Starlink Row In India: कमल हासन से लेकर कुणाल कपूर तक, भारत में स्टारलिंक विवाद पर बोले एक्टर्स

Starlink Row In India: कमल हासन के बाद बॉलीवुड एक्टर कुणाल कपूर ने SpaceX के फाउंडर और CEO एलन मस्क के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत में कुछ ताकतवर लोगों (ओलिगार्क्स) ने मार्केट पर अपना कब्जा बनाए रखने के लिए उनकी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस, स्टारलिंक (Starlink) को “ब्लॉक” कर दिया है। कुणाल ने एलन की सोच को “औपनिवेशिक मानसिकता” (colonial mindset) बताया और टेक अरबपतियों की “मसीहा बनने की भावना” (saviour complex) की ओर इशारा किया।

कुणाल ने एलन मस्क की ‘औपनिवेशिक मानसिकता’ पर सवाल उठाए

कुणाल ने लिखा- “इस वीक एलन मस्क की बातों को सुनकर लगा कि वह पश्चिमी टेक अरबपतियों का मसीहा बनने की कोशिश में लगे हैं। वे आपके देश में आकर आपको भविष्य बेचते हैं। अगर आप उनका स्वागत करते हैं तो आप एक ऐसे देश माने जाते हैं जो तरक्की चाहता है। अगर आप उन्हें इंतजार करवाते हैं तो अचानक आपके लोग पीड़ित बन जाते हैं, जिन्हें किसी ‘चुने हुए व्यक्ति’ द्वारा उनके अपने ही संस्थानों से बचाने की जरूरत होती है।”

कुणाल ने अतीत की उन घटनाओं का जिक्र किया जब देशों ने एलन की मदद लेने से इनकार किया था। उन्होंने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी। एक्टर ने 2018 में थाईलैंड में हुए बचाव अभियान का जिक्र किया, जब वाइल्ड बोअर्स सॉकर टीम के 11 से 16 साल की उम्र के 12 सदस्यों और उनके 25 साल के असिस्टेंट कोच को थाम लुआंग गुफा परिसर से बचाया गया था। बचाव दल ने उस मिनी-सबमरीन का इस्तेमाल नहीं किया जो एलन ने ऑपरेशन के लिए दी थी, जिससे वे नाराज हो गए थे।

उन्होंने अगस्त 2024 में ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट द्वारा X (पहले ट्विटर) को देश भर में सस्पेंड करने का भी जिक्र किया, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म कोर्ट के आदेशों का पालन करने में विफल रहा था। कुणाल ने लिखा, “यह एक पैटर्न है। जब थाई बचाव दल ने फंसे हुए लड़कों के लिए मस्क द्वारा भेजी गई मिनी-सबमरीन का इस्तेमाल नहीं किया और गोताखोर वर्नोन अनस्वर्थ ने इस विचार को अव्यावहारिक बताया, तो मस्क ने उन पर ‘पेडो गाइ’ (बच्चों का शोषण करने वाला व्यक्ति) होने का आरोप लगाया।

जब ब्राजील के सुप्रीम कोर्ट ने X को अपने फैसलों का पालन करने का आदेश दिया, तो मस्क ने जज को ‘तानाशाह’ कहा। स्क्रिप्ट शायद ही कभी बदलती है। बस देश बदलता है। औपनिवेशिक मानसिकता का मतलब हमेशा किसी देश पर राज करना नहीं होता। कभी-कभी यह सोच होती है कि आप वहां एक मसीहा बनकर आए हैं और अगर देश तुरंत आपको ऐसा नहीं मानता, तो जरूर देश में ही कुछ गड़बड़ है।”

एलन मस्क ने क्या कहा था?

एलन ने भारत में स्टारलिंक की संभावनाओं के बारे में कई ट्वीट किए हैं, जिनमें अंबानी परिवार का भी जिक्र किया गया है। उन्होंने लिखा, “स्टारलिंक के पास 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस है और इसने भारत सरकार के हर नियम और जरूरत को पूरा करने में पांच साल बिताए हैं, तो फिर अभी तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला? क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?”

क्या बोले कमल हासन

टेक अरबपति की चौंकाने वाली बातों के तुरंत बाद एक्टर और नेता कमल हासन ने उन पर सवाल उठाते हुए कहा, “किसी भी अरबपति को देश की पॉलिसी तय नहीं करनी चाहिए – चाहे वह भारत हो या अमेरिका।” शुक्रवार को हासन ने मस्क की पहली पोस्ट को री-शेयर किया और स्टारलिंक-भारत विवाद पर अपनी राय रखी। एक्टर ने कहा कि, “भारत जानता है कि हमारे नेटवर्क और स्पेक्ट्रम रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर हैं न कि सिर्फ कमर्शियल एसेट्स। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”

एक कड़े बयान में हासन ने कहा कि भारत को भारतीय और ग्लोबल, दोनों तरह के प्रोवाइडर्स का स्वागत करना चाहिए, जो भी दूर-दराज के इलाकों के लिए सबसे प्रैक्टिकल और किफायती ‘लास्ट-माइल सॉल्यूशन’ दे सके।

भारत के संचार मंत्रालय ने इस सुझाव को खारिज कर दिया कि देश का रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भेदभावपूर्ण है। गुरुवार को जारी एक बयान में मंत्रालय ने कहा, “सोशल मीडिया पर सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं के लिए भारत के रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की निष्पक्षता के बारे में एक पोस्ट शेयर किया जा रहा है, जिसमें यह सुझाव दिया गया है कि इसे भेदभावपूर्ण तरीके से लागू किया जा रहा है। सरकार ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं सहित सभी टेलीकम्युनिकेशन सेवाओं के लिए एक निष्पक्ष और भेदभाव-रहित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क लागू किया है।”

दिल्ली के सीमापुरी में भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत, कई लोगों के दबे होने की आशंका

दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई। ये हादसा ईदगाह मस्जिद के पास हुआ। इमारत गिरने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची दिल्ली पुलिस और फायर विभाग की टीम का बचाव काम जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे में घायल लोगों को एंबुलेंस की मदद से राजीव गांधी अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के करीब एक महीने बाद सामने आई है।

मलबे में अभी भी फंसे हैं कुछ लोग

दिल्ली फायर सर्विस को बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे सीमापुरी में इमारत गिरने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है। फिलहाल रेस्क्यू टीम लोगों को बाहर निकालने में जुटी हुई है।

 

राहत और बचाव काम जारी

X पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पोस्ट में लिखा, “सीमापुरी में एक बहुमंजिला इमारत गिर गई है और रेस्क्यू टीम मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। सीमापुरी गोल चक्कर, DLF भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। एंबुलेंस और रेस्क्यू वाहनों को जल्दी निकलने देने के लिए हर लेन को खाली रखें। संभव हो तो इस इलाके में जाने से बचें। हादसे वाली जगह के पास न रुकें, न पार्किंग करें और न ही भीड़ इकट्ठा करें। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।”

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत, मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका

नई दिल्ली के सत्य निकेतन, मोती बाग इलाके में रविवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शिव मंदिर के पास एक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विसेज, पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि अन्य लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया

दिल्ली फायर सर्विसेज के मुख्य अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, हादसे के बाद मलबे में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि, आशंका है कि कुछ अन्य लोग भी मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। बचाव दल लगातार मलबा हटाकर संभावित लोगों की तलाश कर रहे हैं।

मौके पर पहुंचीं 12 फायर टेंडर

अधिकारियों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विसेज की 12 फायर टेंडर मौके पर पहुंचीं। इनके साथ रेस्क्यू टीम और पुलिसकर्मी भी राहत एवं बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। टीमें सावधानी से मलबा हटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं कोई अन्य व्यक्ति अंदर तो नहीं फंसा है।

दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, इमारत गिरने की घटना रविवार को करीब 1:30 बजे सामने आई। यह इलाका चानक्यपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। फिलहाल हादसे में किसी अन्य व्यक्ति के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। प्रशासन और बचाव एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

राहत-बचाव अभियान जारी

घटना के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। मलबे की जांच और सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। अधिकारियों की ओर से हादसे के कारणों और संभावित नुकसान को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

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9 दिन तक अंधेरी सुरंग में फंसे रहे संजय साह, ‘हरे कृष्णा’ के जाप ने बचाई जान, जन्माष्टमी पर मिला नया जीवन

9 दिन तक अंधेरी सुरंग में फंसे रहे संजय साह, 'हरे कृष्णा' के जाप ने बचाई जान, जन्माष्टमी पर मिला नया जीवन

sanjay shah rescue operation

नेपाल के त्रिशूली में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में 26 अगस्त की बाढ़ के बाद फंसे दो मजदूरों को 9 दिन बाद सुरक्षित निकाल लिया गया है। 'हरे कृष्णा' का जाप करने वाले फोरमैन संजय साह ने जन्माष्टमी के दिन जीवन मिलने की रोमांचक कहानी साझा की है। ALSO READ: नेपाल में चमत्कार; बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकाले गए 2 लोग, अभी भी फंसे हैं सैकड़ों वर्कर
 

मधेस प्रांत के सप्तरी जिले के रहने वाले और नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कर्मचारी संजय साह ने बताया कि इन नौ दिनों के हर एक पल में उन्होंने मौत को बहुत करीब से देखा, लेकिन उनका भरोसा नहीं डगमगाया।

संजय शाह पर थी सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी

संजय साह हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में फोरमैन के तौर पर तैनात थे। उन्होंने बताया कि आपदा के वक्त जब अफरा-तफरी मची और बाकी लोग जान बचाकर भागने लगे, तब भी वे कंट्रोल रूम में ही डटे रहे। उनके कंधों पर सबकी सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। उन्होंने साथी कर्मचारियों से तुरंत वहां से भागने का आग्रह किया, लेकिन जब तक वे सुरक्षित बाहर निकल पाते, तब तक मेरे लिए बाहर निकलने के रास्ते बंद हो चुके थे और बहुत देर हो चुकी थी।

 

अंधेरी और बंद सुरंग के भीतर फंसे होने के दौरान संजय ने उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि पिछले नौ दिनों से वे लगातार 'हरे कृष्णा' महामंत्र का जाप कर रहे थे। उनका अटूट विश्वास था कि उन्हें बचाने कोई जरूर आएगा। ALSO READ: Tibet Earthquake : भीषण बाढ़ की तबाही के बाद नेपाल पर एक और मुसीबत, हिमालयी क्षेत्र में क्यों मंडरा रहा है खतरा

 

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन मिला जीवनदान

कुदरत का करिश्मा देखिए कि लगातार 'हरे कृष्णा' का जाप करने वाले संजय साह को ठीक कृष्ण जन्माष्टमी के पवित्र दिन पर ही सुरंग से जीवित बाहर निकाला गया। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के दिन मिले इस जीवनदान को हर कोई किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं मान रहा है।

 

लगातार एक हफ्ते से ज्यादा समय तक चले मैराथन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, संजय साह की हालत बिल्कुल स्थिर है और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। एहतियात के तौर पर उन्हें त्रिशूली के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

 

हालांकि, संजय के मुताबिक, सुरंग के और अंदर, विशेषकर पावरहाउस के आसपास कुछ और लोग भी फंसे हो सकते हैं, क्योंकि आपदा के समय हर कोई वक्त रहते बाहर निकलने में सफल नहीं हो पाया था। फिलहाल, प्रशासन यहां राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।

नेपाल बाढ़ में जिंदगी बचाने का खतरनाक मिशन, घने कीचड़ और अंधेरी सुरंग के बीच फंसे लोगों तक ऐसे पहुंचे नेपाली सैनिक, वायरल हुआ Video

नेपाल इस समय एक बड़ी प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। भोटे कोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। बाढ़ के पानी के साथ आया मलबा और कीचड़ गांवों और इमारतों में फैल गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जगहों पर फंस गए। हालात इतने मुश्किल हैं कि कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौती बन गया है। ऐसे समय में नेपाली सेना ने मोर्चा संभालते हुए बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है। हेलिकॉप्टर की मदद से ऊंची इमारतों और छतों पर फंसे लोगों को निकाला जा रहा है, जबकि जवान मुश्किल रास्तों से अंदर जाकर भी लोगों की तलाश कर रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन के सामने खराब मौसम, मलबा और दुर्गम इलाका बड़ी चुनौती बने हुए हैं। इस बीच सामने आए कुछ वीडियो बचाव अभियान की गंभीरता और जवानों की कोशिशों की तस्वीर दिखा रहे हैं।

छतों पर फंसे लोगों के लिए देवदूत बना हेलिकॉप्टर

रेस्क्यू ऑपरेशन के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें सेना के हेलिकॉप्टर बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते नजर आ रहे हैं। एक वीडियो में हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त इमारतों के ठीक ऊपर मंडराता दिखाई देता है, जबकि नीचे बाढ़ का मलबा फैला हुआ है। एक अन्य वीडियो में छत पर फंसा एक व्यक्ति लगातार हेलिकॉप्टर की ओर हाथ हिलाकर मदद मांगता दिखाई देता है। इसके बाद जवानों ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मुश्किल हालात में सेना का यह ऑपरेशन लोगों की जान बचाने की जद्दोजहद को दिखाता है।

हाइड्रोपावर टनल में फंसे लोगों तक पहुंचे जवान

बाढ़ के बाद रसुवा जिले में अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर की सुरंग के अंदर भी कई लोग फंस गए थे। इनमें मजदूरों के अलावा कुछ पर्यटक भी शामिल थे। सामने आए वीडियो में नेपाली सेना के दो जवान कीचड़ से भरे रास्ते से आगे बढ़ते हुए सुरंग के अंदर जाते दिखाई देते हैं। बाहर मलबे और कीचड़ की मोटी परत के बावजूद जवानों ने अंदर फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की।

नेपाल में मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ा

इस प्राकृतिक आपदा ने नेपाल में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। रिपोर्ट के अनुसार नेपाल में 579 लोगों की मौत हुई है, जबकि तिब्बत में सात लोगों की जान गई है। दोनों तरफ 2,400 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। नेपाल में करीब 1,924 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जबकि तिब्बत में यह संख्या 558 बताई गई है। इनमें 540 से ज्यादा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

हजारों जवान राहत और बचाव में जुटे

नेपाल की आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के अनुसार, राहत और बचाव अभियान में करीब 14,829 सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है। अब तक 3,742 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बाढ़ और मलबे से प्रभावित इलाकों में सेना की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बीच हेलिकॉप्टर और जमीनी टीमें उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जो अब भी कहीं मलबे, सुरंगों या ऊंची इमारतों में फंसे हो सकते हैं।

भारतीय नागरिकों को भी सुरक्षित निकालने की कोशिश

इस आपदा का असर भारत के नागरिकों पर भी पड़ा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 149 लोग चीन से नेपाल पहुंच चुके हैं। करीब 400 भारतीय चीन में सुरक्षित बताए गए हैं। वहीं लगभग 320 भारतीयों के अभी भी लापता या संपर्क से बाहर होने की जानकारी है। नेपाल में जारी यह राहत अभियान सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा से लड़ाई नहीं, बल्कि मलबे के बीच जिंदगी की तलाश की लगातार कोशिश है। हर रेस्क्यू के साथ सेना और बचाव दल उन परिवारों के लिए उम्मीद जगा रहे हैं, जो अब भी अपने अपनों के लौटने का इंतजार कर रहे हैं।

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Mumbai Landslide: मुंबई के घाटकोपर में लैंडस्लाइड! चॉल पर गिरा मलबा, हादसे में 5 की मौत

Mumbai Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर इलाके में बुधवार तड़के भूस्खलन के कारण एक चॉल पर पहाड़ का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में करीब 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। वहीं, इस घटना के बाद कई एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है।

बता दें कि यह भूस्खलन सुबह करीब 3:48 बजे कुर्ला के चिराग नगर में राठौड़ मेडिकल के पास स्थित गौसिया चॉल में हुआ। बताया जा रहा है कि पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक नीचे ढह गया, और इसका मलबा पास की चॉल के दो से तीन कमरों पर जा गिरा।

हालांकि, मलबे से दो लोगों को बाहर निकाला गया, जिनकी पहचान 28 वर्षीय साहिल अंसारी और 14 वर्षीय मोहम्मद समीर के रूप में हुई है। उन्हें राजावाड़ी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

शुरुआत में खबर थी कि मलबे में 3 से 4 लोग फंसे हो सकते हैं, लेकिन बाद में स्थानीय लोगों ने बताया कि 6 से 8 लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं।

वहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड ने सुबह करीब 4:32 बजे इस घटना को लेवल-2 इमरजेंसी घोषित किया और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया। फिलहाल करीब 50 BMC कर्मचारी और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मिलकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रही हैं।

जानकारी के अनुसार, मलबे को हटाने और उसके नीचे फंसे लोगों को खोजने के लिए खास बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

DCP ने दी जानकारी

DCP गणेश शिंदे ने बताया कि अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव अभियान अभी भी जारी है।

अधिकारी ने कहा, “बारिश के कारण घाटकोपर पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आने वाले अशोकनगर इलाके में भूस्खलन हुआ है। अब तक दो शव बरामद किए जा चुके हैं और बचाव अभियान चल रहा है।”

इस घटना में घायल हुए दो अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर है। इनकी पहचान 18 वर्षीय सोहेल अंसारी (सिर में चोट) और 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी (पीठ में चोट) के तौर पर हुई है।

राहत और बचाव कार्य जारी

DCP शिंदे ने कहा, “बचाव कार्य जारी है और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें व स्थानीय अधिकारी घटनास्थल पर लगातार कोशिशें कर रहे हैं। हालांकि अभी सही संख्या की पुष्टि नहीं की जा सकती, लेकिन आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी तीन से चार लोग फंसे हो सकते हैं।”

बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को आगे की प्रक्रिया के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई और जांच आगे जारी रहेगी।

वहीं, मुंबई फायर ब्रिगेड, मुंबई पुलिस और NDRF की टीमें घटनास्थल पर तैनात की गई हैं, जबकि BMC के वार्ड कर्मचारी और अन्य इमरजेंसी कर्मी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं।

BMC मेयर ने किया घटनास्थल का दौरा

BMC की मेयर रितु तावड़े और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (ईस्टर्न सबर्ब्स) अविनाश ढकने ने भी हालात का जायजा लेने के लिए घाटकोपर में प्रभावित जगह का दौरा किया।

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