HDFC Bank Share Price: MD और CEO पर नए ऐलान से दिखी 3% तक तेजी, अब ब्रोकरेज का क्या है नजरिया

HDFC Bank के मौजूदा मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शशिधर जगदीशन अपना कार्यकाल (टर्म) खत्म होने के बाद फिर से नियुक्ति नहीं चाहते हैं। उनका टर्म 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है। इस ऐलान के बाद 31 अगस्त को दिन में बैंक के शेयर में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दिखी। बीएसई पर शेयर 739.50 रुपये के हाई तक गया। कई ब्रोकरेज फर्मों ने मैनेजमेंट में संभावित बदलाव को लेकर सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। लेकिन नए CEO की नियुक्ति को लेकर निकट भविष्य की अनिश्चितता के कारण सावधान भी हैं।

HDFC Bank ने नए MD और CEO की तलाश शुरू कर दी है। कहा है कि उसका बोर्ड उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक को उम्मीद है कि वह जगदीशन के 26 अक्टूबर को रिटायर होने से पहले ही अपने नए CEO की नियुक्ति कर लेगा। HDFC Bank के नए MD और CEO के रोल के लिए इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों तरह के कैंडिडेट्स पर विचार किया जा रहा है।

HDFC Bank स्टॉक पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज फर्मों के रुख की बात करें तो HDFC Bank पर कवरेज करने वाले एनालिस्ट्स इस डेवलपमेंट को लेकर बंटे हुए हैं। बर्नस्टीन ने बैंक के स्टॉक के लिए ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 1,150 रुपये प्रति शेयर तय किया है। ब्रोकरेज लीडरशिप में बदलाव को सकारात्मक मानता है। उसका कहना है कि नया CEO बैंक की कहानी को नए सिरे से पेश करने का स्वाभाविक मौका दे सकता है।

जेपी मॉर्गन ने भी स्टॉक पर अपनी ‘ओवरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस 990 रुपये तय किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि इस घटनाक्रम का असर निकट भविष्य में स्टॉक पर पड़ सकता है, लेकिन समय पर उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने से नेतृत्व को लेकर बनी अनिश्चितता कम हो सकती है। निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए नेट इंटरेस्ट इनकम (शुद्ध ब्याज आय) में बढ़ोतरी का फिर से शुरू होना काफी मायने रखता है है।

एक्सिस कैपिटल ने ‘बाय’ कॉल के साथ 1,030 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि जगदीशन के फैसले से दूसरे कार्यकाल के छोटा होने की आशंका खत्म हो गई है। नए उत्तराधिकारी को पूरे 3 साल का कार्यकाल मिल सकता है।

IIFL, जेफरीज, ICICI सिक्योरिटीज की क्या राय

IIFL ने जगदीशन के फैसले को न्यूट्रल से थोड़ा पॉजिटिव बताया है। तर्क है कि इससे रेगुलेटरी मंजूरी मिलने पर अगला कार्यकाल छोटा होने का जोखिम खत्म हो जाता है। हालांकि कैजाद भरूचा एक संभावित इंटरनल कैंडिडेट (अंदरूनी उम्मीदवार) हो सकते हैं, लेकिन IIFL का कहना है कि कार्यकाल की पाबंदियों के कारण उन्हें काम करने के लिए कम समय मिल सकता है। भरूचा का HDFC Bank के बोर्ड में फुल-टाइम डायरेक्टर के तौर पर 15 साल का कार्यकाल 2029 में खत्म होगा। इसके चलते उन्हें टॉप पोजिशन पर बहुत कम मौका मिलेगा। कहा जा रहा है कि यह उनके नाम पर विचार करने में रुकावट बन सकता है। IIFL के मुताबिक, इसके उलट कोई भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार लीडरशिप में एक नई शुरुआत और लंबा कार्यकाल दे सकता है।

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अन्य ब्रोकरेज ने इस बदलाव को लेकर ज्यादा सावधानी भरा रुख अपनाया है। जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग तो बनाए रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को 1,050 रुपये से घटाकर 880 रुपये कर दिया है। FY27-29 के लिए कमाई के अनुमानों में भी 3-3 प्रतिशत की कटौती की है। ब्रोकरेज का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव से बैंक के रेवेन्यू की रफ्तार, खासकर डिपॉजिट जुटाने और फीस से होने वाली आय पर असर पड़ सकता है। साथ ही बढ़ती अनिश्चितता से बैंक की कॉस्ट ऑफ इक्विटी बढ़ सकती है और वैल्यूएशन पर दबाव पड़ सकता है।

जेफरीज का कहना है कि इन सबके बावजूद HDFC Bank की वैल्यूएशन इतनी ज्यादा नहीं है कि रेटिंग घटाई जाए। ICICI सिक्योरिटीज ने भी अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस 1,020 रुपये से घटाकर 920 रुपये प्रति शेयर कर दिया है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

HDFC Bank एक साल के निचले स्तर पर, रिकवरी में ₹1172 तक जाएगा शेयर, मैक्वेरी ने सीईओ को लेकर जताई दो संभावनाएं

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आज काफी सुस्ती है। टूटकर यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था, जिससे यह रिकवर होकर हल्का ग्रीन हुआ। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के रुझानों के हिसाब से इसकी सुस्ती खरीदारी के मौके के तौर पर देख सकते हैं। ब्रोकरेज फर्म ने इसे फिर आउटपरफॉर्म रेटिंग ऐसे समय में दी है, जब बैंक के अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और मैक्वेरी ने इसे लेकर दो संभावनाएं जाहिर की हैं। शेयरों की बात करें तो फिलहाल बीएसई पर यह 0.32% की बढ़त के साथ ₹714.30 पर है। इंट्रा-डे में यह 0.47% उछलकर ₹715.25 तक पहुंच गया था। इंट्रा-डे में यह 0.79% टूटकर ₹706.35 तक आ गया था। मैक्वेरी ने इसके शेयरों का टारगेट प्राइस ₹1,150 फिक्स किया है।

HDFC Bank के सीईओ को लेकर क्या है Macquarie का कैलकुलेशन

बैंक का अगला सीईओ कौन, इसे लेकर अनिश्चितता शेयरों पर दबाव बनाए हुए है। बैंक के वर्तमान सीईओ शशि जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूहर 2026 को समाप्त हो रहा है यानी बैंक के पास अगले सीईओ के नाम पर फैसला करने के लिए लगभग दो महीने ही बचे हैं। ब्रोकरेज फर्म के अनुसार इसके चलते ही शेयरों पर दबाव बना हुआ है।

अब मैक्वेरी के मुताबिक सबसे पहले बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी) कुछ कैंडिडेट्स के नाम पर विचार करेगी और एक नाम चुनेगी जिसे बोर्ड को भेजा जाएगा। राजीव कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद आरबीआई के पास इसे आखिरी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मैक्वेरी के मुताबिक बोर्ड से भेजे गए नाम पर आरबीआई ने हाल-फिलहाल में 30-45 दिनों का समय लिया है। ऐसे में मैक्वेरी ने दो संभावनाएं जताई हैं।

पहला विकल्प- 6 महीने का एक्सटेंशन: अगर शशि जगदीशन को सिर्फ छह महीने का विस्तार मिलता है, तो यह संकेत हो सकता है कि बैंक का बोर्ड किसी दूसरे व्यक्ति को अगला सीईओ बनाने पर विचार कर रहा है और नए कैंडिडेट की तलाश और आरबीआई की मंजूरी के लिए उसे अतिरिक्त समय चाहिए। मैक्वेरी के मुताबिक ऐसी स्थिति में अगले सीईओ को लेकर अनिश्चितता और लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नए सीईओ को बैंक की जिम्मेदारी संभालने और अपनी रणनीति लागू करने में समय लग सकता है यानी बैंक के शेयरों पर आगे भी दबाव बना रह सकता है।

दूसरा विकल्प- पूरे तीन साल का विस्तार: मैक्वेरी के मुताबिक दूसरी संभावना ये है कि शशि जगदीशन को पूरे तीन साल का नया कार्यकाल दे दिया जाए। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि ऐसा होने पर अगले सीईओ को लेकर तत्काल बनी अनिश्चितता खत्म हो जाएगी, जिससे मौजूदा लेवल्स के आसपास शेयरों को सपोर्ट मिल सकता है। मैक्वेरी के मुताबिक इसके बाद शेयरों की चाल मुख्य रूप से बैंक के फंडामेंटल्स में सुधार पर निर्भर करेगा।

कुछ दिनों पहले एक साल के निचले स्तर पर था शेयर

एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹1,020.35 पर था। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 30.77% टूटकर आज 28 अगस्त 2025 को एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹706.35 पर आ गया।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

HDFC Bank का शेयर कई साल के निचले स्तर पर, लेकिन लोन पर ट्रेडर्स का रिकॉर्ड निवेश

HDFC Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं। जून 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद इसके शेयरों की हालिया तेजी पूरी गायब हो चुकी है। हालांकि दूसरी तरफ इस शेयर में लेवरेज लेकर किए जा रहे निवेश लगातार बढ़ रहे हैं। 13 अगस्त 2026 एनएसई के मार्जिन ट्रे़डिंग फैसिलिटी (MTF) के आंकड़ों के अनुसार एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन ₹3,000 करोड़ के पार पहुंच गई थी। एमटीएफ बुक में इतनी बड़ी एक्सपोजर वाला यह एकमात्र शेयर बन गया है।

13 अगस्त को इस पर लेवरेज्ड बेट ₹3,212 करोड़ पर पहुंच गया जबकि 31 जुलाई 2026 को यह ₹2,360 करोड़ पर था यानी कि कुछ ही दिनों में इस पर दांव 36% बढ़ गया। जून के आखिरी में यह आंकड़ा ₹1,790 करोड़ था यानी जून के आखिरी से अगस्त के मध्य तक एचडीएफसी बैंक में लेवरेज्ड पोजीशन लगभग 80% बढ़ गई।

क्या है Margin Trading Facility (MTF)?

मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी एक ऐसा तरीका है जिसमें ट्रेडर्स कुल कीमत का एक छोटा हिस्सा देकर शेयरों की डिलीवरी ले सकते हैं। बाकी पैसे ब्रोकर लोन के तौर पर देता है और शेयरों को गिरवी रखकर रोजाना के आधार पर ब्याज वसूलता है। जब स्टॉक की कीमत बढ़ती है, तो कम निवेश लागत के कारण मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है, लेकिन स्टॉक की कीमत गिरने पर नुकसान भी कई गुना बढ़ जाता है और ब्याज का खर्च और भी दबाव डालता है। हालांकि अगर स्टॉक की कीमत तेजी से गिरती है और ट्रेडर अतिरिक्त फंड नहीं डाल पाता है, तो ब्रोकर को स्टॉक बेचने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

कैसी है एचडीएफसी बैंक के शेयरों की स्थिति

एचडीएफसी बैंक के शेयरों के लिए यह साल 2026 शेयरों की तेजी को लेकर अब तक के सबसे खराब वर्षों में से एक रहा है। इस साल इसमें अब तक 25% की गिरावट आ चुकी है। पिछले कम से कम 10 वर्षों से लगातार इस स्टॉक ने सालाना पॉजिटिव रिटर्न दिया है। अभी इसके शेयरों पर जून तिमाही के कमजोर नतीजों ने दबाव बनाया है। जून तिमाही में बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे पिछले साल से चली आ रही लोन और डिपॉजिट में मजबूत बढ़ोतरी का असर खत्म हो गया। हालांकि एसेट क्वालिटी अपनी कैटेगरी में सबसे अच्छी बनी रही।

एचडीएफसी बैंक का परफॉरमेंस इतना खराब रहा है कि मार्केट कैप के मामले में आईसीआईसीआई बैंक ने तेजी से उसकी बराबरी कर ली है। जहां एक तरफ एचडीएफसी बैंक के शेयर कई वर्षों के निचले स्तर पर हैं, तो आईसीआईसीआई बैंक के शेयर रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब हैं। मार्केट कैप के मामले में दोनों के बीच का अंतर अब दस साल में सबसे कम है। एचडीएफसी बैंक फिलहाल बीएसई पर 0.28% की गिरावट के साथ ₹725.30 पर है तो आईसीआईसीआई बैंक 0.05% की बढ़त के साथ ₹1418.65 पर। एचडीएफसी बैंक का एक साल का हाई ₹1020.35 और आईसीआईसीआई बैंक का 1,479.90 है।

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10 दिनों में हो जाएगा HDFC Bank के नए चेयरमैन का ऐलान! ये है प्रोसेस

HDFC Bank New Chairman: प्राइवेट सेक्टर का दिग्गज लेंडर एचडीएफसी बैंक अगले 7-10 दिनों में नए चेयरमैन की नियुक्ति कर लेगा। सीएनबीसी-टीवी18 को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। बैंक की NRC (नॉमिनेशन एंड रिम्यूनेरेशन) कमेटी चेयरमैन पद के लिए प्राथमिकता क्रम में तीन नाम बोर्ड को भेजेगी और अंतिम फैसला बैंक के बोर्ड का होगा। सूत्रों के मुताबिक बैंक फिलहाल पांच कैंडिडेट्स के नाम पर विचार कर रहा है- आरबीआई के हाल ही में रिटायर्ड डिप्टी गवर्नर, एक पीएसयू बैंक के सीनियर अधिकारी, एक पूर्व ब्यूरोक्रेट, एक एमएनसी के पूर्व इंडिया हेड और एक टेक सेक्टर के अनुभवी शख्स। सूत्रों के मुताबिक NRC अभी इनसे अनौपचारिक तौर पर मुलाकात कर रही है। इसके बाद तीन नामों की सूची तैयार कर बोर्ड को भेजी जाएगी।

अभी कौन है HDFC Bank का चेयरमैन?

बैंक के बोर्ड के प्रमुख अभी एक अंतरिम चेयरमैन हैं- फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुभवी केकी मिस्त्री। पिछले हफ्ते ही उनका कार्यकाल बढ़ाया गया और अब वह अगले तीन महीनों के लिए यानी 18 सितंबर, 2026 तक या रेगुलर पार्ट-टाइम चेयरमैन की नियुक्ति होने, जो भी पहले हो, तक इस पद पर रहेंगे। बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक मूल्यों और एथिक्स का हवाला देते हुए 19 मई 2026 को तत्काल प्रभाव से पार्ट-टाइम चेयरमेन के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद आरबीआई ने एचडीएफसी बैंक विलय के पहले एचडीएफसी के आखिरी सीईओ केकी मिस्त्री को अंतरिम तौर पर यह जिम्मेदारी सौंपी थी।

मौजूदा CEO को बढ़ सकता है कार्यकाल

एचडीएफसी बैंक के मौजूदा सीईओ शशिधर जगदीशन का भी कार्यकाल अक्टूबर 2026 में समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक शशिधर को दोबारा सीईओ बनाया जा सकता है और इस बारे में ऐलान जुलाई के पहले दो हफ्तों में हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक लॉ फर्मों ने पहले ही क्लीन चिट दे दी है। अब बोर्ड को सीईओ की फिर से नियुक्ति के लिए नए चेयरमैन को शामिल करेगा। आरबीआई के नियमों के मुताबिक बैंक को मौजूदा सीईओ का कार्यकाल खत्म होने से कम से कम 6 महीने पहले या तो मौजूदा सीईओ को दोबारा नियुक्त करना होता है या फिर नया सीईओ नियुक्त करना होता है। मौजूदा हालात के मुताबिक शशिधर जगदीशन का कार्यकाल चार महीने से भी कम समय में 26 अक्टूबर 2026 को खत्म हो रहा है।

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HDFC Bank और ICICI Bank के Q1 नतीजे एक ही दिन होंगे जारी, जुलाई में इस तारीख को है बोर्ड मीटिंग

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए कंपनियों के नतीजों का सीजन जुलाई से शुरू होने वाला है। प्राइवेट सेक्टर के HDFC Bank और ICICI Bank की बात करें तो दोनों के अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे एक ही दिन जारी होने वाले हैं। दोनों बैंकों के बोर्ड की मीटिंग 18 जुलाई, 2026 को होगी। इस बारे में शेयर बाजारों को सूचना दे दी गई है।

HDFC Bank का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 9 प्रतिशत बढ़कर 19221.05 करोड़ रुपये रहा। कुल इनकम लगभग फ्लैट रहकर 89808.90 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज आय 3.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 33,281.5 करोड़ रुपये हो गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 में बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 370054.65 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 74671.29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह ICICI Bank का मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर लगभग 8.5 प्रतिशत बढ़कर 13701.68 करोड़ रुपये हो गया। कुल इनकम एक साल पहले से लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 50584.38 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज आय 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 22,979.2 करोड़ रुपये रही। शुद्ध ब्याज मार्जिन 4.32 प्रतिशत रहा। वित्त वर्ष 2026 के दौरान बैंक की कुल स्टैंडअलोन इनकम 200,703.68 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 50146.64 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

दोनों बेंकों की एसेट क्वालिटी अभी कैसी

मार्च 2026 तिमाही में HDFC Bank का ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो 1.15 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.33 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.38 प्रतिशत रहा। मार्च 2025 तिमाही में यह 0.43 प्रतिशत था। मार्च 2026 तिमाही में ICICI Bank की एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA रेशियो 1.40 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.67 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.33 प्रतिशत पर आ गया। मार्च 2025 तिमाही में यह 0.39 प्रतिशत था।

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HDFC Bank और ICICI Bank के शेयर की चाल

ICICI Bank के शेयर की कीमत अभी BSE पर 1387.90 रुपये है। शेयर 3 महीनों में 10 प्रतिशत चढ़ा है। बैंक का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के करीब है। HDFC Bank की बात करें तो शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 796.05 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 12.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में 20 प्रतिशत नीचे आया है। ये दोनों बैंक सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में शामिल हैं। मोस्ट वैल्यूड फर्म्स में HDFC Bank का नंबर दूसरा, जबकि ICICI Bank का चौथा है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।