इटली में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सोमवार को भारतीयों से भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय खबरों पर नजर रखने को कहा है। इस बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की घटनाओं के बाद सोमवार को इमरजेंसी सिक्योरिटी बैठक बुलाई है। भारतीय दूतावास ने आपात स्थिति में मदद के लिए रोम और मिलान स्थित अपने कार्यालयों के नंबर जारी किए हैं। मिलान में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, दुकानों में लूटपाट इटली के कई शहरों में रविवार को बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हुए। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे इन प्रदर्शनों के दौरान मिलान में हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां फेंकीं। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वीकेंड पर मिलान में 5,000 से ज्यादा लोग जुटे थे। हिंसा के दौरान दुकानों में लूटपाट की गई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। इटली की न्यूज एजेंसी अंसा के मुताबिक, पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। इनमें करीब 80% नाबालिग हैं। झड़पों में पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। ट्यूरिन में पत्थर और हथौड़े लेकर घूम रहे लोग पकड़े गए हिंसा का असर इटली के दूसरे शहरों में भी देखने को मिला। मेलोनी के मुताबिक, ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और शीशे तोड़ने वाले हथौड़े लेकर जाते समय हिरासत में लिया गया। वहीं, बोलोन्या में गड़बड़ी की आशंका के चलते एक रेलवे स्टेशन को एहतियातन बंद कर दिया गया। मिलान के मेयर ग्यूसेपे साला ने कहा कि दुकानों के टूटे शीशे, लूटपाट और डरे हुए नागरिकों को देखकर चिंता होती है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं दुनिया के कई शहरों में देखने को मिल रही हैं। मेलोनी बोलीं- प्रदर्शन करना अधिकार, शहरों में आग लगाना नहीं प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा, ‘प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों को बर्बाद करना नहीं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवियों ने प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाने की कोशिश की। मेलोनी ने विपक्षी दलों से भी हिंसा की स्पष्ट रूप से निंदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हिंसा की निंदा करने में हिचकिचाहट को उसका समर्थन समझा जा सकता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन:फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ओमान के तट पर सोहर एंकरेज में निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ था। इस टैंकर पर 11 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे। इनमें से 9 नाविकों को बचा लिया गया, जबकि 2 नाविक लापता बताए जा रहे हैं। इनके लिए खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हमला MT पेट्रो डॉल्फिन पर 11 अक्टूबर को हुआ था।
रविवार को X पर एक पोस्ट में, सोनोवाल ने कहा कि टैंकर पर सोहर एंकरेज में हमला हुआ था। उन्होंने पुष्टि की कि स्थानीय कोस्ट गार्ड सक्रिय रूप से सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा था। सोनोवाल ने अपने X पोस्ट में कहा, “11 अक्टूबर को, 11 भारतीय नाविकों को ले जा रहे टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर सोहर एंकरेज में ड्रोन हमला हुआ था।” “हालांकि हमारे नौ भारतीय क्रू मेंबर को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है और वे सुरक्षित हैं, दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं।”
IMPORTANT UPDATE
On Oct 11, tanker MT PETRO DOLPHIN, carrying 11 Indian seafarers, was subjected to a drone attack at Sohar Anchorage.
While nine of our Indian crew members have been successfully rescued and are safe, two Indian nationals currently remain missing.
Search-and-rescue operations are actively underway by the local Coast Guard. We are continuously coordinating with all relevant authorities to fully support the ongoing rescue efforts and ensure every possible action is taken to safely locate our missing personnel.
— Sarbananda Sonowal (@sarbanandsonwal) October 11, 2026
सोनोवाल ने कहा, “लोकल कोस्ट गार्ड सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन एक्टिव रूप से कर रहा है। हम सभी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार कोऑर्डिनेट कर रहे हैं ताकि चल रहे रेस्क्यू कामों में पूरी तरह से मदद मिल सके और यह पक्का किया जा सके कि हमारे लापता लोगों को सुरक्षित रूप से ढूंढने के लिए हर मुमकिन कदम उठाया जाए।” मस्कट में भारतीय दूतावास ने भी कन्फर्म किया कि जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता बताए गए हैं। दूतावास ने कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं।
The Embassy is closely monitoring the situation concerning MT PETRO DOLPHIN, a Nicaragua-flagged tanker. Two of the 11 Indian seafarers onboard are reported missing. The Embassy is in close and continuous contact with the concerned authorities .
— India in Oman (Embassy of India, Muscat) (@Indemb_Muscat) October 11, 2026
X पर एक पोस्ट में, दूतावास ने कहा, “एम्बेसी निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर MT PETRO DOLPHIN से जुड़ी स्थिति पर करीब से नजर रख रहा है।” अधिकारी ने बताया, “जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से दो लापता बताए गए हैं। एम्बेसी संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।” यह घटनाक्रम खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर हमलों और इंटरनेशनल जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच हुआ है।
11 अक्टूबर को एक अलग घटना में, मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला टैंकर M/T वल्थेरा, जिसमें 11 भारतीय नाविक सवार थे, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय एक अनजान चीज से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई।
होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय क्रू वाले एक टैंकर पर रविवार को ड्रोन से हमला हुआ। जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से 9 को बचा लिया गया, जबकि 2 अब भी लापता हैं। हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पिछले 3 दिनों में इस क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले 3 जहाजों पर हमले हुए हैं। इनमें से एक हमला एमटी वाल्थेरा पर हुआ था, जिसके बाद जहाज में आग लग गई थी। भारत ने जहाजों पर होने वाले हमले तुरंत रोकने को कहा है। सोहर बंदरगाह के पास हमला हुआ निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ओमान के सोहर बंदरगाह के पास जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारतीय अधिकारी स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर लापता नाविकों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। दूसरे टैंकर वाल्थेरा पर भी हमला, सभी 11 भारतीय सुरक्षित रविवार को ही मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर एमटी वाल्थेरा पर होर्मुज स्ट्रेट में एक ड्रोन या मिसाइल से हमला हुआ। इससे जहाज में आग लग गई। इस टैंकर पर भी 11 भारतीय नाविक सवार थे। सोनोवाल ने बताया कि सरकार जहाज के प्रबंधन से जुड़ी कंपनी के संपर्क में है और नाविकों की सुरक्षा पर नजर रख रही है। 9 अक्टूबर को भी हमला हुआ था इससे पहले 9 अक्टूबर को पनामा के झंडे वाले कच्चे तेल के जहाज एमटी जेम नंबर 2 पर शारजाह के पास ड्रोन से हमला हुआ था। इस जहाज पर 22 भारतीय नाविक सवार थे। इस तरह 9 से 11 अक्टूबर के बीच खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत ने तुरंत हमले रोकने को कहा भारतीय विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और व्यापारिक जहाजों, नाविकों व नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। संघर्ष का हल बातचीत और कूटनीति से निकाला जाना चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से व्यापार को सुरक्षित और बिना रुकावट जारी रखने पर भी जोर दिया। दुनिया के जहाजों पर 3.20 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक भारत दुनिया में व्यापारिक जहाजों के लिए नाविक उपलब्ध कराने वाले बड़े देशों में शामिल है। जहाजरानी मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में भारत में 3.20 लाख से ज्यादा सक्रिय नाविक थे। अमेरिका और इजराइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों में भारतीय नाविकों की मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर हुए हमले की निंदा की थी। मंत्रालय ने क्षेत्र में जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की थी। ————————- यह खबर भी पढ़ें… भारतीय नाविकों वाले जहाज पर 48 घंटे में तीसरा हमला:ब्लैक सी में 2 हमले, यूक्रेनी ड्रोन तेल टैंकर से टकराया रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। टैंकर पर 23 लोगों का क्रू था। सभी भारतीय नागरिक थे और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए हूती विद्रोहियों के हमले में घायल एक भारतीय की मौत हो गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने कहा कि भारतीय दूतावास परिवार की हर संभव मदद करेगा। भारतीय दूतावास ने बताया कि वह मृतक के परिवार के संपर्क में है। दूतावास शव को जल्द भारत लाने में मदद करेगा। इस बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला किया। इस हमले में 12 भारतीयों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। एयरपोर्ट पर दो दिन में दूसरी बार हमला सऊदी सेना के मुताबिक, रविवार को एयरपोर्ट पर एक मिसाइल या दूसरा विस्फोटक हथियार गिरा। इससे यात्रियों के एक हॉल में आग लग गई। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में भी कुछ लोग घायल हुए हैं। शनिवार को इसी एयरपोर्ट पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 308 लोग घायल हुए थे। मरने वालों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक शामिल थे। हूतियों ने सऊदी एयरपोर्ट पर फिर हमले की धमकी दी यमन के हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एयरलाइंस और यात्रियों को सऊदी अरब के एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी है। हूतियों का कहना है कि वे यमन के गृहयुद्ध में सऊदी अरब की भूमिका के विरोध में हमले कर रहे हैं। संगठन ने कहा है कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट को फिर निशाना बनाया जा सकता है। हूतियों के खिलाफ हमला कर सकता है अमेरिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका हूतियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हालिया हमले की जानकारी मिलने के बाद फैसला लिया जाएगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमले की निंदा की। उन्होंने पुष्टि की कि हमले में एक अमेरिकी नागरिक की भी मौत हुई है। ब्रिटेन ने भी सऊदी अरब को और मदद देने की संभावना जताई है। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है। एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है। भारत ने कहा- आम नागरिकों पर हमले तुरंत बंद हों भारत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले की निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि आम नागरिकों और उनके इस्तेमाल वाली जगहों को बार-बार निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने कहा कि वह सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा में वहां की सरकार और जनता के साथ खड़ा है। भारत ने उम्मीद जताई कि इस क्षेत्र में जल्द ही शांति बहाल होगी। रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े 19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया। 7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (एयरबस A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई।
भारत ने मंगलवार को ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज पर हमले की निंदा की। हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमटी ऑन पीस ओमान के तट से गुजर रहा था। इसी दौरान उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे। इनमें 17 भारतीय नागरिक थे। ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को निकालकर ओमान के खासाब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। भारत ने क्षेत्र में जहाजों पर जारी हमलों पर चिंता जताई। उसने शांति और स्थिरता के लिए ऐसे हमले तुरंत रोकने की मांग की। फरवरी से अब तक होर्मुज में हमलो में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हो चुके हैं। वहीं, इन हमलों में 11 भारतीय नाविकों की जान गई। खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के इलाके में अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 6 भारत-झंडे वाले कमर्शियल जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा 6 विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए सामान लेकर चल रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं। जायसवाल के मुताबिक, भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन उनकी मदद के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट, रेड सी और ब्लैक सी में जहाजों और नाविकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि ऐसी हिंसा और जान का नुकसान रुकना चाहिए। इसके अगले दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के बयान में भी जयशंकर ने कहा कि समुद्र में बढ़ते नए खतरे पहले से मौजूद जमीनी संकट को और गंभीर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी और दूसरे समुद्री रास्तों पर हुए हमलों में भारतीय और अन्य देशों के नाविकों की जान गई है। भारत ने तनाव कम करने, संयम बरतने और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की। —————————— यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान का ड्रोन हमलों से बचने के लिए सस्ता तरीका:सेना-पुलिस के ठिकानों पर मछली पकड़ने वाला जाल लगा रहे पाकिस्तान में ड्रोन हमलों से बचने के लिए पुलिस और सेना अब मछली पकड़ने वाले जाल का इस्तेमाल कर रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
हाल ही में ब्लैक सी यानी काला सागर में ड्रोन हमले की चपेट में आने से तुर्किये का एक मालवाहक जहाज MV रोयाड मम्मादोव डूब गया। उस पर सवार दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य क्रू मेंबर घायल हो गए। इस जहाह पर सवार 3 भारतीयों समेत 11 अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बचाए गए भारतीयों में से एक घायल है, जिसका इलाज रोमानिया में किया जा रहा है।
रोमानिया में भारतीय दूतावास ने सोमवार को बताया कि ब्लैक सी में एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ। इसमें सवार तीन भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं, जिनमें से एक घायल है और उसका रोमानिया में इलाज चल रहा है। MV रोयाड मम्मादोव जहाज पर ब्लैक सी में सफर करते समय हमला हुआ। जिसमें दो विदेशी नागरिकों की मौत हो गई और कई क्रू मेंबर घायल हो गए। भारतीय मिशन के मुताबिक, घायल क्रू मेंबर को इलाज के लिए रोमानिया ले जाया गया।
रोमानिया में भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, “तीनों भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं। हमने उनसे बात की है। उनमें से एक घायल हो गया है और उसका इलाज चल रहा है।”
All three Indian nationals are safe. We have spoken to them. One of them has been injured and is receiving medical attention. We are in close touch with the hospital authorities.
We are extending all possible support for the welfare and wellbeing of the Indian crew members.
@MEAIndia @IndianDiplomacy @PMOIndia @DrSJaishankar @PIB_India @DDNewslive @airnewsalerts
— India in Romania (@eoiromania) October 5, 2026
रोमानिया में भारतीय राजदूत मनोज महापात्रा ने भी कॉन्स्टैंटा काउंटी हॉस्पिटल में तीन भारतीय क्रू मेंबर से बात की, जहां उनका इलाज चल रहा था। दूतावास ने कहा कि राजदूत ने हॉस्पिटल के चीफ फिजिशियन से भी बात की। इंडियन मिशन ने कहा कि वह रोमानियाई अधिकारियों और हॉस्पिटल अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीय क्रू मेंबर्स को हर मुमकिन मदद दे रहा है।
ड्रोन हमले से जहाज में लगी आग, 2 की मौत
रोमानियाई अधिकारियों ने कहा कि ब्लैक सी में 139 मीटर लंबे जहाज में आग लगने से दो क्रू मेंबर्स की मौत हो गई और 11 अन्य को बचा लिया गया। खबर है कि जहाज में अजरबैजानी और भारतीय नागरिक सवार थे। तुर्किये का मालवाहक जहाज रोमानियाई मछली पकड़ने वाले पोर्ट स्फांटू घोरघे से लगभग 30 नॉटिकल मील दक्षिण में डूब गया। रोमानिया के गृह मंत्रालय ने कहा कि उसके कोस्ट गार्ड बॉर्डर पुलिस को अलर्ट किया गया था कि रोमानिया के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन में मौजूद एक कमर्शियल जहाज में आग लग गई है।
ड्रोन हमले के लिए रूस जिम्मेदार
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया, और आरोप लगाया कि रूसी ड्रोन हमला अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में यात्रा कर रहे नागरिक जहाज पर किया गया। जेलेंस्की ने X पर एक पोस्ट में कहा, “न्यूट्रल पानी में मक्का ले जा रहे एक नागरिक जहाज पर दो रूसी ड्रोन ने भयानक हमला किया।” उन्होंने यह भी कहा कि हमले में जहाज का कैप्टन मारा गया।
रूस-यूक्रेन युद्ध से ब्लैक सी में कारोबार पर बढ़ खतरा
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि रूस-यूक्रन युद्ध से काला सागर से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर खतरा बढ़ गया है। हमले और मिलिट्री ऑपरेशन की वजह से इस इलाके में और उसके आस-पास चलने वाले मर्चेंट जहाजों को बढ़ती सुरक्षा चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है।
भारत ने कमर्शियल शिपिंग पर हमलों पर चिंता जताई
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने मुख्य समुद्री कॉरिडोर में बढ़ते खतरों के बीच कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा पर बार-बार चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले हफ्ते 81वीं यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली में अपने भाषण में खाड़ी, लाल सागर और काला सागर में कमर्शियल शिपिंग और नाविकों पर हमलों पर जोर दिया।
होर्मुज स्ट्रेट में शुक्रवार को एक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। इस जहाज में 5 भारतीय सवार थे। ओमान में भारतीय दूतावास ने शनिवार को बताया कि पांचों भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। ये नाविक कुवैत के झंडे वाले टैंकर एमटी काजिमाह III पर सवार थे। यह कच्चे तेल से भरा था और अफ्रीका की ओर जा रहा था। हालांकि, यह हमला किसने किया, यह अभी जानकारी तक सामने नहीं आई। फरवरी से अब तक होर्मुज में हमलो में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हो चुके हैं। वहीं, इन हमलों में 11 भारतीय नाविकों की जान गई। खाड़ी क्षेत्र में जहाजों पर 4500 भारतीय नाविक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इससे पहले मंगलवार को बताया था कि इस क्षेत्र में चल रहे व्यावसायिक जहाजों पर 4500 से ज्यादा भारतीय नाविक सवार हैं। जायसवाल के मुताबिक, इस समय फारस की खाड़ी में भारत के झंडे वाले 6 कमर्शियल जहाज हैं। इसके अलावा 6 विदेशी झंडे वाले जहाज भी हैं, जो भारत के लिए सामान लेकर जा रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं। जायसवाल के मुताबिक, भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर भारतीय दूतावास नाविकों की सुरक्षा और भलाई के लिए जरूरी कदम उठाते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा और उनकी भलाई भारत की प्राथमिकता है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई थी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा की 81वीं बैठक में व्यावसायिक जहाजों और नाविकों पर हमलों को लेकर चिंता जताई थी। जयशंकर ने कहा था, समुद्र में नए खतरे पहले से मौजूद जमीन से जुड़े संकटों को और बढ़ा रहे हैं। भारतीय नाविकों के साथ दूसरे देशों के नाविकों की भी जान गई है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। जयशंकर ने खाड़ी क्षेत्र में तुरंत तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों के लिए काम कर रहे जहाजों के क्रू की सुरक्षा बनी रहेगी और ऊर्जा की सप्लाई के साथ-साथ दुनिया का व्यापार भी बिना रुकावट चलता रहेगा। ट्रम्प ने ईरान का जंग खत्म करने का प्रस्ताव ठुकराया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान का युद्ध खत्म करने और होर्मुज खोलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है, क्योंकि वह बुरी तरह हार रहा है और उसके पास पैसा नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि ईरान की कमाई होर्मुज से होने वाले कारोबार पर निर्भर है। अमेरिका ने इस समुद्री रास्ते पर सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी नाकेबंदी की है, जो लोहे की दीवार जैसी है। 28 फरवरी से चल रही है अमेरिका-ईरान की लड़ाई अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और उन खाड़ी देशों में हमले किए, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। अमेरिका का कहना है कि उसका मकसद ईरान की परमाणु क्षमता को कमजोर करना है। वहीं ईरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है और उसे परमाणु तकनीक के इस्तेमाल का अधिकार है। ———————— यह खबर भी पढ़ें… रिपोर्ट- सऊदी अरब हूती विद्रोहियों पर हमला करेगा सऊदी अरब यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिकों को उतार सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल हमामी के तौर पर हुई है। वह ओमान का रहने वाला है। अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से बताया कि आरोपी लंबे समय तक सीरिया में रहा था। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अल हमामी कट्टरपंथी विचारों का था। उसकी सोच के कारण उसे पिछले साल ओमान की नेशनल एयरलाइन में पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। बाद में उसे एयरलाइन में दूसरा काम दिया गया। वह पहले रॉयल एयर मैरोक के साथ भी काम कर चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई में उसे काम करते हुए करीब 8 महीने हुए थे। अल हमामी का जन्म यूएई में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई हैं। उसने अपनी जिंदगी के कई साल यूएई में भी बिताए। आरोपी ने 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन मच्छर पर चाकू से हमला किया था। दावों के मुताबिक वह प्लेन क्रैश करवाना चाहता था। विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। हालांकि घायल कैप्टन ने उससे मुकाबला करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को पकड़ा। इसके बाद सऊदी अरब में विमान की लैंडिंग हुई। आरोपी के पास से फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने का दावा आई24 न्यूज ने एक सूत्र के हवाले से दावा किया कि अल हमामी के पास से ‘फ्री फिलिस्तीन’ समूहों के पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामान मिले थे। रिपोर्ट के मुताबिक, वह फिलिस्तीनियों के समर्थन और इजराइल के विरोध की बात करता था। जांच एजेंसियां इन दावों को उसके कट्टरपंथ और संभावित आतंकी मकसद की जांच के हिस्से के तौर पर देख रही हैं। हालांकि, हमले के मकसद और किसी संगठन से उसके संबंध की जांच अभी जारी है। यूएई के अटॉर्नी जनरल ने घटना के पीछे आतंकवादी गतिविधि या किसी पूर्व योजना से संबंध की जांच के आदेश दिए हैं। ओमानी पायलट को तेल अवीव की फ्लाइट में ड्यूटी कैसे मिली, इसकी जांच होगी ओमान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि ओमान के नागरिक अल हमामी को तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट की ड्यूटी कैसे मिली। सीएनएन के मुताबिक, इजराइल की शिन बेट, मोसाद, सेना और ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री समेत कई एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। वे यह पता लगा रही हैं कि अल हमामी को इस रूट पर उड़ान भरने की मंजूरी किस प्रक्रिया के तहत दी गई थी। घटना के बाद सऊदी अरब में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई। इसके बाद अल हमामी को यूएई भेज दिया गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े मामले की जांच की जा रही है। 174 लोगों को लेकर जा रहा था विमान, एक मिनट में 17,000 फीट नीचे आया घटना वाले दिन फ्लाईदुबई फ्लाइट में 174 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली यात्री थे। विमान में भारत और UAE के नागरिक भी मौजूद थे। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, चार यात्री अमेरिकी नागरिक थे। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया था। दोनों के बीच पहले हाथापाई हुई। इसके बाद आरोपी ने चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान करीब एक मिनट में 33,000 फीट से 17,000 फीट तक नीचे आ गया। UAE के अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित कैप्टन स्मित अभी UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया है। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी। मित्तल ने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। राजदूत ने कैप्टन स्मित को भारत का बहादुर बेटा बताया। उन्होंने कहा कि हवा में आपात स्थिति के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… कैप्टन स्मित ने पीएम से वीडियो कॉल पर बात की, बोले- घायल था पर हिम्मत नहीं हारी, हनुमान चालीसा पढ़ते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 174 जान बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट वीडियो कॉल पर बात की। स्मित ने दो दिन पहले दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन की हाइजैकिंग नाकाम की थी। ओमानी को-पायलट ने उन्हें चाकू मारा। स्मित ने फिर भी प्लेन क्रैश नहीं होने दिया। पूरी खबर पढ़ें…
प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से बात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की। मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा, “पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। आपके साहस और सूझबूझ से कई लोगों की जान बची।” मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया कि उस घटना के दौरान वे हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। पीएम मोदी ने स्मित की मां की तारीफ की प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की मां गीताबेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मित की मां ने उन्हें भगवद्गीता के मूल्यों और उपदेशों के साथ बड़ा किया है। कैप्टन स्मित ने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आने से उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके जीवन में ऐसा पल आएगा। अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित कैप्टन स्मित अभी UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें कल सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया था कि पायलट की हालत स्थिर है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। उनका मनोबल भी ऊंचा है। मित्तल ने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। राजदूत ने कैप्टन स्मित को भारत का बहादुर बेटा बताया। उन्होंने कहा कि हवा में आपात स्थिति के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।
मोदी ने कहा, “इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी रोक दी। हमारे देश के हर नागरिक को स्मित की बहादुरी पर बहुत गर्व है।”
प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर के माता-पिता और पत्नी से भी बात की थी। उन्होंने पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से उनकी सेहत की जानकारी ली। साथ ही भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। खबर अपडेट हो रही है… ——————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है:ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों एरिक और ट्रम्प जूनियर की हिस्सेदारी वाली पावरयूएस कंपनी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने जा रही है। कंपनी ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ मर्री में सीक्रेट मीटिंग की है। ड्रोन प्रोडक्शन के लिए हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला में तीन संभावित मिलिट्री साइट्स चुनी गई हैं। यहां आत्मघाती ड्रोन बनाए जाएंगे। प्रोडक्शन यूनिट की साइट फाइनल करने के लिए पाक टीम 15 अक्टूबर के बाद अमेरिका जाएगी। सूत्रों के अनुसार, करार की बाकी औपचारिकताएं भी पूरी की जाएंगी। 16 सितंबर को मुनीर और पावरयूएस के बीच ड्रोन आयात का एमओयू हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, ड्रोन प्रोडक्शन में पाक आर्मी की इंडस्ट्रियल यूनिट भी शामिल होगी। पाकिस्तान आर्मी फिलहाल चीन और तुर्किये से ड्रोन सप्लाई ले रही है। तुर्किये ने भी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन का करार किया है। एक्सपर्ट बोले- भारत के लिए खतरा, 4 सवालों में समझिए कैसे पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में काम कर चुके डिफेंस एक्सपर्ट अविनाश मोहनानी के मुताबिक पाकिस्तान में बनने वाले ये ड्रोन भारत की अंदरूनी सुरक्षा के लिए चुनौती हो सकते हैं। 1. ड्रोन यूनिट से हमें क्या खतरा? पाक को अमेरिका से मिलने वाले कई हथियार आईएसआई से होकर आतंकियों के पास जाते हैं। कश्मीर में ऐसे कई केस हैं जब यूएस मेड हथियार आतंकियों के कब्जे से बरामद हुए हैं। ये ड्रोन हमारी अंदरूनी सुरक्षा को चुनौती होंगे। 2. पाक में प्रोडक्शन क्यों? पहले पाक को अमेरिका से ड्रोन आयात करने थे, लेकिन अब प्रोडक्शन इसलिए क्योंकि ट्रम्प के बेटों की कंपनी इन्हें पाक के जरिए एशिया और अफ्रीका के उन देशों को भी बेच सकेगी जिन्हें अमेरिका सीधे हथियार नहीं देता है। 3. चीन की पाक को मंजूरी क्यों? चीन का पाक में सीपैक के रूप में बड़ा निवेश है। सीपैक सबसे अहम है, पर इसका फायदा नहीं मिल रहा है। बलूचिस्तान-खैबर में चीन खनन नहीं कर पा रहा है। ऐसे में मुनीर के कहने पर चीन ने पाक को इस डील की मंजूरी दी। 4. क्या पाक का रोल बढ़ेगा? ट्रम्प के दौर में अमेरिका का पाक के साथ कई क्षेत्रों में करार बढ़ा है। ईरान युद्ध में भी अमेरिका ने पाक को मध्यस्थ का रोल दिया था। ट्रम्प परिवार का पाक के क्रिप्टो करंसी बिजनेस में हाथ है। अमेरिका पाक के रोल को और बढ़ाने वाला है।

