सिर्फ 500-1000 रुपये में नेपाल के नेशनल पार्क, सुर्खेत की वादियों तक पहुंच जाएंगे आप! बहराइच के रुपईडीहा बॉर्डर से मिलेगा ये मौका

28 सितम्बर, 2026 बहराइच/रुपईडीहा: बिन्नू बाल्मीकि की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत-नेपाल बॉर्डर पर बहराइच (Bahraich) का रुपईडीहा बॉर्डर (Rupaidiha border) ऐसा रास्ता है, जहां से कम बजट में नेपाल की जर्नी की जा सकती है। यहां घूमने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि बॉर्डर पार करने के बाद नेपालगंज और कोहलपुर की ओर जाने के लिए लोकल बस, ऑटो, टेंपो और रिक्शा आसानी से मिल जाते हैं।

बर्दिया पार्क से सुर्खेत तक घूमने को कई खास जगहें

नेपाल (Nepal) का बर्दिया नेशनल पार्क (Bardiya National Park) वाइल्डलाइफ और नेचर पसंद करने वाले टूरिस्ट के बीच काफी पॉपुलर है। यहां जंगल सफारी में रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई हाथी और एक सींग वाले गैंडे जैसे जंगली जानवरों को देखने का मौका मिल सकता है। पार्क के पास ठाकुरद्वारा मंदिर भी टूरिस्ट और श्रद्धालुओं के घूमने के लिए खूबसूरत जगह है। कर्णाली नदी का इलाका अपने प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। घोड़ाघोड़ी ताल नेपाल का प्रसिद्ध रामसर जगह है। यहां अलग-अलग तरह के पौधों के साथ रंग-बिरंगे पक्षियों को भी देखा जा सकता है।

नेपाल का सुर्खेत इलाका भी नेचुरल ब्यूटी और हिस्टोरिक साइट के लिए जाना जाता है। यहां कांक्रेविहार, बुलबुले ताल और देउती बज्यै मंदिर देखने लायक जगहें है।

नेपालगंज में बागेश्वरी मंदिर

रुपईडीहा बॉर्डर के पास नेपालगंज का बागेश्वरी मंदिर भी काफी प्रसिद्द है। यहां भारत और नेपाल दोनों देशों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। बहराइच से रुपईडीहा तक बस का किराया और नेपाल के अंदर लोकल वाहन का खर्च मिलाकर लगभग 500 से 1000 रुपये में जर्नी की जा सकती है।

बहराइच से रुपईडीहा तक का खर्च

यदि बहराइच मुख्यालय से रुपईडीहा बॉर्डर जाना है तो बस का किराया करीब 100 रुपये तक लग सकते है। बहराइच से रुपईडीहा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है। बस से उतरने के बाद बॉर्डर तक जाने के लिए करीब एक किलोमीटर पैदल पहुंचा जा सकता है। इसके बाद नेपाल जाने पर लोकल रिक्शा, ऑटो और टेंपो से आगे की जर्नी की जा सकती है। रुपईडीहा से बॉर्डर पार करने के बाद नेपालगंज और कोहलपुर (Kohalpur) जाने के लिए लोकल बसें मिल जाती हैं। लोकल बस का किराया करीब 200 से 250 रुपये तक लग सकता है। आगे की जगहों पर घूमने के लिए 100 से 200 रुपये के आसपास किराए में लोकल ट्रांसपोर्ट मिल सकते हैं।

सोचा था ₹15000 में हो जाएगा लद्दाख में वर्ककेशन, 1 महीने में खर्च हो गए ₹96000, अब कपल ने बताया पूरा गणित

लद्दाख में पहाड़ों के बीच रहकर काम करना और साथ में घूमना बहुत ही यादगार पल होते है। अंजलि और नमन ने भी एक महीने तक लद्दाख में रहकर काम किया और वहां आसपास की कई जगहों को घूमकर देखा। दोनों ने अपने इस ट्रिप का पूरा खर्च भी शेयर किया है, जिससे पता चलता है कि ऐसी वर्ककेशन प्लान करने से पहले रहने, खाने और घूमने के खर्च का अंदाजा लगाना कितना जरूरी है।

लद्दाख घूमने में इतना हुआ खर्च

लद्दाख में रहने के दौरान कपल ने सिर्फ एक जगह रहकर काम नहीं किया, बल्कि आसपास की कई जगहों पर घूमने का भी प्लान बनाया। पूरी ट्रिप में उनके ट्रैवल पर करीब 30,000 रुपये खर्च हुए। इसमें मनाली से लेह जाने और लेह से दिल्ली लौटने की फ्लाइट का खर्च भी था। इस तरह उन्होंने काम के साथ लद्दाख घूमने का भी पूरा मजा लिया।

रहने की जगह का खर्च निकला उम्मीद से कही ज्यादा

अंजलि और नमन ने सोचा था कि लद्दाख में उन्हें 15,000 रुपये के आसपास कमरा मिल जाएगा। ज्यादा से ज्यादा 20,000 रुपये खर्च होने का अंदाजा था। लेकिन अच्छी जगह मिलने पर उन्हें महीने के कमरे के लिए करीब 30,000 रुपये देने पड़े। यानी रहने का खर्च उनकी उम्मीद से काफी ज्यादा रहा। रोज के हिसाब से देखें तो कमरे का खर्च करीब 1,000 रुपये लगा।

फूड और लोकल ट्रैवल का निकाला हिसाब

महीने भर की वर्ककेशन में खाने-पीने और घूमने-फिरने पर भी खर्च हुआ। कपल ने खाने के लिए करीब 9,000 रुपये खर्च किए। आसपास घूमने के लिए 2,100 रुपये में स्कूटर किराए पर लिया। साथ ही, होस्ट का स्कूटर फ्री में मिलने से कुछ पैसे बच गए। स्नैक्स और ग्रॉसरी पर 2,500 रुपये और बाहर खाने-पीने पर करीब 5,000 रुपये खर्च हुए।

सोशल मीडिया पर शेयर किया अपना एक्सपीरियंस

अंजलि और नमन डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हैं और ट्रैवल से जुड़े अपने एक्सपीरियंस सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। उन्होंने लद्दाख में बिताए समय के दौरान भी अपने फॉलोअर्स को बताया कि वहां रहना, काम करना और घूमना उनके लिए कैसा रहा। उनके वीडियो को लोगों ने पसंद किया और कई यूजर्स ने कमेंट करके उनके काम की जानकारी देने के लिए उनकी तारीफ भी की।

लद्दाख में बिताया यह एक्सपीरियंस दिखाता है कि वर्ककेशन सिर्फ घूमने का नाम नहीं है। किसी पहाड़ी जगह पर लंबे समय तक रहने का प्लान हो तो बजट के साथ रहने की सुविधा, लोकल ट्रांसपोर्ट और रोज की जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ता है। अंजलि और नमन ने अपना खर्च शेयर करके लोगों को अपने इस एक्सपीरियंस के बारे में बताया है।

थाईलैंड और वियतनाम ही नहीं, ये अनोखा देश भी बना सकते हैं आपकी अगली ट्रिप यादगार!

दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने का प्लान बनाते समय थाईलैंड लंबे समय से लोगों की पसंद रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, नाइटलाइफ, शॉपिंग और कई तरह के टूरिस्ट स्पॉट की वजह से यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन अब ट्रैवलर्स की पसंद में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है और वियतनाम भी तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है।

वियतनाम की खास बात यह है कि यहां घूमने वालों को खूबसूरत प्राकृतिक नजारे, ऐतिहासिक जगहें, लोकल कल्चर और अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस एक साथ मिल जाता है। साथ ही, बजट में यात्रा करने वालों के लिए भी यह देश काफी अट्रैक्टिव नजर आता है। यही वजह है कि कई ट्रैवलर अब अगली छुट्टी के लिए थाईलैंड के बजाय वियतनाम को चुनने के बारे में सोच रहे हैं।

थाईलैंड और वियतनाम की तुलना करने के तरीके:

1. कीमत और ट्रिप का खर्च

बजट की बात करें तो वियतनाम थाईलैंड के मुकाबले सस्ता ऑप्शन माना जाता है। होटल, लोकल खाना, टैक्सी और रोजकी छोटी जरूरतों पर यहां कम पैसे खर्च हो सकते हैं। बैकपैकिंग या कम बजट में घूमने वाले ट्रैवलर के लिए वियतनाम अट्रैक्टिव है। लेकिन भारत से जाने वाले ट्रैवलर का पूरा बजट सिर्फ वहां के खर्च पर डिपेंड नहीं करता। फ्लाइट, वीजा, होटल और घूमने वाली जगहों के टिकट को मिलाकर कुल खर्च देखना ज्यादा सही रहेगा।

2. घूमने की जगहों में किसका पलड़ा भारी?

डेस्टिनेशन के मामले में किसी एक देश को बेहतर कहना सही नहीं है, क्योंकि दोनों की अपनी अलग खासियत है। थाईलैंड खूबसूरत समुद्र तटों, द्वीपों, रिसॉर्ट्स और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। बैंकॉक जैसे बड़े शहरों में शॉपिंग, मनोरंजन और घूमने के कई ऑप्शन मिलते हैं। दूसरी तरफ, वियतनाम में पहाड़, समुद्र, पुराने शहर, नदियां और ग्रामीण इलाकों का अलग एक्सपीरियंस मिलता है। हनोई, सापा, हा लॉन्ग बे और मेकांग डेल्टा जैसी जगहें उन लोगों को पसंद आ सकती हैं जो नेचर के साथ हिस्ट्री और लोकल कल्चर को भी करीब से देखना चाहते हैं।

3. खाने के मामले में कौन बेहतर?

खाने की पसंद पूरी तरह व्यक्ति पर डिपेंड करती है, क्योंकि दोनों देशों का खाना अपने-अपने तरीके से खास है। थाईलैंड में पैड थाई, टॉम यम, करी और कई तरह का स्ट्रीट फूड आसानी से मिल जाता है। वहीं वियतनाम का फो, बान्ह मी, बन चा और वियतनामी कॉफी काफी लोकप्रिय हैं। थाई खाना ज्यादा मसालेदार और तीखा होता है, जबकि वियतनामी खाने में ताजी सब्जियों, हर्ब्स और हल्के स्वाद का इस्तेमाल ज्यादा देखने को मिलता है। आप स्ट्रीट फूड ट्राय करना पसंद करते हैं, तो दोनों देशों में आपके लिए काफी कुछ नया हो सकता है।

4. इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी

टूरिस्टों के लिए घूमने की फैसिलिटी के मामले में थाईलैंड को काफी एक्सपीरियंस हासिल है। बैंकॉक जैसे शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, होटल, टैक्सी और टूरिस्ट सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं। वियतनाम में भी पिछले कुछ वर्षों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बेहतर हुआ है, लेकिन कुछ जगहों पर ट्रैफिक और लोकल ट्रांसपोर्ट नए ट्रैवलर के लिए थोड़ा अलग एक्सपीरियंस हो सकता है। दोनों देशों में सड़क पार करते समय, बाइक वाले इलाकों में और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सामान संभालकर रखना और सावधानी बरतना जरूरी है।

5. वीजा और इमिग्रेशन

फॉरेन ट्रिप की प्लानिंग में वीजा सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके रूल समय के साथ बदलते रहते हैं। 2026 में भारतीय ट्रैवलर के लिए थाईलैंड की एंट्री व्यवस्था आसान रही है, जबकि वियतनाम जाने के लिए भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को ई-वीजा की जरूरत पड़ती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले दोनों देशों की मौजूदा वीजा और एंट्री शर्तों को जरूर चेक कर लेना चाहिए।

दक्षिण-पूर्व एशिया में घूमने के लिए हर देश की अपनी अलग खासियत है। किसी को समुद्र तट और आइलैंड पसंद आ सकते हैं, तो किसी को इतिहास, संस्कृति, पहाड़ या मॉडर्न शहर ज्यादा अट्रैक्ट कर सकते हैं। इस पूरे रीजन में टूरिस्म को आसान, बेहतर और ज्यादा टिकाऊ बनाने पर भी लगातार काम हो रहा है। इसलिए किसी एक देश को हर ट्रैवलर के लिए सबसे बेहतर कहना सही नहीं होगा। आप पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने जा रहे हैं, तो अपने बजट, पसंद और ट्रैवल के मकसद के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा। सही जगह चुनकर आपकी छुट्टी को सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक नया एक्सपीरियंस बना सकता है।

इंडिगो की स्पेशल सेल: कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर मिल रहा है भारी डिस्काउंट, सस्ते में करें देश-विदेश की यात्रा

एयर ट्रैवलर के लिए एक अच्छी खबर है। एयरलाइन कंपनी IndiGo ने पैसेंजर को कम बजट में सफर का तोहफा देते हुए कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर एक स्पेशल सेल की घोषणा की है। इस लिमिटेड टाइम ऑफर में डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों रूट पर शुरुआती किराए में कटौती की गई है। यदि आप आने वाले दिनों में ट्रिप की प्लानिंग बना रहे हैं, तो इस सेल के जरिए अपने ट्रिप के बजट को काफी कम कर सकते हैं।

कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर मिल रहा है ऑफर

इंडिगो ने पैसेंजर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स की एक स्पेशल सेल शुरू की है। इस सेल का फायदा डोमेस्टिक और इंटरनेशनल दोनों तरह की कनेक्टिंग फ्लाइट्स की बुकिंग पर लिया जा सकता है। यदि आप आने वाले महीनों में छुट्टी मनाने या किसी जरूरी काम से ट्रिप करने वाले हैं, तो इस ऑफर में अपनी पसंद की फ्लाइट और तारीख का किराया चेक कर सकते हैं।

कब तक कर सकते हैं टिकट की बुकिंग?

इंडिगो की इस लिमिटेड टाइम वाली सेल में टिकट बुक करने की आखिरी तारीख 17 सितंबर 2026 है। यानी ऑफर का फायदा लेने के लिए आपको इस तारीख तक अपनी बुकिंग पूरी करनी होगी। वहीं, इस सेल के तहत बुक की गई टिकटों पर 18 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 के बीच ट्रिप की जा सकती है।

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट का किराया

सेल में डोमेस्टिक कनेक्टिंग फ्लाइट्स का ऑल-इन्क्लूसिव वन-वे किराया 3,999 रुपये से शुरू हो रहा है। वहीं, इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए शुरुआती किराया 8,999 रुपये रखा गया है। इन शुरुआती किरायों में कुछ जरूरी चार्ज शामिल हैं, लेकिन वास्तविक किराया रूट और ट्रैवल की तारीख के हिसाब से अलग हो सकता है। यह भी जरूरी नहीं है कि हर फ्लाइट में आपको 3,999 रुपये या 8,999 रुपये वाला किराया मिल जाए। जैसे-जैसे कम किराए वाली सीटें बुक होती जाएंगी, आगे की सीटों का किराया बढ़ सकता है।

ट्रैवल से पहले बुकिंग कंडीशन समझें

इस सेल का फायदा लेने के लिए एक जरूरी शर्त यह है कि टिकट ट्रैवल की तारीख से कम से कम तीन दिन पहले बुक करनी होगी। आखिरी समय में की गई बुकिंग इस ऑफर के लिए एलिजिबल नहीं हो सकती। इसके अलावा किराया रूट, तारीख और अवेलेबल सीटों के बेस पर बदल सकता है। इसलिए केवल शुरुआती किराया देखकर टिकट बुक करने के बजाय अपनी पूरी जर्नी का किराया पहले चेक लें।

बुकिंग के साथ ऐड-ऑन सर्विस का भी फायदा

इंडिगो की इस सेल में टिकट के साथ कुछ ऐड-ऑन सर्विस पर भी कम कीमत का फायदा मिलेगा। इंडिगो स्विच 199 रुपये और 6E फेयर होल्ड 49 रुपये से शुरू होंगे, जिसका लाभ सीधे इंडिगो के जरिए टिकट बुक करने वाले पैसेंजर को मिलेगा। वहीं फास्ट फॉरवर्ड 299 रुपये से शुरू होगा और इसे सभी बुकिंग चैनलों से लिया जा सकता है। टिकट की बुकिंग इंडिगो की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, 6Eskai और व्हॉट्सऐप के जरिए की जा सकती है। बुकिंग के समय ट्रैवल की तारीख, कनेक्टिंग रूट, बैगेज और दूसरी फैसिलिटी की इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।

बुकिंग से पहले इन बातों का रखें ध्यान

ऑफर का शुरुआती किराया सभी रूट्स और सभी तारीखों के लिए अवेलेबल नहीं होगा। इसलिए टिकट बुक करने से पहले अपनी ट्रैवल की तारीख और रूट के हिसाब से वास्तविक किराया जरूर चेक करें। साथ ही यह भी देख लें कि चुनी गई फ्लाइट कनेक्टिंग फ्लाइट है और सेल की शर्तों के तहत आती है या नहीं। ऑफर लिमिटेड टाइम के लिए है और कम किराए वाली सीटें भी लिमिटेड हैं, इसलिए पसंद की तारीख पर सीट अवेलेबल हो तो बुकिंग करने से पहले सभी टर्म्स और कंडीशन पढ़ लेना चाहिए।

Disclaimer: फ्लाइट का किराया रूट, ट्रैवल की तारीख और सीट की उपलब्धता के आधार पर बदल सकता है। टिकट बुक करने से पहले इंडिगो की वेबसाइट पर किराया और ऑफर की शर्तें जरूर जांच लें।

बैकपैक उठाओ, पैसे बचाओ! मानसून के ठीक बाद इन 5 जगहों पर जाने का है परफेक्ट टाइम

मानसून खत्म होते ही घूमने का मौसम धीरे-धीरे बदलने लगता है और इसी के साथ ट्रैवल बजट को कम रखने का मौका भी मिल सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच कई जगहों पर पीक सीजन की भीड़ शुरू होने से पहले घूमने पर फ्लाइट और होटल के दाम जेब पर थोड़े हल्के पड़ सकते हैं। इस मौसम भी कई जगहों पर घूमने के लिए अच्छा रहता है और कम भीड़ का फायदा मिल सकता है। यदि आने वाले महीनों में ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 जगहों पर नजर डाल सकते हैं:

lonavla

1. लोनावला

मुंबई और पुणे के पास होने की वजह से लोनावला छोटी ट्रिप के लिए काफी पसंद किया जाता है। मानसून के बाद भी यहां हरियाली और पहाड़ों का नजारा बना रहता है, जबकि बारिश के कारण होने वाली परेशानी कम हो सकती है। यहां भुशी डैम, टाइगर पॉइंट, राजमाची किला, कार्ला गुफाएं और लोहगढ़ किला घूम सकते हैं। मुंबई और पुणे के पास होने के कारण यह छोटी और बजट ट्रिप के लिए भी अच्छा ऑप्शन है। होटल प्राइस ट्रेंड में सितंबर का औसत करीब ₹6,458 प्रति रात रहा है। अक्टूबर और नवंबर में यह करीब ₹7,875 तक पहुंचता है, इसलिए सितंबर में वीकडे ट्रिप प्लान करना बजट में हो सकता है।

2. उदयपुर

उदयपुर में सितंबर के दौरान बारिश का असर कम होने लगता है और झीलों के आसपास का नजारा काफी खूबसूरत रहता है। यहां सिटी पैलेस, पिछोला झील, सज्जनगढ़ पैलेस, जग मंदिर और सहेलियों की बाड़ी देख सकते हैं। झीलों और पुराने महलों की खूबसूरती के साथ यहां का मौसम भी ट्रिप को खास बना सकता है। होटल की कीमतों में सितंबर 2026 का औसत करीब ₹3,908 प्रति रात लग सकता है, जबकि अक्टूबर में यह करीब ₹4,765 और नवंबर में करीब ₹5,401 हो सकता है। वहीं जनवरी में औसत कीमत करीब ₹6,290 तक पहुंच जाती है। यानी सितंबर में ट्रिप प्लान करने पर होटल में अच्छी बचत हो सकती है।

3. केरल

मानसून के बाद केरल में हरियाली और मौसम दोनों ही घूमने का मजा बढ़ा देते हैं। यहां मुन्नार, अल्लेप्पी, वायनाड, कोच्चि और थेक्कडी जैसी जगहें देख सकते हैं। मुन्नार की पहाड़ियां और चाय के बागान, अल्लेप्पी की हाउसबोट और वायनाड की हरियाली ट्रिप को खास बना सकती है। सितंबर-अक्टूबर में पीक सीजन शुरू होने से पहले होटल और रुकने के खर्च में कुछ बचत मिल सकती है। ट्रैवल गाइड के मुताबिक, सितंबर-अक्टूबर के shoulder season में होटल और फ्लाइट पर पीक सीजन की तुलना में करीब 30% तक बचत हो सकती है। नवंबर से यहां पीक सीजन शुरू होने लगता है, इसलिए बजट ट्रिप के लिए सितंबर और अक्टूबर ज्यादा बेहतर रह सकते हैं।

4. गोवा

गोवा में सितंबर को होटल को सबसे सस्ते महीनों में गिना जाता है। यहां बागा बीच, कलंगुट बीच, अंजुना, फोर्ट अगुआडा, पणजी और दूधसागर वाटरफॉल जैसी जगहें देख सकते हैं। सितंबर में बारिश के बाद गोवा का मौसम धीरे-धीरे घूमने लायक होने लगता है और होटल के दाम दिसंबर के पीक सीजन से कम रह सकते हैं। दो लोगों के लिए होटल का median रेट करीब $69 यानी लगभग ₹6,000 के आसपास है, जबकि नवंबर में यह करीब $113 तक पहुंच जाता है। सितंबर का औसत होटल रेट करीब ₹4,899 प्रति रात है, जो नवंबर के ₹6,418 से कम है। इसलिए कम बजट में गोवा घूमने के लिए सितंबर अच्छा ऑप्शन हो सकता है।

5. जयपुर

जयपुर में सितंबर के बाद मौसम धीरे-धीरे घूमने लायक होने लगता है और पीक सर्दियों के शुरू होने से पहले होटल की कीमतें कुछ कम रह सकती हैं। जयपुर में आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, जल महल, नाहरगढ़ किला और जंतर-मंतर घूम सकते हैं। सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है, जिससे शहर की ऐतिहासिक जगहों को घूमना आसान हो सकता है। होटल का औसत करीब ₹3,786 प्रति रात है, जबकि अक्टूबर में यह करीब ₹5,099 और नवंबर में ₹5,100 तक पहुंचता है। इसलिए सितंबर में जयपुर घूमने पर होटल के बजट को थोड़ा कम रखा जा सकता है।

मानसून के बाद घूमने का मौसम आते ही ट्रैवल का बजट भी थोड़ा हल्का किया जा सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच ये सभी जगहें हैं, जहां घूमने का मजा लेने के साथ फ्लाइट और होटल पर भी बचत का मौका मिल सकता है। तो आप भी कम खर्च में अच्छी ट्रिप प्लान करने के लिए अपनी अगली ट्रिप प्लान कर सकते है।

सस्ती नहीं फ्री में मिलेगी फ्लाइट! क्रेडिट कार्ड का ऐसा इस्तेमाल नहीं जानते होंगे आप

डेली लाइफ में हम क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शॉपिंग, बिल पेमेंट और दूसरी जरूरतों के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका इस्तेमाल ट्रैवलिंग के दौरान भी काफी काम आ सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले कुछ फायदे आपकी ट्रैवल का खर्च कम करने में मदद कर सकते हैं। फ्लाइट से सफर करने वालों के लिए यह तरीका काफी यूनिक हो सकता है। इसमें रोज के खर्च को समझदारी से इस्तेमाल करके ट्रैवल से जुड़े फायदे लिए जा सकते हैं।

ऐसे काम में आता है क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड से मिलने वाला वेलकम बोनस

कई क्रेडिट कार्ड नए कस्टमर को कार्ड लेने के बाद कुछ कंडीशन पूरी करने पर वेलकम बोनस देते हैं। यह बोनस रिवॉर्ड पॉइंट, एयर माइल्स या ट्रैवल वाउचर के रूप में मिल सकता है। कुछ कार्ड में तय समय के अंदर एक स्पेसिफिक अमाउंट खर्च करनी होती है। इसलिए कार्ड लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि बोनस पाने के लिए कितनी रकम खर्च करनी होगी और उसकी वैलिडिटी कितनी है।

क्रेडिट कार्ड से माइल्स ट्रांसफर

क्रेडिट कार्ड से जमा किए गए रिवॉर्ड पॉइंट्स को कुछ मामलों में एयरलाइन के पार्टनर प्रोग्राम में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद इन माइल्स का इस्तेमाल फ्लाइट टिकट या दूसरे ट्रैवल बेनिफिट्स के लिए किया जा सकता है। हर कार्ड और एयरलाइन के ट्रांसफर रूल अलग हो सकते हैं, इसलिए पॉइंट ट्रांसफर करने से पहले रेट और टर्म्स जरूर देख लें।

शॉपिंग से करें पॉइंट कलेक्शन

घर के बिजली-पानी के बिल, किराने का सामान, ऑनलाइन शॉपिंग या दूसरे जरूरी खर्च क्रेडिट कार्ड से करने पर रिवॉर्ड पॉइंट मिल सकते हैं। यानी जिन खर्चों को आप वैसे भी करने वाले हैं, उन पर मिलने वाले पॉइंट्स को बाद में ट्रैवल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन कार्ड का इस्तेमाल अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ही करना चाहिए।

माइलस्टोन बेनिफिट और फॉरेक्स चार्ज से सेविंग

कुछ क्रेडिट कार्ड पर साल में एक तय रकम खर्च करने पर माइलस्टोन बेनिफिट मिलते हैं। इनमें फ्लाइट वाउचर, ट्रैवल क्रेडिट या दूसरे फायदे शामिल हो सकते हैं। यदि आप वैसे ही उस रकम के आसपास खर्च करते हैं, तो यह बेनिफिट आपके लिए काम के हो सकता है। फॉरेन ट्रैवलिंग में कार्ड से पेमेंट करने पर फॉरेन करेंसी से जुड़ा एक्स्ट्रा चार्ज लग सकता है। कुछ जीरो फॉरेक्स मार्क-अप कार्ड इस खर्च को कम करने में मदद कर सकते हैं। अब्रॉड जाने से पहले कार्ड पर लगने वाले फॉरेक्स चार्ज, सालाना फीस और दूसरे चार्ज की इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

कार्ड की फीस चेक करें

क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उसकी सालाना फीस, रिन्यूअल चार्ज और दूसरे शुल्क के बारे में जरूर जानकारी ले लें। कई बार रिवॉर्ड के चक्कर में कार्ड की फीस ज्यादा हो सकती है और इससे मिलने वाला फायदा कम हो सकता है। इसलिए कार्ड चुनने से पहले उसके सभी चार्ज और ट्रैवल बेनिफिट्स को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

सिर्फ रिवॉर्ड पाने के लिए खर्च न करें

सिर्फ रिवॉर्ड पॉइंट जमा करने के लिए जरूरत से ज्यादा शॉपिंग करना सही नहीं है। कई बार ज्यादा पॉइंट पाने के चक्कर में हम ऐसी चीजों पर भी पैसे खर्च कर देते हैं, जिनकी सच में जरूरत नहीं होती। इससे ट्रैवल पर बचत होने के बजाय आपका कुल खर्च बढ़ सकता है।

बिल पेमेंट में रखें सावधानी

ट्रैवल रिवॉर्ड का फायदा तभी है जब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए। हर महीने बिल की तय तारीख से पहले पूरा पेमेंट चुकाने की कोशिश करें। बिल का पेमेंट देर से होता है या इंटरेस्ट देना पड़ता है, तो रिवॉर्ड से मिलने वाला फायदा कम हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड को सिर्फ खर्च करने का जरिया समझने के बजाय सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह आपकी यात्रा की प्लानिंग में भी काम आ सकता है। जरूरत है तो बस थोड़ी समझदारी और सावधानी की। अपनी जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल करें और रूल को समझकर ही फायदा उठाएं, ताकि ट्रैवल का खर्च संभालना आपके लिए आसान हो सके।

फॉरेन ट्रिप पर नहीं होगी जेब ढीली, इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं पैसे!

विदेश घूमने का प्लान बनाते समय हम सबसे पहले फ्लाइट टिकट और होटल के खर्च जोड़ते है। लेकिन ट्रिप के दौरान लोकल ट्रांसपोर्ट, खाना-पीना, घूमने की जगहों की टिकट और दूसरी छोटी चीजों को खरीदने पर भी काफी पैसा खर्च हो जाता है। यदि इन खर्चों का पहले से अंदाजा न हो, तो बजट के बढ़ने का पता नहीं चलता है।

लेकिन यदि आप कुछ आसान टिप्स से फॉरेन ट्रिप का खर्च काफी कम किया जा सकता है। जिसमे आपको हर चीज में कटौती करने की जरूरत नहीं है, बस खर्च करने का सही तरीका पता होना चाहिए। ऐसे ही कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पैसे भी बचा सकते हैं और अपनी फॉरेन ट्रिप को बिना ज्यादा खर्च की चिंता के खुलकर एन्जॉय कर सकते हैं।

1. पहले से बनाएं ट्रिप बजट

फॉरेन ट्रिप में खूबसूरत पार्क, मार्किट, समुद्र किनारे की जगहें, पुरानी गलियां और कुछ दर्शनीय स्थान बिना किसी टिकट के भी देखे जा सकते हैं। इसलिए ट्रिप से पहले उन जगहों की लिस्ट बना लें, जहां जाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च न करने पड़ें। महंगी एक्टिविटी करने के बजाय शहर को पैदल घूमकर या लोकल मार्किट को एक्सप्लोर करके बिताएं। इससे कम खर्च में भी नई जगह को पास से देखने का अच्छा एक्सपीरियंस मिल सकता है।

 

2. होटल बुकिंग में बचाएं पैसे

विदेश में रहने के लिए मशहूर टूरिस्ट एरिया में होटल लेना काफी महंगा पड़ सकता है। यदि आपका बजट कम है, तो शहर के सिटी सेंटर से थोड़ा दूर होटल, हॉस्टल या होमस्टे देख सकते हैं। बस यह जरूर ध्यान रखें कि वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाए और होटल किसी ट्रेन, बस या मेट्रो स्टेशन के पास हो। रोज थोड़ी दूरी तय करके आप होटल के खर्च में अच्छी बचत कर सकते हैं।

3. बाहर खाने पर खर्च घटाएं

फॉरेन ट्रिप में रोज रेस्टोरेंट में खाना खाने से बजट तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में लोकल सुपरमार्केट से सैंडविच, फल, स्नैक्स, ड्रिंक्स और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यदि आपको वहाँ होटल में किचन की फैसिलिटी है, तो कुछ खाना खुद भी तैयार कर सकते हैं। लॉन्ग जर्नी के लिए घर से कुछ पैक किए हुए स्नैक्स ले जाना भी मददगार हो सकता है।

4. महंगी एक्टिविटीज से बचें

नई जगह पर पहुंचने के बाद हर टूर, टिकट, राइड और महंगी एक्टिविटी करने का मन करता है, लेकिन इससे खर्च काफी बढ़ सकता है। इसलिए पहले तय करें कि इस ट्रिप में आपके लिए कौन-से एक्सपीरियंस सबसे खास हैं। कुछ चुनिंदा एक्टिविटीज के लिए पैसे खर्च करें और बाकी समय शहर की गलियों में घूमने, पार्क देखने, समुद्र किनारे बैठने या लोकल मार्केट एक्सप्लोर करने जैसे कम खर्च वाले ऑप्शन चुनें।

5. लोकल ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल

विदेश में एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए हर बार टैक्सी या कैब लेने के बजाय जहां संभव हो, बस, ट्रेन या मेट्रो जैसे लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यदि कम सफर करना है, तो जरूरत के हिसाब से अलग-अलग टिकट लेना ज्यादा सस्ता हो सकता है। इस तरह पहले से थोड़ा हिसाब लगाने पर आने-जाने के खर्च को कम किया जा सकता है।

6. बल्क में करें सुवेनियर शॉपिंग

सुवेनियर एक-एक करके खरीदने के बजाय होलसेल मार्केट या थोक की दुकान से खरीदें। यहां एक साथ ज्यादा सामान लेने पर कीमत कम मिल सकती है, जिससे आपकी शॉपिंग बजट से बाहर नहीं जाएगी। आप दोस्तों या परिवार के लिए भी सुवेनियर खरीद रहे हैं, तो यह तरीका आपके काफी पैसे बचा सकता है।

यदि आप फॉरेन में या कही भी बाहर सिटी में घूम रहे है हर चीज पर ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है। बस थोड़ा सोच-समझकर प्लान बनाएं और अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करें। एक यादगार सफर की चाबी यही है कि आप अपनी जरूरतों और प्रायोरिटी में सही बैलेंस बिठाएं, जिससे ट्रिप का एक्सपीरियंस भी शानदार रहे और आपका बजट भी न बिगड़े। इससे बजट भी काबू में रहेगा और आप बिना पैसों की ज्यादा चिंता किए अपनी फॉरेन ट्रिप का पूरा आनंद ले पाएंगे।

कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!

फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।

1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदा

टिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।

2. टिकट की पूरी कीमत जानें

कई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।

3. कई जगह देखें टिकट के दाम

कई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेक

हम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।

5. सही समय पर करें बुकिंग

फ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।

6. डेट बदलकर देखें किराया

आपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।

7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूल

टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें।

इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।

कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!

फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।

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1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदा

टिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।

2. टिकट की पूरी कीमत जानें

कई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।

3. कई जगह देखें टिकट के दाम

कई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेक

हम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।

5. सही समय पर करें बुकिंग

फ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।

6. डेट बदलकर देखें किराया

अगर आपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।

7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूल

टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें।

इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।

एक ट्रेन, कई खूबसूरत मंजिलें! वंदे भारत से बनाएं परफेक्ट वीकेंड प्लान

वीकेंड पर आप दिल्ली की भागदौड़ से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तो इसके लिए बहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है। वंदे भारत एक्सप्रेस से सफर करके कम समय में एक अच्छी छोटी ट्रिप का मजा लिया जा सकता है। ट्रेन का आरामदायक सफर आपका समय भी बचाता है और सफर की थकान भी कम करता है।

कम दिनों की छुट्टी में ऐसी जगह चुनना सही रहता है, जहां घूमने के लिए ज्यादा समय मिले और सफर में पूरा दिन न निकल जाए। वीकेंड ट्रिप के लिए ट्रेन से ट्रिप करना इसलिए भी अच्छा ऑप्शन है, क्योंकि आप आराम से सफर करते हुए अपने परिवार या दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

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1. चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा

वीकेंड में कम समय में घूमने के लिए चंडीगढ़ एक अच्छा ऑप्शन है। दिल्ली से चंडीगढ़ की वीकेंड ट्रिप के लिए 22447 वंदे भारत एक्सप्रेस सुविधाजनक ऑप्शन है। ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 5:50 बजे चलकर करीब 2 घंटे 48 मिनट में चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन (CDG) सुबह 8:38 बजे पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹855 और Executive Chair Car का करीब ₹1,585 है। एक दिन की ट्रिप में सुबह रॉक गार्डन और रोज गार्डन घूमने के बाद सुखना झील घूम सकते हैं। शाम को झील के आसपास समय बिताने के बाद सेक्टर-17 मार्केट में शॉपिंग और लोकल फूड का आनंद लिया जा सकता है। अगर 2 दिन का समय है, तो दूसरे दिन कैपिटल कॉम्प्लेक्स और शहर के आसपास की जगहें देख सकते हैं।

 

2. देहरादून, उत्तराखंड

पहाड़ों और हरियाली के बीच छोटा-सा ब्रेक लेना चाहते हैं तो देहरादून का प्लान बनाया जा सकता है। देहरादून जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस 22457 दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से शाम 5:50 बजे चलती है और करीब 4 घंटे 45 मिनट में रात 10:35 बजे देहरादून (DDN) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,075 और Executive Chair Car का करीब ₹1,900 है। शहर में एक दिन हो तो रॉबर्स केव, सहस्त्रधारा और फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट आसानी से घूमे जा सकते हैं। शाम को किसी लोकल कैफे में बैठकर देहरादून का माहौल एंजॉय करें। दो दिन मिल रहे हों तो अगले दिन मसूरी की ओर निकलना बेहतर रहेगा।

 

3. अजमेर, राजस्थान

अगर वीकेंड पर धार्मिक स्थलों के साथ राजस्थान की संस्कृति देखना चाहते हैं, तो अजमेर को चुन सकते हैं। दिल्ली से अजमेर जाने के लिए वंदे भारत का रूट जयपुर होते हुए अजमेर तक जाता है। इस यात्रा में करीब 5 घंटे 15 मिनट लगते हैं और AC Chair Car का किराया लगभग ₹1,150 से शुरू होने की जानकारी अवेलेबल है। स्टेशन पहुंचने के बाद अजमेर शरीफ दरगाह से घूमने की शुरुआत करें और फिर अढ़ाई दिन का झोपड़ा देखा जा सकता है। दिन के दूसरे हिस्से में आना सागर झील के आसपास वक्त बिताएं और शाम को स्थानीय बाजार में राजस्थानी मिठाइयों और खाने का स्वाद लें। दो दिन का प्लान है तो अगले दिन अजमेर से पुष्कर जाकर पुष्कर झील और ब्रह्मा मंदिर घूम सकते हैं।

 

4. वाराणसी, उत्तर प्रदेश

वाराणसी की यात्रा बाकी जगहों से थोड़ी लंबी है, लेकिन धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव के लिए यह खास डेस्टिनेशन है। वाराणसी के लिए 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) से सुबह 6:00 बजे चलती है और करीब 8 घंटे में दोपहर 2:00 बजे वाराणसी जंक्शन (BSB) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹1,835 और Executive Chair Car का करीब ₹3,385 है। यहां एक दिन का समय हो तो काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाट को प्राथमिकता दें। शाम होते ही दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती देखना न भूलें। पुरानी गलियों में घूमकर बनारसी खान-पान का स्वाद भी लिया जा सकता है।

 

5. जयपुर, राजस्थान

शाही महलों, किलों और बाजारों से भरी जयपुर की यात्रा दिल्ली से वीकेंड पर आसानी से की जा सकती है। जयपुर के लिए दिल्ली से वंदे भारत की ट्रिप करीब 3 घंटे 37 मिनट से 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकती है। मौजूदा शेड्यूल में एक वंदे भारत दिल्ली कैंट (DEC) से दोपहर 3:10 बजे चलकर शाम 7:00 बजे जयपुर जंक्शन (JP) पहुंचती है। AC Chair Car का किराया करीब ₹835 और Executive Chair Car का करीब ₹1,610 है। दूसरी वंदे भारत दिल्ली कैंट से शाम 6:28 बजे चलकर रात 10:05 बजे जयपुर पहुंचती है। एक दिन में आमेर किला, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर को कवर किया जा सकता है। घूमने के बाद शाम का समय जौहरी बाजार या बापू बाजार में शॉपिंग के लिए रखें और दाल बाटी चूरमा, प्याज कचौरी जैसे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लें।