एक ट्रेन, कई खूबसूरत मंजिलें! वंदे भारत से बनाएं परफेक्ट वीकेंड प्लान

वीकेंड पर आप दिल्ली की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करके कम समय में एक अच्छी छोटी ट्रिप का मजा लिया जा सकता है। ट्रेन का आरामदायक सफर आपका समय भी बचाता है और सफर की थकान भी कम करता है।

कम दिनों की छुट्टी में ऐसी जगह चुनना सही रहता है, जहां घूमने के लिए ज्यादा समय मिले और सफर में पूरा दिन न निकल जाए। वीकेंड ट्रिप के लिए ट्रेन से ट्रिप करना इसलिए भी अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि आप आराम से सफर करते हुए अपने परिवार या दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

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1. चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा

वीकेंड में कम समय में घूमने के लिए चंडीगढ़ एक अच्छा ऑप्शन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की वीकेंड ट्रिप के लिए 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुविधाजनक ऑप्शन है। ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 5:50 बजे चलकर करीब 2 घंटे 48 मिनट में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) सुबह 8:38 बजे पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹855 और Executive Chair Car का करीब ₹1,585 है। एक दिन की ट्रिप में सुबह रॉक गार्डन और रोज गार्डन घूमने के बाद सुखना झील घूम सकते हैं। शाम को झील के आसपास समय बिताने के बाद सेक्टर-17 मार्केट में शॉपिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। अगर 2 दिन का समय है, तो दूसरे दिन कैपिटल कॉम्प्लेक्स और शहर के आसपास की जगहें देख सकते हैं।

 

2. देहरादून, उत्तराखंड

पहाड़ों और हरियाली के बीच छोटा-सा ब्रेक लेना चाहते हैं तो देहरादून का प्लान बनाया जा सकता है। देहरादून जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 22457 दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से शाम 5:50 बजे चलती है और करीब 4 घंटे 45 मिनट में रात 10:35 बजे देहरादून (DDN) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,075 और Executive Chair Car का करीब ₹1,900 है। शहर में एक दिन हो तो रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आसानी से घूमे जा सकते हैं। शाम को किसी लोकल कैफे में बैठकर देहरादून का माहौल एंजॉय करें। दो दिन मिल रहे हों तो अगले दिन मसूरी की ओर निकलना बेहतर रहेगा।

 

3. अजमेर, राजस्थान

अगर वीकेंड पर धार्मिक स्थलों के साथ राजस्थान की संस्कृति देखना चाहते हैं, तो अजमेर को चुन सकते हैं। दिल्ली से अजमेर जाने के लिए वंदे भारत का रूट जयपुर होते हुए अजमेर तक जाता है। इस यात्रा में करीब 5 घंटे 15 मिनट लगते हैं और AC Chair Car का किराया लगभग ₹1,150 से शुरू होने की जानकारी अवेलेबल है। स्टेशन पहुंचने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह से घूमने की शुरुआत करें और फिर अढ़ाई दिन का झोपड़ा देखा जा सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में आना सागर झील के आसपास वक्त बिताएं और शाम को स्थानीय बाजार में राजस्थानी मिठाइयों और खाने का स्वाद लें। दो दिन का प्लान है तो अगले दिन अजमेर से पुष्कर जाकर पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर घूम सकते हैं।

 

4. वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी की यात्रा बाकी जगहों से थोड़ी लंबी है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के लिए यह खास डेस्टिनेशन है। वाराणसी के लिए 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 6:00 बजे चलती है और करीब 8 घंटे में दोपहर 2:00 बजे वाराणसी जंक्शन (BSB) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,835 और Executive Chair Car का करीब ₹3,385 है। यहां एक दिन का समय हो तो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को प्राथमिकता दें। शाम होते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखना न भूलें। पुरानी गलियों में घूमकर बनारसी खान-पान का स्वाद भी लिया जा सकता है।

 

5. जयपुर, राजस्थान

शाही महलों, किलों और बाजारों से भरी जयपुर की यात्रा दिल्ली से वीकेंड पर आसानी से की जा सकती है। जयपुर के लिए दिल्ली से वंदे भारत की ट्रिप करीब 3 घंटे 37 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। मौजूदा शेड्यूल में एक वंदे भारत दिल्ली कैंट (DEC) से दोपहर 3:10 बजे चलकर शाम 7:00 बजे जयपुर जंक्शन (JP) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹835 और Executive Chair Car का करीब ₹1,610 है। दूसरी वंदे भारत दिल्ली कैंट से शाम 6:28 बजे चलकर रात 10:05 बजे जयपुर पहुंचती है। एक दिन में आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर को कवर किया जा सकता है। घूमने के बाद शाम का समय जौहरी बाजार या बापू बाजार में शॉपिंग के लिए रखें और दाल बाटी चूरमा, प्याज कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें।

इन पहाड़ों में मिलेगा ऐसा सुकून, शिमला-मसूरी की भीड़ भी भूल जाएंगे!

उत्तर भारत के पहाड़ों में छुट्टियां बिताने का नाम आते ही सबसे पहले शिमला, मसूरी और नैनीताल जैसी जगहों का ख्याल आता है। इन जगहों की खूबसूरती देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन छुट्टियों के समय यहां बढ़ती भीड़, ट्रैफिक और महंगे होटल कई बार सफर का मजा थोड़ा कम कर देते हैं। ऐसे में यदि आप शोर-शराबे से दूर किसी शांत पहाड़ी जगह पर कुछ दिन सुकून से बिताना चाहते हैं, तो कुछ कम मशहूर जगहों की ट्रिप कर सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई ऐसे छोटे-छोटे पहाड़ी ठिकाने हैं, जहां प्रकृति की खूबसूरती के साथ आपको शांत माहौल भी मिलेगा। यहां देवदार और चीड़ के जंगल, ठंडी हवा, पहाड़ों के सुंदर नजारे और आराम से समय बिताने का मौका मिलता है।

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शोजा, हिमाचल प्रदेश

जिभी के पास बसा शोजा एक शांत और खूबसूरत पहाड़ी गांव है। यहां चारों तरफ घने जंगल, लकड़ी के बने घर और सुंदर पहाड़ी रास्ते देखने को मिलते हैं। यहां बड़े टूरिस्ट सेंटर जैसी भीड़ नहीं होती, इसलिए आप आराम से घूमने का मजा ले सकते हैं। शोजा में रहकर आप शांत माहौल का मजा ले सकते हैं और साथ ही जिभी के कैफे व आसपास की मशहूर जगहों पर भी घूम सकते हैं।

 

 

 

मशोबरा, हिमाचल प्रदेश

शिमला से करीब 11 किलोमीटर दूर मशोबरा उन लोगों के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है, जो शिमला के पास रहकर भी भीड़ से बचना चाहते हैं। यहां देवदार और चीड़ के पेड़ों से घिरे रास्ते और शांत माहौल आपको काफी सुकून देंगे। यहां पुराने समय की खूबसूरत बिल्डिंग और आरामदायक रहने की जगहें भी मिलती हैं। पहाड़ों में शांति से समय बिताने के लिए मशोबरा एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

 

 

 

पंगोट, उत्तराखंड

नैनीताल से करीब 15 किलोमीटर दूर पंगोट एक छोटा और शांत पहाड़ी गांव है। यहां आपको भीड़भाड़ वाले मार्केट की जगह हरे-भरे जंगल और पहाड़ों के सुंदर नजारे देखने को मिलेंगे। यह जगह पक्षी देखने के शौकीन लोगों को पसंद आती है। यहां जंगल की पगडंडियों पर घूमने, पहाड़ों को देखने और शांत होमस्टे में रहने का अलग ही एक्सपीरियंस मिलता है। प्रकृति के करीब कुछ दिन बिताने के लिए पंगोट अच्छा डेस्टिनेशन है।

लैंडोर, उत्तराखंड

मसूरी से करीब 5 किलोमीटर दूर लैंडोर एक शांत और खूबसूरत जगह है। यहां पुराने घर, चीड़ के पेड़ों से घिरी सड़कें और पहाड़ों के सुंदर नजारे देखने को मिलते हैं। यहां छोटे कैफे और शांत घूमने की जगहें भी हैं। यदि आप मसूरी घूमना चाहते हैं, लेकिन वहां की ज्यादा भीड़ से बचना चाहते हैं, तो लैंडोर में ठहरना बेहतर साबित हो सकता है।

 

 

 

कनाताल, उत्तराखंड

मसूरी और धनौल्टी के पास कनाताल एक शांत पहाड़ी जगह है। यहां चारों तरफ हरियाली, जंगल और सेब के पेड़ दिखाई देते हैं। मौसम साफ होने पर दूर से हिमालय की बर्फीली चोटियों के नजारे भी देखे जा सकते हैं। यहां आप ट्रेकिंग कर सकते हैं, नेचर के बीच घूम सकते हैं या बस शांत माहौल में आराम कर सकते हैं। मसूरी और धनौल्टी की भीड़ से दूर कुछ दिन बिताने के लिए कनाताल अच्छा ऑप्शन है।

 

 

 

एक ट्रिप में दो तरह का मजा

इन शांत पहाड़ी जगहों की सबसे अच्छी बात यह है कि ये कई मशहूर हिल स्टेशनों के पास ही हैं। इसलिए आपको घूमने के लिए किसी एक को चुनने की जरूरत नहीं है। दिन में आप शिमला, मसूरी, नैनीताल या जिभी जैसी पॉपुलर डेस्टिनेशन की सैर कर सकते हैं और शाम को भीड़ से दूर अपने शांत डेस्टिनेशन पर लौट सकते हैं। इस तरह एक ही ट्रिप में आपको मशहूर जगहों और पहाड़ों का सुकून एक साथ मिल जाता है।

बिना कदम थकाए जन्नत का करें दीदार, जहां हिमालय पर गाड़ी से पहुंच सकते हैं आप!

अगर आप पहाड़ों (mountain) की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं, लेकिन लंबी ट्रेकिंग (trekking) और मुश्किल रास्तों से बचना चाहते हैं, तो हिमालय गांव (Himalayan village) आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं। यहां आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचकर ऊंचे पहाड़, ठंडी हवा, शांत माहौल और अनछुई प्राकृतिक खूबसूरती का भरपूर आनंद ले सकते हैं:

Zuluk village (जुलुक गांव का शांत और खूबसूरत नजारा)

Full view of Zuluk Village from top of Silk Route Sikkim 21616058 Stock Photo at Vecteezy

सिक्किम (Sikkim) का जुलुक गांव समुद्र तल से करीब 9,400 फीट की ऊंचाई पर है। भारत-चीन (India-China) बॉर्डर के पास बसे इस गांव तक सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। यहां की घुमावदार सड़कें, बादलों से घिरी पहाड़ियां और शांत वातावरण इसे ऑफबीट ट्रैवल (offbeat travel) पसंद करने वालों के लिए खास बनाते हैं।

Silk Route (सिल्क रूट का यूनिक एक्सपीरियंस)

Kalimpong to Zuluk Cycling adventure with cycling in India

जुलुक (Zuluk) सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक ओल्ड सिल्क रूट (Old Silk Route) का हिस्सा होने के कारण भी मशहूर है। यहां आने वाले टूरिस्ट शानदार व्यू पॉइंट्स (viewpoint) के साथ-साथ इस ऐट्रेड रुट की झलक भी देख सकते हैं। भीड़भाड़ से दूर सुकून भरी छुट्टियां (holiday) बिताने के लिए यह शानदार जगह है।

Nako Village (नाको गांव में मिलेगा हिमालय का अलग रूप)

Nako Village, Himachal Pradesh Stock Image - Image of autumn, background: 202877089

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के किन्नौर जिले में नाको गांव लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर बसा है। स्पीति घाटी के नजदीक यह गांव अपनी बौद्ध संस्कृति, शांत माहौल और खूबसूरत पहाड़ी नजारों के लिए जाना जाता है। यहां पहुंचते ही बदलता प्राकृतिक दृश्य ट्रैवलर को अलग ही एक्सपीरियंस देता है।

adventure and tranquility (एडवेंचर और सुकून का परफेक्ट कॉम्बिनेशन)

Nako Lake reflection in Kinnaur, Himachal

नाको (Nako) की खासियत इसकी अनछुई प्राकृतिक खूबसूरती और शांत वातावरण है। यहां भूरे पहाड़, साफ आसमान, ठंडी हवा और लोकल कल्चर मिलकर ऐसा एक्सपीरियंस देते हैं, जो शहर की भागदौड़ से पूरी तरह अलग होता है। अगर आप ऑफबीट ट्रिप (offbeat trip), नेचर और फोटोग्राफी (photography) के शौकीन हैं, तो जुलुक और नाको दोनों गांव आपकी ट्रैवल लिस्ट (travel list) में जरूर होने चाहिए।

मानसून भी नहीं रोक पाएगा आपकी ट्रैवल प्लानिंग, बारिश से हटकर कुछ खास जुलाई में घूमने की टॉप 6 लोकेशन!

जुलाई का महीना भारत में मानसून का मौसम लेकर आता है, लेकिन अगर आप बारिश से बचते हुए घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो देश में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं जहां इस समय भी मौसम सुहावना रहता है। इन डेस्टिनेशंस पर कम बारिश होने के कारण आप बिना किसी परेशानी के प्राकृतिक नज़ारों, एडवेंचर और संस्कृति का भरपूर आनंद ले सकते हैं। आइए जानते हैं जुलाई में मॉनसून से बचने के लिए भारत की 6 बेहतरीन घूमने लायक जगहों के बारे में:

लाहौल घाटी-हिमालयी शांत वादी

PHOTOS: हिमाचल का स्वर्ग है स्पीति घाटी, हर साल आते हैं बड़ी संख्या में सैलानी

हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी जुलाई में मॉनसून से बचकर घूमने के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यह भी रेन शैडो क्षेत्र में आती है, इसलिए यहां बारिश बहुत कम होती है और मौसम सुहावना बना रहता है। सिस्सू, सूरज ताल, बारालाचा ला और गोंधला किला जैसी जगहें यहां की प्राकृतिक खूबसूरती को और खास बनाती हैं। बर्फ से ढकी चोटियां, साफ नदियां और शांत वातावरण नेचर लवर को बेहद पसंद आता है। रोड ट्रिप, ट्रेकिंग, कैंपिंग और फोटोग्राफी के लिए यह जगह किसी सपने से कम नहीं है।

जैसलमेर-सुनहरी रेगिस्तान नगरी

Rajasthan - Sharvil Holidays

राजस्थान का गोल्डन सिटी जैसलमेर जुलाई में भी घूमने के लिए एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है, क्योंकि यहां बारिश बहुत कम होती है। मानसून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो जाता है और टूरिस्ट की भीड़ भी कम रहती है। जैसलमेर किला, पटवों की हवेली, गड़ीसर झील और सैम सैंड ड्यून्स यहां काअट्रैक्शन हैं। रेगिस्तान में ऊंट की सवारी, डेजर्ट सफारी, लोक संगीत और ट्रेडिशनल राजस्थानी संस्कृति का एक्सपीरियंस आपकी जर्नी को यादगार बना देता है। अगर आप रेगिस्तान की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं, तो जुलाई का समय भी अच्छा साबित हो सकता है।

हम्पी-पुरानी खंडहर नगरी

Uragas Immigrated in India Seems an Unproved Hypothesis – Raigar.net

अगर आप हिस्ट्री और आर्किटेक्चर में इंटरेस्ट रखते हैं, तो कर्नाटक का हम्पी जुलाई में घूमने के लिए शानदार डेस्टिनेशन है। हल्की बारिश के कारण यहां का वातावरण हरा-भरा और सुहावना हो जाता है, जिससे प्राचीन मंदिरों और खंडहरों की सुंदरता और बढ़ जाती है। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह शहर विरुपाक्ष मंदिर, विट्ठल मंदिर, लोटस महल और मातंगा हिल जैसी ऐतिहासिक जगहों के लिए प्रसिद्ध है। यहां साइकिल से घूमना, सूर्योदय और सूर्यास्त का नजारा देखना और विरासत से जुड़ी कहानियों को जानना एक अलग ही एक्सपीरियंस देता है।

स्पीति घाटी-बर्फीला रेगिस्तान

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हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी उन लोगों के लिए स्वर्ग है जो प्रकृति, रोमांच और शांति का आनंद लेना चाहते हैं। रेन शैडो क्षेत्र में होने के कारण यहां जुलाई में बहुत कम बारिश होती है, जिससे रोड ट्रिप और दर्शनीय जगहों की सैर आसान हो जाती है। की मठ, चंद्रताल झील, हिक्किम, कोमिक और धंकर मठ जैसी जगहें यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। बंजर पहाड़, नीला आसमान और प्राचीन बौद्ध संस्कृति इस घाटी को एक अलग पहचान देते हैं। ट्रेकिंग, बाइकिंग और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

पुडुचेरी-फ्रेंच कोस्टल शांति

FORTE KOCHI (Fort Kochi) - Hotel Reviews, Photos, Rate Comparison - Tripadvisor

अगर आप समुद्र किनारे सुकून भरी छुट्टियां बिताना चाहते हैं, तो पुडुचेरी एक बेहतरीन ऑप्शन है। जुलाई में यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर थोड़ा कम रहता है, जिससे मौसम घूमने के लिए फ्रेंडली बना रहता है। फ्रेंच वास्तुकला, रंग-बिरंगी गलियां, प्रोमेनेड बीच, ऑरोविल और श्री अरविंद आश्रम यहां के मेन अट्रैक्शन हैं। यहां बीच पर सैर, कैफे हॉपिंग, साइकिलिंग और मेडिटेशन का आनंद लिया जा सकता है। शांत वातावरण और खूबसूरत समुद्री नजारे इसे कपल्स और फैमिली ट्रिप दोनों के लिए खास बनाते हैं।

लेह-हिमालय का जादुई स्वर्ग

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अगर आप जुलाई में मॉनसून से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां नीला आसमान, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत झीलें आपका स्वागत करें, तो लेह आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। यह क्षेत्र रेन शैडो ज़ोन में आता है, इसलिए यहां बारिश बेहद कम होती है। जुलाई में पैंगोंग झील, नुब्रा घाटी, खारदुंग ला, शांति स्तूप और लेह पैलेस जैसी जगहों की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। यहां बाइक ट्रिप, रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग और मठों की सैर जैसी एक्टिविटीज आपकी ट्रिप को यादगार बना देती हैं। हालांकि, अधिक ऊंचाई के कारण पहले दिन आराम करना और पानी पीना जरूरी होता है।

अगर आप जुलाई में बारिश से दूर और आरामदायक ट्रिप की तलाश में हैं, तो भारत में ये सभी जगहें शानदार हैं। आप अपनी पसंद और सुविधा से सही डेस्टिनेशन चुनकर मानसून के मौसम में भी यादगार छुट्टियों का आनंद ले सकते हैं। सही प्लानिंग के साथ यह ट्रिप आपके लिए बेहद खास और यादगार साबित होगी।