9 दिन तक अंधेरी सुरंग में फंसे रहे संजय साह, ‘हरे कृष्णा’ के जाप ने बचाई जान, जन्माष्टमी पर मिला नया जीवन

9 दिन तक अंधेरी सुरंग में फंसे रहे संजय साह, 'हरे कृष्णा' के जाप ने बचाई जान, जन्माष्टमी पर मिला नया जीवन

sanjay shah rescue operation

नेपाल के त्रिशूली में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 26 अगस्त की बाढ़ के बाद फंसे दो मजदूरों को 9 दिन बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। 'हरे कृष्णा' का जाप करने वाले फोरमैन संजय साह ने जन्माष्टमी के दिन जीवन मिलने की रोमांचक कहानी साझा की है। ALSO READ: नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर
 

मधेस प्रांत के सप्तरी जिले के रहने वाले और नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कर्मचारी संजय साह ने बताया कि इन नौ दिनों के हर एक पल में उन्होंने मौत को बहुत करीब से देखा, लेकिन उनका भरोसा नहीं डगमगाया।

संजय शाह पर थी सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी

संजय साह हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के तौर पर तैनात थे। उन्होंने बताया कि आपदा के वक्त जब अफरा-तफरी मची और बाकी लोग जान बचाकर भागने लगे, तब भी वे कंट्रोल रूम में ही डटे रहे। उनके कंधों पर सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। उन्होंने साथी कर्मचारियों से तुरंत वहां से भागने का आग्रह किया, लेकिन जब तक वे सुरक्षित बाहर निकल पाते, तब तक मेरे लिए बाहर निकलने के रास्ते बंद हो चुके थे और बहुत देर हो चुकी थी।

 

अंधेरी और बंद सुरंग के भीतर फंसे होने के दौरान संजय ने उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि पिछले नौ दिनों से वे लगातार 'हरे कृष्णा' महामंत्र का जाप कर रहे थे। उनका अटूट विश्वास था कि उन्हें बचाने कोई जरूर आएगा। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मिला जीवनदान

कुदरत का करिश्मा देखिए कि लगातार 'हरे कृष्णा' का जाप करने वाले संजय साह को ठीक कृष्ण जन्माष्टमी के पवित्र दिन पर ही सुरंग से जीवित बाहर निकाला गया। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के दिन मिले इस जीवनदान को हर कोई किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं मान रहा है।

 

लगातार एक हफ्ते से ज्यादा समय तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, संजय साह की हालत बिल्कुल स्थिर है और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। एहतियात के तौर पर उन्हें त्रिशूली के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

हालांकि, संजय के मुताबिक, सुरंग के और अंदर, विशेषकर पावरहाउस के आसपास कुछ और लोग भी फंसे हो सकते हैं, क्योंकि आपदा के समय हर कोई वक्त रहते बाहर निकलने में सफल नहीं हो पाया था। फिलहाल, प्रशासन यहां राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

Top News 4 September: देशभर में जन्माष्टमी की धूम, ISRO का EOS-05 लॉन्च, क्रूड 100 डॉलर के करीब

Top News 4 September: देशभर में जन्माष्टमी की धूम, ISRO का EOS-05 लॉन्च, क्रूड 100 डॉलर के करीब

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Top News 4 September : देशभर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम, इसरों ने अंतरिक्ष में ईओएस-05 उपग्रह प्रक्षेपित किया। इंडियन बास्केट में क्रूड फिर 100 डॉलर के करीब पहुंचा। नेपाल भीषण बाढ़ के बाद भूकंप से थर्राया। अभिजीत दीपके की पीएम मोदी को अनोख चुनौती। 4 सितंबर की बड़ी खबरें :   

 

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम 

देशभर में जन्माष्‍टमी पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। मथुरा, वृंदावन समेत देशभर के कृष्ण मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़। शुक्रवार मध्यरात्रि 12 बजे होने वाले कृष्ण जन्मोत्सव की सभी तैयारियां हो चुकी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी। ALSO READ: कान्हा की नगरी में गूंजा कृष्ण नाम, जन्मभूमि से निकली भव्य श्रीकृष्णोत्सव शोभायात्रा, भक्तों का उमड़ा सैलाब

 

इसरो ने अंतरिक्ष में भेजा ईओएस-05 उपग्रह

इसरो ने ईओएस-05 उपग्रह का आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपण किया। जीएसएलवी-एफ17 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित उपग्रह भारत का पहला अत्याधुनिक भू-तुल्यकालिक इमेजिंग सैटेलाइट है।

 

क्रूड फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब

अमेरिका और ईरान के बीच जंग से तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचती नजर आ रही है। इंडियन बास्केट में आज कच्चे तेल के दाम 99.35 डॉलर प्रति बैरल हो गए। ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 91.92 डॉलर प्रति बैरल है। 

 

नेपाल में भूकंप

नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर आपदा के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

अभिजीत दीपके की पीएम मोदी को चुनौती

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अनोखी चुनौती दी है। अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपनी पढ़ाई के रिकॉर्ड पर हाल ही में शुरू हुए विवाद के बाद दीपके ने पीएम मोदी से कहा कि चलिए दोनों अपनी-अपनी डिग्री सार्वजनिक करते हैं। ALSO READ: अमेरिका में पढ़ाई पर घिरे अभिजीत दीपके ने PM मोदी को दी चुनौती, जानिए क्या कहा…

Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

Nepal flood

Tibet Earthquake : नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर आपदा के बाद आई विनाशकारी बाढ़ के बीच गुरुवार को तिब्बत में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के बाद फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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नेपाल में बाढ़ के बीच आया भूकंप

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तिब्बत में भूकंप ऐसे समय आया है, जब हिमालयी क्षेत्र पहले से ही एक बड़ी ग्लेशियर आपदा के बाद आई भीषण बाढ़ से जूझ रहा है। इस आपदा का असर तिब्बत और नेपाल के कई इलाकों में देखने को मिला है। ताजा अपडेट के मुताबिक, इस आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि कम से कम 4,216 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और ग्लेशियर से जुड़ी इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।

 

5.0 तीव्रता के भूकंप का क्या मतलब है?

 

NCS के अनुसार, तिब्बत में आए भूकंप की तीव्रता 5.0 थी। इस तीव्रता के भूकंप को सामान्यतः मध्यम श्रेणी का भूकंप माना जाता है। इस तरह के भूकंप में इमारतों में स्पष्ट कंपन महसूस किया जा सकता है। कमजोर या खराब निर्माण वाली इमारतों को मामूली से मध्यम नुकसान पहुंच सकता है, जबकि अच्छी तरह से निर्मित संरचनाएं आम तौर पर गंभीर संरचनात्मक क्षति से बची रहती हैं।

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सिर्फ 10 किलोमीटर गहराई में आया भूकंप

 

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। कम गहराई वाले भूकंपों को अपेक्षाकृत ज्यादा नुकसानदायक माना जाता है, क्योंकि भूकंपीय ऊर्जा को सतह तक पहुंचने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ती है। इस वजह से ऊर्जा रास्ते में कम कमजोर होती है और सतह पर झटके ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं।

 

हिमालयी क्षेत्र में लगातार बनी हुई चिंता

 

तिब्बत में आए इस भूकंप ने हिमालयी क्षेत्र में जारी प्राकृतिक आपदाओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में ग्लेशियर आपदा के बाद तिब्बत और नेपाल में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। ऐसे में भूकंप और अन्य प्राकृतिक घटनाओं पर भारत, नेपाल और तिब्बत के अधिकारियों की नजर बनी हुई है। फिलहाल तिब्बत में आए 5.0 तीव्रता के भूकंप से किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

इंडोनेशिया में फिर आया जोरदार भूकंप, इस बार 6.5 तीव्रता का लगा झटका…38 लोगों की हो चुकी है मौत

इंडोनेशिया में एक बार फिर भूकंप आया है। इस बार 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। एनसीएस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि भूकंप 15 अगस्त को शाम 4:24 बजे आया। भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर काफी गहराई में था। यह करीब 165 किलोमीटर की गहराई में आया था। एनसीएस ने भूकंप की जगह इंडोनेशिया बताई है। भूकंप के बाद फिलहाल किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं मिली है। यह भूकंप ऐसे समय आया है, शनिवार तड़के इंडोनेशिया के तट पर 7.7 तीव्रता का जबरदस्त भूकंप आया. इसमें कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई और कई इमारतें व घर ढह गए।

38 लोगों की हुई मौत

इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक, पूर्वी नुसा तेंगारा के नागेकेओ जिले में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप में कम से कम 38 लोगों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हुए हैं। घायलों में दो लोगों की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि 11 लोगों को मामूली चोटें आई हैं। भूकंप प्रभावित इलाकों से करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है।

कई इमारतों को पहुंचा नुकसान 

तेज भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं और जगह-जगह भूस्खलन हुआ। कुछ सड़कें भी बंद हो गईं। संचार व्यवस्था और प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में परेशानी के कारण राहत और बचाव अभियान में भी दिक्कतें आईं। भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी भी जारी की गई थी। हालांकि, बाद में अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद सुनामी का बड़ा खतरा नहीं होने की बात कही और चेतावनी वापस ले ली।

बचाव दल भूकंप के केंद्र के आसपास के इलाकों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अधिकारी भूकंप से हुए नुकसान का जायजा ले रहे हैं। मुख्य भूकंप के बाद कई बाद के झटके (आफ्टरशॉक्स) भी महसूस किए गए हैं। शनिवार को आए ये दोनों भूकंप एक ही घटना का हिस्सा नहीं थे। 7.7 तीव्रता वाला जानलेवा भूकंप पूर्वी इंडोनेशिया में फ्लोरेस के पास आया था। वहीं, भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने जिस 6.5 तीव्रता के भूकंप की जानकारी दी, वह एक अलग जगह पर और जमीन के काफी नीचे आया था। इसलिए दोनों भूकंपों को अलग-अलग घटनाओं के तौर पर देखा जा रहा है।

Indonesia Earthquake: इंडोनेशिया में फिर कांपी धरती, 7.6 की जोरदार भूकंप से हिला फ्लोरेस आईलैंड, सुनामी को लेकर अलर्ट

इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप के पास शनिवार तड़के आए 7.6 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने लोगों में दहशत पैदा कर दी। तेज झटकों के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र एंडे शहर से करीब 68 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में समुद्र के भीतर था। भूकंप महज 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिससे इसके प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई। मुख्य झटके के बाद उसी क्षेत्र में 5.6 और 5.9 तीव्रता के दो मजबूत आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए।

भूकंप के बाद इंडोनेशिया की मौसम, जलवायु और भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की। समुद्र में आए इस शक्तिशाली भूकंप के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों की निगाहें संभावित सुनामी लहरों पर टिकी हैं। इंडोनेशिया पहले से ही भूकंप और सुनामी के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है।

5.6 और 5.9 तीव्रता के आफ्टरशॉक्स

मुख्य भूकंप के बाद उसी क्षेत्र में दो तेज झटके भी महसूस किए गए। इनकी तीव्रता क्रमशः 5.6 और 5.9 मापी गई। लगातार आए झटकों से स्थानीय स्तर पर चिंता बढ़ गई।

सुनामी को लेकर अलर्ट

भूकंप के बाद इंडोनेशिया की मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी (BMKG) ने संभावित सुनामी लहरों को लेकर चेतावनी जारी की। समुद्र के भीतर आए शक्तिशाली और उथले भूकंप के कारण सुनामी का खतरा पैदा हो सकता है।

‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है इंडोनेशिया

इसका प्रमुख कारण इनका प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित होना है। यह दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक है, जो जापान से दक्षिण-पूर्व एशिया होते हुए प्रशांत महासागर के आसपास तक फैला हुआ है।

Colombia Earthquake: कोलंबिया में सबसे शक्तिशाली भूकंप से अब तक 132 मौतें, 570 से ज्यादा लोग घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Colombia Earthquake: सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में भारी तबाही मचाई है। देश का सबसे गरीब विभाग चोको और मशहूर कॉफी एक्सिस इलाके इस भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बता दें कि इस भयानक आपदा से अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 570 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

वहीं, भूकंप के तेज झटकों से दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। फिलहाल, राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

कोलंबिया की जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक, यह 21वीं सदी में देश में दर्ज किया गया अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है।

1. कोलंबिया का सबसे गरीब इलाका चोको, एक बड़ी बचाव चुनौती का सामना कर रहा है

भूकंप का केंद्र चोको विभाग के सैन जोस डेल पालमार के पास था। चोको कोलंबिया के सबसे गरीब इलाकों में से एक है, जहां दो-तिहाई से ज्यादा आबादी गरीबी में रहती है। इस इलाके में सड़क संपर्क बेहद सीमित है और कई गांव दूर-दराज के क्षेत्रों में बसे हैं। ऐसे में राहत और बचाव टीमों को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में काफी मुश्किल हो रही है। संचार व्यवस्था प्रभावित होने से रेस्क्यू और राहत अभियान की परेशानी और बढ़ गई है।

2. कॉफी उत्पादन वाले इलाके में भारी तबाही

कोलंबिया के कॉफी उत्पादन वाले इलाके के बीचों-बीच स्थित रिसराल्डा (Risaralda) सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है। यहां के परेरा (Pereira) में सबसे ज्यादा 60 लोगों की मौत हुई है, जबकि डॉस्क्यूब्राडास (Dosquebradas) में भी भारी तबाही हुई है। अधिकारी तबाही के पैमाने का आकलन कर रहे हैं और बचाव टीमें गिरी हुई और क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच काम कर रही हैं।

3. 1,500 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त

राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने बताया कि 1,577 रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 37 पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। 60 से ज्यादा इमारतें ढह गई हैं, जबकि 18 स्वास्थ्य केंद्र और 52 स्कूल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, पांच राजधानी शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

4. बचावकर्मी बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं, अस्पतालों को भी नुकसान

भूकंप ने कई शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। कैली में यूनिवर्सिटी अस्पताल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे मरीज अंदर फंस गए। अस्पताल के बुनियादी ढांचे का लगभग 30% हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, जिसमें बच्चों के इलाज (पीडियाट्रिक्स), इंटरनल मेडिसिन और नवजात शिशु इकाई (नियोनेटल यूनिट) वाले हिस्से शामिल हैं। मलबे से कम से कम चार लोगों को बचाया गया, जबकि अन्य मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

5. बचाव दल ने तेज किया रेस्क्यू ऑपरेशन

गिरी हुई इमारतों के मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए प्रभावित इलाकों में पुलिस, फायरफाइटर, सैनिक और वॉलंटियर्स को तैनात किया गया है। कैली में, बचावकर्मियों ने गिरी हुई एक इमारत से दो महिलाओं और दो बच्चों को जिंदा बाहर निकाला है। अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए लोगों को ढूंढना और उन्हें बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

6. तबाही से जूझ रहे कोलंबिया की मदद के लिए आगे आए कई देश

भूकंप से हुई भारी तबाही के बीच कई देशों ने कोलंबिया की मदद के लिए रेस्क्यू टीम, मेडिकल स्टाफ और जरूरी उपकरण भेजने की पेशकश की है। इक्वाडोर ने 47 बचावकर्मियों, खोजी कुत्तों और ऐसे उपकरणों की पेशकश की है, जो करीब सात दिनों तक बिना बाहरी मदद के काम कर सकते हैं। इसके अलावा, अल साल्वाडोर और मैक्सिको ने भी सहायता की पेशकश की है। जबकि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे कोलंबिया की मदद के लिए तैयार हैं।

बता दें कि यह भूकंप सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 7:34 बजे आया। US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इसका केंद्र चोको (Chocó) में सैन होज़े डेल पालमार के पास ज़मीन से 107 किलोमीटर की गहराई में था। बचाव कार्य जारी रहने के साथ ही, अधिकारी पश्चिमी और मध्य कोलंबिया में हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और साथ ही टूटी हुई सड़कों, ठप पड़े संचार और ज़रूरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं से भी निपट रहे हैं।

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Colombia Earthquake : कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 50 से अधिक लोगों की मौत

कोलंबिया में बड़ा भूकंप आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार को कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का तेज भूकंप आया। इस भूकंप में कम से कम 50 लोगों की मौत होने की खबर है। भूकंप के तेज झटकों से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा और कम से कम 20 इमारतें ढह गईं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक सुबह 7:34 बजे आया। इसका केंद्र सैन होजे डेल पाल्मार से करीब तीन मील पूर्व में बताया गया है।

भूकंप के बाद कोलंबिया के कैली शहर में कई लोगों के मलबे में फंसे होने की खबर सामने आई। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं। USGS ने बताया कि भूकंप की तीव्रता और इसके केंद्र से जुड़ी शुरुआती जानकारी की अभी समीक्षा की जा रही है। वैज्ञानिक जैसे-जैसे नए डेटा का विश्लेषण करेंगे, भूकंप की बताई गई तीव्रता में बदलाव हो सकता है।

इस बीच, कोलंबिया की नागरिक उड्डयन एजेंसी ने बताया कि भूकंप से प्रभावित छह हवाई अड्डों पर फिलहाल कामकाज रोक दिया गया है। एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि ये सभी हवाई अड्डे पश्चिमी कोलंबिया में हैं और परेरा, मनिज़ालेस, क्विबडो, आर्मेनिया, कार्टागो और बुएनावेन्टुरा शहरों को हवाई सेवाएं देते हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, सोमवार को कोलंबिया में आए भूकंप के झटके पड़ोसी देश वेनेजुएला में भी महसूस किए गए। यह भूकंप वेनेजुएला में 24 जून 2026 को आए दो बड़े भूकंपों के कुछ महीनों बाद आया है। उस दिन देश में पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था। इसके करीब 39 सेकंड बाद वेनेजुएला के उत्तरी तट पर, राजधानी काराकस के पश्चिम में 7.5 तीव्रता का मुख्य भूकंप आया था।

वेनेजुएला में क्या हुआ था?

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, वेनेजुएला में आए दूसरे भूकंप को ‘उथला स्ट्राइक-स्लिप भूकंप’ बताया गया था। यह भूकंप कैरिबियन और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास आया था।वेनेजुएला में ये दोनों बड़े भूकंप 24 जून 2026 को आए थे। इसके कुछ महीनों बाद अब सोमवार को कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसके झटके वेनेजुएला में भी महसूस किए गए। फिलहाल USGS कोलंबिया में आए सोमवार के भूकंप से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा कर रहा है। जैसे-जैसे वैज्ञानिकों को नया डेटा मिलेगा, भूकंप की तीव्रता और इसके असर से जुड़ी जानकारी में बदलाव या अपडेट किया जा सकता है।

Venezuela Earthquake: भारतीय सेना की वेनेजुएला में जांबाजी… 79 साल की महिला को मलबे से निकाला जिंदा, जवानों के कायल हुए स्थानीय लोग, VIDEO

Venezuela Earthquake: इंडियन आर्मी ने 1 जुलाई (बुधवार) को ऑपरेशन अमिस्टैड के तहत वेनेजुएला के भूकंप प्रभावित इलाके में मलबे के नीचे फंसी एक 79 साल की बुजुर्ग महिला को सफलतापूर्वक निकाल लिया, ये बचाव ऑपरेशन अमिस्टैड के तहत चल रहे मानवीय अभियान का हिस्सा है। भारतीय आर्मी ने समय रहत

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Earthquake : दिल्ली-NCR में हिली धरती, महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके

दिल्ली-एनसीआर समेत भारत के कई हिस्सों में शनिवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के मुताबिक भूकंप का केंद्र अफगानिस् में था।  रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.2 मापी गई।

भारत समेत कई देशों में हिली धरती

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, अफगानिस्तान में आए भूकंप का केंद्र जमीन से 215 किलोमीटर की गहराई में था। यह भूकंप उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान के कलाफगन शहर से करीब 81 किलोमीटर दूर आया। भूकंप के झटके सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहे। पाकिस्तान, भारत, चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिज़स्तान और तुर्कमेनिस्तान समेत कई देशों में भी लोगों ने कंपन महसूस की।

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