Crude Price: कच्चे तेल में उबाल, कीमत 3.7% बढ़कर एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब

कच्चे तेल की कीमत में फिर से तगड़ा उछाल है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत मई के बाद पहली बार 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति में जल्द राहत मिलने की उम्मीदें कम हो रही हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.94 डॉलर (3.7 प्रतिशत) बढ़कर 109.86 डॉलर पर बंद हुआ, जो 19 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 3.44 डॉलर (3.5 प्रतिशत) बढ़कर 101.41 डॉलर पर बंद हुआ, जो 17 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस सप्ताह अब तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.9 प्रतिशत और WTI की कीमत 10.4 प्रतिशत चढ़ी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। वहीं रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर निशाना बना रहे हैं।

इस साल 70 प्रतिशत चढ़ा कच्चा तेल

इस साल कच्चे तेल की कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, क्योंकि मध्य पूर्व और रूस में चल रहे युद्धों के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। फिजिकल बाजारों में भी तंगी के संकेत मिल रहे हैं; डीजल जैसे रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में और भी तेज उछाल आया है। यूरोप में इस कमोडिटी के लिए फ्यूचर्स की कीमतें इस साल दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं।

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रूस से डीजल रिलीज के समझौते पर रोक की कोशिश

शुक्रवार को अमेरिकी सांसदों ने एक बिल पेश किया, जिसका मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के बीच हुए उस समझौते को रोकना है, जिसके तहत रूस से कई सौ मिलियन बैरल डीजल रिलीज किया जाना था। समझौते पर रोक का कदम ऐसे किसी भी उपाय के खिलाफ व्यापक विरोध को दर्शाता है, जिससे रूस को अपने युद्ध कोष (War Chest) को मजबूत करने का मौका मिल सके।

अगर वैश्विक बाजारों से रूसी डीजल बाहर रहता है, तो अन्य जगहों की रिफाइनरियों को मांग पूरी करने के लिए ऑयल प्रोसेसिंग बढ़ानी पड़ेगी। हालांकि, ट्रंप ने फिर दोहराया है कि रूस डीजल जारी करने के समझौते पर अमल करेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लैक सी के आसपास लगातार तनाव बना हुआ है। रूस की रियाजान तेल रिफाइनरी पर हाल ही में हमला हुआ है। इसके कारण वहां कामकाज रोकना पड़ा। इस हमले ने डीजल रिलीज के समझौते के पूरा होने को लेकर संदेह और बढ़ा दिया है।

Russia-Ukraine War Update: ‘यूक्रेन को अब नए राष्ट्रपति की जरूरत’: पुतिन को लेकर नरम पड़े ट्रंप के तेवर, जेलेंस्की पर भड़के

Russia-Ukraine War Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए कहा है कि युद्धग्रस्त देश को ऐसे नए नेतृत्व की जरूरत है, जो समझौता करने में सक्षम हो। ट्रंप ने यूक्रेन की ओर से रूस की तेल रिफाइनरियों पर किए जा रहे हमलों को रोकने की अपील भी की है। उनके इस बयान से वॉशिंगटन और कीव के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिले हैं। ट्रंप ने कहा है कि यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनने का समय आ गया है क्योंकि वर्तमान राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूस के साथ अपने देश के युद्ध को समाप्त करने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए हैं।

ट्रंप ने शनिवार को व्हाइट हाउस में कहा, “मेरा सुझाव है कि वे (यूक्रेन के लोग) एक ऐसा नया नेता चुनें जो कोई समझौता कर सके। कुछ कारणों से वह (जेलेंस्की) ऐसा कभी नहीं करते।” ट्रंप ने यह दावा भी किया कि यदि वह 2022 में अमेरिका के राष्ट्रपति होते, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता। उन्होंने कहा, “यूक्रेन और रूस के बीच यह युद्ध शुरू होने का कोई कारण नहीं था। यह अक्षमता के कारण शुरू हुआ।”

जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने (जेलेंस्की ने) अपने देश का 30 प्रतिशत हिस्सा गंवा दिया है और दोनों पक्षों को मिलाकर 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं तथा लाखों लोग मारे गए हैं। ट्रंप ने कहा, “यह एक ऐसा युद्ध है जो कभी शुरू ही नहीं होना चाहिए था। और मुझे लगता है कि अब समय आ गया है जब यूक्रेन को एक नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए।”

रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों से नाराज ट्रंप

रूस की तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर यूक्रेन के हमले ट्रंप और जेलेंसी के संबंधों में एक नया तनाव पैदा कर रहे हैं। ट्रंप ने इन हमलों को रोकने की जरूरत पर जोर देते हुए यूक्रेनी नेतृत्व को समझौते की राह अपनाने का संदेश दिया है। ट्रंप की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब रूस से डीजल की वैश्विक बाजारों में आपूर्ति की अनुमति देने वाली एक व्यवस्था पर अमेरिका आगे बढ़ रहा है। ऐसे में रूस के ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े फैसले और यूक्रेन की सैन्य रणनीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गए हैं।

जेलेंस्की के नेतृत्व पर उठाए सवाल

ट्रंप ने अपने बयान में केवल रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों का विरोध नहीं किया। बल्कि जेलेंस्की के नेतृत्व को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने सुझाव दिया कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चाहिए, जो किसी समझौते तक पहुंच सके। इस बयान को अमेरिका और यूक्रेन के बीच युद्ध को लेकर रणनीतिक मतभेदों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ट्रंप की टिप्पणी के बाद यूक्रेन सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया का डिटेल्स नहीं दिया गया है।

अमेरिका-यूक्रेन संबंधों पर क्या होगा असर?

ट्रंप का यह बयान रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी प्रशासन के रुख और यूक्रेन की सैन्य कार्रवाई के बीच तनाव को उजागर करता है। एक ओर ट्रंप यूक्रेन से हमले रोककर समझौते की दिशा में बढ़ने की अपील कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर रूस से डीजल की वैश्विक आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था भी चर्चा में है। फिलहाल, इस बयान के बाद अमेरिका और यूक्रेन के संबंधों में आगे क्या बदलाव आएगा, यह दोनों देशों की आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और आने वाले फैसलों पर निर्भर करेगा।

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हूती मिसाइल ने रियाद एयरपोर्ट को बनाया निशाना, Air India Express और Akasa Air ने रद्द की उड़ानें

रियाद एयरपोर्ट के आसपास हुए धमाकों के बाद सऊदी अरब की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालात को देखते हुए Air India Express और Akasa Air ने गुरुवार को रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे यात्रियों की यात्रा पर भी असर पड़ा है।

उड़ानें रद्द किए जाने के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का एक दावा भी सामने आया है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया था।

इस बीच, हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने राजधानी की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया है। हालांकि, हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए इस दावे की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

Air India Express ने रियाद की उड़ानें रोकीं

रियाद में बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच Air India Express ने 10 अक्टूबर तक रियाद से आने-जाने वाली अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं। एयरलाइन ने इसके पीछे क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति को वजह बताया है।

एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने से प्रभावित यात्रियों को मुफ़्त में यात्रा की तारीख बदलने (रीशेड्यूलिंग) या बुकिंग रद्द करने पर पूरा रिफंड पाने का विकल्प दिया जाएगा।

बता दें कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब सुरक्षा से जुड़ी ताजा घटना के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं में फिर से रुकावट आई है।

आकासा एयर ने कोच्चि-रियाद सेवाएं रद्द कीं

आकासा एयर ने 8 अक्टूबर को होने वाली अपनी QP 523 कोच्चि-रियाद और QP 524 रियाद-कोच्चि फ्लाइट्स भी रद्द कर दीं।

एयरलाइन ने कहा कि फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित यात्री या तो पूरा रिफंड ले सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपनी यात्रा का समय बदल सकते हैं।

आकासा एयर ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और आगे किसी भी बदलाव के बारे में यात्रियों को जानकारी देगी। उसने यह भी कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा और भलाई उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

रियाद एयरपोर्ट ने यात्रियों को फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यात्रियों से कहा है कि वे एयरपोर्ट आने से पहले अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।

यह सलाह गुरुवार को रियाद में कई धमाकों की आवाज सुनाई देने और एयरपोर्ट के पास एक बड़े धमाके की खबर के बाद जारी की गई। एक चश्मदीद ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि फ्लाइट्स रोक दी गईं और यात्रियों से एयरपोर्ट से बाहर निकलने को कहा गया।

एयरपोर्ट ने ‘X’ पर एक बयान में कहा: “हम यात्रियों को बताना चाहते हैं कि एयरपोर्ट आने से पहले वे सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें और अपनी फ्लाइट का स्टेटस चेक कर लें।”

हूतियों ने बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया

हूती मिलिट्री के प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि उनके ग्रुप ने दोपहर के समय किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया और दावा किया कि मिसाइल “अपने निशाने पर लगी”।

हालांकि, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसकी सेना ने रियाद की ओर दागी गई दो मिसाइलों को रोक दिया। वहीं, सऊदी अधिकारियों ने तुरंत इस बात की पुष्टि नहीं की कि हूती मिसाइल एयरपोर्ट से टकराई है।

यह ताजा घटना इस हफ्ते सऊदी एयरपोर्ट्स पर हुए हूती हमलों की कड़ी में एक और घटना है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो गई और 36 अन्य घायल हो गए।

रियाद एयरपोर्ट पर पहले से ही उड़ानें प्रभावित

ताजा हमले ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले से चल रही दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। ‘द नेशनल’ के मुताबिक, गुरुवार को दर्जनों उड़ानों पर असर पड़ा। एक समय पर 58 उड़ानें देर से चलीं और 11 उड़ानें रद्द कर दी गईं।

इस स्थिति ने सऊदी एयरस्पेस से गुजरने वाली इंटरनेशनल एयरलाइंस के लिए भी बड़ी चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि हूती और सऊदी-नेतृत्व वाली सेनाओं के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है।

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Russia-Ukraine War: मंगलवार को रूस के दक्षिणी तट के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक ऑयल टैंकर में भीषण आग लगने से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। बताया जा रहा है कि इस जहाज पर यूक्रेन के नेवल ड्रोन से हमला हुआ था, जिससे रिसॉर्ट शहर सोची के कुछ हिस्सों के ऊपर काले धुएं का गुबार छा गया। वहीं, रूस के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय ने बताया कि लाइबेरिया के झंडे वाले इस टैंकर पर काला सागर (Black Sea) में हमला हुआ और पानी पर कच्चा तेल जल रहा था।

मंत्रालय ने कहा कि आग इतनी भीषण थी कि फायरफाइटर्स तुरंत उस पर काबू नहीं पा सके, लेकिन जहाज पर मौजूद सभी 23 क्रू मेंबर्स (जो भारतीय नागरिक थे) को सुरक्षित बचा लिया गया।

सोची से आए वीडियो और तस्वीरों में समुद्र में तेज लपटें उठती और आसमान में घना काला धुआं फैलता दिखाई दिया। एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने समुद्र तटों और तटीय इलाकों के कुछ हिस्सों में लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी।

बीच बंद, लोगों को घर के अंदर रहने को कहा गया

सिरियस फेडरल टेरिटरी के प्रमुख दिमित्री प्लिशकिन ने टैंकर में आग लगने की पुष्टि की और स्थानीय बीच को कुछ समय के लिए बंद करने का ऐलान किया।

प्लिशकिन ने कहा, “ब्लैक सी में एक टैंकर में आग लग गई। लोगों की सुरक्षा के लिए सिरियस के बीच कुछ समय के लिए बंद रहेंगे। पानी और हवा की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।” उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारी रूस की हाइड्रोमेटियोरोलॉजिकल सर्विस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

अधिकारियों के हालात पर नजर रखने के दौरान लोगों को घर के अंदर रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह भी दी गई।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन ब्लैक सी और उसके आस-पास युद्ध से जुड़े एनर्जी फैसिलिटीज और कमर्शियल शिपिंग को निशाना बना रहे हैं।

बता दें कि हाल ही में रूस ने रोमानिया के तट के पास यूक्रेनी सामान ले जा रहे अनाज के जहाजों पर हमला किया है, जबकि यूक्रेन ने रूस के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है। यूक्रेन का कहना है कि ये हमले यूक्रेनी शहरों पर मॉस्को के लगातार हमलों का जवाब हैं।

दोनों पक्षों ने आने वाले दिनों में अपने हमलों को और तेज करने के संकेत दिए हैं।

रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर भी हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें दिन के समय ड्रोन हमले और अहम पुलों पर हमले शामिल हैं, जिससे यूक्रेन की राजधानी में भारी व्यवधान पैदा हुआ है।

इससे पहले भी दक्षिणी रूस में तेल सुविधाओं पर यूक्रेन के पिछले हमलों के कारण तेल का रिसाव हुआ है, समुद्र तट बंद करने पड़े हैं और पर्यावरण से जुड़ी अन्य चिंताएं पैदा हुई हैं।

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“पुतिन शांति चाहते हैं, जेलेंस्की युद्ध बढ़ाना चाहते हैं!” रूस-यूक्रेन संघर्ष पर ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की पर निशाना साधा है। ट्रंप ने कहा कि पुतिन इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं, न कि इसे अगले 10 साल तक चलते हुए देखना चाहते हैं। बता दें कि ट्रंप ने यह दावा जेलेंस्की के साथ हुई बातचीत के बाद किया। ट्रंप ने कहा, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन युद्ध खत्म करना चाहते हैं, जबकि यूक्रेनी नेता संघर्ष को लंबा खींचना चाहते हैं।

ट्रंप ने कहा, “आज जेलेंस्की के साथ हमारी मीटिंग हुई, और उनके नजरिए से यह मीटिंग अच्छी नहीं रही। मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी स्थिति का जरूरत से ज्यादा फायदा उठाने की कोशिश की। मैं शांति चाहता हूं, न कि 10 साल तक चलने वाली जंग या कोई खेल-तमाशा। हम शांति चाहते हैं! वह लड़ते रहना चाहते हैं, जबकि हम मौतों को रोकना चाहते हैं। पिछले हफ्ते 2,000 लोग मारे गए। राष्ट्रपति पुतिन इसे खत्म करना चाहते हैं, जबकि जेलेंस्की हमें 10 साल की लड़ाई में उलझाए रखना चाहते हैं। ऐसा नहीं होगा।”

इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि यूक्रेन के साथ युद्ध के कारण रूस ने दुर्भाग्य से अपने डीजल तेल उद्योग के कुछ हिस्सों पर से नियंत्रण खो दिया है।

ट्रंप ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर लिखा, “उनकी कई डीजल रिफाइनरियों को उड़ा दिया गया है और वे कम से कम कुछ समय के लिए तो बंद ही हैं। यूक्रेन के साथ चल रहे इस बेतुके और कभी न खत्म होने वाले युद्ध को खत्म किया जाना चाहिए। पूरी दुनिया को नुकसान हो रहा है क्योंकि हर महीने 25,000 लोग, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं, मारे जा रहे हैं। कितनी शर्म की बात है!”

ट्रंप के साथ बैठक से ‘बहुत कुछ बदल सकता है’- जेलेंस्की

ट्रंप से बातचीत के बाद, जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति उनसे न्यूयॉर्क में मिलने के लिए सहमत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बैठक से “बहुत कुछ बदल सकता है” और इससे “राजनयिक गति” मिलेगी।

जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के कीव दौरे के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों पक्षों ने यूक्रेन के हालात पर विस्तार से चर्चा की।

जेलेंस्की ने आगे कहा, “शांति की कोशिश हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।” उन्होंने बताया कि तनाव कम करने और सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों को सुलझाने के लिए कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई है। इनमें ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और लोगों की जान की सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल हैं।

उन्होंने यह भी बताया, “हम अमेरिकी टीम के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और बहुत गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार हैं।”

जेलेंस्की ने ट्रंप का लिंडसे ग्राहम के समर्थन वाले बिल को कानून का रूप देने के लिए भी धन्यवाद किया। उन्होंने एक बार फिर कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि युद्ध का समाधान शांति के जरिए निकाला जाना चाहिए।

जेलेंस्की ने कहा, “यूक्रेन के साथ खड़े रहने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद। हमारी मदद करने वाले सभी लोगों का भी धन्यवाद।”

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Russia-Ukraine War : मॉस्को की ओर यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले, रूस का दावा- 1,600 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए

Russia-Ukraine War : मॉस्को की ओर यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले, रूस का दावा- 1,600 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए

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यूक्रेन ने मॉस्को की ओर अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक को अंजाम दिया है। रूस ने दावा किया है कि शनिवार से अब तक उसने 1,600 से ज्यादा यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं, जिनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे थे। रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को में ड्रोन हमला हुआ है। मॉस्को की एक ऑइल रिफाइनरी को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा है। हमले के बाद यहां आग लग गई। इस हमले के दौरान मॉस्को क्षेत्र में दो लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।

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मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने इसे क्षेत्र पर हुए सबसे बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक बताया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हमलों के बाद मॉस्को के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

 

मॉस्को की तेल रिफाइनरी तक पहुंचे ड्रोन

 

रिपोर्ट के मुताबिक, कई ड्रोन मॉस्को ऑयल रिफाइनरी तक पहुंचने में सफल रहे। रॉयटर्स के प्रत्यक्षदर्शियों ने रिफाइनरी परिसर से धमाकों और धुएं के गुबार की जानकारी दी। हालांकि, संयंत्र को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी है। यूक्रेन की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

 

मॉस्को की इस रिफाइनरी ने वर्ष 2024 में करीब 11.6 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण किया था। इससे लगभग 2.9 मिलियन टन पेट्रोल और 3.2 मिलियन टन डीजल का उत्पादन हुआ था।

 

यूक्रेन के हमलों से पहले भी रूस की रिफाइनिंग क्षमता प्रभावित होने की खबरें सामने आती रही हैं। इन हमलों को रूस के कुछ हिस्सों में ईंधन की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी से भी जोड़ा गया है।

 

रूस के संसदीय चुनाव के बीच हुआ हमला

 

यह ड्रोन हमला रूस में संसदीय चुनाव के अंतिम दिन हुआ। मॉस्को के मेयर सोबयानिन ने दावा किया कि ड्रोन अभियान का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को बाधित करना था। हालांकि, इस दावे पर यूक्रेन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मॉस्को क्षेत्र के रामेंस्कोये में हमलों के बाद 21 मंजिला एक अपार्टमेंट बिल्डिंग से करीब 400 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें लगभग 70 बच्चे शामिल थे।

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यूक्रेन में रूसी ड्रोन हमले में चार की मौत

 

इसी बीच यूक्रेन में भी रूसी ड्रोन हमले में चार लोगों की मौत हुई है। कीव क्षेत्र में हुए रातभर के हमले में तीन बच्चों समेत चार लोगों की जान चली गई। आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, एक ड्रोन के निजी मकान से टकराने के बाद एक महिला और उसके तीन साल के दो बच्चों की मौत हो गई। एक अन्य हमले में घायल हुई लड़की ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस तरह रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के बीच दोनों देशों में ड्रोन हमलों का सिलसिला लगातार जारी है।

‘युद्ध का हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है’; पीएम मोदी ने पुतिन से लड़ाई खत्म करने की अपील की

PM Modi Putin Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के बीच “लगातार युद्ध” की जगह “युद्ध खत्म करने” की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इन संघर्षों का वैश्विक भू-राजनीति पर भी बड़ा असर पड़ रहा है।

बता दें कि अला-आर्चा स्टेट रेजिडेंस में मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का स्वागत किया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पुतिन ने अक्साकल मीटिंग रूम में मोदी का स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ वरिष्ठ रूसी अधिकारियों और मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद था।

पुतिन ने दी मुझे यूक्रेन के बारे में जानकारी दी- पीएम मोदी

बैठक के दौरान, मोदी ने कहा कि पुतिन ने उन्हें यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी और शांति की कोशिशों के लिए भारत का समर्थन दोहराया।

मोदी ने कहा, “आपने मुझे यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी। भारत शांति की सभी कोशिशों का समर्थन करता है। युद्ध में बीता हर दिन इंसानियत को पीछे धकेलता है। वहीं, शांति की ओर एक कदम उम्मीद जगाता है। हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ना होगा, जो इंसानियत के हित में है। सभी मुद्दों को जल्द सुलझाया जाना चाहिए।”

मोदी ने दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों के मजबूत होने पर भी जोर दिया और कहा कि राष्ट्रीय हित दोनों देशों के लिए “सबसे बड़ी प्राथमिकता” है।

पुतिन से मिलकर खुशी हुई

मोदी ने कहा, “मुझे पुतिन से मिलकर बहुत खुशी हुई। पिछले साल पुतिन का भारत दौरा बहुत सफल रहा था। आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिली है।”

भारत और रूस के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा

इस बीच, पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग में सकारात्मक रुझान दिख रहे हैं और दोनों देशों के बीच व्यापार का कुल मूल्य 2% से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी के व्यक्तिगत ध्यान की वजह से दोनों देशों के संबंध और मजबूत हो रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति ने पर्यटन के क्षेत्र में बढ़ते संबंधों का भी जिक्र किया और कहा कि 2025 में भारत और रूस के बीच पर्यटकों की आवाजाही में 16% की बढ़ोतरी हुई।

यह बैठक भारत के लिए एक अहम मोड़ पर हो रही है, क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट आ रही है और रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव बना हुआ है। ये बातचीत और भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि एक तरफ नई दिल्ली रूसी कच्चे तेल पर काफी हद तक निर्भर रहते हुए अपनी ऊर्जा सप्लाई सुरक्षित करना चाहती है, तो दूसरी तरफ मॉस्को अपने तेल निर्यात से होने वाली कमाई को सुरक्षित रखना चाहता है।

यूक्रेन युद्ध पर भारत ने फिर साफ किया रुख

बता दें कि फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद से ही भारत ने इस मामले में सावधानी भरा रुख अपनाया है। नई दिल्ली ने बार-बार शांति और संघर्ष खत्म करने की अपील की है, लेकिन क्रेमलिन की सीधे तौर पर आलोचना करने से परहेज किया है।

गौरतलब है कि रूस भारत का एक अहम साझेदार बना हुआ है, खासकर ऊर्जा और रक्षा के क्षेत्र में। वित्त वर्ष 2026 में दोनों देशों के बीच करीब 60 अरब डॉलर का कारोबार हुआ। अब दोनों देशों की नजर इस दशक के अंत तक आपसी व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने पर है।

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रूसी ड्रोन हमले से कीव के पास एक गोदाम में जोरदार ब्लास्ट, 27 की मौत, दर्जनों घायल

Russia-Ukraine War: यूक्रेन की राजधानी कीव के पास एक गोदाम में रूसी ड्रोन हमलों के कारण हुए धमाके में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस धमाके से आसपास के इलाके में काफी नुकसान हुआ है। वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद रिहायशी इलाकों के पास गोला-बारूद रखने को लेकर भी काफी सवाल उठ रहे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि धमाके से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जाएगी। वहीं, रूस ने कहा कि उसकी सेना ने हथियारों के एक ऐसे गोदाम को निशाना बनाया था, जहां ड्रोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण रखे गए थे।

27 लोगों की मौत, बढ़ सकता है आंकड़ा

कीव क्षेत्र के सैन्य प्रशासन के प्रमुख, तिमुर तकाचेंको ने बताया कि इस घटना में कम से कम 27 लोगों की मौत हुई है। तकाचेंको ने कहा, “दुर्भाग्य से, अभी तक 27 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। और यह संख्या अंतिम नहीं हो सकती है।” उन्होंने मारे गए लोगों के परिवारों और प्रियजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।

रिपोर्ट के मुताबिक, धमाके के बाद दर्जनों लोग घायल भी हुए। बता दें कि यह घटना तब हुई जब रूसी ड्रोन ने कीव के पास एक गोदाम पर हमला किया, जिससे हुए धमाके से उस जगह के आसपास भारी नुकसान हुआ।

जेलेंस्की ने दिए जांच के आदेश

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी ड्रोन ने गोदाम पर हमला किया, जिससे धमाका हुआ। हालांकि, उन्होंने गोदाम की जगह के बारे में कोई खास जानकारी नहीं दी, लेकिन कहा कि इस घटना की जांच की जाएगी।

उन्होंने रिहायशी इलाकों के पास गोला-बारूद रखने पर भी सवाल उठाए। रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की ने कहा, “गोला-बारूद को घरों या दूसरे रिहायशी इलाकों के पास नहीं रखा जा सकता।”

उम्मीद है कि जांच में धमाके से जुड़ी परिस्थितियों और उस जगह पर सामान रखने के तरीके की पड़ताल की जाएगी।

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Russia-Ukraine War: यूक्रेन में लक्ष्मी मित्तल के स्टील प्लांट पर रूस का मिसाइल अटैक! 2 की मौत, ब्लास्ट-फर्नेस तबाह

Russian Attack on ArcelorMittal Ukraine: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्वामित्व वाले ‘आर्सेलरमित्तल’ (ArcelorMittal) के यूक्रेन स्थित विशाल स्टील प्लांट पर रूस ने भीषण मिसाइल हमला किया है। यह हमला यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के गृहनगर क्रिवी रिह (Kryvyi Rih) में स्थित प्लांट पर हुआ, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई और 14 कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

रॉयटर्स के अनुसार, इस हमले से देश के सबसे बड़े स्टील प्लांट की पावर-जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस इकाइयों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्लांट का उत्पादन आंशिक रूप से रोकना पड़ा है।

ब्लास्ट-फर्नेस और पावर यूनिट तबाह, उत्पादन ठप

कंपनी ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर जारी एक बयान में पुष्टि की कि रात के समय हुए इस मिसाइल हमले ने प्लांट के मुख्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह ने कहा कि पावर जनरेशन और ब्लास्ट-फर्नेस सेक्टर की प्रमुख सुविधाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिसके कारण विनिर्माण प्रक्रियाओं को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।

यह प्लांट यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक परिसरों में से एक है। ऊर्जा आपूर्ति और ब्लास्ट-फर्नेस को नुकसान पहुंचने से देश के स्टील उद्योग को बड़ा झटका लगा है।

राष्ट्रपति जेलेंस्की का गृहनगर बना निशाना, दागे 62 मिसाइलें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि रूसी सेना नागरिक और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को लगातार निशाना बना रही है। जेलेंस्की के मुताबिक, पिछले केवल एक हफ्ते में ही रूस ने यूक्रेन के शहरों पर 1,550 से अधिक अटैक ड्रोन, करीब 1,560 गाइडेड एरियल बम और 62 मिसाइलें दागी हैं। क्रिवी रिह के अलावा कीव और अन्य शहरों में हुए हमलों में भी कई नागरिक घायल हुए हैं और इमारतों में आग लग गई।

रूस ने कीव और क्रिवी रिह के सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को बनाया निशाना

रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि करते हुए अपनी दलील दी कि उसने क्रिवी रिह के मेटलर्जिकल प्लांट और कीव में स्थित सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं को ही निशाना बनाया था। इसके साथ ही मॉस्को ने दावा किया कि उसने अपनी सीमा की ओर आ रहे 822 यूक्रेनी ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है।

जवाब में यूक्रेन का रूस पर भीषण ड्रोन हमला

यूक्रेन ने भी रूस के अंदर गहराई तक जाकर लंबी दूरी के ड्रोनों से करारा पलटवार किया है। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से यूक्रेन द्वारा किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला था, जिसमें 83 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। पोडॉल्स्क में रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेलर ‘वाइल्डबेरीज’ (Wildberries) के एक बड़े गोदाम पर ड्रोन गिरा, जिससे वहां धुएं का विशाल गुबार उठता देखा गया।

बेलगोरोड शहर के पास एक बस पर हुए ड्रोन हमले में 1 व्यक्ति की मौत हुई, जबकि रोस्तोव (Rostov) क्षेत्र में यूक्रेन ने रूस की मिसाइल ईंधन उत्पादन इकाई को निशाना बनाने का दावा किया।

नाटो क्षेत्र में घुसा संदिग्ध रूसी ड्रोन, स्पेनिश लड़ाकू विमान ने मार गिराया

युद्ध का यह तनाव अब नाटो (NATO) देशों की सीमा तक पहुंच गया है। रोमानिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मोलदोवा की दिशा से एक ड्रोन रोमानियाई हवाई क्षेत्र में घुस आया।

नाटो के एयर-पुलिसिंग मिशन पर तैनात स्पेनिश वायुसेना के F-18 फाइटर जेट ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस ड्रोन को मार गिराया। नाटो प्रवक्ता के अनुसार यह एक संदिग्ध रूसी ड्रोन था। चालू वर्ष में रोमानियाई सीमा पर इस तरह की यह चौथी घटना है।

फ्रंटलाइन पर युद्ध की गति धीमी पड़ने और शांति वार्ताओं के अधर में लटके होने के कारण, अब रूस और यूक्रेन दोनों ही एक-दूसरे के ऊर्जा, औद्योगिक और आर्थिक ठिकानों को मिसाइल व ड्रोनों से नष्ट करने की रणनीति अपना रहे हैं। लक्ष्मी मित्तल के प्लांट पर हुआ यह हमला इस बात का प्रमाण है कि यह युद्ध अब वैश्विक और क्षेत्रीय व्यापार परिसंपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है।

यूक्रेन के युद्धग्रस्त पोर्ट पर फंसे 13 भारतीय नाविक, ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच जान पर मंडरा रहा खतरा

Russia-Ukraine War: यूक्रेन के चोर्नोमोर्स्क (Chornomorsk) बंदरगाह पर खड़े मालवाहक जहाज MV AMIR1 पर सवार 13 भारतीय नाविकों समेत कुल 15 क्रू मेंबर युद्ध के बीच फंस गए हैं। यूक्रेन में लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण इनकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस स्थिति को ‘बेहद भयावह और जानलेवा’ बताते हुए भारत सरकार समेत संबंधित अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप और सुरक्षित निकासी की मांग की है।

यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर खड़ा है। जबकि उसके आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले हो रहे हैं। ऐसे में जहाज पर मौजूद भारतीय नाविक हर पल अपनी जान को लेकर भय के साये में जी रहे हैं।

हर पल सीधे हमले का खतरा

FSUI के मुताबिक, जहाज के आसपास लगातार ड्रोन और मिसाइलों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। यूनियन ने कहा कि क्रू के सदस्य इस डर में रह रहे हैं कि किसी भी समय जहाज पर सीधा हमला हो सकता है। यूनियन ने जहाज के मालिकों, जहाज के फ्लैग स्टेट, संबंधित इंटरनेशनल समुद्री अधिकारियों और भारत सरकार से अपील की है कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित निकाला जाए। FSUI ने कहा कि भारतीय नाविकों को युद्ध क्षेत्र में आसान निशाना बनाकर नहीं छोड़ा जा सकता। अब तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।

MEA पहले ही जता चुका है चिंता

FSUI की यह अपील ऐसे समय आई है जब एक दिन पहले ही विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर यूक्रेन के सामने गंभीर चिंता जताई थी। सोमवार को भारत ने यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया था। यह कदम यूक्रेन के ओडेसा (Odesa) बंदरगाह के पास कमर्शियल जहाज MV OMORFI पर हुए हमले के बाद उठाया गया, जिसमें चार भारतीय नाविक भी सवार थे।

कमर्शियल जहाजों पर हमलों की भारत ने की निंदा

विदेश मंत्रालय ने बताया कि MV OMORFI पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी। भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर खतरा हैं। भारत ने यूक्रेन से यह भी आग्रह किया कि नागरिक नाविकों को लेकर चलने वाले व्यापारिक जहाजों को किसी भी तरह के सैन्य हमलों का निशाना न बनाया जाए।

ब्लैक सी में बढ़ता खतरा

FSUI का कहना है कि ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। चोर्नोमोर्स्क बंदरगाह पर फंसे MV AMIR1 के चालक दल की सुरक्षित वापसी अब सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि जब तक इन नाविकों को सुरक्षित नहीं निकाला जाता, तब तक वे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच लगातार जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं।

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FSUI की नई अपील में संघर्ष से प्रभावित ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे मर्चेंट जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता जताई गई है। MV AMIR1 अभी भी चोर्नोमोर्स्क में खड़ा है। यूनियन ने क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी तुरंत वापसी का इंतजाम करने के लिए तुरंत दखल देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि नाविक बंदरगाह के आसपास बार-बार ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे में रहते हैं।