कोलंबिया भूकंप के 2 दिन बाद मलबे में मिला नवजात:5 मंजिला इमारत गिरी थी, रेस्क्यू टीम को आवाज देकर बोला शख्स- यहां बच्चे के साथ हूं

साउथ अमेरिकी देश कोलंबिया में सोमवार रात आए 7.4 तीव्रता के भूकंप के करीब 48 घंटे बाद मलबे से एक बच्चे को जिंदा निकाला गया। बच्चा एक गिरी हुई पांच मंजिला रिहायशी इमारत के मलबे में फंसा था। उसके साथ एक आदमी भी दबा हुआ था। यह रेस्क्यू बुधवार को भूकंप के बाद चल रहे तीसरे दिन के सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, रेस्क्यू टीम ने बताया कि उन्हें मलबे के नीचे से एक आदमी की आवाज सुनाई दी। आदमी ने कहा- ‘हां, मैं यहीं हूं। मैं एक बच्चे के साथ हूं।’ इसके बाद मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम और बाकी लोगों ने तुरंत हाथों से मलबा हटाना शुरू कर दिया। एक भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे एक शख्स और नवजात बच्चा फंसा हुआ था। लोगों ने स्लैब को उठाया और दोनों को बचाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे का सिर बैंगनी जैसा पड़ गया था, क्योंकि उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। भारत बोला- हम हर संभव मदद के लिए तैयार भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कोलंबिया में जान-माल के नुकसान से वे बेहद दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा कि भारत जरूरत पड़ने पर कोलंबिया को हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। भूकंप से जुड़ी 5 फोटोज बेघर लोगों को आर्थिक मदद देगा कोलंबिया कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रिसाराल्दा प्रांत में प्रभावित लोगों को 3 महीने तक घरेलू सेवाओं के बिल से राहत देने का आदेश दिया है। जिन लोगों के घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, उन्हें अस्थायी आवास के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी। बाद में घरों की मरम्मत और दोबारा निर्माण में भी सहायता दी जाएगी। परेरा में सबसे ज्यादा मौतें परेरा शहर में अकेले 60 लोगों की मौत हुई है। करीब 5 लाख की आबादी वाला यह शहर भूकंप के केंद्र से 64 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। राजधानी बोगोटा समेत कई शहरों में भी तेज झटके महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर लोग इमारतों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। चोको और रिसाराल्डा में भारी नुकसान अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप सोमवार सुबह करीब 7:34 बजे आया। इसका केंद्र चोको इलाके में सैन जोसे डेल पालमार के पास था। भूकंप की गहराई 107 किलोमीटर थी। कोलंबिया में ज्यादा भूकंप क्यों आते हैं कोलंबिया दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां हर साल हजार से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। कोलंबिया में बार-बार भूकंप आने की सबसे बड़ी वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह देश ‘रिंग ऑफ फायर’ नाम के भूकंप और ज्वालामुखी वाले क्षेत्र में आता है। यहां नाजका, कोकोस और दक्षिण अमेरिकी जैसी कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनमें से एक प्लेट दूसरी के नीचे धंसती रहती है। इसी वजह से जमीन के अंदर लगातार हलचल होती रहती है, जिससे अक्सर तेज भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं। ———————— यह खबर भी पढ़ें… कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 100 से ज्यादा मौतें:कई लोग मलबे में दबे, सैकड़ों घायल; इमारतें खाली कराई गईं दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसमें अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई हैं। भूकंप स्थानीय समय के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 7 बजे आया। लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई इमारतें खाली कराई गई हैं। सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर है। पूरी खबर पढ़ें…

Colombia Earthquake: कोलंबिया में सबसे शक्तिशाली भूकंप से अब तक 132 मौतें, 570 से ज्यादा लोग घायल, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Colombia Earthquake: सोमवार को आए 7.4 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में भारी तबाही मचाई है। देश का सबसे गरीब विभाग चोको और मशहूर कॉफी एक्सिस इलाके इस भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बता दें कि इस भयानक आपदा से अब तक कम से कम 132 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 570 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

वहीं, भूकंप के तेज झटकों से दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। फिलहाल, राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

कोलंबिया की जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक, यह 21वीं सदी में देश में दर्ज किया गया अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है।

1. कोलंबिया का सबसे गरीब इलाका चोको, एक बड़ी बचाव चुनौती का सामना कर रहा है

भूकंप का केंद्र चोको विभाग के सैन जोस डेल पालमार के पास था। चोको कोलंबिया के सबसे गरीब इलाकों में से एक है, जहां दो-तिहाई से ज्यादा आबादी गरीबी में रहती है। इस इलाके में सड़क संपर्क बेहद सीमित है और कई गांव दूर-दराज के क्षेत्रों में बसे हैं। ऐसे में राहत और बचाव टीमों को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में काफी मुश्किल हो रही है। संचार व्यवस्था प्रभावित होने से रेस्क्यू और राहत अभियान की परेशानी और बढ़ गई है।

2. कॉफी उत्पादन वाले इलाके में भारी तबाही

कोलंबिया के कॉफी उत्पादन वाले इलाके के बीचों-बीच स्थित रिसराल्डा (Risaralda) सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक है। यहां के परेरा (Pereira) में सबसे ज्यादा 60 लोगों की मौत हुई है, जबकि डॉस्क्यूब्राडास (Dosquebradas) में भी भारी तबाही हुई है। अधिकारी तबाही के पैमाने का आकलन कर रहे हैं और बचाव टीमें गिरी हुई और क्षतिग्रस्त इमारतों के बीच काम कर रही हैं।

3. 1,500 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त

राष्ट्रपति अबेलार्डो डे ला एस्प्रिएला ने बताया कि 1,577 रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 37 पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। 60 से ज्यादा इमारतें ढह गई हैं, जबकि 18 स्वास्थ्य केंद्र और 52 स्कूल भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा, पांच राजधानी शहरों में रेड अलर्ट जारी किया गया है।

4. बचावकर्मी बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं, अस्पतालों को भी नुकसान

भूकंप ने कई शहरों में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। कैली में यूनिवर्सिटी अस्पताल का एक हिस्सा ढह गया, जिससे मरीज अंदर फंस गए। अस्पताल के बुनियादी ढांचे का लगभग 30% हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ, जिसमें बच्चों के इलाज (पीडियाट्रिक्स), इंटरनल मेडिसिन और नवजात शिशु इकाई (नियोनेटल यूनिट) वाले हिस्से शामिल हैं। मलबे से कम से कम चार लोगों को बचाया गया, जबकि अन्य मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

5. बचाव दल ने तेज किया रेस्क्यू ऑपरेशन

गिरी हुई इमारतों के मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए प्रभावित इलाकों में पुलिस, फायरफाइटर, सैनिक और वॉलंटियर्स को तैनात किया गया है। कैली में, बचावकर्मियों ने गिरी हुई एक इमारत से दो महिलाओं और दो बच्चों को जिंदा बाहर निकाला है। अधिकारियों का कहना है कि बचे हुए लोगों को ढूंढना और उन्हें बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

6. तबाही से जूझ रहे कोलंबिया की मदद के लिए आगे आए कई देश

भूकंप से हुई भारी तबाही के बीच कई देशों ने कोलंबिया की मदद के लिए रेस्क्यू टीम, मेडिकल स्टाफ और जरूरी उपकरण भेजने की पेशकश की है। इक्वाडोर ने 47 बचावकर्मियों, खोजी कुत्तों और ऐसे उपकरणों की पेशकश की है, जो करीब सात दिनों तक बिना बाहरी मदद के काम कर सकते हैं। इसके अलावा, अल साल्वाडोर और मैक्सिको ने भी सहायता की पेशकश की है। जबकि अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे कोलंबिया की मदद के लिए तैयार हैं।

बता दें कि यह भूकंप सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 7:34 बजे आया। US जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इसका केंद्र चोको (Chocó) में सैन होज़े डेल पालमार के पास ज़मीन से 107 किलोमीटर की गहराई में था। बचाव कार्य जारी रहने के साथ ही, अधिकारी पश्चिमी और मध्य कोलंबिया में हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और साथ ही टूटी हुई सड़कों, ठप पड़े संचार और ज़रूरी बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं से भी निपट रहे हैं।

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