International Trip: विदेश जाने से पहले सावधान! भारतीयों के लिए बदल गए इन देशों के वीजा और एंट्री के नियम

विदेशों में घूमना हर किसी का सपना होता है। अगर आप भी विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आपके लिए ये काम की खबर है। विदेश घूमने का प्लान करने से पहले उस देश के वीजा और एंट्री नियम को एक बार जरूर चेक कर लें। कई देशों ने भारतीय यात्रियों के लिए वीजा के नियम बदले हैं। कुछ देशों ने ई-वीजा की सुविधा शुरू की है, वहीं कुछ ने एंट्री के नियमों में बदलाव किया है। इसलिए विदेश जाने से पहले नए नियमों की जानकारी जरूर ले लें, ताकि सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में

लाओस

लाओस जाने वाले भारतीय पासपोर्ट धारक ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, यह इलेक्ट्रॉनिक वीजा (ई-वीजा) केवल कुछ तय किए गए एंट्री पॉइंट्स पर ही मान्य है। इसलिए यात्रा से पहले लाओस की आधिकारिक ई-वीजा वेबसाइट पर जाकर यह जरूर जांच लें कि किन बॉर्डर चेकपॉइंट से प्रवेश की अनुमति है। साथ ही, जरूरी डॉक्यूमेंट्स, वीजा की वैलिडिटी और वीजा मिलने में लगने वाले समय की जानकारी भी पहले से ले लें, ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो।

श्रीलंका

25 मई 2026 से श्रीलंका भारत समेत 40 देशों के नागरिकों को 30 दिनों का मुफ्त टूरिस्ट इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल परमिट यानी ईटीए दे रहा है। ये परमिट मुफ्त है, लेकिन यात्रियों को श्रीलंका जाने से पहले इसे लेना जरूरी होगा। भारतीय यात्री डबल एंट्री परमिट के साथ 30 दिनों तक श्रीलंका में रह सकते हैं। दूसरी बार श्रीलंका जाना पहली यात्रा के समय मिली परमिट की वैधता के दौरान ही होना चाहिए। यात्रा से पहले यात्रियों को श्रीलंका की आधिकारिक ईटीए वेबसाइट पर जाकर नए नियम और जरूरी शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

चिली

चिली ने भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए डिजिटल वीजा एप्लिकेशन की सुविधा शुरू की है। अब भारतीय यात्री केवल कागजी प्रक्रिया पर निर्भर रहने के बजाय ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यात्रियों को अपनी एलिजिबिलिटी वेरिफाई करनी चाहिए और जरूरी डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन जमा करने होंगे। यात्रा की योजना पक्की करने से पहले चिली के आधिकारिक दूतावास या वाणिज्य दफ्तर की वेबसाइट पर वीजा प्रक्रिया और आवेदन पूरा होने में लगने वाले समय की जानकारी जरूर ले लें।

घाना

घाना अब भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए ई-वीजा की सुविधा देता है, जिससे एलिजिबिल यात्री घाना जाने से पहले ऑनलाइन वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले यात्रियों को घाना की आधिकारिक इमिग्रेशन या एम्बेसी की वेबसाइट पर यह जांच लेना चाहिए कि यात्रा के किस उद्देश्य के लिए अनुमति है, कौन-कौन से जरूरी दस्तावेज देने होंगे, कितनी फीस लगेगी और वीजा कितने समय तक मान्य रहेगा। इससे यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है।

वेनेजुएला

वेनेजुएला जाने वाले भारतीय यात्री इलेक्ट्रॉनिक वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, वहां प्रवेश के नियम यात्रा के उद्देश्य और कितने दिनों के लिए जाना है, इसके आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा की तैयारी शुरू करने से पहले यात्रियों को अपनी पात्रता और जरूरी शर्तों की पूरी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

ईरान

ईरान जाने वाले भारतीय यात्रियों को यात्रा से पहले ई-वीजा के लिए आवेदन करना जरूरी है। यात्रियों को यह नहीं मानना चाहिए कि ईरान पहुंचने के बाद उन्हें अपने आप वीजा मिल जाएगा। यात्रा में आखिरी समय पर परेशानी से बचने के लिए पहले ही वीजा के लिए जरूरी कागजात, आवेदन की प्रक्रिया, वीजा मिलने में लगने वाला समय और किन जगहों से ईरान में प्रवेश की अनुमति है, इसकी जानकारी जरूर जांच लें।

इन बातों का जरूर रखें ध्यान

सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये हैं कि वीजा और विदेश यात्रा के नियम कभी भी बदल सकते हैं। इसलिए टिकट बुक करने से पहले जिस देश में जाना है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर वीजा और एंट्री के नए नियम जरूर चेक कर लें। विदेश यात्रा पर जाने से पहले अपना पासपोर्ट जरूर जांच लें कि वह तय अवधि तक वैलिडिटी है या नहीं। साथ ही ई-वीजा या यात्रा की अनुमति, वापसी या आगे की फ्लाइट का टिकट, होटल की बुकिंग और पर्याप्त पैसे होने का सबूत अपने पास रखें। अगर जरूरी हो तो ट्रैवल इंश्योरेंस भी करा लें।

एयरपोर्ट पर नहीं होगी चेकिंग में देरी! बस बदलें बैग पैक करने का तरीका और अपनाएं ये आदतें ट्रेवलिंग में

फ्लाइट में ट्रैवल करते समय केबिन बैग में क्या ले जा सकते हैं और क्या नहीं, इसे लेकर कई ट्रैवलर को कन्फ्यूजन रहता है। कुछ खाने-पीने की चीजें, फल, स्नैक्स और जरूरी सामान आसानी से ले जाए जा सकते हैं, लेकिन लिक्विड, बैटरी और कुछ खास चीजों पर एयरपोर्ट सिक्योरिटी के रूल होते हैं। यदि इन रेगुलेशन की जानकारी पहले से हो, तो चेकिंग के समय परेशानी, सामान निकलवाने या महंगी चीजें खोने से बचा जा सकता है। इसलिए फ्लाइट पकड़ने से पहले यह जानना जरूरी है कि केबिन बैग में कौन-सी चीजें रखें और कौन-सी चीजें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर है।

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1. केबिन बैग की लिमिट

ज्यादातर भारतीय एयरलाइंस में इकॉनमी क्लास के पैसेंजर को एक केबिन बैग और एक छोटा पर्सनल बैग ले जाने की परमिशन होती है। केबिन बैग का वजन आम तौर पर 7 किलो तक होता है, जबकि कुछ एयरलाइंस और प्रीमियम क्लास में वेट की लिमिट अलग हो सकती है। बैग का साइज भी तय होता है, इसलिए सिर्फ वेट ही नहीं बल्कि बैग की लंबाई-चौड़ाई भी पहले से चेक कर लें। बड़ा बैग होने पर एयरपोर्ट पर उसे चेक-इन करने के लिए कहा जा सकता है।

2. पर्सनल बैग छोटा रखें

पर्सनल बैग ऐसा होना चाहिए जिसे सामने वाली सीट के नीचे आसानी से रखा जा सके। इसमें छोटा हैंडबैग, लैपटॉप बैग, मैसेंजर बैग या बच्चे का छोटा बैग रखा जा सकता है। इसे बड़े सूटकेस की तरह भरने से बचें, क्योंकि एयरलाइन स्टाफ आपसे इसे अलग से चेक करने के लिए कह सकता है। जरूरी सामान को छोटे और आसानी से रखने वाले बैग में रखना ट्रैवल में भी आसान रहता है।

3. लिक्विड बोतल का रूल

केबिन बैग में लिक्विड, जेल, क्रीम और एरोसोल की हर बोतल 100 ml या उससे कम की होनी चाहिए। यहां बोतल की कुल क्षमता देखी जाती है, उसमें बचा हुआ सामान नहीं। यानी 200 ml की बोतल में सिर्फ 20 ml प्रोडक्ट बचा हो, तब भी उसे 200 ml की बोतल ही माना जाएगा। सभी छोटे लिक्विड कंटेनर एक ट्रांसपेरेंट, दोबारा बंद होने वाले पाउच में रखें, ताकि सिक्योरिटी चेक के समय आसानी हो।

4. जरूरी और एक्सपेंसिव आइटम

पासपोर्ट, पैसे, गहने, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान, कैमरा, पावर बैंक और एक्स्ट्रा लिथियम बैटरी जैसी चीजें अपने साथ केबिन बैग में रखना बेहतर होता है। पावर बैंक और अलग रखी लिथियम बैटरी को चेक-इन बैगेज में रखने की परमिशन नहीं होती। वहीं चाकू, ब्लेड, प्लायर, रिंच, मेटल नेल फाइल और दूसरे नुकीले या औजार जैसे सामान को केबिन बैग में न रखें, क्योंकि सिक्योरिटी चेकिंग में इन्हें रोका जा सकता है।

5. खाने-पीने की चीजों में सावधानी

बिरयानी, फल और सूखे स्नैक्स जैसी कई खाने की चीजें जर्नी में साथ ले जाई जा सकती हैं, लेकिन एयरपोर्ट और एयरलाइन के रूल अलग हो सकते हैं। मसाले या पाउडर जैसी चीजों की ज्यादा चेकिंग हो सकती है, इसलिए ज्यादा मात्रा में ऐसी चीजें ले जाने पर उन्हें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर हो सकता है। शराब को भी चेक-इन बैगेज में रखना सेफ रहता है, जबकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खरीदा गया सील ड्यूटी-फ्री सामान अलग नियमों के तहत ले जाया जा सकता है।

फ्लाइट से पहले अपने सामान और जरूरी चीजों को अच्छी तरह जांच लेना समझदारी है। एयरपोर्ट के रेगुलेशन की थोड़ी जानकारी और सही तरीके से पैकिंग करने से सिक्योरिटी चेक के समय परेशानी नहीं होगी। साथ ही आपका समय बचेगा और सफर भी ज्यादा कम्फर्टेबल और स्ट्रेस फ्री रहेगा।