अमीर बनने का सीक्रेट फॉर्मूला! आज ही अपनाएं ये 5 मनी हैबिट्स, तेजी से बढ़ेगी आपकी वेल्थ

फाइनेंशियल सिक्योरिटी हासिल करना और प्रॉपर्टी या वेल्थ क्रिएट करने के लिए जरूरी नहीं कि सिर्फ आपकी कमाई ज्यादा हो। यह इस बात पर भी डिपेंड करता है कि आप अपने कमाए हुए पैसे को कितने बेहतर तरीके से मैनेज करते हैं, बचाते हैं और इन्वेस्ट करते हैं। लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन करने और अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए सही फाइनेंशियल हैबिट्स को अपनाना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं पैसे की बचत और निवेश से जुड़े उन व्यावहारिक नियमों के बारे में जो आपकी वित्तीय स्थिति को एक मजबूत रास्ते पर ला सकते हैं।

इमरजेंसी फंड बनाएं

नौकरी छूटने, मेडिकल बिल या अचानक आए किसी भी खर्च जैसी स्थिति में इमरजेंसी फंड वित्तीय सपोर्ट देता है। फाइनेंशियल प्लानर आमतौर पर सलाह देते हैं कि आपको बेसिक खर्चों के करीब तीन से छह महीने के बराबर की राशि किसी ऐसे खाते में रखनी चाहिए जहां से उसे आसानी से निकाला जा सके।

बचत को प्राथमिकता दें

सैलरी आते ही सबसे पहले बचत की आदत डालें। इसके लिए अपने वेतन में से एक निश्चित राशि को बचत या निवेश खातों में तुरंत ऑटोमैटिक ट्रांसफर करने की व्यवस्था करें। नियमित रूप से पैसे को सेविंग्स अकाउंट में ट्रांसफर करने से बचत में निरंतरता बनी रहती है और पैसे खर्च करने का ऑप्शन भी कम होता है।

खर्चों पर नजर रखें

अपने रोजाना के खर्चों को ट्रैक करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आपका पैसा वास्तव में कहां जा रहा है। गैर-जरूरी सब्सक्रिप्शन, बार-बार किए जाने वाले छोटे-छोटे खर्चों और दूसरे ऐसे पैटर्न की पहचान करने के लिए बजटिंग ऐप, स्प्रेडशीट या सिंपल एक्सपेंस ट्रैकर का इस्तेमाल करें।

क्रेडिट कार्ड का समझदारी से इस्तेमाल करें

सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड काफी मददगार साबित हो सकते हैं। अपनी क्षमता से अधिक खर्च करने से बचें और ड्यू डेट तक पूरे बिल का भुगतान करने का लक्ष्य रखें। जिम्मेदारी से क्रेडिट का इस्तेमाल करने से एक स्वस्थ क्रेडिट हिस्ट्री बनाए रखने में मदद मिलती है और भारी लेट फीस या इंटरेस्ट से बचा जा सकता है।

जल्दी निवेश शुरू करें

कम उम्र में या जल्दी निवेश शुरू करने से आपके पैसे को कम्पाउंडिंग के जरिए बढ़ने का अधिक समय मिलता है। लंबी अवधि के लक्ष्यों के लिए निवेशक जिन विकल्पों पर विचार करते हैं उनमें कम लागत वाले इंडेक्स फंड भी शामिल हैं। हालांकि निवेश के विकल्पों का चयन हमेशा पर्सनल फाइनेंस टारगेट, जोखिम लेने की क्षमता और समय अवधि के अनुसार ही होना चाहिए।

स्किल्स बढ़ाएं और सैलरी नेगोशिएट करें

अपनी व्यावसायिक योग्यताओं और स्किल्स को सुधारने से समय के साथ आपकी कमाने की क्षमता बढ़ सकती है। सर्टिफिकेट्स, स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग और वर्कशॉप आपको बेहतर अवसरों के काबिल बनाने में मदद करते हैं।

इसके अलावा आपकी सैलरी आपके भविष्य के बोनस, बचत और रिटायरमेंट योगदान को प्रभावित करती है। इसलिए जॉब ऑफर या अप्रेजल के दौरान अपनी इंडस्ट्री के सैलरी लेबल का रिसर्च करें। अपने लिए उचित सैलरी को मैनेजमेंट के साथ हमेशा कॉन्फिडेंस से डिस्कस करें।

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Personal Loan EMI: कम ब्याज पर पर्सनल लोन चाहिए? अप्लाई करने से पहले जरूर करें ये 7 काम

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन सबसे आसान और तेजी से मिलने वाला लोन है। शादी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई, घर की मरम्मत या किसी दूसरी जरूरी जरूरत के लिए लोग अक्सर इसका सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार लोग बिना तैयारी के लोन के लिए आवेदन कर देते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि या तो लोन महंगे ब्याज पर मिलता है या फिर आवेदन ही रिजेक्ट हो जाता है।

अगर आप चाहते हैं कि बैंक या NBFC आपको कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन ऑफर करे, तो आवेदन करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे 7 काम, जो आपकी ब्याज दर कम कराने में मदद कर सकते हैं।

1. CIBIL Score मजबूत रखें

पर्सनल लोन की ब्याज दर तय करने में CIBIL Score सबसे अहम भूमिका निभाता है। अगर आपका स्कोर 750 या उससे ज्यादा है तो बैंक आपको कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं। ऐसे ग्राहकों को अक्सर बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना रहती है।

अगर स्कोर कम है तो पहले पुराने बकाया चुकाएं, समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल भरें। कुछ महीनों में स्कोर बेहतर हो सकता है।

2. नौकरी और आमदनी स्थिर होनी चाहिए

बैंक सिर्फ आपकी सैलरी नहीं देखते, बल्कि यह भी देखते हैं कि आपकी नौकरी कितनी स्थिर है। अगर आप लंबे समय से एक ही कंपनी में काम कर रहे हैं और आपकी आमदनी नियमित है, तो लोन मिलने के साथ-साथ बेहतर ब्याज दर मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

अगर अपना रोजगार करते हैं, तो नियमित कमाई और इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) की भी भूमिका अहम हो जाती है।

3. पहले से ज्यादा कर्ज है तो सावधान रहें

अगर आपकी कमाई का बड़ा हिस्सा पहले से EMI चुकाने में जा रहा है, तो बैंक को लगता है कि आपको लोन देने में जोखिम है। इसे डेट टु इनकम रेशियो कहते हैं यानी कर्ज और कमाई का अनुपात।

हमेशा कोशिश करें कि आपकी कुल EMI, मंथली इनकम के बहुत बड़े हिस्से पर कब्जा न करे। इससे कम ब्याज पर लोन मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

4. एक साथ कई जगह आवेदन न करें

कई लोग सोचते हैं कि जितने ज्यादा बैंकों में आवेदन करेंगे, लोन मिलने की संभावना उतनी बढ़ जाएगी। लेकिन ऐसा करना उल्टा नुकसान पहुंचा सकता है।

हर आवेदन पर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में हार्ड इन्क्वायरी दर्ज होती है। कम समय में कई हार्ड इन्क्वायरी होने पर CIBIL Score प्रभावित हो सकता है और बैंक इसे जोखिम का संकेत मान सकते हैं।

5. जिस बैंक से रिश्ता पुराना है, वहां पहले बात करें

अगर आपका सैलरी अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट, होम लोन या दूसरी बैंकिंग सेवाएं पहले से किसी बैंक में हैं, तो उसी बैंक से पहले ऑफर जरूर चेक करें।

मौजूदा ग्राहकों को कई बैंक प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन या कम ब्याज दर की पेशकश करते हैं।

6. सिर्फ पहली पेशकश पर हामी न भरें

हर बैंक और NBFC की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और दूसरी शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए पहला ऑफर मिलते ही लोन लेने की बजाय अलग-अलग संस्थानों के ऑफर की तुलना करें।

अगर आपका क्रेडिट प्रोफाइल मजबूत है, तो कई मामलों में ब्याज दर पर सौदेबाजी की भी गुंजाइश होती है।

7. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

जरूरत से ज्यादा रकम का लोन लेने पर EMI का बोझ बढ़ जाता है। वहीं बहुत लंबी अवधि चुनने पर कुल ब्याज भी ज्यादा देना पड़ सकता है।

इसलिए उतना ही लोन लें, जिसकी वास्तव में जरूरत हो। साथ ही, लोन की अवधि भी अपनी सहूलियत के हिसाब से रखें। ताकि EMI भी आराम से चुकाई जा सके और कुल ब्याज भी ज्यादा न बढ़े।

इन बातों को भी नजरअंदाज न करें

सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला न करें। प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, प्रीपेमेंट नियम, लेट पेमेंट पेनल्टी और दूसरी शर्तों को भी ध्यान से पढ़ें। कई बार कम ब्याज वाला लोन भी छिपे हुए चार्ज की वजह से महंगा पड़ सकता है।

कम ब्याज पर पर्सनल लोन पाना सिर्फ किस्मत की बात नहीं है। ये सिबिल स्कोर, कमाई और आपकी सौदेबाजी के हुनर पर काफी निर्भर करता है। इसलिए आवेदन करने से पहले थोड़ी तैयारी कर लें। इससे आपकी जेब पर EMI का बोझ भी कम रहेगा और लोन चुकाना भी आसान होगा।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।