RBI ने 5 कंपनियों पर लगाया ₹27 लाख तक का जुर्माना; लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस भी शामिल

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने नियमों के उल्लंघन को लेकर 5 कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। लिस्ट में ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, सम्मान फिनसर्व और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस शामिल हैं। जुर्माने का अमाउंट 26.82 लाख रुपये तक है। RBI ने अलग-अलग बयानों में इस बारे में जानकारी दी है। शेयर की गई डिटेल के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने ट्रांसयूनियन सिबिल पर 26,82,800 रुपये का जुर्माना लगाया है।

इसी तरह CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 6,89,600 रुपये, इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज पर 1,19,400 रुपये, सम्मान फिनसर्व पर 4.20 लाख रुपये और हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस पर 6.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि ट्रांसयूनियन सिबिल, CRIF हाई मार्क क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज और इक्विफैक्स क्रेडिट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज निर्धारित अवधि के अंदर कुछ पात्र शिकायतकर्ताओं के बैंक खातों में मुआवजे की राशि जमा करने में विफल रहीं। इसके चलते उन पर यह मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है।

बाकी 2 कंपनियों पर क्यों लगा जुर्माना

भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, सम्मान फिनसर्व ने अपने कर्जदार की ऋण संबंधी जानकारी सेंट्रल रिपॉजिटरी ऑफ इनफॉर्मेशन ऑन लार्ज क्रेडिट्स (CRILC) को नहीं दी थी। इसलिए उस पर जुर्माने का एक्शन हुआ। वहीं हिंदुजा लीलैंड फाइनेंस ने माइक्रोफाइनेंस लोन्स की प्राइसिंग को लेकर बोर्ड से मंजूर नीति लागू नहीं की।

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केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा है कि जुर्माने की यह कार्रवाई रेगुलेटरी नियमों के पालन में कमियों पर बेस्ड है। इसका मकसद कंपनी और उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेन-देन या समझौते की वैधता पर कोई राय देना नहीं है। साथ ही, यह मौद्रिक जुर्माना लगाने का मतलब यह नहीं है कि RBI कंपनी के खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं कर सकता।

Market Outlook : लगातार चौथे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 4 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : गुरुवार, 3 सितंबर के ट्रेडिंग सेशन में बाजार की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। US फ़ेडरल रिज़र्व के साथ ही दुनिया भर के केंद्रीय बैंक बढ़ती कीमतों के दबाव से निपटने के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इस आशंका के चलते बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 0.17% की गिरावट के साथ 23,873 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 0.55% गिरकर 76,152 पर बंद हुआ। ये दोनों इंडेक्स लगातार चौथे सेशन में गिरावट लेकर बंद हुए। हालांकि, हालांकि, ब्रॉडर मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अच्छी वापसी की। इसके चलते निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.40% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.27% की बढ़ोतरी देखने को मिली।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी, मीडिया, केमिकल और प्राइवेट बैंक के शेयरों में खरीदारी आई। वहीं, IT, FMCG, ऑटो और फार्मा शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि बाजार की रिकवरी की कोशिशें असफल हो गईं। ग्लोबल स्तर पर मिले अच्छे संकेतों और FII के नए निवेश के बावजूद, लंबे समय से चले आ रहे जियोपॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल यील्ड में बढ़ोतरी का असर भी देखने को मिल रहा है। बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने बाजारर को सपोर्ट दिया। स्मॉल-कैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी। यह घरेलू विकास की संभावनाओं में भरोसे को दिखाता है। कच्चे तेल की लगातार बनी ऊंची कीमतें घरेलू बाजार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि भारत की मज़बूत ग्रोथ स्टोरी और हाल ही में सॉवरेन रेटिंग में सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर बने हुए हैं। लेकिन बाजार की निकट भविष्य की दिशा मुख्य रूप से ग्लोबल मैक्रो और जियोपॉलिटिकल जोखिमों में होने वाली घट-बढ़ पर निर्भर करेगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए रखने में नाकाम रहा और वीकली एक्सपायरी के दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के कारण निफ्टी गैप-अप के साथ खुला। हालांकि, जैसे-जैसे कारोबारी सेशन आगे बढ़ा बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स नीचे आ गया। नतीजतन अंत में निफ्टी 0.17% गिरकर दिन के निचले स्तर के पास 24,873.45 पर बंद हुआ। सेंसेक्स लगभग 0.55% गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ।

अलग-अलग सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। रियल्टी, बैंकिंग और एनर्जी शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि IT और FMCG शेयरों पर दबाव रहा। ब्रॉडर मार्केट का प्रदर्शन बेहतर रहा। इससे मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.37% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.20% ऊपर बंद हुआ।

शुरुआत में मार्केट को ग्लोबल मार्केट में रिकवरी, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में कमी, FII की खरीदारी और RBI के उम्मीद से ज़्यादा FCNR डिपॉजिट रोलओवर से सपोर्ट मिला, जिससे मार्केट का सेंटीमेंट बेहतर हुआ। हालांकि, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच निवेशक सतर्क रहे, क्योंकि ये फैक्टर ग्लोबल रिस्क लेने की क्षमता को प्रभावित करते रहते हैं।

टेक्निकल तौर पर निफ़्टी को रिकवरी के दौरान रुकावट का सामना करना पड़ रहा है, जो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत है। इसके लिए 23,800 का जोन शॉर्ट-टर्म के लिए एक अहम सपोर्ट बना हुआ है और अगर यह लेवल टूटता है, तो 23,700–23,600 के जोन की ओर गिरावट आ सकती है। ऊपर की ओर, 24,000–24,150 का जोन रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता और कमजोर मार्केट मोमेंटम को देखते हुए रिस्क मैनेजमेंट पर खास फोकस रखते हुए सतर्क और स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह होगी।

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और मैक्रो-इकोनॉमिक हालात पर निर्भर करेगी। अगर हालात और बिगड़े तो बाजार में सावधानी बरती जा सकती है और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। अच्छी बात यह है कि इंस्टीट्यूशनल निवेश में स्थिरता और भारत की मज़बूत ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे सकती है। खास तौर पर ब्याज दरों से प्रभावित होने वाले सेक्टर में सोच-समझकर निवेश करने की रणनीति अपनाने की जरूरत है।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी की शुरुआत गैप-अप के साथ हुई, लेकिन राइजिंग चैनल के निचले बैंड के पास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा, जिससे पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। डेली टाइमफ्रेम पर ‘डार्क क्लाउड कवर’ कैंडलस्टिक पैटर्न बना है जो निकट भविष्य में कमजोरी बने रहने का संकेत देता है। निफ्टी के लिए निचले स्तर पर 23,850 पर सपोर्ट है। इसके नीचे जाने पर इंडेक्स 23,700–23,730 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपरी स्तर पर, 24,000 पर रेजिस्टेंस है। मंदी के रुझान को खत्म करने के लिए निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर के ऊपर टिके रहना जरूरी होगा।

 

बाजार में इस समय निफ्टी का टेक्सचर काफी खराब, अभी इंडेक्स में कोई पोजिशन कैरी नहीं करें

 

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Bank Holiday: कल शुक्रवार को इन जगहों पर बंद रहेंगे बैंक, जानिए RBI ने क्यों किया छुट्टियों का ऐलान, सितंबर हॉलिडे फुल लिस्ट

अगर आप 4 सितंबर यानी शुक्रवार के दिन बैंक में कोई काम कराने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले यह जान लें कि उस दिन बैंक खुला है या बंद है। शुक्रवार को जन्माष्टमी का त्योहार है। इस मौके पर कई राज्यों में बैंकों में छुट्टी है। इस वजह से इन बैंकों की शाखाओं में कोई कामकाज नहीं होगा।

बैंकों में आरबीआई की गाइडलाइंस के हिसाब से होती है छुट्टी

बैंकों को छुट्टी के लिए आरबीआई की गाइडलाइंस का पालन करना पड़ता है। आरबीआई की गाइडलाइंस में क्षेत्र के हिसाब से छुट्टी का प्रावधान है। इसका मतलब है कि उत्तर भारत में मनाए जाने वाले त्योहार के मौके पर उत्तर भारत में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं। इसी तरह दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले त्योहार के मौके पर दक्षिण भारत में बैंकों की शाखाएं बंद रहती हैं।

इन राज्यों और शहरों में जन्माष्टमी पर बंद रहेंगे बैंक 

आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, 4 सितंबर यानी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में बैंक बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि लखनऊ, कानपुर, नोएडा, देहरादून, भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। छोटे शहरों में ग्रामीण इलाकों में भी बैंक की शाखाएं बंद रहेंगी। जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता और रांची में भी जन्माष्टमी की छुट्टी बैंकों में रहेंगी। हालांकि, 5 सितंबर यानी शनिवार के बैंक की शाखाएं खुली रहेंगी। 6 सितंबर को रविवार के दिन बैंकों में छुट्टी रहेगी।

अभी बैंकों में हर रविवार और महीने में दो शनिवार छुट्टी रहती है

बैंकों में हर महीने रविवार को अवकाश रहता है। इस दिन बैंकों में कोई कामकाज नहीं होता है। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को भी बैंक बंद रहते हैं। इसका मतलब है कि दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकों में कोई कामकाज नहीं होता है। बैंक एंप्लॉयीज यूनियंस बैंकों में भी फाइव डे वर्किंग लागू करने की लंबे समय से मांग कर रहे हैं।

सितंबर में त्योहार और दूसरी वजह से 14 दिन बंद रहेंगे बैंक

सितंबर में बैंक करीब 14 दिन बंद रहेंगे। इसमें छह सप्ताहांत में होने वाली रेगुलर छुट्टियां हैं। बाकी 8 दिन की छुट्टी अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से त्योहारों और लोकल इवेंट्स की वजह से होगी। 14 सितंबर यानी सोमवार को गणेश चतुर्थी के मौके पर कई राज्यों और क्षेत्रों में बैंकों में छुट्टी रहेगी। इनमें बेलापुर, भुवनेश्वर, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई, नागपुर, पणजी और विजयवाड़ा शामिल है।

इन राज्यों और स्थानों में सितंबर में खास दिन बंद रहेंगे बैंक 

15 सितंबर यानी मंगलवार को भी अहमदाबाद, भुवनेश्वर और पणजी में संवत्सरी, नुआखाई और गणेश चतुर्थी की छुट्टी रहेगी। 21 सितंबर को श्रीमंता शंकरदेव के जन्मोत्सव और श्री नारायण गुरु समाधि के मौके पर गुवाहाटी, कोच्चि और तिरुवनंतपुरम में छुट्टी रहेगी। 22 सितंबर को कर्मा पूजा के मौके पर रांची में बैंकों में छुट्टी रहेगी। 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह जी के जन्मोत्सव पर जम्मू में बैंक बंद रहेंगे। 25 सितंबर को इंद्राजात्रा के मौके पर गंगटोक में बैंकों में छुट्टी रहेगी।

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इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सुविधाएं छुट्टियों के दौरान भी काम करेंगी

बैंकों की इंटरनेट बैंकिंग सुविधाएं छुट्टियों के दौरान भी काम करती रहेंगी। इसके अलावा बैंकों के एटीएम भी खुले रहेंगे। इससे ग्राहकों को दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। आजकल बैंकों की ज्यादातर सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध हो गई हैं।

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PNB की करेंसी चेस्ट से निकले 17 करोड़ के जाली नोट, असली नोट गायब कर ऐसे हुआ खेल

PNB की करेंसी चेस्ट से निकले 17 करोड़ के जाली नोट, असली नोट गायब कर ऐसे हुआ खेल

pnb fake note scam

PNB Fake Note Scam: सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करेंसी चेस्ट में ऑडिट के दौरान 17 करोड़ रुपये के जाली नोट बरामद हुए हैं। 500-500 रुपये के नए नोटों वाले 340 बंडलों में मिले इन नकली नोटों ने बैंक अधिकारियों से लेकर सुरक्षा और जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। ALSO READ: Bristy Mukherjee Death : ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी की मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव, शिक्षक भर्ती मामले में गई थी नौकरी, जांच शुरू

 

प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से आई नई करेंसी की फोटोकॉपी या प्रिंट निकालकर असली नोटों को चेस्ट से पार कर दिया गया और उनकी जगह इन नकली नोटों को खपा दिया गया।

 

23 मशीनों से हुई नोटों की गिनती और सीरियल नंबर की जांच

बैंक अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए सभी 340 बंडल 500 रुपये के नए नोटों के हैं। इतनी भारी मात्रा में मिले नकली नोटों की सटीकता से जांच और गिनती के लिए कुल 23 मशीनों को लगाया गया था। हर एक नोट को मशीन से गुजारने के साथ उसके सीरियल नंबर की भी बारीकी से पड़ताल की गई है।

बैंक के एक पार्टटाइम हाउसकीपर से जुड़े चोरी के मामले की जांच के दौरान इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, जिसके बाद करेंसी चेस्ट के भीतर रखे नोटों की विस्तृत जांच शुरू की गई। ALSO READ: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान केस में बड़ा मोड़, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

 

तीन बैंक अधिकारी गिरफ्तार, जल्द खुलेगा राज

इस मामले में पुलिस और जांच एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय के रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी के करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इन आरोपियों से पूछताछ के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो पाएगा कि 17 करोड़ रुपये के असली नोट बैंक से कब और कैसे बाहर निकाले गए और उनकी जगह यह नकली खेप किसने और कैसे पहुंचाई।

Salary vs EMI: सैलरी आते ही EMI से खाली हो जाता है अकाउंट? कर्ज के जाल से निकलने के लिए अपनाएं ये 3 आसान स्टेप्स

Debt Management Tips: महीने की पहली तारीख को सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आता है और कुछ ही घंटों में EMIs कटने के बाद अकाउंट खाली लगने लगता है। अगर आपकी सैलरी का भी एक बड़ा हिस्सा पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बिल और होम लोन की किश्तों में जा रहा है, तो बचत करना तो दूर, रोजमर्रा के खर्चे संभालना भी चुनौती बन जाता है।

ऐसी स्थिति में अक्सर लोग किसी इमरजेंसी खर्च से निपटने के लिए एक और नया लोन या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल कर लेते हैं, जो उन्हें एक गंभीर ‘डेट ट्रैप’ यानी कर्ज के जाल में फंसा देता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी अपने वित्तीय साक्षरता अभियानों में बार-बार आगाह करता है कि पुराना कर्ज चुकाने के लिए नया लोन लेना बहुत खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आप भी EMI के दबाव से परेशान हैं, तो इन 3 आसान स्टेप्स के जरिए अपनी वित्तीय स्थिति पर दोबारा नियंत्रण पा सकते हैं।

कर्ज के दबाव को कम करने का 3-स्टेप फॉर्मूला

स्टेप 1: जानिए पैसा कहां जा रहा है और महंगे कर्ज पहले खत्म कीजिए

कोई भी रणनीति बनाने से पहले आपको अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति की पूरी तस्वीर साफ देखनी होगी। अपनी हर EMI, क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया, यूटिलिटी बिल्स और राशन/किराए जैसे फिक्स्ड खर्चों को एक कागज पर लिखें। क्रेडिट कार्ड बकाया और पर्सनल लोन पर ब्याज दरें बहुत ज्यादा होती हैं, जबकि होम लोन या कार लोन तुलनात्मक रूप से सस्ते होते हैं।

सभी कर्जों को एक साथ भरने के बजाय सबसे महंगे कर्ज (हाई-इंटरेस्ट लोन) को पहले चुकाने का लक्ष्य बनाएं। बाकी कर्जों की सिर्फ मिनिमम EMI देते रहें और जितनी भी एक्स्ट्रा बचत हो, उसे सबसे महंगे लोन को बंद करने में लगाएं।

स्टेप 2: एक छोटा कैश बफर जरूर तैयार करें

जब बजट पहले से टाइट हो, तो महीने के ₹1,000 या ₹2,000 बचाना भी मुश्किल लगता है। लेकिन यही छोटी बचत आपकी ढाल बनती है। अगर अचानक कोई मेडिकल इमरजेंसी या गाड़ी की खराबी आ जाए, तो इमरजेंसी फंड न होने पर आपको दोबारा क्रेडिट कार्ड का सहारा लेना पड़ता है।

रिजर्व बैंक का मानना है कि हर परिवार के पास एक छोटा कैश बफर होना चाहिए ताकि आपात स्थिति में नया कर्ज न लेना पड़े। शुरुआत में ₹5,000 से ₹10,000 का छोटा बफर बनाएं, फिर धीरे-धीरे इसे 3-6 महीने के आवश्यक खर्चों के बराबर ले जाएं।

स्टेप 3: सैलरी इंक्रीमेंट या बोनस का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करें

साल में जब भी सैलरी बढ़े, बोनस मिले या कोई टैक्स रिफंड आए, तो उस पूरे पैसे को नए शौक या लाइफस्टाइल पर खर्च करने की गलती न करें। मिली हुई एक्स्ट्रा राशि का कम से कम 50% से 70% हिस्सा अपने सबसे महंगे लोन के प्रिंसिपल को चुकाने में लगाएं। इससे आपका आने वाला ब्याज काफी घट जाता है।

लोन की प्री-पेमेंट करने से पहले अपने बैंक के नियमों और प्री-पेमेंट चार्जेस की जांच जरूर कर लें। RBI के नियमों के अनुसार बैंकों को लोन की शर्तों में प्री-पेमेंट चार्जेस का पारदर्शी खुलासा करना अनिवार्य है।

पुराने लोन को चुकाने के लिए कभी न लें नया लोन!

कई बार लोग EMI कम करने के लिए लोन कंसोलिडेशन या री-फाइनेंसिंग का सहारा लेते हैं। जब बैंक किसी नए लोन में कम EMI दिखाता है, तो लोग आकर्षित हो जाते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि EMI इसलिए कम दिखती है क्योंकि लोन की अवधि बढ़ा दी जाती है।

लोन की अवधि बढ़ाने से आपकी महीने की किस्त तो छोटी हो सकती है, लेकिन बैंक को जाने वाला कुल ब्याज बहुत बढ़ जाता है। इसके अलावा, देर से भुगतान करने पर आपको न केवल लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज देना पड़ेगा, बल्कि आपका CIBIL स्कोर भी खराब होगा, जिससे भविष्य में इमरजेंसी लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा।

क्या हो लोन रीपेमेंट की बेस्ट स्ट्रेटजी

कर्ज के जाल से बाहर निकलने का रास्ता किसी जादुई फॉर्मले से नहीं, बल्कि सही वित्तीय अनुशासन से निकलता है। जब धीरे-धीरे आपकी एक-एक EMI खत्म होगी, तो उससे बचने वाला पैसा ही आपकी भविष्य की बचत और निवेश की नींव बनेगा। पहला लक्ष्य स्थिति को बिगड़ने से रोकना है, और दूसरा लक्ष्य हर एक्स्ट्रा रुपये को किसी नए कर्ज में फंसाने के बजाय उससे निकलने का जरिया बनाना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Janmashtami Bank Holiday: 4 सितंबर को जन्माष्टमी पर बैंक बंद रहेंगे या खुलेंगे? देखिए RBI की पूरी बैंक हॉलिडे लिस्ट

Janmashtami Bank Holiday 2026: देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल 4 सितंबर, शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देश के कई राज्यों में बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई आधिकारिक बैंक हॉलिडे लिस्ट के मुताबिक, कई सर्किलों में सरकारी और प्राइवेट दोनों तरह के बैंकों की शाखाओं में कामकाज नहीं होगा।

अगर आपको इस हफ्ते बैंक जाकर चेक क्लियरिंग, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी काम निपटाने हैं, तो अपने शहर की हॉलिडे लिस्ट चेक करके ही घर से निकलें।

4 सितंबर को किन-किन राज्यों में बंद रहेंगे बैंक?

RBI की ‘नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट’ के तहत 4 सितंबर को देश के प्रमुख शहरों और सर्किलों में बैंक बंद रहेंगे:

  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, देहरादून और नोएडा।
  • राजस्थान और मध्य प्रदेश: जयपुर, भोपाल और इंदौर।
  • गुजरात और महाराष्ट्र: अहमदाबाद और मुंबई (कुछ क्षेत्रों में स्थानीय मान्यताओं के अनुसार)।
  • पूर्वी भारत: कोलकाता, पटना, गंगटोक और रांची।
  • दक्षिण भारत: चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु (चुनिंदा सर्किल)।

(नोट: जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में जन्माष्टमी का आधिकारिक अवकाश अधिसूचित नहीं है, वहां बैंक शाखाएं अपने सामान्य समय के अनुसार खुली रहेंगी।)

सितंबर 2026: बैंकों की छुट्टियों का कैलेंडर

4 सितंबर, शुक्रवार: श्री कृष्ण जन्माष्टमी- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, एमपी, दिल्ली NCR आदि

12 सितंबर, शनिवार: दूसरा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

13 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

26 सितंबर, शनिवार: चौथा शनिवार- पूरे भारत में बैंक बंद रहेंगे

बैंक बंद रहने पर भी चालू रहेंगी ये डिजिटल सेवाएं

बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को वित्तीय लेनदेन में कोई परेशानी नहीं होगी। आप घर बैठे ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। Google Pay, PhonePe, Paytm और भीम ऐप से पैसों का लेनदेन 24 घंटे चालू रहेगा। कैश निकालने और जमा करने के लिए एटीएम सेवाएं चालू रहेंगी। NEFT और RTGS के जरिए ऑनलाइन फंड ट्रांसफर आसानी से किया जा सकेगा।

Stocks to Watch: 2 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: बुधवार 2 सितंबर को कई बड़ी कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। अगस्त की सेल्स, नए ऑर्डर और बड़े बिजनेस अपडेट सामने आए हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, FMCG, IT और मेटल सेक्टर की कंपनियां फोकस में रहेंगी। यहां 13 ऐसे स्टॉक्स हैं, जिनमें बुधवार को हलचल देखने को मिल सकती है।

Hero MotoCorp

देश की सबसे बड़ी टू-व्हीलर कंपनी Hero MotoCorp की घरेलू बिक्री अगस्त में 4.5% बढ़कर 5.42 लाख यूनिट रही। स्कूटर की बिक्री बढ़ने से मोटरसाइकिल की बिक्री में आई गिरावट का असर कम हुआ। कुल बिक्री और एक्सपोर्ट मिलाकर डिस्पैच 2.6% बढ़कर 5.68 लाख यूनिट रहे।

Coal India

सरकारी कोयला कंपनी Coal India ने अगस्त के ई-ऑक्शन में 210.66 लाख टन कोयला ऑफर किया। इसमें से 82.76 लाख टन की एलोकेशन हुई। यानी करीब 39% कोयला बिका। खास बात यह रही कि औसत कीमत नोटिफाइड प्राइस से 59% ज्यादा रही।

NMDC

सरकारी खनन कंपनी NMDC ने अगस्त में उत्पादन बढ़ने की जानकारी दी है। कंपनी का कुल उत्पादन बढ़कर 40.7 लाख टन हो गया। एक साल पहले अगस्त में यह 33.7 लाख टन था। वहीं, बिक्री 35.8 लाख टन रही, जो पिछले साल 33.9 लाख टन थी।

Ujjivan Small Finance Bank

स्मॉल फाइनेंस बैंक Ujjivan Small Finance Bank ने बताया कि RBI ने कैरल फर्टाडो को अंतरिम CEO बनाने की मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 1 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह तीन महीने तक इस पद पर रहेंगी।

Gland Pharma

फार्मा कंपनी Gland Pharma की विशाखापट्टनम स्थित API फैसिलिटी में US FDA ने 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के बीच GMP इंस्पेक्शन किया। कंपनी के मुताबिक, इस इंस्पेक्शन के बाद फैसलिटी को US FDA से कोई आपत्ति नहीं मिली है। इसे कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव अपडेट माना जा रहा है।

Adani Green Energy

रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Adani Green Energy की सब्सिडियरी ने गुजरात के खावड़ा में 139 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू कर दिया है। इसके बाद कंपनी की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी बढ़कर 20,280.8 MW हो गई है।

Reliance Industries

तेल से रिटेल तक कारोबार करने वाली Reliance Industries की सब्सिडियरी RCPL ने आइसक्रीम बाजार में एंट्री कर ली है। कंपनी ने ‘Bombay Creamery’ नाम से नया ब्रांड लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत ₹10 रखी गई है। आइसक्रीम को रियल डेयरी क्रीम से तैयार किया जाएगा।

ARSS Infrastructure Projects

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ARSS Infrastructure Projects को ईस्ट कोस्ट रेलवे से करीब ₹104.06 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हावड़ा-विशाखापट्टनम मुख्य रेल लाइन पर दो रोड ओवर ब्रिज बनाने से जुड़ा है।

Ashiana Housing

रियल एस्टेट कंपनी Ashiana Housing ने अगस्त 2026 में 1.67 लाख वर्ग फुट एरिया की बुकिंग की। इसकी वैल्यू ₹165.93 करोड़ रही। अगस्त तक कंपनी की YTD बुकिंग 11.30 लाख वर्ग फुट तक पहुंच गई, जिसकी कुल वैल्यू ₹1,025.34 करोड़ है।

L&T Finance

फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी L&T Finance को IRDAI से कॉरपोरेट एजेंट के तौर पर Perpetual Registration मिल गया है। कंपनी का नया सर्टिफिकेट 31 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इससे कंपनी को इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े कारोबार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

ITC

FMCG कंपनी ITC की सब्सिडियरी ITC Infotech के साथ Blazeclan Technologies और Cloudlytics Technologies के मर्जर को NCLT की कोलकाता और मुंबई बेंच से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी ITC Infotech के डिजिटल और क्लाउड कारोबार को मजबूत कर सकती है।

Wipro

IT कंपनी Wipro ने ABB के साथ अपने ग्लोबल डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज एंगेजमेंट को आगे बढ़ाया है। इस समझौते के तहत डिजिटल वर्कप्लेस सर्विसेज को बेहतर बनाने और उन्हें आगे डेवलप करने पर काम होगा।

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7.8% की शानदार विकास दर के बीच पीएम मोदी ने क्यों की सोना नहीं खरीदने की अपील?

7.8% की शानदार विकास दर के बीच पीएम मोदी ने क्यों की सोना नहीं खरीदने की अपील?

PM Modi appeal on Gold

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की मजबूत आर्थिक विकास दर पर प्रसन्नता जताते हुए एक अनूठी अपील की है। भारत की 7.8 फीसदी की शानदार जीडीपी ग्रोथ पर देशवासियों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने साफ कहा कि यदि बहुत जरूरी न हो, तो सोने की खरीदारी से बचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने देश में बने सामानों को प्राथमिकता देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया। ALSO READ: 7.8% विकास दर पर गदगद हुए पीएम मोदी: बोले- दुनिया संकटों में फंसी है, फिर भी तेजी से आगे बढ़ रहा भारत

 

वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया कई तरह के संकटों और युद्ध की स्थितियों से जूझ रही है। कोविड महामारी के बाद से वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है और दुनिया में आर्थिक स्थिरता का अभाव है। इन तमाम अंतरराष्ट्रीय बाधाओं के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

 

'मेड इन इंडिया' और 'वेडिंग इन इंडिया' पर जोर

प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेशी मोह छोड़ने और 'मेड इन इंडिया' के मंत्र को अपने जीवन में उतारने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर विदेश यात्राओं और विदेश में शादियों के आयोजन पर रोक लगाने या उनसे बचने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि यदि लोग देश के भीतर ही शादियों का आयोजन करेंगे, तो इससे पर्यटन, होटल, कैटरिंग, और हैंडीक्राफ्ट जैसे स्थानीय उद्योगों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और देश का पैसा देश के भीतर ही रोजगार सृजन में काम आएगा। ALSO READ: पश्चिम एशिया के संकट के बीच भारत की बड़ी आर्थिक छलांग: जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही, RBI का अनुमान पीछे छूटा
 

2047 के विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने देश को आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि भारत को अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आज की यह मेहनत और अनुशासन ही आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगा। सरकार की नीतियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं, और देश के 140 करोड़ नागरिकों की सामूहिक शक्ति ही भारत को वैश्विक पटल पर नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

 

पीएम मोदी ने क्यों की सोना नहीं खरीदने की अपील?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोना न खरीदने की अपील करने के पीछे मुख्य रूप से देश को आत्मनिर्भर बनाने और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य है। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

 

विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करना: भारत अपनी सोने की जरूरत का अधिकांश हिस्सा इंपोर्ट करता है। भारी मात्रा में सोना खरीदने से देश का धन बाहर जाता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है।

'मेड इन इंडिया' और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा: प्रधानमंत्री चाहते हैं कि देशवासी विदेशी वस्तुओं या अनावश्यक महंगी खरीदारी के बजाय स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों और सेवाओं पर खर्च करें, जिससे देश के भीतर ही रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिले।

वैश्विक अनिश्चितताओं से बचाव: वर्तमान में दुनिया भर में युद्ध, सप्लाई चेन में बाधाएं और आर्थिक अस्थिरता जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे समय में देश की आर्थिक स्थिति को सुरक्षित और सुदृढ़ रखने के लिए अनावश्यक और गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी से बचना जरूरी है।

2047 के विकसित भारत का लक्ष्य: देश को स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों को आर्थिक अनुशासन अपनाने और अपनी गाढ़ी कमाई को देश के समग्र विकास व उत्पादक क्षेत्रों में लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।