CBI ने बैंकिंग भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का किया भंडाफोड़, CGST इंस्पेक्टर समेत 4 गिरफ्तार

CBI Banking Exam Scam: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने देशभर में बैंकिंग भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा और अभ्यर्थियों की जगह दूसरे लोगों के परीक्षा देने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई ने दिल्ली (Delhi), बिहार (Bihar), हरियाणा (Haryana) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सक्रिय इस नेटवर्क के चार प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में एक CGST इंस्पेक्टर भी शामिल है

CBI के मुताबिक, यह कार्रवाई इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सेलेक्शन (IBPS) की शिकायत पर दर्ज FIR के आधार पर की गई। मामले की जांच CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई कर रही है।

कई राज्यों में एक साथ छापेमारी

CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच ने दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में समन्वित तरीके से कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान गिरोह के चार प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंकिंग भर्ती की चयन प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में असल उम्मीदवारों की जगह खुद परीक्षा और इंटरव्यू में शामिल होते थे। आरोपी शारीरिक रूप से अभ्यर्थियों की जगह उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में धोखाधड़ी करते थे।

मेहनती अभ्यर्थियों के हक पर डाका

CBI के अनुसार, इस गिरोह की गतिविधियों से सार्वजनिक परीक्षाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता प्रभावित हुई। फर्जी तरीके से चयन प्रक्रिया में शामिल होकर आरोपियों ने उन वास्तविक और मेहनती अभ्यर्थियों के अवसरों को प्रभावित किया, जो अपनी योग्यता के आधार पर भर्ती हासिल करने की तैयारी कर रहे थे। इस मामले में सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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Form 6 controversy: चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के दावे को बताया भ्रामक, कांग्रेस नेता ने CEC ज्ञानेश कुमार पर फॉर्म-6 में अवैध बदलाव का लगाया आरोप

Form 6 controversy: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में अवैध और एकतरफा तरीके से बदलाव किए। साथ ही कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मदद पहुंचाने के लिए अपने पद के दुरुपयोग का एक और सबूत है। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने गांधी के इस आरोप को भ्रामक बताते हुए कहा कि बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का आदेश 24 जून 2025 को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई, 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा है।

राहुल गांधी ने 26 सितंबर के निर्वाचन आयोग के प्रेस नोट का हवाला देते हुए X पर एक पोस्ट में कहा, अब यह संदेह से परे स्थापित हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म-6 में अवैध और एकतरफा तरीके से बदलाव किया। उन्होंने आरोप लगाया, “यह भाजपा की मदद करने के लिए उनके पद का दुरुपयोग करने का एक और सबूत है।” लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लोकतंत्र पर इस आपराधिक हमले में शामिल ज्ञानेश कुमार और अन्य सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।

चुनाव आयोग का जवाब

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने बाद में राहुल गांधी के आरोप को भ्रामक बताते हुए उनका फैक्ट-चेक जारी किया है। आयोग ने X पर कहा कि बिहार में SIR का आदेश 24 जून 2025 को निर्वाचन आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से जारी किया गया था। इस आदेश को उच्चतम न्यायालय ने 27 मई, 2026 के अपने फैसले में बरकरार रखा है।

आयोग ने अपने 26 सितंबर 2026 के प्रेस नोट संख्या 120 के बिंदु 1(3) का हवाला देते हुए कहा कि एसआईआर के लिए फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा को भी सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। कांग्रेस नेता ने जिस प्रेस नोट का उल्लेख किया, उसमें निर्वाचन आयोग ने कहा था कि SIR प्रक्रिया के दौरान फॉर्म-6 के साथ संलग्न घोषणा-पत्र को उच्चतम न्यायालय द्वारा सही ठहराया गया है।

सुुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

दूसरी तरफ, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उच्चतम सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म-6 के किसी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने यह टिप्पणी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभियोग चलाए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान की।

बीजेपी भी भड़की

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने निर्वाचन आयोग के कुछ फैसलों से संबंधित जनहित याचिका की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हुई कार्यवाही के बारे में राहुल गांधी पर झूठ बोलने और देश को गुमराह करने का सोमवार को आरोप लगाया। सत्ताधारी पार्टी ने कहा कि कांग्रेस नेता को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा, “भारत के चीफ जस्टिस ने यह नहीं कहा कि फॉर्म-6 अवैध है। राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय ने ऐसा कहा है।” पात्रा ने आगे कहा, “यह ठीक वैसा ही है, जब राहुल गांधी ने दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की बात कही है। बाद में उन्हें उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दाखिल करना पड़ा और बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी।”

उन्होंने कहा, “यहां भी यही होने वाला है। झूठ बोलने की सजा होती है।” पात्रा ने आरोप लगाया कि गांधी मामले की उच्चतम न्यायालय में हुई सुनवाई और 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान के बारे में देश को ‘गुमराह’ करने की कोशिश कर रहे हैं।

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BJP सांसद ने कहा, “दोनों ही मामलों में राहुल गांधी लोगों को गुमराह करके देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनकी रैलियों को कुछ मजबूती मिल सके।” उन्होंने कहा, “उनकी X पर की गई पोस्ट झूठ से भरी थी। एक जिम्मेदार नेता प्रतिपक्ष से इसकी उम्मीद नहीं की जाती। इस तरह झूठ का दुष्प्रचार करके देश में अराजकता पैदा करने का प्रयास करना अपराध है।”

Business Idea Under 50k: सिर्फ 50000 में शुरू करें चूड़ी-कंगन का बिजनेस, त्योहारों पर होगी डबल कमाई! जानिए इसका सीक्रेट

Business Idea Under 50k: अपना बिजनेस शुरू करना कोई छोटी बात नहीं है। लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि इसके लिए बहुत बड़ी पूंजी लगानी पड़ती है। यही सोचकर वे अपने सपने को मारकर नौकरी की राह में आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन कई एक छोटे व्यवसाय हैं, जिन्हें 50,000 जैसी छोटी पूंजी से भी शुरू किया जा सकता है। इनमें से एक है फिरोजाबाद में तैयार होने वाले चूड़ियों और कंगनों का बिजनेस। इस बिजनेस में लागत भी बेहद कम आती है और इससे डबल मुनाफा होता है।

चूड़ियों और कंगनों के कारोबार को खड़ा करने के लिए 50000 जितनी छोटी रकम भी काफी होती है। ये ऐसा व्यवसाय है जिसमें आप बाजार में मिलने वाले नए-नए डिजाइन और रंगों की चूड़ी-कंगन की मदद से खुद के सेट बनाकर मुनाफा कमा सकते हैं। खास बात ये है कि इस कारोबार में कोई परमिट या योग्यता नहीं चाहिए और अलग से कुछ सीखना भी जरूरी नहीं है। सभी तरह की डिजाइन का माल फिरोजाबाद की चूड़ी मार्केट में मिलता है। य़हां से सस्ते दर में सामान लेकर ऊंची कीमत पर बेचकर पैसा कमा सकते हैं।

होलसेल मार्केट से सस्ते दरों पर खरीदें सामान

चूड़ियों का ये कारोबार 50 हजार जैसी छोटी राशी के साथ शुरू किया जा सकता है। इसके लिए सामान आप होलसेल मार्केट से सस्ते दरों में खरीद सकते हैं। बाद में लोकल मार्केट में उसे ऊंचे दामों में बेचकर आसानी से मुनाफा कमा सकते हैं। फिरोजाबाद के गली बोहरान में चूडियों और कंगनों के हॉलसेल व्यापारी जाकिर खान ने लोकल 18 से बातचीत करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति नया बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उसके लिए ये बहुत अच्छा बिजनेस है।

5 हजार से 50 हजार में शुरू हो जाएगा अपना कारोबार

इस बिजनेस को शुरू करने के लिए ज्यादा पैसों की जरूरत नहीं होती है। पांच हजार से लेकर पचास हजार रुपए तक में इस बिजनेस को शुरू कर सकते हैं। होलसेल कारोबारी जाकिर खान ने रिपोर्टर धीर सेन को बताया कि फिरोजाबाद में चूड़ियों और कंगनों का होलसेल में माल मिलता है। कांच की चूड़ियों से लेकर मैटल के कंगन तक उनके पास कम रेट में मिलते हैं। देश भर से व्यापारी उनके पास से माल को खरीदकर ले जाते हैं और बेचते हैं। इससे उनकी अच्छी कमाई होती है।

शुरू में जरूरी है नए डिजाइन की जानकारी रखना

खान कहते हैं कि शुरुआत में माल को बेचने से लेकर नई डिजाइनों की जानकारी रखना जरूरी होता है। फिर यह कारोबार धीरे-धीरे चलने लगता है। इस बिजनेस से कुछ ही महीनों में कमाई शुरू हो जाती है।

नया कारोबार शुरू करने का अच्छा मौका है करवा चौथ

अभी करवाचौथ का सीजन शुरू होने वाला है। अगर कोई नया बिजनेस शुरू करना चाहता है तो उनके पास से माल को खरीदकर ले जा सकता है। उनके यहां 80 रुपये से कंगनों के सेट की शुरुआत होती है।

माल का नहीं होता कोई नुकसान

अगर आपने नया बिजनेस शुरू किया है तो आप फिरोजाबाद की गली बोहरान से माल को खरीदें। इस बिजनेस में नुकसान होने की कोई संभावना नहीं है। अगर आपने पचास हजार का माल खरीदा है तो इसमें दोगुनी रेट से बेचने पर एक लाख की कमाई है। अगर आपका माल रखा रह जाता है, तो आप दस डिब्बे वापिस कर नई डिजाइन लेकर जा सकते हैं।

Bihar passport scam: बिहार में बड़े पासपोर्ट घोटाले का खुलासा, 31 अफगान नागरिकों ने बिहार के पते पर बनवा लिए पासपोर्ट

Bihar passport scam: बिहार में बड़े पासपोर्ट घोटाले का खुलासा, 31 अफगान नागरिकों ने बिहार के पते पर बनवा लिए पासपोर्ट

Bihar passport scam:बिहार में बड़ा पासपोर्ट घोटाला सामने आने के बाद मंत्रालय से लेकर राज्य के प्रशासनिक अमलों में हड़कंप मच गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार, 31 अफगानी नागरिकों द्वारा बिहार राज्य के अलग-अलग पतों पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने का खुलासा हुआ है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने जांच शुरू कर दी है।

पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, 31 अफगानी नागरिकों ने बिहार के अलग-अलग पतों का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया। इनमें 30 अफगानी नागरिकों के पटना के पते पर पासपोर्ट जारी होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, एक अफगानी नागरिक ने दरभंगा के पते पर अपना पासपोर्ट बनवाया है। इसके अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों के भी बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय से मिली रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी-एसपी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करने और उसकी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने को कहा गया है।

जिलाधिकारी और एसएसपी किए गए तलब

विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के डीएम और एसएसपी-एसपी को तलब किया गया है और उन्हें कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से मामले की पूरी जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई करने को कहा गया है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि पासपोर्ट बनवाने में किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया और प्रक्रिया में कहीं गड़बड़ी हुई या नहीं।

पटना और दरभंगा जिले से जुड़ा है मामला

इस मामले में पुलिस मुख्यालय के स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, 30 अफगानी नागरिकों का पासपोट पटना के पते का इस्तेमाल बनवाया गया। जबकि एक पासपोर्ट दरभंगा जिले के पते पर जारी हुआ। पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहा है कि इन लोगों ने बिहार का पता कैसे हासिल किया और पासपोर्ट बनवाने के दौरान कौन-कौन से फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे ?

दो बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल

अफगानी नागरिकों के अलावा दो बांग्लादेशी नागरिकों के भी बिहार के पते पर भारतीय पासपोर्ट बनवाए जाने की सूचना मिली है। पुलिस मुख्यालय ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को इन मामलों की भी जांच करने को कहा है। जांच के दौरान पासपोर्ट आवेदन, पते से जुड़े दस्तावेज और संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी।

UP electricity bill: यूपी में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, अक्टूबर के बिल में 5% की कमी और 424 करोड़ रुपये की बचत

UP-Bihar MLC polls: यूपी-बिहार MLC चुनाव के लिए BJP ने जारी की 10 उम्मीदवारों की लिस्ट, नवल किशोर यादव और केदारनाथ सिंह को मिला टिकट

UP-Bihar MLC polls 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार (29 सितंबर) को बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले 2026 के विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। भगवा पार्टी ने स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी उम्मीदवार घोषित किए हैं। बिहार के लिए पार्टी ने नवल किशोर यादव और डॉ. एनके यादव समेत उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के लिए घोषित छह प्रमुख उम्मीदवारों में केदारनाथ सिंह और हरि किशोर तिवारी के नाम शामिल हैं।

BJP की ओर से जारी लिस्ट में दोनों राज्यों की विधान परिषद की संबंधित स्नातक और शिक्षक सीटों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया गया है। इन चुनावों के जरिए विधान परिषद में संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सदस्यों का चुनाव होगा। BJP के इस ऐलान के साथ ही बिहार और उत्तर प्रदेश में आगामी MLC चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

बिहार MLC चुनाव के लिए BJP उम्मीदवारों के प्रमुख नाम

पटना शिक्षक: श्री नवल किशोर यादव

कोशी स्नातक: डॉ० एन.के. यादव

दरभंगा स्नातक: श्री सर्वेश कुमार

तिरहुत शिक्षक: श्री नरेंद्र प्रसाद सिंह

उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव 2026 के प्रमुख उम्मीदवार

वाराणसी स्नातक: केदार नाथ सिंह

मेरठ स्नातक: दिनेश गोयल

इलाहाबाद-झांसी स्नातक: अशोक कुमार राठौर

वाराणसी शिक्षक: डॉ. प्रमोद मिश्रा

आगरा शिक्षक: इंजीनियर हरि किशोर तिवारी

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक: ध्रुव त्रिपाठी

राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव के लिए जोड़तोड़ तेज

उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों में जोड़तोड़ और लामबंदी तेज हो गई है। राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर और विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होगा। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के आधार पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) ही अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की स्थिति में हैं। ऐसे में दोनों दलों में उम्मीदवारों के चयन और रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 10 सीट शामिल हैं। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। चुनाव के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। जबकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख छह अक्टूबर और मतगणना 16 अक्टूबर को होगी।

ये होने वाले हैं रिटायर

उत्तर प्रदेश से रिटायर होने वाले राज्यसभा सदस्यों में BJP के अरुण सिंह, गीता शाक्य, नीरज शेखर, बृजलाल, बी.एल. वर्मा, सीमा द्विवेदी और हरदीप सिंह पुरी, सपा के रामगोपाल यादव तथा बहुजन समाज पार्टी (BSP) के रामजी गौतम शामिल हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा की सीट 11 सितंबर से रिक्त है। अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद उनका इस्तीफा प्रभावी हुआ था। निवर्तमान 10 सीटों में से आठ भाजपा, एक सपा और एक बसपा के पास थीं।

मौजूदा विधानसभा में संख्या बल के आधार पर BJP को सर्वाधिक सीटें मिलने की संभावना है। जबकि उसके बाद सपा का प्रतिनिधित्व होगा। हाल ही में आगरा की फतेहाबाद सीट से BJP विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय विधानसभा में BJP गठबंधन के 288 विधायक हैं। इनमें BJP के 255, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक शामिल हैं।

सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास करीब 103 विधायक हैं, जिनमें SP के 101 विधायक शामिल हैं। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के दो और तीन निर्दलीय विधायक हैं। इन तीन निर्दलीय विधायकों में उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य मंत्री मनोज कुमार पांडेय भी शामिल हैं। ये तीनों विधायक सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे। लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी से उनकी दूरियां बढ़ गई थीं।

23 अक्टूबर को होगा MLC चुनाव

विधान परिषद की 11 सीटों के लिए चुनाव 23 अक्टूबर को होगा। जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि छह अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच सात अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर होगी।

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इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। संबंधित सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर को समाप्त हो रहा है। विधान परिषद के जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें BJP के अवनीश कुमार सिंह, मानवेन्द्र प्रताप सिंह, दिनेश कुमार गोयल, उमेश द्विवेदी, श्रीचंद शर्मा और हरि सिंह ढिल्लों; सपा के लाल बिहारी यादव, आशुतोष सिन्हा और डॉ. मान सिंह यादव, निर्दलीय आकाश अग्रवाल तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी शामिल हैं।

48 में बनाया पहला वीडियो और बन गईं Internet की Favourite Aunty | Housewife to Influencer| Bihar

48 में बनाया पहला वीडियो और बन गईं Internet की Favourite Aunty | Housewife to Influencer| Bihar

“सालों से मुझे ऐसा लगता था कि मेरी बातें सुनने के लिए कोई नहीं है, लेकिन अब इतने सारे लोग मेरी बातें सुनते हैं। ये मेरे लिए किसी सपने जैसा है।” – 48 साल की आरती मिश्रा का जीवन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा।
हर कदम पर अपने सपनों को त्यागकर उन्होंने दूसरों के लिए जिया, लेकिन आज Content बनाने के बहाने वो खुल कर खुद के लिए जी रही हैं, पहली बार अपनी ख़ुशी के लिए अपने लिए कुछ कर रही।

आइए जानते हैं Internet की Favourite Aunty की कहानी

@beyondaarti

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Video: चोरी के डर से बिहार के शख्स ने लगाया अनोखा जुगाड़! क्रेन से घर की छत पर ही चढ़ा दी Scorpio, वीडियो वायरल

Viral Video: सोशल मीडिया पर बिहार के गोपालगंज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यहां पर एक व्यक्ति ने अपनी नई महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को चोरी से बचाने के लिए अनोखा जुगाड़ लगाता है। उसका ये अनोखा जुगाड़ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। गोपालगंज के एक व्यक्ति ने अपनी नई महिंद्रा स्कॉर्पियो को चोरी से बचाने के लिए उसे घर की दूसरी मंजिल पर रखवा दिया। व्यक्ति ने क्रेन की मदद से SUV को जमीन से ऊपर उठाकर छत पर पहुंचाया। गाड़ी को क्रेन से उठाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस अनोखे तरीके को देखकर हैरान हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे और वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस 46 सेकेंड के वीडियो में महिंद्रा स्कॉर्पियो क्लासिक को क्रेन के जरिए एक घर की छत तक पहुंचाते हुए देखा गया। क्रेन से लटकी गाड़ी को धीरे-धीरे दो मंजिला मकान की छत तक पहुंचाया जाता है और फिर बेहद सावधानी से उसे छत पर खड़ा कर दिया जाता है। गाड़ी को इस तरह घर की छत पर पहुंचाने का तरीका देखकर लोग काफी हैरान हैं। इस घटना पर लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

 

परिवार को थी गाड़ी की टेंशन

बताया जा रहा है कि ये SUV मनोज यादव की है, जिन्होंने इसे कुछ समय पहले ही खरीदा था। मनोज काम के सिलसिले में इजराइल में रहते हैं और उनकी गैरमौजूदगी में कार की देखभाल एक ड्राइवर कर रहा था। बाद में ड्राइवर के वहां से चले जाने के बाद परिवार को गाड़ी की सुरक्षा की चिंता होने लगी। इसके बाद कार को चोरी से सुरक्षित रखने के लिए परिवार ने उसे घर की छत पर रखने का फैसला किया और क्रेन की मदद से SUV को ऊपर पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है।

बताया जा रहा है कि छत पर खड़ी स्कॉर्पियो को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंच रहे हैं। घर की छत पर इतनी भारी SUV रखने से छत की मजबूती और सुरक्षा को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।

(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)

बिहार की बाढ़ में सैकड़ों लोगों का सहारा बना प्रशांत का Floating Station | Bihar Flood Relief

बिहार की बाढ़ में सैकड़ों लोगों का सहारा बना प्रशांत का Floating Station | Bihar Flood Relief

बिहार की बाढ़ में जब रास्ते डूब गए, तब प्रशांत कुमार ने मदद का रास्ता तैरता बना दिया।
उनका Floating Water Station बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैकड़ों लोगों तक पानी, दवाइयाँ और ज़रूरी सामान पहुँचा रहा है, इसमें लगा Water Purification System हर दिन 4,000 लीटर साफ़ और सुरक्षित पानी उपलब्ध करा सकता है।
एक Engineer की सोच, जो बाढ़ के बीच सैकड़ों लोगों के लिए उम्मीद बन गई।
आइए, प्रशांत की इस सोच का साथ दें, ताकि ऐसे innovative solutions और ज्यादा लोगों तक मदद पहुँचा सकें और बाढ़ के बीच किसी जरूरतमंद तक ज़रूरी सुविधाएँ पहुँचने से न रुकें।

@param_shant
@centreofresilience

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Delhi Building Collapse: ‘मलबे के अंदर से फोन कर रहे छात्र’, दिल्ली बिल्डिंग हादसे की हैरान कर देने वाली कहानी आई सामने

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पीजी इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है, वहीं कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई। वहीं BJP विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, इस बिल्डिंग में कई छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। इस हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।

‘अंदर से कर रहे फोन’

BJP विधायक ने आगे कहा कि, फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि इमारत के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, मलबे में फंसे कुछ छात्र अभी भी फोन के जरिए संपर्क कर रहे थे। इससे आशंका है कि हादसे के बाद भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। शर्मा ने कहा, “कुछ स्टूडेंट्स अभी भी अंदर से फोन कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।”

 

‘छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए’

विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और सरकार इस घटना को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है। पूरी सरकार इस घटना को लेकर चिंतित है और हमारा सबसे बड़ा मकसद यही है कि अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।”

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

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