‘मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए…’; NEET पेपर लीक को लेकर CJP के प्रोटेस्ट पर बोले सलमान खान

Salman Khan Neet News: नीट पेपर लीक को एक गंभीर मुद्दा बताते हुए बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने बुधवार (22 जुलाई) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान जिन लोगों को नुकसान पहुंचा, उनके प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। सलमान खान ने छात्रों के रुख की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपने भविष्य और एक बेहतर, शिक्षित भारत के निर्माण के लिए मेहनत, ईमानदारी और पढ़ाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

सलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि उन्हें खुशी है कि देश के छात्र बेहतर शिक्षा प्रणाली के लिए एकजुट हुए हैं। उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था। लेकिन इसके हिंसक रूप लेने की खबरें बेहद दुखद हैं।

उन्होंने सोशल मीडिया पर एक सोच-समझकर लिखी गई पोस्ट में कहा, “यह आंदोलन इतना शांतिपूर्ण था, लेकिन यह देखकर दुख होता है कि इसे हिंसक मोड़ लेना पड़ा। घायल हुए छात्रों और उनके परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। पेपर लीक एक बहुत गंभीर मुद्दा है। यह जानकर और देखकर खुशी होती है कि देश के बच्चे बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एकजुट हुए हैं। उनके माता-पिता ने भी उनका साथ दिया है।”

युवाओं को दी सलाह

हालांकि, सलमान खान ने यह भी कहा कि इन प्रदर्शनों को राजनीतिक रूप से अपने कब्जे में नहीं लिया जाना चाहिए। सलमान ने छात्रों के साहस और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पीढ़ी शिक्षा के प्रति गंभीर है। भविष्य में देश का नाम रोशन करेगी। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से किया गया यह आंदोलन सही दिशा में उठाया गया कदम है।

अभिनेता ने इस मुद्दे को राजनीति से दूर रखने की अपील करते हुए कहा, “यह मामला छात्रों और शिक्षा व्यवस्था के बीच का है। इसे राजनीतिक रूप नहीं दिया जाना चाहिए। इस आंदोलन का श्रेय सिर्फ देश के छात्रों को मिलना चाहिए। मुझे भरोसा है कि सरकार भी छात्रों का पूरा सहयोग करेगी और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। यह सभी के लिए जीत की स्थिति होगी।” सलमान खान ने यह भी कहा कि भारत को भविष्य में दुनिया का प्रमुख शिक्षा केंद्र बनना चाहिए, जिसके लिए मजबूत और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है।

दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा मामला

इस बीच, 20 जुलाई को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के आरोपों को लेकर दायर तीन जनहित याचिकाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए हैं। NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का विरोध लगातार जारी है। वे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

इस बीच, पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार उन्हें यह भरोसा दिलाए कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया जाएगा। न ही उनके खिलाफ कोई FIR या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, तो वह अपना आमरण अनशन समाप्त कर देंगे। वांगचुक ने कहा कि भले ही अनशन के दौरान उनका वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया है, फिर भी वह अपने काम पर लौटना चाहते हैं।

NEET पेपर लीक पर पीएम मोदी ने क्या कहा? किरन रिजिजू ने सब बताया

NEET paper leak: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET पेपर लीक मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार 21 जुलाई को एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के हवाले से बताया कि देश में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। पीएम मोदी ने ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया, जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “NEET परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया कि गड़बड़ी की खबरें मिलने पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, तेरह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके अलावा, छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा परीक्षा कराई गई और नतीजे घोषित किए गए… उन्होंने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया… उन्होंने दोषियों को सजी देने और मिलकर एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर ज़ोर दिया जिसमें कोई कमी न हो।”

उन्होंने आगे कहा, “NDA चल रहे मीनसून सत्र के दौरान सकारात्मक भूमिका निभाएगा। देश के हित में लाए जाने वाले बिलों को पारित कराने के हमारे संकल्प में हम एकजुट हैं। हम विपक्ष से भी आग्रह करते हैं कि भले ही अलग-अलग पार्टियों की राय अलग-अलग हो, लेकिन वे देश, उसके भविष्य और युवाओं के लिए मिलकर काम करें।”

बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए के सहयोगी दलों से संसद के विधायी कार्यों में एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की। साथ ही विपक्षी दलों से भी रचनात्मक भूमिका निभाने का आग्रह करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के हित में सभी सांसदों की साझा जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब NEET पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे सैकड़ों प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज भी किया गया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसमें हर साल 20 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं। इस वर्ष पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा को रद्द कर दिया गया था और बाद में दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।

यह एग्जाम भारत में एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), बीएएमएस (BAMS), बीएचएमएस (BHMS), बीयूएमएस (BUMS) सहित विभिन्न मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। इसका आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।

इसी दौरान सीबीएसई की ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर भी विवाद सामने आया, जिसमें कई छात्रों ने गलत अंक दिए जाने और कुछ मामलों में दूसरे छात्रों के परिणाम जारी होने जैसी शिकायतें की थीं। इन घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।