अंतरिम चेयरमैन के रूप में केकी मिस्त्री का कार्यकाल खत्म होने से एक दिन पहले आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड से नॉन-एग्जिक्यूटिव पार्ट-टाइम चैयरमैन की तलाश में तेजी लाने को कहा है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि आरबीआई की मानना है कि चेयरमैन की जगह खाली होने से बड़े फैसलों में देरी हो सकती है।
नए चेयरमैन की नियुक्ति तक मिस्त्री अपने पोजीशन पर बने रह सकते हैं
सूत्र ने बताया, “मिस्री की पोजीशन अंतरिम है और कुछ ऐसे मसले हैं जिनमें फैसले लेने के लिए उनके पास सीमित गुजाइश है। बैंक के लिए एक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति करना जरूरी है।” सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अनुमान है कि जब तक बैंक नॉन-अंतरिम चेयरमैन की नियुक्ति नहीं कर देता है, मिस्त्री अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं। लेकिन, इस बारे में आरबीआई से औपचारिक कम्युनिकेशन का इंतजार है।
आरबीआई नए चेयरमैन की नियुक्ति के बारे में जानने के लिए बैंक के संपर्क में रहा है
माना जाता है कि आरबीआई इस जानकारी के लिए एचडीएफसी बैंक के बोर्ड के निरंतर संपर्क है कि चेयरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ रही है। इस बारे में एचडीएफसी बैंक को भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं मिला। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) ने चेयरमैन पोजीशन के लिए बोर्ड को कुछ नाम बताए हैं।
आरबीआई का नियम कहता है चेयरमैन नॉन-एग्जिक्यूटिव और इंडिपेंडेंट होना चाहिए
कुछ सीनियर अधिकारियों और पूर्व बैंकर्स के साथ कुछ बातचीत हुई है। लेकिन, अब तक किसी नाम पर सहमति नहीं बनी है। आरबीआई का नियम कहता है कि बैंक के बोर्ड का चेयरमैन पक्के तौर पर एक नॉन-एग्जिक्यूटिव, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर होना चाहिए।
अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल ज्यादा से ज्यादा तीन महीने के लिए बढ़ सकता है
अनुमान है कि एचडीएफसी बैंक के चेयरमैन की तलाश की प्रक्रिया शुरू करने में कुछ देर हुई थी। सूत्रों ने बताया कि यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से अप्रैल के आखिर में शुरू हुई। तब 17 मार्च, 2026 के अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के एक महीने पूरे हो गए थे। इसकी वजह यह है कि आरबीआई का यह रुख रहा है कि अंतरिम चेयरमैन का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा उनका कार्यकाल तीन महीने यानी सितंबर के मध्य तक बढ़ाया जा सकता है या तब तक बढ़ाया जा सकता है जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है।
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केकी मिस्त्री बैंक और उसकी सब्सिडियरीज से लंबे समय से जुड़े रहे हैं
चूंकि मिस्त्री लंबे समय से एचडीएफसी बैंक और इसकी सब्सिडियरीज कंपनियों से जुड़े रहे हैं, जिससे उन्हें चेयरमैन पोजीशन के लिए इंडिपेंडेंट नहीं माना गया। इसलिए वह तब तक अपनी पोजीशन पर बने रह सकते हैं, जब तक नया चेयरमैन नहीं मिल जाता है। इस बीच, आबीआई ने एचडीएफसी बैंक के बोर्ड को नए चेयरमैन की तलाश का काम तेज करने को कहा है।
