्रांतीय अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और 18 महीने की जेल की सजा सुनाई। उन पर नाबालिग को बहलाने, आपत्तिजनक सामग्री साझा करने और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े आरोप लगाए गए थे।

अपील के दौरान सामने आई बड़ी गलती

क्लेम की कानूनी टीम जब अपील की तैयारी कर रही थी, तब उन्हें इस गलती का पता चला। वकीलों ने पाया कि पुलिस की ओर से भेजे गए सबपोना में गलत यूजरनेम दर्ज था। वकील जेब ब्राउन ने बताया कि अपील की दलील तैयार करते समय यह सवाल उठा कि डिजिटल सबूत क्लेम से कैसे जुड़े, जबकि वह लगातार अपनी बेगुनाही की बात कह रहे थे।

कोर्ट ने माना- व्यक्ति था पूरी तरह निर्दोष

अपील कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस ने गलत यूजरनेम के आधार पर क्लेम को आरोपी बनाया था। कोर्ट ने साफ कहा कि उन्हें कभी आरोपी बनाया ही नहीं जाना चाहिए था। फैसले में यह भी कहा गया कि क्लेम के खिलाफ ऐसा कोई सबूत नहीं था जो उन्हें उस लड़की से जोड़ता हो।

18 महीने जेल में बिताने पड़े बेगुनाह शख्स को

क्लेम ने बताया कि पुलिस के एक छोटे से टाइपिंग अंतर ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। उन्होंने कहा कि सबपोना में असली यूजरनेम “fus__ro_dah” की जगह “fus_ro_dah” लिखा गया था, जिससे जांच गलत दिशा में चली गई। यह गलती ट्रायल के दौरान भी सामने नहीं आ सकी।

अब मुआवजे का फैसला बाकी

कोर्ट ने क्लेम को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया और उनके खिलाफ लगाए गए अतिरिक्त कानूनी आदेश भी रद्द कर दिए। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह जेल में बिताए गए 18 महीनों के लिए मुआवजे की मांग करेंगे या नहीं।

 ‘इन-हैंड सैलरी कितनी मिलेगी?’ बस इतना पूछा और कंपनी ने कर दिया रिजेक्ट, सोशल मीडिया पर छिड़ गई बहस

US Tariff: डोनाल्ड ट्रंप ने फिर फोड़ा ‘टैरिफ बम’, कनाडा के सामानों पर थोपा 50% भारी टैक्स, क्या है वजह?

US Tariff on Canada: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर टैरिफ बम फोड़ा है। इस बार उन्होंने कनाडा के कई सामानों पर 50% भारी भरकम टैरिफ लगाने का फैसला किया। ट्रंप ने कनाडा पर अमेरिकी गाड़ियों, शराब और डेयरी उत्पादों के साथ गलत बर्ताव करने का आरोप लगाया और इसके बाद यह कदम उठ

Read More