हम दूसरा काजीरंगा नहीं बना सकते… हर्ष गोयनका की पोस्ट ने छेड़ी बहस, क्यों चर्चा में है ये मशहूर नेशनल पार्क, क्या करने जा रही सरकार?

Kaziranga National Park: असम सरकार अगले दो महीनों में केंद्र सरकार से काजीरंगा नेशनल पार्क के आस-पास के इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) की मौजूदा 10 किलोमीटर की डिफॉल्ट सीमा को घटाकर 1 किलोमीटर करने की मांग करने की योजना बना रही है। ‘असम ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि इस कदम का मकसद नेशनल पार्क के पास, जिसमें बोकाखाट भी शामिल है, विकास परियोजनाओं पर लगी उन पाबंदियों को हटाना है जिन्हें राज्य सरकार अनावश्यक मानती है।

शर्मा ने कहा, “बोकाखाट में विकास से जुड़ी कई चुनौतियां हैं जिन्हें हम हल करना चाहते हैं, जिनमें स्टेडियम का निर्माण, शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार और अन्य अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं।”

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर शुरुआती बातचीत पहले ही हो चुकी है। काजीरंगा को अंतिम ESZ नोटिफिकेशन मिलने के बाद राज्य सरकार केंद्र के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार करेगी।

उन्होंने आगे कहा, “चूंकि काजीरंगा के लिए अभी तक अंतिम नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, इसलिए डिफॉल्ट रूप से इको-सेंसिटिव जोन 10 किलोमीटर का है। नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, हम वैज्ञानिक रूप से तय 1 किलोमीटर के इको-सेंसिटिव जोन का प्रस्ताव रखेंगे।”

शर्मा ने यह भी कहा कि प्रस्तावित बदलाव से बोकाखाट में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही काजीरंगा के वन्यजीवों और पर्यावरण का संरक्षण भी जारी रहेगा।

पर्यावरणविदों ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया?

वहीं, पर्यावरणविदों ने असम सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध किया है जिसमें UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट, काजीरंगा नेशनल पार्क के आस-पास के इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) को कम करने की बात कही गई है। उनका कहना है कि सुरक्षित बफर जोन को कम करने से पार्क पर दबाव बढ़ सकता है और वहां के वन्यजीवों पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या पार्क और उसके वन्यजीवों की सुरक्षा की कीमत पर विकास की अनुमति दी जानी चाहिए।

गोलाघाट के पर्यावरण कार्यकर्ता और पत्रकार अपूर्व बल्लभ गोस्वामी ने The Federal को बताया कि ESZ (इको-सेंसिटिव जोन) को कम करने से काजीरंगा में वन्यजीवों, खासकर एक सींग वाले गैंडे के लिए खतरा पैदा हो सकता है, जिसे असम का प्रतीक माना जाता है।

धेकियाजुली के एक और पर्यावरण कार्यकर्ता दिलीप नाथ ने कहा कि प्रस्तावित कटौती इको-सेंसिटिव जोन पर सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश के खिलाफ भी हो सकती है। नाथ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला दो अहम बातों पर आधारित था – जानवरों को प्रजनन के लिए पर्याप्त जगह देना और उन घास के मैदानों की रक्षा करना जो उनके लिए भोजन का स्रोत हैं।

उन्होंने कहा, “अगर सरकार ESZ का दायरा कम करती है, तो घास के मैदान कम हो जाएंगे और जानवरों की संख्या भी घट जाएगी। अगर वे इस कदम को आगे बढ़ाते हैं, तो हमारे पास सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा।”

‘दूसरा काजीरंगा नहीं बना सकते…’

RPG एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा, “असम एक स्टेडियम और दूसरे विकास कार्यों के लिए काजीरंगा के इको-सेंसिटिव जोन (पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र) को 10 किलोमीटर से घटाकर 1 किलोमीटर करना चाहता है। लेकिन हर मॉनसून में बाढ़ के कारण हाथी और गैंडे इन्हीं रास्तों से ऊंचे इलाकों की ओर जाने को मजबूर होते हैं।”

उन्होंने कहा, आइए स्टेडियम कहीं और बनाएं, क्योंकि हम दूसरा काजीरंगा नहीं बना सकते।

बता दें कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब काजीरंगा के इको-सेंसिटिव जोन को लेकर लंबे समय से अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। मार्च में गुवाहाटी हाई कोर्ट ने भी कहा था कि असम सरकार की ओर से केंद्र को न तो ESZ की अंतिम अधिसूचना भेजी गई है और न ही इसका कोई ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपा गया है। नतीजतन, 10 किलोमीटर के दायरे वाला नियम अभी भी लागू है।

वहीं, असम सरकार का कहना है कि मौजूदा 10 किलोमीटर के जोन की वजह से बोकाखाट में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास रुका हुआ है। इन पाबंदियों के कारण कई प्रोजेक्ट्स, जिनमें एक आधुनिक स्टेडियम और दूसरे नागरिक विकास के काम शामिल हैं, अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

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खुश नहीं हैं तो ऑफिस मत आइए! ये कंपनी देती है 10 दिन की Unhappy Leave, हर्ष गोयनका ने छेड़ी नई बहस

RPG एंटरप्राइजेज के चेयरमैन ने चीनी रिटेल चेन ‘पैंग डोंग लाई’ के फाउंडर और रिटेल टाइकून ‘यू डोंग लाई’ द्वारा शुरू की गई एक अनोखी पॉलिसी का जिक्र किया। यह पॉलिसी एक आसान सिद्धांत पर काम करती है- “अगर आप खुश नहीं हैं, तो काम पर न आएं।” इस सिस्टम के तहत, मैनेजमेंट छुट्टी देने से मना नहीं कर सकता, क्योंकि इसका मकसद कर्मचारियों को आराम का समय खुद तय करने की आजादी देना है।

हर्ष गोयनका ने एक्स पर पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने लिखा- चीन की रिटेल कंपनी ‘पैंग डोंग लाई’ अपने कर्मचारियों को 10 दिन की पेड “अनहैपी लीव” देती है। कंपनी के फाउंडर यू डोंगलाई की सोच साफ है- “अगर आप खुश नहीं हैं, तो काम पर न आएं।” कहा जाता है कि मैनेजर इस तरह की छुट्टी की रिक्वेस्ट को मना नहीं कर सकते।

उन्होंने आगे लिखा-क्या यह कुछ ज़्यादा ही है? शायद। हमें इस बात पर और गहराई से सोचने की ज़रूरत है कि क्या भारतीय माहौल में ‘अनहैपी लीव’ की जरूरत है या फिर क्या बर्नआउट (काम के तनाव से होने वाली थकान) को रोकने और ऐसा वर्कप्लेस बनाने का कोई बेहतर तरीका हो सकता है, जहां लोग सच में काम पर आना चाहें।

गोयनका ने बदलते ग्लोबल वर्क कल्चर को देखते हुए यह पोस्ट शेयर किया है। लेकिन उनके प्रोफेशनल नेटवर्क में इसे लेकर बहुत अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कमेंट बॉक्स में लोग-लोग अपने विचार शेयर कर रहे हैं।

कुछ लोगों को उनका ये सजेशन पसंद नहीं आया। लोगों का कहना है कि अगर पूरी टीमें परफॉर्मेंस टारगेट पूरे न होने के बाद महीने के आखिरी दिनों जैसी अहम तारीखों पर “अनहैप्पी लीव” (unhappy leave) के लिए अप्लाई करती हैं, तो यह खतरनाक हो सकता है। कंपनी पर गहरा असर पड़ेगा।

वहीं कई प्रोफेशनल्स का तर्क है कि छुट्टी देने से सिस्टम की कई समस्याओं को ठीक नहीं किया जा सकता है। वहीं कुछ ने कहा कि लीडर्स को अटेंडेंस मैनेज करने के बजाय “उत्साह बढ़ाने” पर ध्यान देना चाहिए, जिससे मेंटल हेल्थ की वजह से छुट्टी लेने की जरूरत अपने आप कम हो जाएगी।

‘कैमरे के सामने कोई नहीं लड़ता’, रोहित-गंभीर के रिश्ते को लेकर अश्विन ने बताई ड्रेसिंग रूम के अंदर की बात!

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की वनडी सीरीज खत्म हो गई है। इंग्लैंड ने इस सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया है। वहीं तीसरे और आखिरी मुकाबले से पहले लॉर्ड्स की बालकनी में गौतम गंभीर और रोहित शर्मा हंसते हुए बातचीत करते नजर आए थे। वहीं अब इस पर पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन पर बड़ा बयान दिया है। अश्विन के मुताबिक, मैदान पर रोहित शर्मा और गौतम गंभीर के हंसते-बात करते दिखने से ये नहीं माना जा सकता कि दोनों के बीच सब कुछ पूरी तरह नॉर्मल है।

उन्होंने कहा कि, भारतीय क्रिकेट टीम जैसे प्रोफेशनल माहौल में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ अच्छी तरह जानते हैं कि कैमरे हर समय उन पर नजर रखते हैं। ऐसे में वे सार्वजनिक तौर पर अपने व्यवहार को कंट्रोल में रखते हैं। इसलिए असली भावनाएं मुश्किल से ही बाहर आ पाती हैं।

अश्विन ने क्या कहा

पिछले कुछ समय से रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दोनों के बीच मतभेद और टीम में फैसलों को लेकर अलग-अलग राय होने की बातें सामने आई हैं। इसी बीच लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान रोहित शर्मा और गौतम गंभीर को कई मौकों पर साथ हंसते और बातचीत करते देखा गया, जिसके बाद लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो गया है। वहीं रविचंद्रन अश्विन के मुताबिक, किसी खिलाड़ी और कोच को साथ मुस्कुराते देखकर उनके रिश्तों के बारे में कोई पक्का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

टकराव से बचते हैं

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हर कोई प्रोफेशनल है। हर किसी को पता होता है कि कैमरे उनकी तरफ लगे हैं। कैमरे के सामने कोई बच्चों की तरह लड़ाई नहीं करता। सच तो यह है कि प्रोफेशनल माहौल में लोग इस तरह झगड़ते भी नहीं हैं। अगर दो लोगों के बीच सब कुछ ठीक नहीं भी हो, तो वे बस कम बात करते हैं, लेकिन टकराव से बचते हैं। आखिर बेवजह विवाद क्यों किया जाए?” उन्होंने आगे कहा, “अगर आप अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, तो आपको कौन रोक सकता है? विराट कोहली ने प्रदर्शन किया, रोहित शर्मा ने भी प्रदर्शन किया और अपना काम किया। इसके बाद किसी के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचता।”

गौतम गंभीर और विराट कोहली के रिश्तों को लेकर भी समय-समय पर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रमों और मैचों के दौरान दोनों कई बार नॉर्मल अंदाज में साथ नजर आए हैं। इसी बीच रोहित टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट में बतौर खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं।

Harsh Goenka ने शेयर किया Yamal और उनके छोटे भाई का Video, बोले- यही था फाइनल के बाद का सबसे पसंदीदा सीन

Harsh Goenka ने शेयर किया Yamal और उनके छोटे भाई का Video, बोले- यही था फाइनल के बाद का सबसे पसंदीदा सीन

बीते एक महीने से जारी फीफा वर्ल्ड कप रविवार को खेले गए फाइनल के साथ ही खत्म हो गया। स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। वहीं इस खिताबी मैच के बाद कई इमोशनल पल भी देखने को मिले। अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी हार के बाद भावुक हो गए। उन्होंने अपने से 20 साल छोटे स्पेनिश स्टार लामिन यमाल को गले लगाकर बधाई दी। वहीं यमाल के छोटे भाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी छाया रहा।

यमाल के भाई ने लूटी महफिल

स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जहां 19 वर्षीय लामिन यमाल पर सभी की नजरें टिकी रहीं, वहीं मैदान के बाहर सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी यमाल के महज 3 साल के छोटे भाई कीने यमाल ने। स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर मासूम मुस्कान, कैमरे की तरफ मजेदार चेहरे बनाना, स्पेन के प्रशंसकों के बीच पूरे जोश से Vamos यानी Come on! चिल्लाना और हर मैच के बाद बड़े भाई लामिन को गले लगाती उनकी तस्वीर वर्ल्ड कप के दौरान खूब वायरल हुई। वहीं कीने यमाल के एक वीडियो को बिजनेसमैन हर्ष गोयनका ने भी पोस्ट किया है।

हर्ष गोयनका ने पोस्ट किया वीडियो

कीने यमाल के वीडियो को पोस्ट करते हुए हर्ष गोयनका ने कहा कि, ‘फाइनल मैच के बाद मेरा पसंदीदा सीन। यमाल के छोटे भाई ने उसे मैदान पर देखा और उत्साह के साथ दौड़कर उसे गले लगा लिया।’

स्पेन दूसरी बार बना चैंपियन

बता दें कि, अमेरिका के न्यूयार्क में 19 जुलाई को खेले गए फाइनल मुकाबले को स्पेन ने अपने नाम किया। स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीता। टीम ने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए एक्स्ट्रा टाइम में फेरन टोरेस ने गोल किया। इसी के साथ स्पेन ने 2010 के बाद दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की।

Viral Post: 27 करोड़ से सीधा 15 करोड़! IPL ट्रेड के बाद हर्ष गोयनका ने ऋषभ पंत को लेकर कही ये बात

सोशल मीडिया पर इस समय आईपीएल में दो टीमों के बीच हुए ट्रेड डील की काफी चर्चा है। आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच सबसे बड़ा ट्रेड हुआ। इस डील के बाद ऋषभ पंत अपनी पुरानी टीम दिल्ली कैपिटल्स में लौट गए हैं, वहीं स्पिन गेंदबाज कुलदीप यादव को लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ जुड़ गए है। इससे पहले लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें 27 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राशि में अपनी टीम में शामिल किया था, जिसके बाद वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ियों बन गए। हाल ही में पंत एक बार फिर दिल्ली कैपिटल्स के साथ जुड़ गए हैं, जहां उनकी नई फीस 15 करोड़ रुपये तय की गई है। ये रकम उनके पिछले अनुबंध की तुलना में काफी कम है। वहीं सोशल मीडिया पर लोग इस पर कई तरह से रिएक्शन दे रहे है।

इसी बीच आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका का एक सोशल मीडिया पोस्ट इन दिनों काफी चर्चा में है। उन्होंने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत का उदाहरण देते हुए कॉर्पोरेट जगत में मिलने वाले वेतन और आईपीएल खिलाड़ियों की कीमत में होने वाले बदलाव की तुलना की। हर्ष का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

हर्ष गोयनका ने किया पोस्ट

इस पूरे घटनाक्रम पर रिएक्शन देते हुए हर्ष गोयनका ने पेशेवर खेल और कॉर्पोरेट दुनिया के बीच के अंतर को उजागर किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, “ऋषभ पंत: 27 करोड़ रुपये ➝ 15 करोड़ रुपये। जरा सोचिए, अगर किसी सीईओ से कहा जाए कि पिछले साल आपको 27 करोड़ रुपये दिए गए थे, लेकिन इस साल प्रदर्शन और बाजार की मांग को देखते हुए आपका वेतन घटाकर 15 करोड़ रुपये किया जा रहा है।”

उन्होंने आगे लिखा, “कॉर्पोरेट दुनिया में ऐसी बात की कल्पना भी नहीं की जा सकती। लेकिन आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत नीलामी और बाजार की मांग तय करती है। शुक्र है कि हममें से ज्यादातर लोग कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करते हैं।”

लोगों ने किया कमेंट

हर्ष गोयनका की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने इस बात पर अपनी राय रखी कि क्या खिलाड़ियों की कमाई और उनकी कीमत की तुलना कॉर्पोरेट कर्मचारियों की सैलरी से की जा सकती है। इस पोस्ट पर लोगों ने अलग-अलग तरह के रिएक्शन दिए हैं। एक यूजर ने खिलाड़ियों की कीमत तय करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए लिखा, “परफॉर्मेंस क्या है? 15 करोड़ रुपये भी बहुत ज्यादा लगते हैं। इसकी शुरुआत 2 करोड़ रुपये से होनी चाहिए और फिर खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर रकम बढ़नी चाहिए।”

वहीं, एक अन्य यूजर ने आईपीएल और कॉर्पोरेट नौकरी की तुलना को गलत बताते हुए कहा, “ये दोनों पूरी तरह अलग चीजें हैं सर। कॉर्पोरेट नौकरी 12 महीने की होती है, जबकि आईपीएल सिर्फ 2 महीने का टूर्नामेंट है। कॉर्पोरेट में अगर आपका प्रदर्शन अच्छा नहीं है तो कंपनी आपको बाहर कर सकती है और फिर आपको कुछ नहीं मिलेगा।”

चर्चा में ऋषभ पंत

ऋषभ पंत की कीमत और आईपीएल में उनकी वैल्यू को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा हो रही है। ऋषभ पंत लंबे समय से दिल्ली कैपिटल्स के अहम खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया और कप्तानी भी संभाली। अब वह फिर से दिल्ली कैपिटल्स में लौट आए हैं। वहीं इस बार उनकी कीमत पहले के मुकाबले कम रही, जिसके बाद आईपीएल में खिलाड़ियों की कीमत और ट्रेड को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है।