SBI की 444 दिनों की स्पेशल FD स्कीम! जानें ₹5 लाख और ₹10 लाख फिक्स कराने पर कितना मिलेगा रिटर्न

SBI Amrit Vrishti Scheme: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की स्पेशल फिक्स्ड डिपॉजिट योजना ‘अमृत वृष्टि’ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय है। अगर आप सुरक्षित जगह पर निवेश करके शानदार रिटर्न पाना चाहते हैं, तो यह खास 444 दिनों की योजना आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। बैंक की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जानिए इस स्पेशल टेन्योर स्कीम की हर एक जरूरी बात।

ब्याज दरें: किसे कितना मिलेगा फायदा?

इस योजना के तहत अलग-अलग आयु वर्ग के निवेशकों के लिए ब्याज दरें तय की गई हैं:

  1. आम नागरिक: 6.45% सालाना
  2. वरिष्ठ नागरिक: 6.95% सालाना (सामान्य नागरिकों से 0.50% ज्यादा)
  3. सुपर सीनियर सिटीजन (80 वर्ष से अधिक): 7.05% सालाना

स्कीम की मुख्य विशेषताएं और नियम

अवधि: इस एफडी की मैच्योरिटी अवधि ठीक 444 दिन (करीब 14.5 महीने) तय की गई है।

न्यूनतम और अधिकतम राशि: इस योजना में रिटेल डिपॉजिट के तहत ₹1,000 से निवेश की शुरुआत की जा सकती है, और अधिकतम राशि ₹3 करोड़ से कम होनी चाहिए।

कौन कर सकता है निवेश: भारत के सामान्य नागरिक, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और अनिवासी भारतीय (NRIs) इसमें निवेश के पात्र हैं।

ब्याज भुगतान के विकल्प: निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार ब्याज का भुगतान मासिक, त्रैमासिक, छमाही या सीधे मैच्योरिटी के समय ले सकते हैं।

लोन सुविधा: जरूरत पड़ने पर निवेशकों को इस एफडी पर लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी मिलती है।

प्री-मैच्योर विड्रॉल यानी समय से पहले पैसे निकासी के नियम

अगर आपको मैच्योरिटी से पहले पैसों की जरूरत पड़ जाती है और आप एफडी तुड़वाते हैं, तो बैंक नियमों के तहत पेनल्टी काटता है:

₹5 लाख तक की राशि पर: 0.50% की पेनल्टी।

₹5 लाख से ₹3 करोड़ से कम राशि पर: 1.0% की पेनल्टी।

खास छूट: अगर एफडी को बुक करने के 7 दिनों के भीतर बंद किया जाता है, तो कोई ब्याज नहीं मिलता है। हालांकि, बैंक के कर्मचारियों और पेंशनर्स को इस पेनल्टी से छूट दी गई है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन?

SBI की इस योजना का लाभ उठाने के लिए निवेशकों को बैंक जाने की भी जरूरत नहीं है, इसे घर बैठे ऑनलाइन भी शुरू किया जा सकता है:

  • SBI YONO App के जरिए।
  • एसबीआई की आधिकारिक इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल से।
  • अपने नजदीकी एसबीआई की किसी भी शाखा में जाकर फॉर्म भरकर।

₹5 लाख और ₹10 लाख की FD पर कितना मिलेगा रिटर्न

एसबीआई की 444 दिनों वाली ‘अमृत वृष्टि’ एफडी में अगर आप 5 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो 6.45% सालाना ब्याज दर के हिसाब से आम नागरिकों को मैच्योरिटी पर लगभग ₹39,800 से ₹40,000 का ब्याज मिलेगा, जिससे कुल रकम बढ़कर करीब ₹5.40 लाख हो जाएगी; वहीं 6.95% की दर से वरिष्ठ नागरिकों को कुल ₹43,000 से ₹43,200 तक का रिटर्न मिलेगा, जिससे उनकी कुल रकम ₹5.43 लाख के पार पहुंच जाएगी।

इस स्कीम में ₹10 लाख की FD करने पर 6.45% सालाना चक्रवर्ती ब्याज दर के हिसाब से आम नागरिकों को मैच्योरिटी पर लगभग ₹80,000 से ₹80,500 तक का शुद्ध रिटर्न मिलेगा (कुल मैच्योरिटी रकम करीब ₹10.80 लाख हो जाएगी); वहीं 6.95% सालाना ब्याज दर के साथ वरिष्ठ नागरिकों को कुल ₹86,500 से ₹87,000 तक का ब्याज प्राप्त होगा, जिससे 444 दिनों बाद उनकी कुल जमा रकम बढ़कर लगभग ₹10.87 लाख पहुंच जाएगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI की धांसू स्कीम! बिना किसी रिस्क के मिलेगी पक्की मंथली इनकम, मैच्योरिटी पर 110% रिफंड भी!

SBI Life Smart Platina Plus: एसबीआई लाइफ का ‘स्मार्ट प्लैटिनम प्लस’ एक नॉन-लिंक्ड सेविंग्स प्लान है, जो बिना किसी मार्केट रिस्क के गारंटीड रिटर्न और लाइफ कवर देता है। सुरक्षित और तयशुदा इनकम के जरिए अपने लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

अगर आप बिना किसी मार्केट रिस्क के एक तयशुदा और सुरक्षित इनकम का जरिया तलाश रहे हैं, तो यह प्लान आपके फाइनेंशियल गोल्स को पूरा करने में बेहद मददगार साबित हो सकता है।

SBI Life स्मार्ट प्लैटिनम प्लस की मुख्य विशेषताएं

इस पॉलिसी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके रिटर्न पूरी तरह फिक्स और कॉन्ट्रैक्टुअल होते हैं, यानी शेयर बाजार की चाल का इस पर कोई असर नहीं पड़ता है। आइए जानते हैं इसके जरूरी नियम और फीचर्स:

प्लान टाइप: यह एक नॉन-लिंक्ड और नॉन-पार लाइफ इंश्योरेंस सेविंग्स प्लान है।

इनकम विकल्प: इसमें दो मुख्य विकल्प मिलते हैं- पहला ‘गारंटीड इनकम ऑप्शन’ (रेगुलर फिक्स इनकम के लिए) और दूसरा ‘लाइफ इनकम ऑप्शन’ (पेआउट पीरियड के दौरान रेगुलर गारंटीड इनकम)।

प्रीमियम भुगतान अवधि (PPT): पॉलिसीधारक अपनी सुविधा के अनुसार 6, 7, 8 या 10 साल के लिए प्रीमियम का भुगतान चुन सकते हैं।

न्यूनतम वार्षिक प्रीमियम: इस योजना का लाभ उठाने के लिए न्यूनतम सालाना प्रीमियम ₹50,000 तय किया गया है।

न्यूनतम सम एश्योर्ड: प्लान के तहत न्यूनतम बीमा राशि ₹5,50,000 है।

पेआउट फ्रीक्वेंसी: निवेशक अपनी जरूरत के हिसाब से इनकम का भुगतान सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक आधार पर ले सकते हैं।

मैच्योरिटी और डेथ बेनिफिट्स

मैच्योरिटी बेनिफिट: पॉलिसी की अवधि पूरी होने पर, निवेशक को कुल चुकाए गए प्रीमियम का 110% हिस्सा रिफंड कर दिया जाता है।

डेथ बेनिफिट: पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु होने पर नॉमिनी को एकमुश्त डेथ बेनिफिट मिलता है। इसके अलावा, गारंटीड इनकम विकल्प के तहत कमेंसमेंट के बाद भी पेआउट मिलने का प्रावधान जारी रह सकता है।

पॉलिसी लोन सुविधा: वित्तीय आपातकाल के समय पॉलिसीधारक सरेंडर वैल्यू जो कम से कम 2 साल के पूरे प्रीमियम भुगतान के बाद मिलती है उसके 50% तक का लोन ले सकते हैं।

ऑप्शनल राइडर्स: सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए इसमें एसबीआई लाइफ एक्सीडेंटल बेनिफिट राइडर (एक्सीडेंटल डेथ / आंशिक विकलांगता) और एसबीआई लाइफ वेवर ऑफ प्रीमियम राइडर जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

नई कंपनी ज्वाइन करने जा रहे हैं? तो पहले उसके बारे में जरूर पता कर लें

नई कंपनी ज्वाइन करने से पहले उसके बारे में जरूरी बातें जान लेना जरूरी है। खासकर उसकी वित्तीय स्थिति, मैनेजमेंट और लीडरशिप के बारे में जान लेना फायदेमंद है। कई बार एंप्लॉयी ज्यादा पैकेज के लिए जॉब करते हैं। लेकिन, नई कंपनी ज्वाइन करने के बाद उन्हें पता चलता है कि कंपनी की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। अब आप घर बैठे ऑनलाइन किसी कंपनी की कुंडली निकाल सकते हैं। आप सिर्फ 449 रुपये की फीस चुकाकर किसी कंपनी के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

कंपनी की वेबसाइट पर कुछ जानकारियां फ्री में उपलब्ध

Probe42 भारत में रजिस्टर्ड कंपनियों के बारे में कई तरह का जानकारियां ऑफर करती है। बेंगलुरु की यह कंपनी किसी कंपनी की वित्तीय जानकारी, उसके मैनेजमेंट, उसके बिजनेस सहित कई जानकारियां अपने क्लाइंट्स को उपलब्ध कराती है। कंपनी की वेबसाइट पर कुछ जानकारियां फ्री उपलब्ध हैं। कुछ जानकारियों के लिए फीस चुकानी पड़ती है।

देश के 25 बड़े बैंक कर रहे सर्विसेज का इस्तेमाल

देश के कई बड़े बैंक और उनके डिपार्टमेंट्स प्रोब42 की सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित देश के 25 बड़े बैंक शामिल हैं। बैंक किसी कंपनी को लोन देने से पहले उसका क्रेडिट एसेसमेंट, फाइनेंशियल स्टेटस और मैनेजमेंट के बारे में जानकारी हासिल करते हैं। वे अपने पैसे की सुरक्षा के लिए ऐसा करते हैं। किसी गलत या फर्जी कंपनी को दिया गया लोन डूब सकता है।

एंप्लॉयी नई कंपनी ज्वाइन करने से पहले उसके बारे में पता कर सकता है

एंप्लॉयी और इनवेस्टर भी किसी कंपनी को ज्वाइन करने या उसमें निवेश करने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी प्रोब42 से हासिल कर सकते हैं। इससे आगे किसी तरह की दिक्कत की आशंका नहीं रह जाती है। खासकर कंपनी की वित्तीय स्थिति की जानकारी मिल जाने पर एंप्लॉयी या इनवेस्टर आश्वस्त हो जाता है।

कंपनी का अब रिटेल कस्टमर्स को भी सेवाएं उपलब्ध करा रही है

कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर प्रह्लाद कृष्णमूर्ति ने बताया कि कंपनी का फोकस अब तक बी2बी कस्टमर्स पर रहा है। लेकिन, अब कंपनी रिटेल कस्टमर्स को भी टारगेट कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी की पूरी सर्विस ऑनलाइन है। ग्राहक घर बैठे प्रोब42 के जरिए किसी कंपनी के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर सकता है। ये सभी जानकारियां सरकार की अलग-अलग वेबसाइट से जुटाई जाती हैं, जिन्हें कंप्लायंस के तहत कंपनी ने फाइल किया होता है।

SBI ETF: आज से खुला SBI का नया डिफेंस ETF, जानिए NFO, निवेश राशि और जोखिम की पूरी डिटेल

SBI BSE India Defence ETF: डिफेंस सेक्टर में निवेश की बढ़ती दिलचस्पी के बीच एसबीआई म्यूचुअल फंड ने अपने नए इंडेक्स-ट्रैकिंग फंड ‘SBI BSE India Defence ETF’ के लॉन्च की घोषणा की है। इस NFO में निवेश की शुरुआत आज, 13 अक्टूबर 2026 से हो चुकी है और निवेशक 19 अक्टूबर 2026 तक इसमें सब्स्क्रिप्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यह एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) है, जो मुख्य रूप से BSE India Defence Index को ट्रैक करेगा और ट्रैकिंग एरर के अधीन रहते हुए इंडेक्स के समान टोटल रिटर्न देने का लक्ष्य रखेगा।

कैसा होगा एसेट एलोकेशन?

एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा जारी स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्यूमेंट के मुताबिक, फंड का एसेट एलोकेशन इस प्रकार रहेगा:

95% से 100% हिस्सा: बीएसई इंडिया डिफेंस इंडेक्स में शामिल रक्षा क्षेत्र की कंपनियों के सिक्योरिटीज/शेयरों में निवेश किया जाएगा।

0% से 5% हिस्सा: सरकारी प्रतिभूतियों, स्टेट डेवलपमेंट लोन्स, ट्रेजरी बिल्स, ट्राई-पार्टी रेपो और लिक्विड म्यूचुअल फंड यूनिट्स में लगाया जाएगा।

निवेश की शर्तें और फंड मैनेजर

यह एक पैसिवली मैनेज्ड फंड है। इसमें फंड मैनेजर एक्टिवली स्टॉक सिलेक्शन करने के बजाय सीधे इंडेक्स की कंपनियों में आनुपातिक निवेश करेगा। इस स्कीम के फंड मैनेजर वायरल छड़वा है। वे दिसंबर 2020 से एसबीआई म्यूचुअल फंड से जुड़े हुए हैं और कई पैसिव स्कीम्स की देखरेख करते हैं।

एक ही सेक्टर में केंद्रित होने के कारण इस फंड का रिस्क मीटर ‘वेरी हाई’ श्रेणी में रखा गया है। निवेशकों पर रक्षा क्षेत्र और संबंधित कंपनियों के शेयर उतार-चढ़ाव का सीधा असर पड़ेगा।

NFO की मुख्य बातें

पैरामीटर विवरण
फंड का नाम SBI BSE India Defence ETF
स्कीम का प्रकारओपन-एंडेड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF)
अंडरलाइंग इंडेक्सBSE India Defence Index
एनएफओ की तारीख13 अक्टूबर 2026 से 19 अक्टूबर 2026
ऑफर प्राइस₹10.00 प्रति यूनिट
न्यूनतम निवेश₹5,000 (इसके बाद ₹1,000 के गुणक में)
फंड मैनेजरवायरल छड़वा
रिस्क रेटिंगवेरी हाई

निवेशकों के लिए क्या है खास?

अगर आप डिफेंस क्षेत्र की कंपनियों के प्रदर्शन का सीधा फायदा उठाना चाहते हैं और किसी एक शेयर में जोखिम लेने के बजाय पूरे इंडेक्स में डायवर्सिफाइड निवेश की तलाश में हैं, तो यह ETF एक विकल्प हो सकता है। वैसे चूंकि यह एक थीमैटिक/सेक्टोरल फंड है, इसलिए इसमें सामान्य डायवर्सिफाइड इक्विटी फंड्स की तुलना में जोखिम अधिक रहता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SBI Safe Schemes: बिना कोई रिस्क के बैंक FD से ज्यादा रिटर्न! बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 बेस्ट स्कीम्स

SBI Safe Savings Schemes: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), अपने ग्राहकों को एफडी के अलावा ऐसी कई स्मॉल सेविंग्स और सरकारी बचत योजनाएं पेश करता है, जहां आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी सामान्य बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा मिलता है।

अगर आप शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहकर गारंटीड और टैक्स-फ्री या टैक्स-एफिशिएंट रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो एसबीआई के जरिए मिलने वाली ये 3 सरकारी योजनाएं बेहतरीन विकल्प हैं। आइए जानते हैं इन 3 सबसे सेफ स्कीम्स की ब्याज दरों, शर्तों और मिलने वाले फायदों के बारे में।

1. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SBI SCSS): वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सहारा

अगर आपकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है, तो साधारण एफडी कराने के बजाय एसबीआई के जरिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम(SCSS) में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है।

एफडी से ज्यादा ब्याज: जहां एसबीआई सामान्य 5-वर्षीय एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को करीब 7.05% ब्याज दर देता है, वहीं SCSS में 8.20% की गारंटीड ब्याज दर मिलती है।

तिमाही आय: इसमें जमा राशि पर हर 3 महीने (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी) में ब्याज का भुगतान सीधे आपके एसबीआई बचत खाते में कर दिया जाता है।

अधिकतम निवेश: इस योजना में अधिकतम ₹30 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत इसमें किए गए निवेश पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है।

2. सुकन्या समृद्धि योजना (SBI SSY): बेटियों के भविष्य के लिए 100% टैक्स-फ्री रिटर्न

अगर आपके घर में 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी है, तो एसबीआई शाखा या YONO ऐप के जरिए खोला गया सुकन्या समृद्धि अकाउंट बैंक एफडी के मुकाबले कहीं बेहतर रिटर्न देता है।

धमाकेदार रिटर्न: वर्तमान में इस योजना पर सरकार 8.20% सालाना की दर से चक्रवृद्धि ब्याज दे रही है।

EEE टैक्स स्टेटस: यह योजना Exempt-Exempt-Exempt (EEE) श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें जमा राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी रकम 100% टैक्स-फ्री होती है।

निवेश की सीमा: एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।

3. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (SBI PPF): बिना किसी रिस्क के लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन

लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स या रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड(PPF) देश की सबसे पसंदीदा और सुरक्षित योजनाओं में से एक है।

सरकारी गारंटी और स्थिर रिटर्न: इसमें मिलने वाला 7.10% सालाना ब्याज (जो कि सालाना आधार पर कंपाउंड होता है) सामान्य 5 से 10 साल की बैंक एफडी (6.05% – 6.45%) से काफी बेहतर है।

टैक्स फ्री मैच्योरिटी: सुकन्या योजना की तरह PPF भी पूरी तरह से EEE कैटेगरी में आता है, यानी इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह से इनकम टैक्स से मुक्त होता है।

फ्लेक्सिबिलिटी: इसे 15 साल की लॉक-इन अवधि के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें न्यूनतम ₹500 से निवेश शुरू किया जा सकता है।

बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 सबसे सेफ स्कीम्स

बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 सबसे सेफ स्कीम्स

एसबीआई में कैसे करें इन स्कीम्स में अप्लाई?

इन तीनों ही योजनाओं में निवेश करना बेहद आसान है:

ऑनलाइन माध्यम: अगर आप SBI के इंटरनेट बैंकिंग या YONO SBI ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो बिना ब्रांच गए ‘E-Services / Govt Schemes’ सेक्शन में जाकर PPF या सुकन्या खाता खोल सकते हैं।

ऑफलाइन माध्यम: आप अपनी नजदीकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक न्यूनतम राशि के साथ जाकर तुरंत खाता खुलवा सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: सात हफ्ते टूटकर संभलेगा मार्केट! आज 3 लिस्टिंग्स और Fortis समेत 11 शेयर फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुले रुझानों के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज 28 सितंबर को घरेलू स्टॉक मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 76.00 प्वाइंट्स यानी 0.33% की गिरावट के साथ 23,112.00 पर है। एक कारोबारी दिन पहले 25 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 315.20 प्वाइंट्स यानी 0.43% की बढ़त के साथ 73,895.74 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 77.40 प्वाइंट्स यानी 0.34% की तेजी के साथ 23,140.50 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

Clean Max Enviro Energy Solutions

सीएनबीसी-टीवी18 की सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट के मुताबिक ऑगमेंट इंडिया I होल्डिंग्स एलएलसी क्लीन मैक्स एंवायरों एनर्जी सॉल्यूशंस के 85 लाख शेयर (7.25% हिस्सेदारी) बेच सकती है। इस ऑफर का साइज ₹1,062.8 करोड़ और फ्लोर प्राइस प्रति शेयर ₹1,250 तय किया गया है। जून 2026 तक कंपनी में ऑगमेंट इंडिया की हिस्सेदारी 9.5% थी।

Unichem Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने यूनिकेम लैब की गोवा के पिलर्ने में स्थित फॉर्म्यूलेशन फैसिलिटी की 21-26 सितंबर, 2026 के बीच जांच की, जिसके बाद पांच ऑब्जर्वेशन जारी हुए।

Zydus Lifesciences

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने अमेरिका के न्यू जर्सी में जाइडस लाइफसाइंसेज के ऑफिस में फार्माकोविजिलेंस और पोस्ट-मार्केटिंग सर्विलांस सिस्टम का ऑन-साइट इंस्पेक्शन किया। यह इंस्पेक्शन 22 से 25 सितंबर, 2026 के बीच हुआ और इसमें कोई ऑब्जर्वेशन नहीं मिला

Wheels India

व्हील्स इंडिया ने 25 सितंबर को अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) इश्यू बंद किया और प्रति शेयर ₹2,088 के भाव पर 11.97 लाख शेयरों के अलॉटमेंट को मंजूरी दी। इश्यू प्राइस प्रति शेयर ₹2,197.10 के फ्लोर प्राइस से ₹109.10 डिस्काउंट पर है। इस इश्यू के तहत आदिक्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी, एसबीआई म्यूचुअल फंड, व्हाइटओक कैपिटल और अशोक इंडिया इक्विटी इंवेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे निवेशकों ने पैसे डाले।

Aequs

एक्वस के बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप के सदस्य मेलवुड ट्रस्टी सर्विसेज को 2.8 करोड़ तक के वारंट के प्रेफरेंशियल इश्यू को मंजूरी दी है, जिसकी कुल वैल्यू लगभग ₹650 करोड़ है। इसमें से ₹325 करोड़ तो वारंट के अलॉटमेंट के समय तुरंत चुकाने होंगे, जो इश्यू साइज का 50% और रेगुलेटरी मिनिमम का दोगुना है। बाकी रकम वारंट के इस्तेमाल यानी एक्सरसाइज के समय चुकानी होगी।

Signatureglobal (India)

सिग्नेचरग्लोबल ने गुरुग्राम के फर्रुखनगर में लगभग 194.22 एकड़ जमीन हासिल की। इससे उसके डेवलपमेंट पाइपलाइन में लगभग 67.7 करोड़ स्क्वेयर फुट का डेवलप करने लायक एरिया जुड़ गया है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) लगभग ₹5,500-₹6,000 करोड़ है।

Prestige Estates Projects

प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स की सब्सिडियरी प्रेस्टीज हॉस्पिटैलिटी वेंचर्स (PHVL) ने रणनीतिक कारणों और मार्केट की अनिश्चित स्थितियों का हवाला देते हुए अपने आईपीओ का ड्राफ्ट यानी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) वापस लेने का फैसला किया है। बाद में यह फिर आईपीओ के लिए सेबी के पास नया ड्राफ्ट दाखिल करने पर विचार कर सकती है।

Fortis Healthcare

फोर्टिस हेल्थकेयर ने दाइची सैंक्यो और सिंह ब्रदर्स के बीच चल रहे कानूनी विवाद में अपना पक्ष रखा है। कंपनी का कहना है कि वह इस विवाद से पूरी तरह अनजान थी और पुराने प्रमोटरों की हिस्सेदारी कम होने के मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं थी। फोर्टिस के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 25 सितंबर के अपने आदेश में कंपनी की स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) का निपटारा कर दिया और स्वतंत्र रूप से फोरेंसिक ऑडिट का आदेश दिया है।

लिस्टिंग

आज एफएक्स मल्टीटेक, रोबोकिड्ज एडुवेंचर्स और विवेकानंद कॉटस्पिन के शेयर बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।

Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजर

आज इन कंपनियों के आएंगे रिजल्ट: दीपा ज्वैलर्स, रेज ऑफ बिलीफ, प्रसोल केमिकल्स

एक्स-बोनस: आस्था स्पिंटेक्स

F&O बैन: आज कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, SAIL

स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ें

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PB Fintech Share Price: Policybazaar के शेयरों पर अलर्ट, इस कारण दिख सकता है दबाव

PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में नियर टर्म में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। ऐसा ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन का मानना है। 24 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में बर्न्स्टीन ने डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म पर इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का ड्राफ्ट पेपर सामने आने के बाद पॉलिसीबाजार पर इस दबाव की बात कही है। अभी इसके शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह 5% की बढ़त के साथ ₹1890.00 पर बंद हुआ था। अभी पिछले महीने यशिश दहिया के पद छोड़ने की अफवाहों पर इसके शेयरों में तेज हलचल दिखी थी, लेकिन यशिश ने इसका खंडन किया था।

Policybazaar की PB Fintech पर Bernstein क्यों बेयरेश

बर्न्स्टीन ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर बीमा नियामक IRDA के प्रस्ताव का सबसे अधिक नुकसान पीबी फिनटेक को होगा क्योंकि इसके टेक-रेट्स यानी कमीशन पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकाल पाएगी।

इरडा ने बीमा की लागत कम करने, अंडरसर्व्ड लोगों तक इसका कवरेज बढ़ाने और इंश्योरेंस सेक्टर की टिकाऊ ग्रोथ को लेकर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म का प्रस्ताव पेश किया है। इसमें मैनेजमेंट से जुड़े खर्चों को तार्किक बनाने, सेगमेंट के हिसाब से कमीशन की लिमिट फिर से तय करने, डार्क पैटर्न पर रोक लगाने यानी बिना पर्सनल डिटेल्स के प्रोडक्ट और कीमत की जानकारी देने, पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स पर कमीशन की दर बताने और मोटर इंश्योरेंस की प्रक्रिया को आसान बताने की बात है। इसमें अन्य प्रस्ताव भी हैं जैसे कि बैंक कौन सी पॉलिसी और कैसे बेचें, एजेंटों को इंसेंटिव देने पर रोक, इंश्योरेंस बेचने के लिए MIIs (मल्टी-इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज) का इस्तेमाल कैसे हो, और क्रेडिट लाइफ जैसे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की अनिवार्य बंडलिंग पर रोक।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इन प्रस्तावों से पीबी फिनटेक के मुनाफे का गणित बिगड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इरडा के प्रस्तावित कैप से कंपनियों की हेल्थ/टर्म इंश्योरेंस ग्रोथ पर कुछ असर पड़ेगा। हालांकि कम लागत और हायर एजेंसी-यूलिप मिक्स वाली कंपनियों जैसे कि एसबीआई लाइफ और एलआईसी पर इसका असर कम होगा। इरडा के प्रस्ताव के हिसाब से कोटेशन देने के लिए कॉन्टैक्ट डिटेल्स नहीं मांगा जा सकता है जो बर्न्स्टीव के मुताबिक पीबी फिनटेक के लिए ग्राहक बनाने का एक मुख्य जरिया है। इसके अलावा बर्न्स्टीन के मुताबिक ड्राफ्ट पेपर में एडवाइजरी फीस और मार्केटिंग खर्च से जुड़े लूपहोल्स को भी खत्म किया जा रहा है जिसका हल पीबी फिनटेक को खोजना होगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पॉलिसीबाजार के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,963.00 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 32.03% फिसलकर 2 मार्च 2026 को ₹1,334.20 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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SBI Credit Card: अब योनो पर ऑनलाइन करें अप्लाई, 10 मिनट में बनेगा क्रेडिट कार्ड

एसबीआई कार्ड ने त्योहारों से पहले एसबीआई योनो पर डिजिटल अप्लिकेशन फैसिलिटी शुरू की है। इस सुविधा के इस्तेमाल से ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद 10 मिनट में एसबीआई का क्रेडिट कार्ड बन जाएगा। यह सुविधा स्टेट बैंक के ऐसे ग्राहकों के लिए है, जिनका बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट है।

क्रेडिट कार्ड के चार वेरिएंट्स 

SBI Card ने 23 सितंबर को इस सुविधा का एलान किया। एसबीआई के एफडी ग्राहकों के लिए इस सुविधा के तहत क्रेडिट कार्ड के चार वेरिएंट्स उपलब्ध होंगे। इनमें SBI Card Elite, SBI Card Prime, SimplyClick SBI Card और SimplySAVE SBI Card शामिल हैं। SBI YONO स्टेट बैंक का बैंकिंग प्लेटफॉर्म है।

यह सुविधा बैंक में एफडी पर मिलेगी

ऊपर बताए गए सभी क्रेडिट कार्ड सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड कैटेगरी के तहत आते हैं। इसका मतलब है कि बैंक में ग्राहक का फिक्स्ड डिपॉजिट कोलैटरल का काम करेगा। एसबीआई कार्ड की यह सुविधा उन लोगों के लिए फॉर्मल क्रेडिट में एंट्री का बड़ा मौका है, जो अपनी क्रेडिट प्रोफाइल को स्ट्रॉन्ग बनाना चाहते हैं।

क्रेडिट कार्ड बनवाने का प्रोसेस काफी आसान

एसबीआई कार्ड ने अभी इन चारों क्रेडिट कार्ड्स के रिवॉर्ड्स, बेनेफिट्स और चार्जेज के बारे में नहीं बताया है। कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सलिला पांडे ने कहा कि इस डिजिटल फैसिलिटी को अप्लिकेशन प्रोसेस को आसान बनाने के लिए शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “कस्टमर्स अब 100 फीसदी पेपरलेस डिजिटल जर्नी के जरिए आसानी से सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।”

ज्वाइनिंग फीस और एनुअल फीस को लेकर असमंजस

एसबीआई कार्ड ने यह नहीं बताया है कि एसबीआई सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए एसबीआई बैंक में मिनिमम कितने अमाउंट का फिक्स्ड डिपॉजिट होना चाहिए। ज्वाइनिंग फीस और एनुअल फीस के बारे में भी अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। एसबीआई देश का सबसे बड़ा बैंक है। इस सुविधा से उसके ग्राहकों के लिए क्रेडिट कार्ड बनवाने की एक आसान सुविधा उपलब्ध हो गई है।

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त्योहारी सीजन से पहले शुरू हुई यह सुविधा

कंपनी ने इस सुविधा की शुरुआत त्योहारी सीजन को देखते हुए की है। अगले महीने दशहरा है और उसके बाद दिवाली है। इस दौरान लोगों की खरीदारी बढ़ जाती है। एसबीआई का सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड शॉपिंग में हेल्पफुल होगा। सेक्योर्ड क्रेडिट कार्ड होने की वजह से एसबीआई के लिए भी यह कार्ड काफी सुरक्षित है।

अगले हफ्ते इन दो शेयरों में कमाई का मौका, SBI सिक्योरिटीज ने दी दांव लगाने की सलाह

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निक्ल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का मानना है कि बाजार में तेजी के लिए निफ्टी का 23,500-23,600 को क्रॉस करना और इस लेवल से ऊपर टिके रहना जरूरी है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने शेयर बाजार के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें बताईं।

इन दो शेयरों में कमाई के बड़े मौके 

शाह का मानना है कि अगले हफ्ते Electronics Mart India (EMIL) और Lumax Auto Technologies (LAT) के शेयरों में कमाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि बीते 4 हफ्तों से EMIL के शेयर में 197-168 की रेंट में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। इस स्टॉक को स्ट्रॉन्ग वॉल्यूम का सपोर्ट मिल रहा है। डेली और वीकली चार्ट आधार पर इसमें सभी महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेडिंग हो रही है। वीकली चार्ट पर बढ़ते ADX से बुलिश ट्रेंड का संकेत मिलता है।

इस वजह से शेयरों में दिख सकती है तेजी

Lumax Auto Technologies (LAT) के बारे में उन्होंने कहा कि इस शेयर में 11 अगस्त से ही 2,149-1,894 की रेंज में कंसॉलिडेशन दिख रहा है। हाल में 34-डे EMA ने स्टॉक के लिए डायनेमिक सपोर्ट के रूप में सामने आया है। 2,085-1,110 के जोन में इस शेयर में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इसमें 2,025 पर स्टॉपलॉस लगाना होगा। मोमेंटम इंडिकेटर्स और ओसिलेटर्स से इस शेयर के ब्रेकआउट के बाद तेजी दिखाने के संकेत हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों का आउटलुक पॉजिटिव

Nifty Midcap 100 और Smallcap 100 सूचकांकों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद दोनों का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, अभी सावधानी बरतनी होगी। इस हफ्तों दोनों ही सूचकांकों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। लेकिन, लोअर लेवल पर अच्छी खरीदारी भी दिखी। इससे यह संकेत मिलता है कि इनवेस्टर्स लो लेवल पर शेयरों में निवेश में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

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लोअर लेवल पर दिख रही खरीदारी

शाह ने कहा कि लगातार तीन हफ्ते गिरने के बाद निफ्टी मिडकैप 100 में स्थिरता के संकेत दिखे हैं। खास बात यह है कि इंडेक्स ने फिर से 100-डे और 200-डे EMA को क्लेम किया है। RSI भी कमजोर लेवल से इम्प्रूवमेंट दिखा रहा है। उधर, Nifty Smallcap 100 में रिलेटिव स्ट्रेंथ दिख रहा है। वीकली चार्ट पर लोअल लॉन्ग शैडो बना है और यह अपने महत्वपूर्ण मूविंग एवरेजेज से ऊपर बना हुआ है। इससे लोअर, लेवल पर स्ट्रॉन्ग डिमांड का संकेत मिलता है।

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SBI Loan Recovery: विधवा पत्नी की एफडी से बैंक ने गुपचुप की पति के लोन की वसूली, हाईकोर्ट ने सुनाया ब्याज सहित पैसा लौटाने का फैसला

SBI Loan Recovery: लखनऊ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बैंक (SBI) से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां की एक एसबीआई ब्रांच ने पति की असमय मृत्यु के बाद पत्नी की निजी एफडी गुपचुप तरीके से तुड़वा कर लोन की बकाया रकम काट ली। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोट की लखनऊ बेंच ने बैंक को कड़ी फटकार लगाई और महिला को ब्याज सिहत रकम लौटाने का आदेश दिया है। अपनी टिप्पणी में अदालत ने बैंक के इस रवैये को ‘बैंकिंग नीति का घृणित उल्लंघन’ भी बताया। इस मामले ने एक बार फिर बैंक पर ग्राहकों के अटूट भरोसे पर सवाल खड़े किए हैं।

बैंक ने सीज किया वेतन खाता

यह मामला लखनऊ के रिंग रोड स्थित मेडिसिन अस्पताल में सहायक प्रोफेसर की पत्नी नेहा मिश्रा से जुड़ा हुआ है। नेहा के पति ने नवंबर 2020 में एसबीआई से 15 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था। दुर्भाग्यवश, कोविड संक्रमण के कारण मई 2021 में उनके पति का निधन हो गया। न्यूज 18 की खबर के अनुसार, बैंक ने सितंबर 2025 में एसबीआई ने नेहा मिश्रा को कानूनी नोटिस भेजा और 13.87 लाख रुपए के बकाया लोन का भुगतान करने की मांग की। हालांकि, आरबीआई लोकपाल के हस्तक्षेप के बाद यह रोक हटा दी गई। अभी बैंक और महिला के बीच बकाया लोन भुगतान पर बातचीत चल रही थी। लेकिन इसी बीच एसबीआई ने गुपचुप तरीके से महिला की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भुना ली और उसमें से 19.90 लाख रुपए कर्ज के नाम पर डेबिट कर लिए।

नेहा मिश्रा ने किया हाईकोर्ट का रुख

बैंक की इस हरकत का पता चलने के बाद पीड़िता नेहा मिश्रा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच का रुख किया। मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि मृत प्रोफेसर की पत्नी न तो इस लोन की सह-उधारकर्ता थीं और न ही गारंटर, जमानतदार, क्षतिपूर्तिकर्ता या नॉमिनी। कर्ज के इस लेनदेन में उन्होंने बैंक के साथ किसी भी तरह का करार नहीं किया था। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी गौर किया कि कर्ज एक बीमा पॉलिसी से कवर था, जिसके लिए मृतक ने प्रीमियम का भुगतान किया था।

अदालत ने एसबीआई को लताड़ लगाते हुए कहा कि बैंक यह साबित करने में पूरी तरह असफल रहा कि किस कानूनी प्रावधान के तहत उसने पति के कर्ज की भरपाई के लिए पत्नी के निजी खाते से रकम काटी है। कोर्ट ने एसबीआई को महिला का पूरा पैसा एफडी के लागू ब्याज दर के साथ चार हफ्ते के भीतर वापस करने का आदेश दिया। साथ ही बैंक को 1 लाख रुपए का दंडात्मक मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि बैंक अपने ग्राहकों के धन के संरक्षक होते हैं और जनता के पैसों को एक ट्रस्ट के रूप में रखते हैं।

बैंक का गुपचुप वसूली का तरीका ग्राहक अधिकारों का हनन

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में दो टूक कहा कि यदि बैंक कानूनन मृतक के कर्ज की वसूली उसकी पत्नी से कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में करने का हकदार था, तब भी इसके लिए कानून सम्मत प्रक्रिया अपनानी जरूरी थी। इस तरह रातोंरात गुपचुप तरीके से और मनमाने ढंग से किसी के खाते से पैसे काट लेना पूरी तरह अवैध है।