Delhi To Vaishno Devi Bus:ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो दिल्ली से सिर्फ इतने रुपये में जाएं वैष्णो देवी और श्रीनगर, जानिए किराया, टाइमिंग

नवरात्रि में माता वैष्णो देवी जाने या छुट्टियों में कश्मीर जाने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन कन्फर्म ट्रेन टिकट नहीं मिल रहा है। आप दिल्ली से बस से भी अपनी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। दिल्ली में कश्मीरी गेट पर इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से जम्मू, कटरा और श्रीनगर के लिए बसें मिलती हैं। इन बसों का किराया और चलने का समय अलग-अलग होता है। इसलिए, अपनी यात्रा शुरू करने से पहले किराए, समय और टिकट की उपलब्धता के बारे में पूछना जरूरी है।

दिल्ली से जम्मू जाने का किराया 811 रुपये

आईएसबीटी कश्मीरी गेट के काउंटर नंबर 6 पर तैनात अधिकारी सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक, जम्मू के लिए नॉन-एसी बसें रोजाना चलती हैं। ये बसें प्लेटफॉर्म नंबर 28 से हर घंटे रवाना होती हैं। जम्मू बस स्टैंड तक जाने का किराया 811 रुपये बताया गया है। वहीं, माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा जाने वाले यात्रियों के लिए बस का किराया 890 रुपये बताया गया है। नवरात्रि के दौरान यात्रा करने वाले लोग बस की उपलब्धता और प्रस्थान के समय की जानकारी संबंधित काउंटर से ले सकते हैं।

श्रीनगर के लिए एसी वोल्वो बस का भी ऑप्शन

अगर आप छुट्टियों में श्रीनगर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आप AC वोल्वो बस के बारे में भी सोच सकते हैं। सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक, यह बस दिल्ली से श्रीनगर के लिए बुधवार और शनिवार को चलती है। इसका किराया ₹2,697 बताया गया है। निकलने का समय रात 1 बजे बताया गया है। हालांकि, यात्रा से पहले श्रीनगर में निकलने की जगह और पहुंचने का समय कन्फर्म कर लेना सबसे अच्छा है।

टिकट बुक करने से पहले जान लें ये बातें

जम्मू, कटरा और श्रीनगर जाने वाले यात्री ISBT कश्मीरी गेट पर अपने-अपने काउंटर से बस का किराया, टाइमिंग और उपलब्धता के बारे में जानकारी ले सकते हैं। उपलब्ध ऑप्शन ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी देखे जा सकते हैं। जो लोग नवरात्रि और दूसरी छुट्टियों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें टिकट बुक करने से पहले किराया और बस के चलने की जानकारी कन्फर्म कर लेनी चाहिए। इससे उन्हें अपना बजट और यात्रा प्लान बनाने में मदद मिलेगी।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट

1 साल में बदलेगी रांची की तस्वीर! 2.85 करोड़ से 100 जगहों पर बनेंगे ग्रीन पैच, जानिए अपने इलाके का प्लान

Dussehra Long Weekend 2026: दशहरे पर मिलेगा 4 दिन का लॉन्ग वीकेंड, घूमने के लिए ये 6 जगहें रहेंगी बेस्ट; अभी बना लें प्लान

अगर आप कहीं पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो दशहरे के आसपास कहीं घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्टूबर में दशहरे पर आपको चार दिन का लॉन्ग वीकेंड मिल सकती है। इन चार दिन की छुट्टी में ऐसी जगह जाना बेहतर रहेगा, जहां कम समय में ज्यादा घूम सकें। इन चार दिनों की छुट्टियों में आप राजस्थान के ऐतिहासिक शहर, हम्पी के पुराने मंदिर और खंडहर या गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों पर जा सकते हैं। ये सभी जगहें छोटी छुट्टी के दौरान घूमने के लिए अच्छे विकल्प हो सकती हैं। आइए जानते हैं दशहरे के लॉन्ग वीकेंड में आप कहां-कहां पर घूम सकते हैं।

कब से कब तक होगी छुट्टी

2026 में दशहरा यानी विजयादशमी 20 अक्टूबर, मंगलवार को मनाई जाएगी। इससे पहले 17 अक्टूबर को शनिवार और 18 अक्टूबर को रविवार है। ऐसे में अगर आप 19 अक्टूबर, सोमवार की छुट्टी ले लेते हैं तो 17 से 20 अक्टूबर तक लगातार चार दिन का ब्रेक मिल जाएगा। इस दौरान आप परिवार या दोस्तों के साथ छोटी ट्रिप प्लान कर सकते हैं।

राजस्थान

अक्टूबर में राजस्थान घूमने के लिए मौसम काफी अच्छा रहता है। इस दौरान गर्मी कम होने लगती है और सर्दियों की शुरुआत के साथ यात्रा करना आरामदायक हो जाता है। चार दिन की छुट्टी में जयपुर और उदयपुर को ट्रिप में शामिल किया जा सकता है। जयपुर में अंबर फोर्ट, सिटी पैलेस, हवा महल और जंतर-मंतर देख सकते हैं, जबकि उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों, महलों और पुराने शहर की गलियों के लिए जाना जाता है। कम समय में आराम से घूमने के लिए बेहतर होगा कि दोनों शहरों में करीब दो-दो दिन बिताएं और ज्यादा जगहों को एक साथ कवर करने की कोशिश न करें।

दार्जिलिंग

अक्टूबर की छुट्टी में अगर आप ठंडे मौसम और पहाड़ों की खूबसूरती का आनंद लेना चाहते हैं तो दार्जिलिंग अच्छा ऑप्शन हो सकता है। मॉनसून के बाद यहां मौसम साफ रहने की वजह से हिमालय के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं। इस दौरान दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे में सफर करने, चाय के बागानों की सैर करने और खूबसूरत व्यू पॉइंट्स देखने का मौका मिल सकता है। चार दिन की छोटी ट्रिप के लिए भी दार्जिलिंग एक बेहतर डेस्टिनेशन है। लेकिन, पहाड़ी सफर पर निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।

ऋषिकेश

अगर आप चार दिन की छुट्टी में प्रकृति के साथ एडवेंचर और सुकून का मजा लेना चाहते हैं तो ऋषिकेश एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अक्टूबर में मॉनसून के बाद यहां मौसम सुहावना हो जाता है और घूमने के साथ योग व आउटडोर एक्टिविटीज का आनंद लिया जा सकता है। इस दौरान तापमान आमतौर पर 15 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। चार दिन की यात्रा में गंगा घाट, राम झूला, बीटल्स आश्रम, स्थानीय कैफे और आसपास के झरने व नेचर ट्रेल्स देखे जा सकते हैं।

हम्पी

अगर आप इतिहास और पुरानी विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो दशहरे की छुट्टी में हम्पी घूमने का प्लान बना सकते हैं। अक्टूबर से फरवरी तक यहां मौसम घूमने के लिए काफी आरामदायक रहता है। हम्पी अपने प्राचीन मंदिरों, विजयनगर साम्राज्य के खंडहरों, पत्थरों से बनी ऐतिहासिक इमारतों और अनोखे प्राकृतिक नजारों के लिए मशहूर है। यहां विरुपाक्ष मंदिर, विजया विट्ठल मंदिर, स्टोन रथ, लोटस महल और मतंगा हिल जैसी जगहें देखी जा सकती हैं। हम्पी की प्रमुख जगहों को घूमने के लिए आमतौर पर दो से तीन दिन काफी होते हैं, इसलिए चार दिन की छुट्टी में यह एक अच्छा ट्रैवल ऑप्शन हो सकता है।

गोवा

चार दिन की छुट्टी में अगर आप समुद्र, अच्छा खाना और आराम का मजा लेना चाहते हैं तो गोवा एक बढ़िया विकल्प हो सकता है। अक्टूबर से यहां मौसम धीरे-धीरे बेहतर होने लगता है और मॉनसून के मुकाबले आसमान साफ रहने की संभावना ज्यादा रहती है। इस दौरान दिसंबर और नए साल के पीक सीजन जैसी ज्यादा भीड़ भी नहीं होती। चार दिन की यात्रा में नॉर्थ गोवा के बीच और नाइटलाइफ का आनंद लेने के साथ साउथ गोवा की शांत जगहों पर भी समय बिताया जा सकता है।

केरल

अगर आप छुट्टी में प्रकृति और शांति का मजा लेना चाहते हैं तो केरल अच्छा विकल्प है। अक्टूबर के बाद यहां मौसम घूमने के लिए बेहतर हो जाता है। केरल में पहाड़, बैकवाटर्स, समुद्र तट और ऐतिहासिक जगहें देखने को मिलती हैं। चार दिन की छुट्टी में पूरे केरल को घूमना मुश्किल है, इसलिए कोच्चि और अलाप्पुझा जैसी एक-दो जगहों को ही ट्रिप में शामिल करना बेहतर रहेगा। इससे कम समय में आराम से घूम सकेंगे।

दिल्ली-NCR से जयपुर या ऋषिकेश की रोड ट्रिप की जा सकती है। वहीं, बेंगलुरु से हम्पी और मुंबई से गोवा या राजस्थान जाना भी अच्छा विकल्प रहेगा। दशहरे के समय ट्रैवल सीजन रहता है, इसलिए ट्रेन, फ्लाइट और होटल की बुकिंग पहले ही कर लेना बेहतर होगा।

International Trip: विदेश जाने से पहले सावधान! भारतीयों के लिए बदल गए इन देशों के वीजा और एंट्री के नियम

विदेशों में घूमना हर किसी का सपना होता है। अगर आप भी विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए ये काम की खबर है। विदेश घूमने का प्लान करने से पहले उस देश के वीजा और एंट्री नियम को एक बार जरूर चेक कर लें। कई देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए वीजा के नियम बदले हैं। कुछ देशों ने ई-वीजा की सुविधा शुरू की है, वहीं कुछ ने एंट्री के नियमों में बदलाव किया है। इसलिए विदेश जाने से पहले नए नियमों की जानकारी जरूर ले लें, ताकि सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में

लाओस

लाओस जाने वाले भारतीय पासपोर्ट धारक ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, यह इलेक्ट्रॉनिक वीजा (ई-वीजा) केवल कुछ तय किए गए एंट्री पॉइंट्स पर ही मान्य है। इसलिए यात्रा से पहले लाओस की आधिकारिक ई-वीजा वेबसाइट पर जाकर यह जरूर जांच लें कि किन बॉर्डर चेकपॉइंट से प्रवेश की अनुमति है। साथ ही, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, वीजा की वैलिडिटी और वीजा मिलने में लगने वाले समय की जानकारी भी पहले से ले लें, ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो।

श्रीलंका

25 मई 2026 से श्रीलंका भारत समेत 40 देशों के नागरिकों को 30 दिनों का मुफ्त टूरिस्ट इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल परमिट यानी ईटीए दे रहा है। ये परमिट मुफ्त है, लेकिन यात्रियों को श्रीलंका जाने से पहले इसे लेना जरूरी होगा। भारतीय यात्री डबल एंट्री परमिट के साथ 30 दिनों तक श्रीलंका में रह सकते हैं। दूसरी बार श्रीलंका जाना पहली यात्रा के समय मिली परमिट की वैधता के दौरान ही होना चाहिए। यात्रा से पहले यात्रियों को श्रीलंका की आधिकारिक ईटीए वेबसाइट पर जाकर नए नियम और जरूरी शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

चिली

चिली ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए डिजिटल वीजा एप्लिकेशन की सुविधा शुरू की है। अब भारतीय यात्री केवल कागजी प्रक्रिया पर निर्भर रहने के बजाय ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यात्रियों को अपनी एलिजिबिलिटी वेरिफाई करनी चाहिए और जरूरी डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन जमा करने होंगे। यात्रा की योजना पक्की करने से पहले चिली के आधिकारिक दूतावास या वाणिज्य दफ्तर की वेबसाइट पर वीजा प्रक्रिया और आवेदन पूरा होने में लगने वाले समय की जानकारी जरूर ले लें।

घाना

घाना अब भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ई-वीजा की सुविधा देता है, जिससे एलिजिबिल यात्री घाना जाने से पहले ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यात्रियों को घाना की आधिकारिक इमिग्रेशन या एम्बेसी की वेबसाइट पर यह जांच लेना चाहिए कि यात्रा के किस उद्देश्य के लिए अनुमति है, कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज देने होंगे, कितनी फीस लगेगी और वीजा कितने समय तक मान्य रहेगा। इससे यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।

वेनेजुएला

वेनेजुएला जाने वाले भारतीय यात्री इलेक्ट्रॉनिक वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, वहां प्रवेश के नियम यात्रा के उद्देश्य और कितने दिनों के लिए जाना है, इसके आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा की तैयारी शुरू करने से पहले यात्रियों को अपनी पात्रता और जरूरी शर्तों की पूरी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

ईरान

ईरान जाने वाले भारतीय यात्रियों को यात्रा से पहले ई-वीजा के लिए आवेदन करना जरूरी है। यात्रियों को यह नहीं मानना चाहिए कि ईरान पहुंचने के बाद उन्हें अपने आप वीजा मिल जाएगा। यात्रा में आखिरी समय पर परेशानी से बचने के लिए पहले ही वीजा के लिए जरूरी कागजात, आवेदन की प्रक्रिया, वीजा मिलने में लगने वाला समय और किन जगहों से ईरान में प्रवेश की अनुमति है, इसकी जानकारी जरूर जांच लें।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये हैं कि वीजा और विदेश यात्रा के नियम कभी भी बदल सकते हैं। इसलिए टिकट बुक करने से पहले जिस देश में जाना है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वीजा और एंट्री के नए नियम जरूर चेक कर लें। विदेश यात्रा पर जाने से पहले अपना पासपोर्ट जरूर जांच लें कि वह तय अवधि तक वैलिडिटी है या नहीं। साथ ही ई-वीजा या यात्रा की अनुमति, वापसी या आगे की फ्लाइट का टिकट, होटल की बुकिंग और पर्याप्त पैसे होने का सबूत अपने पास रखें। अगर जरूरी हो तो ट्रैवल इंश्योरेंस भी करा लें।

थाईलैंड और वियतनाम ही नहीं, ये अनोखा देश भी बना सकते हैं आपकी अगली ट्रिप यादगार!

दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने का प्लान बनाते समय थाईलैंड लंबे समय से लोगों की पसंद रहा है। खूबसूरत समुद्र तट, नाइटलाइफ, शॉपिंग और कई तरह के टूरिस्ट स्पॉट की वजह से यहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। लेकिन अब ट्रैवलर्स की पसंद में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है और वियतनाम भी तेजी से लोगों की पसंद बनता जा रहा है।

वियतनाम की खास बात यह है कि यहां घूमने वालों को खूबसूरत प्राकृतिक नजारे, ऐतिहासिक जगहें, लोकल कल्चर और अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस एक साथ मिल जाता है। साथ ही, बजट में यात्रा करने वालों के लिए भी यह देश काफी अट्रैक्टिव नजर आता है। यही वजह है कि कई ट्रैवलर अब अगली छुट्टी के लिए थाईलैंड के बजाय वियतनाम को चुनने के बारे में सोच रहे हैं।

थाईलैंड और वियतनाम की तुलना करने के तरीके:

1. कीमत और ट्रिप का खर्च

बजट की बात करें तो वियतनाम थाईलैंड के मुकाबले सस्ता ऑप्शन माना जाता है। होटल, लोकल खाना, टैक्सी और रोजकी छोटी जरूरतों पर यहां कम पैसे खर्च हो सकते हैं। बैकपैकिंग या कम बजट में घूमने वाले ट्रैवलर के लिए वियतनाम अट्रैक्टिव है। लेकिन भारत से जाने वाले ट्रैवलर का पूरा बजट सिर्फ वहां के खर्च पर डिपेंड नहीं करता। फ्लाइट, वीजा, होटल और घूमने वाली जगहों के टिकट को मिलाकर कुल खर्च देखना ज्यादा सही रहेगा।

2. घूमने की जगहों में किसका पलड़ा भारी?

डेस्टिनेशन के मामले में किसी एक देश को बेहतर कहना सही नहीं है, क्योंकि दोनों की अपनी अलग खासियत है। थाईलैंड खूबसूरत समुद्र तटों, द्वीपों, रिसॉर्ट्स और नाइटलाइफ के लिए जाना जाता है। बैंकॉक जैसे बड़े शहरों में शॉपिंग, मनोरंजन और घूमने के कई ऑप्शन मिलते हैं। दूसरी तरफ, वियतनाम में पहाड़, समुद्र, पुराने शहर, नदियां और ग्रामीण इलाकों का अलग एक्सपीरियंस मिलता है। हनोई, सापा, हा लॉन्ग बे और मेकांग डेल्टा जैसी जगहें उन लोगों को पसंद आ सकती हैं जो नेचर के साथ हिस्ट्री और लोकल कल्चर को भी करीब से देखना चाहते हैं।

3. खाने के मामले में कौन बेहतर?

खाने की पसंद पूरी तरह व्यक्ति पर डिपेंड करती है, क्योंकि दोनों देशों का खाना अपने-अपने तरीके से खास है। थाईलैंड में पैड थाई, टॉम यम, करी और कई तरह का स्ट्रीट फूड आसानी से मिल जाता है। वहीं वियतनाम का फो, बान्ह मी, बन चा और वियतनामी कॉफी काफी लोकप्रिय हैं। थाई खाना ज्यादा मसालेदार और तीखा होता है, जबकि वियतनामी खाने में ताजी सब्जियों, हर्ब्स और हल्के स्वाद का इस्तेमाल ज्यादा देखने को मिलता है। आप स्ट्रीट फूड ट्राय करना पसंद करते हैं, तो दोनों देशों में आपके लिए काफी कुछ नया हो सकता है।

4. इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी

टूरिस्टों के लिए घूमने की फैसिलिटी के मामले में थाईलैंड को काफी एक्सपीरियंस हासिल है। बैंकॉक जैसे शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट, होटल, टैक्सी और टूरिस्ट सुविधाएं आसानी से मिल जाती हैं। वियतनाम में भी पिछले कुछ वर्षों में टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बेहतर हुआ है, लेकिन कुछ जगहों पर ट्रैफिक और लोकल ट्रांसपोर्ट नए ट्रैवलर के लिए थोड़ा अलग एक्सपीरियंस हो सकता है। दोनों देशों में सड़क पार करते समय, बाइक वाले इलाकों में और भीड़भाड़ वाली जगहों पर सामान संभालकर रखना और सावधानी बरतना जरूरी है।

5. वीजा और इमिग्रेशन

फॉरेन ट्रिप की प्लानिंग में वीजा सबसे जरूरी चीजों में से एक है और इसके रूल समय के साथ बदलते रहते हैं। 2026 में भारतीय ट्रैवलर के लिए थाईलैंड की एंट्री व्यवस्था आसान रही है, जबकि वियतनाम जाने के लिए भारतीय पासपोर्ट होल्डर्स को ई-वीजा की जरूरत पड़ती है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले दोनों देशों की मौजूदा वीजा और एंट्री शर्तों को जरूर चेक कर लेना चाहिए।

दक्षिण-पूर्व एशिया में घूमने के लिए हर देश की अपनी अलग खासियत है। किसी को समुद्र तट और आइलैंड पसंद आ सकते हैं, तो किसी को इतिहास, संस्कृति, पहाड़ या मॉडर्न शहर ज्यादा अट्रैक्ट कर सकते हैं। इस पूरे रीजन में टूरिस्म को आसान, बेहतर और ज्यादा टिकाऊ बनाने पर भी लगातार काम हो रहा है। इसलिए किसी एक देश को हर ट्रैवलर के लिए सबसे बेहतर कहना सही नहीं होगा। आप पहली बार दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने जा रहे हैं, तो अपने बजट, पसंद और ट्रैवल के मकसद के हिसाब से डेस्टिनेशन चुनना ज्यादा अच्छा रहेगा। सही जगह चुनकर आपकी छुट्टी को सिर्फ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक नया एक्सपीरियंस बना सकता है।

घूमने का बना रहे हैं प्लान? IndiGo घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट पर दे रहा बड़ा ऑफर, जानें पूरी डिटेल

अगर आप कहीं पर घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। इंडिगो ने यात्रियों के लिए ‘ग्रेट कनेक्शन्स सेल’ ऑफर शुरू किया है। इस ऑफर के तहत लोगों को घरेलू (डोमेस्टिक) और अंतरराष्ट्रीय (इंटरनेशनल) रूट्स की कनेक्टिंग फ्लाइट्स की कीमत पर तगड़ा ऑफर मिलने वाला है। वहीं इंडिगो का ये ऑफर कम ही समय के लिए है। आप इस सेल का लाभ 17 सितंबर 2026 तक ही उठा सकते हैं। वहीं ऑफर के तहत 18 सितंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक की यात्रा के लिए टिकट बुक किए जा सकेंगे। आइए जानते हैं इसके बारे में सबकुछ

कितने किराए में होगा सफर

इंडिगो एयरलाइन का ये ऑफर केवल कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर ही लागू होगा। इंडिगो की इस सेल में घरेलू कनेक्टिंग फ्लाइट का एक तरफ का किराया 3,999 रुपये और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 8,999 रुपये से शुरू होगा। इस ऑफर का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को फ्लाइट रवाना होने से कम से कम तीन दिन पहले टिकट बुक करनी होगी। एयरलाइन के मुताबिक, इस सेल का उद्देश्य यात्रियों को कनेक्टिंग और एक से ज्यादा शहरों की यात्रा कम खर्च में करने का मौका देना है।

इन सेवाओं पर भी मिलेगी छुट

इंडिगो की सेल में यात्रियों को कुछ अतिरिक्त सेवाएं भी कम कीमत पर मिलेंगी। इंडिगो स्विच की कीमत 199 रुपये से शुरू होगी, जबकि सीधे इंडिगो से टिकट बुक करने पर 6ई फेयर होल्ड की सुविधा 49 रुपये से मिल सकेगी। वहीं, फास्ट फॉरवर्ड की सुविधा इंडिगो के ट्रैवल पार्टनर्स समेत सभी बुकिंग चैनल पर 299 रुपये से उपलब्ध होगी। कस्टमर टिकट और इन सेवाओं की बुकिंग इंडिगो की वेबसाइट, मोबाइल ऐप, 6ईस्काई, व्हाट्सऐप या चुने हुए ट्रैवल पार्टनर्स के जरिए कर सकते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

ये बात ध्यान देने वाली है कि 3,999 रुपये और 8,999 रुपये का शुरुआती किराया हर फ्लाइट में नहीं मिलेगा। कम किराए वाली सीटें सीमित हैं और टिकट की कीमत यात्रा के रूट, तारीख और सीटों की उपलब्धता के हिसाब से बदल सकती है। इसलिए कम कीमत में टिकट पाने के लिए जल्द बुकिंग करना बेहतर रहेगा। इंडिगो के मुताबिक, एयरलाइन के पास 430 से ज्यादा विमानों का बेड़ा है। कंपनी हर दिन करीब 2,200 उड़ानें संचालित करती है। इन फ्लाइट्स के जरिए देश के 95 से ज्यादा शहरों के साथ-साथ 40 अंतरराष्ट्रीय जगहों को भी जोड़ा जाता है।

फॉरेन ट्रिप पर नहीं होगी जेब ढीली, इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं पैसे!

विदेश घूमने का प्लान बनाते समय हम सबसे पहले फ्लाइट टिकट और होटल के खर्च जोड़ते है। लेकिन ट्रिप के दौरान लोकल ट्रांसपोर्ट, खाना-पीना, घूमने की जगहों की टिकट और दूसरी छोटी चीजों को खरीदने पर भी काफी पैसा खर्च हो जाता है। यदि इन खर्चों का पहले से अंदाजा न हो, तो बजट के बढ़ने का पता नहीं चलता है।

लेकिन यदि आप कुछ आसान टिप्स से फॉरेन ट्रिप का खर्च काफी कम किया जा सकता है। जिसमे आपको हर चीज में कटौती करने की जरूरत नहीं है, बस खर्च करने का सही तरीका पता होना चाहिए। ऐसे ही कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप पैसे भी बचा सकते हैं और अपनी फॉरेन ट्रिप को बिना ज्यादा खर्च की चिंता के खुलकर एन्जॉय कर सकते हैं।

1. पहले से बनाएं ट्रिप बजट

फॉरेन ट्रिप में खूबसूरत पार्क, मार्किट, समुद्र किनारे की जगहें, पुरानी गलियां और कुछ दर्शनीय स्थान बिना किसी टिकट के भी देखे जा सकते हैं। इसलिए ट्रिप से पहले उन जगहों की लिस्ट बना लें, जहां जाने के लिए ज्यादा पैसे खर्च न करने पड़ें। महंगी एक्टिविटी करने के बजाय शहर को पैदल घूमकर या लोकल मार्किट को एक्सप्लोर करके बिताएं। इससे कम खर्च में भी नई जगह को पास से देखने का अच्छा एक्सपीरियंस मिल सकता है।

 

2. होटल बुकिंग में बचाएं पैसे

विदेश में रहने के लिए मशहूर टूरिस्ट एरिया में होटल लेना काफी महंगा पड़ सकता है। यदि आपका बजट कम है, तो शहर के सिटी सेंटर से थोड़ा दूर होटल, हॉस्टल या होमस्टे देख सकते हैं। बस यह जरूर ध्यान रखें कि वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाए और होटल किसी ट्रेन, बस या मेट्रो स्टेशन के पास हो। रोज थोड़ी दूरी तय करके आप होटल के खर्च में अच्छी बचत कर सकते हैं।

3. बाहर खाने पर खर्च घटाएं

फॉरेन ट्रिप में रोज रेस्टोरेंट में खाना खाने से बजट तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में लोकल सुपरमार्केट से सैंडविच, फल, स्नैक्स, ड्रिंक्स और दूसरी जरूरी चीजें खरीदना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यदि आपको वहाँ होटल में किचन की फैसिलिटी है, तो कुछ खाना खुद भी तैयार कर सकते हैं। लॉन्ग जर्नी के लिए घर से कुछ पैक किए हुए स्नैक्स ले जाना भी मददगार हो सकता है।

4. महंगी एक्टिविटीज से बचें

नई जगह पर पहुंचने के बाद हर टूर, टिकट, राइड और महंगी एक्टिविटी करने का मन करता है, लेकिन इससे खर्च काफी बढ़ सकता है। इसलिए पहले तय करें कि इस ट्रिप में आपके लिए कौन-से एक्सपीरियंस सबसे खास हैं। कुछ चुनिंदा एक्टिविटीज के लिए पैसे खर्च करें और बाकी समय शहर की गलियों में घूमने, पार्क देखने, समुद्र किनारे बैठने या लोकल मार्केट एक्सप्लोर करने जैसे कम खर्च वाले ऑप्शन चुनें।

5. लोकल ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल

विदेश में एक जगह से दूसरी जगह जाने में काफी पैसा खर्च हो सकता है। इसलिए हर बार टैक्सी या कैब लेने के बजाय जहां संभव हो, बस, ट्रेन या मेट्रो जैसे लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। यदि कम सफर करना है, तो जरूरत के हिसाब से अलग-अलग टिकट लेना ज्यादा सस्ता हो सकता है। इस तरह पहले से थोड़ा हिसाब लगाने पर आने-जाने के खर्च को कम किया जा सकता है।

6. बल्क में करें सुवेनियर शॉपिंग

सुवेनियर एक-एक करके खरीदने के बजाय होलसेल मार्केट या थोक की दुकान से खरीदें। यहां एक साथ ज्यादा सामान लेने पर कीमत कम मिल सकती है, जिससे आपकी शॉपिंग बजट से बाहर नहीं जाएगी। आप दोस्तों या परिवार के लिए भी सुवेनियर खरीद रहे हैं, तो यह तरीका आपके काफी पैसे बचा सकता है।

यदि आप फॉरेन में या कही भी बाहर सिटी में घूम रहे है हर चीज पर ज्यादा पैसे खर्च करना जरूरी नहीं है। बस थोड़ा सोच-समझकर प्लान बनाएं और अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करें। एक यादगार सफर की चाबी यही है कि आप अपनी जरूरतों और प्रायोरिटी में सही बैलेंस बिठाएं, जिससे ट्रिप का एक्सपीरियंस भी शानदार रहे और आपका बजट भी न बिगड़े। इससे बजट भी काबू में रहेगा और आप बिना पैसों की ज्यादा चिंता किए अपनी फॉरेन ट्रिप का पूरा आनंद ले पाएंगे।

कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!

फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।

1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदा

टिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।

2. टिकट की पूरी कीमत जानें

कई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।

3. कई जगह देखें टिकट के दाम

कई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेक

हम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।

5. सही समय पर करें बुकिंग

फ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।

6. डेट बदलकर देखें किराया

आपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।

7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूल

टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें।

इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।

कम किराए के चक्कर में न बढ़ा लें ट्रैवल का खर्च, फ्लाइट बुकिंग में इन गलतियों से बचें!

फ्लाइट से घूमने का प्लान बनाते समय अक्सर लोग सिर्फ एक ही वेबसाइट पर किराया देखकर या जल्दबाजी में टिकट बुक करने की गलती कर बैठते हैं, जिससे ज्यादा खर्चा हो जाता है। केवल टिकट की शुरुआती कम कीमत देखकर तुरंत बुकिंग करना सही फैसला नहीं है, क्योंकि बाद में बैगेज, सीट सिलेक्शन और अन्य छिपे हुए चार्ज (Hidden Charges) जुड़ने से कुल किराया काफी बढ़ जाता है। इसलिए, एक स्मार्ट ट्रैवलर की तरह टिकट बुक करने से पहले हमेशा अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना करें और सभी रूल को ध्यान से पढ़ें, ताकि आपका सफर पूरी तरह से आपके बजट में रहे।

flight book

1. नजदीकी एयरपोर्ट का भी लें फायदा

टिकट बुक करते समय सिर्फ अपने सबसे पास या बड़े एयरपोर्ट से ही फ्लाइट ढूंढना जरूरी नहीं है। यदि आपके आसपास कोई दूसरा एयरपोर्ट है, तो वहां से मिलने वाली फ्लाइट की कीमत भी देखें। कई बार दूसरे एयरपोर्ट से उड़ान काफी सस्ती मिल जाती है। लेकिन वहां तक पहुंचने का खर्च भी टिकट की कीमत में जोड़कर ही फैसला करें।

2. टिकट की पूरी कीमत जानें

कई बार टिकट की शुरुआती कीमत बहुत कम दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के लास्ट में बैगेज, सीट चुनने, खाने या दूसरे चार्ज जुड़ जाते हैं। इसलिए सिर्फ शुरुआती किराया देखकर फैसला न करें। पेमेंट करने से पहले देखें कि टिकट की कुल कीमत कितनी है और उसमें क्या-क्या शामिल है।

3. कई जगह देखें टिकट के दाम

कई लोग पहली वेबसाइट पर मिली कीमत देखकर टिकट बुक कर देते हैं। ऐसा करने से पहले अलग-अलग एयरलाइन और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट पर किराया जरूर चेक करें। Google Flights जैसे प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग ऑप्शन की तुलना करने से आपको बेहतर डील मिल सकती है।

4. राउंड ट्रिप से पहले वन-वे भी चेक

हम अक्सर आने-जाने की जर्नी के लिए एक ही राउंड ट्रिप टिकट खोजते हैं। लेकिन हर बार यही सबसे सस्ता ऑप्शन हो, जरूरी नहीं है। अलग-अलग एयरलाइन की दो वन-वे टिकटों की कीमत भी चेक करें। कई बार इससे टोटल एक्सपेंसेस कम हो सकता है। साथ ही फ्लाइट का समय और सामान से जुड़े पॉलिसी भी जरूर देखें।

5. सही समय पर करें बुकिंग

फ्लाइट टिकट बुक करने का सही समय काफी मायने रखता है। कई महीने पहले टिकट लेने पर कभी-कभी किराया ज्यादा होता है। ट्रिप की तारीख बिल्कुल पास आने तक इंतजार करने पर भी टिकट महंगा हो सकता है। इसलिए ट्रैवल का प्लान बनते ही अलग-अलग तारीखों में किराया चेक करते रहें और सही कीमत मिलने पर बुकिंग करें।

6. डेट बदलकर देखें किराया

अगर आपकी ट्रैवल की तारीख फिक्स नहीं है, तो एक-दो दिन आगे-पीछे की तारीख भी जरूर देखें। शुक्रवार, रविवार या छुट्टियों के आसपास फ्लाइट का किराया ज्यादा हो सकता है। ऐसे में मंगलवार या बुधवार जैसे दिनों की उड़ान चेक करने पर कम कीमत का टिकट मिल सकता है।

7. बुकिंग से पहले पढ़ें ये रूल

टिकट बुक करने से पहले यह जरूर देख लें कि डेट बदलने या टिकट कैंसिल करने पर कितना चार्ज लगेगा। बहुत सस्ता टिकट कई बार नॉन-रिफंडेबल होता है या उसमें बदलाव करना महंगा पड़ सकता है। आपके पास एयरलाइन के रिवॉर्ड पॉइंट्स या माइल्स हैं, तो बुकिंग से पहले उन्हें इस्तेमाल करने का ऑप्शन भी जरूर चेक करें।

इस तरह थोड़ी समझदारी और पहले से तैयारी करके आप अपने सफर का बजट बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं। क्योंकि फ्लाइट टिकट बुक करना सिर्फ कम किराया देखना नहीं, बल्कि सही ऑप्शन चुनना भी जरूरी है। इसलिए टिकट लेते समय जल्दबाजी करने के बजाय सभी ऑप्शन को देखकर फैसला करें, ताकि जर्नी कम्फर्टेबल भी रहे और ज्यादा खर्च भी न हो।

भारतीयों के लिए खुशखबरी! विदेश घूमने का मौका न चुके, अबू धाबी का 30 दिन का वीजा बिलकुल फ्री

अबू धाबी घूमने का सपना देख रहे भारतीय ट्रैवलर के लिए अब यह ट्रिप आसान हो गयी हैं अबू धाबी की यात्रा का खर्च और झंझट दोनों कम हो सकते हैं। क्योंकि एलिजिबल भारतीय ट्रैवलर को 30 दिन का फ्री यूएई टूरिस्ट वीजा फैसिलिटी लॉन्च की है। इससे अबू धाबी घूमने की प्लानिंग बना रहे लोगों के लिए वहां जाना पहले के मुकाबले आसान हो गया है।

फ्री वीजा स्कीम

Abu Dhabi Airports Reports Record Growth in First Half of 2025

एलिजिबल इंडियन पासपोर्ट होल्डर को इस स्कीम में 30 दिन का यूएई टूरिस्ट वीजा बिना किसी शुल्क के मिल सकता है। इस वीजा के लिए करीब Dh285 यानी लगभग 7,500 रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस स्कीम का फायदा लेने के लिए ट्रिप की बुकिंग इसमें शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए करनी होगी।

 

बुकिंग का तरीका

Abu Dhabi Wallpapers (51 images) - WallpaperCat

इस फैसिलिटी का लाभ सीधे किसी भी बुकिंग से नहीं मिलेगा। ट्रैवलर को इस स्कीम में शामिल ट्रैवल पार्टनर या ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी के जरिए अबू धाबी का हॉलिडे पैकेज बुक करना होगा। अगर कोई ट्रैवलर 31 अक्टूबर से पहले पैकेज बुक कर लेता है, लेकिन उसकी ट्रिप इस टाइम ड्यूरेशन के बाद है, तो उसे फ्री वीजा का फायदा नहीं मिलेगा।

वीजा प्रोसेस

फ्री वीजा की प्रोसेस ट्रैवल एजेंसियों के जरिए पूरी की जाएगी। एजेंसी अबू धाबी के तय डेस्टिनेशन मैनेजमेंट पार्टनर के साथ मिलकर वीजा प्रोसेस कर सकती है। कुछ एजेंसियां अपने मौजूदा पार्टनर के जरिए भी काम कर सकती हैं।

फैमिली ट्रिप

इस स्कीम में फैमिली मेंबर सभी जरूरी शर्तें पूरी करते हैं, तो वे भी इस सुविधा का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन पूरी स्कीम फिलहाल 20,000 वीजा तक लिमिटेड है। वीजा के लिए कोई अलग से फास्ट ट्रैक सुविधा नहीं होगी।

ट्रैवल कंडीशन

फ्री वीजा पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। ट्रैवलर के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए और उसे भारत से अबू धाबी की ट्रिप करनी होगी। बुकिंग में अबू धाबी के होटल में कम से कम लगातार तीन रात रुकना और भारत से आने-जाने की फ्लाइट शामिल होनी चाहिए। जर्नी 1 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 के बीच ही करनी होगी।

 ध्यान दे

आप भी इस टाइम पर अबू धाबी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरूरी शर्तें पूरी करके इस ऑफर का फायदा उठा सकते हैं। लेकिन वीजा लिमिटेड है, इसलिए ट्रैवल और बुकिंग से पहले सभी रूल चेक करें।

पैकिंग की झंझट होगी खत्म! इस आसान फॉर्मूले से कम कपड़ों में पूरी होगी कई जगह की ट्रिप

जब भी कभी घूमने का प्लान बनते ही सबसे पहले यही सोच आती है कि कितने कपड़े साथ ले जाएं। हम जरूरत से ज्यादा कपड़े बैग में भर लेते हैं और फिर बाकी जरूरी सामान रखने की जगह ही नहीं बचती। इसके लिए नया पैकिंग फॉर्मूला काम आ सकता है। इस आसान तरीके से आप कम कपड़े लेकर भी कई अलग-अलग लुक बना सकते हैं और सफर में सामान संभालना भी आसान रहेगा।

 

 

ट्रेंडी टॉप्स (सिटी ट्रिप)

This may contain: a man and woman holding hands walking towards an airport with a van in the background

सबसे पहले अपने लिए 5 टॉप चुनें। इसमें टी-शर्ट, शर्ट, कुर्ती या दूसरे आरामदायक टॉप शामिल हो सकते हैं। कोशिश करें कि सभी टॉप ऐसे हों जिन्हें आप अलग-अलग पैंट, जींस या स्कर्ट के साथ पहन सकें। बहुत ज्यादा अलग-अलग रंग और डिजाइन रखने के बजाय ऐसे कपड़े चुनें जो आपस में आसानी से मेल खा जाएं। इससे हर दिन कपड़े बदलकर पहनने पर भी आपको अलग लुक मिलेगा और बैग में ज्यादा कपड़े रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

 

बॉटम कलेक्शन (बीच ट्रिप)

This may contain: a woman sitting on the floor opening her suitcase

अब 4 बॉटम चुनें, जैसे जींस, ट्राउजर, स्कर्ट या शॉर्ट्स। यहां भी ऐसी चीजें चुनना सही है जिन्हें ज्यादातर टॉप के साथ पहन सकें। एक ही जींस को दो-तीन अलग टॉप के साथ पहनकर पूरा लुक बदला जा सकता है। इससे कपड़ों की संख्या कम रहेगी, लेकिन आपके पास पहनने के कई ऑप्शन होंगे। इस तरह सूटकेस भी ज्यादा नहीं भरेगा।

 

लेयरिंग ट्रिक (माउंटेन ट्रिप)

Story pin image

इसके बाद 3 ऐसे कपड़े रखें जिन्हें जरूरत पड़ने पर ऊपर से पहना जा सके। मौसम के हिसाब से इसमें जैकेट, श्रग, कार्डिगन, स्वेटर या स्टोल रख सकते हैं। सुबह या शाम को ठंड बढ़ जाए तो ये कपड़े काम आएंगे। साथ ही, इन्हीं लेयर वाले कपड़ों से एक ही आउटफिट को थोड़ा अलग अंदाज भी दिया जा सकता है।

फुटवियर (बिजनेस ट्रिप)

जूते अक्सर बैग में काफी जगह घेर लेते हैं, इसलिए इन्हें ज्यादा रखने से बचें। हमेशा सिर्फ 2 जोड़ी जूते ही साथ ले जाएं। एक जोड़ी ऐसे जूते रखें जो आरामदायक हों और जिनमें आप घूमने या ज्यादा चलने में आसानी महसूस करें। दूसरी जोड़ी अपनी ट्रिप के हिसाब से चुनें।

 

फेवरेट एक्सेसरी

सबसे लास्ट में पसंदीदा कपड़ा, स्कार्फ, एक्सेसरी या आउटफिट रखे। इस एक चीज से आपको अपने रोज के कपड़ों में थोड़ा बदलाव करने का मौका मिलेगा। लेकिन यहां भी कोशिश करें कि ऐसी चीज न रखें जिसकी सच में जरूरत ही न हो। सिर्फ यह सोचकर सामान न बढ़ाएं कि शायद कभी काम आ जाए।

 

 

5-4-3-2-1 पैकिंग फॉर्मूला

यह फॉर्मूला ट्रिप के लिए सामान चुनने का एक आसान तरीका है। इसमें पहले से तय कर लिया जाता है कि कितने कपड़े और कितने जूते साथ ले जाने हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप बिना जरूरत के ज्यादा सामान पैक करने से बच जाते हैं। साथ ही, ऐसे कपड़े चुनते हैं जिन्हें आप अलग-अलग तरह से मिलाकर पहन सकें। लेकिन डेस्टिनेशन कहां की है, मौसम कैसा है और कितने दिनों के लिए जा रहे हैं, इसके हिसाब से आप इसमें चेंज कर सकते हैं।

डिफरेंट डेस्टिनेशन

याद रखें कि 5-4-3-2-1 पैकिंग फॉर्मूला कोई ऐसा नियम नहीं है जिसे हर ट्रिप में अपनाना जरूरी हो। समुद्र किनारे घूमने जाने के कपड़े अलग होंगे, जबकि पहाड़ों की ट्रिप के लिए ज्यादा गर्म कपड़ों की जरूरत पड़ सकती है। इसी तरह छोटी और लंबी ट्रिप में भी सामान अलग होंगे। इसलिए अपनी जगह, मौसम और ट्रिप के दिनों को देखकर इस फॉर्मूले में थोड़ा चेंज कर सकते हैं।