फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आई है। नई रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपी ओमानी को-पायलट की पहचान 29 वर्षीय हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है। जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक वह पहले ओमान एयर में काम कर चुका था। साल 2024 में उसके पास कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिलने के बाद उसे उड़ान से हटा दिया गया था। वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि हमाम ने सीरिया में काफी समय बिताया था और इसी दौरान उसके संपर्क में कट्टरपंथी विचार आने की आशंका जताई गई। इस दावे पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
CNN के मुताबिक, ओमान में कथित कट्टरपंथी गतिविधियों को लेकर अल-हम्मामी को उड़ान से रोका गया था। इसके बाद वह संयुक्त अरब अमीरात कैसे पहुंचा और वहां एक कमर्शियल पायलट के तौर पर उसे काम करने की अनुमति कैसे मिली, अब जांच एजेंसियां इसी पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
बड़े हमले की थी साजिश
इजरायली न्यूज चैनल i24NEWS की रिपोर्ट में जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से एक बड़ा दावा किया। रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ के दौरान ओमानी को-पायलट ने कथित तौर पर बताया कि वह विमान को इजराइल में गिराने की योजना बना रहा था। जांचकर्ताओं के मुताबिक, अगर यह योजना सफल हो जाती तो विमान में सवार लोगों के साथ-साथ जमीन पर भी बड़े स्तर पर नुकसान हो सकता था। रिपोर्ट में इस संभावित घटना की तुलना 11 सितंबर के आतंकी हमलों जैसी गंभीर घटना से की गई है। वहीं को-पायलट के इस कथित बयान की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
काफी समय रहा है सीरिया में
अल अरबिया के हवाले से सूत्रों ने कहा कि, हमाम अल-हम्मामी ने अपने जीवन का काफी समय ओमान से बाहर बिताया, जिसमें सीरिया भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक, सीरिया में रहने के दौरान उसके विचारों में बदलाव आया और उस पर कट्टरपंथी सोच से प्रभावित होने की बात सामने आई। बाद में ओमानी अधिकारियों ने इन चिंताओं को देखते हुए उसे विमान उड़ाने की जिम्मेदारी से हटा दिया। इसके बाद अल-हम्मामी ने ओमान छोड़ दिया और संयुक्त अरब अमीरात पहुंच गया। कुछ समय बाद उसने फ्लाईदुबई में नौकरी शुरू की और वहां को-पायलट के तौर पर काम करने लगा। हालांकि, उसके अतीत और विचारों से जुड़े दावे अभी जांच के दायरे में हैं।
अधिकारी कर रहे इन बातों की जांच
अल-हम्मामी के सीरिया में रहने और उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में कई दावे सामने आए हैं। इजरायल के चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियों को शक है कि वह अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित हुआ था और सीरिया में रहने के दौरान उसकी मुलाकात कुछ धार्मिक लोगों से भी हुई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि इजरायली अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं अल-हम्मामी का किसी चरमपंथी नेटवर्क से संपर्क या प्रभाव तो नहीं रहा।
30 सितंबर को क्या हुआ था
30 सितंबर को हुई इस घटना के दौरान, रिपोर्टों के मुताबिक अल-हम्मामी ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया, जिससे विमान का संतुलन बिगड़ गया और वह तेजी से नीचे जाने लगा। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद चालक दल और यात्रियों ने स्थिति संभालने में मदद की। इसी दौरान विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने भी फ्लाइट का कंट्रोल संभालने में सहयोग किया। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित एयरपोर्ट पर सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
घटना के बाद आरोपी को पूछताछ और जांच के लिए यूएई ले जाया गया है। हालांकि, उसकी पहचान और पुराने रिकॉर्ड को लेकर कई रिपोर्टें सामने आई हैं, लेकिन यूएई के अधिकारियों ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

