भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर का कार्यकाल सितंबर में खत्म हो रहा है। वहीं बीसीसीआई अभी तक कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसा कहा जा रहा है कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बीसीसीआई कार्यकाल को बढ़ा सकती है। फिलहाल उनके भविष्य को लेकर स्थिति साफ नहीं है और चयन के फैसलों को लेकर उन पर दबाव भी है। इसी बीच भारत के 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य और पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान को मुख्य चयनकर्ता बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा कि, वह मौजूदा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जगह ले सकते हैं। फिलहाल इस बदलाव को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
बीसीसीआई में हुई थी चर्चा
चयन समिति के कुछ फैसलों को लेकर बीसीसीआई में चर्चा हुई है। इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर भी सवाल उठे थे। खबरें थीं कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम रोहित से आगे की सोच रही है और लॉर्ड्स वनडे उनका आखिरी मैच हो सकता है। लेकिन बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इन खबरों को गलत बताया था। उन्होंने कहा था कि रोहित को लेकर ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है और वह टीम की योजना का हिस्सा बने रहेंगे।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज के बाद होगा फैसला
द टेलीग्राफ के मुताबिक, अजीत अगरकर का आगे का सफर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम के प्रदर्शन से जुड़ा हो सकता है। दो मैचों की ये सीरीज शनिवार से शुरू हो चुकी है। टेस्ट क्रिकेट में भारत के हालिया खराब प्रदर्शन को लेकर चयन समिति पर भी सवाल उठे हैं। न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में मिली हार ने टीम की मुश्किलें बढ़ाई हैं और इसका असर अगरकर के भविष्य पर भी पड़ सकता है।
जहीर खान बन सकते हैं सेलेक्टर्स
रिपोर्ट के अनुसार, बीसीसीआई में चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है। अगर अजीत अगरकर की जगह नया मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया जाता है, तो पूर्व तेज गेंदबाज जहीर खान भी दावेदारों में शामिल हो सकते हैं। जहीर को क्रिकेटरों को तैयार करने का अच्छा अनुभव है। वह आईपीएल में मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ काम कर चुके हैं और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से भी जुड़े रहे हैं।
पहले मुख्य सेलेक्टर्स के पद के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण का नाम भी चर्चा में था। लेकिन, रिपोर्ट के मुताबिक लक्ष्मण इस बड़ी जिम्मेदारी को लेने के इच्छुक नहीं हैं। इसके बजाय उन्हें बोर्ड में ‘क्रिकेट डायरेक्टर’ की भूमिका देने पर विचार किया जा सकता है।
Rishabh Pant: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हालांकि, इस बार वजह उनकी बल्लेबाजी या फिर शानदार प्रदर्शन नहीं बल्कि शुक्रवार आधी रात को किया गया उनका सोशल मीडिया पोस्ट है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिधे जमीन खरीदने की गुहार लगा दी। जिसके बाद उनका पोस्ट तुरंत वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगी।
पंत, जो अभी दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम के साथ श्रीलंका में हैं, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट में धामी को टैग करते हुए यह अनुरोध किया। 28 वर्षीय पंत ने कहा कि वे पिछले तीन सालों से उत्तराखंड में उपयुक्त जमीन खोजने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें ऐसी कोई प्रॉपर्टी नहीं मिल पाई जो उनकी जरूरतों को पूरा कर सके।
India cricketer Rishabh Pant made a late-night appeal to Uttarakhand Chief Minister Pushkar Singh Dhami, seeking help in acquiring land in his native state. Pant said he has been trying for three years to find suitable land to shift his base from Delhi to Uttarakhand and build… pic.twitter.com/BsrRhLhgu5
इससे भी अहम बात यह है कि पंत ने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सालों तक भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद वे अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं और राज्य में रहकर उसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।
उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को टैग करते हुए लिखा, “नमस्ते सर, आप कैसे हैं? उत्तराखंड का स्थानीय होने के नाते, मुझे यहां आए हुए काफी समय हो गया है। मैं दिल्ली से उत्तराखंड शिफ्ट होने के लिए जमीन खरीदने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन मुझे यहां रहने के लिए कोई अच्छी और बड़ी जगह नहीं मिल पा रही है। मुझे अपना उत्तराखंड बहुत पसंद है। मेरी आपसे विनम्र विनती है कि जमीन लेने में मेरी मदद करें, क्योंकि आजकल साफ-सुथरी जमीन मिलना बहुत मुश्किल हो गया है। एक जमीन तो मुझे तब मिलनी चाहिए थी जब मैं राज्य का प्रचार-प्रसार कर रहा था, लेकिन अब मैं सब कुछ छोड़कर अपने मूल स्थान पर वापस आकर उत्तराखंड के विकास में योगदान देना चाहता हूं और अपने पहाड़ी लोगों के बीच रहना चाहता हूं। कृपया इस मामले पर ध्यान दें। 3 साल हो गए हैं और मुझे अभी तक कोई जमीन नहीं मिली है। आपके जवाब का इंतजार है, सर।”
X पर पोस्ट करने के बाद पंत ने साफ किया कि वह जमीन मुफ्त में नहीं मांग रहे थे, बल्कि सरकार से तय दरों पर उसे खरीदना चाहते थे।
पंत ने आगे लिखा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए यह एक शानदार तोहफा होगा, लेकिन अगर आप मुझे इजाजत दें तो मैं इसे सरकार से उनकी तय दरों पर खरीदना चाहूंगा, ताकि कम से कम मैं अपने राज्य में अपना पहला घर बना सकूं। कृपया इसमें मदद करें। सच कहूं तो मुझे नहीं पता था कि इसके लिए क्या करना होगा।”
पंत की यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और उनकी इस अनोखी अपील ने लोगों का खासा ध्यान खींचा।
पंत अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहते हैं
बता दें कि पंत का जन्म उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की में हुआ था और उन्होंने वहीं से अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत की थी, जिसके बाद वे प्रोफेशनल तौर पर क्रिकेट खेलने के लिए दिल्ली चले गए। आगे चलकर उन्होंने सभी फॉर्मेट में भारत के बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज़ों में से एक के तौर पर अपनी पहचान बनाई।
हालांकि, पंत घरेलू क्रिकेट में दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते रहते हैं, लेकिन उत्तराखंड के साथ उनका जुड़ाव हमेशा मजबूत रहा है। उनकी हालिया पोस्ट से पता चलता है कि वे भविष्य में इस राज्य को अपना घर बनाना चाहते हैं और इसके विकास में योगदान देना चाहते हैं।
उनकी यह अपील ऐसे समय में आई है जब पंत 2025-26 फाइनेंशियल ईयर के लिए उत्तराखंड में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्ति बन गए हैं। खबरों के अनुसार, उन्होंने 23.84 करोड़ रुपये का इनकम टैक्स भरा है।
इन आंकड़ों की घोषणा उत्तराखंड के इनकम टैक्स चीफ कमिश्नर ने 24 जुलाई को इनकम टैक्स डे के मौके पर एक कार्यक्रम में की थी। बता दें कि पंत लगातार दूसरे साल राज्य में सबसे ज्यादा इनकम टैक्स देने वाले व्यक्तियों की लिस्ट में सबसे ऊपर रहे।
ABP Live की रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, पंत का टैक्स योगदान पिछले फाइनेंशियल ईयर की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। पिछले साल उन्होंने लगभग 10.5 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स भरा था।
27 करोड़ रुपये की IPL डील से लेकर बड़े-बड़े एंडोर्समेंट तक
पंत का भारी-भरकम टैक्स पेमेंट कई सोर्स से हुई उनकी कमाई को दिखाता है, जिसमें BCCI कॉन्ट्रैक्ट, IPL सैलरी, मैच फीस और एंडोर्समेंट डील शामिल हैं।
बता दें कि पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, जिससे वह लीग के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक बन गए। हालांकि, जिस अवधि की बात की जा रही है, उस दौरान पंत BCCI के Grade A कॉन्ट्रैक्ट में भी थे और उन्हें सालाना 5 करोड़ रुपये रिटेनरशिप के तौर पर मिलते थे। लेकिन, बाद में उन्हें Grade B में कर दिया गया, जिसके बाद उनकी सालाना रिटेनरशिप घटकर 3 करोड़ रुपये हो गई।
उनकी कमर्शियल कमाई भी उनकी इनकम में काफी योगदान देती है। पंत के एंडोर्समेंट एसोसिएशन Adidas, Dream11, SG, Thums Up, Cadbury, boAt, Noise, Zomato, JSW Cement और MakeMyTrip के साथ हैं।
धामी ने दिया आश्वासन
इस पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने पंत को आश्वासन दिया है कि मामले में संबंधित लोगों को निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने पंत को एक्स पर जवाब देते हुए लिखा, “प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखंड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है। आपके द्वारा उठाए गए विषय के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है। वे शीघ्र ही आपसे संपर्क कर नियमानुसार हरसंभव सहयोग सुनिश्चित करेंगे।”
प्रिय ऋषभ, आप उत्तराखण्ड के गौरव हैं। आपने अपने शानदार खेल और उपलब्धियों से देश-दुनिया में देवभूमि का नाम रोशन किया है। अपनी मातृभूमि के प्रति आपका यह प्रेम और यहां वापस आकर योगदान देने की भावना अत्यंत सराहनीय है।
कम उम्र में ही अपनी बल्लेबाज़ी से धूम मचाने वाले वैभव सूर्यवंशी को आने वाली दिलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट ज़ोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। यह उनकी तेज़ी से आगे बढ़ने की कहानी का एक और अहम पड़ाव है, क्योंकि हाल के महीनों में ही उन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है।विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ईशान किशन इस प्रतिष्ठित इंटर-ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में 15 सदस्यों वाली टीम की कप्तानी करेंगे। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त को बेंगलुरु में शुरू होगा।
15 साल के इस खिलाड़ी के लिए यह सीज़न शानदार रहा है। इंग्लैंड दौरे पर भारत के लिए अपने डेब्यू में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने के बाद, सूर्यवंशी ने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ में प्रभावित किया। वहाँ उन्होंने कई मैचों में जीत दिलाने वाला प्रदर्शन किया और ‘Player of the series’ चुने गए।
ईस्ट ज़ोन ने एक मज़बूत टीम चुनी है जिसमें कई अनुभवी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल हैं। चुने गए प्रमुख खिलाड़ियों में भारत के अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी, बंगाल के कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन, तेज़ गेंदबाज़ मुकेश कुमार, ऑलराउंडर शाहबाज़ अहमद और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ कुमार कुशाग्र शामिल हैं।
शमी के शामिल होने से टीम को बहुत अनुभव मिलेगा। 35 साल के यह तेज़ गेंदबाज़ 2025 चैंपियंस ट्रॉफ़ी फ़ाइनल के बाद से भारत के लिए नहीं खेले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार खेलते रहे हैं। उन्होंने 2025-26 घरेलू सीज़न में बंगाल का प्रतिनिधित्व किया और आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के 14 में से 13 मैचों में भी खेले।
Vaibhav Sooryavanshi named as the Vice Captain of the East Zone squad in Duleep Trophy. pic.twitter.com/V7m3bealAi
ऋषभ पंत को जब लखनऊ सुपर जाएंट्स के संजीव गोयनका ने 27 करोड़ रुपए में खरीदा था तो लगा था वह लखनऊ को नई ऊचाइंयों तक पहुंचाएंग लेकिन उनका खुदका बल्ला इतना शांत रहा कि लखनऊ गहराई में पहुंच गई।
लखनऊ सुपर जाएंट्स से अब ऋषभ पंत की दिल्ली घर वापसी हो गई है। लेकिन जब साल 2024 में मेगा नीलामी के बाद ऋषभ पंत लखनऊ आए थे तब से उनका सफर खासा अच्छा नहीं रहा। हालांकि इन 2 सालों में उनको संजीव गोयनका से 54 लाख रुपए मिले।
हालांकि इन रुपयों को ऋषभ पंत प्रदर्शन में तब्दील नहीं कर पाए। उन्होंने इन दो सालों में महज 24 की औसत और 135 की स्ट्राइक रेट के साथ 581 रन बनाए। इसमें से वह 2 बार अर्धशतक और एक शतक आया है। यह 28 मैचों का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा। लेकिन उनके प्रदर्शन से असली नुकसान राजीव गोयनका का हुआ जिनको ऋषभ पंत का एक आईपीएल रन 9 लाख का पड़ा।
लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ एक ऐतिहासिक ट्रेड के बाद पंत आईपीएल 2027 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने को तैयार हैं। बाएं हाथ के इस खिलाड़ी को एलएसजी ने आईपीएल 2025 से पहले रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन अब वे 15 करोड़ रुपये में डीसी में वापस आ रहे हैं, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव अपनी मौजूदा 13.5 करोड़ रुपये की फ़ीस पर लखनऊ चले जाएंगे।
सोशल मीडिया पर इस समय आईपीएल में दो टीमों के बीच हुए ट्रेड डील की काफी चर्चा है। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हुआ। इस डील के बाद ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट गए हैं, वहीं स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ गए है। इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि में अपनी टीम में शामिल किया था, जिसके बाद वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों बन गए। हाल ही में पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़ गए हैं, जहां उनकी नई फीस 15 करोड़ रुपये तय की गई है। ये रकम उनके पिछले अनुबंध की तुलना में काफी कम है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस पर कई तरह से रिएक्शन दे रहे है।
इसी बीच आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उदाहरण देते हुए कॉर्पोरेट जगत में मिलने वाले वेतन और आईपीएल खिलाड़ियों की कीमत में होने वाले बदलाव की तुलना की। हर्ष का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हर्ष गोयनका ने किया पोस्ट
इस पूरे घटनाक्रम पर रिएक्शन देते हुए हर्ष गोयनका ने पेशेवर खेल और कॉर्पोरेट दुनिया के बीच के अंतर को उजागर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, “ऋषभ पंत: 27 करोड़ रुपये ➝ 15 करोड़ रुपये। जरा सोचिए, अगर किसी सीईओ से कहा जाए कि पिछले साल आपको 27 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन इस साल प्रदर्शन और बाजार की मांग को देखते हुए आपका वेतन घटाकर 15 करोड़ रुपये किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे लिखा, “कॉर्पोरेट दुनिया में ऐसी बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत नीलामी और बाजार की मांग तय करती है। शुक्र है कि हममें से ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करते हैं।”
Rishabh Pant: 27 crore 15 crore.
Imagine a CEO being told “Last year we paid you 27 crore. This year, based on performance and market demand, we’re cutting it to 15 crore.” In corporate life, that’s unthinkable.
In the IPL, it’s an auction that determines what you’re…
हर्ष गोयनका की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इस बात पर अपनी राय रखी कि क्या खिलाड़ियों की कमाई और उनकी कीमत की तुलना कॉर्पोरेट कर्मचारियों की सैलरी से की जा सकती है। इस पोस्ट पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए हैं। एक यूजर ने खिलाड़ियों की कीमत तय करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए लिखा, “परफॉर्मेंस क्या है? 15 करोड़ रुपये भी बहुत ज्यादा लगते हैं। इसकी शुरुआत 2 करोड़ रुपये से होनी चाहिए और फिर खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर रकम बढ़नी चाहिए।”
वहीं, एक अन्य यूजर ने आईपीएल और कॉर्पोरेट नौकरी की तुलना को गलत बताते हुए कहा, “ये दोनों पूरी तरह अलग चीजें हैं सर। कॉर्पोरेट नौकरी 12 महीने की होती है, जबकि आईपीएल सिर्फ 2 महीने का टूर्नामेंट है। कॉर्पोरेट में अगर आपका प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो कंपनी आपको बाहर कर सकती है और फिर आपको कुछ नहीं मिलेगा।”
चर्चा में ऋषभ पंत
ऋषभ पंत की कीमत और आईपीएल में उनकी वैल्यू को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा हो रही है। ऋषभ पंत लंबे समय से दिल्ली कैपिटल्स के अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया और कप्तानी भी संभाली। अब वह फिर से दिल्ली कैपिटल्स में लौट आए हैं। वहीं इस बार उनकी कीमत पहले के मुकाबले कम रही, जिसके बाद आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत और ट्रेड को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है।
Rishabh Pant: भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत और लखनऊ सुपर जायंट्स के रास्ते अब अलग हो गए हैं। ऋषभ पंत और लखनऊ सुपर जायंट्स का साथ सिर्फ दो सीजन तक ही चला। लखनऊ और दिल्ली कैपिटल्स ने एक बड़े ट्रेड समझौते के तहत अपने खिलाड़ियों की अदला-बदली कर ली है। इस डील के बाद ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट गए हैं, वहीं स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ गए है। इस फैसले को आईपीएल के सबसे चर्चित ट्रेड में से एक माना जा रहा है। वहीं दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ने के बाद पंत ने सोशल मीडिया पर अपनी पुरानी टीम के लिए एक तीन वर्ड का एक पोस्ट शेयर किया है।
आईपीएल के सबसे मंहगे खिलाड़ी थे पंत
ऋषभ पंत को आईपीएल 2025 से पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड कीमत में अपनी टीम में शामिल किया था, जो टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे बड़ी बोली मानी जाती है। अब खिलाड़ी अदला-बदली के तहत पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा बन गए हैं, जहां उनकी नई फीस 15 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं, बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव 13.50 करोड़ रुपये की मौजूदा रकम के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल हो गए हैं। वहीं इस ट्रेड डील की वजह से पंत को काफी नुकसान हुआ। इस सौदे ने आईपीएल की टीमों के बीच खिलाड़ियों के बदलाव को लेकर काफी चर्चा बटोर ली है।
पंत ने किया पोस्ट
पंत ने लखनऊ सुपर जायंट्स को बेहद संक्षिप्त लेकिन भावुक अंदाज में अलविदा कहा। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर सिर्फ तीन शब्दों का संदेश, “थैंक यू टीम” शेयर किया। ये मैसेज उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स की उस पोस्ट को रीशेयर करते हुए लिखा, जिसमें फ्रेंचाइजी ने अपने पूर्व कप्तान को टीम के लिए दिए गए योगदान और यादगार पलों के लिए धन्यवाद कहा था।
दिल्ली से की थी शुरुआत
ऋषभ पंत ने अपने आईपीएल सफर की शुरुआत दिल्ली कैपिटल्स से की थी और करीब नौ साल तक टीम का अहम हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने टीम के लिए 111 मुकाबले खेले, जो दिल्ली की ओर से किसी खिलाड़ी द्वारा खेले गए सबसे अधिक मैचों का रिकॉर्ड है। शानदार प्रदर्शन के साथ-साथ पंत ने नेतृत्व की जिम्मेदारी भी निभाई और 2021 से 2024 के बीच कई मैचों में टीम की कप्तानी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स का मार्गदर्शन किया।
कुलदीप के लिए दिल्ली ने किया पोस्ट
दिल्ली कैपिटल्स के सह-मालिक पार्थ जिंदल ने कुलदीप यादव के लिए एक खास संदेश साझा करते हुए उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने लिखा, “प्रिय कुलदीप, पिछले पांच वर्षों में दिल्ली कैपिटल्स के लिए आपके योगदान के लिए धन्यवाद। आप हमारी टीम के बेहद महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं और आपकी कमी हमें जरूर महसूस होगी। आप एक शानदार खिलाड़ी हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि अपने नए सफर में भी आप बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।”
पार्थ जिंदल ने आगे ऋषभ पंत की वापसी पर खुशी जताते हुए कहा, “ऋषभ, किरण और मैं दोनों आपको फिर से दिल्ली कैपिटल्स में देखकर बेहद खुश हैं। हमें उम्मीद है कि अपने पुराने घर लौटकर आप एक बार फिर अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाएंगे और नई ऊंचाइयों को छुएंगे।”
लखनऊ का प्रदर्शन
ऋषभ पंत का लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ सफर ज्यादा लंबा नहीं रहा। उनके टीम में रहने के दौरान लखनऊ एक भी बार प्लेऑफ में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकी। वहीं, आईपीएल 2026 का सीजन टीम के लिए बेहद निराशाजनक रहा, क्योंकि लखनऊ सुपर जायंट्स अंक तालिका में सबसे आखिरी स्थान पर रही। 2022 में आईपीएल में कदम रखने के बाद ये टीम का अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन माना जा रहा है।
आईपीएल के इतिहास में कई दिग्गज कप्तान आए और गए, लेकिन लगातार दो सीजन अपनी टीम को चैंपियन बनाना हर किसी के बस की बात नहीं रही। यही वजह है कि जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की, तो कप्तान रजत पाटीदार का नाम सीधे उन चुनिंदा कप्तानों की सूची में दर्ज हो गया, जहां पहले से सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज मौजूद थे।
धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स को 2010 और 2011 में लगातार खिताब दिलाया था, जबकि रोहित शर्मा ने मुंबई इंडियंस को 2019 और 2020 में बैक-टू-बैक चैंपियन बनाया। अब इस Elite List में तीसरा नाम रजत पाटीदार का जुड़ चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि पाटीदार का सफर बाकी सभी से कहीं ज्यादा संघर्षों और उतार-चढ़ावों से भरा रहा।
जिस खिलाड़ी को किसी ने नहीं खरीदा, वही बना RCB का सबसे बड़ा हीरो
आज जिस खिलाड़ी के हाथों में दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, कभी वही खिलाड़ी आईपीएल ऑक्शन में अनदेखा कर दिया गया था। मध्य प्रदेश के इंदौर से आने वाले रजत पाटीदार ने आईपीएल में अपना पहला कदम 2021 में रखा था। RCB ने उन्हें उनके बेस प्राइस पर खरीदा, लेकिन शुरुआती सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्हें सिर्फ चार मैच खेलने का मौका मिला और वे महज 71 रन ही बना सके।
सीजन खत्म हुआ और फ्रेंचाइजी ने उन्हें रिलीज कर दिया।
इसके बाद आया 2022 का मेगा ऑक्शन। रजत पाटीदार को उम्मीद थी कि कोई न कोई टीम उन पर भरोसा दिखाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दस टीमों के बीच चली नीलामी में उनका नाम बार-बार आया, मगर कोई बोली नहीं लगी। वे अनसोल्ड रह गए। एक क्रिकेटर के लिए यह पल किसी झटके से कम नहीं होता। लेकिन शायद किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही लिख रखा था।
लवनीत सिसोदिया (Luvneeth Sisodiya) की चोट ने बदल दी जिंदगी
आईपीएल 2022 शुरू होने से पहले RCB को बड़ा झटका लगा जब युवा बल्लेबाज लवनीत सिसोदिया चोटिल हो गए। टीम को रिप्लेसमेंट की जरूरत थी।
तभी फ्रेंचाइजी को रजत पाटीदार की याद आई।
जिस खिलाड़ी को कुछ महीने पहले रिलीज किया गया था और जिसे ऑक्शन में किसी ने नहीं खरीदा था, उसी खिलाड़ी को दोबारा टीम में बुलाया गया। रजत ने मौका स्वीकार किया और यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ ली।
एलिमिनेटर की वह सेंचुरी जिसने सब बदल दिया
2022 का सीजन रजत पाटीदार के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। उन्होंने मिले हुए मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार शानदार बल्लेबाजी की। लेकिन असली धमाका प्लेऑफ में देखने को मिला। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में रजत पाटीदार ने ऐसी पारी खेली जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान उनकी ओर खींच लिया। उन्होंने सिर्फ 49 गेंदों में शतक जड़ते हुए नाबाद 112 रन बनाए।
यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि एक बयान था रजत अब सिर्फ टीम का हिस्सा नहीं, बल्कि टीम का भविष्य बनने जा रहे थे।
फिर आया मुश्किल दौर
जब लगने लगा कि सब कुछ सही दिशा में जा रहा है, तभी किस्मत ने एक और परीक्षा ले ली। 2023 का पूरा सीजन रजत पाटीदार चोट के कारण नहीं खेल सके। उन्हें मैदान से दूर रहना पड़ा। RCB का प्रदर्शन भी उस साल उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। लेकिन यही वह समय था जिसने रजत को मानसिक रूप से और मजबूत बनाया।
2024 में हुई वापसी, बदला खेल का अंदाज
2024 में रजत पाटीदार ने मैदान पर वापसी की और पहले से ज्यादा आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। RCB का अभियान शुरुआत में लड़खड़ाया जरूर, लेकिन टीम ने शानदार वापसी करते हुए प्लेऑफ तक का सफर तय किया। इस दौरान पाटीदार ने आक्रामक बल्लेबाजी से अपनी अलग पहचान बनाई।उनका स्ट्राइक रेट बताता था कि अब वे सिर्फ रन बनाने नहीं, बल्कि मैच का रुख बदलने मैदान पर उतरते हैं। यहीं से उनके भीतर एक नेता की झलक भी दिखाई देने लगी।
2025 में RCB ने बड़ा फैसला लेते हुए रजत पाटीदार को टीम की कमान सौंप दी। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था। टीम में विराट कोहली जैसे दिग्गज मौजूद थे, लेकिन फ्रेंचाइजी ने भविष्य पर दांव खेला और कप्तानी पाटीदार को सौंप दी। रजत ने इस भरोसे को सिर्फ सही साबित नहीं किया, बल्कि इतिहास रच दिया।
जिस ट्रॉफी का इंतजार RCB पिछले 17 सालों से कर रही थी, उसे आखिरकार पाटीदार ने टीम की झोली में डाल दिया।
2026: जब कप्तान से लीजेंड बनने लगे रजत
पहली ट्रॉफी जीतना बड़ी बात होती है, लेकिन उसे दोहराना उससे भी मुश्किल।
2026 में हर टीम RCB को हराने के इरादे से मैदान पर उतर रही थी। दबाव पहले से कहीं ज्यादा था।
लेकिन रजत पाटीदार ने साबित कर दिया कि 2025 कोई इत्तेफाक नहीं था।
पूरे सीजन में उन्होंने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया और कप्तान के तौर पर टीम को लगातार दूसरी बार खिताब तक पहुंचाया। बड़े मुकाबलों में उनका आत्मविश्वास, आक्रामक सोच और निडर बल्लेबाजी RCB की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
क्वालिफायर जैसे अहम मुकाबलों में उनकी विस्फोटक पारियों ने टीम की जीत की नींव रखी और आखिरकार RCB ने दूसरी लगातार ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
विराट कोहली लंबे समय तक RCB की पहचान रहे हैं। लेकिन पिछले दो वर्षों में रजत पाटीदार ने साबित किया है कि फ्रेंचाइजी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। उन्होंने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि टीम को एक नई मानसिकता दी। ऐसी मानसिकता जो दबाव से डरती नहीं, बल्कि उसे चुनौती देती है।
अनसोल्ड से अनस्टॉपेबल तक
क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि एक मौका जिंदगी बदल सकता है। रजत पाटीदार इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। एक समय था जब उन्हें किसी टीम ने खरीदना जरूरी नहीं समझा। फिर एक चोट की वजह से उन्हें दूसरा मौका मिला। उन्होंने उस मौके को इतिहास में बदल दिया।
आज उनके नाम दो आईपीएल ट्रॉफियां हैं, करोड़ों फैंस का प्यार है और आईपीएल इतिहास में एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचना हर कप्तान का सपना होता है।
रजत पाटीदार की कहानी सिर्फ सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह विश्वास, धैर्य और मौके को पहचानकर उसे इतिहास में बदल देने की कहानी है। यही वजह है कि आज RCB के लिए रजत सिर्फ कप्तान नहीं, बल्कि एक Era बन चुके हैं।
33 गेंद… 93 रन… 5 चौके… 9 आसमानी छक्के… और 281.81 का खतरनाक स्ट्राइक रेट!
धर्मशाला की ठंडी रात में रजत पाटीदार ने ऐसा तूफान उठाया कि गुजरात टाइटंस की पूरी टीम उड़ गई। आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-1 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कप्तान ने सिर्फ मैच नहीं जीता, बल्कि टीम इंडिया के दरवाजे पर जोरदार दस्तक दे दी। RCB लगातार दूसरी बार और कुल चौथी बार आईपीएल फाइनल में पहुंच चुकी है, और इस सफर के सबसे बड़े हीरो बने हैं रजत पाटीदार। अब सवाल सिर्फ इतना नहीं कि उन्हें टीम इंडिया में मौका मिलना चाहिए या नहीं… सवाल ये है कि क्या भारत को सूर्यकुमार यादव के बाद अपना अगला टी20 कप्तान मिल चुका है?
रजत सिर्फ रन नहीं बना रहे, वो मैच की दिशा बदल रहे हैं। जिस तरह उन्होंने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल के आउट होने के बाद दबाव को मौके में बदला, उसने बता दिया कि ये खिलाड़ी बड़े मंच के लिए बना है। यही वजह है कि अब क्रिकेट एक्सपर्ट्स से लेकर फैंस तक हर कोई कह रहा है—“रजत पाटीदार को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।”
ABSOLUTE MADNESS BY CAPTAIN RAJAT PATIDAR IN DHARAMSHALA.
टीम इंडिया लंबे समय से ऐसे बल्लेबाज की तलाश में है जो नंबर 4 या 5 पर आते ही मैच का टेम्पो बदल दे। रजत पाटीदार वही खिलाड़ी साबित हो रहे हैं।
आईपीएल 2026 में उनका स्ट्राइक रेट 200 के करीब रहा। वो उन बल्लेबाजों में नहीं हैं जो 30-40 गेंदें खेलकर सेट होते हैं। रजत आते ही गेंदबाजों पर हमला बोलते हैं। गुजरात के खिलाफ 33 गेंदों में नाबाद 93 रन की पारी हो, मुंबई के खिलाफ 20 गेंदों में 53 रन, लखनऊ के सामने 31 गेंदों में 61 या राजस्थान के खिलाफ 63 रन—हर बार उन्होंने दिखाया कि दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और खतरनाक बना देता है।
सबसे खास बात ये है कि वो पावरप्ले की आक्रामकता को मिडिल ओवर्स तक खींच ले जाते हैं। आधुनिक टी20 क्रिकेट में यही सबसे बड़ी कला मानी जाती है।
2. कप्तानी में शांत दिमाग, फैसलों में आक्रामक सोच
आईपीएल जैसी हाई-प्रेशर लीग में कप्तानी करना आसान नहीं होता, खासकर तब जब सामने विराट कोहली जैसी बड़ी मौजूदगी हो। लेकिन रजत पाटीदार ने पूरे सीजन जिस परिपक्वता से आरसीबी को संभाला, उसने सबको प्रभावित किया। आरसीबी का बैक-टू-बैक फाइनल में पहुंचना सिर्फ बल्लेबाजी का नहीं, बल्कि शानदार नेतृत्व का भी परिणाम है। रजत मैदान पर ज्यादा शोर नहीं मचाते, लेकिन उनके फैसले बहुत कुछ बोलते हैं। गेंदबाजी बदलाव हो या फील्ड सेटिंग, उन्होंने हर मौके पर मैच पढ़ने की क्षमता दिखाई।
टीम इंडिया फिलहाल ऐसे कप्तान की तलाश में है जो शांत भी हो और निडर भी। रजत दोनों बॉक्स टिक करते हैं। यही वजह है कि उन्हें “रेडीमेड कप्तानी विकल्प” कहा जा रहा है।
3. बड़े मैचों के खिलाड़ी, दबाव में और खतरनाक
हर खिलाड़ी लीग मैचों में रन बना सकता है, लेकिन असली सुपरस्टार वही होता है जो नॉकआउट में चमके। रजत पाटीदार बार-बार यही साबित कर चुके हैं।
IPL 2022 Eliminator में उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 54 गेंदों में नाबाद 112 रन ठोके थे। उस पारी ने पहली बार पूरे देश को एहसास कराया था कि आरसीबी को एक एक्स-फैक्टर बल्लेबाज मिल चुका है। अब आईपीएल 2026 के क्वालिफायर में 33 गेंदों में 93 रन की विस्फोटक पारी ने साबित कर दिया कि 2022 कोई फ्लूक नहीं था। जब मंच बड़ा होता है, तब रजत का खेल और बड़ा हो जाता है। यही वो क्वालिटी है जो किसी खिलाड़ी को सिर्फ अच्छा बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच विनर और लीडर बनाती है।
मौजूदा समय में भारतीय बल्लेबाज विदेशी स्पिनर्स के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। लेकिन रजत पाटीदार की सबसे बड़ी ताकत ही स्पिन अटैक को तहस-नहस करना है। वो फ्रंट फुट पर निकलकर छक्के मारते हैं, बैकफुट पर कट खेलते हैं और मिडिल ओवर्स में रनरेट कभी गिरने नहीं देते।
धर्मशाला में कागिसो रबाडा की ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी गुड लेंथ गेंद को कवर स्टैंड के ऊपर पहुंचाना उनकी रेंज और आत्मविश्वास दिखाने के लिए काफी था।
टी20 क्रिकेट अब सिर्फ तकनीक का नहीं, इंटेंट का खेल बन चुका है। और रजत का इंटेंट हर गेंद पर दिखाई देता है।
अब और इंतजार क्यों?
रजत पाटीदार कोई “वन सीजन वंडर” नहीं हैं।
वो भारत के लिए टेस्ट (3) और वनडे (1) खेल चुके हैं। घरेलू क्रिकेट में मध्य प्रदेश को रणजी ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं। आईपीएल में लगातार असर छोड़ रहे हैं। कप्तानी का अनुभव भी है और बड़े मैचों का टेंपरामेंट भी। सूर्यकुमार यादव ने भारतीय टी20 क्रिकेट को नई दिशा दी, लेकिन अब टीम इंडिया को अगले टी20 वर्ल्ड कप और ओलंपिक साइकल के लिए नया चेहरा तैयार करना होगा।
और अगर मौजूदा फॉर्म, कप्तानी, मैच-विनिंग क्षमता और दबाव झेलने की ताकत को देखा जाए…
तो शायद भारतीय क्रिकेट के पास जवाब पहले से मौजूद है
ऑस्ट्रेलिया इस सप्ताहांत से शुरू होने वाली पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए अपने चौथे कप्तान को मैदान में उतारेगा, क्योंकि मिच मार्श दौरे से बाहर होने वाले ताज़ा सीनियर खिलाड़ी बन गए हैं। जोश इंगलिस तीन मैचों की इस सीरीज़ में ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी करेंगे, क्योंकि पता चला है कि मार्श को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान टखने में चोट लग गई थी।
50 ओवर के कप्तान पैट कमिंस और उनके उप-कप्तान ट्रैविस हेड – जिन्होंने टी20 में चार बार ऑस्ट्रेलियाई टीम की कप्तानी की है – दोनों ही आईपीएल प्लेऑफ़ के कारण इस दौरे पर मौजूद नहीं हैं, क्योंकि आईपीएल के मैच इस्लामाबाद और लाहौर में होने वाले मैचों के साथ ही पड़ रहे हैं। ऐसे में कप्तानी की बागडोर इंगलिस के हाथों में आ गई है।
दिलचस्प बात यह है कि इस विकेटकीपर-बल्लेबाज ने नवंबर 2024 में भी एक बार यह भूमिका निभाई थी – तब भी पाकिस्तान के खिलाफ ही, और तब भी जब टीम के कई मुख्य खिलाड़ी अनुपस्थित थे। मार्श, जिनकी जगह वनडे टीम में अभी तक किसी और को नहीं लिया गया है, पिछले हफ़्ते लखनऊ सुपर जायंट्स का आईपीएल का आखिरी मैच न खेल पाने के बाद घर लौट आए हैं।
Australia tour of Pakistan for ODI series.
Travis Head – IPL commitments.
Pat Cummins – IPL commitments.
Josh Hazlewood – IPL commitments.
Mitchell Marsh – Injured.
Mitchell Starc – Rested.
Cooper Connolly – Rested.
Xavier Bartlett – Rested.
Ben Dwarshuis – Rested.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के एक प्रवक्ता ने कहा, “मार्श… आगे की जांच और इलाज के लिए अगले आदेश तक पर्थ में ही रहेंगे।” “बांग्लादेश के ‘व्हाइट बॉल’ (सीमित ओवरों के) दौरे के लिए उनकी उपलब्धता पर उचित समय पर फैसला लिया जाएगा।” कमिंस के साथ-साथ जोश हेज़लवुड और मिचेल स्टार्क भी पाकिस्तान और बांग्लादेश, दोनों ही दौरों से बाहर रहेंगे। आईपीएल खत्म होने के बाद ट्रैविस हेड बांग्लादेश में टीम के साथ जुड़ेंगे।
इसके अलावा, ढाका में होने वाले तीन वनडे मैचों के लिए कूपर कोनोली, ज़ेवियर बार्टलेट और बेन ड्वारशुइस के रूप में कुछ और खिलाड़ी भी टीम में शामिल होंगे। इन तीनों को शुरू में टीम से बाहर रखा गया था, क्योंकि यह माना जा रहा था कि उनकी आईपीएल टीम – पंजाब किंग्स – IPL प्लेऑफ़ में जगह बना लेगी। इस घटनाक्रम ने ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं के सामने उन लॉजिस्टिक (प्रबंधकीय) मुश्किलों को उजागर कर दिया है, जो इस सीरीज़ के कारण पैदा हुई हैं – यह सीरीज़ आईपीएल फ़ाइनल से ठीक एक दिन पहले शुरू हो रही है, और मार्श की चोट ने उनकी मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं। मार्श की अनुपस्थिति से इस बात की संभावना बढ़ गई है कि युवा खिलाड़ी ओली पीक पाकिस्तान के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू कर सकते हैं।
Major injury-forced shuffle for Australia as a new captain is named for the Pakistan ODIs https://t.co/l1H7iCBujG