Kinetic’s Electric Energy by Adil Jal Darukhanawala: Book review

Kinetic's Electric Energy by Adil Jal Darukhanawala: Book review
Kinetic's Electric Energy coffee table book on coffee table

Adil Jal Darukhanawala is a treasure trove of information when it comes to India’s automotive history, and his latest book, Kinetic’s Electric Energy, is a testament to that fact. In the last three decades of the 20th century, Kinetic Engineering was established as a force to be reckoned with under the stewardship of the Firodia family. Adil’s hugely detailed book traces the humble and truly frugal beginnings of the company all the way to today, when a resurgent Kinetic is looking to establish itself as a mainstay in the electric two-wheeler market.

This 170-page book starts off with a brief introduction to the Kinetic Honda DX while tracing the origins of the company with the spectacular moped success that was the Luna. The author goes into copious detail about how the company went to great lengths to ensure its moped transitioned India from pedal power to motorised mobility.

Not only that, chapters like ‘Lunacy on the Luna’ and ‘Beating the Queen – Kinetic Luna takes on the Indian Railways’ outline how Kinetic seized every opportunity to market the Luna. The former speaks about how the company sponsored five young college students – self-christened the Lunatix – on a 90-day, 18,000km journey traversing the length and breadth of the country back in 1982! The latter highlights how four humble Lunas and their gutsy as well as ingenious riders outran the Deccan Queen Mumbai-Pune express train in 1990. 

Kinetic didn’t just rely on its marketing but also its belief in the motto ‘Win on Sunday, sell on Monday’, which proved it was relevant not just in the high-end supersport world of motorcycling but could also ring true for the humble moped as it did in the chapter ‘Satish Apte and the World’s Fastest Luna.’ It documented how a fledgling team from Pune trounced the works team of the Hosur-based manufacturer through steely determination and some spectacularly out-of-the-box thinking. 

A chapter from Kinetic's Electric Energy

From there, we move on to how Kinetic partnered with Honda and opened the floodgates for gearless scooters in India with its novel DX scooter. Even though this partnership didn’t last very long, as detailed in ‘Kinetic & Honda – Unfulfilled Promise’, it cemented Kinetic’s position in the market as a maker of reliable and affordable products. 

This book also highlights the innovative spirit of the company’s leadership when you read about the stillborn but nonetheless revolutionary, hybrid scooter and compact city car concepts. At a time when India’s mobility market was cautiously walking, Kinetic took leaps of faith, and these have been beautifully articulated and illustrated in their respective chapters.

While Kinetic’s business was booming in the 20th century, its 21st century has been more muted between winding down ICE scooter production and the Motoroyale superbike business, which never managed to take off in a big way. However, as you flip through these pages, you’ll learn that with the reincarnated DX electric, Kinetic wants to recapture its magic of yesteryear and take the fight to the leaders’ doorsteps. 

If you are someone with even a passing interest in the automotive arena, especially the events that transpired before the turn of the century and shortly thereafter, Darukhanawala’s latest discourse should surely find a place on your mantelpiece.

सूर्या ने बदली हजारों बच्चों की जिंदगी | Agaram Foundation | Tamil Nadu | Actor Surya

सूर्या ने बदली हजारों बच्चों की जिंदगी | Agaram Foundation | Tamil Nadu | Actor Surya

एक सुपरस्टार की असली ताकत सिर्फ उसकी फिल्मों की कमाई या फेम नहीं होती,
कभी-कभी उसकी असली पहचान इस बात से होती है कि उसकी वजह से कितनी जिंदगियां बदलती हैं।
2006 में सूर्या ने Agaram Foundation की शुरुआत इस सोच के साथ की कि पैसों की वजह से किसी बच्चे की Higher Education न रुके।
आज Agaram से 6,500+ students Support पा चुके हैं।
इनमें 70+ Doctors और 1,750+ Engineers बन चुके हैं।
लेकिन सबसे खूबसूरत बात उन बच्चों की है, जो अपने परिवार की पहली पीढ़ी हैं, जो Higher Education तक पहुँची।
यानी एक बच्चे की पढ़ाई… सिर्फ एक जिंदगी नहीं बदलती, वो पूरे परिवार की दिशा बदल देती है।
शायद Superstar होने का सबसे खूबसूरत मतलब यही है-
लोग आपको देखकर सिर्फ सपना न देखें, आपकी वजह से उसे पूरा भी कर सकें।

@actorsuriya
@agaram_foundation_official

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Chawl से 2.2M Followers तक | Sanjay Appan की कहानी | Influencer Teachers | The Better India Hindi

Chawl से 2.2M Followers तक | Sanjay Appan की कहानी | Influencer Teachers | The Better India Hindi

कभी पहले ही Demo Lecture में कह दिया गया था “आप Teacher नहीं बन सकते।”
आज वही Sanjay Appan लाखों Students के Favourite Professor हैं।
Mumbai की Chawl से शुरू हुआ सफर,
Call Centre और Bank की Jobs से होते हुए Classroom और फिर Instagram तक पहुँचा। आज 2.2 Million Followers हैं,
हजारों Students हैं और Sanjay Appan Academy के जरिए उन बच्चों तक भी Education पहुँचाने की कोशिश है
जो सिर्फ पैसों की वजह से आगे नहीं पढ़ पाते।

संजय ने अपने सफर से एक बात साबित की –
आप कहाँ से आते हैं, ये मायने नहीं रखता।
आप क्या कर सकते हैं, ये मायने रखता है।
@sanjay_appan

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BRICS समिट के बीच दिल्ली मेट्रो ने बदला अपना टाइम, जानें कल कितने बजे से चलेगी सभी लाइनें

BRICS समिट के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और DMRC ने लोगों से पहले से यात्रा की योजना बनाने की अपील की है। 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS लीडर्स समिट के चलते कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। इसी के साथ कुछ रास्तों पर ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। इसी बीच दिल्ली मेट्रो यात्रियों के लिए रविवार को राहत की खबर है। रविवार को यात्रियों को दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सामान्य समय से एक घंटे पहले मिलेंगी। DMRC ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों और BRICS समिट के चलते रविवार को सभी मेट्रो लाइनों पर सेवा सामान्य से पहले शुरू होगी।

कल जल्दी शुरू होगी मेट्रो लाइन

दिल्ली मेट्रो में आम दिनों में पिंक, मैजेंटा और ग्रे लाइन जैसी कुछ मेट्रो लाइनों पर रविवार की सेवा सुबह 7 बजे शुरू होती है, लेकिन परीक्षा को देखते हुए DMRC ने सभी कॉरिडोर पर सुबह 6 बजे से मेट्रो चलाने का फैसला किया है। इससे परीक्षा देने वाले छात्रों को समय पर अपने सेंटर तक पहुंचने में मदद मिलेगी। DMRC ने X पर जानकारी देते हुए बताया कि, ‘BRICS समिट के चलते दिल्ली में ट्रैफिक पाबंदियां लागू रहेंगी। इसे देखते हुए परीक्षा देने वाले छात्रों और आम यात्रियों की सुविधा के लिए रविवार को सभी मेट्रो लाइनों पर सेवा सुबह 6 बजे से शुरू की जाएगी। इससे लोगों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिलेगी।’

क्यों लिया गया फैसला

ये फैसला छात्रों और यात्रियों की सुविधा के लिए लिया गया है। DMRC ने लोगों से बदले समय के अनुसार अपनी यात्रा प्लान करने की अपील की है। DMRC का ये फैसला NDA और CDS परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए काफी मददगार रहेगा। रविवार को सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक में बदलाव के कारण दिल्ली के कुछ इलाकों में आने-जाने में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में सुबह जल्दी मेट्रो सेवा शुरू होने से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों के साथ-साथ आम यात्रियों को भी अपने गंतव्य तक समय पर पहुंचने में आसानी होगी।

 

उम्मीदवार ने किया था रिक्वेस्ट

दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह जल्दी शुरू करने का फैसला एक CDS उम्मीदवार की मांग के बाद लिया गया। उम्मीदवार ने ट्रैफिक पुलिस से अनुरोध किया था कि परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने के लिए सुबह मेट्रो सेवा शुरू कराई जाए। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने यह अनुरोध DMRC तक पहुंचाया। मामले को देखते हुए DMRC ने रविवार को पूरे मेट्रो नेटवर्क पर सुबह 6 बजे से ट्रेन चलाने का फैसला किया।

मेट्रो से करें सफर

12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS लीडर्स समिट के चलते कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और कुछ रास्तों पर ट्रैफिक में बदलाव किया गया है। VVIP काफिलों और सड़क पर लगने वाली पाबंदियों के कारण लोगों को देरी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि संभव हो तो सड़क की बजाय मेट्रो से सफर करें।

Delhi Metro News: परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी! 13 सितंबर को सुबह 6 बजे से चलेगी दिल्ली मेट्रो

Delhi Metro News: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने शुक्रवार को घोषणा की कि रविवार, 13 सितंबर को दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सुबह 6:00 बजे शुरू होंगी। यह जल्दी शुरुआत इसलिए की गई है ताकि परीक्षा देने वाले छात्र और अन्य यात्री आसानी से और समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकें।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में DMRC ने कहा, “परीक्षा देने वाले छात्रों और आम जनता की आवाजाही को आसान और समय पर बनाने के लिए, रविवार, 13 सितंबर 2026 को सभी लाइनों पर मेट्रो ट्रेन सेवाएं सुबह 06:00 बजे शुरू होंगी।”

यह घोषणा दिल्ली मेट्रो की सभी लाइनों पर लागू होगी, जिसका मतलब है कि पूरे नेटवर्क पर यात्री सुबह 6 बजे से सेवा का लाभ उठा सकेंगे।

DMRC ने जारी की एडवाइजरी

DMRC ने छात्रों और यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। जो छात्र परीक्षा के लिए यात्रा कर रहे हैं, उन्हें यात्रा के समय का ध्यान रखना चाहिए और तय रिपोर्टिंग समय से पहले अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए।

बता दें कि यह बदला हुआ शेड्यूल उन छात्रों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जिन्हें सुबह के समय पब्लिक ट्रांसपोर्ट के सीमित विकल्प मिल सकते हैं। BRICS समिट के कारण दिल्ली के कुछ हिस्सों में ट्रैफिक पर लगी पाबंदियों के बीच, सुबह की मेट्रो सेवाएं ट्रांसपोर्ट का एक विकल्प देंगी और छात्रों व अन्य यात्रियों को अपनी मंजिल तक आसानी से पहुंचने में मदद करेंगी।

इसलिए, जो यात्री 13 सितंबर को सुबह-सुबह यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें यात्रा की योजना बनाते समय सुबह 6 बजे के शुरुआती समय का ध्यान रखना चाहिए।

इस कदम का मकसद परीक्षा के लिए यात्रा करने वालों की आवाजाही को आसान बनाना है, साथ ही उन लोगों को भी फायदा पहुंचाना है जिन्हें रविवार को सुबह जल्दी यात्रा करने की जरूरत है।

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Delhi Building Collapse: ‘मलबे के अंदर से फोन कर रहे छात्र’, दिल्ली बिल्डिंग हादसे की हैरान कर देने वाली कहानी आई सामने

राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को एक पीजी इमारत के अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इमारत गिरने के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस घटना में अब तक एक व्यक्ति की मौत की खबर है, वहीं कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल ने अब तक छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई। वहीं BJP विधायक अनिल शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे। BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, इस बिल्डिंग में कई छात्र PG के तौर पर रह रहे थे। इस हादसे के समय कुछ स्टूडेंट्स बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।

‘अंदर से कर रहे फोन’

BJP विधायक ने आगे कहा कि, फिलहाल ये बताना मुश्किल है कि इमारत के अंदर कितने लोग फंसे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि, मलबे में फंसे कुछ छात्र अभी भी फोन के जरिए संपर्क कर रहे थे। इससे आशंका है कि हादसे के बाद भी कई लोग अंदर फंसे हो सकते हैं। राहत और बचाव टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। शर्मा ने कहा, “कुछ स्टूडेंट्स अभी भी अंदर से फोन कर रहे हैं। इससे लगता है कि कुछ और लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए बचाव अभियान लगातार जारी है।”

 

‘छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए’

विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान इमारत के मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और सरकार इस घटना को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हम भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है। पूरी सरकार इस घटना को लेकर चिंतित है और हमारा सबसे बड़ा मकसद यही है कि अंदर फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।”

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

Bihar Flood Crisis: पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बिहार में हाई अलर्ट, निचले इलाकों में बाढ़ से 19 लाख लोग प्रभावित

गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बना रही ये महिला टीचर | Teacher’s Day special | Bihar

गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बना रही ये महिला टीचर | Teacher’s Day special | Bihar

जहाँ पढ़ाई आसान नहीं थी, वहाँ भगवती जी ने पढ़ाना आसान कर दिया।
बिहार के छोटे से गाँव शिवनगर में रहने वाली भगवती जी घर और अपने दो बच्चों की जिम्मेदारी संभालने के साथ गाँव के बच्चों को पढ़ाती हैं।
बच्चों को चीज़ें रटने के बजाय आसान Tricks और मज़ेदार तरीकों से समझाती हैं। आज वह इसी कोशिश को Social Media के जरिए दूसरे बच्चों तक भी पहुँचा रही हैं। कई बच्चों को अपनी Coaching में मुफ्त में भी पढ़ाती हैं। क्योंकि एक अच्छा शिक्षक सिर्फ पढ़ाता नहीं, पढ़ाई को आसान और दिलचस्प भी बनाता है।

@xmartsrishtisingh

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गाँव के बच्चों के लिए पढ़ाई आसान बना रही
ये महिला टीचर | Teacher’s Day special | Bihar |

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केरल में दिल दहला देने वाला हादसा: खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार, इंजीनियरिंग के 8 छात्रों की मौत

केरल में दिल दहला देने वाला हादसा: खड़े ट्रक से टकराई तेज रफ्तार कार, इंजीनियरिंग के 8 छात्रों की मौत

Kerala Road Accident

केरल के त्रिशूर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में तमिलनाडु के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के 8 छात्रों की मौत हो गई। कार सड़क किनारे खड़ी लॉरी से जा टकराई थी। 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गया।

 

यह हादसा आधी रात के करीब पनामबिकुन्नु सेंटर के पास हुआ। इसके तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ। मीडिया खबरों के अनुसार, कार में सवार लोग तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र थे। घटनास्थल से डिंडीगुल के पीएसएनए इंजीनियरिंग कॉलेज के एक छात्र का पहचान पत्र बरामद हुआ है।

 

बताया जा रहा है कि छात्रों से भरी कार गुरुवायूर से कोडुंगल्लूर की ओर जा रही थी। तभी सड़क पर चल रहे निर्माण कार्य के कारण उसी दिशा में खड़ी लॉरी से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोगों को बाहर निकालने के लिए गाड़ी को काटकर खोलना पड़ा। 

Teacher day 2026: 5 सितंबर शिक्षक दिवस पर इस बार क्या है खास

Teacher day 2026:  5 सितंबर शिक्षक दिवस पर इस बार क्या है खास

Teacher day 2026

Teacher day 2026: भारत में हर साल 5 सितंबर को देश के पूर्व राष्ट्रपति, महान विद्वान और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। देशभर के स्कूलों में कार्यक्रम का आयोजन होता है। चलिए जानते हैं इस अवसर पर आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम और विशेषताएं।

 

1. राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026

राष्ट्रपति द्वारा सम्मान: नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू देश भर से चुने गए उत्कृष्ट शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित करेंगी।

48 चयनित शिक्षक: इस वर्ष देश भर से 48 उत्कृष्ट शिक्षकों (26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक) का चयन किया गया है, जिन्होंने शिक्षा, शिक्षण में नए प्रयोग (इनोवेशन) और छात्रों के सर्वांगीण विकास में असाधारण योगदान दिया है।

 

2. विद्यालयों एवं कॉलेजों में विशेष आयोजन

भूमिका अदला-बदली (Role Reversal): वरिष्ठ छात्र (Senior Students) एक दिन के लिए शिक्षक बनकर निचली कक्षाओं को पढ़ाते हैं और प्रशासनिक व्यवस्था संभालते हैं, जिससे वे शिक्षकों की मेहनत और उत्तरदायित्व को समझ सकें।

सांस्कृतिक कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं: छात्रों द्वारा शिक्षकों के लिए नाटक, नृत्य, संगीत और रोचक खेल (जैसे- क्विज़, रैपिड-फायर) आयोजित किए जाते हैं।

'थैंक यू' कार्ड और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति: छात्र अपने पसंदीदा शिक्षकों को हस्तनिर्मित कार्ड, पत्र व पुष्प गुच्छ देकर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।

 

3. डिजिटल एवं सोशल मीडिया पहल

ऑनलाइन माध्यमों और सोशल मीडिया पर छात्र #TeachersDay2026 और #ThankYouTeacher जैसे अभियानों के जरिए अपने शिक्षकों, प्रोफेसरों और मेंटर्स के प्रति अपने अनुभव और आभार संदेश साझा करते हैं।

 

शिक्षक दिवस का मुख्य संदेश

यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि वे चरित्र निर्माण, मूल्यों के विकास और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं।

PM-YASASVI Scholarship: पीएम यशस्वी स्कॉलरशिप के लिए कक्षा 9 से 12 के छात्र कर सकते हैं आवेदन, जानें आवेदन का तरीका और लास्ट डेट

PM-YASASVI Scholarship: कक्षा 9 से 12 तक के बहुत छात्रों के लिए अपनी पढ़ाई पैसों की कमी के चलते जारी रखना मुश्किल होता है। इस वजह से असंख्य छात्र हर साल 10वीं या 12वीं कक्षा तक की शिक्षा पूरी करने से वंचित रह जाते हैं। पीएम यशस्वी छात्रवृत्ति ऐसे छात्रों को शिक्षा की उनकी मंजिल तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती है। यह स्कॉलरशिप केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा दी जाती है। यह छात्रवृत्ति अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC), और विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों (DNT) के योग्य छात्रों को आर्थिक मदद देती है। इस स्कीम का मकसद इन समुदायों के छात्रों को बिना किसी आर्थिक परेशानी के अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। पात्र छात्र 31 अगस्त 2026 तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

कक्षा 9 से 12 के लिए स्कॉलरशिप सपोर्ट

पीएम यशस्वी स्कीम कक्षा 9 से 12 में पढ़ने वाले योग्य छात्रों को सहयोग प्रदान करती है। इस स्कॉलरशिप का मकसद पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने और छात्रों को उनकी सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी पढ़ाई के दौरान मदद करना है। इस आर्थिक मदद का इस्तेमाल लागू गाइडलाइन के अनुसार, ट्यूशन फीस, हॉस्टल चार्ज और दूसरी पढ़ाई की जरूरतों सहित पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए किया जा सकता है। सरकार ने कहा है कि इस स्कीम का मकसद पिछड़े बैकग्राउंड के मेधावी छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और अपने पढ़ाई के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ऑनलाइन योग्यता चेक करें छात्र

पीएम यशस्वी योजना के तहत चयन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। इस प्रक्रियाका मकसद पारदर्शिता पक्का करना और योग्य छात्रों को स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने का बराबर मौका देना है। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस छात्रवृत्ति योजना के बारे में डिटेल्स शेयर कीं और छात्रों और अभिभावकों से गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ने को कहा। उन्हें और जानकारी पाने में मदद के लिए एक QR कोड भी दिया गया।

नोट करें आवेदन और वेरिफिकेशन की तारीख

इस स्कॉलरशिप के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर नए और नवीनीकरण (रिन्यूअल) दोनों श्रेणी के छात्र 1 जून 2026 से 31 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद शिक्षण संस्थान 15 सितंबर 2026 तक आवेदनों का सत्यापन करेंगे। मंत्रालय स्तर पर अंतिम सत्यापन 30 नवंबर 2026 तक इस काम को पूरा किया जाएगा।

पीएम यशस्वी योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

  • नेशनल स्कॉलरशिप की वेबसाइट scholarships.gov.in पर जाएं।
  • New Registration पर क्लिक करें, दिशानिर्देश पढ़ें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें।
  • इसके बाद User ID और Password मिल जाएगा।
  • एनएसपी पोर्टल पर आईडी और पासवर्ड से Log-in करें।
  • स्कॉलरशिप चुनें और आवेदन फॉर्म भरें।
  • डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और सबमिट करें।
  • इसके बाद स्कूल के नोडल अधिकारी ऑनलाइन वेरिफिकेशन करेंगे।
  • बाद में राज्य सरकार भी इसकी ऑनलाइन पुष्टि कर देगी।

पीएम यशस्वी योजना के लिए इन दस्तावेजों की जरूरत

  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • एजुकेशन सर्टिफिकेट
  • इनकम सर्टिफिकेट
  • निवास प्रमाण पत्र
  • जाति/समुदाय प्रमाण पत्र
  • विकलांगता प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
  • बैंक खाता विवरण

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