Silk Route (सिल्क रूट का यूनिक एक्सपीरियंस)
Nako Village (नाको गांव में मिलेगा हिमालय का अलग रूप)
![]()
adventure and tranquility (एडवेंचर और सुकून का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)
Silk Route (सिल्क रूट का यूनिक एक्सपीरियंस)
Nako Village (नाको गांव में मिलेगा हिमालय का अलग रूप)
![]()
adventure and tranquility (एडवेंचर और सुकून का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)
क्या आप भी भीड़भाड़, ट्रैफिक और रोजमर्रा की भागदौड़ से कुछ दिनों की राहत चाहते हैं, तो नॉर्थ-ईस्ट (North-East) की वादियां (valleys) आपका इंतजार कर रही हैं। ऊंचे पहाड़, हरियाली, शांत माहौल और प्राकृतिक खूबसूरती से भरपूर यह क्षेत्र सुकून भरी छुट्टियां बिताने के लिए बेहतरीन माना जाता है। ऐसे में IRCTC ने ट्रैवलर के लिए एक खास फ्लाइट टूर पैकेज (flight tour package) लॉन्च किया है, जिससे इस खूबसूरत सफर की प्लानिंग करना और भी आसान हो गया है:
इन जगहों को करें एक्सप्लोर
IRCTC के अरुणोदय अरुणाचल (Arunoday Arunachal) फ्लाइट टूर पैकेज (flight tour package) में आपको असम (Assam) और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) की कई खूबसूरत जगहें घूमने का मौका मिलेगा। इस जर्नी के दौरान प्रकृति, संस्कृति और पहाड़ों का शानदार संगम देखने को मिलेगा।
Tawang (तवांग): बर्फ से ढके पहाड़, विशाल बौद्ध मठ और मनमोहक नजारों की वजह से तवांग नॉर्थ-ईस्ट के सबसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में गिना जाता है।
Tezpur (तेजपुर): ब्रह्मपुत्र नदी (Brahmaputra River) के किनारे बसा यह शहर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, शांत माहौल और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता है।
Dirang (दिरांग): अरुणाचल प्रदेश की खूबसूरत घाटियों में बसा यह छोटा-सा शहर हरियाली, ठंडे मौसम और शांत वातावरण के लिए मशहूर है।
Guwahati (गुवाहाटी): असम की राजधानी और नॉर्थ-ईस्ट का प्रमुख शहर, जहां से इस यादगार सफर की शुरुआत होगी।
इस टूर पैकेज को क्यों बनाएं अपनी पसंद?
अगर आप छुट्टियों (holiday) में सुकून, प्राकृतिक खूबसूरती और रोमांच तीनों का मजा लेना चाहते हैं, तो यह टूर पैकेज बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है।
अनछुई नेचुरल ब्यूटी: हरियाली, झरने, साफ हवा और शांत माहौल आपको शहर की भागदौड़ से दूर पूरी तरह तरोताजा कर देंगे।
हिमालय (Himalayan) के शानदार नजारे: बर्फ से ढकी चोटियां, गहरी घाटियां और बादलों से घिरे पहाड़ इस सफर को और भी यादगार बना देंगे।

प्राचीन बौद्ध मठों का एक्सपीरियंस: तवांग (Tawang) और आसपास के प्रसिद्ध मठों में आपको आध्यात्मिक माहौल और शांति का यूनिक एक्सपीरियंस मिलेगा।

रोमांच से भरपूर पहाड़ी रास्ते: घुमावदार पहाड़ी सड़कें और ऊंचे दर्रे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए खास अट्रैक्शन होंगे।
कितना होगा खर्च?

IRCTC के ‘अरुणोदय अरुणाचल’ फ्लाइट टूर पैकेज की शुरुआती कीमत ₹53,500 प्रति व्यक्ति रखी गई है। इस पैकेज में ट्रैवल से जुड़ी कई सुविधाएं शामिल हैं, जिससे आपको अलग-अलग बुकिंग (booking) की चिंता नहीं करनी पड़ती। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट की खूबसूरत वादियों में यादगार छुट्टियां (holiday) बिताना चाहते हैं, तो यह पैकेज (package) एक शानदार ऑप्शन साबित हो सकता है।
भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है, जहां कई प्राचीन मंदिर पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बने हुए हैं। इन मंदिरों तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन भक्त कठिन रास्तों को पार करके भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पहाड़ों की शांति और सुंदर वातावरण इन मंदिरों की खासियत को और बढ़ा देते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिरों के बारे में, जहां आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है:
आदि बद्री मंदिर – शांत वातावरण में बसा प्राचीन धाम

उत्तराखंड में स्थित आदि बद्री मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर सरस्वती नदी के उद्गम क्षेत्र के पास स्थित है। यहां पहुंचने का रास्ता आसान नहीं है और भक्तों को कुछ दूरी पैदल चलकर तय करनी पड़ती है। पहाड़ों के बीच बसे इस मंदिर की यात्रा श्रद्धा, धैर्य और प्रकृति के करीब जाने का अनुभव देती है। यहां का शांत वातावरण मन को सुकून और आध्यात्मिक शांति का एहसास कराता है।
मध्यमहेश्वर मंदिर – कठिन रास्तों के बीच आस्था का केंद्र
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित मध्यमहेश्वर मंदिर पंच केदारों में से एक है। यह मंदिर हिमालय की ऊंची पहाड़ियों और सुंदर घाटियों के बीच स्थित है। यहां तक पहुंचने के लिए लंबी पैदल यात्रा करनी पड़ती है, क्योंकि सड़क मार्ग सीधे मंदिर तक नहीं पहुंचता। कठिन चढ़ाई के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। यह यात्रा धैर्य, भक्ति और मजबूत इच्छाशक्ति की मिसाल मानी जाती है।
तुंगनाथ मंदिर – दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर

उत्तराखंड में स्थित तुंगनाथ मंदिर को दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर माना जाता है। यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर चंद्रशिला पर्वत के पास स्थित है। यहां पहुंचने के लिए भक्तों को ऊबड़-खाबड़ और चढ़ाई वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है। बादलों और पहाड़ों के बीच स्थित यह मंदिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। तुंगनाथ की यात्रा भक्तों को धैर्य और आत्मविश्वास का संदेश देती है।
वैष्णो देवी मंदिर – आस्था और विश्वास की कठिन यात्रा
जम्मू-कश्मीर के कटरा में मां वैष्णो देवी मंदिर त्रिकूट पर्वत पर करीब 5,200 फीट की ऊंचाई पर बना है। माता रानी के दर्शन के लिए भक्तों को कठिन चढ़ाई और लंबी यात्रा पूरी करनी पड़ती है। रास्ते में कई मुश्किलों के बावजूद श्रद्धालु पूरे विश्वास और भक्ति के साथ आगे बढ़ते हैं। मान्यता है कि मां वैष्णो देवी के दर्शन करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
केदारनाथ मंदिर – हिमालय की गोद में शिव का पवित्र धाम

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर हिमालय की बर्फीली चोटियों के बीच स्थित है। यहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को कठिन पैदल यात्रा करनी पड़ती है, क्योंकि मंदिर तक सीधा सड़क मार्ग नहीं है। खराब मौसम और कठिन रास्तों के बावजूद भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। केदारनाथ की यात्रा धैर्य, विश्वास और अटूट भक्ति का प्रतीक मानी जाती है।

जैसलमेर-सुनहरी रेगिस्तान नगरी

हम्पी-पुरानी खंडहर नगरी

स्पीति घाटी-बर्फीला रेगिस्तान

पुडुचेरी-फ्रेंच कोस्टल शांति

लेह-हिमालय का जादुई स्वर्ग








यहां की सबसे खास बात यह है कि अभी भी यह जगह बड़े पैमाने पर टूरिस्ट से अछूती है। आप यहां ट्रेकिंग, स्थानीय जनजातीय संस्कृति को जानने और शांत वातावरण का आनंद ले सकते हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय घाटी का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है। 2 दिन ट्रिप के लिए दिल्ली से Dibrugarh या Guwahati के लिए फ्लाइट लें। वहां से Aalo तक सड़क मार्ग और फिर टैक्सी से मेचुका पहुंचा जा सकता है।




यहां आप समुद्र किनारे आराम कर सकते हैं, बीच ट्रेकिंग कर सकते हैं और लोकल कर्नाटक संस्कृति को करीब से महसूस कर सकते हैं। जो लोग भीड़भाड़ से दूर समुद्री छुट्टियां बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह शानदार ऑप्शन है। लगभग 6–8 घंटे (फ्लाइट + रोड) ट्रिप के लिए दिल्ली से Goa या Hubballi तक फ्लाइट लें। वहां से टैक्सी या ट्रेन द्वारा गोकर्ण पहुंचा जा सकता है।
मानसून के दौरान मांडू की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। बादलों से घिरे महल और हरियाली से ढके खंडहर इसे बेहद आकर्षक बनाते हैं। इतिहास प्रेमियों के लिए यह किसी खजाने से कम नहीं है। इंदौर से लगभग 100 किमी दिल्ली से Indore तक फ्लाइट या ट्रेन लें। इंदौर से मांडू लगभग 2–3 घंटे की सड़क यात्रा पर है।

यहां आप ट्रेकिंग, बोटिंग और प्रकृति की गोद में समय बिता सकते हैं। शांत वातावरण और कम भीड़ इसे परिवारों और कपल्स के लिए आइडियल डेस्टिनेशन बनाती है। लगभग 5–7 घंटे (फ्लाइट + रोड) ट्रिप के लिए दिल्ली से Salem या Chennai के लिए फ्लाइट लें। सलेम से यरकौड लगभग 30 किमी दूर है और टैक्सी आसानी से मिल जाती है।
क्यों हैं ये जगहें खास?
इन सभी जगहों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां आपको भीड़भाड़ वाले टूरिस्ट डेस्टिनेशन से ज्यादा शांति, स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता का एक्सपीरियंस मिलता है। ये स्थान अभी भी बड़े पैमाने पर सोशल मीडिया ट्रेंड्स से दूर हैं, इसलिए यहां का माहौल ज्यादा सुकून भरा महसूस होता है।