CEO के देर से आने पर उम्मीदवार ने नहीं दिया इंटरव्यू, कंपनी को किया रिजेक्ट; जानें क्या लिखा ईमेल में

नौकरी के इंटरव्यू में अक्सर उम्मीदवारों से समय पर पहुंचने और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद की जाती है। लेकिन अगर इंटरव्यू लेने वाला ही तय समय से काफी देर से पहुंचे तो? सोशल मीडिया पर वायरल एक ईमेल ने इसी सवाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर CEOको ईमेल भेजकर इंटरव्यू ही ठुकरा दिया।

2 बजे था इंटरव्यू, उम्मीदवार आधे घंटे पहले पहुंचा

वायरल स्क्रीनशॉट में ईमेल का विषय लिखा है, “Reason for My Rejection of Your Interview”। उम्मीदवार ने दावा किया कि उसका इंटरव्यू दोपहर 2 बजे तय था और वह समय से करीब 30 मिनट पहले ही पहुंच गया था। लेकिन उसके मुताबिक, CEO करीब 3:10 बजे इंटरव्यू के लिए आए। उम्मीदवार का आरोप है कि इतनी देरी के बावजूद CEO ने न तो देरी की वजह बताई और न ही माफी मांगी। इसके बाद सीधे इंटरव्यू शुरू कर दिया गया।

इंटरव्यू शुरू होते ही उम्मीदवार ने किया बड़ा फैसला

उम्मीदवार ने कथित ईमेल में बताया कि उसने इंटरव्यू देने से ही इनकार कर दिया। उसका कहना था कि शुरुआत में ही कंपनी की तरफ से उसके समय को लेकर ऐसा रवैया देखकर उसे कंपनी के काम करने के तरीके पर शक हुआ। उसने यह भी सवाल उठाया कि अगर नौकरी शुरू होने से पहले ही उम्मीदवार के समय को अहमियत नहीं दी जा रही, तो कर्मचारी बनने के बाद क्या स्थिति होगी। इसी सोच के साथ उसने कथित तौर पर इंटरव्यू और कंपनी, दोनों को ही रिजेक्ट करने की बात कही।

सोशल मीडिया पर किसी ने कहा- बिल्कुल सही किया

ईमेल का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कई लोगों ने उम्मीदवार के फैसले का समर्थन किया। उनका कहना था कि नौकरी पाने की जरूरत अपनी जगह है, लेकिन उम्मीदवार के समय और मेहनत का सम्मान भी उतना ही जरूरी है। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार से समय पर पहुंचने की उम्मीद की जाती है, तो इंटरव्यू लेने वाले से भी कम से कम समय की पाबंदी और बेहतर संवाद की उम्मीद की जा सकती है।

लेकिन कुछ लोगों ने CEO का बचाव भी किया

दूसरी तरफ, कई यूजर्स ने उम्मीदवार के फैसले को जल्दबाजी बताया। उनका कहना था कि CEO जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अचानक कोई जरूरी काम या आपात स्थिति आ सकती है, जिसकी वजह से शेड्यूल बिगड़ सकता है। एक यूजर ने कहा कि उम्मीदवार को इंटरव्यू छोड़ने से पहले देरी की वजह पूछनी चाहिए थी। अगर कोई वास्तविक आपात स्थिति रही हो, तो सिर्फ देर होने के आधार पर पूरे संगठन के बारे में राय बनाना सही नहीं होगा।

लोगों ने अपने साथ हुए अनुभव भी बताए

पोस्ट के नीचे कई लोगों ने अपने इंटरव्यू से जुड़े अनुभव साझा किए। एक यूजर ने दावा किया कि उसके साथ भी कई बार ऐसा हुआ जब इंटरव्यू लेने वाले तय समय पर नहीं पहुंचे। कुछ मामलों में बाद में कंपनी के अधिकारियों ने ईमेल के जरिए माफी मांगी, लेकिन आगे की बातचीत बंद हो गई।

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UP Police recruitment 2026: यूपी पुलिस में जल्द शुरू होगी 81,000 पदों पर भर्ती, अलग-अलग चरणों में जारी होगा नोटिफिकेशन

UP Police recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के राज्य पुलिस बल का हिस्सा बनने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए ये अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने 2026 के लिए एक बड़ी भर्ती प्रक्रिया की घोषणा की है। इसमें पुलिस विभाग में 81,000 से ज्यादा पद भरे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड (UPPRPB) द्वारा की जाएगी। यह घोषणा राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार के मौके बढ़ाने की चल रही कोशिशों के तहत की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया को समय पर और निष्पक्ष तरीके से पक्का करने का निर्देश दिया है। हाल के नोटिस के अनुसार, यूपी पुलिस के लिए यह भर्ती चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। इसमें अलग-अलग कैटेगरी के पदों के लिए अलग-अलग नोटिफिकेशन आने की उम्मीद है। भर्ती प्रक्रिया में सिविल पुलिस के साथ-साथ तकनीकी और विशेष श्रेणी सहित कई तरह के पद शामिल होंगे। 81,000 से ज्यादा पदों की योजना के साथ, यह भर्ती प्रक्रिया हाल के वर्षों में राज्य द्वारा शुरू की गई सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया में से एक होने का अनुमान है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे नोटिफिकेशन जारी होने और एप्लीकेशन टाइमलाइन की जानकारी के लिए रेगुलर ऑफिशियल अपडेट चेक करते रहें।

यूपी पुलिस 2026 के लिए कई पदों पर वैकेंसी

अधिकारियों ने बताया है कि पदों की विस्तृत जानकारी अलग-अलग नोटिफिकेशन के जरिए शेयर की जाएगी। कैंडिडेट अपनी योग्यता और पसंद के हिसाब से आवेदन कर सकेंगे।

किन पदों पर होंगी नियुक्तियां

यूपी पुलिस के कई विभागों में- कॉन्स्टेबल, सब-इंस्पेक्टर (SI), जेल वार्डर, रेडियो कैडर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क और अन्य तकनीकी व मिनिस्ट्रियल सहित अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इन भर्तियों के लिए क्या होगी योग्यता

यूपी पुलिस विभाग में पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता निर्धारित है। कॉन्स्टेबल पद के लिए अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण, वहीं सब-इंस्पेक्टर पदों पर आवेदन के लिए अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। कई पदों पर आवेदन के लिए 12वीं पास के साथ कंप्यूटर सर्टिफिकेट भी अनिवार्य है। पद के अनुसार विस्तृत शैक्षिक योग्यता नोटिफिकेशन आने के बाद चेक कर सकेंगे।

यूपी पुलिस के लिए भर्ती प्रक्रिया और अगले चरण

उम्मीद है कि यूपीपीआरपीबी अलग-अलग स्टेज में नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसमें हर पद के लिए योग्यता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें बताई जाएंगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित नोटिफिकेशन में दिए गए निर्देशों का पालन करें और आवेदन शुरू होने पर उसी के अनुसार आवेदन करें।

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‘जॉब मिलने की थी पूरी उम्मीद, फिर कंपनी ने…’ सोशल मीडिया पर वायरल हुई उम्मीदवार की पोस्ट

नई नौकरी की तलाश के दौरान उम्मीदवारों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में नई नौकरी की तलाश कर रही एक उम्मीदवार ने इंटरव्यू से जुड़ा अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि, इंटरव्यू के दौरान सब कुछ ठीक चल रहा था और उन्हें लगा कि जल्द ही नौकरी मिल जाएगी। लेकिन बाद में काफी इंतजार और कई बार संपर्क करने के बावजूद कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। LinkedIn पर शेयर किया गया ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर ये एक्सपीरिएंश श्रुति राय ने LinkedIn पर शेयर किया, जहां उन्होंने इसे “अब तक का सबसे बुरा अनुभव” बताया।

सोशल मीडिया पर किया पोस्ट

श्रुति राय ने पोस्ट में कहा, “अब तक का सबसे बुरा अनुभव। मैंने हाल ही में एक एजेंसी में इंटरव्यू दिया, जहां मैं पहले काम कर चुकी थी। इंटरव्यू शुरू होने से पहले ही मैंने अपनी सैलरी की उम्मीदें साफ तौर पर बता दी थीं। मैंने उनसे ये भी कहा था कि अगर मेरी अपेक्षाएं उनके बजट में फिट नहीं बैठतीं, तो मैं किसी का समय बर्बाद नहीं करना चाहूँगी। इसके बावजूद उन्होंने इंटरव्यू की प्रक्रिया जारी रखने पर जोर दिया।”

क्या यहीं है हायरिंग का सही तरीका

उन्होंने कहा, “इंटरव्यू खुद अजीब लगा। मेरे अनुभव, मेरे काम या मेरे द्वारा लीड किए गए कैंपेन को समझने की कोशिश करने के बजाय, ऐसा लगा कि इंटरव्यू लेने वाला किसी सार्थक बातचीत के बजाय अपनी बात साबित करने में ज्यादा दिलचस्पी रखता था। मेरे हर जवाब पर एक नया सवाल खड़ा कर दिया जाता था, मानो उम्मीदवार को असहज करना ही मकसद हो। अगर यही हायरिंग का तरीका है, तो मुझे सच में लगता है कि ये अब पुराना हो चुका है। इंटरव्यू का उद्देश्य किसी की काबिलियत को परखना होना चाहिए, न कि बेवजह पावर डायनामिक बनाना।”

मुझे रिजेक्ट होने से कोई परेशानी नहीं

राय ने बताया कि उन्हें पूरा भरोसा था कि जल्द ही नौकरी का ऑफर मिल जाएगा। इसी वजह से उन्होंने एक दूसरे नौकरी के अवसर को फिलहाल आगे नहीं बढ़ाया। लेकिन जब उन्होंने तय समय के बाद कंपनी से संपर्क किया, तो उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा, “मुझे रिजेक्ट होने से कोई परेशानी नहीं है, अगर फैसला यही है तो। कंपनियों को किसी दूसरे उम्मीदवार को चुनने का पूरा अधिकार है। लेकिन परेशानी इस बात से है कि उम्मीदवार से समय देने की उम्मीद की जाती है, जबकि उसके समय की कोई कद्र नहीं की जाती।

उन्होंने आगे लिखा, “अगर आप आगे नहीं बढ़ना चाहते, तो साफ बता दीजिए। अगर आपके प्लान बदल गए हैं, तो इसकी जानकारी दे दीजिए। उम्मीदवार भी इंसान होते हैं, कोई ऐसी जगह नहीं जहां आप बिना कुछ बताए चीजें लंबित छोड़ दें।”

उन्होंने आगे लिखा, “मुझे सच में उम्मीद है कि कंपनियां समझेंगी कि उनकी हायरिंग प्रक्रिया भी उनके कार्य संस्कृति को उतना ही दिखाती है, जितना किसी उम्मीदवार का इंटरव्यू उसकी काबिलियत को दिखाता है। P.S. इस वजह से मैंने एक और अच्छा मौका खो दिया, और यही बात मुझे सबसे ज्यादा परेशान करती है।”

यूजर्स ने किया कमेंट

एक यूजर ने लिखा, “मैं पूरी तरह सहमत हूं। यही सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात होती है। मुझे समझ नहीं आता कि इतने सारे उम्मीदवारों को जानबूझकर तनाव और बेचैनी में रखने के बाद लोग चैन से कैसे रह लेते हैं।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, “आपने बिल्कुल सही कहा। मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ है। उन लोगों ने मुझसे काफी बातचीत की, लेकिन आखिर में बिना किसी जवाब के गायब हो गए।” एक और यूजर ने कहा, “यह वाकई मुश्किल होता है। मेरे साथ भी ऐसा हो चुका है। एक बार तो मुझसे मेरी खुद की जॉब डिस्क्रिप्शन तक लिखवाई गई और उसके बाद मुझे कोई जवाब नहीं मिला। फिर भी आगे बढ़ना ही पड़ता है। आप यह कर सकते हैं।”