GIFT Nifty दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत, क्या HDFC बैंक और IT आज संभालेंगे बाजार की कमान

Gift Nifty Indicator: 5 अक्टूबर को भारतीय बाजार में गैप-अप ओपनिंग की संभावना है, क्योंकि GIFT Nifty 140 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा है। इसे US में सख्त मॉनेटरी पॉलिसी (monetary tightening) को लेकर कम होती चिंताओं और तेल की कीमतों में गिरावट से सहारा मिल रहा है।

5 अक्टूबर को सुबह 7:47 बजे, GIFT Nifty 143 अंक ऊपर 22,633.5 पर ट्रेड कर रहा था। पिछले हफ्ते Nifty 50 और Sensex दोनों में लगातार आठवीं बार साप्ताहिक गिरावट देखी गई। इस गिरावट के पीछे विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेज़ बढ़ोतरी जैसे कारण थे, जिन्होंने रिस्क लेने की क्षमता को कम कर दिया।

संभावित गैप-अप ओपनिंग के पीछे ये चार मुख्य कारण हैं

1) कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

सोमवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई। मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल के बढ़ते एक्सपोर्ट और G7 देशों द्वारा तेल स्टॉक जारी करने से सप्लाई बढ़ रही है, जबकि ईरान युद्ध के बीच खाड़ी क्षेत्र में तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को और नुकसान की चिंताएं बनी हुई हैं।

0115 GMT तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 35 सेंट या 0.34% गिरकर $101.90 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $90.49 प्रति बैरल पर था, जिसमें 62 सेंट या 0.68% की गिरावट आई।

पिछले हफ्ते ब्रेंट ने अपनी ज़्यादातर बढ़त गंवा दी थी, जबकि WTI 1.6% नीचे था। यह गिरावट तब आई जब शुक्रवार को G7 देशों ने इमरजेंसी रिज़र्व से 100 मिलियन बैरल डीज़ल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जताई और US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद एनर्जी एक्सपोर्ट पर पाबंदियां न लगाने का वादा किया।

2) Accenture के Q4 नतीजे

1 अक्टूबर को Accenture के शेयरों में 22% की ज़बरदस्त उछाल आई, जो उनके लिए अब तक का सबसे अच्छा दिन साबित हुआ। कंपनी ने उम्मीद से बेहतर सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया, जिससे IT कंसल्टिंग बिज़नेस की मज़बूती का पता चला। इस बिज़नेस पर AI-आधारित बदलावों (disruption) की चिंताओं का असर पड़ा था।

इस आउटलुक से पता चला कि ग्लोबल कंसल्टिंग कंपनियाँ उन कंपनियों की मज़बूत मांग का फायदा उठा रही हैं जो जटिल कामों को ऑटोमेट करने और AI को अपनाने में मदद के लिए बाहरी टेक्नोलॉजी पार्टनर की तलाश कर रही हैं। इससे इस सेक्टर की दूसरी कंपनियों के शेयरों में भी तेज़ी आई। कॉग्निजेंट के शेयरों में लगभग 8% और IBM में लगभग 3% की बढ़त हुई। भारतीय प्रतिद्वंद्वियों विप्रो और इंफोसिस के ADRs में भी 6% से 7% के बीच बढ़त देखी गई।

3) ग्लोबल स्तर पर सकारात्मक संकेत

सोमवार को एशिया में शेयरों की शुरुआत मजबूत रही, जबकि डॉलर में थोड़ी गिरावट आई और बॉन्ड की कीमतें स्थिर रहीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उम्मीद से कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक पॉलिसी टाइटनिंग साइकिल (ब्याज दरें बढ़ाने की प्रक्रिया) पर अपनी उम्मीदें कम कर दीं।

चीन, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स में छुट्टियों के कारण एशिया में ट्रेडिंग कम रही, जिससे बाजारों को शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट की चालों से संकेत लेने पड़े।

पिछले हफ्ते के डेटा से पता चला कि सितंबर में अमेरिका में जॉब ग्रोथ उम्मीद से ज्यादा धीमी रही और पिछले दो महीनों के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़ों में भारी कटौती की गई, जिससे इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग खत्म हो गई।

CME फेडवॉच टूल के अनुसार, निवेशक अब इस महीने फेड द्वारा दरें बढ़ाने की संभावना केवल 22% मान रहे हैं, जबकि एक हफ्ते पहले यह संभावना 64% थी।

इस महीने फेड द्वारा दरें न बढ़ाने (पॉज़) की बढ़ती संभावना से जापान के निक्केई में सत्र की शुरुआत में 2% की बढ़त हुई, जबकि ऑस्ट्रेलियाई शेयरों में 0.5% की बढ़ोतरी हुई और जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों के MSCI के सबसे बड़े इंडेक्स में 0.15% की बढ़त दर्ज की गई।

4) HDFC बैंक को नया CEO मिला

देश के सबसे बड़े प्राइवेट लेंडर HDFC बैंक ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने अनूप बागची को तीन साल के लिए अपना अगला चीफ एग्जीक्यूटिव (CEO) नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कोई बाहरी व्यक्ति इस संस्थान का नेतृत्व करेगा।

55 वर्षीय बागची, शशिधर जगदीशन की जगह लेंगे। जगदीशन ने अगस्त में फैसला किया था कि 26 अक्टूबर को उनका दूसरा तीन साल का कार्यकाल खत्म होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे, जिससे उत्तराधिकार की एक अनियोजित और तेज प्रक्रिया शुरू हो गई।

वे ऐसे समय में कार्यभार संभाल रहे हैं जब मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से देश का सबसे बड़ा प्राइवेट सेक्टर बैंक गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं और धीमी परफॉर्मेंस से जूझ रहा है।

नए CEO की घोषणा के बाद HDFC बैंक के ADR शेयरों में लगभग 5% की बढ़त हुई।

टेक्निकल आउटलुक

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी ने कहा “निफ्टी के लगभग 115 अंक ऊपर, यानी 22,535 के आसपास खुलने की उम्मीद है, जो एक मजबूत गैप-अप शुरुआत का संकेत है। हाल की कमजोरी और इंडेक्स के अहम 22,500 ज़ोन के आसपास बंद होने के बाद, यह रिकवरी उत्साहजनक है, लेकिन बढ़त को बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

“तत्काल सपोर्ट 22,450–22,500 के आसपास है, जबकि 22,750–22,850 पहला रेजिस्टेंस ज़ोन होगा। अगर निफ्टी 22,850 के ऊपर बना रहता है, तो रिकवरी 23,000 की ओर बढ़ सकती है। हालांकि, मैं शुरुआती चाल के पीछे भागने से बचूंगा और इसके बजाय गिरावट पर खरीदारी के मौके तलाशूंगा, बशर्ते इंडेक्स अहम सपोर्ट ज़ोन को बनाए रखे। व्यापक ट्रेंड सतर्कता वाला बना हुआ है, और निकट अवधि के सेटअप में सार्थक सुधार के लिए 23,050 के ऊपर लगातार बने रहना जरूरी होगा। तब तक, उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में अचानक बड़े बदलावों से इनकार नहीं किया जा सकता है।”

 

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत 

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ओमानी को-पायलट ने प्लेन क्रैश की साजिश अकेले रची थी:रिपोर्ट में दावा, विमान को बिल्डिंग से टकराने वाला था, इंजन बंद करने का भी शक

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अकेले ही विमान को क्रैश करने की साजिश रच रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की जानकारी नहीं मिली है। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट का प्लान कैप्टन स्मित को मारकर विमान को तेल अवीव में किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराना था। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब उसका पहला प्लान नाकाम होने लगा तो उसने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। इस दौरान उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे आने लगा। जांचकर्ताओं को शक है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की थी। हमले के बाद कॉकपिट में पहुंचे यात्री रिपोर्ट के मुताबिक, हमामी ने नजाम के दौरान इमरजेंसी के लिए रखे क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी निकाली और पीछे से कैप्टन स्मित पर वार करना शुरू कर दिया। शुरुआत में स्मित को लगा कि विमान का कोई हिस्सा उनके सिर से टकराया है, लेकिन लगातार वार होने पर उन्हें समझ आया कि उन पर हमला हो रहा है। हमले में कैप्टन स्मित के सिर पर गंभीर चोट लगी और उनके हाथ पर भी गहरी चोट आई। काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन को-पायलट ने दरवाजा बंद किया। फिर स्मित ने उससे मुकाबला करते हुए दोबारा दरवाजा खोला। कॉकपिट से आवाजें सुनकर ताली बर्कोविच नाम की एक महिला ने लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई यात्री और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने कैप्टन को गंभीर हालत में पाया और को-पायलट को काबू करने की कोशिश की। विमान की रफ्तार 970 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान तेजी से जमीन की ओर गिर रहा था। उसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी। इस दौरान विमान का पिछला रडर क्षतिग्रस्त हो गया और को-पायलट ने कंट्रोल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसी दौरान पेशे से प्लंबर यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची, जिससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34 हजार फीट से 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था। बाद में यात्रियों और क्रू की मदद से विमान का कंट्रोल संभाला गया। सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने विमान को वापस मोड़ने को कहा। इसके बाद फ्लाइट को ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए गए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हमामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया। इमरजेंसी लाइट जलने से इंजन की जांच घटना के कुछ वीडियो में विमान की इमरजेंसी लाइट्स जलती दिखाई दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे विमान की मुख्य बिजली सप्लाई बंद होने की आशंका जताई गई। ऐसे में विमान बैटरी पावर पर आ सकता है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या को-पायलट ने इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर किया था। बाद में दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में इंजन दोबारा शुरू करने की स्थिति बनी हुई थी। कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच यूएई, इजराइल और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यूएई ने कहा है कि जांच में को-पायलट के आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश करने की बात सामने आई है। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी संगठन या सरकार से उसके संबंध का पता नहीं चला है। ऑस्ट्रेलिया और ओमान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, हमामी को उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस भी उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमामी 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसे 2014 में स्टूडेंट वीजा मिला था, जिसे 2019 में रद्द कर दिया गया। ABC के मुताबिक, वीजा चरित्र संबंधी वजहों से नहीं, बल्कि कोर्स में दाखिला खत्म होने के कारण रद्द हुआ था। —————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद घायल कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे विमान में मौजूद दो अन्य पायलट अंदर पहुंचे और कंट्रोल संभाला। ये दोनों पायलट तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट के लिए पहले से विमान में सवार थे। कंट्रोल संभालने के बाद भी उन्होंने करीब 45 मिनट तक यात्रियों से बात नहीं की, जिससे कुछ यात्रियों को विमान के हाईजैक होकर ईरान ले जाए जाने का डर लगा। पूरी खबर पढ़ें…

ओमानी को-पायलट ने प्लेन क्रैश की साजिश अकेले रची थी:रिपोर्ट में दावा, विमान को बिल्डिंग से टकराने वाला था, इंजन बंद करने का भी शक

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अकेले ही विमान को क्रैश करने की साजिश रच रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की जानकारी नहीं मिली है। इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट का प्लान कैप्टन स्मित को मारकर विमान को तेल अवीव में किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराना था। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब उसका पहला प्लान नाकाम होने लगा तो उसने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। इस दौरान उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे आने लगा। जांचकर्ताओं को शक है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की थी। हमले के बाद कॉकपिट में पहुंचे यात्री रिपोर्ट के मुताबिक, हमामी ने नजाम के दौरान इमरजेंसी के लिए रखे क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी निकाली और पीछे से कैप्टन स्मित पर वार करना शुरू कर दिया। शुरुआत में स्मित को लगा कि विमान का कोई हिस्सा उनके सिर से टकराया है, लेकिन लगातार वार होने पर उन्हें समझ आया कि उन पर हमला हो रहा है। हमले में कैप्टन स्मित के सिर पर गंभीर चोट लगी और उनके हाथ पर भी गहरी चोट आई। काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन को-पायलट ने दरवाजा बंद किया। फिर स्मित ने उससे मुकाबला करते हुए दोबारा दरवाजा खोला। कॉकपिट से आवाजें सुनकर ताली बर्कोविच नाम की एक महिला ने लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई यात्री और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने कैप्टन को गंभीर हालत में पाया और को-पायलट को काबू करने की कोशिश की। विमान की रफ्तार 970 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पहुंची रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान तेजी से जमीन की ओर गिर रहा था। उसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी। इस दौरान विमान का पिछला रडर क्षतिग्रस्त हो गया और को-पायलट ने कंट्रोल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसी दौरान पेशे से प्लंबर यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची, जिससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34 हजार फीट से 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था। बाद में यात्रियों और क्रू की मदद से विमान का कंट्रोल संभाला गया। सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने विमान को वापस मोड़ने को कहा। इसके बाद फ्लाइट को ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए गए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हमामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया। इमरजेंसी लाइट जलने से इंजन की जांच घटना के कुछ वीडियो में विमान की इमरजेंसी लाइट्स जलती दिखाई दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे विमान की मुख्य बिजली सप्लाई बंद होने की आशंका जताई गई। ऐसे में विमान बैटरी पावर पर आ सकता है। जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या को-पायलट ने इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर किया था। बाद में दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में इंजन दोबारा शुरू करने की स्थिति बनी हुई थी। कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच यूएई, इजराइल और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यूएई ने कहा है कि जांच में को-पायलट के आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश करने की बात सामने आई है। इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी संगठन या सरकार से उसके संबंध का पता नहीं चला है। ऑस्ट्रेलिया और ओमान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, हमामी को उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस भी उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमामी 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसे 2014 में स्टूडेंट वीजा मिला था, जिसे 2019 में रद्द कर दिया गया। ABC के मुताबिक, वीजा चरित्र संबंधी वजहों से नहीं, बल्कि कोर्स में दाखिला खत्म होने के कारण रद्द हुआ था। —————————– यह खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद घायल कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे विमान में मौजूद दो अन्य पायलट अंदर पहुंचे और कंट्रोल संभाला। ये दोनों पायलट तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट के लिए पहले से विमान में सवार थे। कंट्रोल संभालने के बाद भी उन्होंने करीब 45 मिनट तक यात्रियों से बात नहीं की, जिससे कुछ यात्रियों को विमान के हाईजैक होकर ईरान ले जाए जाने का डर लगा। पूरी खबर पढ़ें…

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : अक्टूबर सीरीज की कमजोर शुरूआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 4 अंक ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि ग्लोबल संकेत ठीक-ठाक हैं। एशियाई बाजार मजबूत दिख रहे हैं। निक्केई और कोस्पी 1-1% ऊपर हैं। 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बावजूद अमेरिकी बाजारों में निचले स्तरों से रिकवरी दिखी। डाओ फ्यूचर्स भी 125 प्वाइंट ऊपर दिख रहा है। कच्चे तेल में नरमी आई है। कच्चे तेल में नरमी के बावजूद 30 साल की US ट्रेजरी यील्ड कई दशकों के ऊपरी स्तरों पर पहुंचने से टेंशन है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर है।

यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

उतार-चढ़ाव भरे सेशन में 29 सितंबर को भारतीय शेयर बाज़ार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। F&O एक्सपायरी के बीच निफ्टी 22,700 के आसपास बंद हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

GIFT निफ्टी सपाट कारोबार कर रहा है। यह 22,830 के आसपास नजर आ रहा है। ये भारतीय बाजारों के लिए सुस्त शुरुआत के संकेत हैं।

एशियाई बाजार

एशियाई शेयरों में तीन सेशन में पहली बार बढ़त देखने को मिल रही है। US सेमीकंडक्टर शेयरों के अहम इंडेक्स में बढ़त के बाद टेक्नोलॉजी कंपनियों की अगुवाई में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% ऊपर चढ़ा है। US इक्विटी इंडेक्स फ्यूचर्स में भी थोड़ी बढ़त हुई है। निक्केई में 1.20 फीसदी की तेजी है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स 0.05 फीसदी की हल्की कमजोरी है। हैंग सेंग में भी 0.42 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। ताइवान का बाजार 1.45 फीसदी और कोस्पी 0.08 फीसदी बढ़त दिखा रहा है। शांघाई कंपोजिट में भी 0.24 फीसदी की तेजी है।

अमेरिकी बाजार

मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाज़ार में मामूली गिरावट के साथ कारोबार बंद हुआ। महंगाई और लेबर मार्केट के आंकड़ों से पहले सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जारी रही, जबकि निवेशकों ने ब्याज दरों की दिशा को लेकर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की टिप्पणियों पर फोकस बनाए रखा। डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 131.59 अंक या 0.26% गिरकर 51,349.92 पर आ गया। S&P 500 में 12.85 अंक या 0.17% की गिरावट आई और यह 7,670.84 पर बंद हुआ। जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 22.84 अंक या 0.08% गिरकर 26,797.54 पर आ गया।

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार दिख रहा है। दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज़्यादा 0.43% की गिरावट आई है,जबकि इंडोनेशियाई रुपिया और फिलीपीन पेसो में 0.02% की गिरावट दर्ज की गई है। सिंगापुर डॉलर में 0.01% की मामूली गिरावट आई है।

वहीं दूसरी ओर जापानी येन में 0.16% की मज़बूती आई है,इसके बाद ताइवान डॉलर में 0.11%, मलेशियाई रिंगित में 0.07% और चीनी रेनमिनबी में 0.06% की बढ़त हुई है। थाई बाहत में 0.02% की मामूली बढ़त देखी गई है।

क्रूड कीमतों में नरमी, ब्रेंट $102 के पास, 7 हफ्ते के निचले स्तर पर गोल्ड

पश्चिम एशिया से सप्लाई सुधरने से क्रूड में नरमी आई है। ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर के पास दिख रहा है। होर्मुज के रास्ते तेल शिपमेंट PRE-WAR लेवल के करीब है। रिकवरी के बावजूद सोना 7 हफ्ते के निचले स्तर पर है। कॉमेक्स गोल्ड 4200 डॉलर के ऊपर है। डॉलर इंडेक्स भी 101 के ऊपर दिख रहा है।

ट्रंप ने कहा बहुत जल्द खत्म होगा ईरान से युद्ध, जॉन विलियम्स ने कहा दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं

बाजारों के लिए 2 पॉजिटिव बयान आए हैं। ट्रंप ने कहा है कि ईरान से युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा। इधर FOMC के रेट तय करने वाली कमिटी के वाइस चेयरमैन जॉन विलियम्स का बड़ा बयान आया है। इसमें कहा गया है कि सितंबर के बाद दरें बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं है। इस बयान के बाद अक्टूबर में 25 bps रेट हाइक की संभावना 70% से घटकर 50% हो गई है।

आज से निफ्टी में बदलाव लागू

आज से निफ्टी में बदलाव लागू होगा। निफ्टी 50 में विप्रो की जगह BSE शामिल होगा। वहीं Nifty Next 50 में विप्रो,हिताची एनर्जी पॉलीकैप, Vedanta Aluminium, Vodafone Idea जैसे शेयर जुड़ेंगे।

Avalon Tech और Gland Pharma में बड़े सौदे संभव

आज दो बड़ी ब्लॉक डील्स पर बाजार की नजर रहेगी। Avalon Tech में 862 करोड़ रुपए के ब्लॉक संभव है। प्रोमोटर 6 परसेंट हिस्सा बेच सकते हैं। Indicative प्राइस 2150 से 2302 रुपए प्रति शेयर के बीच है। वहीं, Gland Pharma में 450 करोड़ रुपए के बड़े सौदों की संभावना है। फ्लोर प्राइस 2990 रुपए प्रति शेयर है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

29 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार चौथे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और लगभग ₹10,000 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को सहारा देना जारी रखा और इस सत्र के दौरान लगभग ₹7,000 करोड़ के शेयर खरीदे।

 

 

Market cues : बाजार का टेक्निकल स्ट्रक्चर सभी पैमानों पर कमजोर, 22570 के नीचे जाने पर निफ्टी में बढ़ेगी गिरावट

Trading Ideas: कल की भारी गिरावट के बाद आज फिर बिकवाली का तूफान, जानिए कमजोर बाजार में भी कहां हो सकती है कमाई

Stock Market Crash : कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच,भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सभी सेक्टर में बिकवाली के कारण निफ्टी 22600 के करीब आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 506 अंक या 0.70 प्रतिशत गिरकर 72,265 के आसपास और निफ्टी 146 अंक यानी 0.64 प्रतिशत गिरकर 22,634 के आसपास कारोबार कर रहा है। निफ्टी 5 महीने के निचले लेवल पर पहुंच गया है। बैंक निफ्टी ने 54000 का लेवल तोड़ दिया है। मिडकैप-स्मॉलकैप में भी प्रेशर है। महाराष्ट्र में सूखे के बाद दरें बढ़ने की आशंका के साथ-साथ US ट्रेजरी यील्ड और कच्चे तेल में उछाल ने सेंटिमेंट खराब किए हैं। इंडिया VIX 200 DEMA के ऊपर है।

अमेरिका में टैरिफ राहत से फार्मा में जोश है। डॉ रेड्डीज करीब 2 परसेंट मजबूत हुआ है। वहीं सिप्ला भी चढ़ा है। दोनों निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल हैं। भारत समेत 20 देशों के लिए स्पेसियलिटी ट्रग्स, इंग्रीडिएंट्स और ड्रग कंपोनेंट पर अब जीरो टैरिफ लगेगा। फार्मा और हेल्थ केयर को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में हैं। बैंक और फाइनेंस शेयरों में भारी गिरावट आई है। IT,एनर्जी और FMCG में भी बिकवाली है।

दिग्गज रिलायंस 52 हफ्तों के निचले लेवल पर पहुंच गया है। HDFC बैंक भी 52 वीक LOW के करीब है। इसके अलावा HUL, TATA कंज्यूमर, जियो फाइनेंस, टाटा मोटर्स PV में भी कमजोरी गहराई है।

ऐसे में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के भाव $106 से ऊपर और US 10-साल के बॉन्ड यील्ड के 5.23% पर होने के कारण ग्लोबल मैक्रो हालात इक्विटी मार्केट के लिए अभी भी अच्छे नहीं हैं। US में उभरते मैक्रो हालात तेज ग्रोथ और बढ़ती महंगाई की ओर इशारा कर रहे हैं। AI पर भारी खर्च से ग्रोथ बढ़ रही है और उम्मीद से बेहतर ग्रोथ के कारण महंगाई भी ऊंची बनी रहेगी,जिससे फेड को एक और बार ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। इसके चलते US बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रहे हैं।

चूंकि क्रूड की बढ़ी हुई कीमतें ग्राहकों पर नहीं डाली गई हैं,इसलिए FY27 में भारत पर फिस्कल दबाव बढ़ेगा। इसलिए,अगर क्रूड की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं,तो फिस्कल दबाव का असर FY27 में भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स ग्रोथ पर पड़ सकता है। यह चिंता भी मार्केट पर असर डाल रही है।

लार्ज-कैप ग्रोथ स्टॉक्स के आकर्षक वैल्यूएशन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खरीदारी के मौके दे रहे हैं

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि ग्लोबल बाजार में सावधानी का माहौल है। वॉल स्ट्रीट में कमज़ोर कारोबार के बाद एशियाई बाज़ार भी ज़्यादातर सुस्त हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US बॉन्ड यील्ड बाजार के मूड पर दबाव बना रहे हैं। निवेशक इस हफ्ते आने वाले आर्थिक डेटा और कॉर्पोरेट गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

आज के लिए इंडेक्स में ट्रेडिंग रणनीति

निफ्टी पर रणनीति

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 22941-23022 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 23117-23178-23267 पर है। इसके लिए पहला बेस 22698-22731 पर और बड़ा बेस 22610-22666 पर है। ग्लोबल हैंडओवर कमजोर है,कच्चा तेल और बॉन्ड यील्ड अभी ऊंचे स्तरों पर हैं। FIIs की कैश में जोरदार बिकवाली जारी है, नेट शॉर्ट 3.2 लाख पर हैं। आज एक्सपायरी के दिन FII का नेट शॉर्ट सबसे ऊंचे स्तर पर है। रेजिस्टेंस-1 के नीचे उछाल पर बिकवाली की रणनीति की सलाह होगी। रेजिस्टेंस-1 पार कर टिकने पर रेजिस्टेंस-2 तक तेजी की गुंजाइश है। एक्सपायरी को देखते उछाल पर बिकवाली में शुरुआती लक्ष्य बेस-1 होगा बेस-1 पर शॉर्ट को चेक करें,अगर पुट राइटर्स दिखें तो मुनाफा बांधे। अगर बेस-1 टिका तो एक्सपायरी 22750-22850 के बीच रह सकती है।

बैंक निफ्टी पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 54789-55040 पर और बड़ा रेजिस्टेंस 55289-55517 पर है। इसके लिए पहला बेस 54010-54188 पर और बड़ा बेस 53710-53881 पर है। कल बैंक निफ्टी में जोरदार गिरावट रही। अब 54000 पर पुट राइटर्स हावी हैं। 54800-55000 जोन में कॉल सेलर एक्टिव हैं। रेजिस्टेंस-1 के नीचे बिकवाली और उछाल में बिकवाली की रणनीति होगी। बेस-1 अहम है,अगर टिका तो पिछले क्लोज की ओर हल्का पुलबैक संभव है। सिर्फ 55040 के ऊपर ही शॉर्ट कवरिंग की उम्मीद है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं Finberg Management की मधु बंसल। इनकी SPLPETRO में 865 रुपए के आसपास, 852 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 957 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,Supriya Lifescience में इनकी 984 रुपए के आसपास, 959 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ 1078 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

बाजार पर मैक्रो का ट्रिपल अटैक!क्या बचेगा निफ्टी का 52-हफ्ते का निचला स्तर? जानें गिफ्ट निफ्टी से क्या दे रहा संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के सपाट या सतर्क रुख के साथ खुलने की संभावना है। पिछले सेशन में हुई भारी बिकवाली के बाद GIFT निफ्टी में बहुत कम हलचल दिख रही है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, FII की लगातार बिकवाली, जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं और कमजोर ग्लोबल इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पर असर पड़ रहा है।

सुबह 7:45 बजे GIFT निफ्टी 5 अंक या 0.02 फीसदी गिरकर 22,819 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी मार्केट में भारी गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर आ गया, जबकि निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ।

भारतीय इक्विटी मार्केट के लिए बाहरी माहौल चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमत $106 प्रति बैरल से ऊपर चली गई क्योंकि US-ईरान शांति प्रयासों में जल्द किसी समाधान की उम्मीद कम हो गई है। वहीं, एशियाई इक्विटी मार्केट में गिरावट आई और US स्टॉक-इंडेक्स फ्यूचर्स भी नीचे ट्रेड कर रहे थे। वॉल स्ट्रीट भी रात भर भारी गिरावट के साथ बंद हुआ क्योंकि तेल की ऊंची कीमतों और ट्रेजरी यील्ड ने महंगाई और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर की चाल को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं।

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली एक बड़ी बाधा बनी रही। FII लगातार तीसरे सेशन में नेट सेलर रहे और 28 सितंबर को 5,300 करोड़ रुपये से अधिक की इक्विटी बेची। DII ने इस आउटफ्लो को संतुलित करते हुए लगभग 5,189 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी।

तेल और बॉन्ड यील्ड के दबाव से एशियाई बाजारों में गिरावट

मंगलवार को एशियाई इक्विटी मार्केट में गिरावट देखी गई क्योंकि तेल की बढ़ती कीमतों और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती उम्मीदों ने ट्रेजरी यील्ड को कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा दिया। MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.5 प्रतिशत गिर गया, जिसमें जापानी और दक्षिण कोरियाई शेयरों में गिरावट देखी गई। हांगकांग का हैंग सेंग 0.4 प्रतिशत गिर गया, जबकि शंघाई कंपोजिट में बहुत कम बदलाव हुआ। ऑस्ट्रेलियाई इक्विटी मार्केट भी मोटे तौर पर सपाट रहा। US इक्विटी फ्यूचर्स में सुस्ती रही; Nasdaq 100 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत और S&P 500 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत नीचे रहे।

ब्रेंट क्रूड $106 के पार पहुंचा

मंगलवार को लगातार दूसरे सेशन में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। मिडिल ईस्ट में सप्लाई में रुकावट की चिंताएं, उस क्षेत्र से क्रूड एक्सपोर्ट में सुधार के संकेतों पर भारी पड़ीं। ब्रेंट क्रूड 1.6 प्रतिशत बढ़कर $106.93 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.3 प्रतिशत बढ़कर $93.80 पर पहुंच गया।

US-ईरान विवाद में जल्द ही किसी डिप्लोमैटिक समाधान की उम्मीद कम हो गई है। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के ज़रिए सप्लाई में संभावित रुकावट की चिंताएं बनी हुई हैं।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च VP सचिन गुप्ता ने कहा, “तुरंत सपोर्ट 72,300–72,500 पर है, जबकि 72,900–73,000 मुख्य रेजिस्टेंस ज़ोन के तौर पर काम कर सकता है। ब्रॉडर ट्रेडिंग रेंज 72,300–73,000 है, और कुल मिलाकर रुख साइडवेज से लेकर मंदी (बेयरिश) वाला है। शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में कुछ स्थिरता लाने के लिए 73,000 के ऊपर लगातार रिकवरी की ज़रूरत होगी। कुल मिलाकर, इंडेक्स साइडवेज से लेकर मंदी वाला बना हुआ है, और जब तक मज़बूत रिबाउंड नहीं दिखता, ट्रेडर्स को सावधान रहना चाहिए। 72,900–73,000 के ऊपर लगातार बढ़त कुछ राहत दे सकती है, जबकि 72,300 के नीचे जाने पर गिरावट का दौर और बढ़ सकता है।”

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “भारतीय इक्विटी मार्केट पर दबाव बने रहने की उम्मीद है क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और U.S.-ईरान संघर्ष को लेकर लगातार अनिश्चितता मार्केट के सेंटीमेंट पर असर डाल रही है। U.S. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि U.S. इस संघर्ष में ‘बहुत जल्द’ जीत हासिल करेगा, जबकि अधिकारी संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थों से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, बातचीत को लेकर काफी अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़रिए संभावित सप्लाई में रुकावट की चिंताएं बनी हुई हैं।”

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए कमजोर संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी बिल्कुल फ्लैट नजर आ रहा है। एशियाई बाजारों में दबाव दिख रहा है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड 5.25% तक उछलने से अमेरिकी बाजार के सेंटिमेंट भी बिगड़े हैं। इधर कच्चा तेल भी 105 डॉलर के ऊपर कायम है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।

मार्केट ओवरव्यू

कल भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की। भारी बिकवाली के बीच निफ्टी इंट्राडे में 22,800 के नीचे फिसल गया,जिससे लगातार सातवें हफ्ते भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा।

जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी,बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। निफ्टी छह महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। कमजोर ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बॉन्ड यील्ड,FII की लगातार बिकवाली और US-Iran शांति वार्ता में गतिरोध के बाद बढ़ी हुई जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बाजार पर दबाव बनाने वाली मुख्य वजहें रहीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ।

गिफ्ट निफ्टी

शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 22,834 के आसपास सपाट ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।

एशियाई बाजार

मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 1 प्रतिशत और टॉपिक्स इंडेक्स 1.68 प्रतिशत नीचे था। वहीं, कोस्पी में 0.56 फीसदी की और ताइवान के बाजार में 0.06 फीसदी की गिरावट नजर आ रही थी।

अमेरिकी बाजार

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट आई। तेल की कीमतें और ट्रेजरी यील्ड में बढ़त ने बाजार पर दबाव बनाया। निवेशक ईरान युद्ध से जुड़ी शांति वार्ता की संभावनाओं और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की चाल पर नजरे बनाए हुए हैं।

डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 347.11 अंक या 0.67% गिरकर 51,481.51 पर आ गया,S&P 500 में 59.72 अंक या 0.77% की गिरावट के साथ यह 7,683.69 पर बंद हुआ और नैस्डैक कम्पोजिट 248.34 अंक या 0.92% गिरकर 26,820.38 पर आ गया। S&P में आई यह गिरावट 20 अगस्त के बाद से एक दिन में प्रतिशत के हिसाब से सबसे बड़ी गिरावट थी।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

एशियन करेंसी

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार होता दिख रहा है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया और थाई बहत में गिरावट दिख रही है,जबकि फिलीपीन्स के पेसो और मलेशियाई रिंगित में बढ़त हुई है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.42% गिरा है। जबकि थाई बहत में 0.09% और ताइवान डॉलर में 0.11% की गिरावट आई है। सिंगापुर डॉलर 0.05% कमजोर हुआ है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन मामूली गिरावट (0.04%) के साथ लगभग सपाट दिख रहा है।

दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.22% की बढ़त नजर आई है। इसके बाद मलेशियाई रिंगित में 0.07% और जापानी येन में 0.05% की बढ़ोतरी हुई है। चीनी रेनमिनबी में 0.02% की बढ़त हुई है।

सोना $4200 के नीचे

मजबूत डॉलर और US में अगले 1 साल में 3 रेट हाइक की आशंका से सोने-चांदी में तेज गिरावट आई है और यह $4200 के नीचे फिसल गया है। वहीं, चांदी $61 के नीचे आ गई है। US में अक्टूबर में दरें बढ़ने की 70% संभावना है।

ईरान को प्रतिबंधों में ढील की खबर फर्जी: ट्रंप

ईरान को प्रतिबंधों में ढील और फ्रीज किए गए फंडों को रिलीज करने की खबरों को ट्रंप ने खारिज करते हुए कहा है कि Axios की खबर फर्जी और कोरी अफवाह हैं। इधर ईरान ने नवंबर में US चुनाव के बाद युद्ध और भड़कने की आशंका जताई है।

टाटा संस की लिस्टिंग टालने के लिए बड़ा कदम

टाटा संस की लिस्टिंग टालने के लिए टाटा ट्रस्ट का बड़ा कदम सामने आया है। Tata Electronics, Tata Consulting Engineers का टाटा संस में मर्जर का प्रस्ताव रखा गया है। इसके कंपनी के NBFC और CIC कैटेगरी से बाहर निकलने में मदद मिलेगी। ट्रस्ट ने कहा है कि रीस्ट्रक्चरिंग शेयरहोल्डर्स के हित में होगी।

कल निफ्टी में होगा बड़ा बदलाव

कल निफ्टी में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो निफ्टी से बाहर होगा। वहीं, BSE इसमें शामिल होगा। BSE में 650 मिलियन डॉलर का इनफ्लो हो सकता है। वहीं, विप्रो से करीब 200 मिलियन डॉलर निकलेंगे।

होनासा कंज्यूमर में ब्लॉक डील संभव, Cube Highways Trust में भी बड़े सौदे संभव

आज ब्लॉक डील्स पर नजर रहेगी । सूत्रों के मुताबिक 2.73 परसेंट हिस्से के लिए होनासा कंज्यूमर में 400 Cr रुपए की ब्लॉक डील संभव है। करीब साढ़े 3 परसेंट डिस्काउंट पर 450 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है। साथ ही Cube Highways Trust में भी करीब पौने 700 करोड़ के बड़े सौदे हो सकते हैं।

कोफोर्ज: अखिल कुमार गुप्ता बने नए चेयरमैन

कोफोर्ज आज फोकस में होगा। अखिल कुमार गुप्ता नए चेयरमैन बने हैं। ये ओपी भट्ट के पद छोड़ने के बाद जिम्मेदारी संभालेंगे। इनका कार्यकाल 5 साल का होगा।

अगस्त IIP ग्रोथ 7.4% से बढ़कर 8%

देश के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में तेजी आई है। अगस्त में IIP ग्रोथ 7.4% से बढ़कर 8% रही है। जुलाई IIP ग्रोथ 6.7% से रिवाइज होकर 7.4% हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग,इलेक्ट्रिसिटी और इंटरमीडिएट गुड्स ग्रोथ में तेजी देखने को मिली है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

28 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 5,300 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस सेशन के दौरान लगभग 5,189 करोड़ रुपये की खरीदारी के साथ वे नेट बायर बने रहे।

रिपोर्ट-मिस्र ने हमास हमले से पहले इजराइल को चेताया था:खुफिया चीफ ने नेतन्याहू को फोन कर कहा था- गाजा से बड़ा हमला हो सकता है

मिस्र ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले की चेतावनी इजराइल को पहले ही दे दी थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख अब्बास कामेल ने हमले से कुछ दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने इजराइल को पहली चेतावनी जून 2023 में दी थी। इसके बाद सितंबर में भी आगाह किया गया। हमले से कुछ दिन पहले नेतन्याहू के कार्यालय में फोन कर तीसरी बार चेतावनी दी गई थी। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इन चेतावनियों के बाद इजराइल ने क्या कदम उठाए थे। मिस्र ने हमास से बातचीत शुरू करने को कहा था WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने जून 2023 में गाजा के हालात पर चिंता जताई थी। उसने इजराइल से हमास के साथ बातचीत फिर शुरू करने को कहा था। यह बातचीत बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर होनी थी। सितंबर 2023 में अब्बास कामेल इजराइल गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने वहां के अधिकारियों को बताया कि गाजा के हालात गंभीर हैं। उन्होंने चेताया कि स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। लेकिन इजराइली अधिकारियों ने उनसे कहा कि हालात नियंत्रण में हैं। इसके कुछ दिन बाद कामेल ने नेतन्याहू के कार्यालय को फोन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका को लेकर फिर चेतावनी दी। हालांकि, इन चेतावनियों में हमले का सही समय, निशाने और उसके पूरे प्लान की जानकारी होने की बात सामने नहीं आई है। नेतन्याहू ने चेतावनी मिलने से इनकार किया था नेतन्याहू पहले कह चुके हैं कि हमले से पहले उन्हें मिस्र के खुफिया प्रमुख से सीधे कोई चेतावनी नहीं मिली थी। ऐसे में नई रिपोर्ट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेतन्याहू को हमले की आशंका के बारे में पहले से जानकारी थी। यह भी सवाल है कि मिस्र की ओर से मिली जानकारी इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची थी या नहीं। UAE के राष्ट्रपति ने भी नेतन्याहू को चेताया था इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सितंबर 2023 में नेतन्याहू को हमास के संभावित बड़े हमले के बारे में बताया था। रिपोर्ट में बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह बात कही गई थी। NYT के मुताबिक, इजराइल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि UAE की यह चेतावनी देश के सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंची थी। नेतन्याहू ने UAE से जुड़ी चेतावनी के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने उस रिपोर्ट को पूरी तरह झूठ बताया था। हमले से पहले क्या-क्या जानकारी मिली थी? 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने गाजा सीमा पार कर इजराइली लोगों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इस दौरान कई लोगों को बंधक भी बनाया गया था। द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्बास कामेल ने 26 सितंबर 2023 को इजराइल का दौरा किया था। यह हमले से 11 दिन पहले की बात है। रिपोर्ट में कहा गया कि कामेल ने गाजा में हमले की तैयारियों को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने तनाव कम करने के कदम उठाने की अपील भी की थी। जेरूसलम पोस्ट ने WSJ की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि मिस्र ने इजराइल को कम से कम तीन बार चेतावनी दी थी। हालांकि, रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि इजराइल को हमले की पूरी योजना पहले से पता थी। अब मुख्य सवाल यह है कि नेतन्याहू तक कौन-सी जानकारी पहुंची थी, सुरक्षा एजेंसियों को क्या बताया गया था और चेतावनियों के बाद क्या कार्रवाई हुई थी। इन सवालों पर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है।

रिपोर्ट-मिस्र ने हमास हमले से पहले इजराइल को चेताया था:खुफिया चीफ ने नेतन्याहू को फोन कर कहा था- गाजा से बड़ा हमला हो सकता है

मिस्र ने 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले की चेतावनी इजराइल को पहले ही दे दी थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र की खुफिया एजेंसी के प्रमुख अब्बास कामेल ने हमले से कुछ दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया था। उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने इजराइल को पहली चेतावनी जून 2023 में दी थी। इसके बाद सितंबर में भी आगाह किया गया। हमले से कुछ दिन पहले नेतन्याहू के कार्यालय में फोन कर तीसरी बार चेतावनी दी गई थी। हालांकि, यह साफ नहीं है कि इन चेतावनियों के बाद इजराइल ने क्या कदम उठाए थे। अक्टूबर 2023 में हुए हमास हमले की तस्वीरें… मिस्र ने हमास से बातचीत शुरू करने को कहा था WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने जून 2023 में गाजा के हालात पर चिंता जताई थी। उसने इजराइल से हमास के साथ बातचीत फिर शुरू करने को कहा था। यह बातचीत बंधकों और कैदियों की अदला-बदली को लेकर होनी थी। सितंबर 2023 में अब्बास कामेल इजराइल गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने वहां के अधिकारियों को बताया कि गाजा के हालात गंभीर हैं। उन्होंने चेताया कि स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। लेकिन इजराइली अधिकारियों ने उनसे कहा कि हालात नियंत्रण में हैं। इसके कुछ दिन बाद कामेल ने नेतन्याहू के कार्यालय को फोन किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने गाजा से बड़े हमले की आशंका को लेकर फिर चेतावनी दी। हालांकि, इन चेतावनियों में हमले का सही समय, निशाने और उसके पूरे प्लान की जानकारी होने की बात सामने नहीं आई है। नेतन्याहू ने चेतावनी मिलने से इनकार किया था नेतन्याहू पहले कह चुके हैं कि हमले से पहले उन्हें मिस्र के खुफिया प्रमुख से सीधे कोई चेतावनी नहीं मिली थी। ऐसे में नई रिपोर्ट के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या नेतन्याहू को हमले की आशंका के बारे में पहले से जानकारी थी। यह भी सवाल है कि मिस्र की ओर से मिली जानकारी इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंची थी या नहीं। रिपोर्ट- UAE के राष्ट्रपति ने भी नेतन्याहू को चेताया था इससे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) की एक रिपोर्ट में भी दावा किया गया था कि UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सितंबर 2023 में नेतन्याहू को हमास के संभावित बड़े हमले के बारे में बताया था। रिपोर्ट में बातचीत की जानकारी रखने वाले दो लोगों के हवाले से यह बात कही गई थी। NYT के मुताबिक, इजराइल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि UAE की यह चेतावनी देश के सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारियों तक नहीं पहुंची थी। नेतन्याहू ने UAE से जुड़ी चेतावनी के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने उस रिपोर्ट को पूरी तरह झूठ बताया था। हमले से पहले क्या-क्या जानकारी मिली थी? 7 अक्टूबर 2023 को हमास के लड़ाकों ने गाजा सीमा पार कर इजराइली लोगों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इस दौरान कई लोगों को बंधक भी बनाया गया था। द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अब्बास कामेल ने 26 सितंबर 2023 को इजराइल का दौरा किया था। यह हमले से 11 दिन पहले की बात है। रिपोर्ट में कहा गया कि कामेल ने गाजा में हमले की तैयारियों को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने तनाव कम करने के कदम उठाने की अपील भी की थी। जेरूसलम पोस्ट ने WSJ की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि मिस्र ने इजराइल को कम से कम तीन बार चेतावनी दी थी। हालांकि, रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि इजराइल को हमले की पूरी योजना पहले से पता थी। अब मुख्य सवाल यह है कि नेतन्याहू तक कौन-सी जानकारी पहुंची थी, सुरक्षा एजेंसियों को क्या बताया गया था और चेतावनियों के बाद क्या कार्रवाई हुई थी। इन सवालों पर अभी पूरी तस्वीर साफ नहीं है। ——————— ये खबर भी पढ़ें…. इजराइल ने हमास आतंकी को मार गिराया:7 अक्टूबर के हमले में इजराइली महिला को किडनैप कर जबरदस्ती गाजा ले गया था इजराइल ने शनिवार को हवाई हमले में हमास आतंकी को मार गिराया है। इजराइली सेना (IDF) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि आतंकी की पहचान साहेर निदाल लत्फी साकर के रूप में हुई है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

ट्रम्प बोले- ईरान के खिलाफ जल्द जंग जीतेंगे:युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतें गिरेंगी; मिडटर्म चुनाव से पहले फिर हमले की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द जीत जाएगा। ट्रम्प ने रविवार को फॉक्स न्यूज से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होते ही दुनियाभर में तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी। ट्रम्प ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना अमेरिका का सबसे बड़ा लक्ष्य है। ट्रम्प से पूछा गया कि क्या मिडटर्म चुनाव से पहले अमेरिकी सैन्य हमले फिर शुरू हो सकते हैं। उन्होंने इसकी संभावना से इनकार नहीं किया। ट्रम्प ने कहा, “यह संभव है, लेकिन मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता।” ट्रम्प बोले- सैन्य मोर्चे पर हम पहले ही जीत चुके ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और आर्थिक प्रतिबंधों, दोनों के जरिए ईरान पर दबाव बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि सैन्य मोर्चे पर अमेरिका पहले ही जीत चुका है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि कार्रवाई पूरी तरह रुक गई है। ईरान की अर्थव्यवस्था पर ट्रम्प ने कहा कि उसकी मुद्रा की कीमत गिर गई है और महंगाई तेजी से बढ़ी है। उन्होंने ईरान में महंगाई दर करीब 300% होने का दावा किया। ईरान बोला- विनाशकारी जंग के लिए तैयार ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनका देश जंग दोबारा शुरू होने की स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है। NBC न्यूज के कार्यक्रम ‘मीट द प्रेस’ में उन्होंने कहा, “हम किसी भी नए हमले का मजबूती से सामना करेंगे, भले ही यह विनाशकारी जंग में बदल जाए।” अराघची ने कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा। हालांकि, उन्होंने बातचीत का रास्ता खुला रखते हुए कहा कि शांति का कोई भी मौका नहीं गंवाना चाहिए। उनके मुताबिक, अब यह फैसला ट्रम्प को करना है कि वे कूटनीति चुनते हैं या युद्ध का रास्ता अपनाते हैं। ईरान ने जंग खत्म करने को 7 दिन का प्रस्ताव रखा था ईरान ने जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने सात दिन का प्रस्ताव रखा था। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने की बात शामिल थी। अमेरिका ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अराघची के मुताबिक, ईरान समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए तैयार है। इसके बदले वह विदेशों में जमा अपनी संपत्तियों और पैसों पर लगी रोक हटाने और अपना तेल बेचने की अनुमति चाहता है। उन्होंने कहा कि ये मांगें जून में अस्थायी सीजफायर के लिए हुए समझौता ज्ञापन (MoU) जैसी हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से जवाबी हमलों के बाद वह समझौता टूट गया था। ———— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका चुनाव के बाद ईरान पर हमला कर सकता है:रिजल्ट का इंतजार कर रहे ट्रम्प; उनकी रिपब्लिकन पार्टी हार सकती है अमेरिका ईरान पर एक बार फिर बड़ा हमला कर सकता है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…