Business Idea Under 50k: सिर्फ 50000 में शुरू करें चूड़ी-कंगन का बिजनेस, त्योहारों पर होगी डबल कमाई! जानिए इसका सीक्रेट

Business Idea Under 50k: अपना बिजनेस शुरू करना कोई छोटी बात नहीं है। लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी पूंजी लगानी पड़ती है। यही सोचकर वे अपने सपने को मारकर नौकरी की राह में आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन कई एक छोटे व्यवसाय हैं, जिन्हें 50,000 जैसी छोटी पूंजी से भी शुरू किया जा सकता है। इनमें से एक है फिरोजाबाद में तैयार होने वाले चूड़ियों और कंगनों का बिजनेस। इस बिजनेस में लागत भी बेहद कम आती है और इससे डबल मुनाफा होता है।

चूड़ियों और कंगनों के कारोबार को खड़ा करने के लिए 50000 जितनी छोटी रकम भी काफी होती है। ये ऐसा व्यवसाय है जिसमें आप बाजार में मिलने वाले नए-नए डिजाइन और रंगों की चूड़ी-कंगन की मदद से खुद के सेट बनाकर मुनाफा कमा सकते हैं। खास बात ये है कि इस कारोबार में कोई परमिट या योग्यता नहीं चाहिए और अलग से कुछ सीखना भी जरूरी नहीं है। सभी तरह की डिजाइन का माल फिरोजाबाद की चूड़ी मार्केट में मिलता है। य़हां से सस्ते दर में सामान लेकर ऊंची कीमत पर बेचकर पैसा कमा सकते हैं।

होलसेल मार्केट से सस्ते दरों पर खरीदें सामान

चूड़ियों का ये कारोबार 50 हजार जैसी छोटी राशी के साथ शुरू किया जा सकता है। इसके लिए सामान आप होलसेल मार्केट से सस्ते दरों में खरीद सकते हैं। बाद में लोकल मार्केट में उसे ऊंचे दामों में बेचकर आसानी से मुनाफा कमा सकते हैं। फिरोजाबाद के गली बोहरान में चूडियों और कंगनों के हॉलसेल व्यापारी जाकिर खान ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति नया बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उसके लिए ये बहुत अच्छा बिजनेस है।

5 हजार से 50 हजार में शुरू हो जाएगा अपना कारोबार

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत नहीं होती है। पांच हजार से लेकर पचास हजार रुपए तक में इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं। होलसेल कारोबारी जाकिर खान ने रिपोर्टर धीर सेन को बताया कि फिरोजाबाद में चूड़ियों और कंगनों का होलसेल में माल मिलता है। कांच की चूड़ियों से लेकर मैटल के कंगन तक उनके पास कम रेट में मिलते हैं। देश भर से व्यापारी उनके पास से माल को खरीदकर ले जाते हैं और बेचते हैं। इससे उनकी अच्छी कमाई होती है।

शुरू में जरूरी है नए डिजाइन की जानकारी रखना

खान कहते हैं कि शुरुआत में माल को बेचने से लेकर नई डिजाइनों की जानकारी रखना जरूरी होता है। फिर यह कारोबार धीरे-धीरे चलने लगता है। इस बिजनेस से कुछ ही महीनों में कमाई शुरू हो जाती है।

नया कारोबार शुरू करने का अच्छा मौका है करवा चौथ

अभी करवाचौथ का सीजन शुरू होने वाला है। अगर कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उनके पास से माल को खरीदकर ले जा सकता है। उनके यहां 80 रुपये से कंगनों के सेट की शुरुआत होती है।

माल का नहीं होता कोई नुकसान

अगर आपने नया बिजनेस शुरू किया है तो आप फिरोजाबाद की गली बोहरान से माल को खरीदें। इस बिजनेस में नुकसान होने की कोई संभावना नहीं है। अगर आपने पचास हजार का माल खरीदा है तो इसमें दोगुनी रेट से बेचने पर एक लाख की कमाई है। अगर आपका माल रखा रह जाता है, तो आप दस डिब्बे वापिस कर नई डिजाइन लेकर जा सकते हैं।

Bihar passport scam: बिहार में बड़े पासपोर्ट घोटाले का खुलासा, 31 अफगान नागरिकों ने बिहार के पते पर बनवा लिए पासपोर्ट

Bihar passport scam: बिहार में बड़े पासपोर्ट घोटाले का खुलासा, 31 अफगान नागरिकों ने बिहार के पते पर बनवा लिए पासपोर्ट

Bihar passport scam:बिहार में बड़ा पासपोर्ट घोटाला सामने आने के बाद मंत्रालय से लेकर राज्य के प्रशासनिक अमलों में हड़कंप मच गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार, 31 अफगानी नागरिकों द्वारा बिहार राज्य के अलग-अलग पतों पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने का खुलासा हुआ है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने जांच शुरू कर दी है।

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, 31 अफगानी नागरिकों ने बिहार के अलग-अलग पतों का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया। इनमें 30 अफगानी नागरिकों के पटना के पते पर पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, एक अफगानी नागरिक ने दरभंगा के पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया है। इसके अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों के भी बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मिली रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी-एसपी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करने और उसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।

जिलाधिकारी और एसएसपी किए गए तलब

विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी-एसपी को तलब किया गया है और उन्हें कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से मामले की पूरी जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई करने को कहा गया है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पासपोर्ट बनवाने में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और प्रक्रिया में कहीं गड़बड़ी हुई या नहीं।

पटना और दरभंगा जिले से जुड़ा है मामला

इस मामले में पुलिस मुख्यालय के स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, 30 अफगानी नागरिकों का पासपोट पटना के पते का इस्तेमाल बनवाया गया। जबकि एक पासपोर्ट दरभंगा जिले के पते पर जारी हुआ। पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इन लोगों ने बिहार का पता कैसे हासिल किया और पासपोर्ट बनवाने के दौरान कौन-कौन से फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे ?

दो बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल

अफगानी नागरिकों के अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों के भी बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने की सूचना मिली है। पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को इन मामलों की भी जांच करने को कहा है। जांच के दौरान पासपोर्ट आवेदन, पते से जुड़े दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी।

UP electricity bill: यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, अक्टूबर के बिल में 5% की कमी और 424 करोड़ रुपये की बचत

SBI Safe Schemes: बिना कोई रिस्क के बैंक FD से ज्यादा रिटर्न! बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 बेस्ट स्कीम्स

SBI Safe Savings Schemes: देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), अपने ग्राहकों को एफडी के अलावा ऐसी कई स्मॉल सेविंग्स और सरकारी बचत योजनाएं पेश करता है, जहां आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और रिटर्न भी सामान्य बैंक एफडी की तुलना में ज्यादा मिलता है।

अगर आप शेयर बाजार के जोखिम से दूर रहकर गारंटीड और टैक्स-फ्री या टैक्स-एफिशिएंट रिटर्न कमाना चाहते हैं, तो एसबीआई के जरिए मिलने वाली ये 3 सरकारी योजनाएं बेहतरीन विकल्प हैं। आइए जानते हैं इन 3 सबसे सेफ स्कीम्स की ब्याज दरों, शर्तों और मिलने वाले फायदों के बारे में।

1. सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SBI SCSS): वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे बड़ा सहारा

अगर आपकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है, तो साधारण एफडी कराने के बजाय एसबीआई के जरिए सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम(SCSS) में निवेश करना एक बेहतरीन विकल्प है।

एफडी से ज्यादा ब्याज: जहां एसबीआई सामान्य 5-वर्षीय एफडी पर वरिष्ठ नागरिकों को करीब 7.05% ब्याज दर देता है, वहीं SCSS में 8.20% की गारंटीड ब्याज दर मिलती है।

तिमाही आय: इसमें जमा राशि पर हर 3 महीने (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी) में ब्याज का भुगतान सीधे आपके एसबीआई बचत खाते में कर दिया जाता है।

अधिकतम निवेश: इस योजना में अधिकतम ₹30 लाख तक जमा किए जा सकते हैं। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत इसमें किए गए निवेश पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है।

2. सुकन्या समृद्धि योजना (SBI SSY): बेटियों के भविष्य के लिए 100% टैक्स-फ्री रिटर्न

अगर आपके घर में 10 वर्ष से कम उम्र की बेटी है, तो एसबीआई शाखा या YONO ऐप के जरिए खोला गया सुकन्या समृद्धि अकाउंट बैंक एफडी के मुकाबले कहीं बेहतर रिटर्न देता है।

धमाकेदार रिटर्न: वर्तमान में इस योजना पर सरकार 8.20% सालाना की दर से चक्रवृद्धि ब्याज दे रही है।

EEE टैक्स स्टेटस: यह योजना Exempt-Exempt-Exempt (EEE) श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि इसमें जमा राशि, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी की पूरी रकम 100% टैक्स-फ्री होती है।

निवेश की सीमा: एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा किए जा सकते हैं।

3. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (SBI PPF): बिना किसी रिस्क के लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन

लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स या रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड(PPF) देश की सबसे पसंदीदा और सुरक्षित योजनाओं में से एक है।

सरकारी गारंटी और स्थिर रिटर्न: इसमें मिलने वाला 7.10% सालाना ब्याज (जो कि सालाना आधार पर कंपाउंड होता है) सामान्य 5 से 10 साल की बैंक एफडी (6.05% – 6.45%) से काफी बेहतर है।

टैक्स फ्री मैच्योरिटी: सुकन्या योजना की तरह PPF भी पूरी तरह से EEE कैटेगरी में आता है, यानी इस पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी अमाउंट पूरी तरह से इनकम टैक्स से मुक्त होता है।

फ्लेक्सिबिलिटी: इसे 15 साल की लॉक-इन अवधि के बाद 5-5 साल के ब्लॉक में जितनी बार चाहें आगे बढ़ाया जा सकता है। इसमें न्यूनतम ₹500 से निवेश शुरू किया जा सकता है।

बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 सबसे सेफ स्कीम्स

बच्चे, बूढ़े और जवान तीनों के लिए ये है SBI की 3 सबसे सेफ स्कीम्स

एसबीआई में कैसे करें इन स्कीम्स में अप्लाई?

इन तीनों ही योजनाओं में निवेश करना बेहद आसान है:

ऑनलाइन माध्यम: अगर आप SBI के इंटरनेट बैंकिंग या YONO SBI ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो बिना ब्रांच गए ‘E-Services / Govt Schemes’ सेक्शन में जाकर PPF या सुकन्या खाता खोल सकते हैं।

ऑफलाइन माध्यम: आप अपनी नजदीकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) शाखा में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और आवश्यक न्यूनतम राशि के साथ जाकर तुरंत खाता खुलवा सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

आज का एक्सप्लेनर:तिहाड़ जेल से अमेरिका गया ‘भाड़े का सैनिक’ मैथ्यू; आतंकी साजिश के आरोप थे, फिर कैसे छूटा, क्या अब भारत लौटेगा

24 सितंबर को तिहाड़ जेल से निकला मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका की उड़ान भर चुका है। वही भाड़े का सैनिक मैथ्यू, जिसे 6 महीने पहले भारत की सबसे सख्त आतंकवाद-रोधी एजेंसी NIA ने पकड़ा था और UAPA जैसा कड़ा कानून लगाया था। आखिर कौन है मैथ्यू, UAPA लगने के बावजूद भारत से जाने क्यों दिया गया और क्या वापस लौटेगा; 3 चैप्टर्स में पूरी कहानी… मैथ्यू वैनडाइक 1981 में अमेरिका के बाल्टीमोर में पैदा हुआ। वो खुद को मर्सिनरी बताता है, यानी भाड़े का सैनिक, जो पैसों के बदले किसी भी देश या संगठन के लिए लड़ सकता है। मैथ्यू की वेबसाइट के मुताबिक, वो ‘Sons of Liberty International’ (SOLI) नाम की प्राइवेट मिलिट्री का फाउंडर, जंग कवर करने वाला पत्रकार, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर है। वह सीरिया और इराक जैसे देशों में युद्धबंदी भी रहा है। पिछले दो दशकों में उसने दुनियाभर में कई ऑपरेशन किए… तो मैथ्यू भारत में क्या कर रहा था? गिरफ्तारी के वक्त NIA ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, यानी UAPA की धारा 18 लगाई, जो आतंकी साजिश, कोशिश, समर्थन, उकसाने या मदद करने से जुड़ी है। UAPA के तहत जांच पूरी करके 180 दिनों में चार्जशीट दायर करनी होती है, जो मैथ्यू के मामले में 8 सितंबर 2026 को खत्म हो रही थी। NIA ने 8 सितंबर को चार्जशीट दाखिल तो कर दी, लेकिन UAPA की धाराओं के बजाय इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 21 और 23 लगाईं। धारा 21 वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के बिना भारत में दाखिल होने से जुड़ी है, जबकि धारा 23 वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रुकने या वीजा नियमों को तोड़ने से जुड़ी है। NIA का तर्क था कि जांच अब भी जारी है और UAPA के तहत अपराध की पुष्टि करने के लिए अभी और वक्त चाहिए। यहीं से कानूनी छूट का एक मौका बना… कोर्ट छूट के साथ कुछ शर्तें भी लगाईं… इसके बाद 24 सितंबर की रात मैथ्यू और बाकी 6 आरोपी तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। इस पर कई विपक्षी नेता सवाल खड़े कर रहे हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 23-26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री के सामने मैथ्यू का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव ने यह नतीजा तय किया, लेकिन भारत को बदले में क्या मिला? इससे भी अहम है कि इन विदेशी संदिग्धों को वीजा कैसे मिला और इन्हें भारत के रास्ते म्यांमार जाने की इजाजत कैसे मिली? AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘UAPA के तहत किसके खिलाफ चार्जशीट दायर की जानी चाहिए, यह सर्जियो गोर तय करते हैं। भारतीय नागरिक UAPA के तहत 9 से 10 साल तक जेल में सड़ सकते हैं, क्योंकि उनके पास सर्जियो गोर नहीं हैं।’ स्ट्रैटजिक अफेयर्स एक्सपर्ट डॉ. ब्रह्मा चेलानी मानते हैं कि भारत ने बार-बार कूटनीतिक या रणनीतिक दबाव के तहत विदेशी नागरिकों या संस्थाओं के खिलाफ हाई-प्रोफाइल आपराधिक कार्यवाहियों को कमजोर कर दिया गया, छोड़ दिया गया या बेअसर कर दिया गया। कोर्ट ने साफ कहा है कि एक महीने बाद मैथ्यू और बाकी 6 आरोपियों को भारत लौटना होगा और लौटने के 72 घंटों के भीतर कोर्ट को बताना होगा। वहीं NIA की UAPA को लेकर जांच जारी है। अगर एजेंसी को सबूत मिले और अपराधों की पुष्टि हुई, तो वह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है। ऐसा हुआ तो मैथ्यू पर फिर से UAPA के तहत आतंकी गतिविधियों के आरोप फिर से लग सकते हैं और केस चल सकता है। हालांकि मैथ्यू की वापसी पर संशय बना हुआ है। ज्यादातर मामलों में विदेशी आरोपियों के लौटने की गारंटी लेने वाला कोई नहीं होता। पहले भी ऐसा हो चुका है कि जब विदेशी आरोपी एक बार छूटने के बाद वापस लौटे ही नहीं। 3 चर्चित मामले… ऐसे में अगर मैथ्यू तय समय पर नहीं लौटता, तो भारत के पास 2 विकल्प हैं- जमानत रद्द कर गैर-जमानती वारंट जारी करना या भारत-अमेरिका की प्रत्यर्पण संधि (1997) के तहत औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग करना। ————— ये भी खबर पढ़िए…. मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम रख पाकिस्तान कैसे करोड़ों जुटाएगा; ये मोस्ट वॉन्टेड आतंकी आखिर छिपा कहां है जैश-ए-मोहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर के सिर पर पाकिस्तान ने 70 लाख रुपए का इनाम रखा है। पाकिस्तान 2021 से दावा करता आ रहा है कि मसूद अफगानिस्तान भाग चुका है, जबकि भारतीय एजेंसियों का मानना है कि वो पाकिस्तान में ही छिपा है। पूरी खबर पढ़िए…

बिजनेस ट्रिप का बहाना पड़ा भारी, एयरपोर्ट पर पासपोर्ट के इस राज ने खोल दी पति की पोल!

पासपोर्ट की एक गड़बड़ी से खुला व्यक्ति की छिपी हुई ट्रिप का पूरा सीक्रेट

मुंबई: पुणे के एक बिजनेसमैन की विदेश यात्रा से जुड़ा मामला इन दिनों चर्चा में है। उसने पत्नी को इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी बताकर यात्रा रद्द होने की बात कही, लेकिन असल कहानी कुछ और थी। जिस महिला के साथ वह विदेश जाने वाला था, उसके पासपोर्ट में दिक्कत के चलते इमिग्रेशन क्लियर नहीं हो पाया और पूरी यात्रा रद्द करनी पड़ी। इसके बाद इस मामले में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे कहानी ने अलग मोड़ ले लिया।

पत्नी से छिपाई ट्रिप की बात

46 साल के इस बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी को बताया था कि वह बिजनेस ट्रिप के लिए कुआलालंपुर जा रहा है। लेकिन वह एक दूसरी महिला के साथ विदेश यात्रा पर निकला था। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि महिला जिस पासपोर्ट का इस्तेमाल कर रही थी, उसे पहले ही खोया हुआ घोषित किया जा चुका था।

एयरपोर्ट से अचानक बदला ये प्लान

महिला को इमिग्रेशन पर रोके जाने के बाद बिजनेसमैन को लगा कि अब उसकी पत्नी को असली बात पता चल सकती है। इसके बाद उसने अपनी यात्रा रद्द कर दी और मोबाइल फोन बंद कर दिया। पुलिस के मुताबिक, वह महिला के साथ दक्षिण मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस यानी CSMT चला गया। एयरपोर्ट से निकलने से पहले उसने वहां मौजूद लैंडलाइन फोन से पत्नी को कॉल किया और बताया कि इमिग्रेशन की परेशानी के कारण उसे अपना मोबाइल फोन जमा करना पड़ा है।

पत्नी ने दर्ज कराई किडनैपिंग की FIR

अगले दिन बिजनेसमैन ने अपनी पत्नी से थोड़ी देर WhatsApp वीडियो कॉल पर बात की और इमिग्रेशन की समस्या वाली वही बात दोहराई। इसके बाद उसका फोन नेटवर्क से बाहर हो गया और पत्नी उससे कांटेक्ट नहीं कर पाई। काफी समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसने पुलिस से कांटेक्ट किया। उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण की FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

FIR की जानकारी मिलते ही सामने आया ये सच

मामले की FIR दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद बिजनेसमैन खुद सहार पुलिस स्टेशन पहुंचा। यह वही पुलिस स्टेशन है, जिसके अधिकार क्षेत्र में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट आता है। पुलिस के सामने उसने स्वीकार किया कि इमिग्रेशन से जुड़ी परेशानी की जो कहानी उसने अपनी पत्नी को बताई थी, वह सच नहीं थी। उसने खुद यह कहानी बनाई थी ताकि अपनी ट्रिप और उसके साथ मौजूद महिला की बात पत्नी से छिपा सके।

जांच के बाद पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर कोर्ट में ‘C समरी’ क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पुलिस के अनुसार, ऐसी रिपोर्ट उन मामलों में इस्तेमाल की जाती है, जहां जांच के दौरान शिकायत के पीछे गलतफहमी या तथ्यों से जुड़ी स्थिति सामने आती है। इस मामले में भी जांच के बाद पूरी कहानी स्पष्ट हुई और सामने आया कि इमिग्रेशन को लेकर बताई गई बात सही नहीं थी।