5 साल से बिना रुके भूखों को खाना खिला रहे हैं ये शख्श | Maa Ki Rasoi Muzaffarpur | Real life hero

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बांकीपुर में क्यों हारी भाजपा? प्रशांत किशोर की जीत के 5 बड़े कारण

Bihar assembly bypoll results Bankipur

Bihar assembly bypoll results Bankipur: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बिहार राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पटना की इस हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भाजपा (BJP) के 30 साल पुराने अभेद्य गढ़ में सेंध लगाते हुए 19 हजार 324 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।

 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की इस पारंपरिक सीट पर प्रशांत को मिली जीत ने बिहार के सियासी गणित को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। 1995 के बाद से कभी चुनाव न हारने वाली भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को पटखनी देकर प्रशांत किशोर न केवल जन सुराज के पहले विधायक बने हैं, बल्कि बिहार में एक नए 'तीसरे विकल्प' की नींव भी मजबूत कर दी है।  

क्या हैं भाजपा की हार के बड़े कारण?

PK का खुद मैदान में उतरना : 2025 के चुनावों में विफलता के बाद प्रशांत किशोर ने किसी अन्य प्रत्याशी पर दांव लगाने के बजाय खुद बांकीपुर से मैदान संभाला। उनकी इस रणनीति ने मतदाताओं को संदेश दिया कि वे इस चुनाव को लेकर बेहद गंभीर हैं। यही कारण रहा कि लोगों ने उन पर भरोसा किया। 

 

पारंपरिक वोट बैंक में बड़ी दरार : बांकीपुर में भाजपा के मुख्य कैडर वोट बैंक (सवर्ण और शहरी मध्यम वर्ग) में भारी बिखराव देखने को मिला। प्रशांत किशोर ने BJP के साथ-साथ RJD के भी मुस्लिम-यादव व पिछड़ा वोट बैंक में जबरदस्त सेंधमारी की, जिससे पक्ष और विपक्ष दोनों का ही समीकरण ध्वस्त हो गया।

 

मुद्दों पर आधारित अभियान : प्रशांत किशोर ने पारंपरिक जाति-धर्म की राजनीति के बजाय शिक्षा, रोजगार, जलजमाव, नागरिक सुविधाओं और बिहार के विकास को प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने बड़े मंचों के बजाय मोहल्ला बैठकों और सीधी जन-चौपालों पर ध्यान केंद्रित किया। इस चुनाव परिणाम पर दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट का भी असर माना जा रहा है। युवा वोटर का एक बड़ा वर्ग भी प्रशांत के पक्ष में गया। 

 

अहंकार के खिलाफ जनआक्रोश : प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान यह संदेश आक्रामक तरीके से फैलाया कि 'किला जनता बनाती है, कोई पार्टी नहीं'। भाजपा के कैडर द्वारा सीट को 'सुरक्षित' मान लेने के रवैये का फायदा उठाते हुए PK ने बदलाव की चाहत रखने वाले तटस्थ वोटरों को साध लिया। उपचुनाव के माध्यम से वोटरों ने भाजपा के 'अहंकार' पर भी प्रहार किया, जिसे हमेशा लगता है कि वह कोई चुनाव नहीं हार सकती। 

 

तीसरे विकल्प की तलाश : मुख्य विपक्षी दल RJD की प्रत्याशी रेखा कुमारी का कमजोर प्रदर्शन यह दिखाता है कि जो मतदाता भाजपा से तो नाराज थे ही, उन्होंने RJD पर भी विश्वास नहीं किया। वोटर ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर के 'जन सुराज' पर भरोसा जताया।  

कैसे ढहाया भाजपा का अभेद्य किला?

बांकीपुर (पूर्व में पटना पश्चिम) सीट 1995 से भाजपा का सबसे सुरक्षित किला मानी जाती थी। नितिन नवीन यहां से लगातार 5 बार विधायक रहे हैं। लेकिन उनके राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर भाजपा ने एक कम प्रोफाइल वाले युवा चेहरे को उतारा। प्रशांत किशोर ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने बांकीपुर के हर वार्ड और मोहल्ले का डेटा-संचालित तरीके से विश्लेषित किया और असंतुष्ट गुटों को जोड़ा। पटना शहर का पढ़ा-लिखा और मध्यम वर्ग जो भाजपा का बंधुआ वोटर माना जाता था, उसने बदलाव के नाम पर प्रशांत किशोर को वोट दिया। प्रशांत किशोर ने अकेले 49.2% वोट हासिल किए, जो BJP (34.4%) और RJD (10.9%) के कुल मिलाकर मिले वोटों से भी ज्यादा है।

बिहार में 'तीसरे विकल्प' का उदय

NDA और महागठबंधन के दोहरे धुव्रीकरण के बीच जन सुराज ने यह साबित कर दिया है कि राज्य में एक मजबूत और व्यावहारिक तीसरा विकल्प खड़ा हो चुका है। बांकीपुर के नतीजों ने सभी राजनीतिक दलों को यह कड़ा संदेश दिया है कि किसी भी सीट को 'टेकन फॉर ग्रांटेड' (जरूरी रूप से सुरक्षित) मानना चुनावी भूल साबित हो सकता है।

Vaibhav Sooryavanshi: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी को क्यों बनाया गया उपकप्तान? सेलेक्टर ने बताया इस फैसले के पीछे की वजह

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 के बाद से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 के लिए ईस्ट जोन टीम का उपकप्तान बनाया गया है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत 23 अगस्त से बेंगलुरु में होगी। वहीं वैभव के उपकप्तान बनाए जाने के फैसले को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आई हैं। कई पूर्व खिलाड़ी और एक्सपर्ट के मुताबिक, इतनी कम उम्र में वैभव को बड़ी जिम्मेदारी देना जल्दबाजी हो सकती है। वहीं हाल ही में सेलेक्टर ने बताया की वैभव को इतनी बड़ी जिम्मेदारी क्यों दी गई है।

फैसले का किया बचाव

ईस्ट जोन सेलेक्टर समिति के सदस्य और ओडिशा के पूर्व रणजी क्रिकेटर प्रवंजन मलिक ने इस फैसले का बचाव किय। प्रवंजन मलिक ने क्रिकबज से बातचीत में कहा, “वैभव को कप्तान नहीं, बल्कि उपकप्तान बनाया गया है। टीम की कप्तानी ईशान किशन करेंगे। ईशान विकेटकीपर भी हैं, इसलिए मैच के दौरान उनकी भूमिका लगातार एक्टिव रहेगी। इसका मतलब यह नहीं है कि वैभव पूरे समय टीम की कप्तानी करेंगे। वह अभी सीखने के दौर में हैं और हर दिन पहले से ज्यादा मैच्योर हो रहे हैं। उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी देने से उनकी नेतृत्व क्षमता और मैच की समझ बेहतर होगी।”

भविष्य के लीडरशीप क्षमता विकसित करना

मलिक ने ये भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी पहले से ही बिहार की घरेलू टीम के उपकप्तान हैं और 2026 अंडर-19 विश्व कप में भी उपकप्तान की भूमिका भी निभा चुके हैं। उन्होंने कहा, “वैभव देश के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के साथ उनका आईपीएल सीजन भी शानदार रहा। वह बिहार की प्रथम श्रेणी टीम के भी उपकप्तान हैं।” मलिक ने आगे कहा, “दलीप ट्रॉफी में उपकप्तानी की जिम्मेदारी उनके लिए बड़ा अवसर है। हमारा मानना है कि युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी देना जरूरी है, क्योंकि इससे उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित होती है।”

उन्होंने आगे कहा, “कौन जानता है, भविष्य में वह भारतीय टीम के कप्तान भी बन सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्हें उपकप्तान बनाया गया है।” मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं ने वैभव को उपकप्तान बनाने से पहले उनसे इस फैसले पर कोई चर्चा नहीं की थी।

‍बिहार में किन्नर बनाएंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंदिर, क्या है इसकी अहम वजह

Modi Temple Bihar

PM Modi Temple Bihar: बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की आधिकारिक बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर एक मंदिर का निर्माण कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। यह प्रस्ताव ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उन्हें मिले कानूनी अधिकारों, सामाजिक सम्मान और संस्थागत पहचान के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से लाया गया है। बताया जा रहा है कि यह मंदिर राजधानी पटना में बनाया जाएगा। हालांकि इसके लिए स्थान का चयन अभी नहीं किया गया है। 

क्यों बनाया जा रहा है मोदी का मंदिर?

बिहार के पटना स्थित समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में 'बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड' की आधिकारिक बैठक आयोजित की गई। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 लागू होने के बाद बोर्ड की यह पहली आधिकारिक बैठक थी। इसी बैठक के दौरान बोर्ड के सदस्य राजन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम समर्पित एक मंदिर बनाने का आधिकारिक प्रस्ताव रखा।

प्रस्ताव की जानकारी देते हुए राजन सिंह ने बताया कि बिहार में ट्रांसजेंडर समुदाय के पास अभी तक अपना कोई आधिकारिक मंदिर या मुख्य सांस्कृतिक केंद्र नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2019 में ऐतिहासिक कानून बनाकर ट्रांसजेंडर समाज को न केवल अधिकार दिए, बल्कि समाज और राज्य सचिवालय जैसी संस्थाओं में प्रतिनिधित्व और सम्मान भी दिलाया। इसी सम्मान के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समुदाय ने उनके नाम पर मंदिर निर्माण का निर्णय लिया है। ALSO READ: बिहार छात्र आंदोलन पर AK-47 से फायरिंग करने वाला सिपाही सस्पेंड, भाजपा सांसद संबित पात्रा घिरे

समुदाय के लिए 2019 कानून का महत्व

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा 2019 में पारित किए गए ट्रांसजेंडर अधिकार कानून के तहत इस समुदाय को सामाजिक-आर्थिक विकास और सशक्तिकरण के कई अधिकार मिले हैं। इसी कानून के तहत गठित बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के माध्यम से समुदाय के लोगों को राज्य स्तर पर संस्थागत आवाज मिली है। हालांकि बिहार के कटिहार में पहले से ही प्रतीकात्मक प्रतिमा मौजूद है। हालांकि एक्स पर की गई इस पोस्ट पर लोगों ने तीखे कमेंट किए हैं। 

NEET protest case: NEET प्रोटेस्ट मामले में नया मोड़! रूस में होने के बावजूद बिहार के युवक पर FIR दर्ज, यूजर्स ने उठाए सवाल

NEET protest case: बिहार के किशनगंज जिले के एक युवक ने दावा किया है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर पिछले सप्ताह हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में राज्य पुलिस ने उसके खिलाफ FIR दर्ज की है। जबकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। किशनगंज निवासी मोहम्मद सदाकत ने रूस से बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जो वायरल हो गया है। हालांकि, पीटीआई द्वारा संपर्क किए जाने पर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) हरि मोहन शुक्ला ने न तो इस दावे की पुष्टि की और न ही खंडन किया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को कोई शिकायत है, वे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।

कथित वीडियो में मोहम्मद सदाकत ने अपने खिलाफ दर्ज मामले पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह बहादुरगंज में पिछले सप्ताह नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान मौजूद नहीं था, क्योंकि वह पिछले चार महीने से रूस में रह रहा है। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और FIR से नाम हटाने की मांग की।

क्या बोली बिहार पुलिस?

एसपी शुक्ला ने सदाकत के कथित वीडियो के बारे में विशेष रूप से पूछे जाने पर न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “प्रदर्शनों से संबंधित जिन लोगों को कोई शिकायत है, वे उसके निवारण के लिए पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।” बता दें कि बिहार सरकार ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों के सिलसिले में दर्ज सभी मामलों को वापस लेगी और विभिन्न आरोपों में जेल भेजे गए लोगों को रिहा करेगी।

राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया था कि 26 जुलाई को सुबह छह बजे से पहले हुई घटनाओं के संबंध में दर्ज सभी FIR, शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लिए जा रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा था कि इस संबंध में गिरफ्तार किए गए सभी लोगों को तत्काल रिहा किया जाएगा। पिछले सप्ताह नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आयोजित बिहार बंद के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें लगभग आधे नाबालिग थे।

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युवक ने की जांच की मांग

वायरल वीडियो में मोहम्मद सदाकत ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चूंकि वह चार महीने से रूस में रह रहे हैं, इसलिए उन्हें नीट प्रदर्शन में शामिल बताना गलत है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि जांच के बाद यदि उनका दावा सही पाया जाए तो उनका नाम FIR से हटाया जाए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद इस मामले को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं।

NEET Protest: सरकार से बातचीत के बाद CJP का बयान- ‘किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा’

NEET Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि उसे सरकार के प्रतिनिधियों से नया आश्वासन मिला है। इसके अनुसार, आने वाले समय में बीजेपी/NDA शासित कुछ और राज्य NEET-UG प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। यह जानकारी उस समय सामने आई, जब इससे कुछ घंटे पहले CJP ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हुए “समझौते के उल्लंघन” के विरोध में दोबारा सड़कों पर उतर सकता है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिहार और असम सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन की कॉपी दिखाई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केंद्र और बीजेपी/NDA शासित दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है।

सौरभ दास ने कहा, “उम्मीद है कि जो भाषा और शर्तें तय हुई हैं, उन्हें ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी एक साथ हैं।”

सोमवार को CJP ने दी थी सख्त चेतावनी

यह देर रात किया गया पोस्ट CJP की ओर से सोमवार को दी गई सख्त चेतावनी के बाद आया। उस समय CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को अभी भी गिरफ्तारी, निगरानी और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

आशुतोष रांका ने कहा, “हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने के समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली में वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है या परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने सभी FIR तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और इस बात की गारंटी देने की मांग की कि कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन फिर से अपना विरोध शुरू कर देगा।

जल्द जारी होंगे अन्य राज्यों में नोटिफिकेशन

वहीं, सौरव दास ने कहा कि CJP के लोगों ने चिंता जताई थी कि बातचीत के दौरान दिए गए आश्वासनों को शायद जमीनी स्तर पर लागू न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार के गृह विभाग का नोटिफिकेशन दिखाकर जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही दूसरी जगहों पर भी ऐसी ही गारंटी जारी की जाएगी।

सौरव दास ने कहा, “सरकार ने गारंटी दी है कि अलग-अलग राज्यों में हमारी चिंताओं को दूर करने वाले नोटिफिकेशन कल तक जारी कर दिए जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे। भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन को एक अलग आश्वासन मिला है कि राजस्थान में अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।

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Nirav Modi Extradition: ‘उसे भारत की जेल में होना चाहिए…’; नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री का बड़ा बयान

Nirav Modi India Extradition: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करीब 2 अरब डॉलर (USD 2 Billion) के कथित घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण में हो रही लंबी देरी को लेकर ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल ने अपनी ही सरकार और न्यायिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में देरी ने भारत और ब्रिटेन के बीच भरोसे को कमजोर किया है। पटेल ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।

प्रीति पटेल ने कहा कि उन्हें यह देखकर बेहद दुख और हैरानी होती है कि नीरव मोदी अब भी ब्रिटेन में है। जबकि उसे काफी पहले भारत भेज दिया जाना चाहिए था। बता दें कि अप्रैल 2021 में पटेल ने ही नीरव मोदी के प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। ब्रिटेन की अदालतों ने उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत पाए थे।

“उसे भारत की जेल में होना चाहिए था”

द डेली टेलीग्राफ के एक पॉडकास्ट The Diamond King में बातचीत के दौरान प्रीति पटेल ने कहा कि यदि ब्रिटेन की न्याय व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही होती, तो नीरव मोदी आज ब्रिटेन में नहीं बल्कि भारत की जेल में अपनी सजा काट रहा होता। उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पण कानूनों और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का उद्देश्य ही यही है कि आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के लिए उसके देश भेजा जाए। लेकिन इस मामले में लगातार हो रही देरी ब्रिटेन की व्यवस्था का खुला दुरुपयोग है और यह ब्रिटिश करदाताओं के साथ भी अन्याय है।

भारत-ब्रिटेन संबंधों पर पड़ा असर

प्रीति पटेल ने दावा किया कि गृह मंत्री के रूप में 2019 से 2022 के अपने कार्यकाल के दौरान इस मामले ने दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को भी प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि भारत, ब्रिटेन से असफल शरणार्थियों (Failed Asylum Seekers) को वापस लेने के मुद्दे पर सहयोग करने में हिचकिचा रहा था क्योंकि नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही थी।

उनके अनुसार, भारत यह देखना चाहता था कि ब्रिटेन प्रत्यर्पण मामलों में वास्तविक प्रगति दिखाए। जब तक ऐसा नहीं हुआ। तब तक भारत के पास बातचीत में एक मजबूत कूटनीतिक बढ़त बनी रही, जिससे ब्रिटेन को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

लंदन की जेल में बंद है नीरव मोदी

55 वर्षीय नीरव मोदी इस समय लंदन की पेंटनविल (Pentonville) जेल में बंद है। भारत में उसके खिलाफ तीन प्रमुख आपराधिक मामले दर्ज हैं:-

  • सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी का मामला।
  • प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग जांच।
  • सबूतों और गवाहों के साथ कथित छेड़छाड़ से जुड़ा मामला।

प्रत्यर्पण की राह लगभग साफ

रिपोर्ट के अनुसार, नीरव मोदी ब्रिटेन में उपलब्ध लगभग सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर चुका है। बताया जा रहा है कि यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (European Court of Human Rights) में दायर उसकी अंतिम अपील भी खारिज हो चुकी है।

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इसके अलावा मानवाधिकार और गोपनीय शरण (Asylum) संबंधी दावों के आधार पर भी उसे राहत नहीं मिली है। ऐसे में माना जा रहा है कि कई वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब नीरव मोदी का भारत प्रत्यर्पण पहले की तुलना में काफी करीब पहुंच चुका है।

CJP ने फिर दी आंदोलन शुरू करने की चेतावनी, सरकार की वादाखिलाफी पर भड़की पार्टी, एक्स पर क्या बोले आशुतोष रांका

cjp jantar mantar protest

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को चेतावनी दी कि यदि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह अपना आंदोलन दोबारा शुरू करेगी। पार्टी का आरोप है कि देशव्यापी प्रदर्शन वापस लेने के बाद केंद्र के साथ हुए समझौते का उल्लंघन किया गया है।

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CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने दावा किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों में कई छात्रों की निगरानी की जा रही है और उन्हें कथित तौर पर परेशान किया जा रहा है। रांका ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक सहायता देने वाले स्वयंसेवकों को भी हिरासत में लिया जा रहा है।

FIR वापस लेने और छात्रों की रिहाई की मांग

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CJP ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि दिल्ली पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसियां या भाजपा-शासित अथवा सहयोगी राज्यों की पुलिस छात्रों के खिलाफ कोई नया मामला दर्ज न करे।

 

आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी

 

आशुतोष रांका ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो CJP फिर से आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पुलिस या सरकारी एजेंसियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Video: 10 फीट लंबे कोबरा को आराम से गले में डाल बिहार में घूम रही इस महिला ने सबको हैरत में डाला! कौन है ये?

बिहार के पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर इलाके में एक खौफनाक नजारा देखने को मिला, जब एक घर में अचानक विशालकाय किंग कोबरा पहुंच गया। करीब 10 फीट लंबे इस जहरीले सांप को देखते ही परिवार में दहशत फैल गई। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और लोग मौके पर जुटने लगे। मुन्नी लाल के घर में घुसे इस खतरनाक मेहमान ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में सनसनी पैदा कर दी।

हालांकि, समय रहते रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई और स्थिति को संभाल लिया गया। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को वन्यजीवों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।

स्नेक लेडी’ ने खतरनाक सांप का किया रेस्क्यू

किंग कोबरा की सूचना मिलते ही वाल्मीकिनगर की मशहूर स्नेक रेस्क्यूअर जानकी देवी मौके पर पहुंचीं। इलाके में ‘स्नेक लेडी’ के नाम से पहचानी जाने वाली जानकी देवी ने बिना घबराए पूरी सावधानी और अनुभव के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद उन्होंने करीब 10 फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद सांप को उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। समय रहते हुए किए गए इस रेस्क्यू से परिवार और गांव के लोगों की जान बच गई।

बरसात में क्यों गांवों की ओर आते हैं जहरीले सांप?

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश के दिनों में सांप अक्सर अपने पुराने ठिकानों से निकलकर सुरक्षित जगह की तलाश करते हैं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे इलाकों में बसे गांवों में ऐसे मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं।

उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि अगर घर या आसपास कोई जहरीला सांप नजर आए तो उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें। तुरंत वन विभाग या किसी प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को इसकी जानकारी दें।

दुनिया के सबसे खतरनाक सांप

किंग कोबरा दुनिया के सबसे खतरनाक और जहरीले सांपों में शामिल है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है, जो शरीर के तंत्रिका तंत्र पर तेजी से असर डाल सकता है। इसके काटने की स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद लेना बेहद जरूरी होता है।

12 साल की उम्र से शुरू किया था सांपों को बचाने का मिशन

जानकी देवी की पहचान सिर्फ एक रेस्क्यूअर के तौर पर नहीं, बल्कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए समर्पित योद्धा के रूप में भी है। उन्होंने महज 12 साल की उम्र से सांपों को बचाने का काम शुरू किया था। अब तक वह हजारों जहरीले सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुकी हैं।

रेस्क्यू के दौरान कई बार खुद सांप के काटने का सामना करने के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ। आज वह इंसानों और वन्यजीवों के बीच सुरक्षित संतुलन बनाने की मुहिम में लगातार जुटी हुई हैं।

सांप दुश्मन नहीं, प्रकृति का हिस्सा हैं

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सही जानकारी और प्रशिक्षित लोगों की मदद से इंसान और खतरनाक वन्यजीवों के बीच टकराव को टाला जा सकता है। डर के बजाय सतर्कता और समझदारी ही ऐसे हालात में सबसे बड़ा हथियार है।

Bihar: मटन बोलकर चिकन खिलाया तो शादी में छिड़ी जंग, जमकर हुई मारपीट, वीडियो वायरल

बिहार के सहरसा में एक निकाह में जमकर हंगामा देखने को मिला है। निकाह समारोह में खाने को लेकर दुल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी की रस्में पूरी होने के बाद बारातियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान कुछ बारातियों ने शिकायत की कि उन्हें मटन खिलाने का वादा किया गया था, लेकिन खाने में चिकन परोसा गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और मामला विवाद तक पहुंच गया। इस झड़प में करीब 12 लोगों के घायल होने की खबर है। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।

मेन्यू को लेकर भिड़े

खाने के मेन्यू को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ ही देर में दूल्हा और दुल्हन पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से लोगों ने एक-दूसरे पर घूंसे और लातें चलाईं। हालात बिगड़ने पर कुछ लोगों ने लाठियों का भी इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस झड़प के बाद शादी का पूरा माहौल बिगड़ गया और समारोह बीच में ही रुक गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में शादी समारोह के दौरान मची भगदड़ और हंगामा साफ दिखाई देता है। लोग इधर-उधर भागते नजर आते हैं, जबकि कुर्सियां और मेजें बिखरी हुई दिखाई देती हैं। झड़प के बाद का नजारा ऐसा था कि शादी का पंडाल जश्न की जगह लड़ाई के मैदान जैसा नजर आ रहा था। इस घटना के बाद दोनों परिवारों के रिश्तों में और ज्यादा तनाव पैदा हो गया है। दूल्हे पक्ष के लोगों का कहना है कि वे इस मामले की शिकायत पुलिस से करेंगे और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।

अस्पताल में करवाया गया भर्ती

दूल्हे मोहम्मद अब्दुल्ला उर्फ ​​चांद के चाचा मोहम्मद इरफान ने आरोप है कि खाने को लेकर विवाद शुरू होने के बाद दुल्हन पक्ष के कुछ लोगों ने बारातियों पर हमला कर दिया। उन्होंने दावा किया कि झगड़ा अचानक बढ़ गया और कई बारातियों को चोटें आईं। घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि घायल लोगों का इलाज जारी है।