Q2 Results: घाटे से ₹19 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, ऑर्डर बुक ₹12000 करोड़ के पार

Q2 Results: सोलर एनर्जी से जुड़ी कंपनी Sterling and Wilson Renewable Energy (SWREL) के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 19.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में उसे 473.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू घट गया। सितंबर तिमाही में यह 12.6% गिरकर 1,527.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 1,748.6 करोड़ रुपये था।

ऑपरेटिंग मुनाफे में सुधार

कंपनी के कारोबार से होने वाली कमाई में सुधार दिखा। सितंबर तिमाही में EBITDA बढ़कर 56 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ 4 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 0.2% से बढ़कर 3.7% हो गया।

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 70 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में उसे 439 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

ऑर्डर बुक 12,480 करोड़ रुपये पहुंची

SWREL के पास फिलहाल 12,480 करोड़ रुपये के ऐसे ऑर्डर हैं, जिन पर काम पूरा होना बाकी है। इससे आने वाले समय में कमाई की उम्मीद का अंदाजा मिलता है।

कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में उसकी ऑर्डर बुक सालाना आधार पर 34% बढ़ी है।

985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर

Sterling and Wilson को हाल ही में भारत और विदेशों में 985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें राजस्थान में 534.3 मेगावाट-पीक क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट शामिल है।

इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में बैटरी स्टोरेज के दो प्रोजेक्ट मिले हैं। इनकी कुल क्षमता 616 मेगावाट-घंटे है। कंपनी को मिस्र में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट भी मिला है। इसे कंपनी ने Hassan Allam Construction के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए हासिल किया है।

शेयर 3% से ज्यादा चढ़ा

गुरुवार को NSE पर Sterling and Wilson का शेयर 3.06% बढ़कर 177 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 27.31% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 4.09 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा की कंपनी की फ्लोटिंग सोलर सेगमेंट में एंट्री, नॉर्वे की कंपनी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में करेगी टेस्टिंग

Tata Power Floating Solar: टाटा पावर ने नॉर्वे की रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजी कंपनी ओशन सन के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत में फ्लोटिंग सोलर टेक्नोलॉजी का टेस्ट करेंगी।

इसके लिए महाराष्ट्र के मुलशी जलाशय में करीब 300 kWp का पायलट प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। यह जलाशय टाटा पावर का है।

फ्लोटिंग सोलर क्या होता है

फ्लोटिंग सोलर यानी पानी की सतह पर लगाए जाने वाले सोलर पैनल होते हैं। इसमें जमीन पर पैनल लगाने के बजाय किसी जलाशय, झील या तालाब की सतह पर पैनल लगाए जाते हैं।

इससे जमीन की जरूरत कम होती है। और खाली पड़ी पानी की सतह का इस्तेमाल बिजली बनाने के लिए किया जाता है।

पायलट प्रोजेक्ट में क्या जांच की जाएगी?

इस पायलट में टेक्नोलॉजी की परफॉर्मेंस देखी जाएगी। साथ ही इसकी भरोसेमंद क्षमता और लागत भी जांची जाएगी। कंपनियां यह भी देखेंगी कि भारत में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। इसके लिए इसकी तुलना मौजूदा फ्लोटिंग सोलर सिस्टम से की जाएगी।

तुलना में बिजली उत्पादन, क्षमता का इस्तेमाल और इंस्टॉलेशन का समय देखा जाएगा। ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जरूरत, लागत और पूरे प्रोजेक्ट की कारोबारी व्यवहार्यता भी जांची जाएगी।

बाकी फ्लोटिंग सोलर से अलग कैसे?

आमतौर पर फ्लोटिंग सोलर सिस्टम में पैनल को पानी पर तैराने के लिए पॉन्टून का इस्तेमाल होता है। कई पॉन्टून को आपस में जोड़कर एक स्ट्रक्चर बनाया जाता है। ओशन सन की टेक्नोलॉजी इससे अलग है। इसमें सोलर पैनल एक पतली हाइड्रो-इलास्टिक मेम्ब्रेन पर लगाए जाते हैं। यह मेम्ब्रेन सीधे पानी की सतह पर तैरती है।

पायलट से मिलने वाले डेटा से इस टेक्नोलॉजी की असली क्षमता समझने में मदद मिलेगी। इसके बाद भारत में इसे बड़े स्तर पर इस्तेमाल करने की संभावना देखी जाएगी।

भारत में 102 GW से ज्यादा क्षमता

टाटा पावर के मुताबिक, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी के अनुमान के अनुसार भारत में फ्लोटिंग सोलर की क्षमता 102 GWp से ज्यादा है।

टाटा पावर के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रवीर सिन्हा ने कहा कि इनोवेशन कंपनी के लिए काफी अहम है। कंपनी क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को तेज करने के लिए नई टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ओशन सन के साथ साझेदारी से ग्लोबल टेक्नोलॉजी को भारत में लाकर उसकी वास्तविक परिस्थितियों में जांचने का मौका मिलेगा।

इंडिया-EFTA समिट में हुआ समझौता

टाटा पावर और ओशन सन के बीच समझौता दूसरे इंडिया-ईएफटीए प्रॉस्पेरिटी समिट के दौरान हुआ। इसमें भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

टाटा पावर का शेयर 7 अक्टूबर को 344.80 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले इसमें 1.95% की गिरावट रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

जिम्बाब्वे में हेलिकॉप्टर क्रैश, चर्चित बिजनेसमैन समेत 6 की मौत:पत्नी भी सवार थीं, राष्ट्रपति के करीबी थे चिवायो; हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में लगी आग

जिम्बाब्वे के मरोनडेरा इलाके में बुधवार को 6 लोगों को लेकर जा रहा हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे के बाद उसमें आग लग गई। हेलिकॉप्टर में 4 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे में सभी 6 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 43 साल के चर्चित बिजनेसमैन विकनेल चिवायो और उनकी पत्नी लूसी मुतेके भी शामिल हैं। चिवायो को राष्ट्रपति एमर्सन मनांगाग्वा का करीबी माना जाता था। पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचकर शवों की पहचान में जुटे हैं। हेलिकॉप्टर राजधानी हरारे से करीब 70 किलोमीटर पूर्व मरोनडेरा इलाके में गिरा। पुलिस को हादसे की जानकारी बुधवार शाम करीब 5 बजे मिली। हादसा किस वजह से हुआ, यह अभी साफ नहीं है। पुलिस मामले की जांच करेगी। आलीशान लाइफस्टाइल को लेकर मशहूर थे चिवायो विकनेल चिवायो इंट्राट्रेक जिम्बाब्वे के संस्थापक थे। यह कंपनी एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में काम करती थी। चिवायो ग्वांडा सोलर प्रोजेक्ट जैसे सरकारी ठेकों को लेकर भी चर्चा में रहे। वे अपनी आलीशान जीवनशैली और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए भी जाने जाते थे। चिवायो महंगी कारों और लग्जरी हेलीकॉप्टरों के साथ अपनी तस्वीरें शेयर करते थे। राष्ट्रपति समेत कई बड़े नेताओं से थी चिवायो की नजदीकी चिवायो के कारोबार और राजनीतिक संबंधों को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे थे। वे सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति मनांगाग्वा के साथ अपनी मुलाकातों की तस्वीरें और वीडियो शेयर करते थे। वे दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो, तंजानिया की राष्ट्रपति सामिया सुलुहू हसन और इस्वातिनी के किंग मस्वाती III समेत कई बड़े नेताओं से भी मिल चुके थे। कारोबार को लेकर भी उठे सवाल चिवायो के कारोबार को लेकर जिम्बाब्वे और आसपास के देशों में सरकारी ठेकों और चुनावी फंडिंग से जुड़े आरोप लगे थे। उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया था। वे मशहूर हस्तियों, धार्मिक नेताओं, राजनेताओं और सोशल मीडिया फॉलोअर्स को महंगी गाड़ियां और कैश गिफ्ट देने के लिए भी जाने जाते थे। चिवायो की दो पुरानी तस्वीरें… ———————————— यह खबर भी पढ़ें… इजराइल जा रही फ्लाइट क्रैश कराने की कोशिश:पायलट को चाकू मारा, 17 हजार फीट नीचे आया विमान; फाइटर जेट की निगरानी में इमरजेंसी लैंडिंग दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई। को-पायलट ने साथी पायलट पर चाकू से हमला किया और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। दूसरे पायलट और कुछ यात्रियों ने हाथापाई कर उसे रोक लिया। पूरी खबर पढ़ें…

Stocks to Watch: 30 सितंबर को फोकस में ये 12 स्टॉक्स, टाटा स्टील से KPI ग्रीन एनर्जी तक शामिल

Stocks to Watch: बुधवार 30 सितंबर को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। बड़े ऑर्डर, नए निवेश और प्रोजेक्ट से जुड़े अपडेट सामने आए हैं। पावर, सोलर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर से अहम खबरें हैं।

Tata Steel

स्टील कंपनी Tata Steel ने अपनी विदेशी सब्सिडियरी T Steel Holdings Pte. Ltd में 393.52 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे हैं। यह खरीद $340 मिलियन यानी करीब ₹3,260.32 करोड़ में हुई है। यह रकम कंपनी के अतिरिक्त फंडिंग प्लान का हिस्सा है।

KPI Green Energy

सोलर पावर कंपनी KPI Green Energy को NACOF Oorja से करीब ₹2,025 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह राजस्थान में 500 MW सोलर प्रोजेक्ट के EPC काम से जुड़ा है। कंपनी डिजाइन, खरीद और कंस्ट्रक्शन का काम करेगी।

Power Mech Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर कंपनी Power Mech Projects को अदाणी ग्रुप की Moxie Power Generation से ₹549.37 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी तमिलनाडु के 2×600 MW Tuticorin Thermal Power Plant का पूरा O&M संभालेगी। यह कॉन्ट्रैक्ट 1 अक्टूबर 2026 से 30 सितंबर 2031 तक यानी 60 महीने का है।

Arisinfra Solutions

कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सर्विस कंपनी Arisinfra Solutions को मुंबई के Kalina में Transcon UNO रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए सर्विस ऑर्डर मिला है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में Design as a Service (DaaS) सेवाएं देगी। ऑर्डर Transcon Group की SPV Transcon Bellaviu से मिला है।

STL Networks

टेलीकॉम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी STL Networks को करीब ₹249.8 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है।

Tube Investments of India

इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी Tube Investments of India अपनी सब्सिडियरी TI Clean Mobility में ₹250 करोड़ निवेश करेगी। इसके लिए कंपनी Series C CCPS को सब्सक्राइब करेगी। यह निवेश इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार को बढ़ाने के लिए है।

NLC India

सरकारी पावर कंपनी NLC India और NALCO 1,080 MW का कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट लगाने के लिए 50:50 जॉइंट वेंचर बनाएंगी। यह प्रोजेक्ट ओडिशा के अंगुल में विकसित किया जाएगा। दोनों कंपनियों की इसमें बराबर हिस्सेदारी होगी।

Ramco Cements

सीमेंट कंपनी Ramco Cements ने अपनी क्लिंकर क्षमता बढ़ाकर 5.62 MTPA कर दी है। पहले यह 4.61 MTPA थी। सीमेंट ग्राइंडिंग क्षमता भी 3.65 MTPA से बढ़कर 4.38 MTPA हो गई है। कंपनी ने यह बढ़ोतरी डिबॉटलनेकिंग के जरिए की है।

Prestige Estates Projects

रियल एस्टेट कंपनी Prestige Estates Projects ने हैदराबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स में कुल 1,047 घरों की डिलीवरी हुई है। प्रोजेक्ट पूरा होने से कंपनी की बिक्री और डिलीवरी से जुड़ी गतिविधियों को सपोर्ट मिलेगा।

Graphite India

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड कंपनी Graphite India के प्रोडक्ट्स पर अमेरिका में एंटी-डंपिंग ड्यूटी केस में प्रारंभिक फैसला आया है। अमेरिकी सरकार ने कंपनी के इलेक्ट्रोड्स पर 12.22% का डंपिंग मार्जिन तय किया है। अब इस मामले में आगे की प्रक्रिया पर बाजार की नजर रहेगी।

Endurance Technologies

ऑटो कंपोनेंट कंपनी Endurance Technologies की सब्सिडियरी ने Stoferle Group की दो कंपनियों में 32% हिस्सेदारी खरीदी है। यह डील करीब 18 मिलियन यूरो में हुई है। इस खरीद के बाद सब्सिडियरी की दोनों कंपनियों में पूरी हिस्सेदारी हो गई है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Rhetan TMT का बजाज ट्यूबलर के साथ MOU, 20000 MT TMT बार खरीदने का प्रस्ताव

TMT स्टील बार कंपनी Rhetan TMT ने महाराष्ट्र की Bajaj Tubular Products के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) साइन किया है। इसके तहत 24 महीने में करीब 20,000 मीट्रिक टन TMT बार की खरीद का प्रस्ताव है। कंपनी ने इस कारोबार की संभावित वैल्यू ₹250-300 करोड़ आंकी है।

20,000 MT TMT बार की खरीद

MOU के तहत Bajaj Tubular Products ने अगले 24 महीनों में Rhetan TMT से करीब 20,000 MT TMT बार खरीदने की इच्छा जताई है। हालांकि, यह कोई पक्का ऑर्डर नहीं है। असल खरीद अलग-अलग ऑर्डर के जरिए होगी। यह मात्रा प्रोजेक्ट की जरूरत, प्रोडक्ट की उपलब्धता और सप्लाई शेड्यूल के आधार पर बदल सकती है।

₹250-300 करोड़ का कमर्शियल पोटेंशियल

Rhetan TMT के मैनेजमेंट के मुताबिक, इस रिश्ते से 24 महीनों में करीब ₹250-300 करोड़ का कमर्शियल पोटेंशियल बन सकता है। यह अनुमान संभावित प्रोडक्ट मिक्स, ऑर्डर की फ्रीक्वेंसी और मौजूदा व अनुमानित मार्केट रेट को ध्यान में रखकर लगाया गया है। कंपनी ने साफ किया है कि यह पक्का ऑर्डर या तय रेवेन्यू नहीं है।

कंपनी को क्या फायदा होगा?

इस MOU से Rhetan TMT को Bajaj Tubular Products के साथ लंबे समय का कारोबारी रिश्ता बनाने का मौका मिलेगा। अगर प्रस्तावित खरीद ऑर्डर में बदलती है, तो इससे कंपनी की बिक्री मात्रा बढ़ सकती है। साथ ही, मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल भी संभव है।

मैनेजिंग डायरेक्टर ने क्या कहा?

Rhetan TMT के मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन ए. शाह ने कहा कि यह MOU कंपनी के कारोबारी संबंधों को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। उनके मुताबिक, Bajaj Tubular Products के साथ यह समझौता लंबे समय के कमर्शियल रिश्ते और भविष्य में नए कारोबारी अवसर तलाशने का रास्ता खोलता है।

1 MW का सोलर प्रोजेक्ट भी शुरू

Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW के कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन शुरू कर दिया है। कंपनी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट उसकी अपनी जरूरतों के लिए रिन्यूएबल बिजली उपलब्ध कराएगा। इससे एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹2025 करोड़ का ऑर्डर, राजस्थान में बनाएगी 500 MW का प्रोजेक्ट

Stock in Focus: रिन्यूएबल पावर कंपनी KPI Green Energy को बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को NACOF Oorja Private Ltd से करीब ₹2,025 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स और GST शामिल हैं। कंपनी राजस्थान में 500 MW/550 MWp का सोलर प्रोजेक्ट तैयार करेगी।

राजस्थान में बनेगा 500 MW का सोलर प्रोजेक्ट

यह प्रोजेक्ट राजस्थान के बीकानेर जिले में बनेगा। इसे NACOF की सब्सिडियरी NOPL विकसित कर रही है। यह 5,000 MW के बड़े Solar Power Park का हिस्सा है।

KPI Green Energy को इस प्रोजेक्ट का पूरा EPC काम करना है। इसमें डिजाइन से लेकर प्रोजेक्ट की कमीशनिंग तक की जिम्मेदारी कंपनी की होगी।

क्या-क्या काम करेगी कंपनी?

KPI Green Energy सोलर प्लांट का डिजाइन और इंजीनियरिंग करेगी। इसके बाद जरूरी उपकरणों की खरीद और सप्लाई भी कंपनी करेगी। इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग का काम भी इसी के जिम्मे होगा।

प्रोजेक्ट में PV मॉड्यूल, माउंटिंग स्ट्रक्चर, इनवर्टर और ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इसके अलावा हाई-टेंशन स्विचगियर और दूसरे इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी शामिल हैं।

12 महीने में पूरा करना होगा काम

कंपनी को साइट मिलने के बाद 12 महीने में EPC का काम पूरा करना होगा। इसमें प्रोजेक्ट की कमीशनिंग भी शामिल है।

इसके अलावा 33 kV ट्रांसमिशन लाइन और एवैक्यूएशन बे भी बनाया जाएगा। प्लांट में SCADA और मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए जाएंगे।

पहले भी मिला था 500 MW का काम

KPI Green Energy ने बताया कि इस साल की शुरुआत में उसे बीकानेर में NTPC Renewable Energy से 500 MW/550 MWp का Solar BOS पैकेज मिला था। नया ऑर्डर उसी क्षेत्र में कंपनी के काम को और बढ़ाता है।

कंपनी के मुताबिक, नए ऑर्डर से उसकी EPC ऑर्डर बुक बढ़ेगी। इससे आने वाले एक साल के लिए रेवेन्यू की विजिबिलिटी भी बेहतर होगी।

KPI Green के शेयर का हाल

KPI Green Energy का शेयर मंगलवार को 4.24% की बढ़त के साथ ₹372.50 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 22.29% उछला है। कंपनी का मार्केट कैप 7.31 हजार करोड़ रुपये है।

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Stock in Focus: सोलर कंपनी को 400 MW का ऑर्डर, महाराष्ट्र के प्रोजेक्ट्स के लिए देगी मॉड्यूल

Stock in Focus: सोलर एनर्जी सॉल्यूशन कंपनी Vikram Solar को 400 MW का बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने सोमवार, 28 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इस ऑर्डर के तहत महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल की सप्लाई की जाएगी।

400 MW के मॉड्यूल की होगी सप्लाई

Vikram Solar इस ऑर्डर के तहत 620 Wp क्षमता वाले हाई-एफिशिएंसी N-Type TOPCon G12R मॉड्यूल देगी। इनमें ग्लास-टू-ग्लास और बाइफेशियल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होगा। मॉड्यूल में हाफ-कट सेल भी होंगे।

कंपनी के मुताबिक, मॉड्यूल की सप्लाई अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। पूरा ऑर्डर मार्च 2027 तक पूरा किया जाना है।

महाराष्ट्र के सोलर प्रोजेक्ट्स पर फोकस

यह ऑर्डर महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए है। इससे कृषि फीडर सोलराइजेशन सेगमेंट में Vikram Solar की मौजूदगी और मजबूत होगी।

चेयरमैन ने क्या कहा?

Vikram Solar के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ज्ञानेश चौधरी ने कहा कि MSKVY 2.0 जैसे प्रोग्राम किसानों और कृषि समुदायों तक सोलर पावर पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में इतने बड़े और अलग-अलग जगहों पर लगाए जाने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए मॉड्यूल की सप्लाई कंपनी की G12R TOPCon टेक्नोलॉजी पर भरोसा दिखाती है।

₹1,250 करोड़ का एक और समझौता

सितंबर में Vikram Solar ने Avaada Electro के साथ ₹1,250 करोड़ का सोलर सेल सप्लाई एग्रीमेंट भी किया था। इसके तहत 1 GW N-Type G12R TOPCon सोलर सेल खरीदे जाएंगे।

इन सेल की सप्लाई घरेलू स्तर पर होगी। इनका इस्तेमाल Vikram Solar के मॉड्यूल बनाने में किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, डिलीवरी सितंबर 2026 से शुरू होनी है।

Vikram Solar का शेयर सोमवार को BSE पर 0.19% की मामूली गिरावट के साथ ₹160.05 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।