कैबिनेट ने सामाजिक सहायता योजना के लिए 53428 करोड़ रुपये किए मंजूर , विकलांग पेंशन में भी हुई बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक, यानी पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कार्यक्रम और उसके जुड़ी योजनाओं का नाम बदलना,विकलांग पेंशन के नियमों में बदलाव करना और वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन तथा पारिवारिक लाभ योजनाओं को उनके मौजूदा स्वरूप में जारी रखना शामिल है।

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “दुनिया के सबसे व्यापक सोशल सिक्योरिटी नेट में से एक का विस्तार किया गया है और इसे 2031 तक बढ़ा दिया गया है। इस विस्तारित सोशल सिक्योरिटी नेट के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “विकलांग लोगों के लिए, विकलांगता पेंशन पाने की पिछली पात्रता सीमा 80 प्रतिशत विकलांगता थी। अब इस सीमा को घटाकर आधा यानी 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि 40 प्रतिशत विकलांगता वाले लोग भी विकलांग पेंशन पाने के पात्र होंगे।”

विकलांगता पेंशन में बदलाव

सबसे अहम बदलाव विकलांगता पेंशन के नियमों में हुए हैं। इसके तहत 0 से 79 साल की उम्र के लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये और 80 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोगों को 625 रुपये की मदद मिलेगी।

विकलांगता के लिए पात्रता की सीमा (बेंचमार्क) को मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा। न्यूनतम उम्र की शर्त भी हटा दी जाएगी, जिससे विकलांग लोग जन्म से ही इसके लिए पात्र हो सकेंगे।

वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन और फेमिली बेनिफिट योजनाएं बिना किसी बदलाव के जारी रहेंगी।

कैबिनेट ने कहा कि सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा। विकलांगता पेंशन योजना के तहत संशोधित पात्रता शर्तों, लाभार्थियों की संख्या और सहायता की दर के बारे में विस्तार से बताने वाली गाइडलाइंस तीन महीने के भीतर जारी और लागू की जाएंगी।

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इन योजनाओं के बदलेंगे नाम

नाम बदलने की कवायद के तहत,NSAP अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना बन जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कर दिया जाएगा, जबकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना बन जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कर दिया जाएगा और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना हो जाएगा।

बता दें कि NSAP को 15 अगस्त 1995 को गरीब परिवारों को मदद देने के लिए शुरू किया गया था। यह संविधान के अनुच्छेद 41 (जो राज्य की नीति के निर्देशक सिद्धांतों में से एक है) के तहत केंद्र की ज़िम्मेदारी को पूरा करने के लिए किया गया था। इस प्रोग्राम के लिए पूरा पैसा केंद्र सरकार देती है, ताकि पूरे देश में एक जैसी मदद मिल सके।

विकलांग पेंशन में किए गए बदलाव ‘विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016’ के तहत किए गए हैं। यह कानून ‘बेंचमार्क विकलांगता’ को 40 प्रतिशत की सीमा के आधार पर परिभाषित करता है और यह प्रावधान करता है कि विकलांगता से जुड़ी सहायता राशि, अन्य श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए समान योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता से कम से कम 25 प्रतिशत अधिक होनी चाहिए।

 

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Delhi Traffic Advisory: आज घर से निकलने से पहले जान लें ट्रैफिक एडवाइजरी, दिल्ली की 25 से ज्यादा सड़कों पर रहेगा डायवर्जन

Delhi Police Traffic Advisory: कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और दिल्ली में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में 12 अक्टूबर को कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रह सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने 12 अक्टूबर के लिए एक अहम ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई जगहों पर डायवर्जन की तैयारी की है, जो जरूरत के अनुसार सुबह 6 बजे से लागू होगें। ऐसे में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या ISBT जाने वाले लोगों को घर से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लेना चाहिए।

सुबह 6 बजे से होगा डायवर्जन

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, जरूरत पड़ने पर सुबह 6 बजे से कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अगर जरूरी ना हो तो यात्रा से बचें और अगर रेलवे स्टेशन, ISBT या एयरपोर्ट जाना जरूरी है तो घर से थोड़ा जल्दी निकलें। खासकर नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली से होकर जाने वाले लोगों को एक्स्ट्रा टाइम लेकर चलने की सलाह दी गई है। ऐसे में अगर आज आप ऑफिस, कॉलेज या बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे हैं तो सबसे पहले ट्रैफिक एडवाजरी का अपडेट जरूर जान लें।

इन रास्तों पर होगा डावर्जन

ट्रैफिक प्रभावित होने वाले प्रमुख स्थानों में शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट, धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, मंडी हाउस, डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक, राम चरण अग्रवाल चौक, मिंटो रोड-डीडीयू मार्ग, गुरु नानक चौक, चेम्सफोर्ड रोड, कनॉट प्लेस, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुम्बद, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग, भीकाजी कामा प्लेस, मोती बाग फ्लाईओवर, रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग, अशोका रोड-जंतर मंतर रोड, विंडसर पैलेस, टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग, रेल भवन, जय सिंह रोड-संसद मार्ग, बाराखंबा रोड, गोल डाकखाना, पटेल चौक और आरएमएल अस्पताल के आसपास के रास्ते शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार इन डायवर्जन और प्रतिबंधों में बदलाव किया जा सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक का ताजा अपडेट जरूर देखें और जरूरत पड़ने पर दूसरे रास्ते का इस्तेमाल करें।

 

CJP कल मांगेगी परमिशन

CJP ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के नेता आशुतोष रंका ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे वह सौरव दास और संगठन के अन्य सदस्यों के साथ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे। वहां दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन के लिए तारीख और अनुमति देने का अनुरोध किया जाएगा। रंका के मुताबिक, अगर पुलिस 24 घंटे के अंदर प्रदर्शन की तारीख नहीं देती है, तो संगठन अपने स्तर पर प्रदर्शन की घोषणा करेगा।

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Delhi CJP Protest: दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन खुले! रेल और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल, बैरिकेडिंग और पुलिस हिरासत पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

Delhi CJP Protest News: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (11 अक्टूबर) को अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए।” साथ ही शीर्ष अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों एवं ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।

दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन और इंटरनेट चालू रहेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने उसके निर्देश के उल्लंघन के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचायी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। शीर्ष अदालत ने ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बैरिकेड्स लगाने की जरूरत की समीक्षा करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए।”

केंद्र सरकार को नोटिस जारी

अदालत ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

पीठ ने कहा, “9 अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।”

‘निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया। मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे। ट्रैफिक संबंधी कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया। लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।”

पत्रकारों को लेकर पुलिस को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर एंट्री और एग्जिट प्रतिबंधित था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक सरकार से जवाब मांगा है।

निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में CJP नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।

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सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की मुख्य बातें

  • दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। पाबंदियां तभी लगाई जा सकती हैं जब वे आर्टिकल 19(2) के तहत सही ठहराई जा सकें।
  • कानूनी पाबंदियां लगाने की वैधानिक शक्तियों पर असर डाले बिना, कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
  • दिल्ली में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही में बेवजह रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की जरूरतों के आधार पर बैरिकेड्स की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
  • किसी को भी गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी भी हिरासत के मामले में कानून द्वारा तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
  • कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जानी चाहिए, खासकर उन इलाकों के बाहर जहां धारा 163 BNSS के तहत सख्ती लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों तक बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 163 की पाबंदियों वाला कोई भी नोटिस बोर्ड अगर अभी भी लगा है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज किया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने में नहीं रोका जाएगा।
  • शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अवमानना ​​की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों को मंगलवार, 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसमें मेट्रो पाबंदियों और रेलवे की सलाहों का विवरण शामिल हो।
  • बड़े पैमाने पर हिरासत और उससे जुड़े अन्य मामलों के आरोपों वाली ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को मुख्य मामलों के साथ सुनवाई होगी।
  • अदालत ने कहा कि राज्य को कथित हिरासत के हालात, तरीके और कानूनी आधार के बारे में बताना होगा, क्योंकि आर्टिकल 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें लागू करना कोर्ट का कर्तव्य है।

Railway jobs: ग्रेजुएट्स के लिए रेलवे में आए 3548 पोस्ट, 35400 तक मिलेगा बेसिक पे, जॉब की सारी डिटेल्स जानिए

Railway jobs: रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने सेंट्रलाइज्ड एम्प्लॉयमेंट नोटिफिकेशन (CEN) नंबर 06/2026 के तहत नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरीज (NTPC–ग्रेजुएट) भर्ती प्रक्रिया में ग्रेजुएट-लेवल की 3,548 वैकेंसी की घोषणा की है। यह भर्ती योग्य ग्रेजुएट को इंडियन रेलवे में करियर बनाने और देश के सबसे बड़े पब्लिक सर्विस संगठनों में से एक के कामकाज में योगदान देने का मौका देगी।

इस भर्ती में चार तरह के पद शामिल हैं

इस वैंकेंसी में 4 तरह के पद शामिल हैं। चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर, गुड्स ट्रेन मैनेजर, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट। ये पद कमर्शियल सर्विस, ट्रेन ऑपरेशन, अकाउंट्स और एडमिनिस्ट्रेशन जैसे क्षेत्रों में करियर के मौके देते हैं और देश भर में रेलवे सर्विस को बेहतर ढंग से चलाने में मदद करते हैं।

कुल 3,548 वैकेंसी में से 2,750 वैकेंसी गुड्स ट्रेन मैनेजर के लिए हैं। इसके बाद सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के लिए 371, जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट के लिए 300 और चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर के लिए 127 वैकेंसी हैं। ये वैकेंसी ग्रेजुएट को रेलवे ऑपरेशन और एडमिनिस्ट्रेशन के अलग-अलग कामों में काम करने का मौका देती हैं।

वेतन की प्रक्रिया

इन पदों पर सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (Seventh Central Pay Commission) के तहत शुरुआती बेसिक पे (basic pay) मिलता है। चीफ कमर्शियल कम टिकट सुपरवाइजर के लिए शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 प्रति माह (पे लेवल 6) है, जबकि बाकी तीन कैटेगरी के लिए शुरुआती बेसिक पे ₹29,200 प्रति माह (पे लेवल 5) है। लागू होने वाले भत्ते और सर्विस की शर्तें संबंधित नियमों के अनुसार होंगी।

जरूरी तारीखें और योग्यता की शर्तें

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई और योग्य उम्मीदवार 6 नवंबर 2026 को रात 11:59 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। परीक्षा शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख 8 नवंबर 2026 है, जबकि आवेदन में बदलाव करने की सुविधा 9 नवंबर से 18 नवंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगी।

उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या उसके समकक्ष संस्थान से डिग्री होनी चाहिए और उन्हें पद के लिए तय योग्यता शर्तों को पूरा करना होगा। 1 जनवरी 2027 को उम्र सीमा 18-33 साल तय की गई है, जिसमें तय नियमों के तहत योग्य कैटेगरी के लिए उम्र में छूट भी मिलेगी।

योग्य ग्रेजुएट लोगों को सलाह दी जाती है कि वे डिटेल्ड नोटिफिकेशन देखें। अपनी पसंद की पोस्ट के लिए जरूरी शर्तों को चेक करें और तय समय-सीमा के अंदर एप्लीकेशन प्रोसेस पूरी करें।

योग्य उम्मीदवारों के लिए प्रावधानों के साथ मेरिट-आधारित चयन

चयन प्रक्रिया में पहले चरण का कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT), दूसरे चरण का CBT, और उसके बाद ज़रूरत के अनुसार डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल जांच शामिल है। चयन मेरिट और तय योग्यता शर्तों को पूरा करने के आधार पर होगा। भर्ती प्रक्रिया में तय नियमों के अनुसार आरक्षण और उम्र में छूट के लाभ भी दिए गए हैं, साथ ही दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए लेखक (स्क्राइब) की मदद और अतिरिक्त समय (कम्पेंसेटरी टाइम) का प्रावधान भी है।

CEN नंबर 06/2026 के तहत एक और प्रावधान यह है कि जूनियर अकाउंट्स असिस्टेंट कम टाइपिस्ट और सीनियर क्लर्क कम टाइपिस्ट के पदों के लिए कंप्यूटर-आधारित टाइपिंग स्किल टेस्ट (CBTST) नहीं लिया जाएगा। फिर भी, उम्मीदवारों से कंप्यूटर और टाइपिंग की बेसिक जानकारी होने की उम्मीद की जाती है। जॉइनिंग के बाद इसकी जांच की जाएगी, जैसा कि नोटिफिकेशन में बताया गया है।

भर्ती से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म

उम्मीदवार रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए विस्तृत नोटिफिकेशन, वैकेंसी का विवरण, योग्यता के नियम और भर्ती से जुड़े अपडेट देख सकते हैं।

RRB की आधिकारिक वेबसाइट- https://rrb.indianrailways.gov.in

ऑनलाइन एप्लीकेशन पोर्टल- https://www.rrbapply.gov.in

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे भर्ती से जुड़ी सही जानकारी और अपडेट के लिए इन्हीं आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर डिटेल देखें।

Stocks to Buy: ब्रोकरेज ने टाटा स्टील समेत 5 शेयरों को खरीदने की सलाह दी, 45% तक तेजी की उम्मीद

Stocks to Buy: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच ब्रोकरेज कुछ स्टॉक्स पर बुलिश हैं। 5 शेयरों पर अलग-अलग ब्रोकरेज ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। टारगेट प्राइस के आधार पर इनमें करीब 24% से 41% तक तेजी की गुंजाइश दिख रही है। लिस्ट में बैंकिंग, स्टील, टेक्सटाइल, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के शेयर शामिल हैं।

Shriram Finance

एनबीएफसी कंपनी Shriram Finance पर Motilal Oswal ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने ₹1,220 का टारगेट दिया है। शेयर का मौजूदा भाव ₹983.50 है। इस स्तर से करीब 24% तेजी की गुंजाइश बनती है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का ग्रोथ फोकस अब कमर्शियल व्हीकल से आगे बढ़कर कई सेगमेंट में फैल रहा है।

Tata Steel

स्टील कंपनी Tata Steel पर Nomura ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस ₹240 है, जबकि शेयर फिलहाल ₹185.69 पर है। इस भाव से करीब 29% की तेजी की संभावना बनती है। Nomura को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में घरेलू स्टील कीमतों में बढ़ोतरी से टाटा स्टील को फायदा मिलेगा।

कंपनीब्रोकरेजटारगेट प्राइसतेजी की गुंजाइश
Shriram FinanceMotilal Oswal₹1,22024%
Tata SteelNomura₹24029%
Yatharth HospitalsChoice Institutional Equities₹1,35032%
Sanathan TextilesEmkay₹67533%
Dr Reddy’s LaboratoriesNomura₹1,74041%

Yatharth Hospitals

हेल्थकेयर कंपनी Yatharth Hospitals पर Choice Institutional Equities ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का टारगेट ₹1,350 है और शेयर ₹1,024 पर है। यानी मौजूदा भाव से करीब 32% रिटर्न मिल सकता है। कंपनी की एडवेंट इंटरनेशनल के साथ रणनीतिक साझेदारी और अधिग्रहण योजनाओं से 30% से ज्यादा ऑर्गेनिक ग्रोथ की उम्मीद जताई गई है।

Sanathan Textiles

टेक्सटाइल कंपनी Sanathan Textiles पर Emkay ने ‘Buy’ रेटिंग दी है। शेयर का मौजूदा भाव ₹509 है, जबकि टारगेट प्राइस ₹675 रखा गया है। इस हिसाब से करीब 33% की तेजी मुमकिन है। ब्रोकरेज के मुताबिक पंजाब प्लांट में क्षमता विस्तार और नई मशीनरी से कंपनी की ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है।

Dr Reddy’s Laboratories

फार्मा कंपनी Dr Reddy’s Laboratories पर Nomura ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। शेयर ₹1,232.70 पर है और टारगेट प्राइस ₹1,740 है। इस भाव से करीब 41% उछाल दिख सकता है। बायोलॉजिक्स प्लांट की USFDA मंजूरी और बायोसिमिलर Abatacept की मंजूरी कंपनी के लिए अहम ट्रिगर हैं। मंजूरी मिलने पर कंपनी पहली लहर में Abatacept को 50 से ज्यादा देशों में लॉन्च करने की योजना बना रही है।

Railway Stocks: रेलवे की सरकारी कंपनियों ने पकड़ी तेज रफ्तार, 20% भागा IRCON इंटरनेशनल

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Railway Stocks: रेलवे की सरकारी कंपनियों ने पकड़ी तेज रफ्तार, 20% भागा IRCON इंटरनेशनल

Railway Stocks : बुधवार के ट्रेडिंग सेशन में रेलवे की सरकारी कंपनियों में तेज रफ्तार बनी हुई है। IRCON, RVNL समेत कई रेलवे शेयरों में 2 से 14 फीसदी की तेजी देखी जा रही है। यह तेजी भारी वॉल्यूम के साथ आई है। IRCON इंटरनेशनल के शेयर 20 प्रतिशत बढ़कर 122.96 रुपये के एक महीने के हाई पर पहुंच गए। दोपहर में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग के कारण कुछ बढ़त गंवाने के बाद भी यह शेयर 14 प्रतिशत ऊपर ट्रेड कर रहा था। दोपहर तक IRCON इंटरनेशनल के कुल 626.02 लाख शेयरों का कारोबार हुआ,जिनका कुल कारोबारी मूल्य 732.20 करोड़ रुपये था। पिछले चार सेशन में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट के बाद स्टॉक में बढ़त हुई है।

इस बीच,इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन के शेयरों में 2 प्रतिशत तक की बढ़त हुई। दोपहर 2 बजे तक कंपनी के 6 लाख से ज़्यादा शेयरों का कारोबार हुआ,जिनकी कुल वैल्यू 28.05 करोड़ रुपये थी। कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के शेयरों में 2 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़त देखी गई। वहीं, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन के शेयरों में दबाव दिखा और उनमें गिरावट आई।

रेलवे शेयरों में आज तेज रफ्तार बनी हुई है। लेकिन पिछले 1 साल में ये शेयर 30-40% टूटे है। रेलवे शेयरों में आज रिबाउंड के साथ ये शेयर 2-14% तक चढ़े हैं। शेयर। इन कंपनियों की ऑर्डरबुक मजबूत है। इससे इनकी आय विजिबिलिटी भी बेहतर हुई है, जिसका असर इन शेयरों पर देखने को मिल रहा है।

रेलवे शेयरों में गिरावट

रेलवे शोयरों की 1 साल की चाल पर नजर डालें तो IRCON ने 1 साल में 32% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 37 फीसदी नीचे दिख रहा है। वहीं, RVNL ने 1 साल में 39% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 48 फीसदी नीचे दिख रहा है। RailTel ने 1 साल में 26% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 31 फीसदी नीचे दिख रहा है। IRFC ने 1 साल में 35% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 41 फीसदी नीचे दिख रहा है। Titagarh Rail ने 1 साल में 4% निगेटिव रिटर्न दिया है। यह शेयर अपने 52 वीक हाई से 14 फीसदी नीचे दिख रहा है।

रेलवे कंपनियों की ऑर्डर बुक

सरकारी रेलवे कंपनियों की ऑर्डर बुक काफी मजबूत है। RVNL के पास 93,000 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं। वहीं, IRCON के पास 23,366 करोड़ रुपए के और Titagarh Rail के पास 26,635 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं। RailTel के पास 11,747 करोड़ रुपए के ऑडर्र हैं। वहीं, RITES के पास 9,450 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं।

 

 

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Railway Safety Upgrade: वाराणसी मंडल में ट्रेन हादसों पर लगेगी लगाम! ₹223 करोड़ की लागत से लागू होगा स्वदेशी ‘कवच 4.0’

Railway Safety Upgrade: रेल यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे अपने स्वदेशी ‘कवच 4.0’ सिस्टम को वाराणसी मंडल में लागू करने की तैयारी कर रही है। स्वदेशी तकनीक के जरिए रेलवे सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, भारतीय रेलवे ने नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे के वाराणसी (BSB) डिवीजन के 614.75 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 के प्रावधान को मंजूरी दी है, जिसकी कुल लागत ₹223 करोड़ है।

रेलवे द्वारा स्वीकृत प्रोजेक्ट वाराणसी डिवीजन के पहचाने गए बाकी सेक्शन में कवच 4.0 कवरेज को बढ़ाएगा, जिससे ट्रेन ऑपरेशन के लिए उपलब्ध सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा।

स्वदेशी तकनीक रेलवे सुरक्षा होगी मजबूत

कवच एक स्वदेशी रूप से विकसित ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है जिसे ऑपरेशनल सुरक्षा बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) को रोकने में मदद करता है, जरूरत पड़ने पर ऑटोमैटिक रूप से ब्रेक लगाता है और ट्रेन ऑपरेशन की निगरानी करके सुरक्षित ट्रेन मूवमेंट में मदद करता है।

मंजूर किया गया काम वाराणसी डिवीजन के बाकी सेक्शन में ट्रेन सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा। यह पहल सुरक्षित और ज्यादा भरोसेमंद ट्रेन ऑपरेशन में मदद करेगी और भारतीय रेलवे के अपने नेटवर्क में स्वदेशी कवच टेक्नोलॉजी के डिप्लॉयमेंट को बढ़ाने की चल रही कोशिशों में मदद करेगी।

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Sleeper Vande Bharat में सफर का सपना होगा पूरा? जानें दिल्ली-वाराणसी रूट, टाइमिंग और स्टॉपेज की पूरी जानकारी

भारतीय रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी सुविधा लाने की तैयारी कर रहा है। नई दिल्ली और वाराणसी के बीच Sleeper Vande Bharat Express चलाने की योजना बनाई जा रही है। प्रस्तावित ट्रेन रात में सफर कर यात्रियों को सुबह मंजिल तक पहुंचा सकती है। इस रूट में प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शहर भी शामिल होंगे। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन का ट्रायल जल्द शुरू होने की संभावना है और इसे दिवाली के आसपास चलाने का लक्ष्य रखा गया है। अगर योजना समय पर पूरी होती है, तो दिल्ली, प्रयागराज, कानपुर और वाराणसी के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का नया विकल्प मिल सकता है।

दिल्ली-वाराणसी के साथ प्रयागराज और कानपुर भी जुड़ेंगे

प्रस्तावित ट्रेन सिर्फ दिल्ली और वाराणसी के बीच नहीं दौड़ेगी। इसके रास्ते में प्रयागराज और कानपुर भी शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के इन प्रमुख शहरों से बड़ी संख्या में यात्री दिल्ली और वाराणसी की यात्रा करते हैं। ऐसे में ट्रेन का रूट चार बड़े शहरों को एक साथ जोड़ने वाला होगा।

रात में चलेगी ट्रेन, सुबह पहुंचाएगी मंजिल तक

प्रस्तावित टाइमिंग के अनुसार, वाराणसी कैंट से ट्रेन रात 9:20 बजे रवाना होकर करीब 10:45 बजे प्रयागराज और 12:35 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके बाद सुबह करीब 5 बजे नई दिल्ली पहुंचने का प्रस्ताव है। वापसी में भी नई दिल्ली से ट्रेन रात 9:20 बजे चलकर सुबह 5 बजे वाराणसी पहुंच सकती है। यानी यात्रियों को रात में सफर करने और सुबह अपनी मंजिल पर पहुंचने का विकल्प मिलेगा।

160 kmph तक पहुंच सकती है रफ्तार

Sleeper Vande Bharat को 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाने की योजना है। हालांकि वास्तविक स्पीड ट्रैक की स्थिति, ट्रायल और जरूरी मंजूरियों पर निर्भर करेगी। रेलवे के Mission Raftaar के तहत ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार होने पर इस रूट पर सफर का समय कम करने में मदद मिल सकती है।

823 यात्रियों के लिए होगी जगह

प्रस्तावित ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे और इनमें करीब 823 यात्रियों के बैठने-सोने की क्षमता होगी। कोच की संभावित संरचना में 11 AC 3-टियर, चार AC 2-टियर और एक First AC कोच शामिल होंगे। ट्रेन के रखरखाव की जिम्मेदारी Northern Railway संभाल सकती है।

किराया कितना होगा? अभी इंतजार

ट्रेन की चर्चा और प्रस्तावित टाइमिंग सामने आने के बावजूद अभी किराया, ट्रेन नंबर और नियमित संचालन की आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है। ट्रेन की अंतिम गति और शेड्यूल भी ट्रायल के बाद स्पष्ट होगा। इसलिए यात्रियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

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Banks vs NBFCs: 5 वजहों से बैंकिंग शेयरों की चमक फीकी, एनबीएफसी ने मारी बाजी

Banks vs NBFCs: लोन बुक में बढ़ोतरी, एसेट क्वालिटी की मजबूती बने रहने और बैड लोन के रिकॉर्ड निचले स्तर के आस-पास होने के बावजूद बड़े बैकों के शेयर निवेशकों को लुभा नहीं पा रहे। वहीं नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनीज (NBFC) को लेकर निवेशकों की काफी दिलचस्पी दिख रही है। सैमको सिक्योरिटीज के सीईओ और फाउंडर जिमीत मोदी का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि बैंकों का मैनेजमेंट खराब है बल्कि बैंकिंग सेक्टर के हालात बदल गए हैं। उन्होंने इसके पीछे की पांच अहम वजह बताई है, जिसके बारे में नीचे दिया जा रहा है।

घट रहे बैंकों के रिटर्न

बड़े प्राइवेट बैंकों के शेयरहोल्डर्स का रिटर्न अब कम हो रहा तो दिग्गज एनबीएफसी में RoE (रिटर्न ऑन इक्विटी) बढ़ रहा है। लंबे समय तक बैंकों का RoE मजबूत बना रहा क्योंकि उनके पसा बड़ा डिपॉजिट बेस था, जिसके दम पर वे शेयरहोल्डर्स के निवेश की तुलना में अधिक लोन बांट पाते थे तो दूसरी तरफ एनबीएफसी को यह सुविधा नहीं थी और उन्हें अपनी पूंजी पर निर्भर रहना पड़ता था। हालांकि अब लेंडिंग मार्जिन कम होने से अधिक लेवरेज का असर बैंकों के RoE पर निगेटिव दिखने लगा तो बेहतर मार्जिन और कम लेवरेज वाली NBFCs का रिटर्न बेहतर बना हुआ है।

रेपो-लिंक्ड लोन ने बढ़ाई बैंकों की दिक्कत

फरवरी 2025 से आरबीआई ने रेपो रेट में 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की है। बैंकों के लगभग 60% लोन इसी रेट से जुड़े होते हैं तो रेपो रेट कम होने से इनकी ब्याज दर लगभग तुरंत कम हो गईं। वहीं डिपॉजिट के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है क्योंकि इनकी दरें तभी बदलती हैं, जब वे मैच्योर होते हैं, जिसमें आमतौर पर छह से बारह महीने लगते हैं। ऐसे में बैंकों की इनकम पहले घटी, जबकि लागत बाद में कम हुई। वहीं नॉन-बैंक लेंडर्स यानी NBFCs के मामले में स्थिति बिल्कुल उल्टी रही। उनके अधिकतर लोन फिक्स्ड रेट वाले होते हैं, जैसे- ऑटो, गोल्ड और SME लोन। ऐसे में उनकी इनकम कम नहीं हुई और लोन के लिए फंड जुटाने की लागत कम हो गई। इस तरह रेपो रेट में कटौती का असर बिल्कुल अलग-अलग दिखा और इसने मार्जिन में फर्क डाल दिया।

कमजोर हो रही बैंकों की डिपॉजिट

दशकों तक बैंकों को कम लागत वाली सेविंग्स डिपॉजिट मिल जा रही थी लेकिन अब स्टॉक्स और म्यूचुअल फंड जैसे मार्केट से जुड़े प्रोडक्ट्स में पैसा जाने लगा तो बैंकों का डिपॉजिट्स बेस कमजोर पड़ा। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 के मुताबिक परिवारों की बचत का बैंकों में जमा हिस्सा FY12 में 57.9% से घटकर FY25 में 35.2% रह गया। ऐसे में बैंकों के लिए बॉन्ड्स और CD (सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट) इत्यादि की जरूरत बढ़ने लगी जिनकी फंडिंग लागत मार्केट से जुड़ी है। एनबीएफसी भी इसी तरीके से पैसे जुटाते हैं।

कुछ एरिया में बैंकों से आगे NBFC

पिछले कुछ महीनों में बैंकों की लोन ग्रोथ एनबीएफसी की तुलना में अधिक रफ्तार से बढ़ी लेकिन इस ग्रोथ का एक बड़ा हिस्सा बड़े कॉरपोरेट से जुड़ा है, जहां मार्जिन कम है और कीमत बॉन्ड मार्केट से तय होती है। इसके अलावा एनबीएफसी को भी बैंकों का लोन तेजी से बढ़ रहा है। एनबीएफसी की बात करें तो गोल्ड लोन, पुरानी गाड़ियों से जुड़े लोन, अफोर्डेबल हाउसिंग से जुड़े लोन और छोटे बिजनेसेज के लोन के मामले में यह आगे है। इन सेगमेंट में सही फैसला लेने, स्थानीय जानकारी और लोन वसूली की क्षमता की जरूरत होती है, और NBFC ने इन मामलों में बढ़त हासिल कर ली है।

लीडरशिप में बदलाव

प्राइवेट बैंकों के चीफ एग्जीक्यूटिव का एक कार्यकाल तय होता है, जिस पर आरबीआई मंजूरी लेनी होती है। चूंकि कई लीडरशिप कार्यकाल एक ही समय के आसपास तय किए गए थे, इसलिए अब उनमें से कई लगभग एक साथ खत्म हो रहे हैं। इस वजह से 2026 में प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंकों में बड़ी संख्या में लीडरशिप में बदलाव हो रहे हैं। लीडरशिप में बदलाव से बड़े फैसलों में देरी हो सकती है। नए सीईओ के पद संभालने तक बैंक कई अहम फैसलों को टाल सकते हैं तो नए सीईओ भी आते ही तुरंत आक्रामक तौर पर काम करने लगें, ऐसा जरूरी भी नहीं। बैंकिंग स्टेबिलिटी के लिए ये नियम जरूरी हैं, लेकिन लीडरशिप में बदलाव के समय बैंकों को लेकर निवेशक अधिक सतर्क होने लगते हैं।

क्या करना चाहिए निवेशकों को

निवेशकों की पसंद में बदलाव स्टॉक मार्केट में भी दिखने लगा है। एक साल में निफ्टी बैंक 3.51% मजबूत हुआ है लेकिन निफ्टी फाइनेंशिल सर्विसेज 2.5% कमजोर हुआ है। हालांकि अगर निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में से बैंकों को निकाल दें तो यह एक साल में 6.77% मजबूत हुआ। जिमीत मोदी के मुताबिक जहां बैंकों का क्रेडिट मॉडल काम नहीं कर पा रहा, वहां एनबीएफसी की मौजूदगी इसकी कमाई को सपोर्ट दे रही। हालांकि उनका यह भी मानना है कि इसमें अधिकतर फायदा साइक्लिकल है और इसमें बदलाव हो सकता है। बैंकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रक्चरल है। अब आम लोग अपनी बचत बैंकों की बजाय मार्केट-लिंक्ड प्रोडक्ट्स में डाल रहे हैं। जिमीत के मुताबिक ऐसे समय में निवेशकों को सिर्फ लोन ग्रोथ की बजाय बैंकों के लोन यील्ड और कम लागत वाले डिपॉजिट के हिस्से पर ध्यान देना चाहिए।

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महाराष्ट्र को रेलवे की बड़ी सौगात, पनवेल-कर्जत रूट पर अब नहीं अटकेगी ट्रेन! 10।86 किमी रेल ट्रैक होगा डबल

Indian Railway Project: भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और ट्रेनों के परिचालन को आसान बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मध्य रेलवे के चौक-कर्जत रेल खंड (10.86 किलोमीटर) के दोहरीकरण को भारतीय रेलवे ने औपचारिक मंजूरी दे दी है। इस पर कुल 497 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना को रेलवे नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से फ्लाईओवर, बायपास, दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौहरीकरण के लिए चलाए जा रहे अम्ब्रेला वर्क्स के तहत मंजूरी दी गई है।

पनवेल-चौक-कर्जत रूट पर बढ़ेगी यात्री और मालगाड़ियों की क्षमता

चौक-कर्जत सेक्शन वास्तव में पनवेल-चौक-कर्जत रूट का एक बेहद जरूरी हिस्सा है। यह पूरा कॉरिडोर न सिर्फ यात्री ट्रेनों की आवाजाही के लिए बल्कि माल ढुलाई के लिहाज से भी काफी मायने रखता है। अभी इस 10.86 किमी लंबे ट्रैक पर सिंगल-लाइन होने की वजह से ट्रेनों की आवाजाही में रुकावटें आती थीं। रेल लाइन के डबल हो जाने से इस रूट पर अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी। इससे ट्रेनों की रफ्तार और आवाजाही में काफी सुधार देखने को मिलेगा।

रोजाना चलेंगी 10 नई पैसेंजर ट्रेनें, मालगाड़ियों का इंतजार होगा खत्म

परियोजना के पूरा होने के बाद इस रूट पर रेल सेवाओं और माल ढुलाई की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इस रेल खंड का काम पूरा होने के बाद दोनों साइड से रोजाना 5-5 अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनें (यानी कुल 10 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें) चलाई जा सकेंगी। यह परियोजना हर साल 18.35 मिलियन टन (MTPA) अतिरिक्त माल यातायात को संभालने में भी कारगर साबित होगी। ट्रैक डबल होने से इस रूट पर मालगाड़ियों को बेवजह रोके रखने की समस्या खत्म होगी।