NEET Protest: सरकार से बातचीत के बाद CJP का बयान- ‘किसी भी प्रदर्शनकारी को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा’

NEET Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा है कि उसे सरकार के प्रतिनिधियों से नया आश्वासन मिला है। इसके अनुसार, आने वाले समय में बीजेपी/NDA शासित कुछ और राज्य NEET-UG प्रदर्शनकारियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर सकते हैं। यह जानकारी उस समय सामने आई, जब इससे कुछ घंटे पहले CJP ने कहा था कि वह प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हुए “समझौते के उल्लंघन” के विरोध में दोबारा सड़कों पर उतर सकता है।

CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने रात करीब 1 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बताया कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक करीब तीन घंटे तक चली।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने बिहार और असम सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन की कॉपी दिखाई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने और आगे कोई कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केंद्र और बीजेपी/NDA शासित दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही नोटिफिकेशन जारी करने के अपने वादे को दोहराया है।

सौरभ दास ने कहा, “उम्मीद है कि जो भाषा और शर्तें तय हुई हैं, उन्हें ही इस्तेमाल किया जाएगा। कोई भी प्रदर्शनकारी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। हम सभी एक साथ हैं।”

सोमवार को CJP ने दी थी सख्त चेतावनी

यह देर रात किया गया पोस्ट CJP की ओर से सोमवार को दी गई सख्त चेतावनी के बाद आया। उस समय CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि जंतर-मंतर पर 37 दिनों तक चले प्रदर्शन के खत्म होने के बाद सरकार के साथ हुए समझौते के बावजूद कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को अभी भी गिरफ्तारी, निगरानी और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।

आशुतोष रांका ने कहा, “हम देख रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई न करने के समझौते का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली में वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया जा रहा है या परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने सभी FIR तुरंत वापस लेने, हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा करने और इस बात की गारंटी देने की मांग की कि कोई नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा न होने पर आंदोलन फिर से अपना विरोध शुरू कर देगा।

जल्द जारी होंगे अन्य राज्यों में नोटिफिकेशन

वहीं, सौरव दास ने कहा कि CJP के लोगों ने चिंता जताई थी कि बातचीत के दौरान दिए गए आश्वासनों को शायद जमीनी स्तर पर लागू न किया जाए। उन्होंने बताया कि सरकारी प्रतिनिधियों ने बिहार के गृह विभाग का नोटिफिकेशन दिखाकर जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि जल्द ही दूसरी जगहों पर भी ऐसी ही गारंटी जारी की जाएगी।

सौरव दास ने कहा, “सरकार ने गारंटी दी है कि अलग-अलग राज्यों में हमारी चिंताओं को दूर करने वाले नोटिफिकेशन कल तक जारी कर दिए जाएंगे और प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे। भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन को एक अलग आश्वासन मिला है कि राजस्थान में अधिकारी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।

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NEET Protest: प्रदर्शनकारी छात्रों की कानूनी लड़ाई के लिए आगे आए कपिल सिब्बल, CJP लीगल फंड में दिए ₹1 करोड़

Kapil Sibal: राज्यसभा सांसद और सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के लीगल एड फंड में 1 करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की। यह फंड NEET से जुड़े हालिया विरोध-प्रदर्शनों के दौरान पुलिस केस का सामना कर रहे छात्रों और प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए बनाया गया है।

सिब्बल ने कहा कि यह फंड अलग-अलग राज्यों में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज कानूनी मामलों पर नजर रखने और वकीलों के नेटवर्क के जरिए कानूनी मदद मुहैया कराने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि बिहार, असम, बंगाल और महाराष्ट्र जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए और उनके खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने की मांग की।

वहीं, दूसरी तरफ CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्र के आश्वासन के बावजूद, देश भर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बताया कि CJP सुप्रीम कोर्ट के वकील के संपर्क में है ताकि पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए गए छात्रों के लिए कानूनी मदद ली जा सके।

कपिल सिब्बल ने दी आर्थिक मदद

दास के साथ बैठे कपिल सिब्बल ने CJP को आर्थिक मदद के अपने फैसले पर सहमति जताई।

उन्होंने कहा, “मैंने कहा है कि भारत में जहां भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुए हैं – चाहे वह बिहार, असम, बंगाल या महाराष्ट्र हो – और जहां छात्रों या प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया है, वहां सरकारों द्वारा दर्ज किए गए कानूनी मामलों पर नजर रखने के लिए हमने एक सिस्टम बनाने का फैसला किया है, ताकि हमारे वकील कानूनी मदद दे सकें। हमने मांग की है कि कोई FIR दर्ज नहीं होनी चाहिए, और अगर दर्ज की गई हैं, तो उन्हें वापस लिया जाना चाहिए।”

सिब्बल ने कहा कि CJP एक वेबसाइट बनाएगी जिसमें FIR का सामना कर रहे छात्रों की जानकारी होगी और जो वकील मुफ्त (प्रो बोनो) या अन्य कानूनी मदद देने के इच्छुक हैं, वे इस पहल से जुड़ सकेंगे।

उन्होंने आगे कहा, “मैंने अपनी तरफ से 1 करोड़ रुपये का योगदान दिया है, और मैं पूरे भारत के वकीलों से अपील करता हूं कि वे इस फंड में योगदान देकर मदद करें ताकि हम प्रभावित लोगों की मदद कर सकें। हमारे वकील उन लोगों के साथ खड़े हैं, जो कानून के दुरुपयोग से प्रभावित हुए हैं।”

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जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP का पार्टी वीडियो वायरल, फंडिंग पर उठे सवाल; क्या बोले तवलीन सिंह और सौरव दास?

mahesh jethmalani, tavleen singh and saurabh dass on CJP party viral video

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सीजेपी से जुड़े कई लोग एक होटल में पार्टी करते दिखाई दे रहे हैं। इससे अलावा प्रदर्शनस्थल पर सीजेपी कार्यकर्ताओं के जश्न मनाते वीडियो भी जमकर वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो पर मचे बवाल के बाद सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और प्रख्यात लेखिका तवलीन सिंह के जवाब भी चर्चा में है। ALSO READ: धर्मेंद्र प्रधान पर पोस्ट से BJP में बवाल! अपराजिता सारंगी की बेटी अर्चिता राहर घिरीं, पार्टी नेताओं ने जताई नाराजगी

 

महेश जेठमलानी ने उठाए फंडिंग पर सवाल?

इस वीडियो को सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है। वायरल वीडियो में CJP के कुछ लोग एक होटल में पार्टी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहां जश्न का माहौल है और नाच-गाना भी चल रहा है।

महेश जेठमलानी ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'क्या सच में ऐसा हो रहा है? CJP की लीडरशिप दिल्ली के एक होटल में पार्टी दे रही है। राजधानी दिल्ली में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए। ऐसे में सवाल यह है कि इनके ट्रैवल, खाने और रहने का खर्च किसने उठाया? इनकी फंडिंग किसने की? ALSO READ: 'बेटी के बयान से दुखी हूं, लेकिन पिता को दोष नहीं दे सकते'— केशव महंता के बचाव में बोले हिमंत बिस्वा सरमा

तवलीन सिंह ने दिया जवाब

तवलीन सिंह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, भाजपा अब कॉकरोच को एक 'फाइव-स्टार होटल' में पार्टी करते हुए दिखाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है। क्या हम यह पूछ सकते हैं कि इतने सारे भाजपा मंत्रियों और उनकी संतानों के पास डिजाइनर कपड़े और कार्टियर के चश्मे खरीदने के लिए पैसे कहाँ से आते हैं? ALSO READ: प्रधान के बाद अब गडकरी निशाने पर! 100% शुद्ध पेट्रोल के लिए 'E20 जनता पार्टी' मैदान में

 

क्या बोले सौरव दास?

कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद सीजेपी के कार्यकर्ताओं साथ पार्टी और डांस करने के वायरल वीडियो पर की जा रही टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी है। सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इससे एक बार फिर साफ़ हो जाता है कि सरकार और गोदी एंकर, जेन-ज़ी और नई पीढ़ी की सोच और भाषा को समझ ही नहीं पा रहे हैं।'

 

उन्होंने कहा कि हम जितने दिन जरूरत होगी, उतने दिन सड़क पर बैठ सकते हैं। हम नाचते-गाते हुए भी प्रदर्शन कर सकते हैं। हम हाथ में कोल्ड कॉफी लेकर भी आंदोलन को संगठित कर सकते हैं। बदलाव के लिए लड़ने के लिए हमारा वैसा दिखना जरूरी नहीं है, जैसा पिछली पीढ़ियां किसी आंदोलन से उम्मीद करती हैं।

सौरव दास ने कहा कि यही इस पीढ़ी की पहचान है-आत्मविश्वासी, रचनात्मक, जुझारू और ऐसी, जिसे किसी एक तयशुदा छवि में बांधा नहीं जा सकता। अंकल-आंटी चाहे जितनी शिकायत करते रहें, उन्हें हमारी इस पीढ़ी के साथ जीना और हमें स्वीकार करना ही होगा।

हमेशा अभिजीत दिपके के बगल में दिखने वाले सौरव दास कौन? जानिए उनका पूरा बैकग्राउंड

Who is Saurav Das: देश भर में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन की पूरे देश में गूंज है। 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के बाद से लोगों की जबान पर अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका का नाम है। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके इस आंदोलन के मुख्य रणनीतिकार हैं, लेकिन केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ टेबल टॉक से लेकर मीडिया के सामने छात्रों की मांगों को मजबूती से रखने का पूरा जिम्मा CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास संभाल रहे हैं।

CJP के मुख्य मीडिया यूनिट के हेड और स्पोक्सपर्सन के रूप में सौरव दास आज इस आंदोलन की सबसे पहचानी जाने वाली आवाज बन चुके हैं। जानें सौरव दास का पूरा बैकग्राउंड, पढ़ाई, पत्रकारिता के सफर और उनकी प्रोफाइल की पूरी डिटेल।

कौन हैं सौरव दास?

सौरव दास पेशे से एक स्वतंत्र खोजी पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कानून, न्यायपालिका, गवर्नेंस और नागरिक अधिकारों से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कई वर्षों तक ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। फिलहाल वो कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और सरकार के साथ बातचीत में मुख्य वार्ताकार।

CJP में शामिल होने से पहले भी वे नागरिक और पर्यावरणीय आंदोलनों से जुड़े रहे हैं, जिसमें प्रदूषण विरोधी अभियान और ‘क्लाइमेट एक्शन फ्रंट’ जैसे प्रयास शामिल हैं। जून में CJP द्वारा पहला देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने से ठीक पहले सौरव दास को संगठन के प्रमुख सार्वजनिक संचारक के रूप में पेश किया गया था।

18 की उम्र में RTI से बनाई पहचान

सौरव दास की शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने साल 2016 से 2019 के दौरान एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज के दिनों में ही मात्र 18 वर्ष की आयु में उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) कानून का सक्रिय उपयोग करना शुरू कर दिया था।

RTI के माध्यम से मिली जानकारियों के आधार पर उन्होंने प्रशासनिक तंत्र की कई कमियों और पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उजागर किया। उनकी खोजी रिपोर्ट ‘द कारवां’, ‘आर्टिकल 14’, ‘द वायर’ और ‘अल जजीरा’ जैसे नामचीन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हो चुकी हैं।

NEET आंदोलन के हैं सूत्रधार

NEET-UG परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर शुरू हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान सौरव दास छात्रों का पक्ष रखने वाले सबसे प्रमुख चेहरा बनकर उभरे। CJP के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में सौरव दास शामिल थे, जिन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ सीधी मुलाकात की और छात्रों की मांगों का ड्राफ्ट सौंपा।

वे लगातार शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग पर कायम हैं। पुलिस की कार्रवाई और तनावपूर्ण स्थितियों के बीच भी सौरव दास ने हमेशा आंदोलन को अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीके से चलाने की अपील की है।

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VIDEO: जबरन घसीटते हुए ले गई पुलिस… आ गया पूरा वीडियो, वांगचुक की पत्नी ने पुलिस को दी ये चेतावनी

Sonam Wangchuk Wife Gitanjali J Angmo: दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद यह मामला अब और गरमा गया है। वांगचुक के अनशन के 21वें दिन दिल्ली पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई पर उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। वहीं CJP के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि, दिल्ली पुलिस वांगचुक को जबरन घसीटते हुए अपने साथ ले गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने का पूरा वीडियो शेयर किया है।

‘पुलिस ने जबरन घसीटा’… कार्यकर्ताओं का गंभीर आरोप

NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, वांगचुक को ले जाए जाने के तुरंत बाद प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और आरोप लगाया कि पुलिस वांगचुक को जबरन घसीटते हुए अपने साथ ले गई है।

‘बिना सहमति कुछ भी दिया, तो सीधे ठहराऊंगी जिम्मेदार’

सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराए जाने के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो अस्पताल पहुंचीं और एक्स पर लिखा, ‘मैं दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हूं, जहां सोनम वांगचुक को भर्ती कराया गया है। मेरी, उनके परिवार की और पिछले 20 दिनों से उनकी सेहत की निगरानी कर रहे हमारे डॉक्टरों की सहमति के बिना उन्हें मुंह से या नस के जरिए कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए।’

गीतांजलि ने इससे पहले मीडिया से बातचीत में यह भी साफ कर दिया था कि अगर सोनम वांगचुक की सेहत के साथ कोई भी ऊंच-नीच होती है, तो इसके लिए वे सीधे तौर पर पुलिस और प्रशासन को जवाबदेह मानेंगी।

डॉक्टरों ने बताया कैसी है वांगचुक की हालत?

सफदरजंग अस्पताल प्रशासन ने सोनम वांगचुक के हेल्थ बुलेटिन को लेकर एक आधिकारिक बयान जारी किया है। डॉक्टरों के मुताबिक, सोनम वांगचुक फिलहाल होश में हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। लेकिन लगातार 21 दिनों तक भूखे रहने के कारण उनके शरीर में पानी की भारी कमी हो गई है, जिससे वे बेहद कमजोर हो चुके हैं।

अस्पताल का कहना है कि उनके शरीर के सभी मानकों को दोबारा सामान्य स्तर पर लाने के लिए उन्हें लगातार डॉक्टरों की निगरानी, मॉनिटरिंग और इलाज की सख्त जरूरत है।

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने लिया एक्शन

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद उठाया है। दो दिन पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक की गिरती सेहत से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि ‘देश के किसी भी नागरिक का जीवन बेहद कीमती होता है।’ कोर्ट ने प्रशासन को आदेश दिया था कि वांगचुक की रोजाना क्लिनिकल जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर जरूरी मेडिकल हस्तक्षेप भी किया जाए। इसी आदेश के आधार पर शनिवार तड़के पुलिस जंतर-मंतर पहुंची थी।

वांगचुक के बाद अब अभिजीत दिपके बैठेंगे अनशन पर

सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद भी आंदोलन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने ऐलान कर दिया है कि सोनम सर को अस्पताल भेजने से यह आंदोलन नहीं रुकेगा। अब वे खुद शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। दिपके ने साफ किया कि मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को संसद की तरफ निकाला जाने वाला उनका विरोध मार्च अपने तय शेड्यूल के हिसाब से ही होगा।

Diljit Dosanjh: CJP प्रोटेस्ट पर दिलजीत दोसांझ का कमेंट सौरव दास को नहीं आया रास, बोले- ‘उन्हें युवाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए न कि…’

Diljit Dosanjh: दिलजीत दोसांझ के ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शनों से खुद को अलग करने के एक दिन बाद, पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने निराशा जताई है। जब दास से हाल ही में पंजाबी सिंगर-एक्टर के कमेंट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे इससे “नाराज़” हैं। उन्होंने दोसांझ से यह भी अपील की कि वे आगे आएं और भारत के युवाओं के मुद्दों पर बात करें।

दास ने कहा, “यह बहुत दुखद है। मुझे लगता है कि उन्हें कुछ कहना चाहिए। उन्हें युवाओं का हौसला बढ़ाना चाहिए। वे अपने संगीत के जरिए ऐसा करते हैं। इस आंदोलन के बारे में अपनी बात रखकर या युवाओं की समस्याओं पर बात करके भी वे ऐसा कर सकते हैं। उन्हें कुछ तो कहना चाहिए।”

हाल ही में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान, दिलजीत दोसांझ से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) की अगुवाई में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछा गया। दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि अपने बिजी ‘ऑरा टूर’ (Aura Tour) शेड्यूल की वजह से उन्हें इस स्थिति के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने लोगों से यह भी गुजारिश की कि उन्हें विरोध प्रदर्शनों से दूर रखा जाए, क्योंकि वह कोई राजनेता नहीं हैं और एक एंटरटेनर के तौर पर अपने काम पर ही ध्यान देना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, “भाई, मुझे विरोध प्रदर्शनों और ऐसी चीज़ों से दूर रखो। मैं एक आर्टिस्ट हूं। मैं कोई राजनेता नहीं हूं।” दुनिया भर में मशहूर इस सिंगर ने आगे कहा कि दुनिया में हर चीज का एकदम सही या पूरी तरह से ठीक होना नामुमकिन है। उन्होंने कहा, “हर चीज़ कभी भी सही नहीं हो सकती। इस दुनिया में हर चीज़ कभी भी सही नहीं हो सकती।”

दिलजीत दोसांझ हाल ही में इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फ़िल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ में नजर आए थे। यह फिल्म भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित एक पीरियड ड्रामा है। नसीरुद्दीन शाह, शरवरी और वेदांग रैना जैसे कलाकारों वाली यह फिल्म 2026 की अहम सफलताओं में से एक बनकर उभरी है। इसे दर्शकों से काफी तारीफ मिली है और लोगों की अच्छी प्रतिक्रिया की वजह से बॉक्स ऑफिस पर भी लगातार अच्छी कमाई हुई है।