अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन पर जल्द जोरदार हमला करने की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि अगर इस जगह पर किसी तरह की गतिविधि दिखाई दी तो अमेरिका इसे निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीने से चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभियान का सबसे बड़ा मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। जमीन के अंदर बेहद सुरक्षित है पिकैक्स माउंटेन पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित है। नतांज पर पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। यह जमीन के अंदर बना बेहद मजबूत और सुरक्षित परिसर है। इसमें जमीन के काफी नीचे दो बड़े सुरंग सिस्टम बताए जाते हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस गहरे भूमिगत ठिकाने पर पहुंचा दिए हैं। सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है। पिकैक्स माउंटेन जमीन के काफी नीचे होने की वजह से सामान्य हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे में अगर अमेरिका इस ठिकाने पर हमला करता है तो यह ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ चल रहे अभियान को और बड़ा रूप दे सकता है। ट्रम्प बोले- अमेरिका ने बड़ा क्षेत्रीय युद्ध रोका ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की वजह से पश्चिम एशिया में बड़ा युद्ध होने से बचा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती तो इजराइल और पूरे पश्चिम एशिया को ज्यादा गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता। ट्रम्प ने कहा, “अगर हम वहां नहीं जाते तो आज इजराइल नहीं होता, मध्य पूर्व नहीं होता और वे शायद इसके बाद यूरोप और हमारे शहरों को निशाना बनाते। लेकिन हमने उन्हें पांच महीने में परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया।” ट्रम्प का दावा- ईरान के रडार दो बार तबाह किए ट्रम्प ने ईरान के रडार सिस्टम पर किए गए हालिया अमेरिकी हमलों के बारे में भी बात की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के बेहद आधुनिक रडार सिस्टम को दो बार नष्ट किया है। ट्रम्प ने कहा कि हालिया हमले से पहले कई दिनों तक कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। लेकिन ईरान ने पहले रडार लगाए थे, जिन्हें अमेरिका ने नष्ट कर दिया था। इसके बाद ईरान ने फिर नए रडार लगाए और अमेरिका ने उन्हें भी नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि लगातार हमलों के बाद ईरान शायद अब नए रडार लगाने से बच रहा है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले ट्रम्प का यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उस बयान के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने की जानकारी दी थी। CENTCOM के मुताबिक, पिछले हफ्ते किए गए हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य उपकरण, समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े ठिकाने शामिल थे। CENTCOM ने कहा कि ये हमले ईरान के IRGC की ओर से हाल में किए गए कथित हमले की कोशिशों के बाद हुए। अमेरिका के मुताबिक, इन कोशिशों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश शामिल थी। ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की ईरान ने अमेरिका के हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने अमेरिका पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने और कई प्रांतों में गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने अमेरिका के खिलाफ जोरदार रक्षात्मक हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक, पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ही वे जगहें हैं, जहां से अमेरिकी हमलों की शुरुआत, मदद और तैयारी की जा रही थी। इन्हीं ठिकानों को उसके जवाबी हमलों में निशाना बनाया गया। —————— यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’: दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” पूरी खबर पढ़ें…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के बेहद सुरक्षित भूमिगत परमाणु ठिकाने पिकैक्स माउंटेन पर जल्द जोरदार हमला करने की चेतावनी दी है। ट्रम्प ने शुक्रवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से कहा कि अगर इस जगह पर किसी तरह की गतिविधि दिखाई दी तो अमेरिका इसे निशाना बना सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस ठिकाने पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ पिछले पांच महीने से चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान का बचाव किया। उन्होंने कहा कि अभियान का सबसे बड़ा मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। जमीन के अंदर बेहद सुरक्षित है पिकैक्स माउंटेन पिकैक्स माउंटेन ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित है। नतांज पर पहले ही भारी नुकसान हो चुका है। यह जमीन के अंदर बना बेहद मजबूत और सुरक्षित परिसर है। इसमें जमीन के काफी नीचे दो बड़े सुरंग सिस्टम बताए जाते हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली खुफिया अधिकारियों का मानना है कि ईरान ने हजारों सेंट्रीफ्यूज इस गहरे भूमिगत ठिकाने पर पहुंचा दिए हैं। सेंट्रीफ्यूज का इस्तेमाल यूरेनियम को संवर्धित करने के लिए किया जाता है। पिकैक्स माउंटेन जमीन के काफी नीचे होने की वजह से सामान्य हवाई हमलों से इसे नुकसान पहुंचाना मुश्किल है। ऐसे में अगर अमेरिका इस ठिकाने पर हमला करता है तो यह ईरान के परमाणु ठिकानों के खिलाफ चल रहे अभियान को और बड़ा रूप दे सकता है। ट्रम्प बोले- अमेरिका ने बड़ा क्षेत्रीय युद्ध रोका ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की वजह से पश्चिम एशिया में बड़ा युद्ध होने से बचा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती तो इजराइल और पूरे पश्चिम एशिया को ज्यादा गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता। ट्रम्प ने कहा, “अगर हम वहां नहीं जाते तो आज इजराइल नहीं होता, मध्य पूर्व नहीं होता और वे शायद इसके बाद यूरोप और हमारे शहरों को निशाना बनाते। लेकिन हमने उन्हें पांच महीने में परमाणु हथियार बनाने से रोक दिया।” ट्रम्प का दावा- ईरान के रडार दो बार तबाह किए ट्रम्प ने ईरान के रडार सिस्टम पर किए गए हालिया अमेरिकी हमलों के बारे में भी बात की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के बेहद आधुनिक रडार सिस्टम को दो बार नष्ट किया है। ट्रम्प ने कहा कि हालिया हमले से पहले कई दिनों तक कोई गोलीबारी नहीं हुई थी। लेकिन ईरान ने पहले रडार लगाए थे, जिन्हें अमेरिका ने नष्ट कर दिया था। इसके बाद ईरान ने फिर नए रडार लगाए और अमेरिका ने उन्हें भी नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि लगातार हमलों के बाद ईरान शायद अब नए रडार लगाने से बच रहा है। अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले ट्रम्प का यह बयान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उस बयान के कुछ दिन बाद आया है, जिसमें अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर नए हमले करने की जानकारी दी थी। CENTCOM के मुताबिक, पिछले हफ्ते किए गए हमलों में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार सिस्टम, समुद्री सैन्य उपकरण, समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता और संचार से जुड़े ठिकाने शामिल थे। CENTCOM ने कहा कि ये हमले ईरान के IRGC की ओर से हाल में किए गए कथित हमले की कोशिशों के बाद हुए। अमेरिका के मुताबिक, इन कोशिशों में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश शामिल थी। ईरान ने अमेरिकी हमलों की निंदा की ईरान ने अमेरिका के हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। ईरान ने अमेरिका पर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन करने और कई प्रांतों में गैर-सैन्य बुनियादी ढांचे और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने अमेरिका के खिलाफ जोरदार रक्षात्मक हमले किए हैं। ईरान के मुताबिक, पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने ही वे जगहें हैं, जहां से अमेरिकी हमलों की शुरुआत, मदद और तैयारी की जा रही थी। इन्हीं ठिकानों को उसके जवाबी हमलों में निशाना बनाया गया। —————— यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने US को चिढ़ाया- ‘हबीबी अंकल सैम, ईरान आओ’: दूतावास ने होर्मुज में माइनस्वीपर गेम का वीडियो पोस्ट किया ईरान ने अमेरिका को चिढ़ाते हुए एक वीडियो शेयर किया है। सिएरा लियोन में ईरानी दूतावास ने 35 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया। इसके साथ लिखा- “हबीबी (अंकल सैम), ईरान आओ!” पूरी खबर पढ़ें…
बाजार पर बात करते हुए चॉइस ब्रोकिंग के VP टेक्निकल रिसर्च सचिन गुप्ता ने कहा कि ग्लोबल सेंटीमेंट में सुधार हुआ है क्योंकि कल वॉल स्ट्रीट बढ़त के साथ बंद हुआ और ज़्यादातर एशियाई बाजार भी पॉज़िटिव जोन में हैं। US ट्रेज़री यील्ड में भी कमी आई है। इससे बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, ब्रेंट क्रूड $96–97 के आस-पास ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। इसके अलावा अमेरिका–ईरान संघर्ष से जुड़े जियोपॉलिटिकल रिस्क बाज़ार के सेंटीमेंट के लिए एक अहम निगेटिव फ़ैक्टर बने हुए हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार का कहना है कि अच्छी और बुरी खबरें आती-जाती रहती हैं। CMIE की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, FY27 की पहली तिमाही में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में 97% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। इसमें FY26 की पहली तिमाही के मुकाबले जबरदस्त बढ़त हुई है। यह कैपेक्स में बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय के बाद प्राइवेट कैपेक्स में सुधार हो रहा है, जो भविष्य के आर्थिक विकास के लिए अच्छा संकेत है।
हालांकि,कुछ बुरी खबरें भी हैं। सबसे बड़ी बुरी खबर है दुनिया भर में बॉन्ड यील्ड का बढ़ना। अमेरिका में 10-साल की बॉन्ड यील्ड 4.8% के आसपास बनी हुई है। जापान में 10-साल की यील्ड 3% है,जो पिछले 30 सालों में सबसे ज़्यादा है। UK में 30-साल की यील्ड 6% है। भारत में भी 10-साल की यील्ड 7% के करीब है।
बॉन्ड यील्ड का बढ़ना इक्विटी मार्केट के लिए बुरा है। महंगाई बढ़ने और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना के कारण फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट ज़्यादा आकर्षक हो जाएंगे। उभरते बाज़ारों से कैपिटल के बाहर जाने (कैपिटल फ्लाइट) की संभावना भी बनी हुई है। इन वजहों से इक्विटी मार्केट पर दबाव पड़ेगा।
हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में अच्छी खबरों से इन बुरी वजहों का असर कम हो रहा है। GST कलेक्शन,ऑटोमोबाइल बिक्री और क्रेडिट ग्रोथ से जुड़े हालिया आंकड़े (हाई-फ़्रीक्वेंसी डेटा) खास तौर पर अच्छे रहे हैं। अच्छी और बुरी वजहों का यह मिला-जुला असर निकट भविष्य में बाज़ार में उतार-चढ़ाव बनाए रखेगा।
निफ्टी पर रणनीति
सीएनबीसी- आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23971-24029 पर और अगला रेजिस्टेंस 24081-24129/184 पर है। इसके लिए पहला बेस 23866-23789 पर और अगला बेस 23761-23677 पर है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 57478-57631 पर और अगला रेजिस्टेंस 57771-57878/58040 पर है। इसके लिए पहला बेस 57110-56910 पर और अगला बेस 56691-56578 पर है।
चकाचक चार्ट वाले शेयर
चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते। इनकी OBEROI RLTY के फ्यूचर्स में 1900 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1950 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,SBICARD के फ्यूचर्स में इनकी 650 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 680 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
GIFT Nifty: चार दिनों की लगातार गिरावट के बाद आज शुक्रवार, 4 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत भरी खबर है। एशियाई बाजारों में मजबूती और वॉल स्ट्रीट में आई शानदार तेजी के दम पर आज घरेलू बाजार की शुरुआत हरे निशान में होने के मजबूत संकेत मिल रहे हैं।
सुबह 8:45 बजे GIFT Nifty लगभग 100 अंक या 0.42% की बढ़त के साथ 24,033 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में एक मजबूत ओपनिंग का इशारा कर रहा है।
क्यों बदला बाजार का मूड? ये हैं 3 बड़े ग्लोबल ट्रिगर
1. अमेरिका में ब्याज दरें न बढ़ने की उम्मीद से वॉल स्ट्रीट में तेजी
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के बयानों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि महंगाई का दबाव कम होता है, तो वे सितंबर की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरें स्थिर रखने का समर्थन करेंगे।
इसके बाद CME FedWatch Tool के अनुसार, सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 50.4% रह गई (जो बुधवार को 63.2% थी)।
इस बयान के बाद गुरुवार रात अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों के दम पर जबरदस्त तेजी देखने को मिली Nasdaq 1.40% उछला, डाउ जोन्स 1.18% और S&P 500 में 1.06% की तेजी दर्ज की गई।
2. एशियाई बाजारों में हरियाली और बॉन्ड यील्ड में गिरावट
ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में गिरावट आने से रिस्क एपेटाइट बढ़ा है। दक्षिण कोरिया के टेक शेयरों की अगुवाई में एशियाई इक्विटीज में तेजी है। हैंगसेंग फ्यूचर्स 1.1% चढ़ा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
3. $96 के करीब पहुंचा कच्चा तेल
शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 0.3% बढ़कर $95.76 प्रति बैरल पर पहुंच गया है और यह जुलाई के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण क्रूड की कीमतों में उबाल आया है।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई और बाजार के मूड के लिए बड़ी चुनौती हैं। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण निवेशक वीकेंड से पहले बड़ी पोजीशन बनाने से बच सकते हैं, जिससे ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव दिख सकता है।
निफ्टी का टेक्निकल आउटलुक: जानिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस का स्तर
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आज के कारोबार में निफ्टी के लिए ये लेवल बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे:
इमीडिएट रेजिस्टेंस: 24,000 – 24,200 का दायरा निफ्टी के लिए पहला बड़ा रोड़ा है। अगर निफ्टी 24,200 के ऊपर टिकता है, तभी टिकाऊ मजबूती की उम्मीद की जा सकती है।
अहम सपोर्ट: 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए मुख्य सपोर्ट का काम करेगा। यदि यह लेवल टूटता है, तो इंडेक्स 23,600 के स्तर तक फिसल सकता है।
FIIs और DIIs के आंकड़े (3 सितंबर का कारोबार)
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय बाजार से पैसा निकालना जारी रखा, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा दिया:
FIIs (विदेशी निवेशक): नेट सेलर रहे और ₹2,346 करोड़ के शेयर बेचे।
DIIs (घरेलू निवेशक): नेट बायर रहे और ₹4,977 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।
आपको बता दें कि गुरुवार को आईटी, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ था।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
भारतीय बाजारों ने तीन दिन की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया है। सुबह 10 बजे, सेंसेक्स 295.68 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 76,866.03 पर और निफ्टी 86.50 अंक या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 24,000.95 पर दिख रहा था। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में अडानी पोर्ट्स,पावर ग्रिड कॉर्प, एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और SBI शामिल हैं। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा,नेस्ले,बजाज ऑटो,इंफोसिस और सिप्ला शामिल हैं। सेक्टर के हिसाब से देखें तो IT इंडेक्स 1% नीचे दिख रहा। जबकि बैंक,रियल्टी और मेटल इंडेक्स में 1-1% की बढ़त है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स सपाट कारोबार कर रहा है,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7% ऊपर है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि US बॉन्ड यील्ड में थोड़ी कमी के कारण आज मार्केट का मूड बेहतर रहने की उम्मीद है। रुपये के नज़रिए से एक बड़ी अच्छी बात यह है कि कंसेशनल स्वैप सुविधा के तहत 136 अरब डॉलर की भारी रकम जुटाई गई है। FCNR(B) स्कीम के तहत जुटाए गए 127 अरब डॉलर की रकम अनुमान से कहीं ज़्यादा है। मार्केट के नज़रिए से इसका मतलब यह है कि रुपया स्थिर होगा,जिससे FIIs का भरोसा बढ़ेगा। ग्रोथ और कमाई की बेहतर संभावनाओं के कारण, US बॉन्ड यील्ड ज़्यादा होने के बावजूद FIIs के भारत में खरीदारी जारी रखने की उम्मीद है। साथ ही,बैंकों द्वारा भारी मात्रा में FCNR(B) फंड जुटाने से उनके NIMs को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह बैंकिंग स्टॉक्स के लिए अच्छी बात है।
कल बाज़ार में आई गिरावट की एक दिलचस्प बात यह है कि निफ़्टी में 141 अंकों की गिरावट के बावजूद इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने ₹9,500 करोड़ की खरीदारी की। इसमें FII की खरीदारी ₹6,688 करोड़ और DII की खरीदारी ₹2,812 करोड़ रही। साफ है कि ज़्यादातर बिकवाली रिटेल इन्वेस्टर्स,प्रोप्राइटरी ट्रेडर्स और ‘बेयर्स'(बाज़ार गिरने की उम्मीद करने वालों) की तरफ से हुई,जिन्होंने बाज़ार की कमज़ोरी का फ़ायदा उठाकर शेयरों की कीमतों को नीचे गिराया। आज इसमें बदलाव की संभावना है।
चॉइस ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि वॉल स्ट्रीट के बढ़त के साथ बंद होने से ग्लोबल संकेत बेहतर हुए हैं। वहीं एशियाई बाज़ारों में राहत की रैली देखी जा रही है और US ट्रेज़री यील्ड में कमी आई है। हालांकि, US-ईरान के बीच तनाव और $95 के आस-पास कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय बाजारों के लिए बड़ जोखिम बनी हुई हैं।
निफ्टी पर रणनीति
सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 23951-24013 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 24078-24121/24173 पर है। इसके लिए पहला बेस 23781-23841 पर और बड़ा बेस 23733-23767 पर है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस- 57281-57341 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 57640-57780/57910 पर है। इसके लिए पहला बेस 56830-57010 पर और बड़ा बेस 56530-56680 पर है।
चकाचक चार्ट वाले शेयर
चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़। इनकी अदाणी पोर्ट्स फ्यूचर्स में 1675 रुपए के आसपास, 1658 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ, 1715 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। मुथूट फाइनेंस फ्यूचर्स में भी इनकी 2941 रुपए के ऊपर, 2941 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ,3003 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद GIFT निफ्टी पॉज़िटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। एशियाई बाज़ारों में रिकवरी,वॉल स्ट्रीट में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,ब्रेंट क्रूड का $95 प्रति बैरल के करीब होना,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, इस रिकवरी को सीमित कर सकते हैं।
सुबह करीब 7:50 बजे GIFT निफ्टी 125 अंक बढ़कर 24,090 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा। सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।
गुरुवार को ग्लोबल माहौल में कुछ सुधार हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ लंबे टकराव की आशंका को नकारा है। इससे एशियाई बाजारों में रिकवरी हुई है और तेल की कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं।
बुधवार को हुई भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजार सुधरे
पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद गुरुवार को एशियाई इक्विटी मार्केट्स में राहत भरी तेजी देखने के मिल रही है। निवेशक नए अमेरिकी आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की टिप्पणियों पर भी नजरें बनाए हुए हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि क्या फेडरल रिज़र्व इस महीने मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करेगा या नहीं।
MSCI का एशिया-पैसिफ़िक इक्विटी इंडेक्स 0.9 प्रतिशत बढ़त दिखा रहा है। जापान का Topix 0.8 प्रतिशत, हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.5 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.2 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त ने इस क्षेत्र में रिकवरी को बढ़ावा दिया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ़्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।
तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। इसमें तीन दिन से जारी तेज़ी का सिलसिला थम गया है। निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव और मध्य पूर्व से ऊर्जा सप्लाई पर इसके संभावित असर पर नजरें बनाए हुए हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.45% गिरकर $95.20 प्रति बैरल पर आ गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.26% गिरकर $90.77 प्रति बैरल पर आ गया है।
लेकिन,तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई से जुड़ी चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं और इस बात की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि बड़े सेंट्रल बैंक,खासकर US फेडरल रिजर्व,ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं।
तीन दिनों की गिरावट के बाद वॉल स्ट्रीट में रिकवरी
बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी आई। निवेशकों ने उन शेयरों और सेक्टर में मौके तलाशते दिखे जो हाल ही में ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल के दौरान प्रभावित हुए थे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.56 प्रतिशत बढ़कर 53,061.89 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 0.46 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,666.63 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.45 प्रतिशत बढ़कर 26,217.83 पर पहुंच गया।
निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा,जबकि 23,800 एक अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,अगर यह 23,800 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,600 के लेवल तक गिर सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।
सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।
ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।
रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट
बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।
उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।
अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।
तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी
बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।
बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।
निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक
पोनमुडी आर का मानना है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।
Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने की संभावना है,क्योंकि आज के कारोबार में GIFT निफ्टी में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं हैं,जबकि वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।
सुबह करीब 8.10 बजे GIFT निफ्टी 24,166 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। इसमें पिछले दिन की क्लोजिंग से 60 अंक या 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार हो रहा था। पिछले सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 307.68 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,956.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।
मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मिले-जुले बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ से मिलने वाले कुछ सपोर्ट को बेअसर कर सकती हैं। साथ ही यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व लंबे समय तक मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों में रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ सकता है।
US-Iran के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से तेल की कीमत $91 के पार
मंगलवार को मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं है। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.9% बढ़कर $86.55 प्रति बैरल हो गया है। US और ईरान के बीच लगभग एक महीने में पहली बार हमले हुए है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक द्वीप पर हमला किया और ईरान ने जवाब में संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
आज मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल है। निवेशक जियोपॉलिटिकल चिंताओं और क्षेत्रीय बाजारो में मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ताइवान के शेयरों की अगुवाई में MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा है। हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत गिरा है। जबकि Shanghai Composite में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
महंगाई की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ हुआ बंद
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.70 प्रतिशत गिरकर 53,185.90 पर आ गया,जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 7,686.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 0.12 प्रतिशत गिरकर 26,370.89 पर आ गया।
हाल के संकेतों से पता चलता है कि पॉलिसी मेकर्स महंगाई को काबू में रखने पर फोकस रहे हैं। US जॉब्स रिपोर्ट अगला अहम ग्लोबल ट्रिगर होगा। निवेशक इसमें फेड की पॉलिसी की दिशा,ट्रेज़री यील्ड और जोखिम लेने की इच्छा से जुड़े संकेत तलाशेंगे।
भारत की मज़बूत GDP ग्रोथ से घरेलू बाजार को सपोर्ट
घरेलू मोर्चे पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात का सामना करना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की उम्मीदों,दोनों से बेहतर है।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ग्लोबल माहौल के मुश्किल होते जाने के बावजूद,मजबूत घरेलू खपत,लगातार होते निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ की वजह से बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिली है। उन्हें उम्मीद है कि ग्रोथ के ये आंकड़े भारतीय इक्विटी मार्केट के सामने आने वाले जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Market news : US में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और क्रूड में उछाल से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट कमजोर दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी 100 प्वाइंट से ज्यादा नीचे आ गया है। शुक्रवार को FIIs की कैश और वायदा मिलाकर 5600 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली देखने को मिली। इनके नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट फिर दो लाख के पार चले गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
28 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए और लगातार दो दिनों की गिरावट का सिलसिला खत्म होगा। IT शेयरों में बढ़त की वजह से निफ्टी 24,150 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा था। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 330.92 अंक या 0.43 प्रतिशत बढ़कर 77,264.51 पर और निफ्टी 84.80 अंक या 0.35 प्रतिशत बढ़कर 24,175.65 पर बंद हुआ। वीकली बेसिस पर देखें तो मार्केट में लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट जारी रही। बीते हफ्ते BSE सेंसेक्स और निफ्टी50 दोनों में 0.3% की गिरावट आई। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा और निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में बहुत कम बदलाव के साथ कारोबार खत्म हुआ
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
28 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 5,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे,लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 5,183 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर इसकी भरपाई कर दी और लगातार 14वें दिन भी खरीदारी जारी रखी।
एशियाई करेंसी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला असर दिख रहा है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.29% और जापानी येन 0.09% मजबूत हुए हैं। दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.04% की गिरावट आई है,जबकि फिलीपींस पेसो 0.10% कमजोर हुआ है। थाई बाहत 0.19% और ताइवान डॉलर 0.17% गिरे हैं। चीनी रेनमिनबी में 0.14% की नरमी आई हैं,जबकि मलेशियाई रिंगित 0.20% टूटा है। सिंगापुर डॉलर भी 0.02% नीचे आया है।
वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ी
वेस्ट एशिया टेंशन और बढ़ गई है। लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान का पलटवार हुआ है। ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान के सुप्रीम लीडर र्मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि डॉलर की भूमिका धीरे-धीरे खत्म करने की जरूरत है। इधर क्रूड 90 डॉलर के पार चला गया है।
US फेड चेयरमैन ने दिए दरें बढ़ाने के संकेत, बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार, डॉलर इडेक्स में उछाल
US फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि महंगाई लक्ष्य से ज्यादा रही तो कदम उठाने पड़ेंगे। इस बयान के बाद बॉन्ड यील्ड 4.7 के पार चली गई है। डॉलर इंडेक्स में भी उछाल आया है। सोना-चांदी ठंडे पड़े हैं। अमेरिकी बाजार भी कमजोरी के साथ बंद हुए। वहीं एशिया भी कमजोर दिख रहा है। निक्केई और कॉस्पी 2% फिसले हैं।
सबसे बड़े IPO का रास्ता हुआ साफ
देश के सबसे बड़े IPO का रास्ता साफ हो गया है। सेबी ने जियो प्लैटफॉर्म्स के IPO को मंजूरी दे दी है। जियो प्लैटफॉर्म्स 27 करोड़ फ्रेश शेयर जारी करेगी। इस रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने में होगा।
HDFC बैंक से रिटायर होंगे शशिधर जगदीशन
शशिधर जगदीशन दोबारा HDFC बैंक के MD&CEO नहीं बनेंगे। ये 26 अक्टूबर को रिटायर होंगे। उन्होंने कहा है कि वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते। उन्होंने बैंक के बोर्ड से कहा है कि उत्तराधिकारी तलाश करने का प्रोसेस तेज किया जाए।
सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध
ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज की और से बड़ी खबर आई है। सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान का विरोध किया गया है। NCLT के फैसले को कैनरा, HDFC बैंक और LIC हाउसिंग फाइनेंस चुनौती देंगे।
MSCI की आज रीबैलेंसिंग
आखिरी आधे घंटे में आज MSCI की रीबैलेंसिंग होगी। लॉरस लैब्स,लेंसकार्ट,अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस और ग्रो शामिल होंगे। वहीं बालकृष्ण इंडस्ट्रीज, SBI कार्ड्स और एस्ट्रल बाहर होंगे। MSCI में भारत के वेटेज में भी हल्की बढ़त होगी।
Market news : भारतीय बाजारों के लिए आज नरम संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की नरमी है। FIIs की कैश और वायदा मिलाकर करीब 4000 करोड़ रुपये की बिकवाली देखने को मिली है। FIIs ने इंडेक्स फ्यूचर्स में एक ही दिन में 10000 से ज्यादा नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट जोड़े हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
27 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और फार्मा शेयरों में खरीदारी के बावजूद मीडिया, मेटल,ऑयल एंड गैस और PSU बैंकों के शेयरों में बिकवाली हावी रही। बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख सका और पूरे सेशन के दौरान ज्यादातर समय गिरावट के साथ कारोबार करता रहा। कारोबार के अंत में निफ्टी 116.90 अंक या 0.48% गिरकर 24,090.85 पर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 539.35 अंक या 0.70% की गिरावट के साथ 76,933.59 पर आ गया।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
27 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹298 करोड़ के शेयर बेचे और वे नेट सेलर बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी का सिलसिला जारी रखते हुए ₹4,977 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे।
एशियाई करेंसी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ज्यादातर एशियाई करेंसी में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। अच्छी बात यह रही कि दक्षिण कोरियाई वॉन में 0.249% की बढ़त हुई है, जबकि ताइवान डॉलर में 0.19% और मलेशियन रिंगित में 0.124% की बढ़ोतरी हुई है। सिंगापुर डॉलर और चीनी रेनमिनबी में 0.055% और 0.036% की मामूली बढ़त हुई है। जबकि जापानी येन में 0.019% की बढ़त के साथ लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ है।
उधर फिलीपीन पेसो में सबसे ज्यादा गिरावट आई है। यह 0.507% गिरा है। इसके बाद इंडोनेशियाई रुपिया 0.107% और थाई बाहत 0.03% नीचे आया है।
अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी, एशिया में मिला-जुला कारोबार
अच्छे नतीजों के बाद Nvidia में 9% के उछाल ने अमेरिकी बाजारों का सेंटिमेंट सुधारा है। कल नैस्डैक करीब 1.5 फीसदी दौड़ा, S&P में भी रौनक रही। बाजार की अब आज शाम को आने वाले जैक्सन होल में फेड चेयरमैन के बयानों पर नजर रखेगा। वहीं एशियाई बाजार मिलेजुले हैं। जापान के निक्केई में 0.50 फीसदी की बढ़त है। लेकिन कॉस्पी करीब एक फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है।
SEBI चेयरमैन का CAS पर बयान, CAS में कोई बदलाव नहीं
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने साफ कर दिया है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेसन यानी CAS में फिलहाल बदलाव नहीं किया जाएगा। सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने इस मुद्दे पर कहा कि इमें अभी कोई बदलाव नहीं होगा। सिस्टम वैसे ही चल रहा है। पार्टिसिपेशन बढ़ेगा और ब्रोकर्स इसे अपने ऐप्स में इनेबल करेंगे और लोग सीखेंगे और इस मार्केट में आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि NSE IPO DRHP मंजूरी के बहुत करीब है।
Market view : इंट्राडे मार्केट का मिजाज कमजोर, चार्ट पर शानदार दिख रहे इन शेयरों पर रहे नजर
हॉर्मुज पर सस्पेंस जारी
हॉर्मुज पर सस्पेंस जारी है। ईरान हॉर्मुज खोलने के लिए शर्तें तैयार कर रहा है। उधर अमेरिका ने कहा कि ईरान से फिलहाल कोई बातचीत नहीं हो रही है। पुराने MoU पर लौटने का सवाल नहीं है। इसबीच क्रूड उछलकर 90 डॉलर के पास आ गया है।
आज लेंसकार्ट में 1,313 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव
आज लेंसकार्ट में 1,313 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। Alphawave 1.2% हिस्सा बेच सकती है। इस डील की फ्लोर प्राइस 630 रुपए प्रति शेयर तय की गई है।

