NEET Protest: सरकार से बातचीत के बाद CJP का बयान- ‘किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा’

NEET Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि उसे सरकार के प्रतिनिधियों से नया आश्वासन मिला है। इसके अनुसार, आने वाले समय में बीजेपी/NDA शासित कुछ और राज्य NEET-UG प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। यह जानकारी उस समय सामने आई, जब इससे कुछ घंटे पहले CJP ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हुए “समझौते के उल्लंघन” के विरोध में दोबारा सड़कों पर उतर सकता है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिहार और असम सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन की कॉपी दिखाई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केंद्र और बीजेपी/NDA शासित दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है।

सौरभ दास ने कहा, “उम्मीद है कि जो भाषा और शर्तें तय हुई हैं, उन्हें ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी एक साथ हैं।”

सोमवार को CJP ने दी थी सख्त चेतावनी

यह देर रात किया गया पोस्ट CJP की ओर से सोमवार को दी गई सख्त चेतावनी के बाद आया। उस समय CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को अभी भी गिरफ्तारी, निगरानी और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

आशुतोष रांका ने कहा, “हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने के समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली में वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है या परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने सभी FIR तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और इस बात की गारंटी देने की मांग की कि कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन फिर से अपना विरोध शुरू कर देगा।

जल्द जारी होंगे अन्य राज्यों में नोटिफिकेशन

वहीं, सौरव दास ने कहा कि CJP के लोगों ने चिंता जताई थी कि बातचीत के दौरान दिए गए आश्वासनों को शायद जमीनी स्तर पर लागू न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार के गृह विभाग का नोटिफिकेशन दिखाकर जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही दूसरी जगहों पर भी ऐसी ही गारंटी जारी की जाएगी।

सौरव दास ने कहा, “सरकार ने गारंटी दी है कि अलग-अलग राज्यों में हमारी चिंताओं को दूर करने वाले नोटिफिकेशन कल तक जारी कर दिए जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे। भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन को एक अलग आश्वासन मिला है कि राजस्थान में अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।

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EPFO से यूपीआई-एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा इस महीने हो जाएगी शुरू, लेकिन टैक्स के नियम क्या होंगे?

ईपीएफओ के करीब 8 करोड़ सब्सक्राइबर्स इस महीने के आखिर तक यूपीआई और एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। इससे पैसे निकालने के लिए मुश्किल प्रक्रिया से सब्सक्राइबर्स को छुटकारा मिल जाएगा। ईपीएफओ एक डेडिकेटेड ऐप लॉन्च करने जा रहा है। यह बैंक सब्सक्राइबर्स के बैंक अकाउंट से लिंक्ड होगा। यह भीम और दूसरे यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर काम करेगा।

सब्सक्राइबर्स 75 फीसदी तक पैसे निकाल सकेंगे

ईपीएफओ की यह नई सुविधा शुरू हो जाने के बाद सब्सक्राइबर्स अपने पीएफ में जमा 75 फीसदी तक पैसे निकाल सेकेंगे। अभी ईपीएफओ बुक्स में करीब 30 करोड़ सब्सक्राइबर्स हैं। लेकिन, एक्टिव कंट्रिब्यूशन वाले मेंबर्स की संख्या करीब 7.5 करोड़ है। ईपीएफओ करीब 26 लाख करोड़ रुपये के फंड का प्रबंधन करता है।

पैसे निकालने से पहले टैक्स के नियमों की समझ जरूरी

एक्सपर्ट्स का कहना है कि एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की सुविधा से सब्सक्राइबर्स को काफी आसानी हो जाएगी। लेकिन, उन्हें टैक्स के नियमों का भी ध्यान रखना होगा। टैक्स के नियमों को समझे बगैर एटीएम या यूपीआई से ईपीएफ का पैसा निकालने पर सब्सक्राइबर को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है।

नौकरी 5 साल से कम तो विड्रॉल पर चुकाना होगा टैक्स 

टैक्स के नियम के मुताबिक, अगर किसी सब्सक्राइबर की नौकरी के लगातार 5 साल पूरे हो गए हैं तो पीएफ के पैसे निकालने पर उसे टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। दिक्कत उन लोगों को होती है, जो नौकरी के 5 साल पूरे होने के पहले पीएफ से पैसे निकालते हैं।

एंप्लॉयी के टैक्स-स्लैब के हिसाब से चुकाना होगा टैक्स

अगर कोई सब्सक्राइबर नौकरी 5 साल पूरे होने से पहले पैसे निकालता है तो पूरा अमाउंट इनकम माना जाता है। फिर इस पर एंप्लॉयी के टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। इसमें एंप्लॉयर का कंट्रिब्यूशन, एक्युमलेटेड इंटरेस्ट और एंप्लॉयी के हिस्से का कंट्रिब्यूशन होता है, जिस पर उसने सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन क्लेम किया होता है। इसका मतलब है कि पहले मिला टैक्स बेनेफिट रिवर्स हो जाता है।

ज्यादा इनकम तो चुकाना होगा विड्रॉल पर ज्यादा टैक्स

इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 4 साल की नौकरी के बाद पीएफ से पैसे निकालता है। विड्रॉल के समय ईपीएफओ 10 फीसदी टीडीएस डिडक्ट करेगा। इसका मतलब है कि 50,000 रुपये डिडक्ट हो जाएंगे। यह तब होगा जब ईपीएफओ के पास एंप्लॉयी के पैन की डिटेल होगी। यह डिडक्शन फाइनल टैक्स नहीं है। यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन की डिटेल ईपीएफओ के पास नहीं होने पर टीडीएस का रेट 34.60 फीसदी लागू होता है।

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टीडीएस का पैसा कुल टैक्स लायबिलिटी में एडजस्ट होगा

जब एंप्लॉयी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है तो 5 लाख रुपये का पूरा अमाउंट उसकी सालाना इनकम में जुड़ जाती है। अगर एंप्लॉयी 20 फीसदी टैक्स ब्रैकेच में आता है तो पीएफ से निकाले गए पैसे पर 1 लाख रुपये का टैक्स बनता है। चूंकि, 50,000 टीडीएस पहले काटा जा चुका है, जिससे आपको सिर्फ बाकी 50,000 रुपये टैक्स का पेमेंट करना होगा। अगर एंप्लॉयी 30 फीसदी टैक्स स्लैब में है तो कुल टैक्स 1.5 रुपये बनेगा। इसका मतलब है कि एंप्लॉयी को बाकी 1 लाख रुपये का टैक्स चुकाना होगा।