हम दूसरा काजीरंगा नहीं बना सकते… हर्ष गोयनका की पोस्ट ने छेड़ी बहस, क्यों चर्चा में है ये मशहूर नेशनल पार्क, क्या करने जा रही सरकार?

Kaziranga National Park: असम सरकार अगले दो महीनों में केंद्र सरकार से काजीरंगा नेशनल पार्क के आस-पास के इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) की मौजूदा 10 किलोमीटर की डिफॉल्ट सीमा को घटाकर 1 किलोमीटर करने की मांग करने की योजना बना रही है। ‘असम ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि इस कदम का मकसद नेशनल पार्क के पास, जिसमें बोकाखाट भी शामिल है, विकास परियोजनाओं पर लगी उन पाबंदियों को हटाना है जिन्हें राज्य सरकार अनावश्यक मानती है।

शर्मा ने कहा, “बोकाखाट में विकास से जुड़ी कई चुनौतियां हैं जिन्हें हम हल करना चाहते हैं, जिनमें स्टेडियम का निर्माण, शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार और अन्य अहम प्रोजेक्ट शामिल हैं।”

उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर शुरुआती बातचीत पहले ही हो चुकी है। काजीरंगा को अंतिम ESZ नोटिफिकेशन मिलने के बाद राज्य सरकार केंद्र के लिए एक औपचारिक प्रस्ताव तैयार करेगी।

उन्होंने आगे कहा, “चूंकि काजीरंगा के लिए अभी तक अंतिम नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है, इसलिए डिफॉल्ट रूप से इको-सेंसिटिव जोन 10 किलोमीटर का है। नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, हम वैज्ञानिक रूप से तय 1 किलोमीटर के इको-सेंसिटिव जोन का प्रस्ताव रखेंगे।”

शर्मा ने यह भी कहा कि प्रस्तावित बदलाव से बोकाखाट में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और साथ ही काजीरंगा के वन्यजीवों और पर्यावरण का संरक्षण भी जारी रहेगा।

पर्यावरणविदों ने राज्य सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया?

वहीं, पर्यावरणविदों ने असम सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध किया है जिसमें UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज साइट, काजीरंगा नेशनल पार्क के आस-पास के इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) को कम करने की बात कही गई है। उनका कहना है कि सुरक्षित बफर जोन को कम करने से पार्क पर दबाव बढ़ सकता है और वहां के वन्यजीवों पर बुरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या पार्क और उसके वन्यजीवों की सुरक्षा की कीमत पर विकास की अनुमति दी जानी चाहिए।

गोलाघाट के पर्यावरण कार्यकर्ता और पत्रकार अपूर्व बल्लभ गोस्वामी ने The Federal को बताया कि ESZ (इको-सेंसिटिव जोन) को कम करने से काजीरंगा में वन्यजीवों, खासकर एक सींग वाले गैंडे के लिए खतरा पैदा हो सकता है, जिसे असम का प्रतीक माना जाता है।

धेकियाजुली के एक और पर्यावरण कार्यकर्ता दिलीप नाथ ने कहा कि प्रस्तावित कटौती इको-सेंसिटिव जोन पर सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश के खिलाफ भी हो सकती है। नाथ के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का फैसला दो अहम बातों पर आधारित था – जानवरों को प्रजनन के लिए पर्याप्त जगह देना और उन घास के मैदानों की रक्षा करना जो उनके लिए भोजन का स्रोत हैं।

उन्होंने कहा, “अगर सरकार ESZ का दायरा कम करती है, तो घास के मैदान कम हो जाएंगे और जानवरों की संख्या भी घट जाएगी। अगर वे इस कदम को आगे बढ़ाते हैं, तो हमारे पास सुप्रीम कोर्ट जाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा।”

‘दूसरा काजीरंगा नहीं बना सकते…’

RPG एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा, “असम एक स्टेडियम और दूसरे विकास कार्यों के लिए काजीरंगा के इको-सेंसिटिव जोन (पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र) को 10 किलोमीटर से घटाकर 1 किलोमीटर करना चाहता है। लेकिन हर मॉनसून में बाढ़ के कारण हाथी और गैंडे इन्हीं रास्तों से ऊंचे इलाकों की ओर जाने को मजबूर होते हैं।”

उन्होंने कहा, आइए स्टेडियम कहीं और बनाएं, क्योंकि हम दूसरा काजीरंगा नहीं बना सकते।

बता दें कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब काजीरंगा के इको-सेंसिटिव जोन को लेकर लंबे समय से अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। मार्च में गुवाहाटी हाई कोर्ट ने भी कहा था कि असम सरकार की ओर से केंद्र को न तो ESZ की अंतिम अधिसूचना भेजी गई है और न ही इसका कोई ड्राफ्ट प्रस्ताव सौंपा गया है। नतीजतन, 10 किलोमीटर के दायरे वाला नियम अभी भी लागू है।

वहीं, असम सरकार का कहना है कि मौजूदा 10 किलोमीटर के जोन की वजह से बोकाखाट में इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास रुका हुआ है। इन पाबंदियों के कारण कई प्रोजेक्ट्स, जिनमें एक आधुनिक स्टेडियम और दूसरे नागरिक विकास के काम शामिल हैं, अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं।

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Cabinet Decisions: गुवाहाटी से तेजपुर के बीच बनेगा शानदार 4-लेन हाईवे, कैबिनेट ने दी 8970 करोड़ रुपये की मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने गुरुवार को असम में NH-15 के 135.871 किलोमीटर लंबे, 4-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के विकास को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट NH(O) के तहत कुल 8970.20 करोड़ रुपये की लागत से ‘बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर’ (BOT) टोल मोड पर विकसित किया जाएगा।

CCEA के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में तेजपुर बाईपास पर एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) (4.9 किमी) का निर्माण शामिल है। इसे भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ मिलकर अंतिम रूप दिया गया है। इस कॉरिडोर के बनने से ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले मौजूदा NH-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

बनाए जाएंगे 5 बड़े बाईपास

इस प्रोजेक्ट के तहत 58.7 किलोमीटर लंबे 5 बड़े बाईपास भी बनाए जाएंगे। इससे घनी आबादी वाले इलाकों जैसे बाईहाटा चारियाली, सिपाझार, खरुपेटिया, डेकीयाजुली और तेजपुर में जाम की समस्या कम होगी और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसके अलावा, इस प्रोजेक्ट में 15 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर और 1 हाथी अंडरपास (तेजपुर बाईपास पर) बनाने का प्रावधान है। ट्रैफिक की आवाजाही बनाए रखने के लिए प्रोजेक्ट के तहत 46 अंडरपास, 19 फ्लाईओवर और 210 किलोमीटर सर्विस रोड भी बनाई जाएगी, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को एक्सेस-कंट्रोल्ड (सीमित प्रवेश-निकास वाली सड़क) के तौर पर विकसित करने का प्रस्ताव है।

सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की होगी बचत

CCEA ने बताया कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाहनों की औसत रफ्तार करीब 100 प्रतिशत तक बढ़ सकती है और यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, ईंधन की बचत होगी और वाहनों के संचालन पर आने वाला खर्च भी कम होगा। इससे क्षेत्र में आवाजाही आसान होगी और आर्थिक व सामाजिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना असम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों को बेहतर और निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।

औद्योगिक पार्क, पर्यटन स्थल और लॉजिस्टिक हब से जुड़ेगा कॉरिडोर

इसके अलावा, अपग्रेड किए जाने वाले इस कॉरिडोर से PM गति शक्ति योजना के तहत चिन्हित 8 आर्थिक केंद्रों (8 इंडस्ट्रियल पार्कों), 2 सामाजिक केंद्रों (असम के आकांक्षी जिले दरांग और उदलगुड़ी), 3 पर्यटन स्थलों (मां कामाख्या मंदिर, काजीरंगा नेशनल पार्क और ओरांग नेशनल पार्क) और 7 लॉजिस्टिक केंद्रों (3 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 एयरपोर्ट और 2 जलमार्ग टर्मिनल) तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

इससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज और आसान होगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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Renault Kiger discounts go up to Rs 68,000 in August 2026

2026 Renault Kwid showroom shot

Renault has announced various discount schemes for customers in August 2026, including cash offers, exchange or scrappage incentives, and corporate benefits. All Renault models (except the Duster) are available this month with a discount. The benefits mentioned here are applicable for bookings made between August 1 and August 31, 2026.

  • Kiger gets highest discounts; Kwid gets the lowest
  • Kiger and Triber offered with loyalty and corporate benefits

Disclaimer: Offers/benefits may vary by city and are subject to stock availability. Buyers are advised to check with their local dealer for exact figures.

Renault Kiger offers in August 2026

Benefits up to Rs 68,000

Renault Kiger front quarter

Depending on the trim level, the 2026 Renault Kiger is being offered with benefits of up to Rs 68,000 across India (except Kerala and Gujarat). This includes a cash discount of Rs 20,000, exchange or scrappage benefits of up to Rs 25,000 and loyalty incentives worth up to Rs 18,000. There’s also a corporate discount of Rs 5,000.

For those residing in Kerala and Gujarat, the loyalty benefit and corporate discount remain the same but cash offers and exchange incentives can now be up to Rs 50,000 each. The price of the Renault Kiger is between Rs 5.81 lakh and Rs 10.40 lakh.

Renault Triber offers in August 2026

Benefits up to Rs 60,000

Apart from Kerala and Gujarat, the 2026 Renault Triber MPV is available with benefits amounting to Rs 60,000. Buyers will be offered a cash discount of Rs 15,000, scrappage incentives worth up to Rs 25,000 or an exchange offer of Rs 15,000, and a corporate discount of Rs 5,000.

Renault Triber front quarter

While the scrappage and corporate offers are unchanged, residents of Kerala and Gujarat get cash discounts of up to Rs 30,000 and exchange benefits worth up to Rs 30,000. The 2026 Renault Triber is priced from Rs 5.81 lakh to Rs 8.53 lakh.

Renault Kwid offers in August 2026

Benefits up to Rs 40,000

Renault Kwid rear quarter

The 2026 Renault Kwid is being offered with a cash discount of up to Rs 15,000 and a scrappage incentive worth up to Rs 25,000 in most states in India. However, this offer is not applicable for buyers in Kerala, Assam, Karnataka, Odisha, Uttarakhand, Telangana, Chhattisgarh, Arunachal Pradesh and Andhra Pradesh. Buyers here can get the Kwid with cash discounts amounting to up to Rs 30,000, while the scrappage benefit remains unchanged. The 2026 Renault Kwid is priced between Rs 4.53 lakh and Rs 5.61 lakh.

All prices are ex-showroom, India.

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Viral Video: पेट दर्द की वजह से सोया था वेंडर, किसी ने चुरा ली पूरी कमाई और आइसक्रीम, फिर अजनबी ने बना दिया उसका दिन

सोशल मीडिया पर आए दिन कोई ना कोई वीडियो वायरल होते रहता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। असम में एक आइसक्रीम बेचने वाले के पेट में तेज दर्द होने की वजह से वह अपनी रेहड़ी के पास कुछ देर आराम करने के लिए लेट गया। जब उसकी आंख खुली तो उसने देखा कि उसकी रेहड़ी से पूरी आइसक्रीम का सामान और उसके पास रखी नकदी चोरी हो चुकी थी। इस घटना के बाद वह व्यक्ति काफी इमोशनल हो गया था। वहीं विक्रेता की कहानी सुनकर एक युवक ने न सिर्फ उसकी आर्थिक मदद की, बल्कि उसके परिवार के लिए जरूरी राशन भी खरीदकर दिया। सोशल मीडिया पर ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है।

वायरल हो रहा वीडियो

इस घटना का वीडियो पंकज गोगोई ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। वीडियो में वह सड़क किनारे अपनी आइसक्रीम की रेहड़ी के पास बैठे एक परेशान दुकानदार से बात करते नजर आते हैं। बातचीत के दौरान दुकानदार ने बताया कि, उसके पेट में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया था। इसी वजह से वह कुछ देर आराम करने के लिए अपनी रेहड़ी के पास ही लेट गया था। जब दुकानदार की आंख खुली तो उसने देखा कि उसकी रेहड़ी से आइसक्रीम का सामान और करीब 500 रुपये नकद गायब थे। चोरी की बात बताते हुए वह इमोशनल हो गया। व्यक्ति को इस बात की चिंता थी कि अब वह अपने परिवार और बच्चों के लिए खाने का इंतजाम कैसे करेगा।

आइसक्रीम बेचने वाले की मदद की

दुकानदार की परेशानी देखकर पंकज गोगोई ने तुरंत उसकी मदद करने का फैसला किया। सबसे पहले उन्होंने उसके लिए खाना खरीदा, ताकि उसे तुरंत राहत मिल सके। इसके बाद वह उसे पास की किराने की दुकान पर ले गए और चावल, दूध, बिस्कुट समेत रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदकर दिया। उनके इस मददगार कदम की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है। वीडियो के आखिर में पंकज गोगोई ने इस चोरी की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि मेहनत और ईमानदारी से कमाने वाले व्यक्ति को निशाना बनाना बेहद गलत है। ऐसे लोगों के साथ इंसानियत का व्यवहार होना चाहिए।

 

यूजर ने किया कमेंट

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों का कहना है कि मुश्किल समय में की गई छोटी-सी मदद भी किसी की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकती है। एक यूजर ने लिखा,”आइसक्रीम बेचकर 500 रुपये कमाना आसान नहीं है। शायद यह उसकी पूरे दिन की कमाई रही होगी। उसकी मदद करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।” एक और यूजर ने कमेंट किया, “भाई, तुम्हारे इस काम के लिए दिल से सम्मान। आइए, हम सब एक-दूसरे के प्रति दयालु रहें और ऐसे अच्छे काम करते रहें।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “कुछ लोगों को यह समझ नहीं आता कि उनके किए गए काम से किसी दूसरे की ज़िंदगी पर कितना बुरा असर पड़ सकता है। ये लोग पूरे दिन कड़ी धूप में मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। कृपया उनकी मेहनत पर पानी मत फेरिए और इंसानियत दिखाइए।”

Kanwar Yatra 2026: कांवड़ यात्रा से पहले सख्ती, DJ, हथियार और नॉन-वेज पर रोक, जानें नए नियम और ट्रैफिक एडवाइजरी

Kanwar Yatra 2026: 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा से पहले, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के बॉर्डर वाले जिलों की पुलिस ने तीर्थ मार्गों पर बहुत बड़े DJ सेटअप, हथियारों और मांसाहारी दुकानों पर रोक लगा दी है। इसी बीच, मेरठ के NH-58 पर नए डायवर्जन के कारण संकरे हस्तिनापुर-चांदपुर मार्ग पर घंटों लंबे जाम की स्थिति बन गई है।

बता दें कि यह धार्मिक यात्रा 30 जुलाई से शुरू होकर 11 अगस्त को श्रावण शिवरात्रि तक चलती है। इसमें लाखों कांवड़िये पैदल या गाड़ियों से हरिद्वार और गंगोत्री जैसी जगहों पर गंगाजल लेने जाते हैं और फिर वापस आकर उसे स्थानीय शिव मंदिरों में चढ़ाते हैं।

वहीं, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़, बागपत, आगरा और दिल्ली से सटे जिलों की पुलिस ने कई इंतजाम किए हैं। इनमें रूट डायवर्जन, अलग पार्किंग जोन और भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक शामिल है। इसके अलावा, कांवड़ यात्रा मार्गों पर मौजूद खाने-पीने की दुकानों और रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा जांच भी की जा रही है।

इस साल क्या करें और क्या न करें?

क्या करें (Do’s)क्या न करें (Don’ts)
यात्रा के दौरान हमेशा अपना पहचान पत्र (ID Proof) साथ रखें।हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडा, तलवार या किसी भी तरह का हथियार साथ न रखें।
केवल प्रशासन द्वारा तय कांवड़ मार्ग का ही इस्तेमाल करें।दोपहिया वाहन पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल न करें।
बागपत: कांवड़/DJ की ऊंचाई 10 फीट, चौड़ाई 12 फीट से कम रखें और आवाज 75 डेसिबल से ज्यादा न हो।कांवड़ मार्ग के भोजनालयों में नॉन-वेज, प्याज और लहसुन का सेवन या परोसना प्रतिबंधित है।
आगरा: कांवड़ की ऊंचाई 12 फीट से कम रखें और DJ तय मानकों के अनुसार ही बजाएं।कांवड़ मार्ग और मंदिरों के आसपास मांस की दुकानें बंद रहेंगी।
शिविर (कैंप) आयोजक CCTV, अग्नि सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करें।ढाबों और होटल में खाना या पानी खरीदने से पहले रेट लिस्ट जरूर देखें, तय कीमत से ज्यादा भुगतान न करें।

अलग-अलग शहरों में DJ और कांवड़ की ऊंचाई को लेकर क्या नियम हैं?

बागपत पुलिस ने कांवड़ और DJ सेटअप की ऊंचाई 10 फीट और चौड़ाई 12 फीट तक सीमित कर दी है, साथ ही DJ और दूसरे सिस्टम के लिए आवाज का लेवल 75 डेसिबल तक ही रखने का नियम बनाया है। हथियार – जैसे हॉकी स्टिक, बेसबॉल बैट, डंडे या तलवार लेकर कांवड़ ले जाने की इजाजत नहीं होगी, और दो-पहिया वाहनों पर मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न लगाने पर भी रोक लगा दी गई है।

आगरा में, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई एक अलग कोऑर्डिनेशन मीटिंग में कांवड़ की ऊंचाई की सीमा 12 फीट तय की गई और DJ की आवाज तय नियमों के दायरे में रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में कांवड़ रूट और मंदिरों के आस-पास मीट की दुकानें पूरी तरह बंद रखने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, खाद्य विभाग की टीमें ढाबों और होटलों की जांच करेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि वहां रेट लिस्ट लगी हो।

कहां लग रहा है सबसे ज्यादा जाम?

फिलहाल, सबसे ज्यादा बुरा हाल मेरठ के पास हस्तिनापुर-चांदपुर रास्ते का है। 28 जुलाई से 10 अगस्त के बीच NH-58 पर भारी गाड़ियों के चलने पर रोक होने के कारण, ट्रकों को हस्तिनापुर के खादर (नदी के किनारे वाले इलाके) से होकर इस संकरी सड़क पर भेजा जा रहा है। इससे गाड़ियों की लंबी लाइनें लग रही हैं और दिन भर लगभग लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह रास्ता पहले से ही खराब हालत में था। अब कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़े ट्रैफिक ने परेशानी और बढ़ा दी है।

लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की है, क्योंकि स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान और व्यापारी घंटों तक जाम में फंसे रहते हैं।

किन शहरों में लागू किए गए हैं रूट डायवर्जन?

शहर/मार्गक्या बदलाव किए गए हैं?
मेरठ (NH-58)28 जुलाई से 10 अगस्त तक भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। ट्रकों को हस्तिनापुर खादर-चांदपुर मार्ग से भेजा जाएगा, जिससे इस रूट पर जाम की स्थिति बन सकती है।
मुजफ्फरनगर (NH-58)29 जुलाई की मध्यरात्रि से 12 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। 4 अगस्त तक हाईवे की एक लेन कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी, जबकि उसके बाद दोनों लेन कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रहेंगी।
हरिद्वारसहारनपुर, दिल्ली, मेरठ और यमुनानगर से आने वाले वाहनों को मंडावर और डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम चौक होते हुए बैरागी कैंप पार्किंग की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
देहरादून-ऋषिकेश मार्गवाहनों को नेपाली तिराहा और दूधाधारी फ्लाईओवर के रास्ते चमगादड़ टापू और लालजीवाला पार्किंग भेजा जाएगा। वहीं, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।
दिल्ली से सटे जिलेमेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और गौतम बुद्ध नगर पुलिस के साथ संयुक्त समन्वय किया गया है। रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त इमरजेंसी पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है।

रास्ते में खाने-पीने की जगहों के लिए क्या नियम हैं?

अधिकारियों के मुताबिक, फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने यात्रा के रास्तों पर पड़ने वाले होटलों और ढाबों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, अकेले हापुड़ में ही ऐसे लगभग 130 होटल और ढाबे हैं।

मुजफ्फरनगर में, असिस्टेंट कमिश्नर (फूड) अर्चना धीरन ने PTI को बताया कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों में नॉन-वेज खाना, प्याज और लहसुन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि यह नियम हर साल लागू किया जाता है और छह टीमें बासी खाने की जांच करती हैं।

इसके अलावा, यात्रियों से अधिक कीमत न वसूला जाए इसके लिए 21 जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम भी तय कर दिए हैं। साथ ही, खाने-पीने की जगहों पर मालिक की जानकारी, लाइसेंस और फूड-सेफ्टी QR कोड दिखाना जरूरी होगा। वहीं, खाना बनाने वाले कर्मचारियों के लिए दस्ताने (ग्लव्स) पहनना भी अनिवार्य किया गया है।

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NEET Protest: सरकार से बातचीत के बाद CJP का बयान- ‘किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा’

NEET Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि उसे सरकार के प्रतिनिधियों से नया आश्वासन मिला है। इसके अनुसार, आने वाले समय में बीजेपी/NDA शासित कुछ और राज्य NEET-UG प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। यह जानकारी उस समय सामने आई, जब इससे कुछ घंटे पहले CJP ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हुए “समझौते के उल्लंघन” के विरोध में दोबारा सड़कों पर उतर सकता है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिहार और असम सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन की कॉपी दिखाई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केंद्र और बीजेपी/NDA शासित दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है।

सौरभ दास ने कहा, “उम्मीद है कि जो भाषा और शर्तें तय हुई हैं, उन्हें ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी एक साथ हैं।”

सोमवार को CJP ने दी थी सख्त चेतावनी

यह देर रात किया गया पोस्ट CJP की ओर से सोमवार को दी गई सख्त चेतावनी के बाद आया। उस समय CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को अभी भी गिरफ्तारी, निगरानी और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

आशुतोष रांका ने कहा, “हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने के समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली में वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है या परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने सभी FIR तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और इस बात की गारंटी देने की मांग की कि कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन फिर से अपना विरोध शुरू कर देगा।

जल्द जारी होंगे अन्य राज्यों में नोटिफिकेशन

वहीं, सौरव दास ने कहा कि CJP के लोगों ने चिंता जताई थी कि बातचीत के दौरान दिए गए आश्वासनों को शायद जमीनी स्तर पर लागू न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार के गृह विभाग का नोटिफिकेशन दिखाकर जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही दूसरी जगहों पर भी ऐसी ही गारंटी जारी की जाएगी।

सौरव दास ने कहा, “सरकार ने गारंटी दी है कि अलग-अलग राज्यों में हमारी चिंताओं को दूर करने वाले नोटिफिकेशन कल तक जारी कर दिए जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे। भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन को एक अलग आश्वासन मिला है कि राजस्थान में अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।

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IRCTC का ये है धमाकेदार पैकेज, जहां पहाड़ों में और प्रकृति में बिताएं सुख भरे पल!

क्या आप भी भीड़भाड़, ट्रैफिक और रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ दिनों की राहत चाहते हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट (North-East) की वादियां (valleys) आपका इंतजार कर रही हैं। ऊंचे पहाड़, हरियाली, शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर यह क्षेत्र सुकून भरी छुट्टियां बिताने के लिए बेहतरीन माना जाता है। ऐसे में IRCTC ने ट्रैवलर के लिए एक खास फ्लाइट टूर पैकेज (flight tour package) लॉन्च किया है, जिससे इस खूबसूरत सफर की प्लानिंग करना और भी आसान हो गया है:

 

 

इन जगहों को करें एक्सप्लोर

IRCTC के अरुणोदय अरुणाचल (Arunoday Arunachal) फ्लाइट टूर पैकेज (flight tour package) में आपको असम (Assam) और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की कई खूबसूरत जगहें घूमने का मौका मिलेगा। इस जर्नी के दौरान प्रकृति, संस्कृति और पहाड़ों का शानदार संगम देखने को मिलेगा।

 

Tawang (तवांग): बर्फ से ढके पहाड़, विशाल बौद्ध मठ और मनमोहक नजारों की वजह से तवांग नॉर्थ-ईस्ट के सबसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में गिना जाता है।Tawang Wallpapers - Wallpaper Cave

Tezpur (तेजपुर): ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) के किनारे बसा यह शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।90+ Tezpur Assam Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

Dirang (दिरांग): अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों में बसा यह छोटा-सा शहर हरियाली, ठंडे मौसम और शांत वातावरण के लिए मशहूर है।170+ Dirang Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

Guwahati (गुवाहाटी): असम की राजधानी और नॉर्थ-ईस्ट का प्रमुख शहर, जहां से इस यादगार सफर की शुरुआत होगी।Guwahati | India, Map, History, & Facts | Britannica

इस टूर पैकेज को क्यों बनाएं अपनी पसंद?

अगर आप छुट्टियों (holiday) में सुकून, प्राकृतिक खूबसूरती और रोमांच तीनों का मजा लेना चाहते हैं, तो यह टूर पैकेज बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है।

अनछुई नेचुरल ब्यूटी: हरियाली, झरने, साफ हवा और शांत माहौल आपको शहर की भागदौड़ से दूर पूरी तरह तरोताजा कर देंगे।Assam Wallpapers - Top Free Assam Backgrounds - WallpaperAccess

 

हिमालय (Himalayan) के शानदार नजारे: बर्फ से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और बादलों से घिरे पहाड़ इस सफर को और भी यादगार बना देंगे।

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प्राचीन बौद्ध मठों का एक्सपीरियंस: तवांग (Tawang) और आसपास के प्रसिद्ध मठों में आपको आध्यात्मिक माहौल और शांति का यूनिक एक्सपीरियंस मिलेगा।

This may contain: a river running through a lush green hillside next to tall yellow buildings with red roofs

 

रोमांच से भरपूर पहाड़ी रास्ते: घुमावदार पहाड़ी सड़कें और ऊंचे दर्रे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए खास अट्रैक्शन होंगे।This may contain: an empty road surrounded by trees and mountains in the distance with fog rolling over them

कितना होगा खर्च?

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IRCTC के ‘अरुणोदय अरुणाचल’ फ्लाइट टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹53,500 प्रति व्यक्ति रखी गई है। इस पैकेज में ट्रैवल से जुड़ी कई सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आपको अलग-अलग बुकिंग (booking) की चिंता नहीं करनी पड़ती। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट की खूबसूरत वादियों में यादगार छुट्टियां (holiday) बिताना चाहते हैं, तो यह पैकेज (package) एक शानदार ऑप्शन साबित हो सकता है।

असम में बाढ़ का कहर, एक दिन में 10 लोगों की मौत, 6.53 लाख से ज्यादा लोग हुए प्रभावित

Assam Flood Update: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बुधवार को राज्य के 11 जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिला, जिससे करीब 6.53 लाख लोग प्रभावित हुए और एक ही दिन में 10 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात में जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, मंगलवार आधी रात से लेकर 24 घंटों के भीतर बाढ़ के कारण 10 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही, इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 41 हो गई है। इससे पहले गुवाहाटी में एक व्यक्ति की मौत हुई थी।

प्राधिकरण ने बताया कि शिवसागर और जोरहाट जिलों में तीन-तीन लोगों की मौत हुई, जबकि चराइदेव में दो और कार्बी आंगलोंग तथा धेमाजी में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।

अगले चार दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों से किसी भी आपदा के लिए तैयार रहने को कहा। साथ ही, विभाग ने अगले चार दिनों के लिए ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया है, क्योंकि कुछ जगहों पर आंधी-तूफान, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 11 जिलों में 6,53,100 से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इनमें शिवसागर, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजाई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग और नगांव जिले शामिल हैं।

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित शिवसागर जिला है, जहां करीब 4 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, चराइदेव में लगभग 1.11 लाख लोग और जोरहाट में 97 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं।

मंगलवार तक राज्य के 12 जिलों में करीब 5.65 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, असम में 939 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 24,897.27 हेक्टेयर खेती की जमीन को नुकसान पहुंचा है।

राज्य प्रशासन बचाव कार्य में जुटा

ASDMA ने बताया कि राज्य प्रशासन 10 जिलों में 487 शेल्टर और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां 24,418 लोगों की देखभाल की जा रही है।

इसमें आगे कहा गया कि सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और सिविल एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग और शिवसागर से 8,500 से ज्यादा लोगों को बचाया है।

ASDMA ने आगे बताया कि खोवांग में बुरीदिहिंग नदी, शिवसागर में दिखौ नदी, नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, नांगलमुराघाट में दिसांग नदी का जलस्तर अब तक के सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर से ऊपर पहुंच गया है।

Assam Flood: असम में बाढ़ के हालात गंभीर! 5.65 लाख लोग प्रभावित, अब तक 31 लोगों की मौत

Assam Flood: असम में लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में आने से बुधवार (22 जुलाई) को 21 और लोगों की मौत हो गई। जबकि लगभग 5.65 लाख लोग इससे प्रभावित हुए है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की मंगलवार मध्यरात्रि को जारी बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के विश्वनाथ, चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, जोरहाट, कामरूप, कामरूप महानगर, कार्बी आंगलोंग, नागांव, शिवसागर और तिनसुकिया जिलों में बाढ़ से 5,64,600 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान शिवसागर जिले में चार महिलाओं और दो बच्चों समेत 13 लोगों की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। इसके अलावा चराइदेव में दो बच्चों समेत पांच, गोलाघाट में दो और जोरहाट में एक महिला की जान चली गई। इन मौतों के साथ ही इस साल राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 31 हो गई है।

‘येलो अलर्ट’ जारी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने असम के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले चार दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार, ‘येलो अलर्ट’ का अर्थ सतर्क रहने और स्थिति से संबंधित अद्यतन जानकारी पर नजर बनाए रखना है। शिवसागर बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित जिला है, जहां करीब 3.6 लाख लोग प्रभावित हैं। इसके बाद जोरहाट में लगभग 88,000 और चराइदेव में 72,500 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

6000 लोगों को बचाया गया

राज्य में बाढ़ की स्थिति सोमवार रात की तुलना में और खराब हुई है। सोमवार रात तक 15 जिलों में लगभग 3.63 लाख लोग प्रभावित थे। रिपोर्ट के अनुसार, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, पुलिस और अन्य नागरिक एजेंसियों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर के विभिन्न इलाकों से 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है।

10 जिलों में राहत कैंप

ASDMA ने बताया कि प्रशासन 10 ज़िलों में 273 राहत कैंप और राहत वितरण केंद्र चला रहा है, जहां अभी 12,284 विस्थापित लोगों की देखभाल की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना, NDRF, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, पुलिस और सिविल एजेंसियों जैसे कई विभागों ने चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर के अलग-अलग इलाकों से 6,000 से ज्यादा लोगों को बचाया है।

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अथॉरिटी ने पिछले 24 घंटों में बाढ़ पीड़ितों के बीच 5,011.07 क्विंटल चावल, 956.53 क्विंटल दाल, 265.18 क्विंटल नमक और 20,115.42 लीटर सरसों का तेल बांटा है। ASDMA ने बताया कि अभी 872 गांव पानी में डूबे हुए हैं। पूरे असम में 24,210.35 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। राज्य के अलग-अलग जिलों में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुए हैं।

Benefits of up to Rs 1.25 lakh on Renault Kiger in July 2026

Benefits of up to Rs 1.25 lakh on Renault Kiger this July 2026

Renault has revealed July 2026 offers on its models, including the Kiger, Triber and Kwid. While the flagship Renault Duster is yet to witness any official offers, the maximum benefits are available on the Kiger. Let us take a look at the model-wise offer breakdown for all Renault models in India for the month of July 2026. 

Note: The mentioned offers are applicable till July 31 and may vary by city, dealership and stock availability. Please check with your nearest Renault dealership for the exact figures.

Renault Kiger July 2026 offers

Benefits of up to Rs 1.25 lakh

The Kiger carries the highest benefits of up to Rs 1.25 lakh for a Renault car in July 2026. The maximum benefits are available for customers based in Kerala: a cash discount of Rs 50,000, an exchange bonus of up to Rs 50,000, scrappage benefits of up to Rs 25,000, and loyalty benefits of up to Rs 18,000. In Gujarat, the cash discount and exchange benefits drop to Rs 30,000 and up to Rs 40,000, respectively. Customers from other states can avail a Rs 20,000 cash discount, exchange benefits of up to Rs 25,000, and scrappage, loyalty and referral benefits.

The Renault Kiger is priced from Rs 5.81 lakh to Rs 10.35 lakh, and it rivals compact SUVs like the Maruti Suzuki Brezza, Kia Sonet, Hyundai Venue, Skoda Kylaq and Tata Nexon. 

Renault Triber July 2026 offers

Benefits of up to Rs 60,000

Like the Kiger, the highest offers of up to Rs 60,000 on select Triber variants are available for customers in Kerala. These include a cash discount of Rs 30,000 and an exchange benefit of up to Rs 30,000. Customers in Gujarat can avail offers of up to Rs 45,000, including a cash discount of Rs 25,000 and an exchange bonus of up to Rs 25,000. Customers from other states can avail benefits of up to Rs 30,000 only, including a cash discount of Rs 15,000 and an exchange bonus of Rs 15,000. Renault is also offering loyalty bonuses, corporate offers and rural benefits to eligible customers.

The Renault Triber is priced from Rs 5.81 lakh to Rs 8.48 lakh and locks horns with the Nissan Gravite, while being an affordable alternative to the larger Maruti Ertiga, Toyota Rumion and Kia Carens.

Renault Kwid July 2026 offers

Benefits of up to Rs 15,000

In July 2026, the 2026 Renault Kwid is available with cash discounts of up to Rs 15,000 across select Indian states, which do not include Kerala, Assam, Karnataka, Odisha, Uttarakhand, Telangana, Chhattisgarh, Arunachal Pradesh, and Andhra Pradesh. The older version of the Kwid is available with a cash discount of up to Rs 30,000, depending on the location.

The Renault Kwid is priced from Rs 4.53 lakh to Rs 5.61 lakh. It rivals the Maruti Suzuki Alto K10, Maruti Suzuki S-Presso and Tata Tiago.

Prices are ex-showroom, India.