‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा’ तक PM मोदी के 25 साल, वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा का भव्य समापन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और समर्पण के 25 साल पूरे होने के मौके पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत निकाली गई ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का बुधवार को वडनगर में समापन हुआ। इस अवसर पर वडनगर में गौरवपूर्ण समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी मौजूद रहे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों से पहुंचे बाइकर्स और सेवा यात्रियों का स्वागत किया गया और उन्हें सम्मानित भी किया गया।

सीएम ने क्या कहा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ के समापन अवसर पर कहा कि, “7 अक्टूबर, 2001 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा दायित्व संभाला था। आज प्रधानमंत्री ने लगातार 25 वर्षों तक जनसेवा और सुशासन का दायित्व निभाकर देश में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले जननायक बनने का गौरव हासिल किया है। ” सीएम ने आगे कहा, “प्रधानमंत्री ने सत्ता को पद के बजाय सेवा का माध्यम माना और गरीबों, मध्यम वर्ग, किसानों, महिलाओं और युवाओं के विकास पर जोर दिया।”

भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा कि, “गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात समिट, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बुलेट ट्रेन, GIFT City और सेमीकंडक्टर हब जैसे बड़े प्रोजेक्ट मोदी के विकास के विजन को दिखाते हैं। पीएम मोदी के नागरिक-केंद्रित शासन के चलते देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।” उन्होंने कहा कि, “कोरोना के दौरान वैक्सीन की मदद, ग्रीन एनर्जी के लक्ष्यों, अनुच्छेद 370 हटाने, आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति और अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता जैसे कदमों से भारत की ताकत दुनिया के सामने मजबूत हुई है। पटेल ने प्रधानमंत्री को जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर बधाई दी और कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने में गुजरात की युवा शक्ति अहम भूमिका निभाएगी।”

देश की सेवा में एक भी दिन नहीं किया आराम

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 अक्टूबर को ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन 2001 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जनसेवा की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि, “पीएम मोदी ने पिछले 25 वर्षों में बिना एक भी दिन आराम किए देश के विकास और गरीबों के कल्याण के लिए काम किया।” चौहान ने कोरोना संकट और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व की भी सराहना की।” उन्होंने कहा कि, “नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और विश्वगुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वाराणसी से वडनगर तक बाइक रैली के जरिए पहुंचे युवाओं की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि देश के युवाओं में देशभक्ति और राष्ट्रसेवा की भावना होनी चाहिए और उन्हें विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।”

मद् भगवद् गीता के श्लोकों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री के व्यक्तित्व की सराहना करते हुए कहा कि गीता में बताए गए ‘सात्विक कर्ता’ के सभी गुण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी में दिखाई देते हैं। वे राग-द्वेष और अहंकार से परे रहकर धैर्य के प्रतीक बन गए हैं।

पश्चिम बंगाल के सीएम ने क्या कहा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वडनगर पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जन्मभूमि को नमन करते हुए कहा कि, इस धरती ने देश को एक दूरदर्शी नेता दिया है। उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘राष्ट्र प्रथम’ और गरीब कल्याण को ध्यान में रखते हुए देश में विकास और सुशासन को बढ़ावा मिला। अधिकारी के मुताबिक, किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क और रेलवे के विस्तार, पीएम आवास योजना, पीएम किसान सम्मान निधि और उड़ान योजना जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए देशभर के लोग एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं। अधिकारी ने वाराणसी से वडनगर तक निकाली गई सेवा यात्रा को देश की एकता, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने वाला प्रयास बताया।

सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में गुजरात बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और निकोल विधायक जगदीश विश्वकर्मा ने देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे बाइकर्स और युवाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि, “7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी और अब उनकी जनसेवा के 25 साल पूरे हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान युवाओं को सरकार की अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों से सीधे बातचीत करने का मौका मिला।” विश्वकर्मा ने कहा कि, “मोदी का 25 साल का सार्वजनिक जीवन ‘जनसेवा और राष्ट्रसेवा’ के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनके नेतृत्व में देश के विकास, सुशासन और आर्थिक मजबूती के लिए कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं, जिससे भारत की वैश्विक पहचान भी मजबूत हुई है।

पीएम मोदी के 25 साल के जनसेवा का सफर

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के जनसेवा के सफर को लोगों तक पहुंचाने के लिए वाराणसी से वडनगर तक सेवा यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में 500 बाइकर्स और कई युवा शामिल हुए, जिन्होंने 10 राज्यों के गांवों और शहरों में पहुंचकर सफाई अभियान, पौधारोपण, नशामुक्ति और लोगों से संवाद जैसे सामाजिक काम किए। अभियान से बड़ी संख्या में लोग जुड़े और पीएम नरेंद्र मोदी ने भी ऑनलाइन युवाओं का उत्साह बढ़ाया। यात्रा के दौरान वडनगर के शर्मिष्ठा तालाब का जल काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचाया गया, जबकि वाराणसी से लाए गए पवित्र जल से वडनगर के हाटकेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक किया गया। इस पहल के जरिए वाराणसी और वडनगर के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाया गया।

कौन-कौन था मौजूद

सेवा यात्रा के समापन समारोह में राज्य सरकार के मंत्री सर्व ऋषिकेशभाई पटेल, कौशिकभाई वेकरिया, प्रवीणभाई माली, कमलेशभाई पटेल, गुजरात प्रदेश प्रभारी तरुण चुग, सांसद सर्व हरिभाई पटेल, मयंक नायक, राजेंद्रभाई शुक्ल, मध्य प्रदेश के सांसद वी.डी. शर्मा, मेहसाणा जिला पंचायत अध्यक्ष नितिनभाई पटेल, विधायक सर्व किरीटभाई पटेल, मुकेशभाई पटेल, सरदारभाई चौधरी, सुखाजी ठाकोर, राजेश चावड़ा, पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिनभाई पटेल, मेहसाणा दूध सागर डेयरी के चेयरमैन अशोकभाई चौधरी, मेहसाणा डिस्ट्रिक्ट बैंक के चेयरमैन विनोदभाई पटेल, वडनगर नगर पालिका अध्यक्ष, सेवा संकल्प अभियान गुजरात प्रदेश प्रभारी और पूर्व मंत्री ब्रिजेश मेरजा, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रशांतभाई कोराट, उपाध्यक्ष नटुजी ठाकोर, अग्रणी भरतभाई पंड्या, सीताबेन पटेल, गिरीशभाई राजगोर, मेहसाणा जिला प्रभारी भरतभाई डांगर सहित बाइकर्स, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

‘2047 तक विकसित भारत, हम करके दिखाएंगे’ जनसेवा के 25 साल पूरे होने पर PM मोदी का बड़ा संकल्प

PM Modi: राजनीति में लंबा सफर तय करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को जनसेवा में अपने 25 साल पूरे किए। इस मौके पर उन्होंने पीछे मुड़कर उपलब्धियों को याद करने के बजाय भारत के विकास के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे!”

दिल्ली में आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही उन्होंने देश के लोगों का लगातार भरोसा और समर्थन देने के लिए आभार भी जताया।

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा, “2047 तक विकसित भारत, हम इसे करके दिखाएंगे! इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत, भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने, ओलंपिक की मेजबानी करने और अंतरिक्ष के क्षेत्र में आगे बढ़ने जैसे लक्ष्यों का जिक्र किया। पीएम मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को लेकर देश में जो ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है, वह बेहद खास है।

प्रधानमंत्री की ये बातें तब सामने आईं जब उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे किए। यह सफर 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद, 2014 में वे प्रधानमंत्री बने और तब से अब तक तीन कार्यकाल पूरे कर चुके हैं।

पीएम मोदी ने कहा, “जब मैंने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं कभी इस मुकाम तक पहुंचूंगा।”

उन्होंने कहा, “आज मैंने लगातार 25 वर्षों की सेवा पूरी कर ली है। यह लोगों के निरंतर आशीर्वाद और समर्थन का परिणाम है।”

‘मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं’

पीएम मोदी ने अपनी 25 साल की यात्रा में लोगों को सबसे अहम माना और कहा कि यह उपलब्धि उनकी अपनी कामयाबी नहीं, बल्कि नागरिकों से मिले भरोसे और आशीर्वाद का नतीजा है।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं देश के सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूं।” उन्होंने आगे कहा, “मैं अपने देश के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं।”

प्रधानमंत्री ने समर्थन के लिए NDA की सभी पार्टियों का भी धन्यवाद किया।

अपने राजनीतिक सफर के दौरान हुए चुनावों को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लोगों ने बार-बार उन्हें सेवा करने का मौका दिया।

उन्होंने कहा, “इस दौरान, चाहे विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा चुनाव, लोगों ने मुझे अपनी सेवा करने के लिए चुना। आज मैं भारत के लोकतंत्र और संविधान को नमन करता हूं।”

प्रधानमंत्री ने उन लोगों का भी जिक्र किया जिन्होंने उनका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने उन्हें लोकतंत्र की ताकत समझने में मदद की।

उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने मेरा विरोध किया, उन्होंने मुझे लोकतंत्र की ताकत दिखाई।”

‘मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया’

अपनी यात्रा को याद करते हुए PM मोदी ने कहा कि हर अनुभव ने उन्हें कुछ न कुछ सिखाया है।

उन्होंने कहा, “मेरी जिंदगी में जो कुछ भी हुआ, वह बेकार नहीं गया। हर अनुभव ने मुझे कुछ न कुछ सिखाया है।”

उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका मकसद चुनावों के जरिए मशहूर होना होता, तो वे बहुत पहले ही चुनावी राजनीति में आ सकते थे।

PM मोदी ने कहा, “अगर मैं चुनावी राजनीति में चमकना चाहता, तो मैं बहुत पहले ही राजनीति के मैदान में उतर सकता था।”

इसके बजाय, उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपने नजरिए को एक मिशन और कर्तव्य के तौर पर बताया।

उन्होंने कहा, “मैं महत्वाकांक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक मिशन के लिए जीने वाला व्यक्ति हूं।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “मेरा ध्यान हमेशा कर्म पर रहता है,” और साथ ही यह भी कहा, “मेरा कर्तव्य ही मेरा धर्म है।” उन्होंने यह भी साफ किया कि वे 25 साल पूरे होने को कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानते।

पीएम मोदी ने कहा, “मेरे 25 साल पूरे होने का पड़ाव व्यक्तिगत नहीं है।”

श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना

दिन की शुरुआत में, प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह अवसर उनके सरकार के प्रमुख के तौर पर पहली बार कार्यभार संभालने के 25 साल पूरे होने का था।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देश, 140 करोड़ भारतीयों और खुद के लिए प्रार्थना की है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के लिए और अधिक ऊर्जा के साथ काम करने और साथी नागरिकों की सेवा करने की शक्ति और क्षमता के लिए प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘सेवा ज्योति यात्रा’ में भाग लेने वाले नागरिकों को भी बधाई और शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, “आज मैं जो कुछ भी हूं, जहां भी हूं और जिस भी भूमिका में सेवा कर रहा हूं, उसमें सबसे बड़ा योगदान ‘जनता जनार्दन’ का है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा की, “मेरे लिए जनता ही ईश्वर का रूप है।”

उन्होंने कहा कि करोड़ों नागरिकों का भरोसा और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की अथक मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

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Captain Smit Machchhar: जानिए सूरत के कैप्टन स्मित मच्छार ने चाकू लगने के बाद भी कैसे खोला कॉकपिट का दरवाजा, ये बने फ्लाइदुबई के हीरो

Captain Smit Machchhar: दुबई से इजरायल की राजधानी तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में 30 सितंबर को जो कुछ हुआ, उसने विमान में सवार 174 लोगों की जान खतरे में डाल दी थी। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हुई। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके को-पायलट ने कथित तौर पर चाकू से हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बावजूद मच्छार ने आखिरी ताकत जुटाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। दरवाजा खुलते ही यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने कंट्रोल संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।

सामान्य उड़ान के बीच अचानक मचा हड़कंप

Flydubai का बोइंग 737 MAX 8 विमान 30 सितंबर की सुबह करीब 6:49 बजे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुआ था। विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया था। शुरुआत में लगभग ढाई घंटे तक उड़ान सामान्य रही। यात्रियों को किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं हुई। इसके बाद अचानक कॉकपिट में कथित तौर पर दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।

इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ओमान के रहने वाले को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। फ्लाईदुबई ने फिलहाल सिर्फ इतना कहा है कि फ्लाइट डेक में ‘अल्टरकेशन’ यानी झड़प हुई थी। इसके बाद क्रू ने विमान को सुरक्षित करने तथा डायवर्ट करने की कार्रवाई की। घटना की वजह और हमले के पीछे की मंशा अभी जांच का विषय है।

अचानक हजारों फीट नीचे जाने लगा विमान

कॉकपिट के अंदर क्या हो रहा था, इसकी जानकारी अधिकांश यात्रियों को नहीं थी। उन्हें सबसे पहले विमान के असामान्य तरीके से नीचे जाने का एहसास हुआ। फ्लाइट-ट्रैकिंग आंकड़ों के मुताबिक, विमान ने अचानक तेजी से ऊंचाई खोई। अलग-अलग विश्लेषणों में कुछ ही समय में 14 हजार फीट से ज्यादा की गिरावट का जिक्र किया गया है। जबकि कुछ आंकड़ों में लंबे क्रम के दौरान करीब 17-18 हजार फीट की कुल गिरावट बताई गई है।

एक यात्री अल्मोग इटली ने बताया कि उन्हें शुरुआत में लगा कि विमान में बहुत तेज टर्बुलेंस हो रहा है। लेकिन विमान के बार-बार नीचे जाने से यात्रियों को समझ आने लगा कि मामला सामान्य नहीं है। विमान ने पहले ‘7700 इमरजेंसी कोड’ जारी किया। इसके बाद ‘7500 कोड’ का इस्तेमाल किया गया, जिसे विमान में गैरकानूनी हस्तक्षेप या संभावित हाईजैकिंग की स्थिति में इस्तेमाल किया जाता है।

गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का दरवाजा

घटना का सबसे अहम और निर्णायक पल कॉकपिट के अंदर हुआ। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छर हमले में गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी ताकत जुटाई और कॉकपिट का लॉक्ड दरवाजा खोल दिया। यही कदम आगे की पूरी स्थिति बदलने वाला साबित हुआ। आमतौर पर उड़ान के दौरान कमर्शियल विमान का कॉकपिट यात्रियों के लिए बंद रहता है। दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचने और स्थिति को संभालने का मौका मिला।

यात्री ने हमलावर को पकड़ा, कंट्रोल भी संभाला

इजरायली यात्री यानिव हयून ने घटना के दौरान कॉकपिट में प्रवेश किया। उनके मुताबिक, विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा था। इस दौरान वह आगे की ओर जा गिरे। कॉकपिट में पहुंचने पर उन्होंने कथित हमलावर को पकड़ लिया और उसे काबू करने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए विमान के कंट्रोल को भी संभाला। हयून के मुताबिक, विमान धीरे-धीरे फिर से लेवल होने लगा। इसके बाद विमान में मौजूद एक अन्य पायलट ने नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी हयून की भूमिका की तारीफ की है।

तीन यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू किया

कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद कई यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रियों ने मिलकर कथित हमलावर को काबू किया। विमान के अंदर मौजूद यात्रियों के वीडियो में दो घायल लोगों को कॉकपिट के फर्श पर देखा गया। कुछ यात्रियों ने बाद में बताया कि उन्होंने सामने से लोगों को खून से लथपथ हालत में बाहर आते देखा। इस दौरान विमान में यात्रा कर रहे अतिरिक्त फ्लाईदुबई पायलटों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब तत्काल खतरा नियंत्रित हुआ तो रिजर्व क्रू ने विमान का नियंत्रण संभाल लिया।

तबुक में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

स्थिति को नियंत्रित करने के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया। सऊदी अधिकारियों को सुबह करीब 8:44 बजे विमान की परेशानी से संबंधित सूचना मिली। विमान ने तबुक में सुरक्षित लैंडिंग की। कैप्टन स्मित मच्छार और दूसरे पायलट को अस्पताल ले जाया गया। बाद में यात्रियों को तबुक में रोके जाने के बाद दूसरे विमान से इजरायल भेजा गया।

कैप्टन स्मित मच्छर की हालत अब कैसेी है?

भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी सर्जरी की गई है। भारतीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। भारतीय दूतावास ने कहा कि वह कैप्टन मच्छर के परिवार के संपर्क में है। सऊदी अधिकारियों के साथ मिलकर उनके इलाज और स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रख रहा है। कैप्टन मच्छार के पास कमर्शियल एविएशन का 13 साल से ज्यादा का अनुभव बताया गया है। वह इससे पहले स्पाइसजेट में 11 साल से अधिक समय तक काम कर चुके हैं। जून 2022 में वह फ्लाईदुबई से जुड़े थे।

आखिर हमले के पीछे क्या वजह थी?

इस घटना के पीछे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। इजरायली अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। लेकिन फ्लाईदुबई ने लोगों से जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। सऊदी अरब के नेशनल ट्रांसपोर्ट सेफ्टी सेंटर ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ। झड़प की शुरुआत कैसे हुई। विमान इतनी तेजी से नीचे क्यों गया और घटना के दौरान किस तरह विमान का नियंत्रण दोबारा हासिल किया गया।

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Chintan Shivir: पीएम मोदी आज से शुरू करेंगे केंद्रीय मंत्रियों का ‘चिंतन शिविर’; ‘विकसित भारत 2047’ और बड़े सुधारों पर होगा मंथन

Chintan Shivir: केंद्रीय मंत्रियों की दो दिवसीय चिंतन बैठक आज यानी बुधवार (23 सितंबर) से शुरू होगी। इसमें सुधारों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करते हुए शासन और नीति-निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 23 और 24 सितंबर को सेवा तीर्थ में मंथन सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें पूरी मंत्रिपरिषद शामिल होगी। सेवा तीर्थ में ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) स्थित है।

विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों के कार्यान्वयन, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और जन-सेवाएं प्रदान करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। कार्यक्रमों (योजनाओं) के समयबद्ध कार्यान्वयन और शासन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए छह समूह गठित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में आठ मंत्री होंगे।

ये समूह पहले ही कई बैठकें कर चुके हैं, जिनमें चिंतन बैठक में की जाने वाली मुद्दों पर चर्चा की गई थी। सूत्रों के अनुसार, कुछ मंत्रियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में सुधार को आगे बढ़ाने के लिए उनके मंत्रालयों द्वारा अपनाई गई नीतियों और उपायों पर प्रस्तुतियां देने की संभावना है।

इन विभिन्न सुधारों पर जोर

प्रधानमंत्री, विभिन्न सुधारों पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने पहले भी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से कहा था कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना और जीवन को आसान बनाना सरकार का मुख्य ध्येय होना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, चिंतन बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

मंत्रियों की प्रस्तुतियों में नीति-निर्माण की प्रक्रिया को अधिक असरदार और प्रभावकारी बनाने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। इसी तरह की एक चिंतन बैठक 21 अक्टूबर 2021 को भी हुई थी। उस समय बातचीत का मुख्य विषय शासन और नीति निर्माण था तथा इस कवायद का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के समक्ष पेश आ रही चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद करना है।

क्या है मकसद?

इसे शासन की समीक्षा करने, मंत्रालयों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और सरकार का भविष्य का एजेंडा तैयार करने के तौर पर देखा जा रहा है। इस महीने की शुरुआत में, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक से अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर काम करने के लिए कहा था।

नए सुधारों पर रहेगा जोर

केंद्रीय मंत्रियों के बुधवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय चिंतन शिविर में मुख्य रूप से सरकार के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही भविष्य की योजना बनाने और नए विचारों एवं सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस बैठक में पूरी सरकार के कामकाज का जायजा लिया जाएगा। साथ ही भविष्य की योजना, जारी कार्यों की समीक्षा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नए विचारों, सुधारों और प्राथमिकताओं की पहचान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

‘विकसित भारत’ और ‘विजन 2047’

‘विकसित भारत’ की कवायद 2021 से चल रही है। ‘विजन 2047’ और इसके लघु अवधि एवं दीर्घ अवधि के रोडमैप को तैयार करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्र-आधारित समूह बनाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस कवायद के लिए हितधारकों के साथ व्यापक स्तर पर परामर्श भी किया गया। तब से, ‘विकसित भारत 2047’ के विभिन्न पहलुओं पर मंत्रिपरिषद के समक्ष आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं।

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मौजूदा चिंतन शिविर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। यह सचिवों, मंत्रालयों और विभागों, कैबिनेट सचिवालय और नीति आयोग के समूहों द्वारा किए जा रहे काम को एक मंच पर लाता है, जिनमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों के पालन को सहज करना और शासन से जुड़ी अन्य प्राथमिकताएं शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में होने वाली चर्चाओं में इन मुद्दों को उठाये जाने की उम्मीद है।

Ranbir Kapoor-Alia Bhatt: रणबीर कपूर-आलिया भट्ट ने PM मोदी को दिया जन्मदिन का तोहफा, मुंबई के 20 स्कूलों का कराएंगे कायाकल्प

Ranbir Kapoor-Alia Bhatt: आलिया भट्ट ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन पर बधाई दी। एक्ट्रेस ने यह भी घोषणा करते हुए कहा कि वह और उनके पति- एक्टर रणबीर कपूर 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प लेकर #SevaSankalpAbhiyaan का समर्थन करेंगे।

पीएम मोदी के लिए जन्मदिन का संदेश शेयर करते हुए आलिया ने लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी को जन्मदिन की बधाई! आने वाला साल आपके लिए सेहतमंद और खुशियों भरा हो। #SevaSankalpAbhiyaan की भावना सामूहिक प्रयास और समाज को कुछ वापस देने की शानदार सोच को दिखाती है। इस दिन को मनाने और इस नेक काम में सहयोग करने के लिए रणबीर और मैं @mybmc की सिफारिशों के अनुसार 20 स्कूलों को बेहतर बनाने का संकल्प ले रहे हैं, ताकि हमारे बच्चों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए बेहतर और अच्छी सुविधाओं वाली जगहें मिल सकें।”

आलिया का यह पोस्ट तब आया जब कई मशहूर हस्तियों ने पीएम मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी।

सेलेब्स ने पीएम मोदी को बधाई दी

X पर सलमान खान ने लिखा, “माननीय पीएम साहब, आपको जन्मदिन मुबारक हो। नरेंद्र भाई मोदी आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। जय हिंद।” शाहरुख खान ने भी अपने X हैंडल से PM मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने लिखा, “माननीय PM @narendramodi जी, आपको जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। आप हमेशा अच्छी सेहत, खुशी और संतुष्टि के साथ रहें। देश को प्रेरित करने की ताकत और सकारात्मकता आपमें हमेशा बनी रहे।”

अक्षय कुमार ने X पर लिखा, “आज हमारे सम्मानित प्रधानमंत्री जी का जन्मदिन है और यह दिन सेवा के संकल्प के साथ मनाया जा रहा है। मेरा मानना ​​है कि जन्मदिन मनाने का इससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “हम किसी की सेवा करें, किसी जरूरतमंद की मदद करें, किसी के चेहरे पर मुस्कान लाएं… बस यही एक साधारण सा संकल्प। जन्मदिन मुबारक हो @narendramodi जी। हमारे महान देश को प्रेरित करते रहें। जय भारत। जय महाकाल।”

मोहनलाल ने X पर लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। देश की तरक्की के लिए आपका अथक समर्पण लाखों लोगों को प्रेरित करता रहता है। यह साल आपके लिए अच्छी सेहत, ताकत और देश की सेवा में लगातार सफलता लेकर आए।”एक्टर और MP कंगना रनौत ने PM मोदी के साथ एक तस्वीर शेयर की और दिल से एक नोट लिखा। जैकी श्रॉफ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर PM मोदी के साथ तस्वीर शेयर की और लिखा, “हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई!”

पीएम मोदी के जन्मदिन पर बीजेपी उनके 25 साल के जन-सेवा कार्य के उपलक्ष्य में ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी। इससे पहले 9 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए घोषणा की थी कि पीएम मोदी 7 अक्टूबर को जन-सेवा के 25 साल पूरे करेंगे और इस मौके पर बीजेपी एक महीने तक चलने वाला विशेष अभियान ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी।

4 देशों से 21 देशों तक… BRICS के 20 साल पर PM Modi ने बिजनेस फोरम में बताई समूह की ताकत

BRICS Summit 2026: दिल्ली में आज से 18वें BRICS समिट की शुरुआत हो गई है। ऐसे में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम के लीडर्स सेशन में विदेशों से आएं प्रतिनिधियों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा, “ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है। इस साल हम ब्रिक्स के 20 साल मना रहे हैं। जब 2006 में यह ग्रुप शुरू हुआ था, तब इसमें सिर्फ चार देश थे। आज, ब्रिक्स के सदस्यों और पार्टनर देशों को मिलाकर हमारा परिवार 21 देशों का है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आज BRICS के देश दुनिया की 50 प्रतिशत जनसंख्या, 40 प्रतिशत GDP और 25 प्रतिशत से अधिक ट्रेड को प्रदर्शित करते हैं। इतना ही नहीं, इन वर्षों में जहां ग्लोबल GDP करीब ढाई गुना हुई है, वहीं BRICS देशों की कंबाइन GDP करीब साढ़े चार गुना हुई है।

BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन का अहम केंद्र बन रहे

उन्होंने कहा, BRICS देश ग्लोबल इनोवेशन और सॉल्यूशन के लिए अहम केंद्र के तौर पर भी बन रहे हैं। हमारे देशों में इनोवेशन के लिए नई संभावनाएं आकार ले रही हैं, जिनमें जमीनी स्तर की पहलों से लेकर अत्याधुनिक तकनीकें तक शामिल हैं। ब्रिक्स का बढ़ता दायरा, रफ्तार और उम्मीदें हम सबके बीच साफ तौर पर दिखाई देती हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में आयोजित यह फोरम अब तक का सबसे बड़ा ब्रिक्स बिजनेस फोरम है।

BRICS की थीम पर PM मोदी का जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आगे कहा कि “भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’ है। पिछले 12 वर्षों में, भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापारिक नीतियों का आधार बनाया है। उन्होंने कहा, मजबूती (resilience) के मामले में, भारत ने ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक के क्षेत्रों में सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है। इसी मजबूती का नतीजा है कि आज वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत विकास और स्थिरता का भरोसा देता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी पर जोर

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स (BRICS) बिजनेस फोरम में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, हम तेजी से अपनी सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का विस्तार कर रहे हैं। साथ ही, हम जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, महत्वपूर्ण खनिजों और बायोटेक्नोलॉजी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित कर रहे हैं।”

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BRICS Summit 2026: दिल्ली में मौजूद रहेंगे दुनिया के ये ताकतवर नेता, ब्रिक्स सम्मेलन के लिए कौन-कौन आ रहा, ये रही पूरी लिस्ट

BRICS Summit 2026: दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच, भारत शनिवार से शुरू हो रहे दो दिन के ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन का इस्तेमाल इस समूह को आर्थिक विकास के एक सहयोगी इंजन के तौर पर पेश करने के लिए कर रहा है। साथ ही, भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की विकास से जुड़ी मुख्य प्राथमिकताओं—खासकर खाद्य, ऊर्जा और सप्लाई चेन की सुरक्षा—की वकालत भी कर रहा है।

बता दें कि नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो रही हैं, और चीन ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के इसमें शामिल होने की पुष्टि भी कर दी है। करीब सात साल बाद यह उनकी भारत यात्रा होगी।

इस अहम बैठक में शामिल होने वाले अन्य शीर्ष नेताओं में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो शामिल हैं।

भारत के शीर्ष अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि भारत ‘ग्लोबल साउथ’ की मुख्य विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के लिए ब्रिक्स (BRICS) समूह को एक अहम और पूरक मंच के तौर पर आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार विवादों और भू-राजनीतिक बदलावों से पैदा हो रही आर्थिक चुनौतियों के बीच, हम खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा स्थिरता और मजबूत सप्लाई चेन से जुड़ी अहम कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान दे रहे हैं।

BRICS Summit के बीच ग्लोबल इकोनॉमी के सामने बड़ी चुनौतियां

बता दें कि नई दिल्ली में यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट (खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी) और ट्रंप प्रशासन की व्यापार व टैरिफ नीतियों के बुरे असर का सामना कर रही है।

समिट शुरू होने में बस दो दिन बचे हैं, लेकिन यह साफ नहीं है कि ग्रुप के सदस्य देश किसी साझा बयान पर सहमत हो पाए हैं या नहीं, क्योंकि पश्चिम एशिया संकट को लेकर ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मतभेद बने हुए हैं। यह ग्रुप आम सहमति के आधार पर काम करता है।

BRICS में शुरू में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका शामिल थे। 2024 में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसमें शामिल होगा।

पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कज़ाकिस्तान, क्यूबा, ​​मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम BRICS के पार्टनर देश बने।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS का बढ़ता दबदबा

ध्यान दे कि BRICS एक प्रभावशाली ग्रुप के तौर पर उभरा है, क्योंकि यह दुनिया की 11 बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है। ये देश दुनिया की लगभग 49.5 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत GDP और लगभग 26 प्रतिशत व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।

भारत की BRICS की अध्यक्षता चार मुख्य स्तंभों— मजबूती (resilience), इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी पर आधारित है।

अधिकारियों ने बताया कि मजबूती वाले हिस्से के तहत, भारत स्वास्थ्य, कृषि, भोजन, ऊर्जा, आपदा जोखिम कम करने और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सामूहिक सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है।

उन्होंने कहा कि व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और हाई टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना भी समिट के एजेंडे में अहम होगा।

भारत की BRICS अध्यक्षता का थीम क्या है?

भारत की BRICS अध्यक्षता का थीम है: ‘मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’। यह थीम लोगों पर केंद्रित उस नजरिए को दिखाता है जो “मानवता सबसे पहले” की भावना पर आधारित है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, इन मुद्दों के अलावा BRICS देशों के नेता आपसी प्राथमिकताओं पर सहयोग मजबूत करने को लेकर भी चर्चा करेंगे। साथ ही, वे दुनिया और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐसे मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे, जो सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इस साल भारत की अध्यक्षता में BRICS को मजबूत करने के लिए देश के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और बड़े स्तर की चर्चाएं आयोजित की गई हैं। इनका मकसद BRICS की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है। यह साझेदारी तीन मुख्य क्षेत्रों पर आधारित है—राजनीतिक और सुरक्षा, आर्थिक और वित्तीय, तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क।

भारत चौथी बार संभाल रहा BRICS की कमान

भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता कर चुका है। 1 जनवरी 2026 को भारत ने चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली है।

बंद कमरे की बैठक से लेकर फैमिली फोटो तक, ऐसा रहेगा पहला दिन

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, शिखर सम्मेलन की शुरुआत शनिवार को दोपहर 2:35 बजे BRICS सदस्य देशों के लिए ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ (Inclusive Global Governance and Strengthening Multilateralism) विषय पर एक बंद कमरे में होने वाले सत्र (closed-door session) के साथ होगी।

इस सत्र के बाद, नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ (Bharat Innovates Exhibition) का दौरा करेंगे, जिसका उद्घाटन शाम 4:25 बजे होना है। शाम 5:05 बजे, नेता ‘भारत मंडपम’ – जो शिखर सम्मेलन का स्थल है – के लॉन में एक ‘फैमिली फोटो’ (सामूहिक तस्वीर) के लिए इकट्ठा होंगे, जिसके बाद संयुक्त रूप से वृक्षारोपण समारोह होगा। पहले दिन के कार्यक्रमों का समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शाम 7:30 बजे आयोजित एक भव्य रात्रिभोज (gala dinner) के साथ होगा।

रविवार को BRICS के सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आमंत्रित देशों के नेता सुबह 9:55 बजे से भारत मंडपम पहुंचना शुरू करेंगे। इसके बाद सुबह 10:35 बजे आधिकारिक ग्रुप फोटो ली जाएगी।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इंक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना) विषय पर उद्घाटन सत्र सुबह 10:50 बजे शुरू होगा।

यह शिखर सम्मेलन ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ (New Delhi Declaration) जारी होने के साथ संपन्न होगा।

दक्षिण अफ्रीका की एंट्री से BRIC बना BRICS

2006 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में औपचारिक रूप से गठित BRIC ने अपना पहला शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया था।

2010 में UNGA के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दक्षिण अफ्रीका को शामिल करने पर सहमति बनने के बाद यह समूह BRICS बन गया, और दक्षिण अफ्रीका ने 2011 में सान्या में हुए अपने पहले शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया।

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3 दिन की बजाय 12 घंटे में पहुंचेगा सामान! जानिए वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर यूपी के दादरी से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट तक क्या-क्या बदलेगा

उत्तर प्रदेश के दादरी से नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट को जोड़ने वाला 1600 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वडोदरा दौरे के दौरान वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन प्रमुख हिस्सों का उद्घाटन कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने का औपचारिक ऐलान किया। इस बीच नवी मुंबई के उरण में पत्रकारों से बात करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कॉरिडोर देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा। इससे भारत की लॉजिस्टिक्स लागत घटकर करीब 7 फीसदी रह जाएगी। इससे भारत चीन को सीधी टक्कर दे सकेगा और ग्लोबल सप्लाई चेन का ज्यादा मजबूत हिस्सा बन सकेगा।

लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, चीन से मुकाबला होगा आसान

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि पहले भारत की लॉजिस्टिक्स लागत करीब 14 प्रतिशत थी जबकि चीन में यह 7 प्रतिशत थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोशिशों से भारत की लॉजिस्टिक्स लागत 14 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत पर आई थी। अब इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से यह लागत घटकर करीब 7 प्रतिशत रह जाएगी। इससे भारतीय उद्योग अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और वैश्विक बाजार में चीन का मुकाबला आसानी से कर सकेंगे।

3 दिन का सफर अब महज 12 घंटे में होगा पूरा

फडणवीस ने दावा किया है कि इस फ्रेट कॉरिडोर के चालू होने से माल ढुलाई के समय में भारी गिरावट आएगी। सड़क के रास्ते जिस सामान को दादरी से जेएनपीटी तक पहुंचाने में करीब तीन दिन का समय लगता था, वही सामान अब फ्रेट कॉरिडोर के जरिए सिर्फ 12 घंटे में अपनी मंजिल तक पहुंच जाएगा। इस कॉरिडोर पर डबल-स्टैक कंटेनर ट्रेनें (एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर रखकर) दौड़ेंगी। इस तरह की एक ट्रेन 250 ट्रकों के बराबर माल एक बार में ले जा पाएंगी। इस पूरे कॉरिडोर में इलेक्ट्रिक ट्रेनों चलेंगी। इससे पेट्रोल और डीजल की भारी बचत होगी। इसके अलावा पर्यावरण प्रदूषण में भी बड़ी गिरावट आएगी।

महाराष्ट्र और JNPT को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

कई राज्यों से होकर गुजरने वाले इस 1600 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का अंतिम स्टेशन नवी मुंबई का जेएनपीटी है। सीएम फडणवीस ने कहा कि इसका सबसे अधिक लाभ महाराष्ट्र को मिलेगा। जेएनपीटी अगले दो सालों के भीतर 1 मिलियन से अधिक TEUs (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) कंटेनर कार्गो को हैंडल करने वाला देश का पहला बंदरगाह बनने जा रहा है। इस परियोजना से आयात-निर्यात पर निर्भर उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस ऐतिहासिक परियोजना को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, भारत सरकार और फाइनेंशियल मदद देने वाली जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के साथ जापान सरकार का आभार भी जताया है।

PM Modi: पीएम मोदी ने दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर जताया दुख, अब तक तीन लोगों की हुई मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार दोपहर को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। हादसे में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की खबर है। वहीं कई छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए PG के तौर पर किया जा रहा था। वहीं इस हादसे के बाद से राहत-बचाव काम जारी है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर दुख जताया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने रविवार को X पर पोस्ट कर इस घटना को बेहद दुखद बताया।

पीएम ने जताया दुख

प्रधानमंत्री ने कहा कि, हादसे से प्रभावित लोगों की मदद के लिए अधिकारी मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। सोशल मीडिया X पर किए पोस्ट में पीएम ने लिखा, “दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बिल्डिंग का गिरना दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना। अधिकारी मौके पर काम कर रहे हैं और हादसे में प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।”

अबतक 3 लोगों की हुई मौत

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के सत्य निकेतन मार्केट में इमारत गिरने की घटना में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। वहीं नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। हादसे के बाद राहत और बचाव टीमें लगातार मौके पर काम कर रही हैं और प्रभावित लोगों को निकालने की कोशिश जारी है। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की।

40-50 साल पुरानी है इमारत

दिल्ली पुलिस ने बताया कि, साउथ कैंपस थाने में दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और DDMA की टीमें फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। वहीं जांच के दौरान सामने आया कि सत्य निकेतन की यह इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी और इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं। बिल्डिंग का इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

GST Council Meeting: 12 सितंबर की मीटिंग टली, ब्रिक्स की वजह से अब 7 अक्टूबर को होगी

SRCC में PM मोदी का Gen Z कनेक्ट, ‘OG’ और ‘धुरंधर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर युवाओं को दिया संदेश

PM Modi SRCC Speech: शनिवार को श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के छात्रों को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘Gen Z’ (आज की युवा पीढ़ी) की भाषा में ‘OG’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। साथ ही, 2013 में दिए गए अपने भाषण के 13 साल बाद कॉलेज लौटने पर उन्होंने हाल ही में लोकप्रिय हुई फिल्म ‘धुरंधर’ का भी जिक्र किया।

पीएम मोदी ने अपनी बात की शुरुआत अपने पुराने भाषण का जिक्र करते हुए किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में उनके 2013 के भाषण की काफी चर्चा हुई और लोगों ने उसे दोबारा देखा। उन्होंने छात्रों से कहा, “2013 में मैंने जो कहा था, वह मेरा पक्का विश्वास था।”

‘धुरंधर’ से ‘रीविजिट’ तक

हल्के-फुल्के अंदाज में बात करते हुए पीएम मोदी ने छात्रों से कहा, “हो सकता है कि आप ‘धुरंधर’ न हों, लेकिन अपनी मौजूदगी का एहसास जरूर कराएं।” अपनी छाप जरूर छोड़ें। उन्होंने ‘रीविजिट’ (फिर से देखना/याद करना) शब्द का इस्तेमाल करते हुए युवा पीढ़ी से कहा कि वे उस समय की स्थिति पर नजर डालें जब उन्होंने 2013 में आखिरी बार SRCC को संबोधित किया था।

पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि वे ऑनलाइन जाकर देखें कि उस समय अखबारों में क्या खबरें छप रही थीं, जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार सत्ता में थी और वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।

SRCC के जाने-माने पूर्व छात्रों (एलुमनाई) को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “SRCC के पूर्व छात्र भी बहुत खास रहे हैं। अगर मैं आपकी भाषा में कहूं, तो यहां के पूर्व छात्र ‘OGs’ (असली दिग्गज) हैं।”

दोनों दौर की तुलना करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 2013 में भारत कई चुनौतियों का सामना कर रहा था, जिनमें आतंकी हमले, महंगाई और भ्रष्टाचार शामिल थे।

उन्होंने कहा, “विकास दर बहुत नीचे थी और महंगाई चरम पर थी,” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि घोटाले और भ्रष्टाचार भी अपने चरम पर थे।

उस समय के माहौल को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हर तरफ निराशा और मायूसी ही थी।”

इस दौरान पीएम मोदी ने सुरक्षा चुनौतियों और ‘लाइन ऑफ कंट्रोल’ (LoC) पर हालात का भी जिक्र किया और 2014 से पहले की स्थिति की तुलना अपनी सरकार के जवाब से की।

पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर साधा निशाना

पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए, पीएम मोदी ने सीमा पार से होने वाले हमलों पर उस समय और अब के रवैये की तुलना की।

उन्होंने कहा, “आज जब पाकिस्तान कोई हरकत करता है, तो हम उनके घर में घुसकर हमला करते हैं।” उन्होंने अपनी सरकार के दौरान पाकिस्तान के प्रति भारत के रुख का जिक्र करते हुए यह बात कही।

उन्होंने उस समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि का भी जिक्र किया और बताया कि 2013 में देश को “फ्रैजाइल फाइव” (कमजोर पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक) कहा जाता था। उन्होंने 2013 में भारत की स्थिति और आज की स्थिति की तुलना करते हुए इस शब्द का इस्तेमाल किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर पहचाना जा रहा है। उन्होंने हाल के GDP आंकड़ों का भी जिक्र किया, जिनके मुताबिक अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।

क्या Gen Z तक पहुंचने की नई कोशिश है?

हाल ही में जंतर-मंतर पर Gen Z के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद, BJP और उसके नेता युवा दर्शकों से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसी सिलसिले में PM मोदी ने SRCC में खास तरह की भाषा का इस्तेमाल किया। हाल ही में BJP सांसदों ने संसद में “MIA”, “FOMO” और “Delulu” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है, जबकि खुद प्रधानमंत्री भी इंस्टाग्राम-स्टाइल वीडियो और युवाओं को ध्यान में रखकर संदेश देने का तरीका अपना रहे हैं।

जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से मीम्स, रील्स और इंटरनेट कल्चर से प्रेरित थे। इनसे पता चला कि Gen Z किस तरह सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लोगों को एकजुट कर सकता है और राजनीतिक चर्चा को दिशा दे सकता है। बता दें कि इस आंदोलन के कारण तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।

इसलिए, PM मोदी का SRCC का दौरा सिर्फ 2013 में दिए गए भाषण को दोहराना नहीं था। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब राजनीतिक पार्टियां उस पीढ़ी की भाषा को समझने और बोलने की कोशिश कर रही हैं जो रील्स, मीम्स और इंटरनेट स्लैंग के जरिए बातचीत करती है।

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