Elon Musk: एक फैसला और डूब गए ₹1.75 लाख करोड़! AI पर ये दांव मस्क को पड़ गया भारी?

Elon Musk: दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क की संपत्ति में बुधवार को अचानक $21 बिलियन (करीब ₹1.75 लाख करोड़) से ज्यादा की भारी गिरावट दर्ज की गई। मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के शेयरों में आई अचानक गिरावट को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेसएक्स एनवीडिया के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स खरीदने के लिए $40 बिलियन का भारी-भरकम कर्ज जुटाने की योजना बना रही है, जिसके सामने आते ही निवेशकों में खलबली मच गई।

कैसे घटी मस्क की नेटवर्थ?

फोर्ब्स की रियल-टाइम बिलियनेयर्स लिस्ट के अनुसार, बुधवार सुबह तक मस्क की कुल संपत्ति घटकर $1.03 ट्रिलियन रह गई, जो एक ही दिन में 2.04% की गिरावट है।

इतनी बड़ी कमी की वजह बना है उनकी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट। स्पेसएक्स के शेयर करीब 2% गिरकर $168.86 पर कारोबार कर रहे थे, वहीं टेस्ला के शेयरों में भी 1.5% की गिरावट देखी गई।

मस्क के पास स्पेसएक्स में ऑप्शंस सहित लगभग 38% हिस्सेदारी है। यही वजह है कि रॉकेट और एआई क्षेत्र की इस दिग्गज कंपनी के शेयरों में जरा सी भी हलचल मस्क की कुल संपत्ति पर बड़ा असर डालती है।

क्यों गिरे स्पेसएक्स के शेयर?

स्पेसएक्स के शेयरों में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह $40 बिलियन की नई फाइनेंसिंग की खबरें हैं। कंपनी अपने एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करने के लिए एनवीडिया के एआई चिप्स खरीदना चाहती है।

‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस $40 बिलियन के फंड में $10 बिलियन का बैंक लोन और $30 बिलियन का इन्वेस्टमेन्ट-ग्रेड डेट शामिल होगा।ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि बातचीत अभी शुरुआती स्तर पर है।

क्रेडिट मार्केट में दिखी घबराहट: बॉन्ड और डिफॉल्ट स्वैप पर असर

$40 अरब के अतिरिक्त कर्ज की खबर से क्रेडिट मार्केट में चिंता बढ़ गई। स्पेसएक्स के 5-साल के क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप यानी जो कंपनी के डिफॉल्ट होने के जोखिम का बीमा होता है उसका स्प्रेड बढ़कर 197.6 बेसिस पॉइंट्स के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। जून में जब यह शुरू हुआ था, तब यह महज 110 बेसिस पॉइंट्स पर था। 194 बेसिस पॉइंट्स का मतलब है कि निवेशकों को $1 मिलियन के स्पेसएक्स कर्ज के बीमे के लिए सालाना $19,400 चुकाने होंगे। साथ ही साल 2056 में मैच्योर होने वाले स्पेसएक्स के बॉन्ड्स पर यील्ड स्प्रेड अमेरिकी ट्रेजरी के मुकाबले बढ़कर 2.36% पर पहुंच गया।

IPO के बाद एक और बड़ा फाइनेंसिंग राउंड

कंपनी का यह कदम शेयर बाजार में लिस्टिंग के महज कुछ ही महीनों बाद आया है। स्पेसएक्स ने जून में $135 प्रति शेयर के भाव पर अपना आईपीओ लॉन्च किया था और नैस्डैक पर SPCX टिकर के तहत लिस्ट हुई थी। आईपीओ के जरिए कंपनी ने करीब $85.7 बिलियन जुटाए थे।

जून के अंत में कंपनी ने 2031 से 2056 की मैच्योरिटी वाले $25 बिलियन के सीनियर नोट्स जारी किए थे। तब रेटिंग एजेंसियों (Moody’s – Baa1, Fitch – BBB+, S&P – BBB) ने इसे इन्वेस्टमेन्ट-ग्रेड रेटिंग दी थी। अगर $40 बिलियन की यह नई फाइनेंसिंग पूरी हो जाती है, तो कंपनी के कुल कर्ज में भारी बढ़ोतरी होगी।

एनवीडिया चिप्स पर स्पेसएक्स का बड़ा दांव

एआई की रेस में आगे रहने के लिए मस्क की कंपनी पूरी तरह से एनवीडिया के हार्डवेयर पर निर्भर है। अगस्त में स्पेसएक्स की अर्निंग्स कॉल के दौरान मस्क ने साफ कहा था कि, ‘हमने पूरी तरह से एनवीडिया पर निर्माण करने का फैसला किया है क्योंकि हमारा मानना है कि ‘वेरा रुबिन आर्किटेक्चर’ सबसे बेहतरीन है।’

दरअसल, इस समय पूरी टेक इंडस्ट्री (अल्फाबेट, मेटा, ओरेकल, अमेजन) डेटा सेंटर्स और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेट मार्केट से भारी कर्ज उठा रही है। एनवीडिया ने भी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के लिए अपोलो, ब्लैकस्टोन और गोल्डमैन सैक्स जैसे दिग्गजों के साथ $500 बिलियन का प्लेटफॉर्म बनाने की घोषणा की है।

गिरावट के बाद भी नंबर-1 और ट्रिलियनेयर बने हुए हैं मस्क

$21 बिलियन के नुकसान के बावजूद एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर इंसान बने हुए हैं और उनका ‘ट्रिलियनेयर’ का टैग बरकरार है। मस्क ने सबसे पहले जून में स्पेसएक्स के सफल आईपीओ के बाद $1 ट्रिलियन का आंकड़ा पार किया था, जब कंपनी की मार्केट वैल्यू लगभग $2 ट्रिलियन पहुंच गई थी। हालांकि इसके बाद शेयरों में गिरावट से उनकी संपत्ति $1 ट्रिलियन से नीचे आ गई थी, लेकिन इसी हफ्ते स्पेसएक्स और टेस्ला में आई तेजी के चलते उन्होंने दोबारा यह मुकाम हासिल किया था।

Home loan EMI : RBI ने 0.25% बढ़ाया रेपो रेट, जानें आपके होम लोन पर क्या होगा इसका असर

Home loan EMI: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स (bps) की बढ़ोतरी की है। जिससे लोन लेना महंगा हो गया है। यह कदम सख्त मॉनेटरी पॉलिसी का संकेत है, क्योंकि सेंट्रल बैंक ग्लोबल और घरेलू जोखिमों के बीच महंगाई के दबाव को कम करना चाहता है।

होम लोन लेने वालों के लिए, रेट में इस बढ़ोतरी का मतलब है कि EMI बढ़ सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जिनका लोन फ्लोटिंग-रेट वाला है और रेपो रेट जैसे बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा है। उम्मीद है कि बैंक रीसेट साइकिल और ट्रांसमिशन टाइमलाइन के आधार पर धीरे-धीरे इस बढ़ोतरी का असर ग्राहकों पर डालेंगे।

25 bps की बढ़ोतरी का होम लोन EMI पर असर

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टेबल से पता चलता है कि 50 लाख रुपये के होम लोन और 20 साल की अवधि (tenure) के मामले में, ब्याज दरों में 25 bps की बढ़ोतरी से मासिक EMI लगभग 780 रुपये बढ़ सकती है। अगर लोन लेने वाले अवधि को नहीं बदलते हैं, तो लोन की पूरी अवधि के दौरान कुल ब्याज का बोझ लगभग 1.88 लाख रुपये बढ़ जाएगा।

फ्लोटिंग-रेट वाले लोन लेने वालों पर इसका असर तब दिखेगा जब उनके लोन ऊंचे बेंचमार्क पर रीसेट होंगे। कुछ बैंक लोन लेने वालों को EMI के बजाय लोन की अवधि बढ़ाने का विकल्प दे सकते हैं; इससे तुरंत मासिक EMI पर पड़ने वाला असर तो कम हो सकता है, लेकिन समय के साथ कुल ब्याज का खर्च बढ़ जाता है।

फिक्स्ड-रेट होम लोन वाले ग्राहकों पर कोई तुरंत असर नहीं पड़ेगा, हालांकि इस पॉलिसी के बाद रीफाइनेंसिंग और नए लोन की लागत बढ़ने की संभावना है।

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जानकारों का कहना है कि लोन लेने वालों को इस बात पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए कि बैंक कितनी तेजी से ब्याज दरों में बढ़ोतरी का असर ग्राहकों पर डालते हैं। साथ ही, ज़्यादा ब्याज के बोझ को संभालने के लिए उन्हें आंशिक प्री-पेमेंट (समय से पहले कुछ हिस्सा चुकाना), लेंडर बदलना या कम अवधि का लोन लेने जैसे विकल्पों पर भी विचार करना चाहिए। अब बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि RBI आने वाली पॉलिसी समीक्षाओं में और सख्ती का संकेत देता है या ‘ wait-and-watch का रुख अपनाता है।

RBI MPC Meeting Live: 0.25% बढ़ा रेपो रेट, महंगी होगी आपकी EMI! जुलाई के 4.5% से बढ़कर अगस्त में 4.8% पहुंची खुदरा महंगाई

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

अहमदाबाद में ED का बड़ा एक्शन, स्टील कनेक्ट इंडिया की 4.53 करोड़ की संपत्ति को किया जब्त

अहमदाबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बैंक लोन से जुड़े मामले में स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने स्टील कनेक्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ी करीब 4.53 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां को जब्त कर लिया है। एजेंसी ने ये कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की है। जांच में करीब 79.56 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय से जुड़े लेनदेन की बात सामने आई है। ED ने फंड के इस्तेमाल और लेनदेन की जांच के बाद चल और अचल संपत्तियों के खिलाफ यह कार्रवाई की है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

CBI ने दर्ज करवाया था FIR

ED ने यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। इस FIR में IPC, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे। ED ने पैसों के लेनदेन और उनके इस्तेमाल की जांच के बाद करीब 4.53 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई ED की अहमदाबाद यूनिट ने की है।

ED ने क्यों जब्त की 4.53 करोड़ रुपये संपत्तियां 

जांच के दौरान ED ने पाया कि, कंपनी के तत्कालीन निदेशकों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर बैंक से मिले लोन की तय शर्तों का पालन नहीं किया। एजेंसी के मुताबिक, लोन की रकम को नकद निकालने, दूसरी जुड़ी हुई कंपनियों में भेजने और बिना किसी वास्तविक कारोबार के इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। ED के मुताबिक, कंपनी ने लोन का पैसा उन बैंक खातों में ट्रांसफर किया जो लोन देने वाले बैंकों के समूह में शामिल नहीं थे। इसके अलावा रकम को निदेशकों के निजी खातों और कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों के खातों के जरिए भी इधर-उधर किया गया।

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असम में मुस्लिम शादियों के रजिस्ट्रेशन का नया नियम, कैबिनेट ने लिए कई अहम फैसले!

गुवाहाटी, 24 सितंबर (PTI), असम कैबिनेट की बैठक में गुरुवार को कई फैसलों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बैठक के बाद बताया कि राज्य में मुस्लिम शादियों का रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य होगा। इसके लिए ‘असम मुस्लिम विवाह पंजीकरण (अनिवार्य) नियम, 2026’ को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहले काजियों से मुस्लिम शादियों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाई थी, लेकिन तब इसकी जगह दूसरी व्यवस्था नहीं हुई थी। अब इस कमी को दूर कर पूरे असम में रजिस्ट्रेशन की एक जैसी प्रोसेस बनाई है। ये नए नियम ‘असम मुस्लिम विवाह और तलाक अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम, 2024’ की धारा 25 के तहत बनाए गए हैं।

कैबिनेट ने महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) मेंबर को आधार बनवाने के लिए एक बार की छूट दी है। अब ये महिलाएं 31 मार्च 2027 तक आधार एनरोलमेंट करा सकेंगी।

ये लिए कैबिनेट ने 5 बड़े फैसले

1. महिला SHG को आधार में राहत: सरकार ने 16 साल से ऊपर के लोगों के नए आधार बनाने पर रोक लगाई थी, लेकिन SHG की कई महिलाओं का आधार नहीं होने से बैंक लोन अटक रहा था। इसलिए उन्हें 31 मार्च 2027 तक आधार बनवाने की वन-टाइम छूट दी गई है।

2. मछली पालन को बूस्ट: 796.88 करोड़ के SWIFT प्रोजेक्ट को मंजूरी। इसमें 637 करोड़ ADB देगा। इससे राज्य के 102 बील (तालाब) का विकास होगा और मछली पालकों को फायदा मिलेगा।

3. 11,000 करोड़ का निवेश: JK लक्ष्मी सीमेंट राज्य में क्लिंकर यूनिट और 4 ग्राइंडिंग यूनिट लगाएगी। इससे 2,000 लोगों को नौकरी मिलेगी।

4. चीनी सस्ती: अक्टूबर में NFSA लाभार्थियों को 30 रुपये किलो चीनी मिलेगी, जिससे 100 रुपये में दाल और चीनी दोनों मिल जाएंगे।

5. जमीन अलॉट: हाजो में 504 बीघा जमीन इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए और श्रीभूमि में एग्रीकल्चर कॉलेज के लिए 256 बीघा जमीन अलॉट की गई है।

कैबिनेट ने 1 सितंबर से 166 मस्टर रोल, कैजुअल और फिक्स्ड-पे इम्प्लॉई को फिक्स्ड पेमेंट देने की मंजूरी दी है। साथ ही नवंबर में दो ऑटोनॉमस काउंसिल के चुनाव कराने और UNNATI 2024 में एलिजिबल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को सब्सिडी देने का फैसला किया गया है।

Home Loan: ₹1 लाख महीना कमाते हैं? जानिए आपके लिए कितनी होम लोन EMI रहेगी सेफ

Home Loan Affordability Rules: अगर आपकी टेक-होम सैलरी ₹1 लाख प्रति माह है, तो अपना सपनों का घर खरीदना काफी हद तक मुमकिन नजर आता है। लेकिन केवल बड़ी सैलरी होना ही इस बात की गारंटी नहीं है कि आप आसानी से होम लोन का बोझ उठा सकते हैं।

अक्सर बैंक आपकी योग्यता देखकर सैलरी के 50% से 55% तक की EMI अप्रूव कर देते हैं, लेकिन क्या उतनी EMI चुकाना आपकी जेब के लिए सुरक्षित है? जवाब है बिल्कुल नहीं!

आइए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स से आसान भाषा में समझते हैं कि ₹1 लाख की सैलरी पर आपको हर महीने कितनी EMI देनी चाहिए, और लोन लेने से पहले आपके पास डाउन पेमेंट व इमरजेंसी फंड के रूप में कितना कैश तैयार होना चाहिए।

1 लाख की सैलरी पर कितनी EMI है सुरक्षित?

बैंकिंग और रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स की मानें तो बैंक भले ही आपको ज्यादा लोन दे दें, लेकिन आपको अपनी मंथली इनकम का 25% से 35% ही EMI में देना चाहिए।फोर्टेशिया रियल्टी के बिजनेस डेवलपमेंट जीएम केशव मंगला के अनुसार, सबसे सही फैसला यह होगा कि आपकी EMI ₹25,000 से ₹30,000 के बीच हो। इससे आपके पास घरेलू खर्च, बचत और इमरजेंसी के लिए पर्याप्त पैसा बचेगा। नाइ्वो मनी के फाउंडर हर्ष सोनी के मुताबिक, EMI को अधिकतम ₹35,000 प्रति माह तक रखा जा सकता है।

सैलरी के बंटवारे का सही फॉर्मूला (₹35,000 EMI के आधार पर):

₹35,000: होम लोन EMI

₹43,000: घर के जरूरी और रोजाना के खर्च

₹22,000: एसआईपी (SIP), बचत और इमरजेंसी फंड

लोन लेने से पहले जेब में होना चाहिए इतना ‘अपफ्रंट कैश’

होम लोन लेते समय केवल EMI की किश्त देखना काफी नहीं है। मकान की चाबी हाथ में आने से पहले आपको अपने पास से भारी रकम खर्च करनी पड़ती है:

डाउन पेमेंट: ₹30 लाख तक की प्रॉपर्टी पर लगभग 10% और ₹75 लाख तक की प्रॉपर्टी पर 20% रकम अपनी जेब से डाउन पेमेंट के रूप में देनी होती है।

रजिस्ट्री व स्टाम्प ड्यूटी: प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू का 5% से 8% अलग से स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में जाता है, जिसे बैंक लोन में कवर नहीं करते।

इंटीरियर और मेंटेनेंस: नया मकान लेने के बाद इंटीरियर कार्य, मेंटेनेंस और सोसाइटी चार्जेस के खर्च भी अलग से तैयार रखने होते हैं।

इमरजेंसी फंड भूलकर भी न करें नजरअंदाज

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लोन का आवेदन करने से पहले आपके पास कम से कम 6 से 12 महीने के जरूरी खर्च और EMI के बराबर इमरजेंसी फंड होना ही चाहिए। अगर आपकी EMI और महीने का घर खर्च मिलाकर ₹60,000 से ₹70,000 है, तो आपके बैंक खाते में कम से कम ₹3.6 लाख से ₹8.4 लाख का इमरजेंसी फंड अलग से सुरक्षित जमा होना चाहिए।

₹50 लाख के घर के लिए पहले से कितने पैसों की होगी जरूरत?

अगर आप ₹50 लाख का घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको लोन पास होने से पहले करीब ₹16 लाख से ₹18 लाख की नगद रकम तैयार रखनी होगी:

डाउन पेमेंट (20%): ₹10 लाख

रजिस्ट्री/अन्य खर्च (5-8%): ₹2.5 – ₹4 लाख

इमरजेंसी फंड: ₹3.6 – ₹4.2 लाख

कुल अपफ्रंट कैश रिक्वायरमेंट = ₹16 लाख से ₹18 लाख

घर खरीदने के चक्कर में न रोकें दूसरे लक्ष्य

नया घर खरीदना एक बड़ा सपना है, लेकिन इसके चक्कर में अपने बच्चे की पढ़ाई का फंड, खुद के रिटायरमेंट की SIP या इमरजेंसी सेविंग्स को पूरी तरह बंद कर देना भारी भूल साबित हो सकता है। वित्तीय योजना ऐसी बनाएं कि हर महीने आपकी EMI आराम से कटे और आपकी बाकी लाइफस्टाइल व निवेश बिना किसी तनाव के चलता रहे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Scheme: महिलाओं को SBI की बड़ी सौगात! इस स्कीम में मिलेगा ₹25 करोड़ तक का आसान लोन

SBI Stree Shakti Yojana Details: अगर आप एक महिला उद्यमी हैं और अपना खुद का नया बिजनेस शुरू करना चाहती हैं या पहले से चल रहे काम को बढ़ाना चाहती हैं, तो देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक यानी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) आपके लिए एक शानदार योजना चला रहा है। एसबीआई की ‘स्त्री शक्ति योजना’ का मुख्य मकसद महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है।

मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े व्यवसायों के लिए इस योजना के तहत आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा, महिलाओं को लोन पर ब्याज दर में विशेष छूट भी मिलती है।

आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एसबीआई की इस योजना के तहत कितना लोन मिल सकता है, ब्याज दर में कितनी छूट मिलेगी और इसके लिए क्या-क्या खास शर्तें हैं।

कितना मिल सकता है लोन?

बिजनेस की जरूरत और उसकी वित्तीय स्थिति के आधार पर महिलाएं इस योजना के तहत ₹25 करोड़ रुपये तक का लोन हासिल कर सकती हैं।

वर्किंग कैपिटल और टर्म लोन: यह लोन बिजनेस के रोजमर्रा के खर्चों और लंबी अवधि के एसेट या मशीनरी खरीदने दोनों के लिए दिया जाता है।

बैंक का मूल्यांकन: लोन की अंतिम राशि एसबीआई आवेदक की पात्रता, बिजनेस प्लान और उसके वित्तीय स्थिति के मूल्यांकन के आधार पर तय करता है।

क्रेडिट रेटिंग: ₹2 करोड़ से अधिक के लोन के लिए लागू ब्याज दर आवेदक की क्रेडिट रेटिंग से जुड़ी हो सकती है।

ब्याज दर में मिलेगी 0.50% की विशेष छूट

महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए एसबीआई इस योजना में ब्याज दर में राहत देता है। ₹2 करोड़ रुपये तक के लोन पर महिलाओं को ब्याज दर में 0.50% (50 बीपीएस) तक की छूट मिलती है। इससे महिलाओं के बिजनेस के लिए कर्ज चुकाने की लागत काफी कम हो जाती है।

हालांकि, अंतिम ब्याज दर और अन्य शुल्क एसबीआई के प्रचलित नियमों के अनुसार ही तय होते हैं, इसलिए लोन लेने से पहले नजदीकी शाखा से सटीक दरों की जांच जरूर करें।

अन्नपूर्णा और श्रृंगार योजना से महिला उद्यमियों का संवरेगा बिजनेस

SBI अपनी ‘स्त्री शक्ति पहल’ के अंतर्गत महिलाओं के अलग-अलग कार्यक्षेत्रों की जरूरतों के आधार पर विशेष लोन योजनाएं भी उपलब्ध कराता है। इसके तहत अन्नपूर्णा योजना विशेष रूप से कैटरिंग, रेस्तरां, टिफिन सर्विस और खाद्य पदार्थों से जुड़े नए या पुराने व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

वहीं दूसरी ओर, श्रृंगार योजना ब्यूटी पार्लर, ब्यूटी सैलून और वेलनेस सेक्टर से जुड़ी महिला उद्यमियों को उनके बिजनेस के विस्तार, ब्यूटी उपकरण खरीदने और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए आसान शर्तों पर लोन की सुविधा देती है। ये दोनों ही योजनाएं महिलाओं को उनकी विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई हैं।

रीपेमेंट और मार्जिन मनी की शर्तें

लोन चुकाने की अवधि बिजनेस के आकार और लोन के प्रकार पर निर्भर करती है। टर्म लोन के लिए भुगतान की समय-सीमा 7 से 10 साल तक हो सकती है। लोन राशि के आधार पर बैंक 15% से 25% तक मार्जिन मनी की मांग कर सकता है। यानी कुल लागत का कुछ हिस्सा आवेदक को खुद लगाना होता है और बाकी रकम बैंक लोन के रूप में देता है।

आवेदन करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

अगर आप इस योजना के तहत लोन के लिए अप्लाई करने जा रही हैं, तो अपने बिजनेस प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), केवाईसी डाक्यूमेंट्स, वित्तीय रिकॉर्ड और अपने पास मौजूद मार्जिन मनी का सही हिसाब-किताब तैयार रखें। किसी भी आवेदन से पहले बैंक अधिकारी से ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और अन्य सर्विस चार्ज की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

 

Rhetan TMT की कर्ज लेने की क्षमता ₹300 करोड़ तक बढ़ाने का प्लान, शेयरों में दिखी तेजी

TMT स्टील बार बनाने वाली कंपनी Rhetan TMT ने अपनी उधार लेने की सीमा बढ़ाने की तैयारी की है। कंपनी ने 16 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में उधार लेने की सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹300 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।

कारोबार बढ़ाने के लिए बढ़ेगी उधारी की सीमा

कंपनी के मुताबिक, यह प्रस्तावित बढ़ोतरी कारोबार के विस्तार और भविष्य की फंडिंग जरूरतों के लिए की जा रही है। इससे कंपनी को ज्यादा फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगी। सामान्य कामकाज के लिए लिए जाने वाले अस्थायी बैंक लोन इस सीमा में शामिल नहीं होंगे।

Rhetan TMT का कहना है कि पिछले पांच साल में उसका प्रॉफिट 140% CAGR से बढ़ा है। उधारी की सीमा बढ़ने से कंपनी को अपनी ग्रोथ योजनाओं के लिए फंड जुटाने में मदद मिल सकती है।

1 MW का कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट शुरू

Rhetan TMT ने गुजरात के काडी स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में 1 MW का कैप्टिव ग्राउंड-माउंटेड सोलर पावर प्रोजेक्ट भी शुरू कर दिया है। इससे कंपनी अपनी बिजली जरूरतों का एक हिस्सा रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा करेगी।

कंपनी की कुल लागत में एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 20% है। ऐसे में कैप्टिव सोलर पावर से लंबे समय में बिजली खर्च पर बेहतर नियंत्रण और ऑपरेशनल क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

हाई-ग्रेड TMT प्रोडक्ट्स पर भी फोकस

कंपनी को Fe500D, Fe550 और Fe550D ग्रेड के लिए BIS सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। इससे कंपनी को इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन सेक्टर की ज्यादा वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

मैनेजिंग डायरेक्टर शालिन शाह ने कहा कि सोलर पावर प्रोजेक्ट कंपनी की एनर्जी इकोनॉमिक्स को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। कंपनी अब मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, लागत पर नियंत्रण और प्रोडक्ट रेंज मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

Rhetan TMT का शेयर बुधवार को 9.94% की तेजी के साथ 21.02 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1.67 हजार करोड़ रुपये है।

Zerodha संभालेगी IPO का काम! SEBI ने मर्चेंट बैंकर बनने का रास्ता किया साफ

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की ‘GIDC एम्नेस्टी स्कीम’

GIDC प्लॉट धारकों के लिए बड़ी राहत: राज्य सरकार ने घोषित की 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम'

Bhupendra Patel

उद्योगपतियों को राहत देने, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और औद्योगिक विकास को गति देने के दृष्टिकोण के साथ राज्य सरकार उद्योग क्षेत्र के लिए पारदर्शी और विकासोन्मुख प्रशासन प्रदान करने के लिए लगातार कार्यरत है। GIDC के प्लॉट धारकों द्वारा औद्योगिक प्लॉट या शेड के हस्तांतरण (ट्रांसफर) के समय पंजीकृत लीज डीड करने के बजाय केवल अलॉटमेंट लेटर या सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट दिए जाते थे। इसके कारण पूर्व प्लॉट धारकों द्वारा अधिकांश मामलों में स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं किया गया था। ALSO READ: गुजरात विधानसभा का 3 दिवसीय मानसून सत्र 9 सितंबर से: पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि के बाद शुरू होगी कार्यवाही

 

गुजरात स्टांप अधिनियम में संशोधन और जुर्माना के प्रावधान

राज्य सरकार ने दिनांक 02/04/2025 से गुजरात स्टांप अधिनियम, 1958 में समेकित संशोधन किए हैं। इसके तहत धारा-39(1)(ख) के अनुसार, यदि कोई पक्षकार स्वेच्छा से मूल दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो हस्ताक्षर की तिथि से प्रति माह 2% साधारण ब्याज के साथ बकाया स्टांप ड्यूटी के 4 गुना से अधिक न हो उतना जुर्माना वसूला जाएगा। यदि सरकारी तंत्र द्वारा जांच के दौरान दस्तावेज जब्त किया जाता है, तो प्रति माह 3% साधारण ब्याज के साथ 6 गुना से अधिक न हो उतना जुर्माना वसूलने का प्रावधान 10/04/2025 से लागू हुआ है। 

 

वर्तमान मालिकों पर वित्तीय बोझ

इन कानूनी प्रावधानों के परिणामस्वरूप जब वर्तमान मालिक को बैंक लोन या किसी अन्य सरकारी आवश्यकता के लिए पंजीकृत लीज डीड करानी होती है, तब पिछले सभी अनरजिस्टर्ड सौदों की बकाया स्टांप ड्यूटी, भारी जुर्माना और ब्याज के साथ भरने का अत्यधिक वित्तीय बोझ उन पर आ पड़ता है। ALSO READ: Gen Z के मुद्दों पर विपक्ष को जवाब देंगे पीएम मोदी: 11 साल बाद वडोदरा में युवाओं के बीच भरेंगे हुंकार

 

GIDC एम्नेस्टी स्कीम की घोषणा

इस संदर्भ में राज्य के उद्योगपतियों और GIDC एसोसिएशंस की ओर से मिले ज्ञापनों पर संवेदनशीलता से प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने GIDC प्लॉटों के पिछले हस्तांतरण सौदों में बकाया स्टांप ड्यूटी और पेनल्टी के बोझ से पात्र MSME उद्योगों को राहत देने के लिए 'GIDC एम्नेस्टी स्कीम' लागू करने का निर्णय लिया है।
 

GIDC एम्नेस्टी स्कीम क्या है?

अतीत में प्लॉट या शेड के आवंटन के समय पंजीकृत दस्तावेज के बजाय केवल अलॉटमेंट लेटर या सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट किए जाने के कारण स्टांप ड्यूटी का भुगतान नहीं हो सका था। वर्तमान मालिकों को नए दस्तावेज के पंजीकरण के समय खड़े होने वाले भारी जुर्माने के प्रश्न का व्यावहारिक समाधान प्रदान करने के लिए यह एम्नेस्टी योजना शुरू की गई है। 

 

MSME उद्योगपतियों को 80% तक स्टांप ड्यूटी में राहत

इस योजना के तहत पात्र मामलों में लागू स्टांप ड्यूटी में से 80% तक की राशि माफ करके केवल 20% स्टांप ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूल की जाएगी। हालांकि, जिन मामलों में 20% स्टांप ड्यूटी और पेनल्टी की कुल राशि मूल स्टांप ड्यूटी से कम होती है, वहां मूल स्टांप ड्यूटी के बराबर राशि वसूल कर राहत का लाभ दिया जाएगा। 

 

योजना के लिए पात्रता मानदंड (किसे मिलेगा लाभ?)

इस स्कीम का लाभ मुख्य रूप से वैध उद्यम प्रमाणपत्र (Udyam Certificate) रखने वाली MSME इकाइयों को मिलेगा। इस योजना के तहत दिनांक 30 जून, 2025 तक हुए पात्र अलॉटमेंट लेटर, शेयर ट्रांसफर, लीज/सब-लीज और संपत्ति हस्तांतरण से संबंधित सौदों को शामिल किया जाएगा। ALSO READ: किसानों के लिए बड़ी राहत, गुजरात सरकार ने बढ़ाई कृषि उपकरण खरीद की समय सीमा, अब 15 दिन का और मौका

 

दस्तावेज का पंजीकरण और अपील/कोर्ट मामलों में राहत

राहत का लाभ उठाने वाले वर्तमान आवंटी को निर्धारित 20% ड्यूटी और पेनल्टी का भुगतान करके संबंधित संपत्ति का कानूनी पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, जहां सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपील की गई हो और 25% राशि जमा की गई हो या कोर्ट में याचिका लंबित हो, वहां याचिका वापस लेने की शर्त पर निर्धारित नियमों के अधीन योजना का लाभ मिलेगा। 

 

01 जनवरी, 2018 से पहले और बाद के सौदों के लिए राहत

दिनांक 01/01/2018 से पहले हुए हस्तांतरणों के मामलों में अंतिम हस्तांतरण के दस्तावेज के बाजार मूल्य के आधार पर निर्धारित स्टांप ड्यूटी में 80% की राहत देकर 20% ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूल की जाएगी। इसके अलावा, दिनांक 01/01/2018 को या उसके बाद हुए उन सभी हस्तांतरणों में जहां स्टांप ड्यूटी देय बनती है, वहां भी 80% राहत देकर 20% ड्यूटी और लागू पेनल्टी वसूलने का प्रस्ताव है।

ट्रम्प ने बोइंग डील के लिए बांग्लादेश को शुक्रिया कहा:PM से बोले- ये फाइटर जेट आपको निराश नहीं करेगा, मैं भी याद रखूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को पत्र लिखकर बोइंग विमान खरीदने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। बांग्लादेश PM तारिक रहमान के नाम से 31 अगस्त को लिखी इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री, मुझे बोइंग विमान खरीदने से संबंधित आपकी चिट्ठी मिली। मैं इस फैसले की बहुत तारीफ करता हूं। बोइंग आपको निराश नहीं करेगा और मैं भी इसे नहीं भूलूंगा। मैं आपसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं। अमेरिका से 25 बोइंग प्लेन खरीदने की तैयारी में बांग्लादेश बांग्लादेश के पास अभी 14 बोइंग प्लेन हैं। बांग्लादेश ने अप्रैल 2026 में 14 नए बोइंग विमान का ऑर्डर भी दिया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 30 अगस्त को बताया था कि ट्रम्प और रहमान के बीच बोइंग विमानों को लेकर बड़ी डील हुई है। इसके तहत बांग्लादेश 25 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी टैरिफ से राहत पाने के लिए डील हुई बांग्लादेश की बोइंग खरीद सिर्फ अपनी एयरलाइन का बेड़ा बढ़ाने की योजना नहीं है। इसका एक बड़ा मकसद अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी टैरिफ में राहत पाना भी है। इसी वजह से बोइंग विमान खरीदने का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों से भी जुड़ गया है। जब अमेरिका ने बांग्लादेश के सामान पर 37% टैरिफ लगाने की बात कही, तो बांग्लादेश ने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान बोइंग से 25 विमान खरीदने की बात सामने आई। बाद में बांग्लादेश ने बोइंग के 14 विमानों का सौदा पक्का किया। इसकी कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर है। इसमें 8 बोइंग 787-10, 2 बोइंग 787-9 और 4 बोइंग 737-8 MAX विमान शामिल हैं। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में अमेरिका का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक भी मदद करेगा। बैंक लोन की व्यवस्था करेगा और बांग्लादेश सरकार इस लोन की गारंटी देगी। ट्रम्प के दौर में हुईं बड़ी बोइंग डील ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में बांग्लादेश के अलावा कम से कम 6 देशों ने अमेरिका से बोइंग के विमान खरीदने का ऐलान किया है। 1. सऊदी अरब: मई 2025 में ट्रम्प की सऊदी अरब यात्रा के दौरान सऊदी कंपनी एविलीज ने बोइंग के 20 विमान खरीदने का पक्का ऑर्डर दिया। कंपनी ने 10 और विमान खरीदने का विकल्प भी रखा। 2. कतर: मई 2025 में ट्रम्प की कतर यात्रा के दौरान कतर एयरवेज और बोइंग के बीच 210 विमानों तक का समझौता हुआ। व्हाइट हाउस ने इसे दोनों देशों के बीच बड़े आर्थिक समझौतों का हिस्सा बताया। 3. इंडोनेशिया: जुलाई 2025 में अमेरिका से 50 बोइंग विमान खरीदने का वादा किया। इसके बदले अमेरिका ने इंडोनेशियाई सामान पर टैरिफ में कटौती की। 4. जापान: जुलाई 2025 में अमेरिका-जापान व्यापार समझौते के तहत जापान ने 100 प्लेन खरीदने की बात कही। इनमें बोइंग विमान शामिल हैं। 5. चीन: मई 2026 में ट्रम्प ने कहा कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। बाद में बोइंग ने भी इसकी पुष्टि की। 6. साउथ कोरिया: अगस्त 2025 में साउथ कोरिया ने 103 बोइंग विमान खरीदने का ऐलान किया। इसके बाद ट्रम्प ने उन पर लगा 25% टैरिफ घटाकर 10% कर दिया। ——————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…

ट्रम्प ने बोइंग डील के लिए बांग्लादेश को शुक्रिया कहा:PM से बोले- ये फाइटर जेट आपको निराश नहीं करेगा, मैं भी याद रखूंगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारीक रहमान को पत्र लिखकर बोइंग विमान खरीदने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया है। बांग्लादेश PM तारिक रहमान के नाम से 31 अगस्त को लिखी इस चिट्ठी में ट्रम्प ने लिखा, प्रिय प्रधानमंत्री, मुझे बोइंग विमान खरीदने से संबंधित आपकी चिट्ठी मिली। मैं इस फैसले की बहुत तारीफ करता हूं। बोइंग आपको निराश नहीं करेगा और मैं भी इसे नहीं भूलूंगा। मैं आपसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं। अमेरिका से 25 बोइंग प्लेन खरीदने की तैयारी में बांग्लादेश बांग्लादेश के पास अभी 14 बोइंग प्लेन हैं। बांग्लादेश ने अप्रैल 2026 में 14 नए बोइंग विमान का ऑर्डर भी दिया था। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने 30 अगस्त को बताया था कि ट्रम्प और रहमान के बीच बोइंग विमानों को लेकर बड़ी डील हुई है। इसके तहत बांग्लादेश 25 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी में है। अमेरिकी टैरिफ से राहत पाने के लिए डील हुई बांग्लादेश की बोइंग खरीद सिर्फ अपनी एयरलाइन का बेड़ा बढ़ाने की योजना नहीं है। इसका एक बड़ा मकसद अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करना और अमेरिकी टैरिफ में राहत पाना भी है। इसी वजह से बोइंग विमान खरीदने का मुद्दा दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों से भी जुड़ गया है। जब अमेरिका ने बांग्लादेश के सामान पर 37% टैरिफ लगाने की बात कही, तो बांग्लादेश ने अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान बोइंग से 25 विमान खरीदने की बात सामने आई। बाद में बांग्लादेश ने बोइंग के 14 विमानों का सौदा पक्का किया। इसकी कीमत करीब 3.7 अरब डॉलर है। इसमें 8 बोइंग 787-10, 2 बोइंग 787-9 और 4 बोइंग 737-8 MAX विमान शामिल हैं। पहला विमान नवंबर 2031 में मिलने की उम्मीद है। इस सौदे में अमेरिका का एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक भी मदद करेगा। बैंक लोन की व्यवस्था करेगा और बांग्लादेश सरकार इस लोन की गारंटी देगी। ट्रम्प के दौर में हुईं बड़ी बोइंग डील ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में बांग्लादेश के अलावा कम से कम 6 देशों ने अमेरिका से बोइंग के विमान खरीदने का ऐलान किया है। 1. सऊदी अरब: मई 2025 में ट्रम्प की सऊदी अरब यात्रा के दौरान सऊदी कंपनी एविलीज ने बोइंग के 20 विमान खरीदने का पक्का ऑर्डर दिया। कंपनी ने 10 और विमान खरीदने का विकल्प भी रखा। 2. कतर: मई 2025 में ट्रम्प की कतर यात्रा के दौरान कतर एयरवेज और बोइंग के बीच 210 विमानों तक का समझौता हुआ। व्हाइट हाउस ने इसे दोनों देशों के बीच बड़े आर्थिक समझौतों का हिस्सा बताया। 3. इंडोनेशिया: जुलाई 2025 में अमेरिका से 50 बोइंग विमान खरीदने का वादा किया। इसके बदले अमेरिका ने इंडोनेशियाई सामान पर टैरिफ में कटौती की। 4. जापान: जुलाई 2025 में अमेरिका-जापान व्यापार समझौते के तहत जापान ने 100 प्लेन खरीदने की बात कही। इनमें बोइंग विमान शामिल हैं। 5. चीन: मई 2026 में ट्रम्प ने कहा कि चीन 200 बोइंग विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। बाद में बोइंग ने भी इसकी पुष्टि की। 6. साउथ कोरिया: अगस्त 2025 में साउथ कोरिया ने 103 बोइंग विमान खरीदने का ऐलान किया। इसके बाद ट्रम्प ने उन पर लगा 25% टैरिफ घटाकर 10% कर दिया। ट्रम्प बोइंग विमान खरीदने पर क्यों जोर देते हैं अमेरिका में बड़े यात्री विमान बनाने वाली मुख्य कंपनी बोइंग ही है। वहां दूसरी विमान कंपनियां भी हैं, लेकिन वे ज्यादातर सैन्य या छोटे विमानों के कारोबार में हैं। बड़े यात्री विमानों के मामले में बोइंग ही अमेरिका की बड़ी कंपनी है और उसका सबसे बड़ा मुकाबला यूरोप की एयरबस से है। ट्रम्प की व्यापार नीति का सबसे बड़ा मकसद ही यही है कि दूसरे देश अमेरिका से ज्यादा से ज्यादा सामान खरीदें। इससे अमेरिका का व्यापार घाटा कम हो सकता है और अमेरिकी कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल सकते हैं। यहां बोइंग बहुत काम आती है, क्योंकि एक यात्री विमान की कीमत ही करोड़ों डॉलर होती है। अगर कोई देश 50, 100 या 200 विमान खरीदने का सौदा करता है तो अमेरिका से होने वाली खरीद का आंकड़ा एक झटके में अरबों डॉलर बढ़ जाता है। इसका फायदा सिर्फ बोइंग को नहीं मिलता। इनके निर्माण से वहां की फैक्ट्रियों, इंजीनियरों और दूसरे कामगारों को रोजगार मिलता है। उदाहरण के लिए, व्हाइट हाउस ने दक्षिण कोरिया की 103 बोइंग विमानों की डील को करीब 36.2 अरब डॉलर का बताया और कहा कि इससे अमेरिका में करीब 1.35 लाख नौकरियों को मदद मिलेगी। ——————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…