बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भारत ने कहा कि उन्हें पनाह देना भारत की मजबूरी थी। यह बात भारत के बांग्लादेश में हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने शनिवार कही है। दिनेश त्रिवेदी बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन 2026 कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान एक छात्र ने हसीना के प्रत्यर्पण को लेकर भी सवाल पूछा। जवाब में त्रिवेदी ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी है। हसीना को बांग्लादेश कब भेजा जाएगा, इसकी समयसीमा नहीं बताई जा सकती। सत्ता से हटने के बाद वे 5 अगस्त 2024 को भारत आई थीं। बीते दो साल से हसीना भारत में रह रहींं हैं। ‘हसीना को भारत आने से रोकने का विकल्प नहीं था’ हसीना के भारत आने के फैसले पर भी त्रिवेदी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2024 को जब हसीना ने ढाका छोड़ा, तब वह अभी भी बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं और वहां हालात तेजी से बदल रहे थे। त्रिवेदी ने कहा कि उस समय भारत के पास हसीना को दिल्ली में उतरने की अनुमति देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अगर भारत उन्हें उतरने की अनुमति नहीं देता तो स्थिति अलग हो सकती थी। हसीना को भारतीय सेना नहीं लाई थी त्रिवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि हसीना को भारत भारतीय वायुसेना या भारतीय सेना नहीं लाई थी। 5 अगस्त को उन्हें पहले बांग्लादेश के सैन्य हेलिकॉप्टर से उनके आवास के पास से निकाला गया। इसके बाद वह बांग्लादेश एयरफोर्स के विमान से भारत पहुंचीं। भारत-बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि है भारत और बांग्लादेश ने 2013 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कुछ परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को दूसरे देश को सौंपने से इनकार करने के प्रावधान हैं। इनमें राजनीतिक प्रकृति के अपराध से जुड़े मामले भी शामिल हैं। हसीना पर बांग्लादेश में 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार उन्हें वापस लाकर कानूनी कार्रवाई करना चाहती है। बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना और उनके तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। 15 सितंबर 2026 को हसीना सरकार के कुछ पूर्व सहयोगियों को भी सजा सुनाई गई। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की जांच के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी। हसीना ने कहा- दिसंबर में लौटूंगी हसीना ने 5 अगस्त 2026 को कहा था कि वह दिसंबर तक बांग्लादेश लौटेंगी। CNN-News18 को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा, वकील तक पहुंच, अपना बचाव करने का अधिकार, स्वतंत्र न्यायपालिका और निष्पक्ष सुनवाई चाहिए। उन्होंने BNP के साथ किसी भी बैकचैनल बातचीत से इनकार किया था और कहा था कि भारत अब भी उनका दोस्त है। भारत बोला- बांग्लादेश अपने फैसले खुद ले शेख हसीना का भारत में रहना दोनों देशों के बीच एक संवेदनशील मुद्दा है। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार भारत से हसीना को वापस भेजने की मांग करती रही है। वह यह भी चाहती है कि हसीना भारत से बांग्लादेश की राजनीति में दखल न दें। भारत ने कहा है कि बांग्लादेश एक आजाद देश है। उसे यह तय करने का पूरा अधिकार है कि वह किस देश के साथ कैसे रिश्ते रखेगा। ———————-
Viral Video: मुंबई में हाल ही में हुई एक बुक लॉन्च इवेंट में गुलजार के साथ जया बच्चन का खुशनुमा पल इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। इस अनुभवी अभिनेत्री को फिल्म निर्माता और गीतकार गुलजार के साथ खुलकर हंसते हुए देखा गया। इवेंट की तस्वीरों और वीडियो में उनकी यह छोटी सी बातचीत खास तौर पर लोगों का ध्यान खींच रही है।
इवेंट से जया बच्चन का हंसते हुए वीडियो वायरल
इस कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन भी मौजूद थे, जहां बच्चन परिवार की गुलजार से मुलाकात हुई। डॉ. पी. जगन्नाथ की किताब ‘DR BLUE A Cancer Surgeon’s Journey into the Human Side of Healing’ के लॉन्च पर बिग बी और जया बच्चन मेहमानों में शामिल थे। इवेंट का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें जया बहुत खुशमिजाज अंदाज में नजर आ रही हैं।
उनकी सहज मुस्कान और गुलजार के साथ उनकी दोस्ताना केमिस्ट्री को देखकर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके इस हल्के-फुल्के और खुशमिजाज अंदाज पर प्रतिक्रिया दी है। इवेंट के एक वीडियो में इन तीनों दिग्गजों के बीच एक प्यारी सी बातचीत कैद हुई है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब जया मंच की सीढ़ियां चढ़ रही थीं तो बिग बी ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
उनके पास पहुंचने के बाद जया ने गुलजार से कुछ बातें कीं। गुलजार ने अपना हाथ उनके कंधे पर रखा और जल्द ही उन्हें हंसा दिया। उनकी इस सहज बातचीत से उनके बीच के स्नेह और दोस्ताना रिश्ते की झलक मिलती है। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आते ही, लोग सीनियर एक्ट्रेस का एक अलग अंदाज देखकर खुश हो गए।
एक यूजर ने लिखा, “मुस्कुराती रहिए… मुस्कान आप पर अच्छी लगती है… गुलजार की ‘गुड्डी’… मुस्कान तो हर किसी पर अच्छी लगती है।” एक और यूजर ने लिखा, “पहली बार हंसते हुए देखा।” तीसरे यूजर ने कमेंट किया, “अरे, जया जी हंसती भी हैं।” एक कमेंट यह भी था, “मेरी ऑल-टाइम फेवरेट जया जी, बिना ज्यादा मेकअप के भी ग्रेसफ़ुली उम्र बढ़ रही है।”
जया बच्चन और गुलजार का साथ कई दशकों पुराना है। फिल्ममेकर और गीतकार गुलजार ने उनके साथ ‘गुड्डी’ जैसी बेहद पसंद की गई फिल्मों में काम किया है। अमिताभ बच्चन के साथ भी उनका प्रोफेशनल रिश्ता कई प्रोजेक्ट्स तक रहा है और सिनेमा में काम करने के अलावा भी दोनों के बीच लंबे समय से गहरा रिश्ता रहा है।
Komal Rani-Govinda: गोविंदा के साथ लालबागचा राजा जाने पर सिंदूर लगाने को लेकर दिव्या खोसला ने गोविंदा की रूमर्ड गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार पर सवाल उठाए थे, जिसका कोमल ने कड़ा जवाब दिया है। इंस्टाग्राम पर एक लंबे नोट में कोमल ने दिव्या का नाम लिए बिना उन कमेंट्स पर नाराजगी जताई। वहीं सुनीता आहूजा पर भी तीखा तंज कसा।
‘अपने हीरो के साथ बाहर जाना कब से शर्म की बात हो गई?’
कोमल ने अपने नोट में उन सेलेब्रिटीज की आलोचना की जो उनके और गोविंदा के नाम को बदनाम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके बारे में खुलकर बात करते हैं, जबकि अहम राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चुप रहते हैं। उन्होंने गोविंदा के साथ लालबागचा राजा जाने का बचाव करते हुए कहा कि यह उनकी आने वाली फिल्म ‘रूपा’ के लिए आशीर्वाद लेने के मकसद से था।
उन्होंने लिखा, “अपने हीरो के साथ गणपति बप्पा के दर्शन करने और अपनी आने वाली फिल्म ‘रूपा’ की सफलता के लिए प्रार्थना करने को शर्म की बात, राष्ट्रीय मुद्दा या दूसरों के लिए ‘दिखावा’ कब से माना जाने लगा? और जब यही तथाकथित सेलेब्रिटीज अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए अपने मेल को-स्टार्स के साथ अलग-अलग सार्वजनिक जगहों पर जाते हैं, तो क्या उन्हें खुद ऐसा करते हुए शर्म नहीं आती?”
‘सिंदूर पर सीख लेने में कोई दिलचस्पी नहीं’
कोमल ने उनके और गोविंदा के रिश्ते पर कमेंट करने वालों पर निशाना साधा और उन पर विवाद का इस्तेमाल करके चर्चा में बने रहने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा, “फिल्म इंडस्ट्री की कुछ अभिनेत्रियां, जिनका करियर ठंडा पड़ चुका है, जिनकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल रही हैं, उनके पास अपने फीके पड़ चुके ब्रांड टैग के अलावा कुछ नहीं बचा है। वे दूसरों के चल रहे विवादों में दखल देकर और खुद को लाइमलाइट में बनाए रखने की पुरजोर कोशिश करके चर्चा में बने रहने की कोशिश कर रही हैं।”
सिंदूर वाले कमेंट पर कोमल ने लिखा, “मुझे उन महिलाओं से सिंदूर, शादी या हमारी भारतीय संस्कृति और परंपराओं के बारे में सीख लेने में कोई दिलचस्पी नहीं है जो खुद सिंदूर का मजाक उड़ाती हैं, जिनकी अपनी शादियां टूट रही हैं और जो अपने शादीशुदा रिश्तों की पवित्रता भी बनाए नहीं रख सकतीं।”
कोमल ने ‘मैन-ईटर्स’ पर निशाना साधा
कोमल ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बिना किसी का नाम लिए, शराब की लत और बेवफाई का जिक्र करते हुए अपने आलोचकों पर भी इशारों-इशारों में निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “मैं ऐसी महिलाओं को खुद को जज करने के लायक नहीं मानती – खासकर उन को जो ऐसे लोगों को आदर्श मानती हैं और उनका समर्थन करती हैं जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी रात-रात भर शराब पीने, दूसरे पुरुषों के साथ कई अफेयर चलाने और बुढ़ापे में भी तीन-तीन पुरुषों के साथ ‘वन-नाइट स्टैंड’ के सपने देखने में बिता दी हो और साथ ही शोहरत पाने के लिए उन पतियों को सबके सामने जलील किया। जिनके साथ वे रहीं और जिनसे उन्हें जिंदगी भर फायदा मिला। सच कहूं तो मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ये लोग मुझे अच्छा इंसान समझते हैं या बुरा।”
कोमल ने अपना नोट इस बात के साथ खत्म किया कि महिलाएं उनके नाम का इस्तेमाल करके चर्चा में बने रहने की कोशिश न करें। उन्होंने लिखा, “मुझे लगता है कि वे सभी एक ही ग्रुप का हिस्सा हैं और अपनी नाकाम शादियों की निराशा किसी और पर निकाल रही हैं। वे ‘मैन-ईटर्स’ की तरह व्यवहार करती हैं – ऐसी महिलाएं जो अपने पतियों की इज्जत और प्रतिष्ठा को बर्बाद कर देती हैं। लगातार मेरे नाम से जुड़कर चर्चा में बने रहने की कोशिश करना बंद करें। शायद यह कहावत सच है- आपकी इज्जत आपके अपने हाथों में है। ऐसे लोगों को अपनी हद पता होनी चाहिए और दूसरों को इतना नहीं उकसाना चाहिए कि उनका अपना अतीत भी सबके सामने आ जाए।”
दिव्या खोसला ने क्या कहा?
गोविंदा और कोमल उसी दिन लालबागचा राजा के दर्शन करने गए थे, जिस दिन सुनीता आहूजा अकेले पंडाल गई थीं। गोविंदा और कोमल के अफेयर की खबरों के बीच इस बात ने लोगों का ध्यान खींचा। हालांकि गोविंदा ने इन आरोपों को बार-बार नकारा है और कहा है कि कोमल के साथ उनका दिखना उनके प्रोफेशनल रिश्ते और उनकी आने वाली फिल्म ‘रूपा’ से जुड़ा है।
इस बीच दिव्या गोविंदा और सुनीता की मुश्किल भरी शादी पर खुलकर कमेंट कर रही हैं। हाल ही में उन्होंने गोविंदा के साथ लालबागचा राजा जाते समय कोमल के सिंदूर लगाने पर सवाल उठाए और उन पर अपने एजेंडे के लिए धर्म का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
न्यूरालिंक की एग्जीक्यूटिव शिवॉन जिलिस ने इलॉन मस्क के साथ ब्रेकअप होने की पुष्टि की है। उन्होंने शुक्रवार को X पर पोस्ट कर बताया कि एक हफ्ते में बात प्यार से अलगाव तक पहुंच गई। उन्हें इसकी पहले से कोई वॉर्निंग नहीं मिली थी। जिलिस ने कहा- मैं इस अलगाव से दुखी हैं, लेकिन मस्क की अब भी बहुत परवाह करती हूं। मैं चाहूंगी कि वे हमेशा खुशी रहें। मुझे उम्मीद है कि हम दोनों आगे भी अच्छे दोस्त रहेंगे और अपने बच्चों की साथ में परवरिश में करेंगे। शिवॉन जिलिस का बयान ऐसे समय में आया, जब सोशल मीडिया पर लोगों ने ध्यान दिया कि मस्क ने X अकाउंट पर जिलिस को अनफॉलो कर दिया है। इसके बाद जिलिस ने X पर ही ब्रेकअप की जानकारी दी। मस्क X के मालिक हैं, जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था। मस्क 14 बच्चों के पिता, जिलिस 2021 से 2025 के बीच 3 बार मां बनीं शिवॉन जिलिस और इलॉन मस्क के 4 बच्चे हैं। इनमें जुड़वां बच्चे स्ट्राइडर और एज्योर, बेटी अर्काडिया और बेटा सेल्डन लाइकर्गस शामिल हैं। मस्क ने 2021 में जुड़वां बच्चों के जन्म की जानकारी दी थी। वहीं, अर्काडिया का जन्म 2024 में हुआ था। इसके बाद जिलिस ने 28 फरवरी 2025 को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चौथे बच्चे सेल्डन लाइकर्गस के जन्म की जानकारी दी थी। हालांकि, उन्होंने बच्चे की सटीक जन्म तारीख नहीं बताई थी। सेल्डन इलॉन मस्क का 14वां बच्चा है। मस्क ने 2 शादिया कीं, 3 गर्लफ्रेंड्स रहीं 1990 के दशक में कनाडा की क्वीन्स यूनिवर्सिटी में फिजिक्स की पढ़ाई के दौरान मस्क की मुलाकात इंग्लिश लिटरेचर की स्टूडेंट जस्टिन विल्सन से हुई। मस्क को विल्सन से एक ही नजर में प्यार हो गया। कई साल डेट करने के बाद दोनों ने जनवरी 2000 में शादी कर ली। 2 साल बाद पहले बेटे नेवाडा का जन्म हुआ, जब वह दस हफ्ते का था तो इंफेंट डेथ सिंड्रोम से उसकी मौत हो गई। 2004 में कपल ने IVF के जरिए जुड़वां बच्चों विवियन और ग्रिफिन का वेलकम किया। 2006 में तीन बच्चे काई, सैक्सन और डेमियन भी IVF से हुए। 2008 में मस्क और जस्टिन विल्सन का तलाक हो गया। 2008 में इलॉन ने ब्रिटिश स्टार तालुलाह रिले के साथ डेटिंग शुरू की। 2010 में दोनों ने शादी की। हालांकि 2012 में तलाक हो गया। 2013 में उन्होंने फिर से शादी की। दिसंबर 2014 में तालुलाह ने दूसरी बार तलाक की अर्जी दायर की, लेकिन अगले साल इसे वापस ले लिया। मार्च 2016 में तालुलाह ने तीसरी बार अर्जी दायर की और तलाक लिया। कपल का कोई बच्चा नहीं है। इलॉन ने एक्ट्रेस एम्बर हर्ड को 2016 के अंत और 2017 की शुरुआत में कई महीनों तक डेट किया। एम्बर के पूर्व पति जॉनी ने बाद में एम्बर पर इलॉन के साथ उसे धोखा देने का आरोप लगाया, जबकि वे शादीशुदा थे, लेकिन इलॉन और एम्बर दोनों ने इस संबंध से इनकार किया। वे 2017 की गर्मियों में अलग हो गए और नवंबर 2017 में इलॉन ने बताया कि वह एम्बर के साथ ‘वास्तव में प्यार में’ थे। इलॉन मस्क और सिंगर ग्रिम्स ने मेट गाला में रेड कार्पेट पर डेब्यू करने से एक महीने पहले अप्रैल 2018 में डेटिंग शुरू की थी। मई 2020 में कपल ने अपने पहले बच्चे का वेलकम किया। इसका नाम X Æ A-12 रखा। दिसंबर 2021 में सरोगेसी के जरिए बेटी एक्सा डार्क साइडरेल हुई। 2022 में दोनों अलग हो गए। पिछले साल यह भी सामने आया कि कपल का तीसरा बच्चा टेक्नो मैकेनिक्स है। बच्चे के बारे में उसकी सही जन्मतिथि सहित बहुत कम जानकारी है। फिलहाल इलॉन मस्क न्यूरालिंक एग्जीक्यूटिव शिवोन जिलिस के साथ रिश्ते में हैं। कपल ने बताया है कि उन्होंने हाल ही में तीसरे बच्चे का स्वागत किया है। इलॉन और शिवोन ने नवंबर 2021 में जुड़वां बच्चों स्ट्राइडर और एज्योर का वेलकम किया था। मस्क का मानना है कि दुनिया इस समय कम जनसंख्या के संकट का सामना कर रही है और अच्छे IQ वाले लोगों को बच्चे पैदा करने चाहिए। मस्क ने कहा था- दुनिया में कम जनसंख्या का संकट इलॉन ने 2010 में ब्रिटिश स्टार तालुलाह रिले से शादी की थी। हालांकि, 2012 में तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने फिर से आपस में शादी कर ली। दिसंबर 2014 में तालुलाह ने दूसरी बार तलाक की अर्जी दायर की, लेकिन अगले साल इसे वापस ले लिया। मार्च 2016 में तालुलाह ने तीसरी बार तलाक अर्जी दायर की और तलाक ले लिया। कपल का कोई बच्चा नहीं है। मस्क का मानना है कि दुनिया इस समय कम जनसंख्या के संकट का सामना कर रही है और अच्छे IQ वाले लोगों को बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने 2021 में कहा था कि अगर लोग ज्यादा बच्चे पैदा नहीं करेंगे, तो हमारी सभ्यता खत्म हो जाएगी।

Brij Bhushan Sharan Singh Ayodhya: पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या मीडिया से बातचीत में सपा प्रमुख अखिलेश यादव से अपने रिश्तों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया कि अखिलेश यादव से उनके संबंध पूरी तरह व्यक्तिगत हैं और राजनीति से परे हैं। सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव से हमारे व्यक्तिगत स्तर पर बेहतरीन संबंध हैं। हम खुलकर उनकी तारीफ करते हैं और वे भी कभी हमारी बुराई नहीं करते।
दिल्ली से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचने पर समर्थकों ने बृजभूषण सिंह का जोरदार स्वागत किया। मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लगा दिया और स्पष्ट किया कि वे आगामी चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे। वहीं, जब उनसे राज्यसभा जाने को लेकर सवाल पूछा गया, तो वे पूरी तरह मौन रहे और कोई टिप्पणी नहीं की।
हाल के दिनों में अखिलेश यादव की तारीफों और समाजवादी पार्टी में शामिल होने की कयासबाजियों के बीच पूर्व सांसद का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे अपनी मौजूदा स्थिति से संतुष्ट हैं और चुनावी मैदान में उतरने का फिलहाल कोई इरादा नहीं रखते।
अमेरिका में एक महिला ने जीवनसाथी खोजने के लिए डेटिंग ऐप की जगह सीधा रास्ता चुना है। नॉर्थ कैरोलिना के शार्लेट में रहने वाली 36 साल की एरिन पैटरसन ने गूगल फॉर्म बनाकर पति के लिए आवेदन मांगे। उन्होंने यह फॉर्म सोशल मीडिया पर शेयर किया है…
Noorullah Noori statement: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पिछले कुछ समय से जारी हिंसक संघर्ष के बीच तालिबान मंत्री नूरुल्लाह नूरी ने पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। नूरी ने पाकिस्तान से अफगानिस्तान के इतिहास से सबक लेने की सलाह दी है। उन्होंने पाक सेना और इंटेलिजेंस को अपनी हद में रहने की भी नसीहद दी है। अफगानिस्तान के सीमा, जनजाति और जनजातीय मामलों के मौजूदा मंत्री नूरी ने पाकिस्तान को अफगान लोगों के सब्र का इम्तिहान न लेने के प्रति आगाह किया है। हाल में दोनों पक्षों के बीच बढ़े तनाव के बीच नूरी ने सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर इस्लामिक अमीरात चाहे तो दो दिनों के अंदर पेशावर में अफगान झंडा फहराया जा सकता है।
‘अफगानिस्तान के इतिहास से सीखें’
नूरी ने पाकिस्तान के लिए ये चेतावनी काबुल में एक सभा को संबोधित करते हुए जारी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी को अफगानिस्तान को ऐतिहासिक, विचारधारा, राजनीतिक और प्रैक्टिकल नजरिए से समझने की जरूरत है। तालिबान मंत्री ने सोवियत यूनियन और यूनाइटेड स्टेट्स सहित देश में युद्ध लड़ने वाली बड़ी ताकतों के हश्र की ओर इशारा किया।
नूरी का दावा, दो दिन में पेशावर में अफगान झंडा
नूरी ने पाकिस्तान को दी चेतावनी में पेशावर का जिक्र किया। उन्होंने आगे कहा, तालिबान की किसी भी खतरे का जवाब देने की काबिलियत रखता है। नूरुल्लाह नूरी ने दावा किया कि अगर इस्लामिक अमीरात ऑफ अफगानिस्तान चाहे, तो दो दिन के अंदर पेशावर में अफगान झंडा फहराया जा सकता है। पेशावर का जिक्र ऐसे समय में बयानबाजी की पिच को काफी बढ़ा देता है जब काबुल और इस्लामाबाद के बीच रिश्ते बढ़ते तनाव में हैं।
जवाब देने के लिए तैयार है तालिबान
अपने संबोधन में नूरी ने पड़ोसी देश पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा अफगानिस्तान अपने पड़ोसियों के साथ टकराव नहीं चाहता, लेकिन अगर खतरा हुआ तो वह जवाब देगा। उन्होंने पाकिस्तान को अफगानिस्तान को और आगे बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी दी, और तालिबान को दबाव में पीछे हटने के बजाय किसी भी मिलिट्री खतरे का सामना करने के लिए तैयार दिखाया। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव और हिंसक संघष में इजाफा देखने को मिला है। दोनों देश एक-दूसरे पर बॉर्डर पार से आतंकवाद को लेकर आरोप लगाते रहे हैं।
तालिबान के हथियारबंद विरोधियों को चेतावनी
नूरी ने इस भाषण का इस्तेमाल तालिबान सरकार का विरोध करने वाले हथियारबंद समूहों को भी मैसेज देने के लिए किया। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को “आजाद” कराने की इच्छा रखने वाले लोग क्या चाहते हैं ? उन्होंने देश के बाहर रहने वाले विरोधियों से वापस लौटने और बातचीत के जरिए अपने मतभेद सुलझाने की अपील की। तालिबान मंत्री ने कहा कि अफगानिस्तान सभी अफगानों का है और इस्लामिक अमीरात अपने विरोधियों के साथ बातचीत और समझ के लिए तैयार है।
TMT स्टील बार कंपनी Rhetan TMT ने महाराष्ट्र की Bajaj Tubular Products के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) साइन किया है। इसके तहत 24 महीने में करीब 20,000 मीट्रिक टन TMT बार की खरीद का प्रस्ताव है। कंपनी ने इस कारोबार की संभावित वैल्यू ₹250-300 करोड़ आंकी है।
20,000 MT TMT बार की खरीद
MOU के तहत Bajaj Tubular Products ने अगले 24 महीनों में Rhetan TMT से करीब 20,000 MT TMT बार खरीदने की इच्छा जताई है। हालांकि, यह कोई पक्का ऑर्डर नहीं है। असल खरीद अलग-अलग ऑर्डर के जरिए होगी। यह मात्रा प्रोजेक्ट की जरूरत, प्रोडक्ट की उपलब्धता और सप्लाई शेड्यूल के आधार पर बदल सकती है।
₹250-300 करोड़ का कमर्शियल पोटेंशियल
Rhetan TMT के मैनेजमेंट के मुताबिक, इस रिश्ते से 24 महीनों में करीब ₹250-300 करोड़ का कमर्शियल पोटेंशियल बन सकता है। यह अनुमान संभावित प्रोडक्ट मिक्स, ऑर्डर की फ्रीक्वेंसी और मौजूदा व अनुमानित मार्केट रेट को ध्यान में रखकर लगाया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह पक्का ऑर्डर या तय रेवेन्यू नहीं है।
कंपनी को क्या फायदा होगा?
इस MOU से Rhetan TMT को Bajaj Tubular Products के साथ लंबे समय का कारोबारी रिश्ता बनाने का मौका मिलेगा। अगर प्रस्तावित खरीद ऑर्डर में बदलती है, तो इससे कंपनी की बिक्री मात्रा बढ़ सकती है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी संभव है।
मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?
Rhetan TMT के मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन ए. शाह ने कहा कि यह MOU कंपनी के कारोबारी संबंधों को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। उनके मुताबिक, Bajaj Tubular Products के साथ यह समझौता लंबे समय के कमर्शियल रिश्ते और भविष्य में नए कारोबारी अवसर तलाशने का रास्ता खोलता है।
1 MW का सोलर प्रोजेक्ट भी शुरू
Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW के कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट उसकी अपनी जरूरतों के लिए रिन्यूएबल बिजली उपलब्ध कराएगा। इससे एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
Ola Electric Shares: ओला इलेक्ट्रिक गिरकर ₹24 तक आ सकता है, HSBC ने ‘रेड्यूस’ रेटिंग दी
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि आतंकवाद को लेकर भारत की चिंता को अमेरिका ठीक से नहीं समझता। इसका असर रिश्तों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि भारत दशकों से पाकिस्तान की ओर से होने वाले आतंकवाद का सामना कर रहा है। जयशंकर ने यह बयान सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में दिया। इसमें भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों और विदेश नीति के जानकारों ने हिस्सा लिया। जयशंकर ने यह बयान ऐसे समय दिया है, जब पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ी है। वहीं, व्यापार, टैरिफ और रूस से भारत की ऊर्जा खरीद को लेकर भारत-अमेरिका के बीच मतभेद भी रहे हैं। जयशंकर बोले- अमेरिका से कई देशों संबंध मुश्किल हुए अमेरिका के पूर्व राजनयिक डेनियल रसेल ने जयशंकर से पूछा कि व्यापार और टैरिफ को लेकर पिछले एक साल में भारत-अमेरिका के रिश्तों में आई खटास को कैसे दूर किया जा सकता है। इस पर जयशंकर ने कहा कि दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ रिश्ते पहले के मुकाबले मुश्किल हुए हैं। उन्होंने कहा, “दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ संबंध पहले से ज्यादा मुश्किल हुए हैं। यह शायद हमारे लिए राहत की बात न हो, लेकिन यही हकीकत है।” विदेश मंत्री ने दुनिया के हालात पर चिंता जताई जयशंकर ने कहा कि दुनिया में युद्ध, आर्थिक संकट और नई तकनीक से जुड़ी चुनौतियां बढ़ रही हैं। इनका असर सिर्फ संघर्ष वाले देशों पर नहीं, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात अब भी मुश्किल हैं, जबकि अफ्रीका के सूडान में संघर्ष जारी है। जयशंकर दुनिया के सामने ‘4F संकट’ यानी भोजन, ईंधन, खाद और पैसों की कमी को बड़ी चुनौती बताया।
ट्रम्प सरकार में नजदीक आए अमेरिका और पाकिस्तान ट्रम्प प्रशासन के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में नजदीकी बढ़ी है। जून 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी। इसके बाद सितंबर 2025 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने फिर ट्रम्प से मुलाकात की। इन बैठकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्कों के तौर पर देखा गया। जयशंकर बोले- भारत-चीन के रिश्ते सुधरे जयशंकर ने कहा है कि भारत और चीन के रिश्ते पिछले दो साल के मुकाबले बेहतर हुए हैं। उन्होंने बताया कि 2020 में सीमा पर विवाद के बाद दोनों देशों के बीच लंबे समय तक तनाव बना रहा। अब सीमा पर हालात सुधरने के साथ रिश्ते भी सामान्य हो रहे हैं। जयशंकर ने कहा, “सीमा पर जैसे हालात होंगे, दोनों देशों के रिश्ते भी वैसे ही रहेंगे।” उन्होंने कहा कि रिश्तों में सुधार का मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच सभी समस्याएं खत्म हो गई हैं।लजयशंकर ने कहा कि सीमा पर तनाव के कारण भारत और चीन के बीच आधिकारिक बातचीत, वीजा और सीधी उड़ानों पर असर पड़ा था। भारत लगातार चीन से कहता रहा कि सीमा पर विवाद जारी रहने से दोनों देशों को कोई फायदा नहीं है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया में अब कई देश ताकतवर हो रहे हैं और वैश्विक फैसलों में उनकी भूमिका बढ़ रही है।
SCO Meeting In Pakistan: इस्लामाबाद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की नेशनल कोऑर्डिनेटर्स काउंसिल की बैठक में भारत भी हिस्सा ले रहा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं। 28 सितंबर को शुरू हुई यह तीन दिन की बैठक पाकिस्तान की 2026-27 की अध्यक्षता में हो रही है। यह 30 सितंबर तक चलेगी। SCO के राष्ट्राध्यक्ष परिषद के अगले साल होने वाले शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए यह बैठक इस्लामाबाद में हो रही है। तीन दिवसीय बैठक में भारत भी भाग ले रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के करीब डेढ़ साल बाद भारत ने SCO की बैठक में शामिल होने के लिए अपना एक सीनियर अधिकारी पाकिस्तान भेजा है।
आलोक डिमरी कर रहे हैं अगुवाई
एससीओ के सदस्य देशों में रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन शामिल हैं। एससीओ के अहम सदस्य भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व इसके नेशनल कोऑर्डिनेटर आलोक डिमरी कर रहे हैं। पाकिस्तान के नेशनल कोऑर्डिनेटर मोहम्मद फैसल बैठक में चर्चा सत्र की अध्यक्षता कर रहे हैं। इसका मकसद अगस्त 2027 में इस्लामाबाद में होने वाले एससीओ राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन के लिए सहयोग, तालमेल और तैयारियों को सुदृढ़ करना है।
भारत-पाक झड़प के बाद पहला दौरा
भारतीय प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए इस्लामाबाद गया है। पिछले साल दोनों देशों के बीच हुई संक्षिप्त झड़प के बाद यह इस तरह की पहली यात्रा है। पूर्व में पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा था कि 28 से 30 सितंबर तक होने वाली बैठक में एससीओ सहयोग और तालमेल से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इसमें पाकिस्तान की अध्यक्षता में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा एससीओ की आगामी बैठकों और कार्यक्रमों की तैयारी और संगठन के एजेंडे में शामिल अन्य मुद्दे शामिल होंगे।
विदेश कार्यालय के अनुसार, पाकिस्तान के पास 2026-27 के लिए एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की अध्यक्षता है। बयान के अनुसार, यह बैठक पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाली विभिन्न उच्च-स्तरीय बैठकों की तैयारियों में योगदान देगी। इसमें अगस्त 2027 में होने वाली एससीओ राष्ट्राध्यक्ष परिषद की बैठक भी शामिल है। खबरों की मानें तो पाकिस्तान में होने वाले SCO समिट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्योता दिए जाने की संभावना है।
इस्लामाबाद में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ऐसे समय पहुंचा है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं। पिछले साल दोनों देशों के बीच हुई सैन्य झड़प के बाद से यह भारत की पाकिस्तान की पहली ऐसी यात्रा है। इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर अक्टूबर 2024 में SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ़ गवर्नमेंट की बैठक के लिए इस्लामाबाद गए थे।


