Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rise: 4 दिन बाद शानदार तेजी, सेंसेक्स 594 अंक तक उछला; लेकिन निवेशकों ने गंवाए ₹18000 करोड़

शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 सितंबर को सुबह के कारोबार में शानदार तेजी है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर करीब 594 अंक तक उछल गया। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 18000 करोड़ रुपये घट गया। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 76,746.80 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर 76.4 अंकों की बढ़त के साथ 23,949.85 के हाई तक गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह 4,88,53,640.70 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 18,052.644 करोड़ रुपये की कमी।

एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

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रुपया और मजबूत

4 सितंबर को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे मजबूत होकर 94.46 पर पहुंच गया। एक दिन पहले अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market cues : बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की संभावना, उछाल पर बिकवाली की रणनीति करेगी काम

Trade setup for today : 3 सितंबर को तेल की ऊंची कीमतों के चलते बेंचमार्क निफ्टी ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में गिरावट का रुख बने रहने की संभावना है,क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है और शॉर्ट और मीडियम टर्म एवरेज नीचे की ओर रुख किए हुए हैं। मोमेंटम इंडिकेटर भी नेगेटिव क्रॉसओवर के साथ नीचे की ओर जा रहे हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अगर लगातार 24,000 के नीचे बना रहता है तो यह 23,800–23,750 के लेवल तक गिर सकता है और इसके बाद 23,600 पर अहम सपोर्ट मिल सकता है। ऊपर की तरफ, 24,000–24,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। एक्सपर्ट्स अभी भी उछाल पर बिकवाली की रणनीति अपनाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (23873) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,866, 23,830 और 23,772

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,982, 24,018 और 24,076

निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी 50 ने डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज नीचे की ओर जा रहे हैं। इसके अलावा,यह 23,070 से 24,770 तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे बंद हुआ।

RSI गिरकर 37.11 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD बेयरिश क्रॉसओवर के साथ ज़ीरो लाइन के नीचे बना रहा। MACD हिस्टोग्राम का रेड बार भी लगातार चौथे सेशन में बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि बेयरिश ट्रेंड के बने रहने की संभावना है।

बैंक निफ्टी (57,381) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस : 57,647, 57,735 और 57,878

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट : 57,362, 57,274 और 57,132

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस : 57,684, 58,137

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट : 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : गैप-अप ओपनिंग के बाद,बैंक निफ्टी ने बेंचमार्क निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया और 0.36 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। हालांकि ऊंचे स्तरों से इसने अपनी कुछ बढ़त गंवा दी। इंडेक्स ने एक रेड कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक स्पष्ट विक (wick) थी,जो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली के दबाव का संकेत देती है। इसने क्लोजिंग के आधार पर 50-दिन के EMA को फिर से हासिल किया और उसे बनाए रखा,लेकिन 20-दिन के EMA से नीचे आ गया।

पिछले 21 ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी एक सीमित दायरे में ही घूम रहा है,जिससे पता चलता है कि कोई साफ दिशा वाला ट्रेंड नहीं है। मुख्य मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी साइडवेज मार्केट स्ट्रक्चर की ओर इशारा कर रहे हैं। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि इंडेक्स के निकट भविष्य में भी एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है और इसमें किसी साफ दिशा वाले मोमेंटम की कमी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला इंडेक्स,इंडिया VIX पिछले दिन की कुछ बढ़त गंवाकर 2.2 प्रतिशत गिरकर 11.34 पर बंद हुआ। यह अभी भी काफी निचले स्तर पर बना हुआ है,जो कम उतार-चढ़ाव और मार्केट के स्थिर सेंटीमेंट का संकेत है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शा ने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 3 सितंबर को गिरकर 0.8 पर आ गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.87 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक : इनॉक्स विंड,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक : सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

बाजार के लिए मिल रहे अच्छे संकेत, ऑटो एंसलरी सेक्टर के इन दो शेयरों में जोरदार तेजी की उम्मीद

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

Stock Market Rise: बाजार में 3 दिन बाद तेजी, सेंसेक्स 349 अंक तक उछला; निवेशकों की दौलत ₹35679 करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर को सुबह के कारोबार में तेजी है। सेंसेक्स करीब 349 अंक तक उछला गया है और इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 35679 करोड़ रुपये बढ़ गया। सेंसेक्स हरे निशान में खुलने के बाद 76,919.02 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी हरे निशान में खुला और फिर करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

बुधवार, 2 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 48797259.056 करोड़ रुपये रहा था। गुरुवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह बढ़कर 4,88,32,938.28 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 35,679.224 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी।

इससे पहले बाजार में लगातार तीन दिन गिरावट दिखी थी। वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण 2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत टूटा। इंडेक्स 76,570.35 पर बंद हुआ। निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत फिसलकर 23,914.45 पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं मिडकैप सेलेक्ट 0.51 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।

GIFT निफ्टी में लौटी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी के लिए मिल रहे अच्छी शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों में नरमी से मिला सपोर्ट

गुरुवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के बढ़त के साथ खुलने की उम्मीद है। लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद GIFT निफ्टी पॉज़िटिव शुरुआत का संकेत दे रहा है। एशियाई बाज़ारों में रिकवरी,वॉल स्ट्रीट में आई तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में मामूली गिरावट से बाजार को सहारा मिल रहा है। हालांकि,ब्रेंट क्रूड का $95 प्रति बैरल के करीब होना,ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का ऊंचा स्तर और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, इस रिकवरी को सीमित कर सकते हैं।

सुबह करीब 7:50 बजे GIFT निफ्टी 125 अंक बढ़कर 24,090 पर ट्रेड कर रहा था। बुधवार को भारतीय बाजारों में लगातार तीसरे दिन गिरावट जारी रही। पश्चिम एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा। सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

गुरुवार को ग्लोबल माहौल में कुछ सुधार हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ लंबे टकराव की आशंका को नकारा है। इससे एशियाई बाजारों में रिकवरी हुई है और तेल की कीमतें थोड़ी नीचे आई हैं।

बुधवार को हुई भारी बिकवाली के बाद एशियाई बाजार सुधरे

पिछले सेशन में आई भारी गिरावट के बाद गुरुवार को एशियाई इक्विटी मार्केट्स में राहत भरी तेजी देखने के मिल रही है। निवेशक नए अमेरिकी आर्थिक डेटा और सेंट्रल बैंक की टिप्पणियों पर भी नजरें बनाए हुए हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि क्या फेडरल रिज़र्व इस महीने मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करेगा या नहीं।

MSCI का एशिया-पैसिफ़िक इक्विटी इंडेक्स 0.9 प्रतिशत बढ़त दिखा रहा है। जापान का Topix 0.8 प्रतिशत, हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 0.5 प्रतिशत ऊपर कारोबार कर रहा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.2 प्रतिशत बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त ने इस क्षेत्र में रिकवरी को बढ़ावा दिया है। एशियाई कारोबार में S&P 500 फ़्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।

Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारों में बढ़त

तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी

गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई है। इसमें तीन दिन से जारी तेज़ी का सिलसिला थम गया है। निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव और मध्य पूर्व से ऊर्जा सप्लाई पर इसके संभावित असर पर नजरें बनाए हुए हैं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.45% गिरकर $95.20 प्रति बैरल पर आ गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड 0.26% गिरकर $90.77 प्रति बैरल पर आ गया है।

लेकिन,तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई से जुड़ी चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं और इस बात की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं कि बड़े सेंट्रल बैंक,खासकर US फेडरल रिजर्व,ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकते हैं।

तीन दिनों की गिरावट के बाद वॉल स्ट्रीट में रिकवरी

बुधवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी आई। निवेशकों ने उन शेयरों और सेक्टर में मौके तलाशते दिखे जो हाल ही में ग्लोबल रिस्क-ऑफ माहौल के दौरान प्रभावित हुए थे। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.56 प्रतिशत बढ़कर 53,061.89 पर पहुंच गया,जबकि S&P 500 में 0.46 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 7,666.63 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 0.45 प्रतिशत बढ़कर 26,217.83 पर पहुंच गया।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ़्टी के लिए 24,000-24,200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा,जबकि 23,800 एक अहम सपोर्ट बना रहेगा। अगर निफ़्टी लगातार 24,200 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार हो सकता है। वहीं,अगर यह 23,800 के नीचे जाता है तो इंडेक्स 23,600 के लेवल तक गिर सकता है।

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market live Updates: GIFT Nifty से मिल रहे मज़बूत शुरुआत के संकेत, US शेयरों में रिकवरी, एशियाई बाजारो में बढ़त

Stock Market live Updates : GIFT निफ्टी से मिल रहे संकेतों को देखते हुए लगता है कि 3 सितंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मज़बूती के साथ खुल सकता है। GIFT निफ्टी शुरुआती कारोबार में बढ़त के साथ लगभग 24,082.50 के स्तर पर ऊपर ट्रेड कर रहा था। वहीं, वेस्ट एशिया में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया,जिसके चलते 2 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और लगातार तीसरे दिन भी बिकवाली का दौर जारी रहा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 373.93 अंक या 0.49 प्रतिशत गिरकर 76,570.35 पर और निफ्टी 141.35 अंक या 0.59 प्रतिशत गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ।

GIFT निफ्टी से मिल रहे बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत, क्रूड 96 डॉलर के करीब

बुधवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सुस्त शुरुआत करने की संभावना दिख रही है। GIFT निफ्टी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी,US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में जोखिम से बचने का माहौल बन गया है। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट और वॉल स्ट्रीट में कमजोरी से दबाव और बढ़ सकता है, हालांकि घरेलू स्तर पर संस्थागत निवेशकों की खरीदारी जारी रहने से कुछ राहत मिल सकती है।

सुबह करीब 8.30 बजे GIFT निफ्टी 24,027 पर ट्रेड कर रहा था। इसमें 24 अंक यानी 0.1 प्रतिशत की गिरावट दिख रही थी। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 12.99 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 पर आ गया,जबकि निफ्टी 24.60 अंक या 0.10 प्रतिशत गिरकर 24,055.80 पर बंद हुआ।

ग्लोबल हालात काफी खराब हो गए हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है,US 10 ईयर ट्रेजरी यील्ड 4.8 प्रतिशत के करीब है और जियोपॉलिटिकल तथा ब्याज दरों से जुड़ी चिंताएं फिर से उभर आई हैं।

रिस्क-ऑफ़ ट्रेड बढ़ने से एशियाई बाजारों में गिरावट

बुधवार को एशियाई इक्विटी में भारी गिरावट आई है। ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में बिकवाली और अमेरिका-ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई ने निवेशकों के जोखिम लेने के उत्साह को कम कर दिया है। जापान को छोड़कर एशिया पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 0.8 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) खुलते ही 3 प्रतिशत लुढ़क गया,जबकि जापान का Nikkei 225 इंडेक्स 2.2 प्रतिशत गिर गया।

उधर कल अमेरिकी शेयरों में गिरावट जारी रहने के बाद S&P 500 e-mini फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिख रहा है।

अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के और सख्त होने की उम्मीदें बढ़ने के साथ US 10 ईयर ट्रेजरी बॉन्ड का यील्ड बढ़कर लगभग 4.80 प्रतिशत हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक फेड फंड्स फ्यूचर्स के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि दो हफ़्ते बाद होने वाली US फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 67 प्रतिशत है।

तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी

बुधवार को शुरुआती कारोबार में तेल की कीमतों में लगभग 1% की बढ़ोतरी हुई। पिछले सेशन की तेजी आगे बढ़ी दिखी है। US और ईरान के बीच रात भर हुए हमलों के बाद सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बढ़ गईं हैं और मिडिल ईस्ट में तनाव के जल्द कम होने की उम्मीदें कम हो गईं हैं।

ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 87 सेंट या 0.92% बढ़कर $95.52 प्रति बैरल पर दिख रहा है। जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 80 सेंट या 0.89% बढ़कर $91.02 पर आ गया है। मंगलवार को दोनों कॉन्ट्रैक्ट्स में $4 से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी,जो 24 जुलाई के बाद ब्रेंट में और 23 जुलाई के बाद WTI में सबसे बड़ी बढ़त रही।

बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से वॉल स्ट्रीट में गिरावट

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट जारी रही। ग्लोबल स्तर पर बॉन्ड की बिकवाली तेज हो गई और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं। नैस्डैक कम्पोजिट 1.03 प्रतिशत गिरकर 26,099.77 पर आ गया,जबकि डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.79 प्रतिशत गिरकर 52,766.93 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.71 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 7,631.47 पर आ गया।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और US ट्रेजरी यील्ड के 4.8 प्रतिशत के करीब पहुंचने से इक्विटी मार्केट के लिए मुश्किल हालात बन रहे हैं। एक्सटर्नल मैक्रो-इकोनॉमिक और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों का असर निकट भविष्य में बाजार की दिशा पर पड़ने की संभावना है।

निफ़्टी का टेक्निकल आउटलुक

पोनमुडी आर का मानना ​​है कि निफ्टी का रुख सतर्क से लेकर कमज़ोर बना रहेगा,जिसमें 24,150-24,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 24,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है और इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो यह 23,900-23,800 की ओर जा सकता है।

 

Stock Market live Updates : GIFT Nifty से सुस्त शुरुआत के संकेत, US और एशियाई बाजार गिरे

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने के संकेत, इन लेवल्स पर रहे नजर

Trade setup for today : क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में आई रिकवरी की वजह से कल निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 24,000 के लेवल से ऊपर वापस आ गया। हालांकि 1 सितंबर को इंडेक्स में थोड़ी गिरावट के साथ कारोबार खत्म हुआ। मिडिल ईस्ट में जारी उथल-पुथल के बीच टेक्निकल इंडिकेटर नियर टर्म में बाजार के सतर्क और कंसोलिडेशन के दौर में रहने का संकेत दे रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट् का कहना है कि अगर निफ्टी 24,000-23,950 के सपोर्ट जोन के नीचे टूटता है और वहां बना रहता है,तो यह 23,800 और फिर 23,600 की तरफ गिर सकता है। हालांकि,अगर इंडेक्स इस जोन के ऊपर बना रहता है तो 24,200-24,400 की तरफं ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 23,500-24,500 की बड़ी रेंज में ट्रेड करता नजर आ सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24056) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,978, 23,933 और 23,860

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस :24,123, 24,168 और 24,241

स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर ‘हाई-वेव कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया,जो बुल्स और बेयर्स के बीच असमंजस की स्थिति को दिखाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज काफी हद तक सपाट रहे,जबकि शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। 10-डे EMA भी 50-डे और 100-डे EMA से नीचे आ गया। RSI गिरकर 42.86 पर आ गया,जबकि MACD जीरो लाइन के नीचे अपना डाउनट्रेंड जारी रखे हुए है और रेड हिस्टोग्राम बार एक और सेशन के लिए बढ़ रहा है। ये सभी इंडिकेटर निकट भविष्य में कमजोरी और मार्केट में सतर्क नज़रिए की ओर इशारा कर रहे हैं।

बैंक निफ्टी (57410) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,677, 57,823 और 58,058

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,207, 57,062 और 56,827

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने दोनों तरफ विक्स (wicks) वाली एक ‘बेयरिश कैंडल’ बनाई जो उतार-चढ़ाव के बीच कमजोर का संकेत है। इसने पिछले दिन की सारी बढ़त गंवा दी और 1.06 फीसदी नीचे बंद हुआ। इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है,जो सावधानी बरतने का संकेत है। हालांकि,इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉज़िटिव बना हुआ है क्योंकि इंडेक्स अभी भी अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI और MACD कई सेशन से ज्यादातर एक ही दायरे में बने हुए हैं,जिससे पता चलता है कि कोई मज़बूत दिशात्मक मोमेंटम नहीं है। कुल मिलाकर,टेक्निकल सेटअप से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में सावधानी के साथ कंसोलिडेशन हो सकता है। जब तक कि यह रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर या मुख्य सपोर्ट लेवल से नीचे नहीं जाता, इंडेक्स के एक दायरे में ही बने रहने की संभावना है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) का अनुमान लगाने वाला India VIX कल 9.25-12.12 के बड़े दायरे में घूमने के बाद बिना किसी बदलवा के 11.19 पर बंद हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे और निचले दायरे में बना रहा। इससे पता चलता है कि मार्केट में चिंता कम है। कुल मिलाकर,हालात बताते हैं कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी के सीमित रहने की संभावना है,हालांकि इंडेक्स में अचानक बड़ी हलचल से वोलैटिलिटी बढ़ सकती है।

Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 1 सितंबर को गिरकर 0.89 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.91 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

GIFT Nifty से सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत के संकेत, तेल की कीमतों और वॉल स्ट्रीट ने बिगाड़ा बाजार का मूड

मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी के कमजोर शुरुआत करने की संभावना है,क्योंकि आज के कारोबार में GIFT निफ्टी में मामूली गिरावट देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण कच्चे तेल की कीमतें 91 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं हैं,जबकि वॉल स्ट्रीट में कल गिरावट रही। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली का भी बाजार के सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह करीब 8.10 बजे GIFT निफ्टी 24,166 के लेवल पर ट्रेड कर रहा था। इसमें पिछले दिन की क्लोजिंग से 60 अंक या 0.25 प्रतिशत नीचे कारोबार हो रहा था। पिछले सेशन में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 307.68 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 76,956.83 पर बंद हुआ था। जबकि निफ्टी 95.25 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 24,080.40 पर बंद हुआ था।

मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मिले-जुले बने हुए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की उम्मीद से बेहतर GDP ग्रोथ से मिलने वाले कुछ सपोर्ट को बेअसर कर सकती हैं। साथ ही यह उम्मीद भी बढ़ रही है कि US फेडरल रिजर्व लंबे समय तक मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त बनाए रख सकता है। इससे उभरते बाजारों में रिस्क लेने की इच्छा पर असर पड़ सकता है।

US-Iran के बीच फिर से लड़ाई शुरू होने से तेल की कीमत $91 के पार

मंगलवार को मिडिल ईस्ट में फिर से शुरू हुई लड़ाई के कारण एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है। इससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं है। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $91 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है,जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.9% बढ़कर $86.55 प्रति बैरल हो गया है। US और ईरान के बीच लगभग एक महीने में पहली बार हमले हुए है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक द्वीप पर हमला किया और ईरान ने जवाब में संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर हमले किए।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख

आज मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल है। निवेशक जियोपॉलिटिकल चिंताओं और क्षेत्रीय बाजारो में मजबूती के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करते दिख रहे हैं। ताइवान के शेयरों की अगुवाई में MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी गेज 0.3 प्रतिशत ऊपर चढ़ा है। जापान का Topix 0.5 प्रतिशत बढ़ा है। जबकि ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.5 प्रतिशत गिरा है। हांगकांग का Hang Seng 0.7 प्रतिशत गिरा है। जबकि Shanghai Composite में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।

Stock Market live Updates: GIFT निफ्टी से मिल रहे कमजोर शुरुआत के संकेत, अमेरिकी बाजार गिरे, एशियाई बाजारों में बढ़त

महंगाई की चिंताओं के कारण वॉल स्ट्रीट गिरावट के साथ हुआ बंद

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से महंगाई और सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की संभावना को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गईं हैं। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.70 प्रतिशत गिरकर 53,185.90 पर आ गया,जबकि S&P 500 में 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ यह 7,686.14 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट 0.12 प्रतिशत गिरकर 26,370.89 पर आ गया।

हाल के संकेतों से पता चलता है कि पॉलिसी मेकर्स महंगाई को काबू में रखने पर फोकस रहे हैं। US जॉब्स रिपोर्ट अगला अहम ग्लोबल ट्रिगर होगा। निवेशक इसमें फेड की पॉलिसी की दिशा,ट्रेज़री यील्ड और जोखिम लेने की इच्छा से जुड़े संकेत तलाशेंगे।

भारत की मज़बूत GDP ग्रोथ से घरेलू बाजार को सपोर्ट

घरेलू मोर्चे पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था को चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालात का सामना करना पड़ रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जो RBI के 7 प्रतिशत के अनुमान और बाज़ार की उम्मीदों,दोनों से बेहतर है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि ग्लोबल माहौल के मुश्किल होते जाने के बावजूद,मजबूत घरेलू खपत,लगातार होते निवेश और मैन्युफैक्चरिंग में अच्छी ग्रोथ की वजह से बेहतर परफॉर्मेंस देखने को मिली है। उन्हें उम्मीद है कि ग्रोथ के ये आंकड़े भारतीय इक्विटी मार्केट के सामने आने वाले जोखिमों को कम करने में मदद करेंगे।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market cues : 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में, यह लेवल टूटने पर 23800 तक गिर सकता है निफ्टी

Trade setup for today : 31 अगस्त को निफ्टी इंट्राडे में 24,000 के लेवल से नीचे जाने के बाद भी क्लोजिंग के समय इसे बचाने में कामयाब रहा और 95 अंकों की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर से ऊपर बंद हुआ। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से शुरू हुई झड़पों के बीच मोमेंटम इंडिकेटर मंदी के रुझान में बढ़ोतरी का संकेत दे रहे हैं। जबकि इंडेक्स लगातार तीसरे सेशन में अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,जो सावधानी बरतने का संकेत है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना कि अब निफ्टी के लिए 24000 का सपोर्ट लेवल भी खतरे में दिख रहा है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे जाता है और उसके नीचे ही बना रहता है तो 23,800 की तरफ गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ इसके लिए 24,200-24,300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस एरिया का काम कर सकता है

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

निफ्टी 50 (24080) के लिए अहम लेवल

पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,016, 23,984 और 23,932

पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 24,119, 24,151 और 24,203

स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग लोअर शैडो (lower shadow) वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जो हैमर जैसे कैंडलस्टिक पैटर्न की तरह दिखती है। हालांकि यह पूरी तरह से क्लासिकल हैमर पैटर्न नहीं है। हैमर को आम तौर पर एक बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है,जिसमें इंडेक्स को कैंडल के हाई से ऊपर वापस चढ़ना होता है। इंडेक्स अपने सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड करता रहा, जबकि 20-डे EMA नीचे की ओर जा रहा था। 43.7 पर RSI ने अपना नेगेटिव क्रॉसओवर बनाए रखा,जबकि MACD जीरो लाइन से नीचे रहा और एक दिन हल्का पड़ने के बाद हिस्टोग्राम का रंग और गहरा लाल हो गया। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं और बताते हैं कि बेयरिश मोमेंटम बढ़ रहा है।

बैंक निफ्टी (58025) के लिए अहम लेवल

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,066, 58,263 और 58,583

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,426, 57,228 और 56,908

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 58,137, 58,706

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 57,135, 56,870

स्पेशल फॉर्मेशन : बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के दौरान आई 1 प्रतिशत की तेजी थी, जिसने इंडेक्स को 58,000 के स्तर से थोड़ा ऊपर पहुंचा दिया। हालांकि,आने वाले सेशन में इस तेजी के बने रहने पर नजर रखना जरूरी होगा। इंडेक्स साफ तौर पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर आ गया है। फिर भी,ओवरऑल मोमेंटम इंडिकेटर मजबूत तेजी की पुष्टि करने के बजाय सुधार के संकेत दे रहे हैं।

RSI बढ़कर 56.89 पर आ गया और इसमें पॉजिटिव क्रॉसओवर दिखा। लेकिन यह अभी भी एक दायरे में ही बना हुआ है। MACD में भी बुलिश क्रॉसओवर दिखा और हिस्टोग्राम पॉजिटिव हो गया। हालांकि, यह इंडिकेटर कई सेशन से कंसोलिडेशन के दौर में है। कुल मिलाकर,इंडिकेटर्स मोमेंटम में सुधार के संकेत दे रहे हैं। लेकिन बड़ा ट्रेंड अभी भी कंसोलिडेशन वाला है,इसलिए 58,000 के लेवल के ऊपर लगातार मजबूती की पुष्टि जरूरी है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)

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इंडिया VIX

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX कल 4.78% बढ़कर 11.19 पर पहुंच गया,जो थोड़ी सावधानी का संकेत है। हालांकि,यह अभी भी अपने सभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और 12 के लेवल से नीचे बना हुआ है,जिससे पता चलता है कि इससे तेजड़ियों के लिए कोई बड़ा खतरा नहीं है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 31 अगस्त को बढ़कर 0.91 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.89 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंस, सेल (SAIL)

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

 

Stocks to Watch: 1 सितंबर को एनसीसी, मिल्की मिस्ट डेयरी, PVR INOX सहित इन शेयरों में दिख सकती है हलचल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।