पीछे धधक रही थी आग, चारों तरफ था धुआं… फिर भी नहीं रुकी महिला की जॉगिंग, VIDEO वायरल!

पेरिस की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और आग के बीच एक महिला का जॉगिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। सड़क पर जलती बैरिकेड और चारों ओर धुएं के बावजूद महिला अपनी दौड़ जारी रखती नजर आई। इस नजारे ने इंटरनेट पर लोगों को दो गुटों में बांट दिया है। कुछ यूजर्स उसके व्यवहार को लापरवाही बता रहे हैं, जबकि दूसरे लोग इसे अपनी दिनचर्या जारी रखने का फैसला मान रहे हैं। आखिर तनावपूर्ण माहौल में भी महिला ने दौड़ना क्यों नहीं रोका, यही सवाल चर्चा का विषय बन गया है।

सड़क पर आग और धुआं

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक महिला सड़क पर जॉगिंग करती दिखाई देती है। उसके रास्ते में एक बैरिकेड आग की लपटों में घिरा नजर आता है। आसपास काला धुआं फैला हुआ है और सड़कों पर तनावपूर्ण माहौल दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद महिला अपनी दौड़ जारी रखती है। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया, जब पेरिस में महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े खर्चों को लेकर विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही थीं। ईंधन, खाने-पीने की चीजों और दूसरी जरूरी वस्तुओं की बढ़ती लागत को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच जलती बैरिकेड और बाधित सड़कों की तस्वीरें भी चर्चा में रहीं। हालांकि, वायरल क्लिप से महिला की मंशा या उसके वहां मौजूद होने की पूरी वजह स्पष्ट नहीं होती।

किसी ने बताया ‘मेन कैरेक्टर सिंड्रोम’, तो किसी ने किया बचाव

वीडियो को X पर साझा करते हुए एक यूजर ने महिला के व्यवहार पर सवाल उठाए। उसने इस दृश्य को ऐसे पेश किया, मानो शहर में अफरा-तफरी के बीच भी महिला के लिए रोजाना की फिटनेस पूरी करना सबसे जरूरी हो। इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी खतरनाक स्थिति में जॉगिंग करना कितना समझदारी भरा फैसला है। जलती बैरिकेड और घने धुएं के बीच दौड़ना स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।

‘हो सकता है वह तनाव दूर करने के लिए दौड़ रही हो’

दूसरी ओर, कई यूजर्स ने महिला का बचाव भी किया। उनका कहना था कि कुछ सेकंड के वीडियो के आधार पर किसी के इरादों का अंदाजा लगाना सही नहीं है। संभव है कि वह तनावपूर्ण माहौल में अपनी दिनचर्या बनाए रखने या मानसिक तनाव कम करने के लिए दौड़ रही हो।

एक यूजर ने कहा कि महिला अपनी जिंदगी जीने के लिए स्वतंत्र है और उसे प्रदर्शनकारियों के साथ शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। दूसरे यूजर्स ने भी माना कि हर व्यक्ति का मुश्किल हालात से निपटने का तरीका अलग होता है।

वायरल वीडियो ने छेड़ी बहस

इस घटना ने सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग नजरिए सामने रखे हैं। एक पक्ष इसे खतरनाक परिस्थिति में लापरवाही मान रहा है, जबकि दूसरा पक्ष महिला के निजी फैसले का समर्थन कर रहा है।

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Video: CM से मिलते ही शख्स ने कर दी iPhone की डिमांड, हिमंत बिस्व सरमा का जवाब सुनकर हंसी नहीं रोक पाएंगे

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा जब लोगों से मुलाकात कर रहे थे, तभी भीड़ में मौजूद एक शख्स ने ऐसी फरमाइश कर दी कि मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। आमतौर पर लोग नेताओं से मिलकर अपनी समस्याएं, सुविधाओं या किसी मदद की मांग रखते हैं, लेकिन इस शख्स की प्राथमिकता कुछ और ही थी। उसने बिना झिझक मुख्यमंत्री से सीधे कहा कि उसे एक iPhone चाहिए। शख्स की इस अनोखी मांग पर सरमा ने भी मजाकिया अंदाज में पूछा कि उसे पुराना iPhone चाहिए या नया। बातचीत का यह पल यहीं खत्म नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री ने आखिरकार उसे iPhone दिलाने का आश्वासन भी दे दिया। इस पूरे वाकये का वीडियो उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद लोगों की नजरें इस मजेदार मुलाकात पर टिक गईं। वीडियो में दिख रहा यह छोटा-सा संवाद अब सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है।

भीड़ में अचानक बोला- ‘सर, मुझे iPhone चाहिए’

वीडियो में मुख्यमंत्री लोगों के बीच उनसे मिलते और बातचीत करते नजर आते हैं। इसी दौरान एक व्यक्ति आगे आता है और बिना किसी झिझक के कहता है, “सर, मुझे iPhone चाहिए।” शख्स की सीधी-सपाट मांग सुनकर मुख्यमंत्री भी कुछ पल के लिए चौंक जाते हैं। इसके बाद वह मजाकिया अंदाज में उससे पूछते हैं कि उसे पुराना iPhone चाहिए या नया।

जवाब सुनकर और दिलचस्प हो गया माहौल

मुख्यमंत्री का सवाल सुनकर बातचीत का अंदाज और भी हल्का-फुल्का हो जाता है। सरमा कुछ ऐसा हावभाव करते हैं, जैसे मजाक में उस व्यक्ति को हल्की-सी चपत लगाने वाले हों।

लेकिन अगले ही पल वह उसकी मांग मानने की बात कहते हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि ठीक है, उसे iPhone मिल जाएगा। इसके बाद वह आगे बढ़कर वहां मौजूद दूसरे लोगों से मिलने लगते हैं।

मुख्यमंत्री ने कैप्शन में लिखी मजेदार बात

इस पूरे वाकये का वीडियो हिमंत बिस्व सरमा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया। वीडियो के साथ उन्होंने बेहद छोटा लेकिन दिलचस्प कैप्शन लिखा “Very clear priorities.” यानी भीड़ में मौजूद उस शख्स की प्राथमिकता बिल्कुल साफ थी मुख्यमंत्री से मिलते ही उसे किसी और चीज की नहीं, बल्कि iPhone की जरूरत महसूस हुई।

सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब लिए मजे

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी इस बातचीत पर मजेदार प्रतिक्रियाएं देने लगे। कई लोगों को उस शख्स का आत्मविश्वास पसंद आया कि उसने इतनी बड़ी शख्सियत के सामने भी अपनी मांग सीधे रख दी। कुछ यूजर्स ने मुख्यमंत्री के जवाब की तारीफ की, जबकि कुछ लोगों की दिलचस्पी इस बात में थी कि क्या उस शख्स को वाकई iPhone मिला या नहीं।

‘हिम्मत हो तो ऐसी’

एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुख्यमंत्री से इस तरह सीधे iPhone मांगने के लिए अलग ही स्तर का आत्मविश्वास चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इस पूरे पल को हल्का-फुल्का और मजेदार बताया।

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CEO के देर से आने पर उम्मीदवार ने नहीं दिया इंटरव्यू, कंपनी को किया रिजेक्ट; जानें क्या लिखा ईमेल में

नौकरी के इंटरव्यू में अक्सर उम्मीदवारों से समय पर पहुंचने और प्रोफेशनल व्यवहार की उम्मीद की जाती है। लेकिन अगर इंटरव्यू लेने वाला ही तय समय से काफी देर से पहुंचे तो? सोशल मीडिया पर वायरल एक ईमेल ने इसी सवाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। एक उम्मीदवार ने कथित तौर पर CEOको ईमेल भेजकर इंटरव्यू ही ठुकरा दिया।

2 बजे था इंटरव्यू, उम्मीदवार आधे घंटे पहले पहुंचा

वायरल स्क्रीनशॉट में ईमेल का विषय लिखा है, “Reason for My Rejection of Your Interview”। उम्मीदवार ने दावा किया कि उसका इंटरव्यू दोपहर 2 बजे तय था और वह समय से करीब 30 मिनट पहले ही पहुंच गया था। लेकिन उसके मुताबिक, CEO करीब 3:10 बजे इंटरव्यू के लिए आए। उम्मीदवार का आरोप है कि इतनी देरी के बावजूद CEO ने न तो देरी की वजह बताई और न ही माफी मांगी। इसके बाद सीधे इंटरव्यू शुरू कर दिया गया।

इंटरव्यू शुरू होते ही उम्मीदवार ने किया बड़ा फैसला

उम्मीदवार ने कथित ईमेल में बताया कि उसने इंटरव्यू देने से ही इनकार कर दिया। उसका कहना था कि शुरुआत में ही कंपनी की तरफ से उसके समय को लेकर ऐसा रवैया देखकर उसे कंपनी के काम करने के तरीके पर शक हुआ। उसने यह भी सवाल उठाया कि अगर नौकरी शुरू होने से पहले ही उम्मीदवार के समय को अहमियत नहीं दी जा रही, तो कर्मचारी बनने के बाद क्या स्थिति होगी। इसी सोच के साथ उसने कथित तौर पर इंटरव्यू और कंपनी, दोनों को ही रिजेक्ट करने की बात कही।

सोशल मीडिया पर किसी ने कहा- बिल्कुल सही किया

ईमेल का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। कई लोगों ने उम्मीदवार के फैसले का समर्थन किया। उनका कहना था कि नौकरी पाने की जरूरत अपनी जगह है, लेकिन उम्मीदवार के समय और मेहनत का सम्मान भी उतना ही जरूरी है। कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर किसी उम्मीदवार से समय पर पहुंचने की उम्मीद की जाती है, तो इंटरव्यू लेने वाले से भी कम से कम समय की पाबंदी और बेहतर संवाद की उम्मीद की जा सकती है।

लेकिन कुछ लोगों ने CEO का बचाव भी किया

दूसरी तरफ, कई यूजर्स ने उम्मीदवार के फैसले को जल्दबाजी बताया। उनका कहना था कि CEO जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अचानक कोई जरूरी काम या आपात स्थिति आ सकती है, जिसकी वजह से शेड्यूल बिगड़ सकता है। एक यूजर ने कहा कि उम्मीदवार को इंटरव्यू छोड़ने से पहले देरी की वजह पूछनी चाहिए थी। अगर कोई वास्तविक आपात स्थिति रही हो, तो सिर्फ देर होने के आधार पर पूरे संगठन के बारे में राय बनाना सही नहीं होगा।

लोगों ने अपने साथ हुए अनुभव भी बताए

पोस्ट के नीचे कई लोगों ने अपने इंटरव्यू से जुड़े अनुभव साझा किए। एक यूजर ने दावा किया कि उसके साथ भी कई बार ऐसा हुआ जब इंटरव्यू लेने वाले तय समय पर नहीं पहुंचे। कुछ मामलों में बाद में कंपनी के अधिकारियों ने ईमेल के जरिए माफी मांगी, लेकिन आगे की बातचीत बंद हो गई।

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Video: ना ट्रेन रुकी, ना कोई उतरा…चलती ट्रेन में ऐसे पहुंचाया पार्सल, वीडियो देख दंग रह गए लोग

सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ ना कुछ वायरल होते रहता है। हाल ही में चलती ट्रेन में पॉर्सल पहुंचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। चलती ट्रेन में पार्सल देने के लिए युवक ने अनोखा जुगाड़ लगाया है। इस अनोखे जुगाड़ को देख लोग हैरान रह गए। वायरल वीडियो में रेलवे ट्रैक के किनारे खड़ा एक व्यक्ति ट्रेन के आने का इंतजार करता है। जैसे ही ट्रेन उसके पास से गुजरती है, वह सही समय देखकर अंदर बैठे यात्री को पैकेज थमा देता है। ट्रेन बिना रुके अपनी रफ्तार से आगे बढ़ जाती है और पूरा लेन-देन कुछ ही सेकंड में हो जाता है।

कैसे दिया पॉर्सल

44 सेकेंड के इस वीडियो को एक्स यूजर आयशा मजीद खान ने शेयर किया है। वीडियो में एक शख्स रेलवे ट्रैक के किनारे खड़ा होकर ट्रेन के आने का इंतजार करता नजर आता है। ट्रेन जैसे ही उसके पास पहुंचती है, वह लगातार कोच के दरवाजों की तरफ देखता है और सही यात्री को तलाशने लगता है। उसकी नजर उस व्यक्ति पर टिकी होती है, जिसे पार्सल देना था। ट्रेन के गुजरने के दौरान शख्स लगातार यात्रियों पर नजर रखता रहा। कुछ देर बाद एक कोच के दरवाजे से उसे हाथ हिलाता हुआ यात्री दिखाई दिया। सही कोच सामने आते ही उसने बिना समय गंवाए पैकेज उसकी तरफ उछाल दिया। ट्रेन में मौजूद यात्री ने भी तेजी से हाथ बढ़ाकर पार्सल पकड़ लिया।

पूरी प्रक्रिया इतनी तेजी से हुई कि कुछ ही सेकंड में पैकेज एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंच गया और ट्रेन आगे निकल गई। वीडियो को देखकर ऐसा लग रहा कि दोनों लोगों के बीच पहले से फोन पर बात हो चुकी थी।

यूजर ने दिया रिएक्शन

वीडियो के कैप्शन के मुताबिक, ट्रेन में सफर कर रहे व्यक्ति को अपना सामान एक परिचित तक पहुंचाना था, लेकिन ट्रेन के रुकने की कोई संभावना नहीं थी। ऐसे में दोनों ने मिलकर यह तेज और अनोखा तरीका अपनाया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने शख्स की समझदारी और सही समय पर फैसला लेने की क्षमता की जमकर तारीफ की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा कि जिस तरह उसने ट्रेन की रफ्तार को देखते हुए कुछ ही सेकंड में पार्सल यात्री तक पहुंचाया, वह काबिले-तारीफ है। कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इंसान के पास दिमाग तो बहुत होता है, लेकिन उसका सही समय और सही जगह पर इस्तेमाल करना ही असली समझदारी है।

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थिएटर में नंगे पैर ‘हनुमान अंश’ देखते नजर आया मुस्लिम शख्स, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर एक मुस्लिम व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह सिनेमा हॉल में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देख रहा है। कई लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि फिल्म देखते समय वह बिना जूते-चप्पल के बैठा है। नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी खूब पसंद की जा रही है।

वीडियो में वह व्यक्ति सफेद कुर्ता-पायजामा और सफेद टोपी पहने हुए बिना जूते-चप्पल के थिएटर में बैठा दिखाई दे रहा है। वह फिल्म देखने में पूरी तरह मग्न है और उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि कोई उसका वीडियो बना रहा है।

वीडियो ऑनलाइन पोस्ट होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी। एक यूज़र ने लिखा, “बिना राजनीति वाला भारत।” दूसरे ने लिखा, “वे दशकों से चल रहे राजनीतिक ध्रुवीकरण से उसके मन को दूषित करने में नाकाम रहे।”

नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर हो रही चर्चाओं के बीच यह वायरल क्लिप लोगों का ध्यान खींच रही है। हाल ही में मिराज सिनेमा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने नीम करोली बाबा के लिए सीट नंबर 9 आरक्षित करने का फैसला किया है, क्योंकि उनका मानना ​​है कि बाबा अपने भक्तों के साथ फिल्म देखेंगे।

नंगे पैर फिल्म देखने आए एक व्यक्ति का वीडियो और उस पर ऑनलाइन मिली प्रतिक्रियाओं ने ‘हनुमान अंश’ फिल्म के बारे में चर्चा को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार लोगों का ध्यान खींच रही है।

नीम करौली बाबा, जिनका जन्म 1900 के आसपास उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में लक्ष्मण नारायण शर्मा के रूप में हुआ था। वे हनुमान के परम भक्त थे। 1960 और 1970 के दशक में कैंची धाम और वृंदावन में अपने आश्रमों के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उनकी शिक्षाओं ने पश्चिमी देशों के कई साधकों को आकर्षित किया, जिनमें हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक रिचर्ड अल्परट (राम दास) और आध्यात्मिक साधक भगवान दास प्रमुख थे।

उनकी शिक्षाओं में निस्वार्थ सेवा और भक्ति पर जोर दिया गया था, जिसे संक्षेप में “सब से प्रेम करो, सबकी सेवा करो, सबको भोजन कराओ” कहा जाता है। हालांकि उनके अनुयायियों द्वारा बताई गई बातों में उनके जीवन से जुड़ी कई चमत्कारी घटनाओं का जिक्र मिलता है, लेकिन ये कहानियाँ उनके आध्यात्मिक जीवन-वृत्तांत का हिस्सा हैं, न कि प्रमाणित इतिहास का।

11 सितंबर 1973 को वृंदावन में उनके निधन के बाद, उनकी विरासत दुनिया भर में फैली और स्टीव जॉब्स, मार्क जुकरबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी प्रमुख पश्चिमी हस्तियों को प्रभावित किया; इन सभी ने उनके कैंची धाम आश्रम का दौरा किया था।

खबरों के अनुसार, 1.8 करोड़ रुपये के कम बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ ने भारत में लगभग 10 लाख रुपये की शुरुआती कमाई की और 28वें दिन तक 62 करोड़ रुपये से अधिक की नेट कमाई कर ली। फिल्म निर्माताओं का मानना ​​है कि लोगों के बीच फिल्म की अच्छी चर्चा (वर्ड ऑफ माउथ) के कारण ही यह फिल्म इतने लंबे समय तक सिनेमाघरों में चल पाई।

बारिश से मुंबई का बुरा हाल! सड़क पर नाव लेकर निकला एक्टर, वीडियो हुआ वायरल

मुंबई में हर साल मॉनसून आते ही भारी बारिश, जलभराव और घंटों तक चलने वाला ट्रैफिक लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन जाता है। आमतौर पर यह मौसम लोगों के लिए परेशानी और संघर्ष लेकर आता है, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने लोगों को परेशान करने के बजाय हंसने पर मजबूर कर दिया। वीडियो में दिखाया गया है कि जब शहर की सड़कें नदी जैसी बन जाएं, तो वहां का सफर भी किसी रोमांचक अनुभव से कम नहीं लगता।

यह क्लिप मुंबई की मॉनसून हकीकत को एक मजेदार अंदाज में दिखाती है, जहां लोग रोजमर्रा की मुश्किलों को भी हल्के-फुल्के तरीके से जीते नजर आते हैं। यही वजह है कि यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

अभिनेता अय्याज अहमद की ‘नाव वाली एंट्री’

अभिनेता अय्याज अहमद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वीर देसाई रोड पर भरे हुए पानी के बीच एक ऑरेंज inflatable नाव चलाते नजर आते हैं। यह दृश्य लोगों को जितना चौंकाने वाला लगा, उतना ही मजेदार भी।

‘Mumbaikar in Every Monsoon’ लोगों की मिली पहचान

वीडियो में लिखा टेक्स्ट “Mumbaikar in Every Monsoon” लोगों को खूब पसंद आया। कई यूजर्स ने कहा कि यह लाइन मुंबई की बारिश के हालात को बिल्कुल सही तरीके से दिखाती है। भारी जलभराव के बीच भी अय्याज़ शांत होकर नाव चलाते और छाता पकड़े नजर आए।

इंस्टाग्राम पर बढ़ी हंसी की लहर

अभिनेता की रिलैक्स्ड एक्सप्रेशन और मजेदार अंदाज ने वीडियो को और वायरल बना दिया। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में भी लिखा कि वह खुश हैं कि उन्होंने छाता साथ रखा। साथ ही वीडियो में “Water too much” ऑडियो ने इसे और भी एंटरटेनिंग बना दिया।

सोशल मीडिया पर मजेदार रिएक्शन

वीडियो वायरल होते ही लोगों ने मजेदार कमेंट्स की बौछार कर दी। किसी ने इसे “नई मुंबई रिक्षा” बताया तो किसी ने कहा कि “ऑफिस जाने के लिए यही सही तरीका है।” कई यूजर्स ने तो कहा कि उन्हें भी ऐसी नाव चाहिए।

हर साल की वही समस्या पर सवाल

जहां एक तरफ लोग वीडियो पर हंस रहे थे, वहीं कुछ यूजर्स ने मुंबई की पुरानी समस्या पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर साल बारिश में यही हाल होता है और कई इलाके जैसे अंधेरी सबवे, मारोल और मालाड SV रोड सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।

बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, शहर बना पानी-पानी

रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई में इस साल मॉनसून की शुरुआत धीमी रही, लेकिन जुलाई की शुरुआत में मौसम अचानक बदल गया। सिर्फ तीन दिनों में ही शहर ने जुलाई की आधी से ज्यादा बारिश झेल ली। कई इलाकों में एक दिन में 200 mm से ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे शहर की रफ्तार पूरी तरह थम गई।

Viral Post: ‘मेरी नौकरी जाने वाली है’, लेऑफ की चर्चा के बीच माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारी का इमोशनल पोस्ट हुआ वायरल

माइक्रोसॉफ्ट के एक कर्मचारी की सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगता है कि आने वाली लेऑफ में उनका नाम भी शामिल हो सकता है। वहीं कंपनी ने अभी तक आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में बताया कि दफ्तर में पिछले कुछ समय से ऐसे कई संकेत मिल रहे थे, जिनसे उन्हें अंदाजा हो गया था कि उनकी नौकरी खतरे में है। इस पोस्ट पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए है। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है।

पोस्ट के मुताबिक काम करने के तरीके में बदलाव, प्रोजेक्ट्स का दूसरी टीमों को सौंपा जाना और मैनेजर की ओर से पहले जैसी बातचीत या प्रतिक्रिया न मिलना इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि उनकी भूमिका खत्म की जा सकती है।

कर्मचारी ने किया पोस्ट

कर्मचारी ने बताया कि, उन्हें पहले ही उनके नियमित प्रोजेक्ट से अलग कर दिया गया था और अब उनके मैनेजर की ओर से भी पहले जैसी बातचीत या मार्गदर्शन नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा कि दफ्तर में हो रहे इन बदलावों को लेकर उनके सहकर्मी भी असमंजस में थे और किसी को स्पष्ट रूप से यह नहीं पता था कि आखिर इन फैसलों के पीछे क्या वजह है। कर्मचारी ने लिखा, “मेरे मैनेजर को 30 तारीख को लेऑफ लिस्ट मिल रही है। लेकिन मुझे पता है कि मुझे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि काम पर अनिश्चितता महीनों से चल रही थी और मानसिक रूप से थका देने वाली हो गई थी।

अफवाहें मेंटली थका देती है

उनके मुताबिक लगातार रीस्ट्रक्चरिंग और छंटनी की चर्चाओं के कारण काम पर ध्यान लगाना और खुद को सुरक्षित महसूस करना मुश्किल हो गया था। उन्होंने लिखा, “और सच कहूं तो? मुझे राहत महसूस हो रही है। इसलिए नहीं कि नौकरी छूटना मजेदार है। इसलिए नहीं कि मार्केट बहुत अच्छा है। इसलिए नहीं कि मैंने सब कुछ समझ लिया है। मुझे राहत इसलिए मिल रही है क्योंकि अनिश्चितता आखिरकार खत्म हो रही है।” उनके मुताबिक कंपनी में छंटनी की अफवाहें, बार-बार होने वाले बदलाव, कामकाज में सुधार की चर्चाएं और अच्छे कर्मचारियों को जाते देखना मानसिक रूप से काफी थका देने वाला रहा। उन्होंने कहा कि हर कुछ महीनों में यह डर बना रहता था कि अगली बारी कहीं उनकी तो नहीं होगी।

लेऑफ होने पर कैसा होगा इमोशन

उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे माहौल में रहना इसे छोड़ने से भी ज्यादा बुरा लगने लगा था। “किसी समय आप लेऑफ होने की चिंता करना बंद कर देते हैं और इस बात की चिंता करने लगते हैं कि यहं रहने से आपका क्या होगा।” कर्मचारी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि लेऑफ ऑफिशियली होने के बाद उनकी भावनाएं कैसी होंगी। उन्होंने लिखा, “हो सकता है कि जब यह असल में होगा, तब भी मुझे अलग तरह से महसूस हो। लेकिन अभी, एक नई शुरुआत की संभावना एक और साल की अनिश्चितता से बेहतर लग रही है। क्या कोई और उस पॉइंट तक पहुंचा है?”

सोशल मीडिया पर लोगों ने किया कमेंट

इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर लोगों ने कई तरह के रिएक्शन दिए। एक यूजर ने लिखा, “मेरे साथ ऐसा तब हुआ जब मैं कोविड से प्रभावित इंडस्ट्री में था। अपने रोल की वजह से मुझे ऐसी जानकारी थी जो दूसरों को नहीं थी (इसलिए मुझे फाइनेंशियल बातें पता थीं और यह भी कि कंपनी शायद टिक न पाए) और फिर मैंने अपने मैनेजर को एक माइक्रोमैनेजर के हाथों खो दिया। मुझे जाने में राहत मिली।” दूसरे व्यक्ति ने कमेंट लिखा, “जब आप नर्ड्स को मैनेज करने के लिए साइकोपैथ्स का एक झुंड लाते हैं तो यही होता है।”

एक व्यक्ति ने आगे कहा, “अभी अमेरिका में हर कॉर्पोरेशन में यही हो रहा है। और वे “प्रोफिशिएंसी को ऑप्टिमाइज करने” जैसी बकवास करते हैं। असल में यह अपने शेयरहोल्डर्स को खुश करने के लिए कॉस्ट कटिंग है।”

Viral Post: 27 करोड़ से सीधा 15 करोड़! IPL ट्रेड के बाद हर्ष गोयनका ने ऋषभ पंत को लेकर कही ये बात

सोशल मीडिया पर इस समय आईपीएल में दो टीमों के बीच हुए ट्रेड डील की काफी चर्चा है। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हुआ। इस डील के बाद ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट गए हैं, वहीं स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ गए है। इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि में अपनी टीम में शामिल किया था, जिसके बाद वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों बन गए। हाल ही में पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़ गए हैं, जहां उनकी नई फीस 15 करोड़ रुपये तय की गई है। ये रकम उनके पिछले अनुबंध की तुलना में काफी कम है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस पर कई तरह से रिएक्शन दे रहे है।

इसी बीच आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उदाहरण देते हुए कॉर्पोरेट जगत में मिलने वाले वेतन और आईपीएल खिलाड़ियों की कीमत में होने वाले बदलाव की तुलना की। हर्ष का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हर्ष गोयनका ने किया पोस्ट

इस पूरे घटनाक्रम पर रिएक्शन देते हुए हर्ष गोयनका ने पेशेवर खेल और कॉर्पोरेट दुनिया के बीच के अंतर को उजागर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, “ऋषभ पंत: 27 करोड़ रुपये ➝ 15 करोड़ रुपये। जरा सोचिए, अगर किसी सीईओ से कहा जाए कि पिछले साल आपको 27 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन इस साल प्रदर्शन और बाजार की मांग को देखते हुए आपका वेतन घटाकर 15 करोड़ रुपये किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे लिखा, “कॉर्पोरेट दुनिया में ऐसी बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत नीलामी और बाजार की मांग तय करती है। शुक्र है कि हममें से ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करते हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

हर्ष गोयनका की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इस बात पर अपनी राय रखी कि क्या खिलाड़ियों की कमाई और उनकी कीमत की तुलना कॉर्पोरेट कर्मचारियों की सैलरी से की जा सकती है। इस पोस्ट पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए हैं। एक यूजर ने खिलाड़ियों की कीमत तय करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए लिखा, “परफॉर्मेंस क्या है? 15 करोड़ रुपये भी बहुत ज्यादा लगते हैं। इसकी शुरुआत 2 करोड़ रुपये से होनी चाहिए और फिर खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर रकम बढ़नी चाहिए।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने आईपीएल और कॉर्पोरेट नौकरी की तुलना को गलत बताते हुए कहा, “ये दोनों पूरी तरह अलग चीजें हैं सर। कॉर्पोरेट नौकरी 12 महीने की होती है, जबकि आईपीएल सिर्फ 2 महीने का टूर्नामेंट है। कॉर्पोरेट में अगर आपका प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो कंपनी आपको बाहर कर सकती है और फिर आपको कुछ नहीं मिलेगा।”

चर्चा में ऋषभ पंत

ऋषभ पंत की कीमत और आईपीएल में उनकी वैल्यू को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा हो रही है। ऋषभ पंत लंबे समय से दिल्ली कैपिटल्स के अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया और कप्तानी भी संभाली। अब वह फिर से दिल्ली कैपिटल्स में लौट आए हैं। वहीं इस बार उनकी कीमत पहले के मुकाबले कम रही, जिसके बाद आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत और ट्रेड को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है।

रात के बचे चावल से बनाएं ऐसे मजेदार और हेल्दी नाश्ते के आइडियाज, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आएंगे

बचे हुए चावल अक्सर घरों में बच तो जाते हैं, लेकिन सही इस्तेमाल न होने पर फेंक भी दिए जाते हैं। जबकि इन्हीं चावलों को थोड़ी सी समझदारी से एक स्वादिष्ट और झटपट बनने वाले व्यंजन में बदला जा सकता है। वेज फ्राइड राइस इसी का सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका है, जिसे कम समय में तैयार किया जा सकता है। इसमें अलग-अलग सब्जियों और हल्के मसालों का इस्तेमाल करके स्वाद को और भी बेहतर बनाया जाता है।

यह न सिर्फ बची हुई चीजों का सही उपयोग करता है, बल्कि बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आने वाला एक टेस्टी ब्रेकफास्ट या स्नैक बन जाता है। घर में मौजूद साधारण सामग्री से बनने वाली यह डिश रोजमर्रा की कुकिंग को भी आसान और मजेदार बना देती है।

चावल का चीला

बेसन या सूजी के चीले तो आपने खाए होंगे, लेकिन राइस चीला भी उतना ही स्वादिष्ट होता है। चावल को पीसकर उसमें हरी मिर्च, प्याज, धनिया और मसाले मिलाएं और तवे पर कुरकुरा सेंक लें। इसे टोमैटो सॉस या किसी चटनी के साथ परोसा जा सकता है।

चावल के पॉप्स

चावल में उबली सब्जियां, मसाले और थोड़ा चीज मिलाकर छोटे-छोटे बॉल्स बनाएं। इन्हें ब्रेड क्रंब्स में लपेटकर सुनहरा होने तक फ्राई करें। बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट ये स्नैक बच्चों को खूब पसंद आता है।

चावल के पकौड़े

बचे हुए चावल से बनने वाले पकौड़े शाम के स्नैक के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। इसमें उबले आलू, प्याज, हरी मिर्च और मसाले मिलाकर पकौड़े तैयार करें और गरमा-गरम चाय के साथ सर्व करें।

लेमन राइस

अगर आपको हल्का और चटपटा स्वाद पसंद है तो लेमन राइस एक शानदार विकल्प है। सरसों के दाने, करी पत्ते, मूंगफली और नींबू के रस के साथ बना यह डिश खुशबू और स्वाद दोनों में बेहतरीन होता है।

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Viral Video: ब्रश से रंगे जा रहे समोसे? वायरल क्लिप ने लोगों को कर दिया हैरान

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के बीच काफी हैरानी और चर्चा पैदा कर दी है। वीडियो में पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे कोई व्यक्ति समोसों जैसे दिखने वाले खाद्य पदार्थों को ब्रश की मदद से रंग रहा है। यह अनोखा दृश्य देखने के बाद यूजर्स के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे खाने की चीजों में मिलावट से जोड़कर चिंता जताई, जबकि कुछ ने इसे पूरी तरह गलत समझ बताया। वहीं कई यूजर्स का कहना है कि ये समोसे असली खाने के लिए नहीं बल्कि किसी तरह की सजावटी या आर्टवर्क से जुड़ी चीजें हो सकती हैं।

इस पूरे मामले ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां लोग वीडियो की सच्चाई को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं और असल सच अब भी रहस्य बना हुआ है।

 “क्या समोसे में भी मिलावट?”

यह वीडियो X (ट्विटर) पर शेयर किया गया, जिसके साथ दावा किया गया कि समोसों पर रंग लगाया जा रहा है। यूजर ने लिखा कि समोसे तो शुद्ध होने चाहिए, लेकिन यहां भी मिलावट दिखाई दे रही है। यह बात फैलते ही लोगों में नाराजगी और सवाल दोनों बढ़ने लगे।

वीडियो में आखिर दिख क्या रहा है?

क्लिप में एक व्यक्ति जमीन पर बैठा दिखता है, जिसके चारों ओर समोसे जैसे त्रिकोण आकार के टुकड़े रखे हैं। कुछ हल्के रंग के हैं तो कुछ सुनहरे तले हुए जैसे लगते हैं। वह ब्रश की मदद से उन पर रंग लगाता नजर आता है। पास में छोटे-छोटे कंटेनर और कई और टुकड़े भी रखे हुए हैं, जिससे पूरा दृश्य और भी रहस्यमय लगने लगता है।

शुरू हुई अटकलों की बौछार

जैसे-जैसे वीडियो वायरल हुआ, वैसे-वैसे प्रतिक्रियाएं भी दो हिस्सों में बंट गईं। कुछ लोगों ने इसे लेकर सवाल उठाए और इसे गलत बताया, जबकि कुछ ने कहा कि यह खाने वाली चीज नहीं बल्कि सजावट का सामान है।

कुछ यूजर्स ने इसे कला का नमूना बताया, तो कुछ ने दावा किया कि ये नकली समोसे हैं जो सिर्फ शो के लिए बनाए गए हैं। एक यूज़र ने तो यहां तक लिख दिया कि यह मिट्टी से बनी डेकोरेशन हो सकती है।

असली सच्चाई अब भी रहस्य

अब तक इस वीडियो की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि यह समोसे असली खाने के हैं या सिर्फ सजावटी आइटम। अलग-अलग दावों के बीच सच्चाई अभी भी साफ नहीं है।

फिलहाल यह क्लिप इंटरनेट पर चर्चा का विषय बनी हुई है और एक बार फिर साबित कर रही है कि सोशल मीडिया पर कोई भी साधारण सी चीज भी बड़ी बहस में बदल सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सोशल मीडिया पर साझा किए गए कंटेंट पर आधारित है। वीडियो और दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।