HDFC Bank Share Price: FIIs ने बेची होल्डिंग तो शेयर धड़ाम, ब्रोकरेजेज का ये है रुझान

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखी और इसकी वजह इसका सितंबर तिमाही का शेयरहोल्डिंग पैटर्न है। इसमें सामने आया कि विदेशी निवेशकों (FIIs) ने इसमें अपनी हिस्सेदारी 2.43% कम की और अब जून तिमाही के आखिरी में 41.82% से घटकर सितंबर तिमाही के आखिरी में 39.39% (FIIs Holding in HDFC Bank) तक आ गई। इसने बैंक के शेयरों पर दबाव बढ़ाया और फिलहाल बीएसई पर यह 1.65% की गिरावट के साथ ₹692.20 पर है। इंट्रा-डे में यह 1.79% टूटकर ₹691.20 तक आ गया था।

FIIs vs DII in HDFC Bank: किसकी कितनी होल्डिंग?

सितंबर 2026 तिमाही के आखिरी में एचडीएफसी बैंक में विदेशी निवेशकों यानी FIIs की हिस्सेदारी 2.43 पर्सेंटेज प्वाइंट्स कम होकर 39.39% पर आ गई। वहीं दूसरी तरफ इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की होल्डिंग 1.69 पर्सेंटेज प्वाइंट्स बढ़कर 43.44% हो गई। इसमें म्यूचुअल फंड्स की 31.88% हिस्सेदारी है तो ₹2 लाख तक के निवेश वाले यानी खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 10.87% है।

क्या कहना है एक्सपर्ट्स का

एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट ऐसे समय में आई है, जब सीईओ के तौर पर अनूप बागची की नियुक्ति के असर का मार्केट आकलन कर रहा है। अधिकतर ब्रोकरेज फर्म ने उनकी नियुक्ति का सपोर्ट किया है लेकिन कुछ एनालिस्ट्स ने चेतावनी दी कि उन्हें काम संभालने में समय लगेगा।

नुवामा के बीएफएसआई एनालिस्ट हेड आनंद दामा का कहना है कि अनूप को पहले अपनी टीम फिर से बनाने की जरूरत पड़ेगी और फिर एक लंबे समय में वह नए आइडिया ला सकते हैं और गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि अनूप बागची की नियुक्ति से एचडीएफसी बैंक की लीडरशिप से जुड़ी एक बड़ी चिंता दूर हो गई और अनूप बागची का अनुभव एक बड़ी ताकत साबित होगी।

अनूप बागची अभी ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के सीईओ हैं और देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ICICI Bank में सीनियर पदों पर रह चुके हैं, जहां उन्होंने रिटेल और होलसेल बैंकिंग बिजनेस संभाला था। उन्होंने छह साल तक ICICI सिक्योरिटीज को भी लीड किया। उनकी उम्र 56 साल है तो वह लंबे समय तक एचडीएफसी बैंक की कमान संभाल सकते हैं क्योंकि RBI के नियमों के मुताबिक बैंक सीईओ 70 साल की उम्र तक बने रह सकते हैं।

इंडिपेंडेंट एनालिस्ट नीरज दीवान का कहना है कि प्रोविजनल डेटा और एचडीएफसी ग्रुप के बाहर के किसी शख्स को सीईओ की कमान बैंक के लिए पॉजिटिव है लेकिन निवेशक अभी सतर्कता बरत रहे हैं। उनका कहना है कि ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पर कुछ और तिमाहियों तक दबाव बना रह सकता है। बैंक ने शनिवार को सितंबर के आखिरी तक अपने डिपॉजिट में लगभग 18.8% और ग्रॉस एडवांस में 16.3% की बढ़ोतरी की जानकारी दी थी।

शेयरों पर क्यों आया दबाव

साल 2023 में अपनी पैरेंट कंपनी एचडीएफसी के साथ विलय के बाद एचडीएफसी बैंक के मार्जिन और ग्रोथ पर असर पड़ा। इसका असर बैंक के शेयरों पर पड़ा और अपने पियर्स के मुकाबले यह कमजोर हुआ। गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं के कारण मार्च में चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे ने भी सेंटीमेंट पर बुरा असर डाला। हालांकि एक स्वतंत्र जांच में उनके दावों की पुष्टि तो नहीं हुई लेकिन शेयरों पर दबाव बना रहा। प्राइस-टू-एडजस्टेड बुक वैल्यू के आधार पर यह स्टॉक अब आईसीआईसीआई बैंक के मुकाबले 25% डिस्काउंट पर है और साल 2025 में अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद से इसमें लगभग 31% की गिरावट आई है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PC Jeweller Q2 Update: रेवेन्यू 28% बढ़ा, कर्ज मुक्त हुई ज्वेलरी कंपनी; बकाया ₹142 करोड़ भी मिले

PC Jeweller Q2 Update: ज्वेलरी कंपनी PC Jeweller ने 30 सितंबर 2026 को खत्म तिमाही में दमदार ग्रोथ दर्ज की। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 28% बढ़ा।

कंपनी को बकाया एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स से भी करीब 142 करोड़ रुपये मिले। एक्सपोर्ट देनदारों के साथ बातचीत के बाद इस रकम की वसूली शुरू हुई है।

PC Jeweller हुई कर्ज मुक्त

30 सितंबर को खत्म तिमाही में PC Jeweller ने सभी बैंकों का बकाया कर्ज चुका दिया। खास बात यह है कि कंपनी ने यह भुगतान तय समय से पहले किया। और अब वह पूरी तरह से कर्ज मुक्त है।

कंपनी के मुताबिक, अब ब्याज का खर्च बचेगा। इसका फायदा आगे कंपनी के मुनाफे को मिल सकता है। इससे बैलेंस शीट भी मजबूत होगी।

एक्सपोर्ट से मिले 142 करोड़ रुपये

PC Jeweller को तिमाही के दौरान बकाया एक्सपोर्ट देनदारों से करीब 142 करोड़ रुपये मिले। कंपनी ने कहा कि एक्सपोर्ट रिसीवेबल्स के मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश सफल रही। एक्सपोर्ट देनदारों के साथ मामला सुलझ गया है।

इसके साथ ही बकाया एक्सपोर्ट रकम की वसूली शुरू हो गई है। तिमाही में मिली 142 करोड़ रुपये की रकम इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

500 करोड़ रुपये की फंडिंग पूरी

PC Jeweller ने 24 सितंबर 2026 को प्रेफरेंशियल इश्यू के जरिए 500 करोड़ रुपये तक की फंडिंग पूरी की।

इसमें इक्विटी शेयर और वारंट जारी किए गए। कंपनी ने बताया कि प्रमोटर बलराम गर्ग को अलॉट किए गए सभी वारंट के इक्विटी शेयरों में कन्वर्जन के बाद यह फंडरेजिंग पूरी हुई।

बिजनेस अपडेट के आंकड़े प्रोविजनल

कंपनी ने कहा कि बिजनेस अपडेट में दिए गए वित्तीय आंकड़े प्रोविजनल हैं। इनकी अभी कंपनी के वैधानिक ऑडिटर की ओर से सीमित समीक्षा होनी बाकी है।

PC Jeweller का शेयर 7 अक्टूबर को BSE पर 13.15 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले 1.62% चढ़ा। पिछले 6 महीने में इसने 55.99% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rise: 4 दिन बाद बाजार ग्रीन, जन्माष्टमी पर सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा; फिर भी निवेशकों के ₹40894 करोड़ साफ

शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला शुक्रवार को कृष्ण जन्माष्टमी पर टूट गया। 4 दिन गिरावट में बंद होने के बाद 4 सितंबर को बाजार ने हरे निशान में क्लोजिंग की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ। लेकिन इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 40894 करोड़ रुपये घट गया।

3 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,88,71,693.344 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने पर यह 4,88,30,799.53 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 40,893.814 करोड़ रुपये की कमी। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 132 अंकों की बढ़त के साथ 24,005.75 के हाई तक गया।

मार्केट बंद होने पर NSE पर SBI लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, टाटा स्टील, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ट्रेंट टॉप गेनर रहे। वहीं HCL टेक्नोलॉजीज, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फिनसर्व और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट टॉप लूजर रहे।

रुपया और मजबूत

4 सितंबर को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपया 2 पैसे बढ़कर 94.49 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा जमा में उम्मीद से काफी अधिक राशि जुटने से देश के भुगतान संतुलन की स्थिति में सुधार होने से रुपये को सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को कहा कि 31 अगस्त तक फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (बैंक) या FCNR(B) जमा के तौर पर देश में 127.226 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश आया।

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एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार

3 सितंबर को शेयर बाजार में पहले तेजी और बाद में गिरावट दिखी थी। बाजार लगातार चौथे दिन लाल निशान में बंद हुआ था। सेंसेक्स 417.49 अंक टूटकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक फिसलकर 23,873.45 पर बंद हुआ। इससे पहले दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 354.13 अंक तक उछलकर 76,924.48 के हाई तक गया था। निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से करीब 111 अंकों की बढ़त के साथ 24,025.40 के हाई तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Shakti Pumps Share Price: ₹354 करोड़ का ऑर्डर मिलने पर निवेशक गदगद, शेयर 8% तक भागा

कंप्रेसर, पंप और डीजल इंजन बनाने वाली शक्ति पंप्स इंडिया के शेयरों में 6 जुलाई को दिन में 8 प्रतिशत तक की अच्छी बढ़त देखी गई। हालांकि बाद में तेजी की रफ्तार कम हो गई। शेयर में खरीद बढ़ने की वजह है कंपनी को 353.89 करोड़ रुपये का एक ऑर्डर मिलना। शक्ति पंप्स ने शनिवार को शेयर बाजारों को इस बारे में जानकारी दी थी। एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी को यह ऑर्डर महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) से मिला है।

यह ऑर्डर पूरे महाराष्ट्र के लिए 3 हॉर्सपावर (HP), 5 HP, 7.5 HP की 15,000 ऑफ-ग्रिड सोलर फोटोवॉल्टिक वॉटर पंपिंग सिस्टम्स (SPWPS) पंपों के लिए है। ऑर्डर ‘मागेल त्याला सौर कृषी पंप योजना’ के तहत है। इस काम को वर्क ऑर्डर जारी होने के 60 दिनों के अंदर पूरा किया जाना है।

शक्ति पंप्स पर इन SPWPS पंपों की डिजाइनिंग, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई, ट्रांसपोर्ट, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग की जिम्मेदारी है। ऑर्डर की वैल्यू GST के बिना 324.96 करोड़ रुपये और GST के साथ 353.89 करोड़ रुपये है। यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन नहीं है।

2 साल में Shakti Pumps India शेयर 350 प्रतिशत चढ़ा

शक्ति पंप्स इंडिया का मार्केट कैप बढ़कर 7300 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 50.35 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर 3 साल में 510 प्रतिशत और 3 महीनों में 18 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं एक साल में कीमत 36 प्रतिशत फिसली है। BSE पर शेयर का 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 949.95 रुपये और एडजस्टेड लो 457 रुपये है। शेयर BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

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कंपनी की वित्तीय सेहत

जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 842.36 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 29.13 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,643.11 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 243.79 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। शक्ति पंप्स वित्त वर्ष 2026 के लिए 1 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। रिकॉर्ड डेट 29 जुलाई 2026 है। वित्त वर्ष 2025 के लिए भी कंपनी ने इतने ही रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

PC Jeweller Share Price: चढ़ते बाजार में ज्वेलरी स्टॉक में जबरदस्त सेलिंग, कीमत 9% तक लुढ़की; लेकिन क्यों?

ज्वेलरी सेक्टर की कंपनी पीसी ज्वेलर लिमिटेड के निवेशकों के लिए 6 जुलाई का दिन बेहद खराब बीत रहा है। शेयर की कीमत में दिन में 9 प्रतिशत तक की गिरावट दिखाई दी। बीएसई पर भाव 9.37 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप घटकर 7900 करोड़ रुपये के करीब रह गया है। शेयर एक साल में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देख चुका है। कंपनी ने 2 जुलाई को अप्रैल-जून 2026 तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया था। इसके बाद शुक्रवार, 3 जुलाई को शेयर में इंट्राडे के दौरान 10 प्रतिशत तक की तेजी दिखी थी। हालांकि बाद में शेयर BSE पर 4.4 प्रतिशत बढ़त के साथ बंद हुआ था।

माना जा रहा है कि सोमवार की गिरावट शेयर में ऊंचे स्तरों पर की जा रही प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा हो। लेकिन एक वजह स्टॉक एक्सचेंज की ओर से मांगा गया क्लैरिफिकेशन भी हो सकता है। शुक्रवार को शेयर में हैवी वॉल्यूम को देखते हुए BSE ने पीसी ज्वेलर से सफाई मांगी थी।

तो क्या है PC Jeweller का जवाब

जवाब में पीसी ज्वेलर ने कहा है कि हम यह बताना चाहते हैं कि SEBI (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन्स एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) रेगुलेशंस, 2015 के रेगुलेशन 30 के अनुसार, कंपनी उन सभी घटनाओं, जानकारियों आदि का समय पर खुलासा करती रही है, जिनका कंपनी के कामकाज/प्रदर्शन पर असर पड़ता है। इनमें प्राइस सेंसिटिव इनफॉरमेशन आदि भी शामिल हैं। कंपनी भविष्य में भी ऐसे खुलासे करती रहेगी।

आगे कहा कि किसी शेयर की कीमत/वॉल्यूम में कोई भी उतार-चढ़ाव बाजार पर निर्भर करता है और यह कई फैक्टर्स के कारण होता है, जिनमें कंपनी की ओर से दी गई कोई भी जानकारी, घटना या इवेंट आदि को लेकर निवेशकों की सोच भी शामिल है। पीसी ज्वेलर ने कहा है कि फिलहाल उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है, जो शेयर की कीमत/वॉल्यूम पर असर डाल सकती हो और जिसका खुलासा करना जरूरी हो।

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Q1 में कैसा रहा बिजनेस

पीसी ज्वेलर का कहना है कि अप्रैल-जून 2026 में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 21% बढ़ा। कंपनी कर्ज-मुक्त होने के अपने लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और उसे उम्मीद है कि वह चालू तिमाही यानि कि जुलाई-सितंबर 2026 में यह मुकाम हासिल कर लेगी। कंपनी ने जॉइंट सेटलमेंट एग्रीमेंट की शर्तों के तहत बैंकों का बकाया कर्ज जून तिमाही के दौरान लगभग 24% कम किया है। चालू तिमाही में बाकी कर्ज चुकाने और कर्ज-मुक्त होने से आने वाले समय में उसकी वित्तीय स्थिति काफी मजबूत होगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।