Venezuela Earthquake: इंडियन आर्मी ने 1 जुलाई (बुधवार) को ऑपरेशन अमिस्टैड के तहत वेनेजुएला के भूकंप प्रभावित इलाके में मलबे के नीचे फंसी एक 79 साल की बुजुर्ग महिला को सफलतापूर्वक निकाल लिया, ये बचाव ऑपरेशन अमिस्टैड के तहत चल रहे मानवीय अभियान का हिस्सा है। भारतीय आर्मी ने समय रहत
जाको राखे साइयां मार सके न कोय… यह कहावत वेनेजुएला के एक शख्स पर सटीक बैठती है। वेनेजुएला में चार दिन पहले आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। हालांकि, समय बीतने के साथ मलबे में फंसे लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है। इसी बीच एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब 106 घंटे तक मलबे में फंसे रहने के बाद 21 वर्षीय हारून लेवी कैंटिलो वर्गास को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
भूकंप की तबाही के बाद वेनेज़ुएला में हुआ चमत्कार!
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई घंटों की कड़ी मेहनत और संयुक्त बचाव अभियान के बाद हारून को वेनेजुएला के ला गुएरा राज्य के काराबालेडा पैरिश के तनागुएरेना इलाके में स्थित ओपीपी-25 इमारत के मलबे से जीवित निकाला गया। राष्ट्रपति बुकेले ने इस बचाव अभियान का वीडियो भी साझा किया। उन्होंने बताया कि यह अभियान वेनेजुएला, मैक्सिको और अल साल्वाडोर की बचाव टीमों ने मिलकर चलाया, जिसकी बदौलत युवक की जान बचाई जा सकी।
106 घंटे के बाद मलबे से जीवित निकला शख्स
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने बताया कि 21 वर्षीय युवक का सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद उसे विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि बचाव दल अब भी पूरी मेहनत से अभियान चला रहे हैं और उम्मीद है कि मलबे में फंसे अन्य लोगों को भी जीवित बचाया जा सकेगा। वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया और उसके सिर्फ 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा तेज झटका महसूस हुआ। इन दोनों भूकंपों से कई इमारतें ढह गईं, सड़कें और अन्य जरूरी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।
Después de intensas horas de trabajo conjunto, Aaron Levi Cantillo Vargas, de 21 años, ha sido rescatado con vida del edificio OPP 25, en el sector Tanaguarena, parroquia Caraballeda, estado de La Guaira.
Este rescate fue posible gracias al esfuerzo coordinado de los equipos href=”https://t.co/Q365IECCUV”>https://t.co/Q365IECCUV pic.twitter.com/NTeqQWCNKr
— Nayib Bukele (@nayibbukele) June 29, 2026
अब तक 1400 लोगों की मौत
राहत और बचाव दल प्रभावित लोगों तक लगातार मदद पहुंचाने में जुटे हैं। अधिकारियों की ओर से लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, कई देशों की टीमें भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में अब तक 1,430 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 68,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोग अपने परिजनों की तलाश के लिए दिन-रात मलबा हटा रहे हैं। इसके लिए वे फावड़े, रस्सियां, भारी मशीनों और कई जगह अपने हाथों का भी सहारा ले रहे हैं। इसी बीच, भूकंप आने के तीन दिन बाद राजधानी काराकास के उत्तर में स्थित काराबालेडा इलाके के मलबे से 11 वर्षीय एक बच्चे को जीवित बचा लिया गया।
Venezuela Earthquake Rescue Video: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में अब तक 235 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 4000 से ज्यादा लोग घायल है। वेनेजुएला में हालात कैसे है आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां कि सरकार ने कहा है कि 39 हजार लोगों के लापता होने की रिपोर्ट्स लिखी गई ह
Venezuela Earthquake Rescue Video: वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप में अब तक 235 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और 4000 से ज्यादा लोग घायल है। वेनेजुएला में हालात कैसे है आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां कि सरकार ने कहा है कि 39 हजार लोगों के लापता होने की रिपोर्ट्स लिखी गई ह
Venezuela Earthquake: बीते दिन वेनेजुएला में एक के बाद एक दो भीषण भूकंप आए जिससे पूरे देश में भयंकर तबाही मची है। अब इन दोनों भूकंपों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन इस आपदा ने ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भी हलचल पैदा कर दी है। दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों में से एक होने के कारण अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वेनेजुएला के संकट से भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं?
हालांकि, अभी तक तेल की सप्लाई रुकने का कोई बड़ा सबूत नहीं मिला है, लेकिन कच्चे तेल के लिए वेनेजुएला पर भारत की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए अगले कुछ दिन बेहद अहम होने वाले हैं।
भारत के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है वेनेजुएला?
इस संकट की टाइमिंग भारत के लिए थोड़ी चिंताजनक है। पिछले दो महीनों में मिडिल ईस्ट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया था। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल और मई 2026 में वेनेजुएला भारत के सबसे बड़े क्रूड सप्लायर्स में से एक बनकर उभरा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में जहां वेनेजुएला से हर महीने औसतन 64000 मीट्रिक टन क्रूड आता था, वहीं अप्रैल-मई 2026 में यह आंकड़ा उछलकर 10 लाख मीट्रिक टन प्रति माह के पार पहुंच गया है। भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला के हैवी क्रूड ऑयल को प्रोसेस करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, इसलिए सरकार इसे अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम मानती है।
क्या भूकंप से तेल रिफाइनरियों को पहुंचा है नुकसान?
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, राहत की बात यह है कि वेनेजुएला का ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर इस भयानक भूकंप के बाद भी बड़े नुकसान से बच गया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, तेल उत्पादन और निर्यात से जुड़े ऑपरेशन्स में अभी तक किसी बड़े व्यवधान की खबर नहीं है।
भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी काराकास और उसके आस-पास के रिहायशी इलाकों, ट्रांसपोर्ट और पब्लिक सुविधाओं पर पड़ा है। हालांकि, इंडस्ट्रियल इलाकों, बड़ी पाइपलाइनों, स्टोरेज टैंकों और एक्सपोर्ट टर्मिनल्स का बारीकी से निरीक्षण अभी भी जारी है। अगर बाद में किसी बड़े स्ट्रक्चरल डैमेज का पता चलता है, तो आने वाले दिनों में सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
क्या भारत में पैदा हो सकता है तेल का संकट?
इसकी उम्मीद बेहद कम है। भारत अपनी जरूरत का क्रूड ऑयल किसी एक देश से नहीं बल्कि 35 से ज्यादा देशों से खरीदता है। इस समय रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। इसके अलावा इराक, सऊदी अरब, यूएई, अमेरिका, ब्राजील और कई अफ्रीकी देशों से भी भारत तेल मंगाता है।
एनर्जी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वेनेजुएला से तेल की सप्लाई कुछ समय के लिए धीमी भी होती है, तो भारत के पास दूसरे विकल्प मौजूद हैं। साथ ही, भारतीय तेल कंपनियां हमेशा बैकअप इन्वेंट्री बनाकर रखती हैं।
सप्लाई नहीं रुकी, तो फिर क्यों डर रहा है बाजार?
बाजार की चिंता की बड़ी वजह यह है कि मिडिल ईस्ट के समुद्री रास्तों में जारी तनाव के बीच भारत ने जानबूझकर वेनेजुएला से खरीदारी बढ़ाई थी ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम की जा सके।
अब अगर एक तरफ मिडिल ईस्ट का रास्ता असुरक्षित रहता है और दूसरी तरफ भूकंप के चलते वेनेजुएला का एक्सपोर्ट भी प्रभावित होता है, तो ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कमी हो जाएगी। भारत अपनी जरूरत का 85 से 90 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा देती है, जिससे देश का चालू खाता घाटा और महंगाई दोनों बढ़ने का खतरा रहता है।
क्या आपकी जेब पर पड़ेगा असर?
इसका जवाब है- फिलहाल नहीं। भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल कीमतें केवल क्रूड ऑयल पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स और सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) के फैसले शामिल होते हैं। इसलिए, वेनेजुएला में आए इस भूकंप का तुरंत भारतीय पेट्रोल पंपों पर कोई असर नहीं दिखेगा।
लेकिन, अगर आने वाले दिनों में वेनेजुएला के ऑयल फील्ड्स में लंबा नुकसान सामने आता है और ग्लोबल मार्केट में क्रूड के दाम लंबे समय तक ऊंचे बने रहते हैं, तो आगे चलकर भारतीय उपभोक्ताओं को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ सकता है।
वेनेजुएला में बुधवार को आए शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया। कुछ ही सेकंड के अंतराल में महसूस हुए तेज झटकों से लोग घबराकर घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थानों से बाहर निकल आए। भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे, जिनमें अलग-अलग इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा जा सकता है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कई क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है, जबकि प्रशासन हालात का जायजा लेने और प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों को तेज करने में जुटा है। भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि पड़ोसी क्षेत्रों में भी उन्हें महसूस किया गया।
फिलहाल अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नुकसान के वास्तविक आंकड़ों का इंतजार किया जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को चर्चा में ला दिया है।
सड़कों में पड़ी खौफनाक दरारें, एयरपोर्ट पर मची भगदड़
भूकंप के झटकों के बाद कई इलाकों की सड़कें बीच से फट गईं। एक वीडियो में एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर मौजूद यात्री घबराकर बाहर भागते नजर आए। वहीं राजधानी कराकास की एक ऊंची इमारत की रूफटॉप स्विमिंग पूल से पानी झरने की तरह नीचे बहता दिखाई दिया।
ऊंची इमारतों को पहुंचा भारी नुकसान
कई वीडियो में इमारतों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें और टूटे हुए हिस्से नजर आए। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दो भूकंपों ने कई इलाकों में गंभीर संरचनात्मक क्षति पहुंचाई है।
पहले 7.2 फिर 7.5 तीव्रता का झटका
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पहला 7.2 तीव्रता का भूकंप सैन फेलिपे के पास आया। इसके केवल 39 सेकंड बाद युमारे क्षेत्र के निकट 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों के केंद्र लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर थे।
USGS की चेतावनी
USGS ने इस घटना को “अर्थक्वेक डबलट” बताया है। एजेंसी ने शुरुआती जांच में कहा कि व्यापक तबाही और बड़ी संख्या में हताहतों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं।
Roads in Venezuela are reportedly splitting down the middle after those strong earthquakes.
It looks absolutely terrifying. Really hoping everyone over there is staying safe.
Writer: Daniyalpic.twitter.com/LDpxuDm8Rm
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 25, 2026
‘ऐसा भूकंप पहले कभी नहीं देखा‘
कराकास की निवासी 56 साल के कोरो मार्टिनेज ने बताया कि जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और घर का सामान गिरने लगा। उन्होंने कहा, “मैंने अपने जीवन में ऐसा भूकंप कभी महसूस नहीं किया।”
1967 के भूकंप से भी ज्यादा डरावना अनुभव
80 वर्षीय मारिया रोमेरो ने कहा कि यह झटका 1967 के विनाशकारी भूकंप से भी ज्यादा भयावह लगा। पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
राहत और बचाव अभियान तेज
भूकंप के बाद राजधानी कराकास समेत कई प्रभावित इलाकों में दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें तैनात कर दी गई हैं। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं, जबकि आफ्टरशॉक आने की संभावना अभी भी बनी हुई है।
पूरे क्षेत्र में दहशत, नुकसान का आंकलन जारी
वेनेजुएला के अलावा पड़ोसी कोलंबिया तक झटके महसूस किए गए। कई लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में शरण लेने को मजबूर हो गए। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
Venezuela Earthquake: बुधवार को दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में ‘डबलट अर्थक्वेक’ (एक ही इलाके में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो जबरदस्त भूकंप आना) जैसी दुर्लभ भूकंपीय घटना हुई। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और यह 2204 GMT पर आया था। इसका केंद्र मोरॉन (Morón) तटीय शहर से लगभग 21 किलोमीटर पश्चिम में था। ठीक 39 सेकंड बाद, लगभग 45 किलोमीटर दूर 7.5 तीव्रता का दूसरा और भी ज्यादा शक्तिशाली भूकंप आया।
USGS ने इस घटना को “डबलेट” बताया और कहा कि 7.5 तीव्रता वाले मुख्य झटके से एक मिनट से भी कम समय पहले 7.2 तीव्रता का एक शुरुआती झटका आया था।
वहीं, जबरदस्त झटकों के कारण काराकस के लोग सड़कों पर दौड़ पड़े, क्योंकि वेनेजुएला की राजधानी में इमारतें हिल रही थीं। हालांकि अधिकारियों ने तुरंत किसी की मौत की पुष्टि नहीं की, लेकिन गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी।
कैबेलो ने कहा, “कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हम नहीं चाहते कि गैस से जुड़ा कोई हादसा हो।” उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर कई इमारतों की गैस सप्लाई काट दी गई है।
डबलट भूकंप क्या है?
भूकंप विज्ञान में, डबलट भूकंप का मतलब है एक ही इलाके में कम समय के अंतराल पर आए दो बड़े भूकंप, जिनकी तीव्रता लगभग एक जैसी हो।
शुरुआत में वैज्ञानिक उन भूकंपों को डबलट भूकंप कहते थे, जिनकी उत्पत्ति एक ही स्थान से होती थी और जिनसे निकलने वाली भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves) लगभग एक जैसी दिखाई देती थीं।
आज, इस शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर भूकंप की उन घटनाओं के लिए किया जाता है, जिनमें लगभग एक जैसी तीव्रता वाले दो या उससे ज्यादा मुख्य झटके कम समय के अंतराल पर आते हैं।
जबकि ‘आफ्टरशॉक’ (बाद के झटके) आम तौर पर शुरुआती भूकंप की तुलना में बहुत कमजोर होते हैं। ‘डबलट भूकंप’ में लगभग एक जैसी तीव्रता वाले कई बड़े झटके लगते हैं। ये झटके एक-दूसरे के कुछ सेकंड, मिनट या कई साल बाद भी आ सकते हैं, लेकिन ये सभी एक ही फॉल्ट सिस्टम या इलाके से जुड़े होते हैं।
वेनेजुएला में आए भूकंपों की श्रृंखला इसका एक उदाहरण है, क्योंकि 7.2 तीव्रता वाले ‘फोरशॉक’ (शुरुआती झटके) के तुरंत बाद 7.5 तीव्रता का ‘मेनशॉक’ (मुख्य झटका) आया। इस तरह, एक बड़े भूकंप के बाद छोटे आफ्टरशॉक आने के बजाय, दो शक्तिशाली भूकंपीय घटनाएं हुईं।
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