Marco Rubio Interview: ‘भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द’, जानिए ईरान युद्ध, आतंकवाद से लेकर रूसी तेल की खरीद पर क्या बोले मार्को रुबियो

Marco Rubio Interview: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ ट्रेड डील, रूस से तेल खरीदने, पाकिस्तान, ईरान और क्वाड जैसे अहम मुद्दों पर बात की। नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तैयार है। इसे पूरा होने में महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्ते लगने की उम्मीद है।

रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास आपसी संबंध मजबूत करने के असाधारण अवसर हैं। रुबियो ने रूस से तेल खरीद, पाकिस्तान में आतंकवाद और ईरान युद्ध के बारे में भी बात की।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील

रुबियो ने कहा कि ट्रेड डील अब अंतिम चरण में है। कुछ तकनीकी मुद्दों को सुलझाना और समझौते की भाषा को अंतिम रूप देना बाकी है। उनके मुताबिक, घोषणा से पहले जरूरी है कि दोनों देश हर शर्त पर सहमत हों। उन्हें उम्मीद है कि डील कुछ हफ्तों में पूरी हो जाएगी।

भारत को दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ मिलने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि किसी भी ट्रेड डील का मकसद मौजूदा स्थिति से बेहतर शर्तें हासिल करना होता है। लेकिन इससे भी जरूरी है कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते लंबे समय तक टिकाऊ रहें।

उन्होंने कहा कि हर देश के अपने राष्ट्रीय हित होते हैं। भारत अपने हितों की रक्षा करेगा और अमेरिका भी ऐसा ही करेगा। लेकिन दोस्ती और सहयोग की वजह से दोनों देश मतभेदों को सुलझा सकते हैं। रुबियो के मुताबिक, समझौता ऐसा होना चाहिए, जो कुल मिलाकर दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो।

रूस से तेल खरीदने पर भारत की स्थिति समझते हैं रुबियो

अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की बात करता है, जबकि खुद भी रूस से डीजल खरीद रहा है। इस सवाल पर रुबियो ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पांचवें साल में पहुंच चुका है और इसे खत्म करना जरूरी है। लेकिन रूस पर प्रतिबंधों का असर सिर्फ उसी देश पर नहीं पड़ता। रूस के साथ कारोबार करने वाले दूसरे देशों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने दो चुनौतियां हैं। पहली, रूस पर दबाव बनाना, ताकि वह युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर आए। दूसरी, यह देखना कि इस दबाव का असर दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ रहा है।

रुबियो के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के हितों के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को भी देखना जरूरी है। उन्होंने माना कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव है। उम्मीद जताई कि ट्रेड डील और बातचीत से मतभेद कम हो सकते हैं।

अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत

अमेरिका के इलिनॉय स्टेट में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश और भारतीयों के खिलाफ नफरत के सवाल पर रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ऐसी घटनाओं से पूरी तरह अछूता नहीं है। हर समाज में कुछ लोग अज्ञानता और नफरत के कारण गलत काम करते हैं।

हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत व्यापक स्तर पर फैली हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ आसपास के लोग भी पीड़ितों के समर्थन में खड़े होते हैं।

रुबियो ने विस्कॉन्सिन में सिख समुदाय के साथ हुई एक भयावह घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, नेताओं को ऐसी नफरत को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, न ही उसका बचाव करना चाहिए या उसे नजरअंदाज करना चाहिए।

पाकिस्तान पर अमेरिकी नीति

पाकिस्तान को लेकर अमेरिकी नीति पर रुबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ है। हालांकि, विदेश मंत्री के तौर पर उन्हें उन देशों के साथ भी संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, जिनसे कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं।

राहुल जोशी ने उन्हें याद दिलाया कि 2025 में अमेरिकी सीनेटर रहते हुए रुबियो ने पाकिस्तान को अमेरिकी सुरक्षा सहायता रोकने से जुड़ा विधेयक लाने की बात कही थी, अगर वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देता है। उनसे पूछा गया कि क्या अब उनकी नीति बदल गई है।

रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से भी अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने इसकी तुलना भारत के ईरान के साथ संबंधों से की। उनके मुताबिक, भारत को भी ईरान के नेताओं से बातचीत करनी पड़ती है, भले ही कुछ मुद्दों पर मतभेद हों।

रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखने से अमेरिका को उन मुद्दों पर बातचीत करने का मौका मिल सकता है, जिनसे भारत को चिंता है। इससे आतंकवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियों को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद भी की जा सकती है।

ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव

ईरान के साथ संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों को लेकर रुबियो ने कहा कि ईरान की सरकार के साथ समझौता करना मुश्किल है। उन्होंने ईरान की तुलना नाजी जर्मनी से की और आरोप लगाया कि ईरान व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहा है। और ऐसे नाविकों की जान खतरे में डाल रहा है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका हर रात समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से दागे जाने वाले ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले जहाजों तक पहुंच जाते हैं। इससे जहाजों को नुकसान होता है और लोगों की जान भी जाती है।

उन्होंने खास तौर पर भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया। रुबियो ने कहा कि समुद्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। इसी वजह से इन हमलों में कई भारतीयों की भी जान गई है। उन्होंने ईरान से ऐसे हमले रोकने की अपील की।

क्वाड की बैठक साल के अंत से पहले

रुबियो ने उम्मीद जताई कि क्वाड देशों के नेताओं की बैठक इस साल के अंत से पहले होगी। उन्होंने बताया कि बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान सम्मेलन के दौरान आयोजित करने पर सहमति बनी है। हालांकि, तारीख अभी तय नहीं हुई है।

क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। रुबियो ने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक क्वाड से जुड़ी थी, जिसमें जयशंकर भी शामिल थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सात या आठ बार बातचीत हो चुकी है। उन्होंने अटलांटा में G20 के दौरान एक और बैठक होने की जानकारी भी दी।

रुबियो के मुताबिक, क्वाड अब सिर्फ बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं है। इसके तहत ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगली शिखर बैठक में भी ऐसे फैसलों और उनके नतीजों की घोषणा होनी चाहिए, जिनका वास्तविक असर दिखाई दे।

जयशंकर के साथ रिश्तों की तारीफ

रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक में जयशंकर शामिल थे। इसके बाद दोनों कम से कम 12 बार मिल चुके हैं। जयशंकर चार बार अमेरिका भी गए हैं। दोनों की मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय बैठकों और सम्मेलनों में भी हुई हैं।

रुबियो ने कहा कि जब भी दोनों किसी बैठक या कार्यक्रम के लिए एक ही शहर में होते हैं, तो मिलने का समय जरूर निकालते हैं। उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में दोनों के बीच मजबूत कामकाजी रिश्ता बना है। इससे कई संवेदनशील और मुश्किल मुद्दों को संभालने में मदद मिली है।

जामनगर में रिलायंस से मुलाकात क्यों?

रुबियो ने अपनी जामनगर यात्रा को रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा सहयोग से जोड़ा। उन्होंने कहा कि रिलायंस के पास कच्चे तेल को उपयोगी उत्पादों में बदलने की असाधारण क्षमता है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम बताया।

रुबियो के मुताबिक, रिलायंस भारत को ऊर्जा आपूर्ति के अलग-अलग स्रोतों से जोड़ने में मदद कर सकती है। उन्होंने वेनेजुएला के तेल का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, वेनेजुएला अपना तेल उत्पादन बढ़ा रहा है और भारत लंबे समय से इस तरह के कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि रिलायंस ने अमेरिका में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश किया है। रुबियो ने कहा कि जामनगर में कंपनी के कामकाज को देखने और उसके अधिकारियों से बातचीत करने का मकसद ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशना है।

उन्होंने कहा कि खास तौर पर पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले कच्चे तेल को रिफाइन करने में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे भारत को ऊर्जा आपूर्ति के नए विकल्प मिलेंगे और अमेरिका को भी लाभ होगा।

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करोड़ों की प्रॉपर्टी देखने पहुंचे अशनीर ग्रोवर, रियल एस्टेट कारोबारी ने दे डाला नौकरी का ऑफर

भारतपे के पूर्व को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार वह खुद एक मजेदार सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा बन गए हैं। गुरुग्राम के एक रियल एस्टेट कारोबारी ने उनकी प्रॉपर्टी विजिट पर चुटकी लेते हुए उन्हें नौकरी तक ऑफर कर दी। मामला गुरुग्राम के महंगे रिहायशी प्रोजेक्ट DLF Camellias का है, जहां अशनीर की विजिट के दौरान फ्लैट के बजाय क्लब, सुविधाओं और हरियाली को दिखाए जाने पर कारोबारी ने सवाल उठाए। उनकी पोस्ट अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है।

फ्लैट देखने पहुंचे अशनीर

गुरुग्राम के रियल एस्टेट कारोबारी अभिषेक भारद्वाज ने X पर एक पोस्ट साझा करते हुए अशनीर ग्रोवर की साइट विजिट पर मजाकिया टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि अशनीर की यह विजिट उनकी पत्नी के चैनल पर शेयर किए गए एक वीडियो में दिखाई गई थी, जिसका शीर्षक ‘Home Beyond the Price Tag’ है। अभिषेक के मुताबिक, फ्लैट में किरायेदार होने और दरवाजा नहीं खुलने की स्थिति में विजिट के दौरान क्लब, दूसरी सुविधाएं और हरियाली दिखाई गई। उन्होंने इस अनुभव की तुलना प्रॉपर्टी ब्रोकरों के उस आम तरीके से की, जिसमें फ्लैट नहीं दिखा पाने पर खरीदार को आसपास की सुविधाएं दिखाकर व्यस्त रखा जाता है।

‘क्लब दिखा दिया, हरियाली दिखा दी, फ्लैट की बात ही नहीं की’

200 से ज्यादा प्रॉपर्टी डील करने का अनुभव रखने वाले अभिषेक ने कहा कि गुरुग्राम के प्रीमियम रिहायशी प्रोजेक्ट्स में कई खरीदारों के लिए फ्लैट के साथ उसका पता और सोसायटी भी काफी मायने रखती है। ऐसी जगहों पर उपलब्ध फ्लैट कम होने के कारण खरीदार कई बार प्रॉपर्टी देखने से पहले ही उसमें दिलचस्पी दिखाने लगते हैं।

हालांकि, अभिषेक का मानना है कि अच्छी साइट विजिट में खरीदार को असली फ्लैट दिखाना जरूरी है। उन्होंने मजाक में कहा कि अगर किरायेदार दरवाजा नहीं खोल रहा हो, तो वह उसके साथ एक घंटे बैठकर चाय पीने को भी तैयार हैं, लेकिन खरीदार को फ्लैट दिखाए बिना वापस नहीं जाने देंगे।

अशनीर ग्रोवर को दे दी फील्ड एसोसिएट की नौकरी

अभिषेक ने अपनी पोस्ट में अशनीर पर तंज कसते हुए लिखा कि उन्होंने साइट विजिट बिल्कुल उसी अंदाज में की, जैसा प्रॉपर्टी इंडस्ट्री में कई बार देखने को मिलता है। उन्होंने कहा, ‘क्लब दिखा दिया, हरियाली दिखा दी, फ्लैट की बात ही नहीं की।’ इसके बाद कारोबारी ने अशनीर को फील्ड एसोसिएट की नौकरी का ऑफर दे दिया। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल साइट विजिट के लिए लोगों की तलाश कर रहे हैं और अशनीर ने तो पहली विजिट में ही इंडस्ट्री का तरीका दिखा दिया।

सोशल मीडिया पर चर्चा में आई पोस्ट

अभिषेक ने अपनी पोस्ट के आखिर में अशनीर से मजाकिया अंदाज में पूछा, ‘इंटरव्यू कब दे रहे हो?’ उनकी इस टिप्पणी ने प्रॉपर्टी विजिट के तरीके और महंगी सोसायटी में घर खरीदने के अनुभव को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, यह पूरा मामला कारोबारी की सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों और व्यंग्य पर आधारित है।

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Rolls-Royce Spectre Series II to arrive in India this year

Rolls-Royce Spectre Series II to arrive in India this year
Rolls Royce Spectre Black Badge front quarter static

Rolls-Royce will bring the Spectre Series II to India this year. In an interview with Autocar India, Julian Jenkins, Global Director – Sales and Brand at Rolls-Royce Motor Cars, said, We’ve got the Series II, which is an evolution of the motor car, and I think the first car will arrive here in India this year.” The Series II Spectre arrives more than two years after the first iteration of the luxury two-door electric coupe was launched.

  1. Series II gets a larger 112kWh battery pack; Up to 680hp and 1100Nm.
  2. WLTP-certified claimed range of up to 629km.
  3. More personalisation choices for the exterior and interior.

Rolls-Royce Spectre II: What’s new?

Changes to the Spectre Series II focus mainly on the mechanical rather than the visual. There’s a larger 112kWh battery pack this time. It uses a new battery architecture that is shared with the i8 and continues with a 400V electric architecture. The Spectre Series II continues with a dual-motor setup with one motor at each axle. Combined power output stands at 601hp and 1015Nm for the standard model, while Black Badge models develop 680hp and 1,110Nm in Spirited mode. Rolls-Royce claims a WLTP-certified range of 628km and 629km for the standard and Black Badge versions, respectively. 

On the exterior front, the Spectre Series II remains largely unchanged from its predecessor. Because the Spectre was the second-most personalised car after the Phantom, it gets more customisation options this time around. Black Badge versions come with matte black exterior detailing as opposed to gloss black on the predecessor, even for the Spirit of Ecstasy. The interior, too, gets more material and personalisation options and an illuminated dashboard panel with 8,108 individual pixels.

Expect the Spectre Series II to be priced higher than the current model on sale, which retails at Rs 7.5 crore and Rs 9.5 crore for the standard and Black Badge versions, respectively. The current Spectre is the most expensive EV sold in India.

With inputs from Mugdha Mishra

All prices are ex-showroom, India

Upcoming Bajaj Dual-Sport to get multiple engine options

Upcoming Bajaj Dual-Sport to get multiple engine options
A render of the dual-sport motorcycle Bajaj patented

In a recent interview with Brazilian media, Bajaj’s executive director for the country, Waldyr Ferreira, hinted that the upcoming dual-sport motorcycle might come in multiple engine sizes. The first bike is expected to arrive in Latin America before the end of 2026. 

  1. Might be offered in multiple engine options
  2. Could range from entry-level off-roader to long-distance tourer
  3. Previous sightings suggest it uses a 19-inch front and 17-inch rear wheel setup

A line-up of dual-sport motorcycles?  

Small capacity options could be offered in Latin American markets

Ferreira has hinted that rather than just a single model, it could be a line-up. Offering diverse displacement will allow the brand to cater to different demographics and reach wider audiences. After all, the company has a huge selection of existing 150-250cc air/oil-cooled and 200-400cc liquid-cooled motors to choose from. That said, we could also see all-new engines developed specifically for these models. 

In Brazil, a good portion of the dual-sport market is held by Honda, with its NXR 160 and Sahara 300, and Yamaha, with the Crosser 150 and Lander 250. So, this multi-model approach from Bajaj would allow it to reach from entry-level off-road riding to long-distance touring segments. Although engine specifications and other details remain undisclosed, this development suggests the new line-up could cover a wide range of prices and performance. 

For India, the speculation revolves around the first motorcycle being around the 200cc mark. Currently, the off-road motorcycles this segment has to offer include popular options like the Hero Xpulse 210, Kawasaki KLX 230 and the recently launched Honda XR300L, all of which are possible rivals for the upcoming Bajaj, which should deliver similar performance and capabilities. 

Source: Bill Motoka on YouTube

जिस Gaitonde पर लोग थूकने वाले थे, वही बना कमलेश की पहचान

जिस Gaitonde पर लोग थूकने वाले थे, वही बना कमलेश की पहचान

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कहते हैं, मुंबई वो नगरी है,जहाँ कई साधारण लोग असाधारण बन जाते हैं। लेकिन इसी शहर में करोड़ों ख़्वाब पहचान मिलने से पहले ही टूट भी जाते हैं। लेकिन कमलेश सावंत का ख़्वाब नहीं टूटा। बस उसे पूरा होने में वक्त बहुत लगा।

Kamlesh Sawant, जिन्हें आज लोग Drishyam के Gaitonde के नाम से जानते हैं।

एक चॉल से निकला लड़का थिएटर से शुरुआत की, मिमिक्री की, और करीब 17 साल के संघर्ष के बाद पहली बार बड़े पर्दे पर अपना हुनर को सबके सामने लाया।
लेकिन उसके बाद क्या? क्या सब कुछ बदल गया? बिल्कुल नहीं। फिल्मों में काम तो मिलने लगा, लेकिन जिस पहचान का ख़्वाब था, वो अभी भी दूर थी। 

और उस पहचान तक पहुँचने में उन्हें करीब 11 साल और लगे। इस बीच उतार-चढ़ाव आए, पैसे अटके, इंतज़ार लंबा होता गया। लेकिन एक चीज़ नहीं बदली,
वो ख़्वाब… एक्टर बनने का।

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Kamlesh Sawant’s inspiring journey from a Mumbai chawl and theatre artist to becoming the iconic Gaitonde in Drishyam, overcoming years of struggle and building his identity in Bollywood.

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IIT job offers withdrawn: आईआईटी से दो प्लेसमेंट सीजन के लिए बाहर हो सकती हैं ओरेकल समेत 22 कंपनियां, जानें क्यों लेना पड़ रहा ऐसा फैसला

IIT job offers withdrawn: देश के प्रमुख आईआईटी संस्थानों ने छात्रों के हितों को देखते हुए सर्व सम्मति से एक फैसला किया है। इस फैसले के अनुसार, इंडियन इंस्टीट्यूट्स ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) ने 2 प्लेसमेंट सीजन के लिए 22 कंपनियां को बाहर कर दिया है। आईआईटी संस्थानों में कैंपस प्लेसमेंट के दौरान छात्रों को नौकरी का ऑफर देने वाली इन कंपनियों में ओरेकल जैसी दिग्गज कंपनी भी शामिल है।

ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी (AIPC) इस बारे में 30 सितंबर तक कंपनियों को लिखित रूप से सूचित करेगी। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ये कंपनियां 2026 में ग्रेजुएट होने वाले स्टूडेंट्स को दिए गए जॉब ऑफर को पूरा करने में फेल रहीं। एआईपीसी के कन्वीनर और आईआईटी गुवाहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर जॉन जोस ने बताया कि कमेटी ने कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने के बजाय इस एक्शन को “नॉन-कोऑपरेशन” कहा है।

एआईपीसी ने क्यों लिया यह फैसला ?

आईआईटी ने अगले दो प्लेसमेंट सीजन के लिए कैंपस रिक्रूटमेंट के लिए 22 कंपनियों के साथ सहयोग बंद करने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये कंपनियां 2026 में ग्रेजुएट होने वाले स्टूडेंट्स को दिए गए जॉब ऑफर को पूरा करने में फेल रहीं। यह फैसला 23 आईआईटी के 150 से ज्यादा ऑफर पर लागू होता है। एआईपीसी के कन्वीनर जोस जोस ने कहा कि कुछ कंपनियों ने 10 से 15 ऑफर वापस ले लिए थे। फाइनल लिस्ट और जिन ऑफर पर असर पड़ा है, उनकी संख्या अभी भी तैयार की जा रही है क्योंकि अलग-अलग आईआईटी कमेटी को मामलों के स्टेटस के बारे में अपडेट कर रहे हैं।

प्लेसमेंट सीजन से बाहर होने वाली कंपनियों में ओरेकल भी शामिल

आईआईटी के 2 प्लेसमेंट सीजन से बाहर होने वाली कंपनियों की सूची में ओरेकल का नाम भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएस सॉफ्टवेयर कंपनी ने आईआईअी छात्रों को दिए गए करीब 40 ऑफर नहीं माने। कई स्टार्टअप भी इस लिस्ट में हैं।

IITs ने नियोक्ताओं को पहले दी थी चेतावनी

आईआईटी का सितंबर का यह फैसला ऑफर वापस लेने वाली कंपनियों के साथ महीनों की बातचीत के बाद आया है। जून में, एआईपीसी ने Oracle, Interview Kickstart और SuperAGI समेत 10 से ज्यादा कंपनियों से कहा कि वे या तो उनके ऑफर मानें या प्रभावित स्टूडेंट्स को तीन महीने की सैलरी दें। इस मामले से उस समय करीब 100 छात्र प्रभावित हुए थे।

आईआईटी ने कंपनियों को दिया था 15 अगस्त तक का समय

एआईपीसी ने कंपनियों को जवाब देने के लिए 15 अगस्त तक का समय दिया था। मामलों को सुलझाने में नाकाम रहने वाली कंपनियों को 2027 और 2028 की क्लास के प्लेसमेंट ड्राइव से बाहर करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद AIPC ने कंपनियों के लिए ऑफर पाने वाले छात्रों को ऑनबोर्ड करने की डेडलाइन 15 सितंबर तय की।

नौकरी के लिए AI का इस्तेमाल कर रहे हैं? ऐनी हैथवे ने बताई वो गलती, जो आपका मौका छीन सकती है

ऑस्कर विजेता अभिनेत्री Anne Hathaway ने नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को AI के इस्तेमाल को लेकर एक अहम सलाह दी है। उन्होंने अपने एक हालिया हायरिंग अनुभव को याद करते हुए बताया कि इंटरव्यू के बाद उम्मीदवारों ने उन्हें Thank-You Notes भेजे, लेकिन सभी संदेश लगभग बिल्कुल एक जैसे थे।

Hathaway के मुताबिक, शुरुआत में एक संदेश उन्हें काफी प्रोफेशनल और सोच-समझकर लिखा हुआ लगा। लेकिन जब बाकी उम्मीदवारों के संदेश भी उसी भाषा और अंदाज में आने लगे, तो उन्हें समझ आ गया कि इनमें AI की मदद ली गई थी।

‘मैं पहचान सकती हूं’

Hathaway ने कहा कि नौकरी पाने के लिए AIपर जरूरत से ज्यादा निर्भर रहने वाले उम्मीदवारों को यह नहीं मान लेना चाहिए कि सामने वाला इसे पहचान नहीं पाएगा। उनका कहना था कि उम्मीदवार भले ही सोचें कि उन्होंने AI के इस्तेमाल को छिपा लिया है, लेकिन कई बार उनके लिखने के तरीके से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

Meryl Streep ने भी दी सीधी सलाह

इस बातचीत के दौरान मौजूद Meryl Streep ने भी उम्मीदवारों को खुद लिखने की सलाह दी। उनका मानना था कि किसी खास नौकरी या अवसर के लिए भेजे जाने वाले व्यक्तिगत संदेश में उम्मीदवार की अपनी आवाज और व्यक्तित्व नजर आना चाहिए। Streep ने यहां तक कहा कि अगर कोई उम्मीदवार Anne Hathaway को AI से लिखा हुआ Thank-You Note भेजता है, तो यह उसके चयन की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है।

नौकरी की तलाश में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब नौकरी तलाशने वाले लोग Resume, Cover Letter और Interview के बाद भेजे जाने वाले संदेश तैयार करने के लिए तेजी से AIटूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। AI समय बचाने और भाषा को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन Hathaway और Streep की बात का सार यही है कि नौकरी के लिए भेजे जाने वाले व्यक्तिगत संदेश में आपकी अपनी आवाज सबसे ज्यादा मायने रखती है।

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CEO के देर से आने पर उम्मीदवार ने नहीं दिया इंटरव्यू, कंपनी को किया रिजेक्ट; जानें क्या लिखा ईमेल में

नौकरी के इंटरव्यू में अक्सर उम्मीदवारों से समय पर पहुंचने और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद की जाती है। लेकिन अगर इंटरव्यू लेने वाला ही तय समय से काफी देर से पहुंचे तो? सोशल मीडिया पर वायरल एक ईमेल ने इसी सवाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर CEOको ईमेल भेजकर इंटरव्यू ही ठुकरा दिया।

2 बजे था इंटरव्यू, उम्मीदवार आधे घंटे पहले पहुंचा

वायरल स्क्रीनशॉट में ईमेल का विषय लिखा है, “Reason for My Rejection of Your Interview”। उम्मीदवार ने दावा किया कि उसका इंटरव्यू दोपहर 2 बजे तय था और वह समय से करीब 30 मिनट पहले ही पहुंच गया था। लेकिन उसके मुताबिक, CEO करीब 3:10 बजे इंटरव्यू के लिए आए। उम्मीदवार का आरोप है कि इतनी देरी के बावजूद CEO ने न तो देरी की वजह बताई और न ही माफी मांगी। इसके बाद सीधे इंटरव्यू शुरू कर दिया गया।

इंटरव्यू शुरू होते ही उम्मीदवार ने किया बड़ा फैसला

उम्मीदवार ने कथित ईमेल में बताया कि उसने इंटरव्यू देने से ही इनकार कर दिया। उसका कहना था कि शुरुआत में ही कंपनी की तरफ से उसके समय को लेकर ऐसा रवैया देखकर उसे कंपनी के काम करने के तरीके पर शक हुआ। उसने यह भी सवाल उठाया कि अगर नौकरी शुरू होने से पहले ही उम्मीदवार के समय को अहमियत नहीं दी जा रही, तो कर्मचारी बनने के बाद क्या स्थिति होगी। इसी सोच के साथ उसने कथित तौर पर इंटरव्यू और कंपनी, दोनों को ही रिजेक्ट करने की बात कही।

सोशल मीडिया पर किसी ने कहा- बिल्कुल सही किया

ईमेल का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कई लोगों ने उम्मीदवार के फैसले का समर्थन किया। उनका कहना था कि नौकरी पाने की जरूरत अपनी जगह है, लेकिन उम्मीदवार के समय और मेहनत का सम्मान भी उतना ही जरूरी है। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार से समय पर पहुंचने की उम्मीद की जाती है, तो इंटरव्यू लेने वाले से भी कम से कम समय की पाबंदी और बेहतर संवाद की उम्मीद की जा सकती है।

लेकिन कुछ लोगों ने CEO का बचाव भी किया

दूसरी तरफ, कई यूजर्स ने उम्मीदवार के फैसले को जल्दबाजी बताया। उनका कहना था कि CEO जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अचानक कोई जरूरी काम या आपात स्थिति आ सकती है, जिसकी वजह से शेड्यूल बिगड़ सकता है। एक यूजर ने कहा कि उम्मीदवार को इंटरव्यू छोड़ने से पहले देरी की वजह पूछनी चाहिए थी। अगर कोई वास्तविक आपात स्थिति रही हो, तो सिर्फ देर होने के आधार पर पूरे संगठन के बारे में राय बनाना सही नहीं होगा।

लोगों ने अपने साथ हुए अनुभव भी बताए

पोस्ट के नीचे कई लोगों ने अपने इंटरव्यू से जुड़े अनुभव साझा किए। एक यूजर ने दावा किया कि उसके साथ भी कई बार ऐसा हुआ जब इंटरव्यू लेने वाले तय समय पर नहीं पहुंचे। कुछ मामलों में बाद में कंपनी के अधिकारियों ने ईमेल के जरिए माफी मांगी, लेकिन आगे की बातचीत बंद हो गई।

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पाक टेस्ट टीम ने नहीं प्रसारित होने दिया इमरान खान के बेटों का दुख, टेस्ट मैच बॉयकॉट करने की दी धमकी

imran khan

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड के शीर्ष स्पोर्ट्स चैनल और डजीटल स्पोर्ट्स प्रसारणकर्ता के ख़िलाफ़ औपचारिक शिकायत की है। यह शिकायत तब की गई, जब प्रसारणकर्ता ने लॉर्ड्स में पहले दिन लंच के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री और कप्तान इमरान ख़ान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित किया। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट को मिली जानकारी के मुताबिक़ PCB ने विरोध के तौर पर ब्रेक के बाद पाकिस्तान की टीम के मैदान पर वापस नहीं उतरने के विकल्प पर भी विचार किया था।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्पोर्ट्स प्रेसेंटर माइक एथर्टन ने यह इंटरव्यू किया था। इसमें इमरान के बेटों सुलेमान और क़ासिम ख़ान ने अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। उनके बेटों ने कहा कि उन्हें अपने पिता की ज़िंदगी को लेकर भी डर है। माना जा रहा है कि PCB ने लंच ब्रेक से पहले ही स्काई स्पोर्ट्स से संपर्क करके इस सेगमेंट को लेकर विरोध दर्ज कराया था। PCB ने कथित तौर पर यह भी चेतावनी दी थी कि अगर इंटरव्यू प्रसारित किया गया, तो पाकिस्तान के खिलाड़ी लंच के बाद मैदान पर वापस नहीं लौटेंगे।

इन बातचीत के दौरान स्काई ने इंटरव्यू को कुछ देर के लिए रोक दिया। लेकिन बाद में उसने 18 मिनट का यह इंटरव्यू प्रसारित कर दिया। जब तक इंटरव्यू ख़त्म हुआ, पाकिस्तान के खिलाड़ी दूसरे सेशन के लिए मैदान पर लौटने की तैयारी कर रहे थे। दूसरा सेशन दोपहर 2:40 बजे शुरू होना था।

एथर्टन ने बुधवार सुबह लॉर्ड्स के राइटर्स रूम में इमरान के बेटों का यह इंटरव्यू किया था। स्काई ने टेस्ट मैच से पहले इस इंटरव्यू की एक छोटी झलक भी दिखाई थी। हालांकि पाकिस्तान में इस सीरीज़ का प्रसारण करने वाले PTV ने इस इंटरव्यू को प्रसारित नहीं किया। पिछले कुछ हफ़्तों से इमरान की सेहत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनके बेटे भी उन्हें सही इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने की कोशिशें तेज़ कर रहे हैं।

पिछले हफ़्ते पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इमरान को राजधानी इस्लामाबाद के शिफ़ा अस्पताल में भर्ती कराया जाए। लेकिन इसके बजाय उन्हें सरकारी PIMS अस्पताल ले जाया गया और जांच के कुछ ही समय बाद वापस जेल भेज दिया गया था।

इमरान की बहनों और बेटों ने आरोप लगाया है कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन था। उन्होंने यह भी मांग की है कि इमरान को अपने निजी डॉक्टर से मिलने की इजाज़त दी जाए। पिछले हफ़्ते एथर्टन समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक ख़त लिखा था। इसमें उन्होंने उनसे अपील की थी कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इमरान को जेल में सही इलाज और ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाए।

इस ख़त पर भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़ और न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तानों ने दस्तख़त किए थे। यह फ़रवरी में 14 पूर्व कप्तानों द्वारा लिखे गए एक पिछले ख़त के बाद भेजा गया था। उस पहले ख़त का पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया था।

एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट ने इस मामले पर PCB की आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए उससे संपर्क भी किया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पिछले हफ़्ते एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक बयान में उन आरोपों को ख़ारिज किया था कि इमरान के साथ जेल में बदसलूक़ी की गई या उन्हें अपने परिवार और वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। सरकार ने कहा था कि अगस्त 2023 में जेल जाने के बाद से इमरान से उनके परिवार, वकीलों और डॉक्टरों ने 900 से ज़्यादा बार मुलाक़ात की है।

Orry: ‘अमृता सिंह की वजह से मैं ट्रॉमा में चला गया था’, सारा अली खान से दोस्ती पर ऑरी ने कही ये बड़ी बात

Orry: ओरहान अवत्रामणि, जिन्हें ‘ओरी’ के नाम से भी जाना जाता है, ने सारा अली खान की मां अमृता सिंह के साथ हुई अनबन के बारे में बात की है। इस अनुभव को अपनी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर बताया है। उन्होंने कहा कि अमृता ने उन्हें “बहुत परेशान” किया और “सच में बहुत बुरा हाल कर दिया था।” ओरी ने यह भी कहा कि इस अनुभव का असर सारा के साथ उनके रिश्ते पर भी पड़ा और इसने उन्हें और मजबूत बनाया।

पिंकविला से बात करते हुए ओरी ने कहा, “2021 में अमृता अली खान ने मुझे बहुत परेशान किया था। यह बहुत ज़्यादा था। मुझे नहीं लगता कि मैं पहले कभी ऐसी किसी चीज़ से गुजरा हूं। यह मेरी जिंदगी का बहुत मुश्किल और बुरा दौर था, उन्होंने सच में मुझे बहुत बुरी हालत में डाल दिया था।”

ओरी ने आगे कहा, “जब मैं उस स्थिति से बाहर निकला, तो लोग कहते थे कि तुम इससे और मजबूत होकर निकलोगे। मुझे लगता था, ‘मुझे इतनी ज्यादा मजबूती की जरूरत नहीं है।’ भला जिंदगी में इतनी मजबूती की किसे जरूरत होती है? फिर मुझे एहसास हुआ कि अब मुझ पर किसी चीज का कोई असर नहीं होता। मतलब, कोई भी चीज मुझे सच में दुखी नहीं करती।”

अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए, ओरी ने कहा कि जिस “ट्रॉमा” (मानसिक सदमे) से वह गुजरे, उसने उन्हें और मजबूत बनाया और लोगों की नजर में रहने के दौरान मिली आलोचनाओं का सामना करने में मदद की। उन्होंने बताया, “मुझे लगता है कि उस समय जिस ट्रॉमा से मैं गुज़रा, उसने मुझे इतना मजबूत बना दिया कि जब मैं एक पब्लिक फिगर बना, तो शुरुआत में मुझे जो नफरत मिली, उसने मुझ पर कोई असर नहीं डाला।”

उन्होंने आगे कहा कि भले ही लोग उनकी “बेइज़्ज़ती” करते थे, लेकिन ऐसी आलोचनाओं का उन पर अब कोई भावनात्मक असर नहीं पड़ता। जब उनसे पूछा गया कि उनके और अमृता के बीच असल में क्या हुआ था, तो ओरी ने कहा, “सच कहूं तो, बुरे लोगों के साथ बुरी चीजें ही होती हैं। मैं बस इतना ही कहूंगा।”

ऑरी ने यह नहीं बताया कि अमृता सिंह के साथ उनके कथित झगड़े की असल वजह क्या थी, लेकिन उन्होंने उस अनुभव को बहुत ज़्यादा तकलीफ़देह बताया है। जनवरी 2026 में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सारा अली खान के साथ दोस्ती करने का मतलब होगा उस “ट्रॉमा” को नजरअंदाज करना या उसे ठीक मान लेना, जो उनकी मां ने उन्हें दिया था। ओरी ने यह भी कहा कि अगर अमृता माफी मांग लें, तो वह इस मामले को भूलने के लिए तैयार हैं। ऑरी अभी ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आ रहे हैं।