वेनेजुएला में 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 3,811 हो गई है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बुधवार को यह जानकारी दी। उनके अनुसार, इस आपदा में 16,740 लोग घायल हुए हैं, जबकि 17,907 लोग बेघर हो चुके हैं। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में राहत देने की अपील दोहराई है। उनका कहना है कि विदेशों में वेनेजुएला की बड़ी मात्रा में संपत्तियां और धनराशि फंसी हुई है। यदि इन्हें जारी कर दिया जाए तो भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण के साथ रोजगार और शिक्षा कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं। डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन के राजा चार्ल्स को पत्र लिखकर बैंक ऑफ इंग्लैंड में जमा वेनेजुएला का सोना जारी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के प्रमुख से बातचीत की गई है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के पास वेनेजुएला का करीब 31 टन सोना जमा है, जिसकी रिहाई को लेकर लंबे समय से ब्रिटेन की अदालतों में कानूनी विवाद चल रहा है। वेनेजुएला पर पिछले दो दशकों में अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने विभिन्न प्रतिबंध लगाए हैं। हालांकि, भूकंप के बाद अमेरिका ने राहत कार्यों से जुड़े कुछ वित्तीय लेनदेन के लिए चार महीने की सीमित छूट दी है, ताकि मानवीय सहायता और पुनर्वास कार्य प्रभावित न हों।
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में रविवार को फिर 5.6 तीव्रता का भूकंप आया। यूरो-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) के मुताबिक भूकंप का केंद्र अरागुआ तट के पास समुद्र में 30 किलोमीटर की गहराई में था। यह भूकंप 24 जून को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद शनिवार को 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था। वेनेजुएला में अब तक 1430 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही 3300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप के 72 घंटे बाद करीब 68,900 लोग अब भी लापता हैं और मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि भूकंप के बाद शुरू के 48 से 72 घंटे ही सबसे जरूरी होते है। इस समय लोगों को बचाने की उम्मीद ज्यादा रहती है। कई इलाकों में राहत टीमों की कमी के कारण लोग परिजन को ढूंढने के लिए खुद मलबा हटा रहे हैं। कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजन की तलाश कर रहे हैं। मैप में देखें, 24 जून को आए भूकंप की लोकेशन… भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें… वेनेजुएला के लिए भारत ने चलाया ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ भारत ने शुक्रवार को वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। ‘अमिस्ताद’ एक स्पेनिश शब्द है जिसका मतलब ‘दोस्ती’ होता है। वेनेजुएला की आधिकारिक भाषा स्पेनिश ही है। इस ऑपरेशन का मकसद भूकंप प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द मदद पहुंचाना और घायलों का इलाज कराना है। भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए करीब 35 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें जरूरी दवाइयां, मेडिकल इक्विपमेंट और राहत सामग्री शामिल हैं, जिनसे कम समय में अस्थायी इलाज सुविधाएं तैयार की जा सकती हैं। भारत ने 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी वेनेजुएला भेजी है। इसमें डॉक्टर, नर्स और मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं। यह टीम वहां घायलों का इलाज करेगी और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल भी बनाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को तुरंत इलाज मिल सके। दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है। रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत पहुंचाने में मुश्किल इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (IRC) की चीफ एलिनोर रेक्स ने बताया कि देश का मुख्य एयरपोर्ट क्षतिग्रस्त होने से बड़े पैमाने पर मदद पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने कहा कि IRC के पास पड़ोसी देश कोलंबिया में राहत सामग्री मौजूद है, लेकिन उसे वेनेजुएला तक पहुंचाने के लिए एयरपोर्ट तक पहुंच जरूरी है, जो एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। आने वाले दिनों में IRC की टीमें प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी, अस्थायी आश्रय और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी दवाइयां व चिकित्सा सामग्री पहुंचाने पर ध्यान देंगी। वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे सड़कों या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। ————– ये खबर भी देखें… मलबे में दबे 18 दिन के बच्चे का रेस्क्यू:इमारतों में अभी भी फंसे लोग; सड़क पर रिलीफ कैंप; वेनेजुएला भूकंप के 20 PHOTOS-VIDEOS वेनेजुएला में भूकंप के बाद हालात बदतर हैं। दो दिन बाद भी मलबे से फंसे लोगों और शवों को निकाला जा रहा है। शुक्रवार को 18 दिन के बच्चे को उसके मां के साथ सुरक्षित निकाला गया। लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। घायलों का इलाज सड़क पर किया जा रहा है। 7.2 और 7.5 तीव्रता के भूकंप बुधवार को आए थे। इनमें अब तक 900 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा तबाही काराकस और ला गुआइरा शहरों में हुई है। पूरी खबर देखें…
वेनेजुएला के ला गुआइरा में रेस्क्यू टीम ने शुक्रवार को 18 दिन के बच्चे को उसकी मां के साथ बिल्डिंग के मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। कई लोग अभी भी ढह चुकी इमारतों के नीचे दबे हुए हैं। वेनेजुएला में गुरुवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। पूरे देश में 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। 40 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकस की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। भूकंप के बाद के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। जहां लोग रेस्क्यू टीम्स के साथ मिलकर अपनों को ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। सड़कों पर रेस्क्यू कैंप्स में लोगों का इलाज चल रहा है और मलबा हटाने की कोशिश अभी भी जारी है। 20 PHOTO-VIDEO में देखें, वेनेजुएला में रेस्क्यू, इलाज, तबाही और राहत का मंजर… मलबे से रेस्क्यू, 4 तस्वीरें ढह गई बिल्डिंग्स में फंसे लोग, 2 तस्वीरें तबाह हुआ शहर, 2 तस्वीरें दुनियाभर से आती मदद, 6 तस्वीरें मलबा हटाने की कोशिश, 4 तस्वीरें सड़कों पर रिलीफ कैम्प, 2 तस्वीरें
————————————————– ये खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला भूकंप- मलबे में बच्चे का जन्म: गिरती बिल्डिंग से भागे लोग, रनवे पर खड़ा प्लेन थर्राया, यात्रियों में चीखपुकार मची; 26 PHOTOS-VIDEOS वेनेजुएला में 25 जून को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। पूरे देश में 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। 40 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकास की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। पूरी खबर पढ़ें…
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है। मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन… भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें… परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। 67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है। रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है। भारत ने भी राहत सामग्री भेजी भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। ———–
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भूकंप में अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं। वेनेजुएला में बुधवार को सन् 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। इसलिए अधिकतर लोग घरों में थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। इससे मलबे में दबने वालों की संख्या ज्यादा होने की आशंका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मलबे के अंदर से आवाजें आ रहीं हैं। सरकार ने देर रात बताया कि 39 हजार से अधिक लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है। वहीं, 30% आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिगेज से बात कर मदद की पेशकश की है। मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। भूकंप से जुड़ी 3 तस्वीरें… वेनेजुएला भूकंप से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Venezuela Earthquake: बुधवार को दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में ‘डबलट अर्थक्वेक’ (एक ही इलाके में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो जबरदस्त भूकंप आना) जैसी दुर्लभ भूकंपीय घटना हुई। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था और यह 2204 GMT पर आया था। इसका केंद्र मोरॉन (Morón) तटीय शहर से लगभग 21 किलोमीटर पश्चिम में था। ठीक 39 सेकंड बाद, लगभग 45 किलोमीटर दूर 7.5 तीव्रता का दूसरा और भी ज्यादा शक्तिशाली भूकंप आया।
USGS ने इस घटना को “डबलेट” बताया और कहा कि 7.5 तीव्रता वाले मुख्य झटके से एक मिनट से भी कम समय पहले 7.2 तीव्रता का एक शुरुआती झटका आया था।
वहीं, जबरदस्त झटकों के कारण काराकस के लोग सड़कों पर दौड़ पड़े, क्योंकि वेनेजुएला की राजधानी में इमारतें हिल रही थीं। हालांकि अधिकारियों ने तुरंत किसी की मौत की पुष्टि नहीं की, लेकिन गृह मंत्री डियोसदादो कैबेलो ने कई इलाकों में इमारतों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी।
कैबेलो ने कहा, “कुछ इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं और हम नहीं चाहते कि गैस से जुड़ा कोई हादसा हो।” उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर कई इमारतों की गैस सप्लाई काट दी गई है।
डबलट भूकंप क्या है?
भूकंप विज्ञान में, डबलट भूकंप का मतलब है एक ही इलाके में कम समय के अंतराल पर आए दो बड़े भूकंप, जिनकी तीव्रता लगभग एक जैसी हो।
शुरुआत में वैज्ञानिक उन भूकंपों को डबलट भूकंप कहते थे, जिनकी उत्पत्ति एक ही स्थान से होती थी और जिनसे निकलने वाली भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves) लगभग एक जैसी दिखाई देती थीं।
आज, इस शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर भूकंप की उन घटनाओं के लिए किया जाता है, जिनमें लगभग एक जैसी तीव्रता वाले दो या उससे ज्यादा मुख्य झटके कम समय के अंतराल पर आते हैं।
जबकि ‘आफ्टरशॉक’ (बाद के झटके) आम तौर पर शुरुआती भूकंप की तुलना में बहुत कमजोर होते हैं। ‘डबलट भूकंप’ में लगभग एक जैसी तीव्रता वाले कई बड़े झटके लगते हैं। ये झटके एक-दूसरे के कुछ सेकंड, मिनट या कई साल बाद भी आ सकते हैं, लेकिन ये सभी एक ही फॉल्ट सिस्टम या इलाके से जुड़े होते हैं।
वेनेजुएला में आए भूकंपों की श्रृंखला इसका एक उदाहरण है, क्योंकि 7.2 तीव्रता वाले ‘फोरशॉक’ (शुरुआती झटके) के तुरंत बाद 7.5 तीव्रता का ‘मेनशॉक’ (मुख्य झटका) आया। इस तरह, एक बड़े भूकंप के बाद छोटे आफ्टरशॉक आने के बजाय, दो शक्तिशाली भूकंपीय घटनाएं हुईं।
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