Retirement Planning: सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ और SIP में मंथली ₹10000 इनवेस्ट करने से कितना बड़ा फंड बनेगा? समझें पूरा कैलकुलेशन

रिटायरमेंट प्लानिंग जल्द करने के कई फायदे हैं। निवेश के लिए ज्यादा समय मिलता है। पैसे को बढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर आर्थिक जिम्मेदारी कम होती है। इससे निवेश करने में दिक्कत नहीं आती है। सवाल है कि अगर 40 साल का कोई व्यक्ति अगले 15 साल के लिए निवेश करना चाहता है तो उसके लिए बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शन क्या होगा?

15 साल में निवेश से बनेगा बड़ा फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल का पीरियड निवेश के लिए अच्छा है। अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश 15 साल तक किया जाए तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP शामिल हैं।

पीपीएफ और SSY सरकारी की स्कीम

पीपीएफ और एसएसवाय सरकारी की स्कीम हैं। ये फिक्स्ड रिटर्न स्कीम हैं। इसका मतलब है कि निवेश से पहले आपको अंदाजा मिल जाता है कि किसी खास अवधि तक निवेश करने के बाद आपके लिए कितना बड़ा फंड तैयार होगा। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें पैसा डूबने का डर ना के बराबर है। इसके अलावा इनके रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।

SIP से मंथली निवेश करने में रिस्क

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP उन लोगों के लिए सही है, जो निवेश पर रिस्क ले सकते हैं। इसकी वजह यह है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम सिप से हर महीने निवेश के पैसे को शेयर बाजार में लगाती है। इसलिए स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के प्रदर्शन का सीधा असर पड़ता है। शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, जबकि प्रदर्शन खराब होने पर रिटर्न भी कम रह सकता है।

एसएसवाय में निवेश का पीरियड 15 साल

अब हम देखेंगे कि तीनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में मंथली 10,000 रुपये के निवेश से 15 साल में कितना बड़ा फंड तैयार होता है। सबसे पहले हम SSY का उदाहरण लेते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिनकी बेटियां हैं। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक बेटी के नाम से सिर्फ एक अकाउंट ओपन होगा। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाय का इंटरेस्ट रेट सालाना 8.2 फीसदी

सुकन्या समृद्धि स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है। इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी की उम्र अभी 5 साल है तो मंथली 10,000 रुपये 15 साल तक निवेश करने पर साल 2047 तक करीब 55,42,062 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 15 साल में कुल निवेश 18,00,000 रुपये होगा। इस पर आपको 37,42,062 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

retirement table

पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी 

PPF की स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका इंटरेस्ट रेट अभी 7.1 फीसदी है। इस तरह आप 15 साल में कुल 18,00,000 रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको कुल 14,54,567 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर 15 साल बाद आपको कुल 32,54,567 लाख रुपये मिलेंगे। इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप निवेश के पैसे पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Post Office MIS: पोस्ट ऑफिस में ₹5 लाख जमा करने पर हर महीने कितनी कमाई होगी? समझिए पूरा हिसाब

सिप से निवेश करने में बनेगा सबसे बड़ा फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 10000 रुपये का निवेश करने पर कुल 47,59,314 रुपये का फंड बनेगा। इस कैलकुलेशन में सालाना 12 फीसदी रिटर्न माना गया है। इसका मतलब है कि 15 साल में आपका 18 लाख रुपये का निवेश कंपाउंडिंग की वजह से 29,59,314 रुपये का रिटर्न जेनरेट करता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पैसे पर आपको कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट 12.5 फीसदी है। इस रेट से कुल 5,94,914.25 रुपये टैक्स लगेगा। इसके बावजूद 15 साल का रिटर्न पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा है।

मंथली सिर्फ ₹12550 का निवेश 15 साल तक, तैयार हो जाएगा 72 लाख रुपये का फंड

आजकल बेटियों को लेकर लोगों की सोच बदल रही है। बेटियां हर क्षेत्र में नाम करा रही हैं। विज्ञान, खेल, कला, इंजीनियरिंग, मीडिया, डिफेंस, एजुकेशन सहित करीब हर क्षेत्र में उनकी मौजूदगी बढ़ रही है। माता-पिता को सिर्फ उन्हें सक्षम बनाने पर फोकस करना है। अगर आप की भी बेटी है तो आप उसके बेहतर फ्यूचर के लिए आज ही एक बड़ा कदम उठा सकते हैं। सुकन्या समृद्धि योजना (एससवाय) में निवेश शुरू कर आप बेटी के हायर एजुकेशन के लिए बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

सिर्फ 15 साल तक स्कीम में करना होगा निवेश 

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) सरकार की योजना है। इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह से सुरक्षित है। इस योजना का शेयर बाजार से कोई संबंध नहीं है। इसका मतलब है कि इस योजना में आपके निवेश पर शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है। इस योजना में आपको सिर्फ 15 साल तक निवेश करना है। इस स्कीम में आपका इनवेस्टमेंट 21 साल में मैच्योर हो जाएगा। इसका मतलब है कि अगर आप बेटी के जन्म के ठीक बाद इस स्कीम में निवेश शुरू करते हैं तो बेटी के 21 साल के होने पर उसके लिए बड़ा फंड उपलब्ध होगा।

बेटी के हायर एजुकेशन के लिए आसानी से तैयार होता है बड़ा फंड

SSY से मिले पैसे से बेटी अपने भविष्य को बेहतर बना सकती है। वह अपनी पसंद के हिसाब से उच्च शिक्षा हासिल कर सकती है। वह पढ़ाई के लिए विदेश जा सकती है। उसे अपने सपने पूरे करने के लिए किसी की मदद पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसका मतलब है कि अपनी बेटी के लिए माता-पिता की छोटी सी शुरुआत उसकी सफलता के लिए बड़ा रास्ता बना सकती है।

10 साल तक की बेटी के लिए स्कीम में किया जा सकता है निवेश

सुकन्या समृ्द्धि योजना का फायदा कोई व्यक्ति अपनी दो बेटियों तक के लिए उठा सकता है। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इस योजना में आप जितनी जल्द निवेश शुरू करेंगे आपके लिए उतना बड़ा फंड तैयार होने की संभावना होगी। अगर आप बड़ा फंड तैयार करना चाहते हैं तो बेटी के जन्म के ठीक बाद इस स्कीम में निवेश शुरू कर सकते हैं। यह स्कीम इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत भी आती है। इसका मतलब है कि इसमें निवेश के अमाउंट पर आप डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। लेकिन, यह फायदा सिर्फ इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए उपलब्ध है।

यह सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाली सरकारी स्कीमों में शामिल 

इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट अभी सालाना 8.2 फीसदी है। यह सभी सरकारी इनवेस्टमेंट स्कीमों में सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाली स्कीम है। सरकार हर तिमाही इंटरेस्ट रेट की समीक्षा करती है। इस स्कीम में एक साल में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये निवेश करने की इजाजत है। अगर इसे मंथली इनवेस्टमेंट में बांटा जाए तो यह 12,500 रुपये आता है। चूंकि, यह लंबी अवधि की स्कीम है, जिससे इस स्कीम को कंपाउंडिंग का काफी फायदा मिलता है। इसका मतलब है कि आपके पैसे पर मिलने वाला इंटरेस्ट हर महीने मूलधन में जुड़ता जाता है और फिर उस पर आपको इंटरेस्ट मिलता रहता है।

मंथली 12500 निवेश करने पर बनेगा 71.8 लाख रुपये का फंड

अगर बेटी के जन्म के ठीक बाद आप इस स्कीम में निवेश शुरू करते हैं तो उसके 21 साल के होने तक बड़ा फंड तैयार हो जाता है। अगर आप हर महीने 12,500 रुपये का निवेश करते हैं तो 15 साल तक आप 22.5 लाख रुपये का कुल निवेश करेंगे। इस पर 8.2 फीसदी का सालाना इंटरेस्ट मिलेगा। 21 साल बाद आपकी बेटी के लिए 71.8 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 22.5 लाख रुपये के आपके निवेश पर 49.3 लाख रुपये का इंटरेस्ट शामिल है।

इनवेस्टर अपनी क्षमता के हिसाब से कम अमाउंट भी कर सकता है निवेश

अगर कोई व्यक्ति इस स्कीम में बेटी के 2 साल के होने पर निवेश शुरू करता है और हर महीने सिर्फ 10,000 रुपये का निवेश करता है तो 15 साल तक निवेश करने के बाद 21 साल में स्कीम में मैच्योर हो जाएगी। मैच्योरिटी पर बेटी के लिए 55,42,062 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें कुल निवेश का 18,00,000 रुपये और इंटरेस्ट का 37,42,062 रुपये शामिल हैं। खास बात यह है कि इस स्कीम के मैच्योरिटी अमाउंट पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। इसका मतलब है कि पूरा पैसा आपके हाथ में आता है।

Sukanya Samriddhi: 21वें साल में बेटी के लिए चाहिए ₹72 लाख तो हर महीने सिर्फ ₹12,500 करने होंगे इंवेस्ट, जानिए पूरा कैलकुलेशन

Sukanya Samriddhi Yojana Calculator: हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी की उच्च शिक्षा, करियर और शादी के वक्त पैसों की कोई तंगी न हो। इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए शुरुआत से ही एक सही और सुरक्षित जगह बचत करना जरूरी है। अगर आप बिना किसी जोखिम के अपनी लाडली के लिए बड़ा फंड बनाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ (SSY) सबसे शानदार जरिया है।

इस सरकारी गारंटी वाली बचत योजना में आप हर महीने मात्र ₹12,500 बचाकर 21 साल बाद अपनी बेटी के लिए 70 लाख रुपये से अधिक का विशाल फंड तैयार कर सकते हैं। आइए आसान शब्दों में समझते हैं इस योजना की पूरी ए-टू-जेड जानकारी और ब्याज का गणित।

हर महीने ₹12,500 जमा करने पर कैसे बनेंगे ₹70 लाख से ज्यादा?

सुकन्या समृद्धि योजना में मिलने वाली 8.20% की सालाना चक्रवृद्धि ब्याज दर ही आपके छोटे-छोटे निवेश को एक विशाल फंड में बदल देती है। अगर आप हर महीने ₹12,500 (यानी साल में कुल ₹1.5 लाख) का निवेश करते हैं, तो इसका पूरा कैलकुलेशन नीचे तालिका में देखें:

हर महीने ₹12,500 जमा करने पर कैसे बनेंगे ₹70 लाख से ज्यादा?

(नोट: खाता खुलने के बाद आपको केवल 15 साल तक ही पैसे जमा करने होते हैं। आखिरी के 6 सालों तक बिना नया पैसा डाले आपके पूरे फंड पर 8.20% की दर से चक्रवृद्धि ब्याज जुड़ता रहता है, जिससे आपकी राशि तेजी से बढ़ती है।)

सुकन्या समृद्धि खाते से जुड़े जरूरी नियम और पात्रता

अगर आप अपनी बेटी का खाता खुलवाना चाहते हैं, तो इन मुख्य बातों का ध्यान रखें:

उम्र सीमा: बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र होने तक अभिभावक यह खाता खोल सकते हैं।

प्रति परिवार खाते: एक परिवार में अधिकतम 2 बेटियों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। जुड़वां या एक साथ तीन बेटियां होने की स्थिति में दो से अधिक खाते की अनुमति है।

न्यूनतम व अधिकतम निवेश: खाते को एक्टिव रखने के लिए एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1,50,000 जमा करना अनिवार्य है।

आंशिक निकासी: जब बेटी 18 वर्ष की हो जाए या 10वीं कक्षा पास कर ले, तो उसकी उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए खाते में जमा कुल बैलेंस का 50% तक निकाला जा सकता है।

EEE कैटेगरी का ट्रिपल टैक्स बेनिफिट

स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स में सुकन्या समृद्धि योजना को EEE श्रेणी में रखा गया है, जिसका मतलब है तीन स्तरों पर टैक्स बचत:

निवेश पर छूट: इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत हर साल ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन का फायदा मिलता है।

ब्याज पर टैक्स फ्री: हर साल जो ब्याज आपके खाते में जुड़ता है, उस पर कोई टैक्स नहीं लगता।

मैच्योरिटी पूरी तरह टैक्स फ्री: 21 साल पूरे होने पर मिलने वाली पूरी रकम (मूलधन + ब्याज) आयकर से पूरी तरह मुक्त होती है।

SBI Safe Schemes: बिना कोई रिस्क के बैंक FD से ज्यादा रिटर्न! बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 बेस्ट स्कीम्स

SBI Safe Savings Schemes: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), अपने ग्राहकों को एफडी के अलावा ऐसी कई स्मॉल सेविंग्स और सरकारी बचत योजनाएं पेश करता है, जहां आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी सामान्य बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा मिलता है।

अगर आप शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहकर गारंटीड और टैक्स-फ्री या टैक्स-एफिशिएंट रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो एसबीआई के जरिए मिलने वाली ये 3 सरकारी योजनाएं बेहतरीन विकल्प हैं। आइए जानते हैं इन 3 सबसे सेफ स्कीम्स की ब्याज दरों, शर्तों और मिलने वाले फायदों के बारे में।

1. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SBI SCSS): वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सहारा

अगर आपकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है, तो साधारण एफडी कराने के बजाय एसबीआई के जरिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम(SCSS) में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है।

एफडी से ज्यादा ब्याज: जहां एसबीआई सामान्य 5-वर्षीय एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को करीब 7.05% ब्याज दर देता है, वहीं SCSS में 8.20% की गारंटीड ब्याज दर मिलती है।

तिमाही आय: इसमें जमा राशि पर हर 3 महीने (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी) में ब्याज का भुगतान सीधे आपके एसबीआई बचत खाते में कर दिया जाता है।

अधिकतम निवेश: इस योजना में अधिकतम ₹30 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत इसमें किए गए निवेश पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है।

2. सुकन्या समृद्धि योजना (SBI SSY): बेटियों के भविष्य के लिए 100% टैक्स-फ्री रिटर्न

अगर आपके घर में 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी है, तो एसबीआई शाखा या YONO ऐप के जरिए खोला गया सुकन्या समृद्धि अकाउंट बैंक एफडी के मुकाबले कहीं बेहतर रिटर्न देता है।

धमाकेदार रिटर्न: वर्तमान में इस योजना पर सरकार 8.20% सालाना की दर से चक्रवृद्धि ब्याज दे रही है।

EEE टैक्स स्टेटस: यह योजना Exempt-Exempt-Exempt (EEE) श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें जमा राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी रकम 100% टैक्स-फ्री होती है।

निवेश की सीमा: एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।

3. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (SBI PPF): बिना किसी रिस्क के लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन

लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स या रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड(PPF) देश की सबसे पसंदीदा और सुरक्षित योजनाओं में से एक है।

सरकारी गारंटी और स्थिर रिटर्न: इसमें मिलने वाला 7.10% सालाना ब्याज (जो कि सालाना आधार पर कंपाउंड होता है) सामान्य 5 से 10 साल की बैंक एफडी (6.05% – 6.45%) से काफी बेहतर है।

टैक्स फ्री मैच्योरिटी: सुकन्या योजना की तरह PPF भी पूरी तरह से EEE कैटेगरी में आता है, यानी इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह से इनकम टैक्स से मुक्त होता है।

फ्लेक्सिबिलिटी: इसे 15 साल की लॉक-इन अवधि के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें न्यूनतम ₹500 से निवेश शुरू किया जा सकता है।

बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 सबसे सेफ स्कीम्स

बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 सबसे सेफ स्कीम्स

एसबीआई में कैसे करें इन स्कीम्स में अप्लाई?

इन तीनों ही योजनाओं में निवेश करना बेहद आसान है:

ऑनलाइन माध्यम: अगर आप SBI के इंटरनेट बैंकिंग या YONO SBI ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो बिना ब्रांच गए ‘E-Services / Govt Schemes’ सेक्शन में जाकर PPF या सुकन्या खाता खोल सकते हैं।

ऑफलाइन माध्यम: आप अपनी नजदीकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक न्यूनतम राशि के साथ जाकर तुरंत खाता खुलवा सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Personal Loan EMI: ₹5 लाख का पर्सनल लोन लेने पर कितना ब्याज देना होगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Personal Loan EMI: अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर पर्सनल लोन आसान विकल्प लगता है। फिर चाहे शादी का खर्च हो, मेडिकल इमरजेंसी हो या घर से जुड़ा कोई जरूरी काम। पर्सनल लोन काफी कम जल्दी और काफी आसानी से मिल भी जाता है। और इसके लिए कुछ गिरवी रखने की भी जरूरत नहीं होती। इसलिए ज्यादातर लोग इसे लेना पसंद करते हैं।

लेकिन असली सवाल है कि ₹5 लाख का लोन लेने के बाद कुल कितना पैसा वापस करना पड़ेगा? इसका जवाब ब्याज दर और लोन की अवधि पर निर्भर करता है। ब्याज दर बढ़ने के साथ EMI भी बढ़ती है। साथ ही बैंक को लौटाई जाने वाली कुल रकम भी काफी बढ़ जाती है।

₹5 लाख के लोन पर ब्याज-EMI का हिसाब

मान लीजिए आपने ₹5 लाख का पर्सनल लोन 5 साल यानी 60 महीने के लिए लिया है। इसकी ब्याज दर अमूमन 10% से शुरू होकर 25% तक भी जा सकती हैं। ये आपके क्रेडिट स्कोर और कमाई जैसी बातों पर निर्भर करता है। अलग-अलग ब्याज दर पर आपकी EMI और कुल ब्याज कुछ इस तरह होगा।

ब्याज दरमासिक EMI5 साल में कुल भुगतानकुल ब्याज
10%₹10,624₹6.37 लाख₹1.37 लाख
12%₹11,122₹6.67 लाख₹1.67 लाख
15%₹11,895₹7.14 लाख₹2.14 लाख
20%₹13,247₹7.95 लाख₹2.95 लाख

10% ब्याज पर ₹5 लाख का लोन

अगर पर्सनल लोन पर ब्याज दर 10% है, तो ₹5 लाख के लोन की मासिक EMI करीब ₹10,624 होगी। 60 महीने तक EMI चुकाने पर बैंक को कुल करीब ₹6.37 लाख देने होंगे। यानी ₹5 लाख के लोन पर करीब ₹1.37 लाख ब्याज जाएगा।

12% ब्याज पर कितना भुगतान होगा?

ब्याज दर 12% होने पर EMI बढ़कर करीब ₹11,122 हो जाएगी। पांच साल में कुल भुगतान करीब ₹6.67 लाख रहेगा। इसमें करीब ₹1.67 लाख ब्याज होगा। यानी सिर्फ ब्याज दर में 2 प्रतिशत का अंतर होने से कुल ब्याज में भी फर्क आ जाता है। इसलिए लोन लेते समय मिलने वाली ब्याज दर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

15% ब्याज पर EMI कितनी होगी?

अगर ब्याज दर 15% है, तो ₹5 लाख के लोन पर हर महीने करीब ₹11,895 की EMI बनेगी। पांच साल में कुल भुगतान करीब ₹7.14 लाख होगा। इसमें लगभग ₹2.14 लाख ब्याज शामिल होगा। यहां गौर करने वाली बात है कि लोन की रकम वही ₹5 लाख है। लेकिन ब्याज दर बढ़ने से बैंक को लौटाई जाने वाली रकम काफी बढ़ गई।

20% ब्याज पर लोन सबसे महंगा

अब अगर पर्सनल लोन पर ब्याज दर 20% है, तो EMI करीब ₹13,247 होगी। पांच साल में कुल भुगतान करीब ₹7.95 लाख पहुंच जाएगा। यानी ₹5 लाख उधार लेने के लिए करीब ₹2.95 लाख ब्याज देना पड़ेगा।

10% और 20% की ब्याज दर के बीच अंतर सिर्फ 10 प्रतिशत अंक का है। लेकिन पांच साल में कुल ब्याज में करीब ₹1.58 लाख का फर्क आ जाता है। इसलिए पर्सनल लोन लेते समय ब्याज दर पर अच्छी तरह बातचीत करना फायदेमंद हो सकता है।

सिर्फ EMI देखकर फैसला न करें

पर्सनल लोन लेते समय लोग अक्सर सिर्फ EMI देखते हैं। यह तरीका सही नहीं है। कम EMI का मतलब हमेशा सस्ता लोन नहीं होता। अगर लोन की अवधि ज्यादा है, तो हर महीने कम रकम जाने के बावजूद कुल ब्याज ज्यादा हो सकता है।

इसलिए लोन लेने से पहले इंटरेस्ट रेट, लोन टेन्योर और टोटल रीपेमेंट तीनों को देखना चाहिए। बैंक कितना लोन देने को तैयार है, यह भी अंतिम फैसला नहीं होना चाहिए। आपकी आय के हिसाब से कितनी EMI आराम से चुकाई जा सकती है, यह ज्यादा जरूरी है।

दूसरे चार्ज भी बढ़ा सकते हैं लागत

ऊपर के कैलकुलेशन सिर्फ लोन की रकम और ब्याज पर हैं। इसमें प्रोसेसिंग फी, GST, इंश्योरेंस और दूसरे संभावित चार्ज शामिल नहीं हैं। अलग-अलग बैंक और लोन के हिसाब से ये शुल्क अलग हो सकते हैं।

इसलिए पर्सनल लोन लेते समय बैंक से सिर्फ ब्याज दर और EMI न पूछें। यह भी पता करें कि लोन पूरा होने तक आपकी जेब से कुल कितनी रकम जाएगी। यही लोन की असली लागत बताएगी।

SIP vs SSY: हर महीने 3000 के निवेश से कितना पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

SIP vs SSY: हर महीने 3000 के निवेश से कितना पैसा बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

SIP vs SSY: अगर आप हर महीने ₹3,000 बचा सकते हैं तो आपके सामने निवेश के कई विकल्प हैं। इनमें SIP और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी शामिल हैं। लेकिन दोनों की पैसे बढ़ाने का तरीका काफी अलग है।

SIP बाजार से जुड़ा निवेश है। इसमें रिटर्न तय नहीं होता। वहीं SSY सरकार की छोटी बचत योजना है। फिलहाल इसमें 8.2% सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। अब सवाल है कि हर महीने ₹3,000 लगाने पर दोनों में कितना पैसा बन सकता है?

15 साल में कितना पैसा बनेगा?

मान लेते हैं कि SIP से औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है। लॉन्ग टर्म में अच्छे म्यूचुअल फंड से इतने ही रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, मार्केट से जुड़ा होने के नाते रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती। दूसरी तरफ SSY में मौजूदा 8.2% ब्याज दर है। इसमें सरकार बदलाव कर सकती है। दोनों में हर महीने ₹3,000 निवेश करने पर तस्वीर कुछ ऐसी बनती है।

अवधिकुल निवेशSIP का फंडSSY का फंड
5 साल₹1.80 लाख₹2.47 लाख₹2.16 लाख
10 साल₹3.60 लाख₹6.97 लाख₹5.42 लाख
15 साल₹5.40 लाख₹15.14 लाख₹10.64 लाख

यानी 15 साल में आप दोनों जगह कुल ₹5.40 लाख जमा करेंगे। लेकिन अनुमानित रिटर्न के हिसाब से SIP में करीब ₹15.14 लाख और SSY में करीब ₹10.64 लाख हो सकते हैं।

SSY में एक बड़ा फर्क समझिए

यहां एक जरूरी बात है। SSY में बेटी के नाम खाते में 15 साल तक पैसा जमा किया जाता है। खाता खुलने की तारीख से 21 साल बाद यह मैच्योर होता है। यानी 15 साल तक ₹3,000 जमा करने के बाद भी पैसा तुरंत हाथ में नहीं आता। अगर 15 साल बाद SSY में जमा करीब ₹10.64 लाख को अगले 6 साल तक 8.2% की दर से बढ़ने दें, तो यह रकम लगभग ₹17 लाख हो सकती है।

इसके मुकाबले अगर SIP में ₹3,000 की मासिक SIP पूरे 21 साल तक चलती रहे और औसतन 12% रिटर्न मिले, तो रकम करीब ₹34.16 लाख हो सकती है।

फिर कौन बेहतर है?

इसका सीधा जवाब नहीं है। दोनों का मकसद अलग है। अगर आप बेटी की पढ़ाई या भविष्य के लिए सुरक्षित और तय नियमों वाली बचत चाहते हैं तो SSY एक विकल्प हो सकती है। इसमें सरकार की ब्याज दर लागू होती है और खाता 21 साल में मैच्योर होता है।

वहीं अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में ज्यादा कॉर्पस बनाना है और आप बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम ले सकते हैं तो SIP पर विचार किया जा सकता है।

इसलिए निवेश चुनते समय सिर्फ यह न देखें कि पैसा कहां ज्यादा बन रहा है। यह भी देखें कि आपका लक्ष्य क्या है, कितने समय के लिए निवेश करना है और आप कितना जोखिम उठा सकते हैं।

क्या आपकी SIP उम्मीद से कम रिटर्न दे रही? ये 5 कारण हो सकते हैं जिम्मेदार

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

PPF Vs SSY: हर महीने ₹5000 निवेश करें तो पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना में कितना पैसा बनेगा? जानिए पूरा हिसाब

PPF Vs SSY: अपनी बेटी के हायर एजुकेशन, शादी या दूसरी लंबे समय की फाइनेंशियल जरूरतों के लिए बचत की शुरुआत करते समय माता-पिता के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि पैसा कहां निवेश किया जाए। सरकार द्वारा समर्थित पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दो सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित विकल्प हैं। हालांकि इनकी एलिजिबिलिटी, इंट्रेस्ट रेट, मैच्योरिटी और समय से पहले पैसे निकालने के नियमों के मामले में दोनों योजनाएं एक-दूसरे से काफी अलग हैं।

वर्तमान में सुकन्या समृद्धि योजना 8.2 प्रतिशत का हायर इंट्रेस्ट रेट देती है। वहीं पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत की दर से ब्याज मिल रहा है। हालांकि सुकन्या योजना में मिलने वाला अधिक रिटर्न सख्त विड्रॉल नियमों के साथ आता है जबकि पीपीएफ में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

बैंकबाजार के सीईओ आदिल शेट्टी कहते हैं कि पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना दोनों ही सरकार के सपोर्ट से चलने वाली बचत योजनाएं हैं, लेकिन उनकी एलिबिलिटी, टेन्योर, इंट्रेस्ट रेट और निकासी के नियम अलग-अलग हैं। ये बातें उन्हें अलग-अलग बचत जरूरतों के हिसाब से बनाते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सही ऑप्शन का चुनाव बच्ची की उम्र, निवेश की समयसीमा और इस बात पर निर्भर करता है कि आप बेटी के भविष्य के लिए इन्वेस्ट करना चाहते हैं या आपका लॉन्ग टर्म गोल कुछ और है।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): ज्यादा इंट्रेस्ट पर विड्रॉल के नियम सख्त

सुकन्या समृद्धि योजना का खाता 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए खोला जा सकता है। यह अकाउंट ओपन होने के डेट से 21 साल में मैच्योर होता है। इसमें सिर्फ शुरुआती 15 वर्षों तक ही कंट्रीब्यूशन करना होता है। अभी इस योजना पर 8.2 प्रतिशत की दर से इंट्रेस्ट दिया जा रहा है।

यह योजना उन माता-पिता के लिए ज्यादा बेहतर है जो अपनी बेटी के भविष्य के लिए फोकस होकर फंड बनाना चाहते हैं।

पैसे निकालने के नियम: SSY से आप जब चाहें तब पैसे नहीं निकाले जा सकते। नियम के मुताबिक बच्ची के 18 वर्ष का होने के बाद हायर एजुकेशन के खर्चों के लिए पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में मौजूद बैलेंस का 50 फीसदी तक आंशिक रूप से निकालने की अनुमति देते हैं। यह रकम एक बार में या कुछ वर्षों की किश्तों में ली जा सकती है।

समय से पहले खाता बंद करना: बच्ची के 18 साल का होने के बाद शादी होने की स्थिति में खाता बंद किया जा सकता है। इसके अलावा खाताधारक की मौत या फाइनेंशियल क्राइसिस जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी शर्तों के तहत समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति है।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): इन्वेस्टमेंट में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी के लिए पीपीएफ की शुरुआती मैच्योरिटी अवधि 15 साल की होती है। इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें फिक्स्ड टेन्योर के बाद लोन और पार्टिशयस विड्रॉल की सुविधा मिलती है।

खाता खोलने के वर्ष के अंत से 5 साल पूरे होने के बाद कुछ खास परिस्थितियों या वजहों से पीपीएफ खाते को समय से पहले बंद किया जा सकता है, जैसे-

खाताधारक, जीवनसाथी, बच्चों या आश्रित माता-पिता की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए।

खाताधारक या उनके बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए (प्रवेश का प्रमाण पत्र देने पर)।

खाताधारक की निवास स्थिति में बदलाव होने पर।

यह सुविधा उन माता-पिता के लिए फायदेमंद है जो अपनी बेटी के लिए बचत तो करना चाहते हैं लेकिन उस पैसे को सिर्फ उसी के खर्चों से पूरी तरह बांधकर नहीं रखना चाहते।

PPF VS SSY कैलकुलेशन: हर महीने ₹5000 के निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?

अगर आप PPF और SSY दोनों में हर महीने ₹5000 (यानी ₹60000 सालाना) इन्वेस्ट करते हैं तो मौजूदा इंट्रेस्ट रेट पर ही कैलकुलेट किया जाए तो भी दोनों की मैच्योरिटी पर बड़ी फर्क देखने को मिलता है। पहले बात करते हैं पीपीएफ की। अगर आप हर महीने ₹5000 डालते हैं तो 15 साल में आप कुल 9 लाख रुपये जमा करेंगे। 7.1 फीसदी के इंट्रेस्ट रेट के हिसाब से आपको 7 लाख 27 हजार के करीब ब्याज मिलेगा। 15 साल बाद आपकी कुल मैच्योरिटी राशि ₹1627284 हो जाएगी.

अगर आप सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में अपनी बेटी के लिए हर महीने ₹5000 जमा करते हैं, तो 8.2 प्रतिशत की वर्तमान ब्याज दर के आधार पर आपको काफी अधिक रिटर्न मिलेगा। इस योजना के नियमानुसार आपको सिर्फ शुरुआती 15 सालों तक ही पैसे जमा करने होते हैं। इससे आपकी कुल जमा राशि 9 लाख रुपये ही रहेगी. हालांकि खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष में मैच्योर होने की वजह से अगले 6 वर्षों तक आपकी जमा राशि पर ब्याज जुड़ता रहेगा। इस तरह 21 साल की मैच्योरिटी पूरी होने पर आपको करीब ₹18 लाख 71 हजार का सिर्फ इंट्रेस्ट मिलेगा और आपकी कुल मैच्योरिटी 27 लाख 71 हजार से ज्यादा हो जाएगी।

यह भी पढ़ें: SSY Return Calculator: सुकन्या समृद्धि योजना में ₹3 लाख इंटरेस्ट कमाना चाहते हैं? तो इस्तेमाल करें यह फॉर्मूला

कौन सा विकल्प आपके लिए सबसे सही है?

अगर आपका एकमात्र उद्देश्य अपनी बेटी के भविष्य के लिए एक बड़ा और डेडिकेटेड फंड तैयार करना है, तो उच्च ब्याज दर (8.2%) की वजह से सुकन्या समृद्धि योजना अधिक फायदेमंद है। अगर आप उच्च ब्याज दर के बजाय निवेश में अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और इमरजेंसी में पैसे निकालने की सुविधा चाहते हैं, तो पीपीएफ ज्यादा बेहतर विकल्प है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।