अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटों एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर से जुड़े पॉवरस कंपनी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन यूनिट लगाने जा रही है। कंपनी ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर के साथ मर्री में सीक्रेट मीटिंग की है। ड्रोन प्रोडक्शन के लिए हरीपुर, रावलपिंडी और तक्षशिला में तीन संभावित मिलिट्री साइट्स चुनी गई हैं। यहां आत्मघाती ड्रोन बनाए जाएंगे। 16 सितंबर को मुनीर और पॉवरस के बीच ड्रोन आयात का एमओयू हुआ था। सूत्रों के मुताबिक, प्रोडक्शन में पाक आर्मी की इंडस्ट्रियल यूनिट भी शामिल होगी। यूनिट की साइट फाइनल करने के लिए पाक टीम 15 अक्टूबर के बाद अमेरिका जाएगी। इसके बाद करार की बाकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। पाकिस्तान आर्मी फिलहाल चीन और तुर्किये से ड्रोन सप्लाई ले रही है। तुर्किये ने भी पाकिस्तान में ड्रोन प्रोडक्शन का करार किया है। ट्रम्प के बेटों की निवेश कंपनी की 9.9% हिस्सेदारी अलजजीरा के मुताबिक, ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प पॉवरस कंपनी में अमेरिकन वेंचर्स के जरिए निवेशक हैं। अमेरिकी रेगुलेटरी फाइलिंग के अनुसार, पॉवरस के प्रस्तावित मर्जर के बाद अमेरिकन वेंचर्स की कंपनी में 9.9% बेनिफिशियल हिस्सेदारी होने की उम्मीद है। ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता के मुताबिक, वह सिर्फ पैसिव निवेशक हैं और कंपनी के कामकाज या कॉन्ट्रैक्ट में उनकी कोई भूमिका नहीं है। पाकिस्तान से पहले भारत से भी पॉवरस का करार पॉवरस का पाकिस्तान से पहले भारत में भी करार हुआ था। 30 जून की फाइलिंग में पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज ने बताया कि पॉवरस ने उसे भारत में गार्डियन-1 ड्रोन इंटरसेप्टर बनाने और बेचने का एक्सक्लूसिव लाइसेंस दिया है। यानी पॉवरस की ड्रोन तकनीक से भारत और पाकिस्तान दोनों जुड़े हैं। पाकिस्तान ने क्या समझौता किया है? पॉवरस के मुताबिक, पाकिस्तान के साथ हुआ एमओयू अंतिम समझौता नहीं है। इससे खरीदारी की बाध्यता नहीं बनती और यह अमेरिकी कानूनों और सरकार की मंजूरी के अधीन है। कंपनी ने पाकिस्तान में अपनी तकनीक बनाने के तरीकों पर काम करने की बात भी कही है। 16 सितंबर की बैठक में रक्षा खरीद, प्रोडक्शन और क्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई थी। एक्सपर्ट बोले- भारत के लिए खतरा, 4 सवालों में समझिए कैसे पाकिस्तान स्थित भारतीय दूतावास में काम कर चुके डिफेंस एक्सपर्ट अविनाश मोहनानी के मुताबिक पाकिस्तान में बनने वाले ये ड्रोन भारत की अंदरूनी सुरक्षा के लिए चुनौती हो सकते हैं। 1. ड्रोन यूनिट से हमें क्या खतरा? पाक को अमेरिका से मिलने वाले कई हथियार आईएसआई से होकर आतंकियों के पास जाते हैं। कश्मीर में ऐसे कई केस हैं जब यूएस मेड हथियार आतंकियों के कब्जे से बरामद हुए हैं। ये ड्रोन हमारी अंदरूनी सुरक्षा को चुनौती होंगे। 2. पाक में प्रोडक्शन क्यों? पहले पाक को अमेरिका से ड्रोन आयात करने थे, लेकिन अब प्रोडक्शन इसलिए क्योंकि ट्रम्प के बेटों की कंपनी इन्हें पाक के जरिए एशिया और अफ्रीका के उन देशों को भी बेच सकेगी जिन्हें अमेरिका सीधे हथियार नहीं देता है। 3. चीन की पाक को मंजूरी क्यों? चीन का पाक में सीपैक के रूप में बड़ा निवेश है। सीपैक सबसे अहम है, पर इसका फायदा नहीं मिल रहा है। बलूचिस्तान-खैबर में चीन खनन नहीं कर पा रहा है। ऐसे में मुनीर के कहने पर चीन ने पाक को इस डील की मंजूरी दी। 4. क्या पाक का रोल बढ़ेगा? ट्रम्प के दौर में अमेरिका का पाक के साथ कई क्षेत्रों में करार बढ़ा है। ईरान युद्ध में भी अमेरिका ने पाक को मध्यस्थ का रोल दिया था। ट्रम्प परिवार का पाक के क्रिप्टो करंसी बिजनेस में हाथ है। अमेरिका पाक के रोल को और बढ़ाने वाला है। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी PM की धमकी- पानी रोकना जंग जैसा:UN में शहबाज बोले- कश्मीर गले की नस; भारत का जवाब- अवैध कब्जे वाले कश्मीर की हालत देखें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने UN में भारत को जंग की धमकी दी। उन्होंने कहा कि भारत सिंधु नदी का पानी न रोके। पानी रोकने की कोशिश को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा। शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा भी उठाया। शहबाज ने कहा कि कश्मीर हमारे लिए गर्दन की नस है। पूरी खबर पढ़ें…
Railway Stocks : बुधवार के ट्रेडिंग सेशन में रेलवे की सरकारी कंपनियों में तेज रफ्तार बनी हुई है। IRCON, RVNL समेत कई रेलवे शेयरों में 2 से 14 फीसदी की तेजी देखी जा रही है। यह तेजी भारी वॉल्यूम के साथ आई है। IRCON इंटरनेशनल के शेयर 20 प्रतिशत बढ़कर 122.96 रुपये के एक महीने के हाई पर पहुंच गए। दोपहर में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग के कारण कुछ बढ़त गंवाने के बाद भी यह शेयर 14 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा था। दोपहर तक IRCON इंटरनेशनल के कुल 626.02 लाख शेयरों का कारोबार हुआ,जिनका कुल कारोबारी मूल्य 732.20 करोड़ रुपये था। पिछले चार सेशन में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट के बाद स्टॉक में बढ़त हुई है।
इस बीच,इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन के शेयरों में 2 प्रतिशत तक की बढ़त हुई। दोपहर 2 बजे तक कंपनी के 6 लाख से ज़्यादा शेयरों का कारोबार हुआ,जिनकी कुल वैल्यू 28.05 करोड़ रुपये थी। कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त देखी गई। वहीं, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन के शेयरों में दबाव दिखा और उनमें गिरावट आई।
रेलवे शेयरों में आज तेज रफ्तार बनी हुई है। लेकिन पिछले 1 साल में ये शेयर 30-40% टूटे है। रेलवे शेयरों में आज रिबाउंड के साथ ये शेयर 2-14% तक चढ़े हैं। शेयर। इन कंपनियों की ऑर्डरबुक मजबूत है। इससे इनकी आय विजिबिलिटी भी बेहतर हुई है, जिसका असर इन शेयरों पर देखने को मिल रहा है।
रेलवे शेयरों में गिरावट
रेलवे शोयरों की 1 साल की चाल पर नजर डालें तो IRCON ने 1 साल में 32% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 37 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं, RVNL ने 1 साल में 39% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 48 फीसदी नीचे दिख रहा है। RailTel ने 1 साल में 26% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 31 फीसदी नीचे दिख रहा है। IRFC ने 1 साल में 35% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 41 फीसदी नीचे दिख रहा है। Titagarh Rail ने 1 साल में 4% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 14 फीसदी नीचे दिख रहा है।
रेलवे कंपनियों की ऑर्डर बुक
सरकारी रेलवे कंपनियों की ऑर्डर बुक काफी मजबूत है। RVNL के पास 93,000 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं। वहीं, IRCON के पास 23,366 करोड़ रुपए के और Titagarh Rail के पास 26,635 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं। RailTel के पास 11,747 करोड़ रुपए के ऑडर्र हैं। वहीं, RITES के पास 9,450 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं।
Market news : मंथली एक्सपायरी के दिन बाजार के लिए कमजोर संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी बिल्कुल फ्लैट नजर आ रहा है। एशियाई बाजारों में दबाव दिख रहा है। 10 साल की US बॉन्ड यील्ड 5.25% तक उछलने से अमेरिकी बाजार के सेंटिमेंट भी बिगड़े हैं। इधर कच्चा तेल भी 105 डॉलर के ऊपर कायम है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ओवरव्यू
कल भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने हफ्ते की शुरुआत कमजोरी के साथ की। भारी बिकवाली के बीच निफ्टी इंट्राडे में 22,800 के नीचे फिसल गया,जिससे लगातार सातवें हफ्ते भी गिरावट का सिलसिला जारी रहा।
जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी,बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। निफ्टी छह महीने के निचले स्तर के करीब पहुंच गया। कमजोर ग्लोबल संकेत,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और बॉन्ड यील्ड,FII की लगातार बिकवाली और US-Iran शांति वार्ता में गतिरोध के बाद बढ़ी हुई जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता बाजार पर दबाव बनाने वाली मुख्य वजहें रहीं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ।
गिफ्ट निफ्टी
शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 22,834 के आसपास सपाट ट्रेड कर रहा था,जिससे घरेलू इक्विटी मार्केट में सुस्त शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।
एशियाई बाजार
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले। जापान का निक्केई 1 प्रतिशत और टॉपिक्स इंडेक्स 1.68 प्रतिशत नीचे था। वहीं, कोस्पी में 0.56 फीसदी की और ताइवान के बाजार में 0.06 फीसदी की गिरावट नजर आ रही थी।
अमेरिकी बाजार
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट आई। तेल की कीमतें और ट्रेजरी यील्ड में बढ़त ने बाजार पर दबाव बनाया। निवेशक ईरान युद्ध से जुड़ी शांति वार्ता की संभावनाओं और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की चाल पर नजरे बनाए हुए हैं।
डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 347.11 अंक या 0.67% गिरकर 51,481.51 पर आ गया,S&P 500 में 59.72 अंक या 0.77% की गिरावट के साथ यह 7,683.69 पर बंद हुआ और नैस्डैक कम्पोजिट 248.34 अंक या 0.92% गिरकर 26,820.38 पर आ गया। S&P में आई यह गिरावट 20 अगस्त के बाद से एक दिन में प्रतिशत के हिसाब से सबसे बड़ी गिरावट थी।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
एशियन करेंसी
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसीज में मिला-जुला कारोबार होता दिख रहा है। इसमें इंडोनेशियाई रुपिया और थाई बहत में गिरावट दिख रही है,जबकि फिलीपीन्स के पेसो और मलेशियाई रिंगित में बढ़त हुई है। इंडोनेशियाई रुपिया 0.42% गिरा है। जबकि थाई बहत में 0.09% और ताइवान डॉलर में 0.11% की गिरावट आई है। सिंगापुर डॉलर 0.05% कमजोर हुआ है,जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन मामूली गिरावट (0.04%) के साथ लगभग सपाट दिख रहा है।
दूसरी ओर फिलीपीन पेसो में 0.22% की बढ़त नजर आई है। इसके बाद मलेशियाई रिंगित में 0.07% और जापानी येन में 0.05% की बढ़ोतरी हुई है। चीनी रेनमिनबी में 0.02% की बढ़त हुई है।
सोना $4200 के नीचे
मजबूत डॉलर और US में अगले 1 साल में 3 रेट हाइक की आशंका से सोने-चांदी में तेज गिरावट आई है और यह $4200 के नीचे फिसल गया है। वहीं, चांदी $61 के नीचे आ गई है। US में अक्टूबर में दरें बढ़ने की 70% संभावना है।
ईरान को प्रतिबंधों में ढील की खबर फर्जी: ट्रंप
ईरान को प्रतिबंधों में ढील और फ्रीज किए गए फंडों को रिलीज करने की खबरों को ट्रंप ने खारिज करते हुए कहा है कि Axios की खबर फर्जी और कोरी अफवाह हैं। इधर ईरान ने नवंबर में US चुनाव के बाद युद्ध और भड़कने की आशंका जताई है।
टाटा संस की लिस्टिंग टालने के लिए बड़ा कदम
टाटा संस की लिस्टिंग टालने के लिए टाटा ट्रस्ट का बड़ा कदम सामने आया है। Tata Electronics, Tata Consulting Engineers का टाटा संस में मर्जर का प्रस्ताव रखा गया है। इसके कंपनी के NBFC और CIC कैटेगरी से बाहर निकलने में मदद मिलेगी। ट्रस्ट ने कहा है कि रीस्ट्रक्चरिंग शेयरहोल्डर्स के हित में होगी।
कल निफ्टी में होगा बड़ा बदलाव
कल निफ्टी में बड़ा बदलाव होगा। करीब 3 दशक बाद विप्रो निफ्टी से बाहर होगा। वहीं, BSE इसमें शामिल होगा। BSE में 650 मिलियन डॉलर का इनफ्लो हो सकता है। वहीं, विप्रो से करीब 200 मिलियन डॉलर निकलेंगे।
होनासा कंज्यूमर में ब्लॉक डील संभव, Cube Highways Trust में भी बड़े सौदे संभव
आज ब्लॉक डील्स पर नजर रहेगी । सूत्रों के मुताबिक 2.73 परसेंट हिस्से के लिए होनासा कंज्यूमर में 400 Cr रुपए की ब्लॉक डील संभव है। करीब साढ़े 3 परसेंट डिस्काउंट पर 450 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है। साथ ही Cube Highways Trust में भी करीब पौने 700 करोड़ के बड़े सौदे हो सकते हैं।
कोफोर्ज: अखिल कुमार गुप्ता बने नए चेयरमैन
कोफोर्ज आज फोकस में होगा। अखिल कुमार गुप्ता नए चेयरमैन बने हैं। ये ओपी भट्ट के पद छोड़ने के बाद जिम्मेदारी संभालेंगे। इनका कार्यकाल 5 साल का होगा।
अगस्त IIP ग्रोथ 7.4% से बढ़कर 8%
देश के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में तेजी आई है। अगस्त में IIP ग्रोथ 7.4% से बढ़कर 8% रही है। जुलाई IIP ग्रोथ 6.7% से रिवाइज होकर 7.4% हो गई है। मैन्युफैक्चरिंग,इलेक्ट्रिसिटी और इंटरमीडिएट गुड्स ग्रोथ में तेजी देखने को मिली है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
28 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे सेशन में भी बिकवाली जारी रखी और 5,300 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर बेचे। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस सेशन के दौरान लगभग 5,189 करोड़ रुपये की खरीदारी के साथ वे नेट बायर बने रहे।
Stocks to Watch: मंगलवार 29 सितंबर को कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रहेंगे। Tata Sons के मर्जर प्रस्ताव से Tata Group Stocks पर नजर रहेगी। वहीं IRFC, NCC और Vikram Solar को मिले बड़े ऑर्डर भी अहम हैं। इसके अलावा ब्लॉक डील, फंड जुटाने, मैनेजमेंट बदलाव और USFDA से जुड़े अपडेट भी हैं।
Tata Group Stocks
टाटा ग्रुप की कंपनियों के लिए Tata Sons से जुड़ा बड़ा अपडेट आया है। Tata Trusts ने TESS और Tata Consulting Engineers का Tata Sons में मर्जर प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद Tata Sons को NBFC और CIC की नियामकीय कैटेगरी से बाहर लाना है। इससे Tata Sons की लिस्टिंग टालने का रास्ता खुल सकता है।
Sudarshan Chemical Industries
केमिकल कंपनी Sudarshan Chemical Industries ने Sudarshan Colorants India में 15.89% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता किया है। कंपनी इस हिस्सेदारी के लिए ₹150.76 करोड़ का भुगतान करेगी।
Power Mech Projects
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Power Mech Projects को तेलंगाना पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन से ₹279.20 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह काम Yadadri Thermal Power Station में ऑपरेशन और मेंटेनेंस से जुड़ा है। इसमें मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कंट्रोल एंड इंस्ट्रूमेंटेशन सिस्टम के साथ ऐश और कोल हैंडलिंग प्लांट का रखरखाव शामिल है।
Cube Highways Trust
सूत्रों के मुताबिक, हाईवे एसेट्स ऑपरेटर Cube Highways Trust में Seventy Second Investment Co करीब 4.50 करोड़ शेयर बेच सकती है। यह ट्रस्ट की 3.35% हिस्सेदारी है। ब्लॉक डील की कीमत ₹688.1 करोड़ और फ्लोर प्राइस ₹153 प्रति शेयर रखा गया है।
Pidilite Industries
कंस्ट्रक्शन केमिकल कंपनी Pidilite Industries ने दक्षिण कोरिया की Hwaseung Chemical के साथ साझेदारी की है। दोनों कंपनियां भारत के फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स के लिए एडहेसिव टेक्नोलॉजी लाएंगी। इससे Pidilite के फुटवियर एडहेसिव कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है।
Clean Max Enviro Energy Solutions
रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Clean Max Enviro Energy Solutions ने ₹2,500 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने यह रकम ग्रीन नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी NCD जारी करके जुटाई है। यह फंडिंग प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए हुई है।
NCC
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी NCC को आंध्र प्रदेश सरकार से ₹1,076.71 करोड़ का ऑर्डर मिला है। कंपनी को अनकापल्ली जिले में पेयजल सप्लाई का काम करना है। प्रोजेक्ट को 24 महीने में पूरा किया जाना है।
IRFC
सरकारी रेल फाइनेंस कंपनी IRFC ने DVC के साथ ₹4,200 करोड़ का टर्म लोन एग्रीमेंट किया है। इस पैसे का इस्तेमाल झारखंड और पश्चिम बंगाल में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए होगा। इसमें सोलर और Battery Energy Storage System यानी BESS प्रोजेक्ट शामिल हैं।
Allcargo Logistics
लॉजिस्टिक्स कंपनी Allcargo Logistics के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव होने वाला है। कंपनी के MD और CEO केतन कुलकर्णी ने इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा 31 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा।
Vodafone Idea
टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea ने अगस्त में 5,06,139 नए वायरलेस सब्सक्राइबर जोड़े हैं। कंपनी के ग्राहक आधार में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अगस्त के TRAI डेटा में Vi भी नए ग्राहक जोड़ने वाली कंपनियों में शामिल रही।
Vikram Solar
सोलर एनर्जी कंपनी Vikram Solar को महाराष्ट्र में 400 MW के सोलर मॉड्यूल सप्लाई का ऑर्डर मिला है। कंपनी एक EPC कंपनी के लिए कृषि से जुड़े सोलर प्रोजेक्ट्स में मॉड्यूल सप्लाई करेगी। इसकी सप्लाई अक्टूबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।
Eureka Forbes
हेल्थ और हाइजीन प्रोडक्ट कंपनी Eureka Forbes को उत्तर प्रदेश GST अथॉरिटी से ₹273.40 करोड़ की डिमांड का शो-कॉज नोटिस मिला है। इसमें ₹149.21 करोड़ टैक्स, ₹109.27 करोड़ ब्याज और ₹14.92 करोड़ पेनल्टी शामिल है। यह नोटिस वित्त वर्ष 2022-23 से जुड़ा है।
Zydus Lifesciences
फार्मा कंपनी Zydus Lifesciences की अहमदाबाद SEZ II यूनिट में USFDA का निरीक्षण पूरा हो गया है। 21 से 28 सितंबर तक चली जांच में एक ऑब्जर्वेशन मिला है। कंपनी ने कहा कि डेटा इंटीग्रिटी से जुड़ी कोई आपत्ति नहीं मिली और वह USFDA के साथ मिलकर इसे जल्द दूर करेगी।
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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
टाटा ट्रस्ट (Tata Trusts) ने टाटा संस की संभावित लिस्टिंग को टालने के लिए बड़ा प्रस्ताव रखा है। इसके तहत Tata Electronics Systems Solutions Private Limited (TESS) और Tata Consulting Engineers (TCE) का Tata Sons में मर्जर किया जाएगा।
इसका मकसद Tata Sons को NBFC और कोर इनवेस्टमेंट कंपनी यानी CIC की नियामकीय कैटेगरी से बाहर लाना है। प्रस्ताव को Tata Sons के बोर्ड और RBI की मंजूरी मिलना जरूरी है।
Tata Sons को क्या फायदा होगा?
Tata Trusts के पास Tata Sons की करीब 66% हिस्सेदारी है। ट्रस्ट ने कंपनी के बोर्ड से इस प्रस्ताव को मंजूरी देने और RBI से जरूरी NOC लेने के लिए आवेदन करने को कहा है।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो Tata Sons अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी बनी रह सकेगी। यह इसलिए अहम है क्योंकि RBI ने इसी महीने Tata Sons की CIC के तौर पर रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने की अर्जी खारिज कर दी थी।
अपर लेयर NBFC के तौर पर Tata Sons पर कई अतिरिक्त नियम लागू होते हैं। इसमें कंपनी की शेयर मार्केट में अनिवार्य लिस्टिंग भी शामिल है।
दो कंपनियों के विलय से क्या बदलेगा?
यह Tata Sons का ब्रेकअप या डीमर्जर नहीं है। इसके उलट दो ऑपरेटिंग कंपनियों को Tata Sons में मिलाया जाएगा।
Tata Trusts के मुताबिक, 31 मार्च 2026 के आंकड़ों के आधार पर विलय के बाद Tata Sons की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹1,05,043 करोड़ होता। वहीं, फाइनेंशियल एसेट्स से इनकम ₹40,072 करोड़ होती।
इस तरह कुल इनकम में ऑपरेटिंग रेवेन्यू की हिस्सेदारी 64.3% होती। Tata Trusts का कहना है कि इस स्थिति में टाटा संस RBI के प्रिंसिपल बिजनेस क्राइटेरिया के तहत NBFC नहीं होगी।
CIC की कैटेगरी से भी बाहर आएगी
इस प्रस्ताव का दूसरा मकसद Tata Sons को CIC की परिभाषा से बाहर लाना है। मर्जर के बाद कंपनी की कुल नेट एसेट्स ₹2,00,158 करोड़ होंगी। इसमें ₹1,77,120 करोड़ यानी करीब 88.5% हिस्सा ग्रुप कंपनियों में निवेश का होगा।
CIC के लिए 90% की सीमा लागू होती है। प्रस्तावित ढांचे में यह अनुपात 90% से नीचे रहेगा। इसलिए Tata Trusts के मुताबिक, Tata Sons CIC की कैटेगरी में नहीं आएगी।
Tata Sons फिर सीधे कारोबार करेगी
मर्जर के बाद Tata Sons सिर्फ होल्डिंग कंपनी नहीं रहेगी। वह सीधे कारोबार भी करेगी। Tata Trusts का कहना है कि इससे Tata Sons अपने पुराने मॉडल की तरफ लौटेगी। कंपनी के करीब 100 साल के इतिहास में लगभग 80 साल तक Tata Sons के पास अपने ऑपरेटिंग बिजनेस और रेवेन्यू थे।
इसी रेवेन्यू से ग्रुप के नए कारोबारों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती थी। Tata Consultancy Services यानी TCS भी 2004 में अलग कंपनी बनने से पहले Tata Sons की ही एक डिविजन थी।
RBI की मंजूरी जरूरी
इस प्रस्ताव को लागू करना आसान नहीं होगा। इसके लिए RBI की मंजूरी जरूरी है। ऑपरेटिंग और नॉन-फाइनेंशियल कंपनियों का NBFC के साथ विलय होने की वजह से RBI के Non-Banking Financial Companies-Voluntary Amalgamation Directions, 2025 के नियम लागू होंगे।
Tata Sons को पहले RBI से NOC लेना होगा। मर्जर पूरा होने के बाद अगर कंपनी CIC की कैटेगरी में नहीं रहती है तो उसे अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट सरेंडर करना होगा।
Tata Trusts ने क्या कहा?
Tata Trusts का कहना है कि यह रीस्ट्रक्चरिंग टाटा ग्रुप और उसके शेयरहोल्डर्स के हित में है। ट्रस्ट के मुताबिक, इससे Tata Sons को अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी के तौर पर बनाए रखने का रास्ता खुल सकता है।
ट्रस्ट ने जुलाई 2025 में Sir Dorabji Tata Trust और Sir Ratan Tata Trust के बोर्ड से पास हुए प्रस्तावों का भी जिक्र किया है। दोनों ट्रस्ट के बोर्ड ने Tata Sons का अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी का दर्जा बनाए रखने के लिए हर मुमकिन प्रयास करने की बात कही थी।
Tata Trusts के मुताबिक, इस बदलाव से टाटा ग्रुप की करीब 100 साल पुरानी संरचना बनी रहेगी। साथ ही, लंबे समय के निवेश, राष्ट्र निर्माण और परोपकारी कामों पर ग्रुप का फोकस भी जारी रहेगा।
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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

