बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार को कहा है कि वह दिसंबर में अपने देश लौटेंगी। उन्होंने कहा, बांग्लादेश की मौजूदा तारिक रहमान सरकार मुझे गिरफ्तार कर सकती है, मार सकती है या टॉर्चर कर सकती है, लेकिन कितना भी खतरा हो, मुझे इसकी परवाह नहीं है। मुझे अपने देश लौटना ही है। उन्होंने आगे कहा कि वह तारिक रहमान की सरकार से डरती नहीं हैं और अपने देश वापस लौटना उनकी जिम्मेदारी है। हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। तब से वह भारत में रह रही हैं। हसीना ने भारत सरकार को शुक्रिया कहा शेख हसीना ने मुश्किल समय में उन्हें शरण देने के लिए भारत सरकार और लोगों का शुक्रिया किया। उन्होंने 1975 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी भारत ने उन्हें सहारा दिया था। हसीना ने कहा, मैं भारत सरकार, यहां के लोगों और सभी राजनीतिक दलों की शुक्रगुजार हूं। उन्होंने मुझे वैसे ही अपनाया, जैसे 1975 में अपनाया था। दरअसल, 1975 में बांग्लादेश में सैन्य तख्तापलट के दौरान हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान की हत्या कर दी गई थी। वह बांग्लादेश के संस्थापक थे। इस घटना में हसीना की मां, उनके तीन भाइयों और परिवार के कई दूसरे सदस्यों की भी हत्या कर दी गई थी। उस समय हसीना और उनकी बहन अपनी जान बचाने और सुरक्षा के लिए भारत आई थीं। हसीना बोलीं- मेरे खिलाफ मामले चलाकर विपक्ष को दबाया जा रहा शेख हसीना ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार पर आरोप लगाया कि वह उनके और उनकी पार्टी अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामले चलाकर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं पर लगे आरोपों का फैसला निष्पक्ष सुनवाई के जरिए होना चाहिए। उनके मुताबिक, बांग्लादेश के लोगों को स्वतंत्र और सभी को शामिल करने वाली लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए अपनी सरकार चुनने का मौका मिलना चाहिए। हसीना के भारत आने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव शेख हसीना के भारत आने के बाद से भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार का कहना है कि हसीना की वापसी कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी। बांग्लादेश सरकार हसीना को भगोड़ा अपराधी बताती है। उसने भारत से कहा है कि हसीना को भारतीय जमीन से राजनीतिक गतिविधियां करने या राजनीतिक बयान देने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। दूसरी ओर, बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने कहा था कि शेख हसीना को पनाह देना भारत की मजबूरी थी। अगर भारत उन्हें उतरने की अनुमति नहीं देता तो स्थिति खराब हो सकती थी। दूसरी ओर, भारत ने बांग्लादेश की मौजूदा सरकार के साथ रिश्ते बनाए रखने में दिलचस्पी दिखाई है। प्रधानमंत्री मोदी उन शुरुआती नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने चुनाव में जीत के बाद तारिक रहमान को बधाई दी थी। रहमान की सरकार कई बार प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी तारिक रहमान सरकार ने कई बार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है। हसीना को वापस भेजने के मुद्दे का असर तारिक रहमान के भारत दौरे पर भी पड़ा है। भारत ने पिछले महीने हुए BRICS समिट में तारिक रहमान को शामिल होने का न्योता दिया था। इसके अलावा फरवरी से ही भारत की ओर से उन्हें अलग से भारत आने का निमंत्रण दिया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक भी बार भारत का दौरा नहीं किया। उनकी तरफ से हर बार हसीना को वापस लौटाने की शर्त रखी गई है। भारत-बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि है भारत और बांग्लादेश ने 2013 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कुछ परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को दूसरे देश को सौंपने से इनकार करने के प्रावधान हैं। इनमें राजनीतिक प्रकृति के अपराध से जुड़े मामले भी शामिल हैं। हसीना पर बांग्लादेश में 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार उन्हें वापस लाकर कानूनी कार्रवाई करना चाहती है। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना और उनके तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। 15 सितंबर 2026 को हसीना सरकार के कुछ पूर्व सहयोगियों को भी सजा सुनाई गई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की जांच के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी। ——————— यह खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश बोला-सऊदी ने बिना बताए हमारे नागरिकों को फांसी दी:मस्जिद में अश्लील हरकत करने पर पति-पत्नी को मौत की सजा मिली थी सऊदी अरब ने मक्का में पिछले बुधवार एक बांग्लादेशी पति-पत्नी को फांसी दे दी। दोनों को एक मस्जिद के अंदर अश्लील हरकत करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। पूरी खबर पढ़ें…
Disha Patani Meet Disha Patani: रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात लोगों के गोलीबारी किए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ घायल हो गए। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अभिनेता के आवास पर उनसे मिलने पहुंचे। इस मुश्किल समय में उनके साथ रहने के लिए अभिनेत्री दिशा पाटनी भी उनके घर पहुंचीं।
दिशा पाटनी टाइगर श्रॉफ के आवास पर पहुंचीं
पैपराजी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में दिशा को टाइगर के घर पहुंचते हुए देखा जा सकता है। वहां पहुंचने पर अभिनेत्री काफी परेशान नजर आ रही थीं। कार से उतरने के बाद उन्होंने पैपराजी की ओर ध्यान नहीं दिया और टाइगर से मिलने के लिए जल्दी से अंदर चली गईं।
टाइगर और दिशा कई सालों तक रिलेशनशिप में रहे हैं। हालांकि दोनों में से किसी ने भी कभी सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते की पुष्टि नहीं की। फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आए और 2018 की एक्शन फिल्म ‘बागी 2’ और म्यूजिक वीडियो ‘बेफिक्रा’ में साथ नजर आए। उन्हें अक्सर डिनर डेट, छुट्टियों और बाहर घूमते हुए एक साथ देखा जाता था, जिससे उनके रोमांस को लेकर अटकलें तेज हो गईं। जुलाई 2022 में ऐसी खबरें आईं कि लगभग छह साल तक डेट करने के बाद टाइगर और दिशा अलग हो गए हैं। सूत्रों ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया था कि दोनों उसी साल की शुरुआत में अलग हो गए थे, लेकिन उनके बीच अभी भी अच्छे संबंध हैं।
रविवार को टाइगर जुहू के पुष्पा पार्क स्थित एक क्लब में फुटबॉल खेलकर लौट रहे थे, तभी बाइक पर सवार तीन लोगों ने उनकी कार पर कम से कम पांच राउंड फायरिंग की। इस घटना में टाइगर के ड्राइवर और एक ऑटो-रिक्शा चालक घायल हो गए। ड्राइवर के घायल होने के बाद टाइगर ने खुद गाड़ी की कमान संभाल ली।
नानावटी अस्पताल के सूत्रों ने बताया- “टाइगर के ड्राइवर के बाएं हाथ में गोली लगी है और शायद उन्हें सर्जरी की जरूरत पड़े। अभिनेता को मामूली खरोंचें आईं हैं। जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।” एक फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया, बैलिस्टिक सबूत जुटाए, गाड़ी का मुआयना किया और यह पता लगाने की कोशिश की कि कुल कितने राउंड फायरिंग हुई थी। पुलिस ने हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास की जगहों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले। बाद में इस मामले के सिलसिले में सांताक्रूज से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
गोलीबारी के तुरंत बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो सदस्यों अनिल पंडित और हरमन संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करके इस हमले की जिम्मेदारी ली। “हमने उसे (टाइगर श्रॉफ को) फोन करके समझाया था, लेकिन वह नहीं समझा। इसलिए आज हमने उसे अच्छे से समझा दिया है कि मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में जो कोई भी हमारी बात नहीं मानेगा या सलमान खान के साथ काम करेगा, उसका नंबर अगला होगा। इंतजार करें और देखें।
इंग्लैंड के यॉर्कशायर वाइल्डलाइफ पार्क में एक खौफनाक हादसा सामने आया है, जहां बाघ के बाड़े में घुसे एक शख्स की हमले में मौत हो गई। घटना के बाद पार्क में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा के मद्देनजर पूरे परिसर को खाली करा लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस और मेडिकल टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद व्यक्ति की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है और उसके परिवार को सूचना दे दी गई है।
वहीं, घटना के बाद बाघ की स्थिति को लेकर उठ रहे सवालों पर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जानवर सुरक्षित है और अपने बाड़े के अंदर ही मौजूद है। फिलहाल हादसे की परिस्थितियों का पता लगाया जा रहा है। इस घटना के बाद वाइल्डलाइफ पार्क को रविवार तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।
दोपहर में मिली हमले की सूचना, मौके पर पहुंची पुलिस
साउथ यॉर्कशायर पुलिस के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 1:35 बजे उन्हें सूचना मिली कि डोनकास्टर के पास स्थित वाइल्डलाइफ पार्क में एक व्यक्ति बाघ के बाड़े के अंदर चला गया है। वहां बाघ ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
सूचना मिलने के बाद आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। मेडिकल टीम ने व्यक्ति को बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी और मौके पर ही उसे मृत घोषित कर दिया गया। फिलहाल मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने बताया कि उसके परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है और विशेषज्ञ अधिकारी इस मुश्किल समय में परिवार की मदद कर रहे हैं।
बाघ सुरक्षित, लोगों को खतरे की आशंका नहीं
घटना के बाद सोशल मीडिया पर बाघ की स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगीं। इस पर पुलिस ने स्पष्ट किया कि हमले में बाघ को कोई चोट नहीं आई है। घटना के बाद भी वह अपने बाड़े के अंदर ही रहा।
पुलिस के अनुसार, आम लोगों के लिए किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हालांकि, व्यक्ति बाघ के बाड़े में किन परिस्थितियों में पहुंचा और उसके बाद वास्तव में क्या हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
A man has died after entering a tiger enclosure at Yorkshire Wildlife Park near Doncaster. On Saturday, 10 October 2026, shortly after 1:30pm, South Yorkshire Police received reports that a man had entered the tiger enclosure at the popular wildlife park.
The tiger subsequently attacked him, and despite the rapid arrival of emergency services including two land ambulances, the Yorkshire Air Ambulance, and a doctor he was pronounced dead at the scene.
Witnesses at the park described seeing an agitated man jump into the Land of the Tigers area in front of other visitors.
Videos of the incident later circulated online, which police have urged the public not to share because of their distressing content.
Some people present also reported hearing a number of shots shortly after the man entered the enclosure; these were described in accounts as possibly involving gas canisters or similar measures.
Police later confirmed that the tiger itself was uninjured and remained inside the enclosure, and that there was no wider risk to the public.
Yorkshire Wildlife Park immediately activated its emergency response procedures, evacuated the site, and announced that it would remain closed for the rest of Saturday and all of Sunday.
In a statement, the park said it was working closely with the authorities to establish exactly what happened and stressed that the safety and wellbeing of its visitors, staff, and animals remained its highest priority. The man’s family has been informed and is being supported by specialist officers.
His identity has not been released, and police enquiries into how he came to be inside the enclosure are continuing. https://t.co/FNBjR53dD9
— Fletch… (@FletchedFletch) October 10, 2026
Wildlife Park खाली कराया गया, जांच जारी
घटना के बाद यॉर्कशायर वाइल्डलाइफ पार्क को खाली करा लिया गया। पार्क प्रबंधन ने बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई थी और संबंधित एजेंसियों को मौके पर बुलाया गया था। अधिकारियों के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर यह घटना कैसे हुई।
पार्क प्रबंधन ने कहा कि वहां आने वाले लोगों, कर्मचारियों और जानवरों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है। घटना के बाद पार्क को रविवार तक बंद रखने की घोषणा की गई।
फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। व्यक्ति बाड़े में कैसे पहुंचा और घटना से पहले क्या परिस्थितियां थीं, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेंगे।
पाकिस्तान में एक सनसनीखेज घटना में शनिवार को चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि अज्ञात बंदूकधारियों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शक के आधार पर हत्या को अंजाम दिया। मृत अधिकारी पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) के डायरेक्टर जनरल शमशाद अख्तर बताए जा रहे हैं। उनकी हत्या टैंक जिले के गिरह बलूच के पास की गई, जो दक्षिण वजीरिस्तान की सीमा से लगा है।
शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस ने बताया कि ईसीपी के डायरेक्टर जनरल शमशाद अख्तर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस की जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने शक के आधार पर डायरेक्टर जनरल को मौत के घाट उतार दिया। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से भाग गए, जबकि रेस्क्यू 1122 के कर्मचारियों ने शव को डिस्ट्रिक्ट हेडक्वार्टर हॉस्पिटल पहुंचाया।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि अख्तर अपने भाई की मौत के बाद टैंक आए थे, जिनकी शुक्रवार को मौत हो गई थी। पुलिस और सुरक्षा बलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। ECP ने एक बयान में अख्तर की मौत पर गहरा दुख जताया, जिसमें चीफ इलेक्शन कमिश्नर, कमीशन के सदस्य, उसके सेक्रेटरी और सभी स्टाफ ने दुखी परिवार के प्रति संवेदना जताई।
आयोग ने कहा कि वह इस मुश्किल समय में परिवार के साथ है और मृतक की माफी और उसके परिवार के लिए सब्र और ताकत की प्रार्थना करता है। ECP और उसके कर्मचारियों ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि वह सभी सरकारी कर्मचारियों को आतंकवाद के कामों से सुरक्षा दे।
पनामा में 7.7 तीव्रता के भूकंप से मची तबाही, धरती कांपते ही घरों और दफ्तरों से बाहर भागे लोग
एक अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी होने के बावजूद जिंदगी हमेशा एक जैसी नहीं रहती। कभी-कभी हालात ऐसे बदलते हैं कि इंसान को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। लेकिन मुश्किलें तब और बढ़ जाती हैं, जब बाहर की परेशानियों के बीच अपने ही साथ देना छोड़ दें। सोशल मीडिया पर 22 साल के एक युवक की आपबीती कुछ ऐसी ही कहानी बयां कर रही है। नौकरी छूटने के बाद उसकी जिंदगी में आए बदलाव और परिवार के कथित व्यवहार ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
युवक की पोस्ट पर कई लोग उसके दर्द को समझने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ ने उसे आत्मनिर्भर बनने और भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की सलाह दी है। इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि मुश्किल दौर में परिवार का साथ कितना मायने रखता है।
नौकरी छूटते ही घर में बदल गया व्यवहार
22 वर्षीय युवक ने बताया कि थर्ड-टियर कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे आईटी सेक्टर में नौकरी मिली थी। उसकी मासिक सैलरी करीब 95,000 रुपये थी, लेकिन छह महीने बाद ही उसकी नौकरी चली गई। अब उसे बेरोजगार हुए दो महीने हो चुके हैं।
युवक के मुताबिक, पिछले एक महीने से माता-पिता उसे कथित तौर पर निकम्मा और दूसरों पर निर्भर रहने वाला कहकर ताने दे रहे हैं। उसने अपनी पोस्ट का शीर्षक रखा, ‘Parents said Galti kardi tujhe paida karke’। उसके अनुसार, एक दिन माता-पिता ने उसकी थाली से खाना हटा दिया और कहा कि उसे पैदा करके गलती कर दी।
दो दिन से खाना नहीं मिलने का दावा
युवक ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि उसने पिछले दो दिनों से कुछ नहीं खाया था और घर में किसी ने उससे खाने के बारे में नहीं पूछा। उसने यह भी आरोप लगाया कि परिवार ने कूलर उससे ले लिया और पेट्रोल खत्म होने पर उसे अपनी बाइक करीब तीन किलोमीटर तक खींचनी पड़ी।
उसका कहना है कि आर्थिक परेशानी के साथ घर का माहौल भी उसकी मानसिक स्थिति पर असर डाल रहा है। वह नाइट गार्ड की नौकरी तलाश रहा था, ताकि काम के साथ भविष्य के इंटरव्यू की तैयारी कर सके। उसने फूड डिलीवरी का काम भी आजमाया, लेकिन उसके मुताबिक, इससे तैयारी के लिए समय नहीं मिल पा रहा था।
अच्छी कमाई के बावजूद नहीं की बचत
युवक ने बताया कि उसने अपनी कमाई से बाइक खरीदी थी और इसके लिए कोई ईएमआई नहीं चल रही थी। हालांकि, नौकरी जाने के बाद उसे महसूस हुआ कि भविष्य की मुश्किलों के लिए पर्याप्त बचत करना कितना जरूरी है।
उसने दूसरे युवाओं को सलाह दी कि बाइक या कार जैसी महंगी चीजें खरीदने से पहले कुछ पैसे आपातकालीन जरूरतों के लिए जरूर बचाकर रखें।
Parents said “Galti kardi tujhe paida karke”
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Reddit यूजर्स ने बढ़ाया हौसला
युवक की कहानी पर कई लोगों ने उसे हिम्मत रखने और नौकरी की तलाश जारी रखने की सलाह दी। एक यूजर ने उसकी जॉब प्रोफाइल पूछते हुए अपने परिचितों के जरिए नौकरी के अवसर तलाशने में मदद की पेशकश की। कुछ लोगों ने उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और भविष्य में अपनी परिस्थितियों के अनुसार अलग रहने पर विचार करने को कहा। यह मामला युवक की Reddit पोस्ट में किए गए दावों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी उसकी कहानी एक अहम सवाल उठाती है मुश्किल समय में अपनों को तानों की जरूरत होती है या थोड़े सहारे और समझदारी की?
हैदराबाद की एक गेटेड कम्युनिटी में गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट मिलने की कहानी इन दिनों चर्चा में है। करीब 22 एकड़ में फैले इस रिहायशी परिसर में रहने वाली कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला को तब परेशानी हुई, जब उनका 6-7 ग्राम का ब्रेसलेट अचानक गायब हो गया। उन्हें याद ही नहीं था कि आखिर ज्वेलरी कब और कहां गिरी। काफी तलाश के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से मदद मांगी। इसके बाद CCTV फुटेज ने पूरी कहानी का रुख बदल दिया। सिक्योरिटी कर्मचारियों ने उनके आने-जाने के रास्तों और कॉमन एरिया की फुटेज खंगाली और एक खास जगह को चिन्हित किया।
खास बात यह थी कि वहां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 2,000 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इसके बावजूद स्वाति और उनके पति ने रात में वहां पहुंचकर तलाश जारी रखी और आखिरकार घास में चमकता ब्रेसलेट मिल गया।
6-7 ग्राम का ब्रेसलेट हुआ अचानक गायब
हैदराबाद की कंटेंट क्रिएटर स्वाति बांदला ने इंस्टाग्राम वीडियो में अपना अनुभव शेयर किया। उन्होंने बताया कि ब्रेसलेट करीब 6-7 ग्राम का था और उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वह कब और कहां गिरा। 16 अगस्त को जब उन्हें ब्रेसलेट हाथ में नहीं मिला, तो सबसे पहले उन्होंने सोसाइटी की सिक्योरिटी टीम से संपर्क किया। उन्होंने यह भी पता किया कि कहीं किसी निवासी ने ब्रेसलेट को सिक्योरिटी या लॉस्ट एंड फाउंड में तो जमा नहीं कराया है।
एक वीडियो बना पूरी तलाश का सुराग
जब शुरुआती कोशिशों से कुछ पता नहीं चला तो स्वाति ने अपने फोन में मौजूद पुराने फोटो और वीडियो खंगालने शुरू किए। इसी दौरान उन्हें 15 अगस्त की सुबह का एक वीडियो मिला, जिसमें ब्रेसलेट उनकी कलाई पर साफ दिखाई दे रहा था। यह छोटा-सा सुराग सिक्योरिटी टीम के लिए बेहद काम का साबित हुआ। वीडियो को आधार बनाकर टीम ने स्वाति की उस दिन की गतिविधियों को CCTV में ट्रैक करना शुरू किया।
CCTV ने जो दिखाया, वहीं से शुरू हुई असली खोज
सिक्योरिटी कर्मचारियों ने सोसाइटी के अलग-अलग हिस्सों की फुटेज देखी। एंट्री और एग्जिट पॉइंट, लिफ्ट, लॉबी और कॉमन एरिया तक के कैमरों को खंगाला गया। काफी फुटेज देखने के बाद टीम को एक ऐसी जगह नजर आई, जहां संभावना थी कि स्वाति के वहां से गुजरने से कुछ सेकंड पहले ब्रेसलेट जमीन पर गिरा होगा। लेकिन समस्या यह थी कि उसी जगह 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
2000 से ज्यादा लोगों के बीच कैसे मिलता ब्रेसलेट?
जिस जगह ब्रेसलेट गिरने की आशंका थी, वहां दिनभर 2,000 से ज्यादा लोग आ-जा चुके थे। ऐसे में कुछ ग्राम का सोने का ब्रेसलेट घास में तलाशना किसी चुनौती से कम नहीं था। फिर भी स्वाति और उनके पति ने हार नहीं मानी। रात में दोनों उसी जगह पहुंचे, जिसे CCTV फुटेज के आधार पर चिन्हित किया गया था।
अंधेरे में चमकी उम्मीद की एक किरण
रात में रोशनी के बीच घास में तलाश करते हुए अचानक उन्हें कुछ चमकता हुआ दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो वह वही गुम हुआ सोने का ब्रेसलेट था। जिस ज्वेलरी को वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, वह आखिरकार मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम में CCTV और सिक्योरिटी टीम की तेजी ने अहम भूमिका निभाई।
22acres gated community లో ఒక bracelet పోతే…
security, support from staff గురించి excellent video #Returning_NRIs feed ఇది
CCTV ఎక్కడెక్కడ ఉంటాయో చూడండి
@HiHyderabad @ApnaSecbad https://t.co/JwclMWZKrM
— Savoir Vivre (@InterferonEi) October 1, 2026
स्वाति ने सिक्योरिटी टीम को दिया पूरा श्रेय
इस अनुभव के बाद स्वाति ने कहा कि गेटेड कम्युनिटी की अहमियत सिर्फ सुविधाओं और इमारतों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम, CCTV कैमरे और मदद के लिए मौजूद स्टाफ मुश्किल समय में बेहद काम आते हैं। उन्होंने माना कि अगर सिक्योरिटी टीम ने तुरंत कार्रवाई नहीं की होती और CCTV फुटेज को इतनी बारीकी से ट्रैक नहीं किया होता, तो शायद उनका ब्रेसलेट हमेशा के लिए खो जाता।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की इजराइल जा रही उड़ान में 174 लोगों की जान बचाने वाले भारत के जांबाज पायलट से शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात की। पायलट स्मित मच्छार का अभी सऊदी अरब में इलाज चल रहा है। मोदी ने उनसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। करीब नौ मिनट की इस बातचीत में मोदी ने स्मित की जम कर तारीफ की। उन्होंने पहले स्मित मच्छार के परिवार के लोगों से भी बात की थी।
गौरतलब है कि स्मित ने बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान की हाइजैकिंग नाकाम की थी। ओमानी को पायलट ने उन्हें कॉकपिट में चाकू मार दिया था फिर भी स्मित ने प्लेन क्रैश नहीं होने दिया। उन्होंने न सिर्फ हाईजैक का अलर्ट भेजा, बल्कि कॉकपिट का दरवाजा भी खोल दिया, जिससे लोगों ने हमलावर पायलट को काबू में किया।
बहरहाल, शुक्रवार को बातचीत में मोदी ने स्मित से कहा, ‘पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा था और आपके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था। आपके साहस और सूझबूझ से कई लोगों की जान बची’। बातचीत के दौरान स्मित ने कहा, ‘मुझे पता था कि यह आखिरी मौका है। दरवाजा वहीं था और मैंने उसे खोल दिया। मैं मुश्किल समय में हनुमान चालीसा पढ़ता हूं और उस समय भी पढ़ रहा था। मुझे पता है कि भगवान ने ही हमें बचाया’।
बातचीत के दौरान मोदी ने कहा, ‘आपने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग आपको देखना और आपसे बात करना चाहते हैं। आपने हनुमान चालीसा के बारे में जो बताया, उसके लिए मैं आपकी मां गीताबेन को प्रणाम करूंगा कि उन्होंने आपको ऐसे संस्कार दिए। मैं आपके पिता भूपेंद्रभाई को भी प्रणाम करूंगा’। मोदी ने कहा, ‘कल जब मेरी सोनलबेन से बात हुई तो मैं हैरान रह गया। वे इतनी शांति और हिम्मत से बात कर रही थीं। मैंने कल्पना भी नहीं की थी कि ऐसी परिस्थिति में वे इतनी सहजता से बात कर पाएंगी’।
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले पर सूखे का बड़ा संकट मंडरा रहा है। जिले में इस बार औसत बारिश का सिर्फ 50% ही बरसा है, जिससे खेतों में दरारें पड़ गई हैं। हालात का जायजा लेने खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 23 सितंबर को सोलापुर पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने दौरा करने के बाद कहा कि मौजूदा हालात 1972 के ऐतिहासिक सूखे से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। सोलापुर इस समय राज्य का सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बन गया है।
जिले में औसत बारिश का सिर्फ करीब 50 फीसदी पानी ही बरसा है। इसकी वजह से खरीफ की सभी फसलों को नुकसान हुआ है। बार्शी और धनोर इलाके में करीब 90 हजार हेक्टेयर में लगी सोयाबीन की फसल पूरी तरह खराब हो गई है, जबकि कई चीनी उत्पादक इलाकों में गन्ने की फसल रुक गई है।
किसानों के लिए सरकार ने की ये तैयारी
फडणवीस ने किसानों से हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ है। सरकार की पहली प्राथमिकता पीने के पानी को बचाना है। इसके अलावा फसल नुकसान, पशुओं के चारे, फसल बीमा, आर्थिक मदद और अनाज की व्यवस्था को लेकर भी योजना बनाई जा रही है। सूखे को लेकर सरकार की ओर से जल्द नोटिफिकेशन या प्रस्ताव जारी करने की बात भी कही गई है।
सूखे से मछली पालन भी प्रभावित
बारिश की कमी का असर अब खेती के साथ मछली पालन पर भी दिखाई दे रहा है। कम पानी की वजह से तालाबों और जलाशयों में मछली पालन मुश्किल हो रहा है। इससे मछली उत्पादन के साथ मछुआरों की कमाई पर भी असर पड़ सकता है।
सूखे की स्थिति को लेकर कैबिनेट सब-कमेटी की बैठक भी हुई। इसमें अधिकारियों से फसल नुकसान का सर्वे जल्द पूरा करने को कहा गया है, ताकि प्रभावित किसानों की स्थिति का सही पता चल सके। इसके अलावा जल संरक्षण के कामों में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार में बाढ़ की स्थिति ने कई इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। घरों और आसपास के इलाकों में पानी भरने के कारण लोगों को रोज की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे समय में राहत और बचाव का काम लगातार जारी है। इसी बीच शिक्षक और यूट्यूबर खान सर भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच दिखाई दे रहे है।
खान सर बिहार के जाने-माने शिक्षक और यूट्यूबर हैं, जो आसान और बोलचाल की भाषा में पढ़ाने के अपने तरीके के लिए काफी पॉपुलर हैं। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। पटना में उनका कोचिंग संस्थान भी है, जहां बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं।
नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचे खान सर
खान सर बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पहुंचने के लिए नाव से सफर कर रहे है। बताया जा रहा है कि राहत से जुड़े कामों के दौरान टीम के साथ कांटेक्ट बनाए रखने के लिए वॉकी-टॉकी का भी इस्तेमाल किया गया। इस दौरान प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने की कोशिश की गई। बाढ़ की वजह से कई जगह रास्ते बंद हैं, इसलिए लोगों तक पहुंचने के लिए नाव की मदद ली जा रही है।
खान सर के काम से प्रभावित हुई जनता
खान सर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो देखकर कुछ यूजर्स ने कहा कि मुश्किल समय में लोगों के बीच पहुंचकर मदद करना अच्छी बात है। वहीं कुछ लोगों ने राहत के कामों को सोशल मीडिया पर दिखाने को लेकर सवाल भी उठाए। कुछ यूजर्स का कहना था कि ऐसे समय में पूरा ध्यान जरूरतमंद लोगों की मदद पर होना चाहिए।
मदद के प्रयास की कई लोगों ने की तारीफ
कई लोगों ने खान सर के इस प्रयास की तारीफ भी की। कुछ यूजर्स ने कहा कि वह सिर्फ एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय लोगों की मदद करने की कोशिश भी कर रहे हैं। कमेंट्स में उनके शिक्षा से जुड़े काम और जरूरतमंद बच्चों की मदद का भी जिक्र किया गया। लोगों का कहना था कि कोई अपने लेवल पर दूसरों की मदद कर रहा है, तो उसकी इस कोशिश को भी सराहना चाहिए।
बिहार में बाढ़ से कई इलाकों के लोग परेशान हैं। डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के मुताबिक करीब 49.74 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया समेत कई जिले प्रभावित हैं। इन इलाकों में लोगों तक खाना, पानी और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाने के साथ उन्हें सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम किया जा रहा है।
बाढ़ जैसे मुश्किल समय में सबसे जरूरी है कि लोगों को सुरक्षित रखा जाए और उन्हें खाना, पानी व दूसरी जरूरी चीजें मिलती रहें। अगर हर कोई अपनी क्षमता के हिसाब से थोड़ा-सा भी मदद का हाथ बढ़ाए, तो जरूरतमंद लोगों के लिए काफी सहारा बन सकता है। छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।
दिल्ली के वसंत कुंज इलाके से हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। वसंत कुंज इलाके के एक होटल में एयर इंडिया के एक पायलट की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक एयरलाइन में कैप्टन के तौर पर काम कर रहे थे। पुलिस और एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, पायलट लेओवर के दौरान एक होटल में ठहरे हुए थे। होटल के कमरे में उन्हें बेहोशी की हालत में पाया गया, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने फिलहाल मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है।
होटल में पाए गए बेहोश
एयरलाइन अधिकारियों के मुताबिक, मुंबई के रहने वाले पायलट बोइंग 787 की कन्वर्जन ट्रेनिंग के सिलसिले में दिल्ली पहुंचे थे और 10 सितंबर को वसंत कुंज के एक होटल में ठहरे थे। अगले दिन शाम को वह अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिले। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मृतक पायलट इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ काम कर चुके थे और कुछ महीने पहले ही एयर इंडिया में शामिल हुए थे। वह दिल्ली में ट्रेनिंग के लिए आए हुए थे और शनिवार सुबह उन्हें एक फ्लाइट की कमान संभालनी थी।
भाई ने किया कॉन्टैक्ट
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को वसंत कुंज नॉर्थ थाने में एक होटल में ठहरे व्यक्ति की तबीयत खराब होने के बारे में एक PCR कॉल आई थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पायलट कमरे के अंदर बेहोशी की हालत में मिले। बताया गया कि उनके भाई ने कई बार फोन किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने होटल मैनेजर से संपर्क किया। मैनेजर ने मास्टर चाबी की मदद से कमरे का दरवाजा खोला, जहां पायलट बेहोश मिले। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने क्राइम टीम को होटल भेजा और मामले से जुड़े सबूत जुटाए। पायलट का पोस्टमॉर्टम 12 सितंबर को सफदरजंग अस्पताल में कराया गया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने नहीं आई है। लेकिन, मौत की सही वजह पोस्टमॉर्टम की अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
एयर इंडिया ने पायलट के निधन पर गहरा दुख जताया है। एयरलाइन ने कहा कि वह इस मुश्किल समय में पायलट के परिवार के लगातार संपर्क में है और उन्हें हर संभव मदद और सहयोग प्रदान कर रही है।

