बिहार में बाढ़ का तांडव: गंगा समेत 7 नदियां उफान पर, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा प्रभावित

बिहार में बाढ़ का तांडव: गंगा समेत 7 नदियां उफान पर, 12 जिलों में 22 लाख से ज्यादा प्रभावित

bihar flood

बिहार में मानसून की सक्रियता और नदियों के उफान ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। राज्य के 12 जिलों में बाढ़ से भीषण तबाही मची हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, इन जिलों के 70 प्रखंडों के अंतर्गत आने वाली 368 ग्राम पंचायतों की करीब 22.42 लाख आबादी बाढ़ की चपेट में है। ALSO READ: बाढ़ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मिले, फसल और मकान क्षति का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा दें : योगी आदित्यनाथ

 

खतरे के निशान से ऊपर बह रहीं नदियां

केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार, राज्य की प्रमुख नदियां—गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा—विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते गांधीघाट, पंडारक, दानापुर और बांका घाट जैसे इलाकों में गंगा उफान पर है।

 

इन 12 जिलों में सबसे बुरे हालात

बाढ़ से प्रभावित होने वाले प्रमुख 12 जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय और अरवल शामिल हैं। भागलपुर में एनएच-80 पर लगभग 2 फीट पानी बहने के कारण भागलपुर-अकबरनगर मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। मुंगेर में महाने नदी के उफान से टेटिया बंबर प्रखंड के बरसंडा गांव के पास सड़क का डायवर्जन बह गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। ALSO READ: चित्रकूट में सीएम योगी ने बाढ़ पीड़ितों के घावों पर लगाया मरहम, बांटी राहत सामग्री, ढहे मकानों के लिए दिए चेक

 

हादसों में 5 लोगों की मौत

बाढ़ के पानी के बीच हुए हादसों और डूबने से जनहानि की भी खबर है। सारण जिले में एक महिला समेत दो लोगों की, वैशाली जिले में दो लोगों की और खगड़िया सदर प्रखंड के रहीमपुर में एक बच्चे की बाढ़ के पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई है।

 

राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है। लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए कुल 1,429 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही, राहत शिविरों और 190 सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से लगभग 2.5 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

 

अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी

आपदा की इस मार के बीच बिहार मौसम सेवा केंद्र ने चिंता और बढ़ा दी है। केंद्र के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ खास इलाकों में भारी बारिश की संभावना है, जिससे नदियों के जलस्तर में और अधिक वृद्धि हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।

PM Modi: पीएम मोदी ने दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर जताया दुख, अब तक तीन लोगों की हुई मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। हादसे में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। वहीं इस हादसे के बाद से राहत-बचाव काम जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने रविवार को X पर पोस्ट कर इस घटना को बेहद दुखद बताया।

पीएम ने जताया दुख

प्रधानमंत्री ने कहा कि, हादसे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अधिकारी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया X पर किए पोस्ट में पीएम ने लिखा, “दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बिल्डिंग का गिरना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना। अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे में प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।”

अबतक 3 लोगों की हुई मौत

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। वहीं नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे के बाद राहत और बचाव टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और प्रभावित लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

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Delhi Building Collapse: ‘मलबे के अंदर से फोन कर रहे छात्र’, दिल्ली बिल्डिंग हादसे की हैरान कर देने वाली कहानी आई सामने

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पीजी इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है, वहीं कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई। वहीं BJP विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, इस बिल्डिंग में कई छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। इस हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।

‘अंदर से कर रहे फोन’

BJP विधायक ने आगे कहा कि, फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि इमारत के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, मलबे में फंसे कुछ छात्र अभी भी फोन के जरिए संपर्क कर रहे थे। इससे आशंका है कि हादसे के बाद भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। शर्मा ने कहा, “कुछ स्टूडेंट्स अभी भी अंदर से फोन कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।”

 

‘छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए’

विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और सरकार इस घटना को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है। पूरी सरकार इस घटना को लेकर चिंतित है और हमारा सबसे बड़ा मकसद यही है कि अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।”

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

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गृहमंत्री शाह ने ली दिल्‍ली इमारत हादसे की जानकारी, 2 लोगों की हुई मौत, अब तक 8 का हुआ रेस्‍क्‍यू, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

गृहमंत्री शाह ने ली दिल्‍ली इमारत हादसे की जानकारी, 2 लोगों की हुई मौत, अब तक 8 का हुआ रेस्‍क्‍यू, बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज

Home Minister Amit Shah took stock of Delhi building collapse incident

Delhi building collapse case : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है। राहत की बात यह है कि अब तक 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। खबरों के अनुसार, हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हैं। हादसे के जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है।

 

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक इमारत अचानक ढह गई। पुलिस के मुताबिक, हादसे के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हालांकि अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है।

राहत की बात यह है कि अब तक 8 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। खबरों के अनुसार, हादसे में एक व्‍यक्ति की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हैं। हादसे के जिम्मेदार बिल्डिंग मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सरकार ने घटना की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन भी किया है।

 

गृहमंत्री अमित शाह ने ली हादसे की जानकारी

हादसे की जानकारी मिलते ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने गोवा का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया। गृहमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया, दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत के ढहने से बहुत दुख हुआ है। मैंने मुख्यमंत्री, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात की और जमीनी हालात का जायजा लिया। स्थानीय प्रशासन और NDRF मिलकर तेजी से बचाव कार्य कर रहे हैं। घायलों को हर जरूरी मेडिकल मदद दी जा रही है। मैं सभी घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं।

 

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर चिंता जताई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि वे समन्वय बनाए रखें और बचाव कार्य को तेज करें। स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिल्ली फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंच चुकी है। राहत-बचाव अभियान चल रहा है और टीमें जमीन पर आवश्यक सहायता मुहैया करा रही हैं।

दिल्ली फायर सर्विसेज को दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घटना के संबंध में करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को PCR कॉल भी मिली। कॉल में नानकपुरा गुरुद्वारे के पास एक इमारत के गिरने की जानकारी दी गई थी।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

मौके पर आठ फायर टेंडर तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, CAT एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

Delhi-NCR Weather: दिल्ली-NCR में आज फिर बरसेंगे बादल, आंधी-तूफान के साथ होगी तेज बारिश, IMD का येलो अलर्ट

Delhi-NCR Weather: दिल्ली में शुक्रवार दोपहर के बाद मौसम ने अचानक बदल गया और कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारिश की वजह से कुछ जगहों पर पानी भर जाने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हुई। बारिश होने की वजह से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं दिल्ली-NCR में 5 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, सुबह और शाम के समय कई इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है और तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। जानें आज कैसा होगा दिल्ली-NCR का मौसम

आज कैसा होगा दिल्ली का मौसम

5 सितंबर को दिल्ली में पूरे दिन आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, सुबह से दोपहर तक और फिर दोपहर बाद गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट देखने को मिलेगी। दिन का तापमान करीब 29 से 31 डिग्री और रात का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस दौरान दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

दिल्ली-NCR का हाल

दिल्ली-NCR में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। दिल्ली-NCR के गुरुग्राम, गाजियाबाद और नोएडा में आज मौसम बारिश वाला रहने की संभावना है। गुरुग्राम में सुबह से दोपहर और फिर शाम के समय गरज के साथ बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में भी कई इलाकों में बारिश और बिजली चमकने की संभावना है, जबकि नोएडा में सुबह के साथ-साथ दोपहर और शाम को भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

इस वजह से हो रही बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र दिल्ली-NCR में बारिश की वजह बन रहा है। यह मौसम सिस्टम अगले दो दिनों तक ज्यादा बदलाव नहीं करेगा। इसके चलते दिल्ली और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश होती रह सकती है। मौसम में सुधार हफ्ते के अंत तक होने की उम्मीद है।

दिल्ली में कब तक होगी बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, 6 सितंबर के बाद दिल्ली में बारिश का असर कम होने लगेगा। इस दिन हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 7 से 10 सितंबर के बीच मौसम ज्यादातर सूखा रहने की संभावना है और आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान हवाओं की दिशा भी बदल सकती है। बारिश कम होने के साथ तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और सप्ताह के अंत तक अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

लोगों को सावधानी बरतने की अपील

बारिश के चलते दिल्ली-NCR में लोगों को सफर के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज बारिश से सड़कों पर जाम लग सकता है और कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या हो सकती है। ऐसे में वाहन चलाते समय हादसे का खतरा भी बढ़ सकता है। यात्रियों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देखने और प्रशासन की ओर से जारी जरूरी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार के 13 जिलों में खतरे के निशान को पार कर गईं गंगा! कोसी नदी भी उफान पर, अलर्ट मोड में NDRF-SDRF

Flood News: बिहार में शुक्रवार को भी हाई अलर्ट जारी रहा क्योंकि नेपाल और पड़ोसी राज्य झारखंड में हुई भारी बारिश के बाद गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और बचाव, राहत और तटबंधों की सुरक्षा के इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। वहीं, पटना में दीघा घाट, गांधी घाट, हथिदह और मनेर के अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

खतरे के निशान पर गंगा नदी

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 1 सितंबर की सुबह 49.40 मीटर था, जो 2 सितंबर की शाम बढ़कर 49.98 मीटर और 3 सितंबर की सुबह 50.18 मीटर हो गया। गुरुवार दोपहर तक जलस्तर 50.25 मीटर पहुंच गया था, जो खतरे के निशान से करीब 1.65 मीटर ऊपर है। विभाग ने अनुमान जताया था कि गुरुवार रात गांधी घाट पर गंगा का पानी सबसे ऊंचे बाढ़ स्तर (HFL) को पार कर सकता है। वहीं, मोकामा के हथिदह में शुक्रवार दोपहर तक यह स्तर पार होने की आशंका जताई गई थी।

News 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ जैसे हालात ने पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के निचले इलाकों को प्रभावित किया है। इसके अलावा, आठ जिलों – भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद – को हाई अलर्ट पर रखा गया है और अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को चेतावनी देने का निर्देश दिया गया है।

मुंगेर में, गंगा का जलस्तर 39.33 मीटर के चेतावनी स्तर को पार करते हुए 39.36 मीटर (खतरे का निशान) तक पहुंच गया, जिससे सात पंचायतें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। News 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, समस्तीपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.95 मीटर ऊपर पहुंचने के बाद 15 पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया।

अरवल में पुनपुन नदी के बढ़ने से 30 गांव डूबे

अरवल में भी हालात गंभीर बताए गए, जहां पुनपुन नदी के पानी से कुर्था और बंसी ब्लॉक के लगभग 30 गांव डूब गए, जिससे सड़क संपर्क टूट गया और बंसी पुलिस स्टेशन में भी पानी भर गया। सारण में सोनपुर, छपरा सदर, दिघा और रेवेलगंज को संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया।

अमर उजाला के अनुसार, बेगूसराय के मटिहानी ब्लॉक में बाढ़ का पानी 17 सरकारी स्कूलों तक पहुंच गया, जबकि गया के मानपुर ब्लॉक में पेमार नदी के पानी ने अमरी और बरसाना गांवों तक जाने वाली सड़क को डुबो दिया।

प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और मेडिकल की सुविधाएं की गई

वहीं, अधिकारियों ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर, मेडिकल सुविधाएं, पीने का पानी, भोजन और दूसरी जरूरी चीजों की व्यवस्था की है। बचाव कार्य के लिए SDRF और NDRF की टीमें, गोताखोर और नावें तैनात की गई हैं। विस्थापित परिवारों के लिए सामुदायिक रसोई भी शुरू की जा रही हैं।

सोनपुर में 25 नावें चल रही हैं। इसके अलावा वहां 1,000 पॉलीथिन शीट भेजी गई हैं, जबकि 500 पॉलीथिन शीट दीघा भेजी गई हैं।

पटना में 108 जगहों को सील किया गया

पटना में, शहर की सुरक्षा दीवार के पास 108 जगहों को सील किया गया, 13 स्लुइस-गेट के लीकेज को ठीक किया गया और पंपिंग स्टेशनों को तैयार रखा गया। पुनपुन नदी पर बना एक रिंग तटबंध भी टूट गया, जिससे मुख्य बांध को खतरा पैदा हो गया।

आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों को सलाह दी कि वे नदियों, घाटों, तटबंधों और पानी से भरे इलाकों में बेवजह न जाएं। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को ऐसी जगहों से दूर रखने की अपील की। ​​विभाग ने नदियों के पास तैरने, बेवजह नाव की सवारी करने और सेल्फी लेने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

तेजस्वी यादव ने  NDA सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर बाढ़ से निपटने की अपर्याप्त तैयारी और राहत कार्यों में कमी का आरोप लगाया और कहा कि 15 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कटाव और बाढ़ से मक्का और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो गईं, जबकि बिजली कटौती, पीने के पानी की कमी और कनेक्टिविटी बाधित होने से ग्रामीणों को जरूरी चीजों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने दियारा इलाकों को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद चौधरी के साथ हालात का जायजा लिया और केंद्र व बिहार सरकार “युद्ध स्तर पर” काम कर रही हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में और बारिश व गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ने की चिंता बढ़ गई है। बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। वहीं, गुरुवार को देश के करीब 20 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई थी।

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टनल में फंसे लोगों का रेस्क्यू करने पहुंची स्पेशल टीम, जानिए नेपाल की मदद में भारत ने कैसे झोंकी ताकत

Nepal Flood: चीन-नेपाल बॉर्डर के पास ग्लेशियर टूटने से आई भयानक बाढ़ के बाद भारत ने नेपाल में बड़े पैमाने पर मानवीय और तकनीकी बचाव अभियान शुरू कर दिया है। इस ऑपरेशन में सुरंग से बचाव करने वाली खास टीमें, मेडिकल टीमें और फोरेंसिक एक्सपर्ट शामिल हैं, जो पीड़ितों की DNA-आधारित पहचान करने का काम कर रहे हैं। बता दें कि बाढ़ में 903 लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई लोग अभी भी लापता हैं।

हिमालय में अचानक ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रसुवा-नुवाकोट-लांगटांग इलाके में पड़ा। बाढ़ की चपेट में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी, तीर्थयात्री और पर्यटक भी आ गए। कई लोग सुरंगों के अंदर फंस गए, जबकि सड़कें और पुल बह जाने से कई इलाकों का संपर्क भी टूट गया।

भारत ने रेस्क्यू और फोरेंसिक टीमें भेजीं

भारत ने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों (खासकर त्रिशूली, चिलिमे और लांगटांग के पास) में फंसे कर्मचारियों को खोजने और बचाने में मदद के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और सुरंग-बचाव विशेषज्ञों की 11 सदस्यों वाली एक खास टीम भेजी है।

नेपाल में कई फोरेंसिक टीमें भी भेजी गई हैं। शुरुआत में छह टीमें भेजी गई थीं, लेकिन बाद में 19 सदस्यों वाले एक खास फोरेंसिक ग्रुप के बारे में जानकारी मिली, जिसमें गांधीनगर की नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU) की 10 सदस्यों वाली DNA प्रोफाइलिंग यूनिट भी शामिल थी।

फोरेंसिक टीम ने रविवार को काठमांडू में अपना काम शुरू दिया। नेपाल में भारत के राजदूत ने टीम से मुलाकात की और उन्हें जानकारी दी। इसके बाद टीम ने नेपाल पुलिस की सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी और त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल के फोरेंसिक विभाग के अधिकारियों के साथ तकनीकी बातचीत की।

भारत ने लगभग 68.5 टन राहत सामग्री भी हवाई मार्ग से पहुंचाई है, जिसमें कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल हैं।

हाइड्रोपावर साइट्स पर तलाशी जारी

भारत की टनल-रेस्क्यू टीम, चिलिमे और लांगटांग में क्षतिग्रस्त हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट्स पर नेपाली सेना के साथ मिलकर काम कर रही है।

खराब मौसम के बावजूद, टीम लांगटांग हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के पास एक स्ट्रक्चर में दाखिल हुई और एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाला। हालांकि तलाशी और बचाव अभियान जारी हैं।

नुवाकोट के त्रिशूली-चिलिमे हाइड्रोपावर बेल्ट में, भारतीय टेक्निकल कर्मचारियों ने उन सुरंगों का जायजा लिया है जहां मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। रसुवा का लांगटांग और चीन से सटा सीमा क्षेत्र भी बचाव अभियान के लिए प्राथमिकता वाले इलाकों में शामिल है।

हालांकि, खराब मौसम, अस्थिर जमीन और झील के पानी से अचानक दोबारा बाढ़ आने के खतरे के कारण हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू और जमीन के रास्ते प्रभावित इलाकों तक पहुंचना काफी मुश्किल हो रहा है।

पीड़ितों की DNA से पहचान

नेपाल के जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे पहचान न हो पाने वाले पीड़ितों को सामूहिक रूप से दफनाने से पहले उनके DNA सैंपल सुरक्षित रखें। हर शव पर एक खास पहचान नंबर और जगह की जानकारी के साथ टैग किया जाएगा।

भारतीय फोरेंसिक टीमें बरामद शवों/अवशेषों से DNA और रिश्तेदारों से रेफरेंस सैंपल लेकर ‘डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन’ (आपदा पीड़ितों की पहचान) का काम कर रही हैं। पहचान पक्की करने और परिवारों को शव सौंपने में मदद के लिए इन प्रोफाइलों का मिलान किया जाएगा।

वहीं, लापता नेपाली और विदेशी नागरिकों के बरामद शवों या शरीर के अंगों की पहचान के लिए DNA टेस्ट की सुविधा दी जा रही है।

नेपाल में मौजूद लापता व्यक्ति के करीबी रिश्तेदारों (पिता, माता, बेटा या बेटी) से अनुरोध किया गया है कि वे DNA प्रोफाइलिंग के लिए ताजा ब्लड सैंपल और पासपोर्ट साइज की दो फोटो पैथोलॉजी लैब, नेपाल पुलिस हॉस्पिटल, महाराजगंज, काठमांडू या नजदीकी जिला पुलिस ऑफिस में जमा करें।

इसके अलावा, विदेश में रहने वाले करीबी रिश्तेदारों (पिता, माता, बेटा या बेटी) से अनुरोध है कि वे अपने देश की किसी अधिकृत लैब में DNA प्रोफाइलिंग करवाएं और तुलना के लिए DNA प्रोफाइल की सॉफ्ट कॉपी नेपाल पुलिस के आधिकारिक ईमेल पते dnacodis@nepalpolice.gov.np पर भेजें।

रिश्तेदार तय अस्पतालों में DNA सैंपल जमा कर सकते हैं।

वहीं, त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में, लापता रिश्तेदारों के बारे में जानकारी पाने के लिए परेशान परिवारों का आना जारी है। अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि 56 घायल मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें से तीन इंटेंसिव केयर में हैं और एक मरीज की मौत हो गई है। अस्पताल में 59 शव भी लाए गए थे, जिनमें से आठ की पहचान कर ली गई और अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।

भारतीय नागरिकों का रेस्क्यू जारी, और लोग मदद के इंतजार में

भारत ने 160-170 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को बचाने की जानकारी दी है, जबकि 29-30 अगस्त तक लगभग 287-290 लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा था।

विदेश मंत्रालय ने पहले कहा था कि 149 भारतीयों को बचाया गया है। बाद में पुष्टि की गई कि 403 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से चीन से नेपाल पहुंच गए हैं, जबकि चीनी तरफ मौजूद 500 और भारतीयों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है।

काठमांडू में भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर – +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117 – और ईमेल eoikathmandufloodsupport@gmail.com शुरू किए हैं।

सीमा के दोनों तरफ फंसे भारतीयों को निकालने के लिए नेपाली अधिकारियों और जरूरत पड़ने पर चीनी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने का काम जारी है।

बचाव कार्यों में बड़ी रुकावटें

नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, लापता 933 लोग आसपास के हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कर्मचारी थे। वहीं, 592 विदेशी नागरिक और 127 नेपाली नागरिक भी लापता लोगों में शामिल हैं, जो विदेशी समूहों के साथ यात्रा कर रहे थे।

बचाव अभियान के लिए करीब 20,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अब तक जमीन के रास्ते 8,730 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वहीं, हेलीकॉप्टरों ने 363 उड़ानें भरी हैं और 3,081 लोगों को एयरलिफ्ट किया है। इनमें 236 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा, बाढ़ में फंसे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों से 279 लोगों को सीधे बचाया गया है।

रविवार को धादिंग के कृष्णभीर इलाके में भूस्खलन और सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के बाद पृथ्वी हाईवे का संपर्क टूट गया। तेज बहाव वाली त्रिशूली नदी ने सड़क की सुरक्षा दीवार और उसकी नींव को भी नुकसान पहुंचाया। इसके बाद प्रशासन ने इस रास्ते पर वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही रोक दी।

वहीं, काठमांडू से राहत सामग्री प्रभावित और संपर्क से कटे इलाकों तक भेजी जा रही है। 50 ट्रांसपोर्ट वाहनों और 8 हेलीकॉप्टर उड़ानों के जरिए खाने-पीने की चीजें, संचार उपकरण और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। राहत और बचाव अभियान लंबे समय तक जारी रखने के लिए ईंधन का भंडार भी सुरक्षित रखा जा रहा है।

इस बीच, नेपाल पुलिस ने बताया कि कृषि विकास बैंक की त्रिशूली ढुंगे शाखा से करीब 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद, अनुमानित 50 करोड़ रुपये का सोना और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है।

वहीं, नेपाल सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन फंड भी जारी किया है। इसके तहत रसुवा और नुवाकोट को 1-1 करोड़ नेपाली रुपये, धादिंग को 50 लाख नेपाली रुपये और 15 स्थानीय निकायों को कुल 6.75 करोड़ नेपाली रुपये दिए गए हैं।

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Zomato ने ‘एनालॉग डिश’ पर कसा शिकंजा, नियमों का पालन न करने वाले रेस्टोरेंट्स होंगे डीलिस्ट

Zomato: फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने सोमवार को अपने प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड रेस्टोरेंट्स के लिए एनालॉग चीज, पनीर या दूसरे डेयरी प्रोडक्ट्स की बिक्री को लेकर सख्त नियम लागू करने का ऐलान किया है। कंपनी ने कहा कि ऐसे प्रोडक्ट बेचने वाले रेस्टोरेंट्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जाएगी।

Zomato ने साफ किया है कि अगर कोई रेस्टोरेंट इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो कंपनी उसे अपने प्लेटफॉर्म से हटा सकती है (डीलिस्ट कर सकती है)।

‘एनालॉग’ डिश में पारंपरिक सामग्री की जगह सस्ती या वैकल्पिक चीजों (जैसे असली दूध या चीज की जगह वनस्पति तेल) का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इनका रूप-रंग और स्वाद वैसा ही रहता है।

महाराष्ट्र की कार्रवाई का असर

बता दें कि यह कदम महाराष्ट्र में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की राज्य-व्यापी कार्रवाई और दिल्ली के फाइव-स्टार होटलों में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की जांच के बाद खाद्य सुरक्षा पर फिर से ध्यान दिए जाने के बीच उठाया गया है।

प्लेटफॉर्म से डीलिस्ट होंगे रेस्टोरेंट पार्टनर 

Zomato ने कहा कि जिन डिश में ‘एनालॉग डेयरी’ होने की बात रेस्टोरेंट पार्टनर ने बताई है, उन्हें तुरंत प्रभाव से प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।

Zomato ने आगे कहा कि जो रेस्टोरेंट पार्टनर नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें प्लेटफॉर्म से हटा दिया जाएगा।

सोमवार को प्लेटफॉर्म पर लिस्टेड व्यापारियों को भेजे गए एक मैसेज में Zomato ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह पक्का करना है कि ग्राहकों को ऐसा खाना मिले जो सही जानकारी वाला हो, सुरक्षित हो और उम्मीद के मुताबिक क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को पूरा करता हो।”

एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर जीरो टॉलरेंस

Zomato ने कहा, “इसीलिए, हम अपने प्लेटफॉर्म पर एनालॉग चीज, एनालॉग पनीर और दूसरे एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स वाले खाने के सामान की लिस्टिंग और सप्लाई को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ लागू कर रहे हैं।”

फूड डिलीवरी एग्रीगेटर ने कहा कि यह कदम फूड सेफ्टी और रेगुलेटरी जरूरतों के मुताबिक, अपने ग्राहकों के लिए पारदर्शिता और खाने की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए उठाया जा रहा है।

Zomato ने कहा, “जिन रेस्टोरेंट ने पहले ही अपने मेन्यू में एनालॉग चीज, एनालॉग पनीर या दूसरे एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल की जानकारी दी है, उनके ऐसे आइटम तुरंत प्लेटफॉर्म से हटा दिए जाएंगे।”

इसने रेस्टोरेंट पार्टनर्स से तुरंत कुछ कदम उठाने को कहा है, जैसे: असली डेयरी प्रोडक्ट्स अपनाना; जिन मामलों में तुरंत बदलाव मुमकिन न हो, वहां अपने मेन्यू से एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स वाली चीजें हटाना; और इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जांच करने और Zomato पर लिस्टेड प्रोडक्ट्स की सही जानकारी पक्का करने के लिए रेस्टोरेंट सप्लायर्स द्वारा दिए गए प्रोडक्ट लेबल और सामग्री की जानकारी का रिव्यू करना।

Zomato ने रेस्टोरेंट को दी सख्त चेतावनी

Zomato ने कहा, “अगर कोई रेस्टोरेंट नियमों का पालन नहीं करता पाया जाता है, तो Zomato के पास ऐसे रेस्टोरेंट को प्लेटफॉर्म से हटाने का अधिकार है। इसके अलावा, हम अपनी पॉलिसी और लागू कानूनों के तहत कोई भी दूसरी कार्रवाई भी कर सकते हैं।”

कंपनी ने यह भी कहा कि अगर नियमों का पालन न करने वाले प्रोडक्ट्स ग्राहकों तक पहुंचाए जाते हैं, तो इससे होने वाले किसी भी नुकसान, लागत, डैमेज या खर्च की भरपाई करने का अधिकार भी Zomato के पास है।

CEO ने क्या कहा?

Zomato के CEO आदित्य मंगला ने कहा: “Zomato में हमारा मुख्य मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर खाना पहुंचाना है। इसका मतलब है ग्राहकों की सेहत का ध्यान रखना और हमारे रेस्टोरेंट पार्टनर्स द्वारा लिस्ट और सर्व किए जाने वाले खाने के लिए साफ स्टैंडर्ड बनाए रखना। यह पॉलिसी उसी कमिटमेंट को दिखाती है, जिसे हम उन पार्टनर्स के साथ मिलकर पूरा कर रहे हैं जिनकी सोच भी ऐसी ही है।”

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Varanasi Flood: सोमवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ता रहा, जिससे सभी 84 घाट डूब गए और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं, नदी का जलस्तर करीब 69.40 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है।

गंगा का पानी लगातार बढ़ने से घाटों के किनारे मौजूद कई प्रसिद्ध जगहें भी डूब गई है। नमो घाट पर लगी मशहूर ‘नमस्ते’ प्रतिमा भी लगभग पूरी तरह पानी में समा गई है। कई घाटों पर पानी भरने से वहां आवाजाही प्रभावित हुई है। वहीं, लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रिवर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में भी पानी घुस गया है।

गंगा का जलस्तर करीब 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी है।

रविवार को भी गंगा का पानी लगातार बढ़ा था। इसके चलते वरुणा नदी में पानी का बहाव उल्टा हो गया, जिससे नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुसने लगा। हालात को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोग अब सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

बाढ़ के खतरे के बीच प्रशासन ने तैयारियां तेज कीं

बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। वाराणसी में कुल 61 बाढ़ राहत कैंपों की पहचान की गई है, जहां रहने, खाने, पीने के पानी, साफ-सफाई, रोशनी और मेडिकल मदद का इंतजाम किया गया है।

बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पानी के स्तर और हालात पर नज़र रखने के लिए 21 बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 198 नावें तैनात की गई हैं।

आपातकालीन कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), वॉटर पुलिस और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

अगर बाढ़ की स्थिति और बिगड़ती है, तो प्रशासन ने पशुओं के लिए भी जरूरी इंतजाम किए हैं। इनमें चारा, पीने का पानी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था शामिल है।

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नेपाल की बाढ़ में फंसे 320 भारतीयों से संपर्क नहीं, खरगे ने PM मोदी और अमित शाह से की बड़ी मांग

नेपाल की बाढ़ में फंसे 320 भारतीयों से संपर्क नहीं, खरगे ने PM मोदी और अमित शाह से की बड़ी मांग

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नेपाल में आई भीषण बाढ़ और उससे पैदा हुए मानवीय संकट को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। खरगे ने केंद्र सरकार से नेपाल को तत्काल मानवीय और आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के लिए तेजी से कदम उठाने की मांग की है। ALSO READ: नेपाल में जलप्रलय से भारी तबाही, 626 लोगों की मौत; 2400 से ज्यादा लापता, 320 भारतीयों से संपर्क टूटा

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में खरगे ने नेपाल में बाढ़ से हुए बड़े पैमाने पर जान-माल के नुकसान पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आपदा में 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं। बड़ी संख्या में लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।

 

नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर जताई चिंता

खरगे ने कहा कि बाढ़ के कारण नेपाल के कई हिस्सों में भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग भी फंसे हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी अभियान तेज करने के निर्देश देने का आग्रह किया, ताकि प्रभावित भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जा सके।

 

खरगे ने विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सरकार से इन लोगों का पता लगाने और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास करने की अपील की। ALSO READ: नेपाल की त्रासदी में विदिशा की स्वाति बागरेचा लापता, 26 अगस्त से परिवार से संपर्क टूटा

 

नेपाल को तत्काल राहत सहायता देने की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर बाढ़ प्रभावित लोगों तक पर्याप्त राहत और मानवीय सहायता पहुंचाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत को नेपाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

 

अमित शाह को दिया सुझाव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में खरगे ने नेपाल में तत्काल और व्यापक मानवीय एवं आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि नेपाल सरकार के साथ समन्वय करते हुए जरूरत के अनुसार राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी तैनात की जाएं, ताकि बचाव, निकासी और राहत कार्यों में मदद मिल सके।

 

खरगे ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार नेपाल के इस मानवीय संकट को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में तत्काल आवश्यक कदम उठाएगी।