दशहरा और दिवाली का मौसम आते ही देशभर में घर लौटने की हलचल बढ़ जाती है। दूर शहरों में रहने वाले लोग महीनों पहले से टिकट बुक करने लगते हैं, ताकि त्योहार पर परिवार के साथ कुछ सुकून भरे पल बिता सकें। लेकिन इस बार हवाई सफर का बढ़ता किराया कई यात्रियों की चिंता बढ़ा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग घरेलू उड़ानों की कीमतों को लेकर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और बता रहे हैं कि कुछ लोकप्रिय रूट्स पर टिकट पिछले वर्षों की तुलना में काफी महंगे नजर आ रहे हैं।
दिल्ली-बेंगलुरु जैसे व्यस्त रूट का उदाहरण देते हुए एक यूजर ने दावा किया कि दो साल पहले दिवाली के दौरान जहां राउंड ट्रिप करीब 13 हजार रुपये में हो जाती थी, वहीं अब यही सफर 20 हजार रुपये से ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में त्योहार पर घर जाने की खुशी के साथ यात्रियों को बढ़ते यात्रा खर्च का भी हिसाब लगाना पड़ रहा है।
दिल्ली-बेंगलुरु का किराया बना चर्चा का कारण
मामला तब चर्चा में आया, जब Arnav नाम के एक यूजर ने दिल्ली-बेंगलुरु फ्लाइट के किराये को लेकर पोस्ट शेयर की। उन्होंने दावा किया कि करीब दो साल पहले दिवाली के दौरान इस रूट का राउंड ट्रिप लगभग 13 हजार रुपये में मिल जाता था, जबकि अब यही सफर आसानी से 20 हजार रुपये से ऊपर पहुंच रहा है।
उनकी पोस्ट के बाद कई यात्रियों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने बताया कि त्योहार के समय टिकट बुक करना उनके लिए सामान्य दिनों की तुलना में काफी महंगा साबित हो रहा है।
I swear Delhi–Bangalore used to be ~₹13K for a Diwali round trip just 2 years ago. Now it’s easily ₹20K+.
What happened to flight prices
— Arnav_807 (@807Arnav) September 19, 2026
सोशल मीडिया पर यात्रियों की अलग-अलग राय
महंगे किरायों को लेकर सोशल मीडिया पर सिर्फ शिकायतें ही नहीं, बल्कि इसकी वजह पर भी चर्चा हो रही है। कुछ यूजर्स का कहना है कि घरेलू उड़ानों के किराये लंबे समय से ऊंचे बने हुए हैं। एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि कुछ मामलों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा घरेलू उड़ान से सस्ती पड़ती दिखाई देती है। हालांकि, किसी भी फ्लाइट का किराया कई चीजों पर निर्भर करता है। यात्रा की तारीख, बुकिंग का समय, सीटों की उपलब्धता और रूट के हिसाब से कीमतों में काफी अंतर हो सकता है।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं टिकट के दाम?
सोशल मीडिया यूजर्स ने बढ़ते किरायों के पीछे कई संभावित कारण गिनाए हैं। इनमें एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमत, एयरलाइनों का ऑपरेशनल खर्च, सीमित प्रतिस्पर्धा, डॉलर-रुपये की विनिमय दर और त्योहारों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग शामिल हैं। कुछ यात्रियों ने यह सवाल भी उठाया कि अगर ईंधन की कीमतों में बदलाव होता है, तो उसका असर टिकट की कीमतों पर कितना और किस तरह पड़ता है।
सबसे ज्यादा असर किस पर?
महंगे हवाई टिकटों का असर उन लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है, जो नौकरी या पढ़ाई के लिए अपने परिवार से दूर दूसरे शहरों में रहते हैं। त्योहार पर घर जाना उनके लिए सिर्फ यात्रा नहीं, बल्कि अपनों के साथ समय बिताने का मौका होता है। ऐसे में टिकट का खर्च बढ़ने पर कई परिवारों को फ्लाइट और ट्रेन या बस जैसे दूसरे विकल्पों के बीच फैसला करना पड़ सकता है।
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