‘ओमान में था बैन…सीरिया कनेक्शन’, कैप्टन स्मित पर हमला करने वाले को-पायलट की हुई पहचान

फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आई है। नई रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी ओमानी को-पायलट की पहचान 29 वर्षीय हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक वह पहले ओमान एयर में काम कर चुका था। साल 2024 में उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद उसे उड़ान से हटा दिया गया था। वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि हमाम ने सीरिया में काफी समय बिताया था और इसी दौरान उसके संपर्क में कट्टरपंथी विचार आने की आशंका जताई गई। इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

CNN के मुताबिक, ओमान में कथित कट्टरपंथी गतिविधियों को लेकर अल-हम्मामी को उड़ान से रोका गया था। इसके बाद वह संयुक्त अरब अमीरात कैसे पहुंचा और वहां एक कमर्शियल पायलट के तौर पर उसे काम करने की अनुमति कैसे मिली, अब जांच एजेंसियां इसी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

बड़े हमले की थी साजिश

इजरायली न्यूज चैनल i24NEWS की रिपोर्ट में जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से एक बड़ा दावा किया। रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर बताया कि वह विमान को इजराइल में गिराने की योजना बना रहा था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अगर यह योजना सफल हो जाती तो विमान में सवार लोगों के साथ-साथ जमीन पर भी बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता था। रिपोर्ट में इस संभावित घटना की तुलना 11 सितंबर के आतंकी हमलों जैसी गंभीर घटना से की गई है। वहीं को-पायलट के इस कथित बयान की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

काफी समय रहा है सीरिया में

अल अरबिया के हवाले से सूत्रों ने कहा कि, हमाम अल-हम्मामी ने अपने जीवन का काफी समय ओमान से बाहर बिताया, जिसमें सीरिया भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, सीरिया में रहने के दौरान उसके विचारों में बदलाव आया और उस पर कट्टरपंथी सोच से प्रभावित होने की बात सामने आई। बाद में ओमानी अधिकारियों ने इन चिंताओं को देखते हुए उसे विमान उड़ाने की जिम्मेदारी से हटा दिया। इसके बाद अल-हम्मामी ने ओमान छोड़ दिया और संयुक्त अरब अमीरात पहुंच गया। कुछ समय बाद उसने फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की और वहां को-पायलट के तौर पर काम करने लगा। हालांकि, उसके अतीत और विचारों से जुड़े दावे अभी जांच के दायरे में हैं।

अधिकारी कर रहे इन बातों की जांच

अल-हम्मामी के सीरिया में रहने और उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में कई दावे सामने आए हैं। इजरायल के चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि वह अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित हुआ था और सीरिया में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुछ धार्मिक लोगों से भी हुई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इजरायली अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं अल-हम्मामी का किसी चरमपंथी नेटवर्क से संपर्क या प्रभाव तो नहीं रहा।

30 सितंबर को क्या हुआ था

30 सितंबर को हुई इस घटना के दौरान, रिपोर्टों के मुताबिक अल-हम्मामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया, जिससे विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे जाने लगा। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद चालक दल और यात्रियों ने स्थिति संभालने में मदद की। इसी दौरान विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी फ्लाइट का कंट्रोल संभालने में सहयोग किया। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

घटना के बाद आरोपी को पूछताछ और जांच के लिए यूएई ले जाया गया है। हालांकि, उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड को लेकर कई रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन यूएई के अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

PM मोदी ने कैप्टन स्मित से बात की, VIDEO:174 जानें बचाने वाले पायलट बोले- हनुमान चालीसा पढ़ रहा था, भगवान ने ही हमें बचाया

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से बात की और उनकी बहादुरी की तारीफ की। मोदी ने कैप्टन स्मित से कहा, “पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा है। आपके अच्छे स्वास्थ्य के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा रहा है। आपके साहस और सूझबूझ से कई लोगों की जान बची।” मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि देश गर्व से कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं। कैप्टन स्मित ने PM मोदी को बताया कि उस घटना के दौरान वे हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। पीएम मोदी ने स्मित की मां की तारीफ की प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित की मां गीताबेन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्मित की मां ने उन्हें भगवद्गीता के मूल्यों और उपदेशों के साथ बड़ा किया है। कैप्टन स्मित ने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आने से उन्हें बहुत गर्व महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनके जीवन में ऐसा पल आएगा। अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित कैप्टन स्मित अभी UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें कल सऊदी अरब से एयरलिफ्ट करके अबू धाबी ले जाया गया। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी। उन्होंने बताया था कि पायलट की हालत स्थिर है और वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। उनका मनोबल भी ऊंचा है। मित्तल ने कहा कि कैप्टन को अच्छा इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास वहां के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। राजदूत ने कैप्टन स्मित को भारत का बहादुर बेटा बताया। उन्होंने कहा कि हवा में आपात स्थिति के दौरान उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। PM मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पायलट ने धैर्य और साहस दिखाया। उनकी बहादुरी से पूरा देश गर्व महसूस कर रहा है।

मोदी ने कहा, “इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी रोक दी। हमारे देश के हर नागरिक को स्मित की बहादुरी पर बहुत गर्व है।”

प्रधानमंत्री ने कैप्टन मच्छर के माता-पिता और पत्नी से भी बात की थी। उन्होंने पिता भूपेंद्रभाई, मां गीताबेन और पत्नी सोनलबेन से उनकी सेहत की जानकारी ली। साथ ही भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशनों की ओर से पायलट और उनके परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। खबर अपडेट हो रही है… ——————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है:ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

अमेरिका से 9000 सैनिक, तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट रवाना:ईरान पर हमले की तैयारी, ट्रम्प ने चुनाव के बाद हमले की बात कही थी

अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा रहा है। करीब 9 हजार अतिरिक्त सैनिकों के साथ अमेरिका अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडोर रूजवेल्ट भी क्षेत्र में भेज रहा है। अक्टूबर के आखिर तक मिडिल ईस्ट में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हो सकते हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर नए हमलों की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की बात की थी। इसके पहले उन्होंने ईरान के सीजफायर प्लान को भी ठुकरा दिया था। क्षेत्र में दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ही बचे थे अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अक्टूबर के अंत तक मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 3 एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हो सकते हैं। फिलहाल USS जॉर्ज डब्ल्यू बुश और USS जॉर्ज वॉशिंगटन पहले से वहां मौजूद हैं। अगस्त में USS अब्राहम लिंकन की वापसी के बाद क्षेत्र में दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर बचे थे, अब थियोडोर रूजवेल्ट के पहुंचने पर इनकी संख्या फिर तीन हो सकती है। इसके अलावा USS बॉक्सर समेत कई अन्य युद्धपोत भी क्षेत्र में तैनात हैं। नई तैनाती के बाद पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसेना और मरीन कर्मियों की संख्या 20 हजार से ज्यादा हो सकती है। ट्रम्प ने ईरान का सीजफायर प्रस्ताव ठुकरा दिया था टाइम मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने ईरान के हालिया सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की पेशकश भी की थी, लेकिन ट्रम्प के मुताबिक यह प्रस्ताव अमेरिका के लिए काफी नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि 3 नवंबर के चुनाव के बाद ईरान पर बमबारी बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर ट्रम्प ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा था कि अगर वह चाहें तो ईरान को पूरी तरह तबाह कर सकते हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना युद्ध के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है। ईरान ने जंग खत्म करने को 7 दिन का प्रस्ताव रखा था ईरान ने जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने सात दिन का प्रस्ताव रखा था। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने की बात शामिल थी। अमेरिका ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक, ईरान समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए तैयार है। इसके बदले वह विदेशों में जमा अपनी संपत्तियों और पैसों पर लगी रोक हटाने और अपना तेल बेचने की अनुमति चाहता है। उन्होंने कहा कि ये मांगें जून में अस्थायी सीजफायर के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) जैसी हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से जवाबी हमलों के बाद वह समझौता टूट गया था। ——————— ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है: ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है:ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी; UAE को सौंपा गया भारतीय पायलट पर हमले का आरोपी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। ट्रम्प ने कहा कि अगर हमले के पीछे ईरान की भूमिका सामने आती है तो तेहरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं सऊदी अरब ने बताया कि विमान में भारतीय पायलट पर हमले के आरोपी को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को सौंप दिया गया है। मामले की जांच में इजराइल, UAE, अमेरिका, ओमान और सऊदी अरब की एजेंसियां जुटी हैं। दरअसल, 29 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया था। इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों ने अंदर पहुंचकर को-पायलट को पकड़ा। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। 174 लोगों को लेकर जा रहा था विमान फ्लाईदुबई का विमान संयुक्त अरब अमीरात से तेल अवीव जा रहा था। इसमें 174 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर इजरायली यात्री थे। विमान में भारत और UAE के नागरिक भी मौजूद थे। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, चार यात्री अमेरिकी नागरिक थे। एक मिनट में 33,000 फीट से 17,000 फीट नीचे आया विमान उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। पहले हाथापाई हुई। इसके बाद आरोपी ने चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान करीब एक मिनट में 33,000 फीट से 17,000 फीट तक नीचे आ गया। हालांकि, कैप्टन ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद कुछ यात्रियों ने को-पायलट को काबू करने में मदद की। इस दौरान विमान का रडर भी क्षतिग्रस्त हो गया था। यात्रियों ने बताया- बेहद डरावना था पल हमले के दौरान कॉकपिट में पहुंचे यात्रियों में शामिल असफ राजुआन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किसकी मदद लें। उन्होंने बताया कि उस समय हर कोई सिर्फ अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था। क्रू के सदस्यों ने विमान को संभाला और आखिरकार इसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। आरोपी को-पायलट ओमान का नागरिक जांच से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक, संदिग्ध ओमान का नागरिक है। उसका नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसने कैप्टन पर हमला क्यों किया। आतंकवाद समेत सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। नेतन्याहू बोले- हमलावर इस्लामिस्ट विचारधारा से प्रभावित था इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि हमलावर को इस्लामिस्ट विचारधारा से प्रभावित किया गया था। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि उसे किसने कट्टरपंथी बनाया। ईरान की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर नेतन्याहू ने कहा कि अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि आरोपी इजरायल जाने वाले पायलटों पर लागू नियमों में मौजूद एक खामी का फायदा उठाकर फ्लाइट में शामिल हुआ। ओमान और इजरायल के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। कैप्टन स्मित मच्छर अबू धाबी में भर्ती हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर का अबू धाबी में इलाज चल रहा है। भारत सरकार ने बताया कि वह ठीक हो रहे हैं। विमान को सुरक्षित उतारने में उनकी भूमिका की काफी सराहना की जा रही है। विमान से भेजे गए थे दो इमरजेंसी कोड फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान के कॉकपिट से दो चार अंकों वाले कोड भेजे गए थे। पहला 7700 था, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत देता है। इसके बाद 7500 कोड भेजा गया, जिसका इस्तेमाल विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग की स्थिति में किया जाता है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… इजराइली यात्री ने TV शो देखकर प्लेन उड़ाना सीखा:हमलावर पायलट को पकड़कर हाइजैकिंग रोकी; खून सने कपड़ों में नेतन्याहू से मिलने पहुंचा दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार सुबह कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…

भारतीय कैप्टन ने नाकाम की 9/11 जैसी साजिश! खून से लथपथ हो गए पर फ्लाइदुबई फ्लाइट को क्रैश कराने जा रहे को-पायलट को ऐसे रोका

हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे एक यात्री विमान में अचानक कुछ ऐसा हुआ, जिससे करीब 180 यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। दरअसल, फ्लाईदुबई के एक पायलट ने अपने को-पायलट को विमान क्रैश करने से रोककर कथित तौर पर एक बड़े हादसे को टाल दिया। CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि विमान के कैप्टन स्मिथ मच्छर भारतीय मूल के हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान मूल के को-पायलट ने कथित तौर पर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने और उसे क्रैश करने की कोशिश की थी। इस दौरान कैप्टन स्मिथ मच्छर ने उसका मुकाबला किया और उसे ऐसा करने से रोक दिया।

बता दें कि फ्लाईदुबई का यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। इसमें करीब 180 यात्री सवार थे। हालांकि, इस घटना से जुड़ी जानकारी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दी गई है।

स्मिथ मच्छर इससे पहले करीब 10 साल तक स्पाइसजेट में काम कर चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, तेल अवीव जा रहे विमान में उनके को-पायलट ने उन पर हमला कर दिया था।

इजराइली मीडिया की रिपोर्ट में कैप्टन के भारतीय मूल का होने की बात भी कही गई है। चैनल 12 ने उन्हें “भारतीय मूल” का पायलट बताया, जबकि Ynet ने उन्हें “भारतीय नागरिक” बताया।

करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

इस घटना के बाद, फ्लाईदुबई के विमान को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 9:45 बजे (0645 GMT) सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। एयरपोर्ट का संचालन करने वाली कंपनी के बयान के अनुसार, कैप्टन और को-पायलट दोनों घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

वहीं, इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने इस घटना को “आतंकवादी” हमला बताया और दावा किया कि को-पायलट विमान को क्रैश करके इजरायलियों की जान लेना चाहता था।

फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में सह-पायलट की कथित हरकतों के साथ-साथ उसके पीछे की वजह का भी पता लगाया जा रहा है।

34 हजार फीट से अचानक 17 हजार फीट नीचे आया प्लेन

Flightradar वेबसाइट के डेटा के मुताबिक, उड़ान के दौरान प्लेन अचानक नीचे आ गया। 0521 GMT पर यह लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर था और 0522 GMT तक 17,000 फीट से भी नीचे आ गया।

यात्री मिरयम शिरा ओहायोन ने बताया कि जब प्लेन दुबई से तेल अवीव जा रहा था और जॉर्डन के ऊपर से गुजर रहा था, तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला करने की कोशिश की, जिससे प्लेन “लगभग बेकाबू” हो गया।

उन्होंने पत्रकारों को बताया, “को-पायलट ने पायलट की हत्या करने और असल में प्लेन पर सुसाइड अटैक करने की कोशिश की।” उन्होंने यह बात अपनी मां के हाथ में पकड़े स्पीकरफोन पर कही, जो तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उनका इंतजार कर रही थीं।

उन्होंने कहा, “यह सचमुच क्रैश होने ही वाला था, और कई लोगों की सूझबूझ की वजह से ही को-पायलट पर काबू पाया जा सका और उसे बेअसर किया जा सका।”

उन्होंने कहा, “वहां एक डॉक्टर भी थे जिन्होंने फर्स्ट एड दिया, और कुछ लोगों ने उन दोनों का इलाज किया। पायलट के अलावा किसी को चोट नहीं आई, लेकिन सबसे बड़ा डर क्रैश का था, और वह पायलट ठीक यही करने की कोशिश कर रहा था।”

इजरायल के कई मीडिया हाउस ने रिपोर्ट दी है कि प्लेन के पायलटों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसकी वजह से डिस्ट्रेस सिग्नल एक्टिवेट हो गया था।

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