Crude Price: कच्चे तेल में उबाल, कीमत 3.7% बढ़कर एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब

कच्चे तेल की कीमत में फिर से तगड़ा उछाल है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत मई के बाद पहली बार 110 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। इसकी वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है, जिससे कच्चे तेल की आपूर्ति में जल्द राहत मिलने की उम्मीदें कम हो रही हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 3.94 डॉलर (3.7 प्रतिशत) बढ़कर 109.86 डॉलर पर बंद हुआ, जो 19 मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 3.44 डॉलर (3.5 प्रतिशत) बढ़कर 101.41 डॉलर पर बंद हुआ, जो 17 सितंबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस सप्ताह अब तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 4.9 प्रतिशत और WTI की कीमत 10.4 प्रतिशत चढ़ी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब पर लगातार मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे हैं। वहीं रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर निशाना बना रहे हैं।

इस साल 70 प्रतिशत चढ़ा कच्चा तेल

इस साल कच्चे तेल की कीमतों में 70 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई है, क्योंकि मध्य पूर्व और रूस में चल रहे युद्धों के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। फिजिकल बाजारों में भी तंगी के संकेत मिल रहे हैं; डीजल जैसे रिफाइंड उत्पादों की कीमतों में और भी तेज उछाल आया है। यूरोप में इस कमोडिटी के लिए फ्यूचर्स की कीमतें इस साल दोगुनी से भी ज्यादा हो गई हैं।

Windfall Tax: सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया, डीजल पर ड्यूटी और घटी

रूस से डीजल रिलीज के समझौते पर रोक की कोशिश

शुक्रवार को अमेरिकी सांसदों ने एक बिल पेश किया, जिसका मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के बीच हुए उस समझौते को रोकना है, जिसके तहत रूस से कई सौ मिलियन बैरल डीजल रिलीज किया जाना था। समझौते पर रोक का कदम ऐसे किसी भी उपाय के खिलाफ व्यापक विरोध को दर्शाता है, जिससे रूस को अपने युद्ध कोष (War Chest) को मजबूत करने का मौका मिल सके।

अगर वैश्विक बाजारों से रूसी डीजल बाहर रहता है, तो अन्य जगहों की रिफाइनरियों को मांग पूरी करने के लिए ऑयल प्रोसेसिंग बढ़ानी पड़ेगी। हालांकि, ट्रंप ने फिर दोहराया है कि रूस डीजल जारी करने के समझौते पर अमल करेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ब्लैक सी के आसपास लगातार तनाव बना हुआ है। रूस की रियाजान तेल रिफाइनरी पर हाल ही में हमला हुआ है। इसके कारण वहां कामकाज रोकना पड़ा। इस हमले ने डीजल रिलीज के समझौते के पूरा होने को लेकर संदेह और बढ़ा दिया है।

क्या बाजार मनाएगा आज गुड फ्राइडे का जश्न या मिलेगी निराशा, जानें गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है। गुरुवार की जोरदार तेजी के बाद, GIFT निफ्टी एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है। हाल ही में टेक्नोलॉजी शेयरों में हुई बिकवाली के बाद एशियाई बाजारों में सुधार, वॉल स्ट्रीट में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दे सकती है। हालांकि, ऊर्जा की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली बाजार में सुधार के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 84 अंक या 0.37 फीसदी की बढ़त के साथ 23,072 पर कारोबार कर रहा था। यह गुरुवार को निफ्टी के 23,000 के स्तर के करीब बंद होने के बाद एक सकारात्मक शुरुआत का संकेत है। पिछले सत्र में भारतीय बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स 1,533.72 अंक (2.11 प्रतिशत) उछलकर 74,315.61 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 374.65 अंक (1.66 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

शुक्रवार को एशियाई बाजारों में तेजी रही

सप्ताह की शुरुआत में सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी, जिसके बाद निवेशकों ने फिर से खरीदारी की। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें गिरने वाले शेयरों की तुलना में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या लगभग तीन गुना अधिक रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सूचकांक 2.5 प्रतिशत चढ़ा। इसने गुरुवार की उस गिरावट से उबरने में मदद की, जिसने सूचकांक को अप्रैल के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।

जापान का टॉपिक्स (Topix) 1.7 प्रतिशत, हांगकांग का हैंग सेंग 0.9 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.4 ​​प्रतिशत ऊपर रहे। इसके विपरीत, इंडोनेशिया के बाजार में 8 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। इसका कारण यह चिंता है कि इंडोनेशिया को वैश्विक स्टॉक सूचकांकों से बाहर किया जा सकता है। अमेरिकी इक्विटी फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा; S&P 500 फ्यूचर्स लगभग स्थिर स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

निवेशकों के AI शेयरों से हटने के बीच वॉल स्ट्रीट में तेजी

गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए। शुरुआती नुकसान से उबरते हुए, निवेशकों ने अपना ध्यान हेल्थकेयर और कंज्यूमर शेयरों की ओर मोड़ा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन और कर्ज के स्तर को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.08 प्रतिशत बढ़कर 52,177.69 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की तेजी आई और यह 7,744.06 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.08 प्रतिशत बढ़कर 26,713.03 पर पहुंच गया।

हेल्थकेयर शेयरों (जैसे एली लिली और यूनाइटेडहेल्थ) में खरीदारी देखने को मिली, जबकि कई टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव बना रहा, क्योंकि निवेशक बढ़ती उधारी लागत (borrowing costs) के बीच अपने निवेश पर पड़ने वाले असर का आकलन कर रहे थे।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी, लेकिन अभी भी $105 के ऊपर

शुक्रवार को कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। निवेशक एक तरफ मध्य पूर्व से होने वाली सप्लाई के जोखिमों पर विचार कर रहे थे, तो दूसरी तरफ इस बात पर भी नजर रखे हुए थे कि क्या अमेरिका वैश्विक ‘शैडो फ्लीट’ (अघोषित टैंकर बेड़े) पर लगी पाबंदियों को कम करने के लिए कोई कदम उठा सकता है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.39 प्रतिशत गिरकर $105.51 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ $97.43 प्रति बैरल पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों के लिए निकट भविष्य का नजरिया ‘सावधानी के साथ सकारात्मक’ (cautiously positive) बना हुआ है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार में लगातार तेजी की गुंजाइश को सीमित कर सकती हैं। उन्होंने भू-राजनीतिक अनिश्चितता, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और विदेशी संस्थागत निवेश (FII) प्रवाह को ऐसे महत्वपूर्ण कारक बताया, जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

पोनमुडी के अनुसार, निवेशक विदेशी निवेश प्रवाह पर बारीकी से नजर रखेंगे, ताकि यह पता चल सके कि जोखिम लेने की क्षमता (risk appetite) में कोई टिकाऊ सुधार हो रहा है या नहीं। वहीं, बाजार में आई यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी, यह काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत, क्या HDFC बैंक और IT आज संभालेंगे बाजार की कमान

Gift Nifty Indicator: 5 अक्टूबर को भारतीय बाजार में गैप-अप ओपनिंग की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty 140 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसे US में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (monetary tightening) को लेकर कम होती चिंताओं और तेल की कीमतों में गिरावट से सहारा मिल रहा है।

5 अक्टूबर को सुबह 7:47 बजे, GIFT Nifty 143 अंक ऊपर 22,633.5 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले हफ्ते Nifty 50 और Sensex दोनों में लगातार आठवीं बार साप्ताहिक गिरावट देखी गई। इस गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेज़ बढ़ोतरी जैसे कारण थे, जिन्होंने रिस्क लेने की क्षमता को कम कर दिया।

संभावित गैप-अप ओपनिंग के पीछे ये चार मुख्य कारण हैं

1) कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के बढ़ते एक्सपोर्ट और G7 देशों द्वारा तेल स्टॉक जारी करने से सप्लाई बढ़ रही है, जबकि ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान की चिंताएं बनी हुई हैं।

0115 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 35 सेंट या 0.34% गिरकर $101.90 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $90.49 प्रति बैरल पर था, जिसमें 62 सेंट या 0.68% की गिरावट आई।

पिछले हफ्ते ब्रेंट ने अपनी ज़्यादातर बढ़त गंवा दी थी, जबकि WTI 1.6% नीचे था। यह गिरावट तब आई जब शुक्रवार को G7 देशों ने इमरजेंसी रिज़र्व से 100 मिलियन बैरल डीज़ल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई और US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद एनर्जी एक्सपोर्ट पर पाबंदियां न लगाने का वादा किया।

2) Accenture के Q4 नतीजे

1 अक्टूबर को Accenture के शेयरों में 22% की ज़बरदस्त उछाल आई, जो उनके लिए अब तक का सबसे अच्छा दिन साबित हुआ। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया, जिससे IT कंसल्टिंग बिज़नेस की मज़बूती का पता चला। इस बिज़नेस पर AI-आधारित बदलावों (disruption) की चिंताओं का असर पड़ा था।

इस आउटलुक से पता चला कि ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनियाँ उन कंपनियों की मज़बूत मांग का फायदा उठा रही हैं जो जटिल कामों को ऑटोमेट करने और AI को अपनाने में मदद के लिए बाहरी टेक्नोलॉजी पार्टनर की तलाश कर रही हैं। इससे इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी तेज़ी आई। कॉग्निजेंट के शेयरों में लगभग 8% और IBM में लगभग 3% की बढ़त हुई। भारतीय प्रतिद्वंद्वियों विप्रो और इंफोसिस के ADRs में भी 6% से 7% के बीच बढ़त देखी गई।

3) ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक संकेत

सोमवार को एशिया में शेयरों की शुरुआत मजबूत रही, जबकि डॉलर में थोड़ी गिरावट आई और बॉन्ड की कीमतें स्थिर रहीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उम्मीद से कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक पॉलिसी टाइटनिंग साइकिल (ब्याज दरें बढ़ाने की प्रक्रिया) पर अपनी उम्मीदें कम कर दीं।

चीन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में छुट्टियों के कारण एशिया में ट्रेडिंग कम रही, जिससे बाजारों को शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट की चालों से संकेत लेने पड़े।

पिछले हफ्ते के डेटा से पता चला कि सितंबर में अमेरिका में जॉब ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा धीमी रही और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों में भारी कटौती की गई, जिससे इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, निवेशक अब इस महीने फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना केवल 22% मान रहे हैं, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 64% थी।

इस महीने फेड द्वारा दरें न बढ़ाने (पॉज़) की बढ़ती संभावना से जापान के निक्केई में सत्र की शुरुआत में 2% की बढ़त हुई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई शेयरों में 0.5% की बढ़ोतरी हुई और जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.15% की बढ़त दर्ज की गई।

4) HDFC बैंक को नया CEO मिला

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने अनूप बागची को तीन साल के लिए अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कोई बाहरी व्यक्ति इस संस्थान का नेतृत्व करेगा।

55 वर्षीय बागची, शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे। जगदीशन ने अगस्त में फैसला किया था कि 26 अक्टूबर को उनका दूसरा तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे, जिससे उत्तराधिकार की एक अनियोजित और तेज प्रक्रिया शुरू हो गई।

वे ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और धीमी परफॉर्मेंस से जूझ रहा है।

नए CEO की घोषणा के बाद HDFC बैंक के ADR शेयरों में लगभग 5% की बढ़त हुई।

टेक्निकल आउटलुक

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी ने कहा “निफ्टी के लगभग 115 अंक ऊपर, यानी 22,535 के आसपास खुलने की उम्मीद है, जो एक मजबूत गैप-अप शुरुआत का संकेत है। हाल की कमजोरी और इंडेक्स के अहम 22,500 ज़ोन के आसपास बंद होने के बाद, यह रिकवरी उत्साहजनक है, लेकिन बढ़त को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

“तत्काल सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है, जबकि 22,750–22,850 पहला रेजिस्टेंस ज़ोन होगा। अगर निफ्टी 22,850 के ऊपर बना रहता है, तो रिकवरी 23,000 की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, मैं शुरुआती चाल के पीछे भागने से बचूंगा और इसके बजाय गिरावट पर खरीदारी के मौके तलाशूंगा, बशर्ते इंडेक्स अहम सपोर्ट ज़ोन को बनाए रखे। व्यापक ट्रेंड सतर्कता वाला बना हुआ है, और निकट अवधि के सेटअप में सार्थक सुधार के लिए 23,050 के ऊपर लगातार बने रहना जरूरी होगा। तब तक, उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में अचानक बड़े बदलावों से इनकार नहीं किया जा सकता है।”

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Commodity Corner: क्रूड में नरमी, सोने-चांदी में दबाव, आज किन कमोडिटी कहां होगी कमाई

Commodity Corner: 24 सितंबर को कमोडिटी मार्केट में मिला-जुला कारोबार हुआ। पिछले सेशन में 4% की तेजी के बाद तेल की कीमतों में नरमी आई, जबकि एनर्जी की ऊंची कीमतों और मज़बूत US इकोनॉमिक डेटा के बीच सोना दबाव में रहा।

गुरुवार को तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। पिछले सेशन में इनमें 4% की बढ़ोतरी हुई थी। ईरान ने कहा कि वह US-ईरान तनाव को खत्म करने के लिए बातचीत को तैयार है, हालांकि दोनों देशों के बीच इसके तरीकों को लेकर अभी भी काफी मतभेद हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 94 सेंट या 0.9% गिरकर $102.13 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 59 सेंट या 0.7% गिरकर $91.56 पर आ गया।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान के कड़े बयानों से मध्य पूर्व में महीनों के टकराव के बाद भी दोनों देशों के बीच मौजूद बड़े मतभेदों का पता चलता है। संयुक्त राष्ट्र में बोलते हुए, पेज़ेश्कियान ने कहा कि ईरान धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और उन्होंने कई ऐसी शर्तें बताईं जिन्हें ठोस बातचीत फिर से शुरू करने से पहले पूरा करना ज़रूरी होगा।

कीमती धातुओं में, सोने में गिरावट जारी रही। एनर्जी की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी और उम्मीद से बेहतर US इकोनॉमिक डेटा ने इस बात की संभावना बढ़ा दी है कि महंगाई से निपटने के लिए फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है।

एक दिन पहले 1.7% की गिरावट के बाद बुलियन $4,290 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।

पिछले सेशन में 4% की गिरावट के बाद चांदी 0.2% गिरकर $64.31 प्रति औंस पर आ गई। प्लैटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी थोड़ी गिरावट आई।

गुरुवार को डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर पर बना रहा। मज़बूत मैन्युफैक्चरिंग डेटा ने महंगाई की आशंकाओं और ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों को फिर से हवा दी, जबकि कमज़ोर ट्रेजरी नीलामी से यील्ड में बढ़ोतरी हुई, जिससे US करेंसी को और मज़बूती मिली।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्या बाजार में फिर बढ़ा गिरावट का खतरा! जानें गिफ्ट निफ्टी आज क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में हल्की गिरावट के साथ शुरुआत होने की संभावना है। पिछले सेशन में निफ्टी की लगातार चार दिनों की बढ़त का सिलसिला टूटने के बाद, GIFT निफ्टी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। एशियाई बाजारों में मजबूती और ब्रेंट क्रूड का भाव $100 प्रति बैरल से नीचे आना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं, हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली से घरेलू बाजार का मूड सतर्क रह सकता है।

सुबह करीब 8 बजे GIFT निफ्टी 55 अंक या 0.24 फीसदी की गिरावट के साथ 23,345 पर ट्रेड कर रहा था। मंगलवार को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे लगातार चार दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। सेंसेक्स 329.91 अंक या 0.44 प्रतिशत गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 85.30 अंक या 0.36 प्रतिशत गिरकर 23,329 पर आ गया। IT, PSU बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।

नैस्डैक लगातार दूसरी बार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला कारोबार हुआ, लेकिन टेक्नोलॉजी शेयरों का प्रदर्शन शानदार रहा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर उत्साह ने माइक्रोन टेक्नोलॉजी और AI से जुड़ी दूसरी कंपनियों के शेयरों को सहारा दिया। अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों में जारी मजबूती का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा, जिससे ग्लोबल ब्याज दरों और जियोपॉलिटिकल जोखिमों से जुड़ी कुछ चिंताओं को कम करने में मदद मिली।

नैस्डैक कम्पोजिट 0.45 प्रतिशत बढ़कर 27,244.28 पर बंद हुआ, जो इसकी लगातार दूसरी रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई है। S&P 500 लगभग बिना किसी बदलाव के 7,764.64 पर बंद हुआ और रिकॉर्ड स्तर के ठीक नीचे बना रहा, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.36 प्रतिशत गिरकर 51,863.69 पर आ गया।

बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई, क्योंकि सऊदी अरब ने एक अहम पाइपलाइन के जरिए सप्लाई बहाल करना शुरू कर दिया और निवेशक अमेरिका-ईरान विवाद के डिप्लोमैटिक समाधान की दिशा में हो रही प्रगति पर नजर रखे हुए थे। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.07 प्रतिशत गिरकर 99.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.39 प्रतिशत गिरकर 90.17 डॉलर पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

सेंसेक्स के आउटलुक पर बात करते हुए चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च VP सचिन गुप्ता ने कहा कि 75,000 का लेवल एक मजबूत रेजिस्टेंस ज़ोन के तौर पर उभरा है, जहां से इंडेक्स को सेलिंग प्रेशर का सामना करना पड़ा और एक बेयरिश डेली कैंडल बनी। RSI 35.51 पर है, जबकि इसका RSI-बेस्ड मूविंग एवरेज 33.17 पर है, जो दिखाता है कि मोमेंटम कमजोर बना हुआ है, भले ही RSI अपने एवरेज से ऊपर चला गया हो।

गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स के 74,000–75,000 की रेंज में बने रहने की संभावना है, जब तक कि कोई भी एक सीमा निर्णायक रूप से टूट न जाए। 74,000–74,200 से ऊपर बने रहने से इंडेक्स को 74,800–75,000 की ओर रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है, जबकि सपोर्ट से नीचे लगातार बने रहने से सेलिंग प्रेशर फिर से बढ़ सकता है। फिलहाल, ट्रेडर्स साफ दिशा के संकेतों के लिए प्राइस एक्शन और प्रमुख OI लेवल्स के बीच के संबंध पर ध्यान दे सकते हैं।”

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स ने डेली चार्ट पर ‘बेयरिश एनगल्फिंग पैटर्न’ बनाया है, जो बताता है कि मार्केट में तेजी का रुझान कम हो रहा है।रूपक ने कहा, “मार्केट का मूड कमजोर लग रहा है। इसका तुरंत सपोर्ट 23,300 पर है; अगर इंडेक्स इससे नीचे जाता है, तो यह 23,000 की तरफ गिर सकता है। दूसरी ओर, रेजिस्टेंस 23,400 पर है; अगर इंडेक्स इससे ऊपर जाता है, तो यह 23,600 और उससे भी ऊपर जा सकता है।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है बाजार की शुरुआत, एशियन मार्केट में तेजी

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty falls: US फेड के ब्याज दरों में बढ़त का Sensex-Nifty पर पड़ेगा असर,जानें ग्लोबल मार्केट और गिफ्ट निफ्टी क्या दे रहे संकेत

GIFT Nifty falls:  गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के हल्की गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। GIFT Nifty कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है, क्योंकि US Federal Reserve ने तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं और संकेत दिया है कि आगे और सख्ती की जा सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और एशिया के कुछ हिस्सों में बढ़त से कुछ सहारा मिल सकता है, लेकिन US यील्ड में बढ़ोतरी और Fed द्वारा और रेट बढ़ाने की उम्मीदों के कारण निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

सुबह 8 बजे GIFT Nifty 23,222 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो पिछली क्लोजिंग से 45 अंक या 0.2 प्रतिशत नीचे था। पिछले सेशन में भारतीय इक्विटी में रिकवरी हुई थी, जिससे दो दिन की गिरावट का सिलसिला थम गया था। Sensex 332.63 अंक या 0.45 प्रतिशत बढ़कर 74,336.45 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 99 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 23,217.60 पर पहुंचा। IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जो गिरावट के साथ बंद हुआ।

गुरुवार को फोकस Fed के फैसले के असर, US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर रहेगा। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार दूसरे सेशन में नरमी आई है, लेकिन यह अभी भी $104 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।

US Fed ने दरें बढ़ाई, और सख्ती के संकेत दिए

Federal Reserve ने बुधवार को तीन साल से ज़्यादा समय में पहली बार अपनी मुख्य ब्याज दर बढ़ाई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच लगातार बनी हुई महंगाई को काबू में करने के लिए यह कदम उठाया गया। Fed ने कहा कि यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और संकेत दिया कि महंगाई को तेजी से कम करने के लिए निकट भविष्य में और सख्ती की जा सकती है।

इस फैसले के बाद बाजारों ने एक और रेट बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, और दिसंबर तक एक और बढ़ोतरी की संभावना को अब पूरी तरह से मान लिया गया है। शॉर्ट-टर्म US ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया क्योंकि निवेशकों ने और सख्ती की संभावना के हिसाब से खुद को ढाला, हालांकि Fed के कदम से लंबे समय वाले बॉन्ड में हालिया बिकवाली को शांत करने में मदद मिली।

भारतीय इक्विटी के लिए, US में ऊंची दरों और यील्ड की संभावना विदेशी पोर्टफोलियो फ्लो के लिए एक संभावित चुनौती बनी हुई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, तेल की कीमतों और करेंसी पर दबाव के साथ-साथ अलग-अलग इलाकों से मिले-जुले संकेतों की वजह से निवेशकों का मूड सतर्क रहने की संभावना है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट, US फ्यूचर्स में वापसी

फेड की घोषणा के बाद उतार-चढ़ाव भरे सेशन के बाद US इक्विटीज़ ज़्यादातर गिरावट के साथ बंद हुईं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 631.33 अंक या 1.21 प्रतिशत गिरकर 51,461.78 पर आ गया, जबकि S&P 500 में 0.44 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,552.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ, यह 0.01 प्रतिशत गिरकर 25,978.43 पर रहा।

सप्लाई की चिंता कम होने से ब्रेंट $105 से नीचे आया

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे हाल के हफ़्तों में एनर्जी की कीमतों में भारी उछाल के बाद भारतीय बाज़ारों को कुछ राहत मिली। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.2 प्रतिशत गिरकर $104.59 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.1 प्रतिशत गिरकर $101.29 पर आ गया। बुधवार को दोनों बेंचमार्क में लगभग $3 की गिरावट आई थी।

यह गिरावट उन रिपोर्टों के बाद आई जिनमें कहा गया था कि सऊदी अरब ओमान के ज़रिए अतिरिक्त क्रूड कार्गो की पेशकश कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की कुछ चिंताएं कम हुईं।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी निफ्टी के लिए 23,300-23,400 को तुरंत रेजिस्टेंस ज़ोन मानते हैं। अगर यह 23,400 के ऊपर लगातार बना रहता है, तो 23,500-23,600 की ओर रिकवरी में मदद मिल सकती है, हालांकि वह इलाका एक मज़बूत बाधा बना हुआ है और वहां फिर से बिकवाली हो सकती है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर शुरुआत के संकेत, फेड ने बढ़ाई ब्याज दरें एशिया बाजार में ते

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्रूड की कीमतें बाजार के लिए अभी भी बड़ी चिंता, जानें गिफ्ट निफ्टी से आज कैसे मिल रहे है संकेत

GIFT Nifty Indicator: बुधवार को GIFT Nifty ने भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty के लिए सतर्क लेकिन काफी हद तक फ्लैट से पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत दिया, जबकि एशियाई इक्विटी में कुछ स्थिरता लौटी। फेडरल रिजर्व के अहम पॉलिसी फैसले से पहले कच्चे तेल की कीमतें कम हुईं और US ट्रेजरी यील्ड 5 प्रतिशत से नीचे आ गई।

सुबह 8:15 बजे GIFT Nifty 37 अंक या 0.16 प्रतिशत बढ़कर 23,239 पर ट्रेड कर रहा था, जिससे संकेत मिलता है कि पिछले सेशन में पांच महीने के नए निचले स्तर पर पहुंचने के बाद Nifty मामूली रिकवरी की कोशिश कर सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमत $107 प्रति बैरल से ऊपर बने रहने, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और US फेड के ब्याज दर के फैसले को लेकर अनिश्चितता के कारण बढ़त सीमित रह सकती है।

मंगलवार को भारतीय इक्विटी लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुईं, जिसमें व्यापक बिकवाली देखी गई, जबकि IT एकमात्र ऐसा सेक्टर था जिसने इस ट्रेंड के विपरीत प्रदर्शन किया। सेशन के दौरान Nifty 23,118.60 के निचले स्तर तक गिर गया, जो पांच महीनों में इसका सबसे निचला स्तर था।

विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार पांचवें सेशन में बिकवाल बने रहे और 15 सितंबर को 2,977 करोड़ रुपये की भारतीय इक्विटी बेची। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 2,686 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी के साथ इस निकासी को आंशिक रूप से संतुलित किया।

ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से एशियाई बाजारों में स्थिरता

लगातार चार सेशन की गिरावट के बाद बुधवार को एशियाई इक्विटी में मामूली बढ़त देखी गई, क्योंकि फेड के फैसले से पहले ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी रुक गई। जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत शेयरों के MSCI के सबसे व्यापक इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बाद 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि दक्षिण कोरियाई इक्विटी में 0.8 प्रतिशत की तेजी आई। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई।

हालिया उछाल के बाद US ट्रेजरी यील्ड में भी नरमी आई। मंगलवार को तीन साल में पहली बार 5 प्रतिशत का स्तर पार करने के बाद, बेंचमार्क 10-वर्षीय यील्ड एशियाई ट्रेडिंग में लगभग 0.8 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.9875 प्रतिशत हो गई।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, लेकिन $107 से ऊपर बनी हुई हैं

US क्रूड इन्वेंट्री में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में गिरावट आई, हालांकि कीमतें ऊंची बनी रहीं क्योंकि निवेशक पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न आपूर्ति जोखिमों का आकलन करते रहे। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.86% गिरकर $107.82 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.92% गिरकर $104.86 पर आ गया।

मंगलवार को दोनों बेंचमार्क $3 से ज़्यादा बढ़कर 19 मई के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर बंद हुए थे। ऐसा तब हुआ जब सऊदी अरब ने रेड सी (लाल सागर) की ओर जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमले के बाद अपने यानबू पोर्ट पर तेल की लोडिंग रोक दी। सऊदी अरब ने यूरोप को तेल की सप्लाई भी कम कर दी।

निफ्टी पर आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि घरेलू बाज़ार के लिए क्रूड ऑयल अभी भी सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है, जबकि फेड के फ़ैसले का उभरते बाज़ारों में कैपिटल फ़्लो पर बड़ा असर पड़ सकता है।

पोनमुडी के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने या सख़्त रुख अपनाने से भारत समेत उभरते बाज़ारों पर दबाव बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी यील्ड बढ़ने से डॉलर एसेट्स ज़्यादा आकर्षक हो जाते हैं। उन्हें उम्मीद है कि जब तक तेल की वजह से होने वाली महंगाई और फेड की पॉलिसी की दिशा के बारे में ज़्यादा साफ जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक घरेलू बाज़ार में सावधानी का रुख बना रहेगा।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, एशिया बाजारों में मिलाजुला कारोबार

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

क्रूड और US बॉन्ड यील्ड बिगाड़ सकते है बाजार का मूड, गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, इंडेक्स पर कहां रखें आज नजर

Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी 100 अंक से ज़्यादा की गिरावट के साथ कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नई तेज़ी, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई व US इक्विटी बाज़ारों में गिरावट का असर बाजारों पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व के अहम शिपिंग रूट पर हमले तेज़ होने के बाद ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि US में थोक महंगाई बढ़ने से अगले हफ़्ते फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुईं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे 23,343 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 117 अंक या 0.5 प्रतिशत नीचे था। गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाजारों ने लगातार तीन सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, हालांकि सीमित दायरे में कारोबार के कारण बढ़त मामूली रही। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर पहुंचा।

एशियाई बाजारों में गिरावट

शुक्रवार को एशियाई शेयरों और बॉन्ड में गिरावट आई क्योंकि निवेशक ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और US में सख्त मौद्रिक नीति की संभावना से जूझ रहे थे। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया में सबसे ज़्यादा नुकसान देखा गया। जापान का Topix 1 प्रतिशत गिरा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 और हांगकांग के Hang Seng में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.6 प्रतिशत गिरा।

गुरुवार की बिकवाली के बाद US इक्विटी फ्यूचर्स में कुछ स्थिरता के संकेत दिखे, जिसमें एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।

मध्य पूर्व में सप्लाई से जुड़े जोखिम बढ़ने से ब्रेंट $110 के करीब पहुंचा

कच्चा तेल भारतीय बाज़ारों के लिए सबसे बड़ी मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौती बना हुआ है। फारस की खाड़ी और लाल सागर दोनों से शिपिंग के लिए बढ़ते खतरों के बीच कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी जारी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग $110 तक पहुंचने के बाद 1% बढ़कर $108.68 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर $103.45 प्रति बैरल हो गया। गुरुवार को दोनों बेंचमार्क में 6% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।

ईरान-समर्थित हूतियों ने गुरुवार को यमन के मोचा बंदरगाह पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे रेड सी में शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रैफ़िक पर भी रोक लगी हुई है क्योंकि खाड़ी में टैंकरों पर हमले बढ़ गए हैं।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और क्रूड मार्केट में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम ऊंचा बना हुआ है।

वॉल स्ट्रीट में गिरावट

गुरुवार को अमेरिकी इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि प्रोड्यूसर की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से यह चिंता बढ़ गई कि महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व को अगले हफ़्ते ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। अगस्त में अमेरिकी थोक महंगाई 0.4% बढ़ी, जिससे कीमतों के दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई, और 10-साल की यील्ड लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी को उम्मीद है कि 23,500-23,600 का स्तर निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा, जबकि 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। 23,200 के नीचे जाने पर गिरावट 23,050-23,000 तक बढ़ सकती है, हालांकि बहुत ज़्यादा ओवरसोल्ड मोमेंटम इंडिकेटर टेक्निकल बाउंस की गुंजाइश भी बनाते हैं।

गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाज़ार को सपोर्ट देना जारी रखा और सेशन के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक्विटी खरीदी।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 111 अंक नीचे, एशिया में भी दबाव, क्रूड $108 के पार

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Petrol Diesel Price Today: क्रूड ऑयल 108 डॉलर पार, पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले चेक करें आज के नए भाव, अपने शहर की पूरी प्राइज लिस्ट देखें

Petrol Diesel Price Today: 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. मिडिल ईस्ट के प्रमुख के ट्रेड रूट्स खासकर समंदर से होने वाले कारोबार पर बढ़ते हमलों और सप्लाई में संभावित रुकावट की वजह से ग्लोबल बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब चार महीनों में पहली बार दोनों प्रमुख ग्लोबल बेंचमार्क हफ्ते का अंत 100 डॉलर से ऊपर रहकर करने की ओर बढ़ रहे हैं.

वैसे राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी के बावजूद भारतीय बाजार में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं.

पहले जानिए क्रूड ऑयल में तेजी क्यों?

रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.05 या 1 फीसदी चढ़कर $108.68 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 95 सेंट यानी 1 फीसदी बढ़कर $103.45 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. साप्ताहिक आधार पर दोनों बेंचमार्क में लगभग 13 फीसदी की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। ये 17 जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से लाल सागर के रास्तों पर खतरा बढ़ गया है. यमन के मोचा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण होने और स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले तेज होने से रीजनल ऑयल सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है. यमन से सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं.

दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के भाव

देश के अलग अलग शहरों में वैट और स्थानीय टैक्स की अलग-अलग दरों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग अलग होती हैं. 11 सितंबर को प्रमुख शहरों में ताजा दरें इस प्रकार हैं:

दिल्ली: दिल्ली में आज 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, प्रीमियम XP95 ₹109.24 और हाई-ऑक्टेन XP100 ₹167.35 प्रति लीटर पर उपलब्ध है.

नोएडा: नोएडा में पेट्रोल ₹101.77  प्रति लीटर और डीजल ₹95.26 प्रति लीटर है.

गुरुग्राम: गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97और डीजल ₹95.64 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है.

फरीदाबाद: फरीदाबाद में आज पेट्रोल ₹103.28 और डीजल ₹95.94 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर बिक रहा है.

पटना: बिहार के पटना में पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर और डीजल ₹99.36 प्रति लीटर के स्तर पर है.

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पेट्रोल ₹105.26 और डीजल ₹100.49 प्रति लीटर है.

भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल ₹114.57, डीजल ₹99.64, XP95 ₹123.88 और XG ₹104.90 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.

जयपुर: राजस्थान के जयपुर में 1 लीटर पेट्रोल ₹112.69 और डीजल ₹97.78 में मिल रहा है.

देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटर है.

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेट्रोल ₹103.25, डीजल ₹95.21 और प्रीमियम XP95 ₹111.90 प्रति लीटर बिक रहा है.

भारत में कौन से फैक्टर तैय करते हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

भारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल वैल्यू को कई चीजें प्रभावित करती हैं. पहला है कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत. पेट्रोल और डीजल का उत्पादन कच्चे तेल से होता है. जब अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो तेल रिफाइनरियों की लागत बढ़ जाती है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया की स्थिति का भी असर पड़ता है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो क्रूड आयात करना महंगा हो जाता है.

पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT) शामिल होता है, जिसके कारण हर राज्य में दरें अलग होती हैं. क्रूड ऑयल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की रिफाइनिंग लागत और उसे देशभर के पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने का मालभाड़ा भी अंतिम कीमत में जोड़ा जाता है. बाजार में ईंधन की खपत और आपूर्ति का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित करता है. त्योहारों या मौसम के बदलाव के समय मांग बढ़ने पर भी इसका असर पड़ता है.

अपने मोबाइल पर SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर के ताजा रेट

अगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की नई दरें एसएमएस के जरिए जानना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है-

Indian Oil (IOCL) ग्राहक: अपने मोबाइल से RSP <शहर का कोड> टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें.

Bharat Petroleum (BPCL) ग्राहक: मैसेज बॉक्स में RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें.

Hindustan Petroleum (HPCL) ग्राहक: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT निफ्टी में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत, कच्चा तेल 97 डॉलर के पार

मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना है। GIFT निफ्टी फ्लैट या नेगेटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतें $97 प्रति बैरल के पार चली गई हैं और अमेरिका-ईरान के बीच लगातार तनाव का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ रहा है। एशियाई बाजार बिना किसी साफ दिशा के कारोबार कर रहे हैं,जबकि सोमवार को अमेरिकी बाजार में छुट्टी के कारण वॉल स्ट्रीट से कोई संकेत न मिलने से भी निवेशक सतर्क रह सकते हैं।

फिलहाल GIFT निफ्टी 23,802 पर ट्रेड कर रहा है। यह पिछले दिन की क्लोजिंग से 25 पॉइंट या 0.1 प्रतिशत नीचे दिख रहा है। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पिछले सेशन की रिकवरी को बनाए नहीं रख पाए। ज़्यादातर सेक्टर में बिकवाली के दबाव के कारण बेंचमार्क इंडेक्स नीचे आ गए। सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ।

बेंचमार्क इंजेक्सों में गिरावट के बावजूद,पिछले सेशन में इंस्टीट्यूशनल फ्लो से भारतीय इक्विटी को कुछ सहारा मिला। 7 सितंबर को विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 280 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। घरेलू इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने भी 566 करोड़ रुपये का निवेश करते हुए नेट खरीदारी की।

ग्लोबल मार्केट पर एक नजर

निवेशकों की सावधानी के बीच एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला रुख दिख रहा है। मंगलवार को मिले-जुले आर्थिक आंकड़ो, तेल की बढ़ती कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच एशियाई शेयरों में साफ दिशा नहीं है। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.2 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जबकि जापान का निक्केई 225 उतार-चढ़ाव के बाद लगभग 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।

सोमवार को अमेरिकी बाज़ार बंद थे,इसलिए निवेशकों को वॉल स्ट्रीट से कोई नया संकेत नहीं मिला। मंगलवार को एशियाई कारोबार में S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स में 0.1 प्रतिशत की गिरावट आई है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और अमेरिकी मौद्रिक नीति के आउटलुक पर नजर रखे हुए हैं।

ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकी के बाद ब्रेंट क्रूड $97 के पार

मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त जारी है। मध्य पूर्व में लंबे समय तक संघर्ष चलने का खतरा बढ़ गया है। ईरान ने अमेरिका के किसी भी नए हमले का जवाब देने की धमकी दी है,जिससे तनाव बढ़ने और तेल की सप्लाई में रुकावट आने की चिंताएं और बढ़ गई हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.35% बढ़कर $97.34 प्रति बैरल हो गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.26% बढ़कर $92.63 प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला प्रदर्शन यह बताता है कि निवेशक जोखिम लेने में सावधानी बरत रहे है। वे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क बने हुए है। ऐसे में निफ़्टी का रुख सतर्क से लेकर मंदी वाला (बेयरिश) बना रहेगा। मोमेंटम वापस लाने के लिए इसे 24,000 के ऊपर टिके रहने की ज़रूरत है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,750-23,700 पर है और उसके बाद 23,600 पर बड़ा सपोर्ट है।

 

Market View : निफ्टी में उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम, ट्रेडर इस ऑटो शेयर में बना सकते हैं अच्छा पैसा

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।