सस्ती नहीं फ्री में मिलेगी फ्लाइट! क्रेडिट कार्ड का ऐसा इस्तेमाल नहीं जानते होंगे आप

डेली लाइफ में हम क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल शॉपिंग, बिल पेमेंट और दूसरी जरूरतों के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका इस्तेमाल ट्रैवलिंग के दौरान भी काफी काम आ सकता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर क्रेडिट कार्ड से मिलने वाले कुछ फायदे आपकी ट्रैवल का खर्च कम करने में मदद कर सकते हैं। फ्लाइट से सफर करने वालों के लिए यह तरीका काफी यूनिक हो सकता है। इसमें रोज के खर्च को समझदारी से इस्तेमाल करके ट्रैवल से जुड़े फायदे लिए जा सकते हैं।

ऐसे काम में आता है क्रेडिट कार्ड

क्रेडिट कार्ड से मिलने वाला वेलकम बोनस

कई क्रेडिट कार्ड नए कस्टमर को कार्ड लेने के बाद कुछ कंडीशन पूरी करने पर वेलकम बोनस देते हैं। यह बोनस रिवॉर्ड पॉइंट, एयर माइल्स या ट्रैवल वाउचर के रूप में मिल सकता है। कुछ कार्ड में तय समय के अंदर एक स्पेसिफिक अमाउंट खर्च करनी होती है। इसलिए कार्ड लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि बोनस पाने के लिए कितनी रकम खर्च करनी होगी और उसकी वैलिडिटी कितनी है।

क्रेडिट कार्ड से माइल्स ट्रांसफर

क्रेडिट कार्ड से जमा किए गए रिवॉर्ड पॉइंट्स को कुछ मामलों में एयरलाइन के पार्टनर प्रोग्राम में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसके बाद इन माइल्स का इस्तेमाल फ्लाइट टिकट या दूसरे ट्रैवल बेनिफिट्स के लिए किया जा सकता है। हर कार्ड और एयरलाइन के ट्रांसफर रूल अलग हो सकते हैं, इसलिए पॉइंट ट्रांसफर करने से पहले रेट और टर्म्स जरूर देख लें।

शॉपिंग से करें पॉइंट कलेक्शन

घर के बिजली-पानी के बिल, किराने का सामान, ऑनलाइन शॉपिंग या दूसरे जरूरी खर्च क्रेडिट कार्ड से करने पर रिवॉर्ड पॉइंट मिल सकते हैं। यानी जिन खर्चों को आप वैसे भी करने वाले हैं, उन पर मिलने वाले पॉइंट्स को बाद में ट्रैवल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन कार्ड का इस्तेमाल अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से ही करना चाहिए।

माइलस्टोन बेनिफिट और फॉरेक्स चार्ज से सेविंग

कुछ क्रेडिट कार्ड पर साल में एक तय रकम खर्च करने पर माइलस्टोन बेनिफिट मिलते हैं। इनमें फ्लाइट वाउचर, ट्रैवल क्रेडिट या दूसरे फायदे शामिल हो सकते हैं। यदि आप वैसे ही उस रकम के आसपास खर्च करते हैं, तो यह बेनिफिट आपके लिए काम के हो सकता है। फॉरेन ट्रैवलिंग में कार्ड से पेमेंट करने पर फॉरेन करेंसी से जुड़ा एक्स्ट्रा चार्ज लग सकता है। कुछ जीरो फॉरेक्स मार्क-अप कार्ड इस खर्च को कम करने में मदद कर सकते हैं। अब्रॉड जाने से पहले कार्ड पर लगने वाले फॉरेक्स चार्ज, सालाना फीस और दूसरे चार्ज की इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

कार्ड की फीस चेक करें

क्रेडिट कार्ड लेने से पहले उसकी सालाना फीस, रिन्यूअल चार्ज और दूसरे शुल्क के बारे में जरूर जानकारी ले लें। कई बार रिवॉर्ड के चक्कर में कार्ड की फीस ज्यादा हो सकती है और इससे मिलने वाला फायदा कम हो सकता है। इसलिए कार्ड चुनने से पहले उसके सभी चार्ज और ट्रैवल बेनिफिट्स को अच्छी तरह समझना जरूरी है।

सिर्फ रिवॉर्ड पाने के लिए खर्च न करें

सिर्फ रिवॉर्ड पॉइंट जमा करने के लिए जरूरत से ज्यादा शॉपिंग करना सही नहीं है। कई बार ज्यादा पॉइंट पाने के चक्कर में हम ऐसी चीजों पर भी पैसे खर्च कर देते हैं, जिनकी सच में जरूरत नहीं होती। इससे ट्रैवल पर बचत होने के बजाय आपका कुल खर्च बढ़ सकता है।

बिल पेमेंट में रखें सावधानी

ट्रैवल रिवॉर्ड का फायदा तभी है जब क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल समझदारी से किया जाए। हर महीने बिल की तय तारीख से पहले पूरा पेमेंट चुकाने की कोशिश करें। बिल का पेमेंट देर से होता है या इंटरेस्ट देना पड़ता है, तो रिवॉर्ड से मिलने वाला फायदा कम हो सकता है।

क्रेडिट कार्ड को सिर्फ खर्च करने का जरिया समझने के बजाय सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह आपकी यात्रा की प्लानिंग में भी काम आ सकता है। जरूरत है तो बस थोड़ी समझदारी और सावधानी की। अपनी जरूरत के हिसाब से इसका इस्तेमाल करें और रूल को समझकर ही फायदा उठाएं, ताकि ट्रैवल का खर्च संभालना आपके लिए आसान हो सके।

एयरपोर्ट पर नहीं होगी चेकिंग में देरी! बस बदलें बैग पैक करने का तरीका और अपनाएं ये आदतें ट्रेवलिंग में

फ्लाइट में ट्रैवल करते समय केबिन बैग में क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं, इसे लेकर कई ट्रैवलर को कन्फ्यूजन रहता है। कुछ खाने-पीने की चीजें, फल, स्नैक्स और जरूरी सामान आसानी से ले जाए जा सकते हैं, लेकिन लिक्विड, बैटरी और कुछ खास चीजों पर एयरपोर्ट सिक्योरिटी के रूल होते हैं। यदि इन रेगुलेशन की जानकारी पहले से हो, तो चेकिंग के समय परेशानी, सामान निकलवाने या महंगी चीजें खोने से बचा जा सकता है। इसलिए फ्लाइट पकड़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि केबिन बैग में कौन-सी चीजें रखें और कौन-सी चीजें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर है।

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1. केबिन बैग की लिमिट

ज्यादातर भारतीय एयरलाइंस में इकॉनमी क्लास के पैसेंजर को एक केबिन बैग और एक छोटा पर्सनल बैग ले जाने की परमिशन होती है। केबिन बैग का वजन आम तौर पर 7 किलो तक होता है, जबकि कुछ एयरलाइंस और प्रीमियम क्लास में वेट की लिमिट अलग हो सकती है। बैग का साइज भी तय होता है, इसलिए सिर्फ वेट ही नहीं बल्कि बैग की लंबाई-चौड़ाई भी पहले से चेक कर लें। बड़ा बैग होने पर एयरपोर्ट पर उसे चेक-इन करने के लिए कहा जा सकता है।

2. पर्सनल बैग छोटा रखें

पर्सनल बैग ऐसा होना चाहिए जिसे सामने वाली सीट के नीचे आसानी से रखा जा सके। इसमें छोटा हैंडबैग, लैपटॉप बैग, मैसेंजर बैग या बच्चे का छोटा बैग रखा जा सकता है। इसे बड़े सूटकेस की तरह भरने से बचें, क्योंकि एयरलाइन स्टाफ आपसे इसे अलग से चेक करने के लिए कह सकता है। जरूरी सामान को छोटे और आसानी से रखने वाले बैग में रखना ट्रैवल में भी आसान रहता है।

3. लिक्विड बोतल का रूल

केबिन बैग में लिक्विड, जेल, क्रीम और एरोसोल की हर बोतल 100 ml या उससे कम की होनी चाहिए। यहां बोतल की कुल क्षमता देखी जाती है, उसमें बचा हुआ सामान नहीं। यानी 200 ml की बोतल में सिर्फ 20 ml प्रोडक्ट बचा हो, तब भी उसे 200 ml की बोतल ही माना जाएगा। सभी छोटे लिक्विड कंटेनर एक ट्रांसपेरेंट, दोबारा बंद होने वाले पाउच में रखें, ताकि सिक्योरिटी चेक के समय आसानी हो।

4. जरूरी और एक्सपेंसिव आइटम

पासपोर्ट, पैसे, गहने, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान, कैमरा, पावर बैंक और एक्स्ट्रा लिथियम बैटरी जैसी चीजें अपने साथ केबिन बैग में रखना बेहतर होता है। पावर बैंक और अलग रखी लिथियम बैटरी को चेक-इन बैगेज में रखने की परमिशन नहीं होती। वहीं चाकू, ब्लेड, प्लायर, रिंच, मेटल नेल फाइल और दूसरे नुकीले या औजार जैसे सामान को केबिन बैग में न रखें, क्योंकि सिक्योरिटी चेकिंग में इन्हें रोका जा सकता है।

5. खाने-पीने की चीजों में सावधानी

बिरयानी, फल और सूखे स्नैक्स जैसी कई खाने की चीजें जर्नी में साथ ले जाई जा सकती हैं, लेकिन एयरपोर्ट और एयरलाइन के रूल अलग हो सकते हैं। मसाले या पाउडर जैसी चीजों की ज्यादा चेकिंग हो सकती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में ऐसी चीजें ले जाने पर उन्हें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर हो सकता है। शराब को भी चेक-इन बैगेज में रखना सेफ रहता है, जबकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खरीदा गया सील ड्यूटी-फ्री सामान अलग नियमों के तहत ले जाया जा सकता है।

फ्लाइट से पहले अपने सामान और जरूरी चीजों को अच्छी तरह जांच लेना समझदारी है। एयरपोर्ट के रेगुलेशन की थोड़ी जानकारी और सही तरीके से पैकिंग करने से सिक्योरिटी चेक के समय परेशानी नहीं होगी। साथ ही आपका समय बचेगा और सफर भी ज्यादा कम्फर्टेबल और स्ट्रेस फ्री रहेगा।