हॉलीवुड सिंगर बोलीं- CJP को अमेरिका से फंडिंग मिल रही:भारत में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे; मोदी समर्थकों से एकजुट होने की अपील

हॉलीवुड सिंगर मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी पर अमेरिका से फंडिंग मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के विरोधी अमेरिकी डोनर्स अभिजीत दीपके को पैसा भेज रहे हैं। उनके मुताबिक इस पैसे का इस्तेमाल भारत में अशांति फैलाने और सरकार के काम में रुकावट डालने के लिए किया जा रहा है। मिलबेन ने X पर पोस्ट कर भारत के युवाओं से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा, ‘यह चुप रहने का समय नहीं है।’ मिलबेन बोलीं- PM मोदी बाहरी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे मिलबेन ने दावा किया कि फंडिंग करने वाले कुछ अमेरिकी दुनियाभर के दक्षिणपंथी नेताओं को निशाना बनाने का एक तय तरीका अपनाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘ऐसे लोग किसी देश में अमेरिका से पढ़े व्यक्ति को ढूंढते हैं, उसे कट्टर बनाते हैं, वापस उसके देश भेजते हैं और अराजकता व तबाही फैलाने के लिए फंड करते हैं।’ मिलबेन ने प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक सफर का बचाव करते हुए कहा कि वह 25 साल से सरकार में रहकर लोगों की सेवा कर रहे हैं और 12 साल से प्रधानमंत्री हैं। वह अमेरिका से आने वाली ऐसी ताकतों के आगे नहीं झुकेंगे। 4 मौकों पर मिलबेन ने मोदी को सपोर्ट किया 1. किसान आंदोलन पर: मिलबेन ने फरवरी 2021 में किसान आंदोलन के दौरान मोदी सरकार के कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए कहा था कि उन्हें किसानों की जिंदगी बेहतर बनाने के मोदी के विजन पर भरोसा है। 2. मणिपुर हिंसा पर: अगस्त 2023 में मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर भी उन्होंने मोदी का समर्थन किया था। उन्होंने उस समय कहा था कि भारत को अपने नेता पर भरोसा है और मोदी मणिपुर के लोगों की आजादी के लिए लड़ेंगे। 3. BBC की गुजरात दंगों पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर: मिलबेन ने BBC की डॉक्यूमेंट्री ‘India: The Modi Question’ की आलोचना करते हुए मोदी सरकार का समर्थन किया था। 2023 में आई इस डॉक्यूमेंट्री में 2002 के गुजरात दंगों के दौरान नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे। 4. CAA कानून पर: मार्च 2024 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लागू होने पर भी मिलबेन ने मोदी सरकार के फैसले की तारीफ की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने भारतीय मतदाताओं से मोदी को वोट देने की अपील भी की थी। भारत में भी CJP फंडिंग पर उठे थे सवाल दीपके ने कहा था- CJP का खर्च दोस्त मिलकर उठाते हैं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। CJP के आंदोलनों के खर्च पर दीपके ने कहा था कि वह और उनके दोस्त मिलकर पैसा जुटाते हैं। उनके मुताबिक, संगठन को किसी बाहरी डोनर या बड़े उद्योगपति से आर्थिक मदद नहीं मिली है। आगे उन्होंने क्राउडफंडिंग से पैसा जुटाने की योजना भी बताई थी। विदेशी फंडिंग के आरोपों पर दीपके ने गृह मंत्री अमित शाह से भी सवाल किया था। उनका कहना था कि अगर आंदोलन में विदेशी पैसा आया है, तो इसकी जांच और रोकथाम की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है। 10 अक्टूबर को हुए दिल्ली प्रदर्शन पर हार्वर्ड के दो बयान दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई पर हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रों के दो समूहों ने अलग-अलग बयान जारी किए। पहले समूह ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बर्बरता, गैरकानूनी हिरासत और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया। 12 अक्टूबर को जारी इस बयान पर 100 पूर्व छात्रों ने हस्ताक्षर किए थे। वहीं, बुधवार को जारी दूसरे बयान पर 44 लोगों के हस्ताक्षर हैं। खुद को ‘हार्वर्ड कम्युनिटी’ बताने वाले इस समूह ने भारत की संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ कथित अभियान पर चिंता जताई। इसमें चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट, मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय और संसद के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिशों का जिक्र किया गया। ———————— यह खबर भी पढ़ें… दिल्ली में प्रदर्शन पर वर्ल्ड मीडिया: अल-जजीरा ने लिखा- सरकार के लिए सबसे गंभीर चुनौती, NYT बोला- विरोध को दबाना मुश्किल भारत में SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Rahul Gandhi SC Petition: राहुल गांधी की सुप्रीम कोर्ट याचिका में 14 खामियां! दस्तावेज अधूरे, खड़गे के ID कार्ड की कॉपी धुंधली, कोर्ट फीस भी ₹220 कम

Rahul Gandhi SC Petition: सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने सोमवार (12 अक्तूबर) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य लोगों की ओर से वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर दायर याचिका में 14 से ज्यादा खामियां बताईं। सूत्रों के मुताबिक, रजिस्ट्री ने याचिका दायर करने वाले वकील से कहा कि वह मामले में सह-याचिकाकर्ता कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की साफ कॉपी जमा करे।

सूत्रों के मुताबिक, रजिस्ट्री ने याचिका में कुछ ऐसे पन्नों की ओर भी इशारा किया जो पढ़े जाने योग्य नहीं थे या गायब थे। इसके अलावा, रजिस्ट्री ने अदालत शुल्क में 200 रुपये से अधिक की कमी की बात भी बताई। इससे पहले दिन में, गांधी और विपक्ष के कई अन्य नेता याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करके गए।

इसमें अनुरोध किया गया है कि एसआईआर के दौरान किए गए बदलावों और हटाए गए नामों का एक तय समय में स्वतंत्र ऑडिट करने के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। जबकि तकनीकी विशेषज्ञ एवं गणमान्य नागरिक उनकी मदद करेंगे।

खामियों को करना होगा दूर

रजिस्ट्री की ओर से इन आपत्तियों को दर्ज किए जाने के बाद अब याचिकाकर्ताओं को पहले सभी खामियों को दूर करना होगा। इसके बाद ही मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकेगा। इस घटनाक्रम से चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की कानूनी लड़ाई में एक प्रक्रियागत बाधा सामने आई है। हालांकि, रजिस्ट्री की आपत्तियों का मतलब यह नहीं है कि अदालत ने याचिका में उठाए गए आरोपों या मांगों पर कोई फैसला सुना दिया है।

याचिका में क्या-क्या खामियां मिलीं?

न्यूज 18 के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका की प्रारंभिक जांच के दौरान कुल 14 आपत्तियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, याचिका के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा नौ याचिकाकर्ताओं के प्राधिकरण से जुड़े कागजात भी अधूरे पाए गए। याचिका में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की कॉपी भी स्पष्ट नहीं थी। दस्तावेज की गुणवत्ता को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। इसके साथ ही कोर्ट फीस में 220 रुपये की कमी पाई गई। इन कमियों को दूर करने के लिए याचिकाकर्ताओं को जरूरी दस्तावेज पूरे करने, प्राधिकरण संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने और निर्धारित कोर्ट फीस जमा करने सहित रजिस्ट्री की आपत्तियों का समाधान करना होगा।

SIR पर रोक और चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती

राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर SIR पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की है। याचिका में चुनाव प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर भी कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में कुल 10 तरह की राहत मांगी हैं। इन मांगों का संबंध SIR की प्रक्रिया और भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से लिए गए फैसलों से है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर हस्तक्षेप की जरूरत है। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता और याचिका में की गई मांगों पर फैसला अदालत को सुनवाई के दौरान करना होगा।

राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग के नाम से दर्ज है मामला

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर इस मामले को Rahul Gandhi v. Election Commission of India के नाम से दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कांग्रेस की कानूनी टीम ने याचिका राहुल गांधी के अदालत पहुंचने से करीब एक से दो घंटे पहले दाखिल की थी। राहुल गांधी सोमवार शाम 4:30 बजे की समयसीमा से पहले नहीं पहुंच सके थे। ऐसे में वकील एस. प्रसन्ना ने उनकी ओर से याचिका दाखिल की। इसके बाद राहुल गांधी सैकड़ों समर्थकों के साथ INDIA गठबंधन के मार्च में शामिल हुए। इस मार्च का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष की आवाज पहुंचाना था।

INDIA गठबंधन के कई बड़े नेता मार्च में हुए शामिल

सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की सांसद महुआ माजी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के नेता ई. टी. मोहम्मद बशीर ने भी यह याचिका दायर की है। इस याचिका पर आज यानी मंगलवार को सुनवाई हो सकती है। इसमें अनुरोध किया गया है कि एसआईआर के दौरान किए गए बदलावों और हटाए गए नामों का एक तय समय में स्वतंत्र ऑडिट करने के लिए एक स्वतंत्र समिति बनाई जाए।

ये भी पढ़ें- Jantar Mantar: अब दिल्ली में जंतर-मंतर पर नहीं होगा धरना-प्रदर्शन, रामलीला मैदान समेत इन 3 जगहों पर कर सकेंगे प्रोटेस्ट

Delhi CJP Protest: दिल्ली में सभी मेट्रो स्टेशन खुले! रेल और इंटरनेट सेवाएं भी बहाल, बैरिकेडिंग और पुलिस हिरासत पर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त

Delhi CJP Protest News: राजधानी दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई, मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाएं बंद करने तथा लोगों को हिरासत में लिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रविवार (11 अक्टूबर) को अहम निर्देश जारी किए। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि शांतिपूर्ण ढंग से इकट्ठा होने वाले लोगों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। अदालत ने कहा, “ऐसे लोगों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए।” साथ ही शीर्ष अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से चलाने, कानून के मुताबिक इंटरनेट सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रखने और लोगों एवं ट्रैफिक की आवाजाही की अनुमति देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बाहर लगी धारा 163 का बोर्ड हटाने का भी निर्देश दिया, ताकि न्याय तक पहुंच को लेकर कोई आशंका न रहे।

दिल्ली में मेट्रो-ट्रेन और इंटरनेट चालू रहेंगी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने उसके निर्देश के उल्लंघन के आरोप में अधिकारियों के खिलाफ अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के अनुरोध वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है। अदालत ने कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने में किसी तरह की बाधा नहीं पहुंचायी जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि शांतिपूर्ण तरीके से जुटने वालों को अवैध रूप से हिरासत में न लिया जाए। शीर्ष अदालत ने ट्रैफिक नियमों के अधीन लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही बैरिकेड्स लगाने की जरूरत की समीक्षा करने को कहा। उच्चतम न्यायालय ने कहा, “कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए।”

केंद्र सरकार को नोटिस जारी

अदालत ने केंद्र सरकार को उस याचिका पर नोटिस भी जारी किया, जिसमें दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के कारण मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी न्यायालय के निर्देश के कथित उल्लंघन को लेकर अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने विशेष सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली मेट्रो अपनी सामान्य शेड्यूल के अनुसार चले और इंटरनेट सेवाएं बाधित न हों।

पीठ ने कहा, “9 अक्टूबर 2026 के हमारे पिछले आदेश के उल्लंघन और 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने के आरोपों वाली तत्काल सुनवाई की याचिकाओं के मद्देनजर न्यायालय ने विशेष सुनवाई की।”

‘निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “वरिष्ठ वकीलों ने दलील दी कि निर्देशों का खुले तौर पर उल्लंघन किया गया। मेट्रो रेल सेवा संचालित नहीं हो रही थी। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन बंद रहे। ट्रैफिक संबंधी कोई एडवाइजरी जारी नहीं किया गया। बड़ी संख्या में लोगों को अनुचित रूप से परेशान किया गया। लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। जिन स्थानों पर यह सब हुआ, उनमें वे इलाके भी शामिल थे, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत जारी निषेधाज्ञा के दायरे में नहीं आते थे।”

पत्रकारों को लेकर पुलिस को निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मेहता से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य लोगों को अपने पेशेवर कर्तव्यों का निर्वहन करने से न रोका जाए। सुनवाई के दौरान मेहता ने कहा कि 10 अक्टूबर को मेट्रो नेटवर्क के कुल 303 स्टेशन में से केवल 45 पर एंट्री और एग्जिट प्रतिबंधित था। याचिका में सुप्रीम कोर्ट के नौ अक्टूबर के आदेश का उल्लेख किया गया है। यह आदेश दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 57 मेट्रो स्टेशन को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द किए जाने के खिलाफ दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार तक सरकार से जवाब मांगा है।

निर्वाचन आयोग के कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP और कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। सरकार ने शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करके और 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन को रोक दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में CJP नेता अभिजीत दीपके, विपक्ष के कई नेता और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल थे।

ये भी पढ़ें- CJP Protest News: दिल्ली में इस प्रोटेस्टर को जिन 4 ने पीटा उनकी पहचान हुई और पुलिस ने ट्रेस भी कर लिया! अब होगा ये एक्शन

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की मुख्य बातें

  • दिल्ली मेट्रो और रेलवे सेवाएं सामान्य रूप से चलनी चाहिए। पाबंदियां तभी लगाई जा सकती हैं जब वे आर्टिकल 19(2) के तहत सही ठहराई जा सकें।
  • कानूनी पाबंदियां लगाने की वैधानिक शक्तियों पर असर डाले बिना, कानून के अनुसार इंटरनेट सेवाएं चालू रहनी चाहिए।
  • दिल्ली में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही में बेवजह रुकावट नहीं आनी चाहिए। कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक की जरूरतों के आधार पर बैरिकेड्स की तुरंत समीक्षा की जानी चाहिए।
  • किसी को भी गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में नहीं लिया जा सकता। किसी भी हिरासत के मामले में कानून द्वारा तय प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
  • कानून के अनुसार शांतिपूर्ण सभाओं की अनुमति दी जानी चाहिए, खासकर उन इलाकों के बाहर जहां धारा 163 BNSS के तहत सख्ती लागू है।
  • सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों तक बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास धारा 163 की पाबंदियों वाला कोई भी नोटिस बोर्ड अगर अभी भी लगा है, तो उसे हटा दिया जाना चाहिए।
  • सुप्रीम कोर्ट ने इस आश्वासन को दर्ज किया कि वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों को अपना काम करने में नहीं रोका जाएगा।
  • शीर्ष अदालत के 9 अक्टूबर के आदेश के उल्लंघन के आरोप में अवमानना ​​की कार्यवाही के तहत नोटिस जारी किया गया। अधिकारियों को मंगलवार, 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी होगी, जिसमें मेट्रो पाबंदियों और रेलवे की सलाहों का विवरण शामिल हो।
  • बड़े पैमाने पर हिरासत और उससे जुड़े अन्य मामलों के आरोपों वाली ‘हेबियस कॉर्पस’ (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिकाओं पर 13 अक्टूबर को मुख्य मामलों के साथ सुनवाई होगी।
  • अदालत ने कहा कि राज्य को कथित हिरासत के हालात, तरीके और कानूनी आधार के बारे में बताना होगा, क्योंकि आर्टिकल 32 के तहत मौलिक अधिकारों की रक्षा और उन्हें लागू करना कोर्ट का कर्तव्य है।

CJP Protest News: दिल्ली में इस प्रोटेस्टर को जिन 4 ने पीटा उनकी पहचान हुई और पुलिस ने ट्रेस भी कर लिया! अब होगा ये एक्शन

CJP Protest News: राजधानी में एक प्रदर्शनकारी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली पुलिस ने मामले में चार लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना दिल्ली के डीडीयू मार्ग पर हुई, जो कमला मार्केट थाना क्षेत्र में आता है। मामले में किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार किए बिना पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।

दिल्ली पुलिस ने रविवार को X पर लिखा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का दिल्ली पुलिस (कमला मार्केट थाना) ने खुद संज्ञान लिया। इस वीडियो में चार लोग एक पुरुष प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते हुए दिख रहे थे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।”

पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट में आगे लिखा, “घटना में शामिल चारों लोगों की पहचान कर ली गई है और उनका पता लगा लिया गया है। कानून के मुताबिक आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दिल्ली पुलिस हिंसा की घटनाओं के खिलाफ उचित कार्रवाई करने और ऐसी शिकायतों पर तुरंत ध्यान देने के लिए प्रतिबद्ध है।”

कौन हैं मारपीट के आरोप में गिरफ्तार चारों आरोपी?

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रमन सैनी (50), विवेकानंद उर्फ विवेक (32), कपिल कुमार (27) और रविंदर सिंह उर्फ गोविंद हिंदू (35) के रूप में हुई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, चारों ने खुद को हिंदू रक्षा दल से जुड़ा हुआ बताया है। इस संबंध में सामने आई जानकारी आरोपियों के कथित जुड़ाव पर आधारित है। पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद उसकी जांच की और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मियों से जानकारी जुटाई। इसके बाद घटनास्थल की पहचान डीडीयू मार्ग के रूप में की गई। शुरुआती दौर में वीडियो कहां का है, यह स्पष्ट नहीं था।

बिना शिकायत के पुलिस ने क्यों लिया संज्ञान?

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटना को लेकर पुलिस के पास उस समय तक पीड़ित या किसी अन्य व्यक्ति अथवा संगठन की ओर से औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची थी। हालांकि, वीडियो के तेजी से वायरल होने और आरोपियों के दिल्ली-एनसीआर से बाहर जाने की आशंका संबंधी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आशंका थी कि आरोपी क्षेत्र छोड़कर कहीं और जा सकते हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी पहचान की और उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

वायरल वीडियो में क्या दिखाई दिया?

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कुछ लोगों को प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में युवाओं को धक्का देते और पीटते हुए दिखाया गया है। इसमें महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई देती है।

वीडियो सामने आने के बाद इसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स ने साझा किया। इनमें युवा कांग्रेस, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और CJP से जुड़े अकाउंट भी शामिल बताए गए हैं। घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। हालांकि, वायरल वीडियो अपने आप में घटना के सभी पहलुओं या आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी का अंतिम प्रमाण नहीं है। इसकी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

CJP के प्रदर्शन के दौरान सामने आई घटना

यह मामला दिल्ली में 10 अक्टूबर को हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर पार्टी विरोध कर रही है। प्रदर्शन के दौरान राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी। पुलिस ने कई स्थानों पर लोगों को जुटने से रोकने के लिए कार्रवाई की थी। इसी घटनाक्रम के बीच डीडीयू मार्ग पर कथित मारपीट का वीडियो सामने आया, जिसने पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी।

अब आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच के दौरान पुलिस घटना के वीडियो, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है। इसके आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और किसकी क्या भूमिका थी।

दिल्ली पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कानून के अनुसार की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आरोपियों के खिलाफ दर्ज FIR की धाराओं, उन्हें अदालत में पेश किए जाने या अदालत के किसी आदेश का विस्तृत डिटेल्स नहीं दिया गया है।

दीपके, रांका और दास रिहा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। लेकिन रविवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया।

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे। इससे पहले, रविवार सुबह पुलिस ने बताया था कि उसने राष्ट्रीय राजधानी में CJP नेताओं को उनका विमान उतरने के बाद हिरासत में ले लिया था और फिर उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया था।

ये भी पढ़े- Delhi Traffic Advisory: CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, आज इन अहम रास्तों से जाने से बचें

सूत्रों के अनुसार, CJP नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए प्रतिभूति) और धारा 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत कार्रवाई की गई। शनिवार को CJP नेताओं को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई दिल्ली में सुरक्षा के अत्यधिक कड़े इंतजामों के बीच हुई, जहां प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।

Delhi Traffic Advisory: CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, आज इन अहम रास्तों से जाने से बचें

Delhi traffic advisory for October 11: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा फिर से विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किए जाने के बीच, रविवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक संबंधी कड़े प्रतिबंध लागू रहे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, रविवार सुबह छह बजे से ही वाहनों के मार्गों में बदलाव किया गया है। लुटियंस दिल्ली में जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक और कई अन्य प्रमुख चौराहों के आसपास ट्रैफिक प्रभावित रहने की आशंका है।

प्रभावित रूट्स में अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोलचक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ चौराहा, जय सिंह रोड-संसद मार्ग चौराहा, रेल भवन गोलचक्कर, पटेल चौक, गोल डाकखाना और कनॉट प्लेस के आसपास के कई चौराहे शामिल हैं। इसके अलावा, मंडी हाउस, मिंटो रोड-दीन दयाल उपाध्याय मार्ग चौराहा, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोलचक्कर, सम्राट होटल गोलचक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग चौराहा तथा भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे बने अंडरपास पर भी यातायात प्रभावित रहने की आशंका है।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों तथा एयरपोर्ट जाने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी है। पुलिस ने बताया कि स्थिति का आकलन करने के बाद प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी या उनमें बदलाव किया जाएगा। ये पाबंदियां सुबह 6 बजे से शुरू हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जमीनी हालात के आधार पर इन्हें लागू या बदला जा सकता है।

इन रास्तों को करें इग्नोर

शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट गोलचक्कर (नई दिल्ली की ओर)

धौला कुआं फ्लाईओवर

झंडेवालान गोलचक्कर

पंचकुइयाँ गोलचक्कर

मंडी हाउस गोलचक्कर

डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (W-पॉइंट)

राम चरण अग्रवाल चौक (A-पॉइंट)

मिंटो रोड और दीन दयाल उपाध्याय मार्ग

गुरु नानक चौक

चेम्सफ़ोर्ड रोड-आउटर सर्कल कनॉट प्लेस टी-पॉइंट

भैरौं रोड-MGM (रिंग रोड) टी-पॉइंट

लोधी रोड फ़्लाईओवर

नीला गुंबद गोलचक्कर

मदरसा टी-पॉइंट

सम्राट होटल गोलचक्कर

सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग क्रॉसिंग

भीकाजी कामा प्लेस के नीचे

मोती बाग फ़्लाईओवर के नीचे

रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट

अशोक रोड-जंतर मंतर रोड गोलचक्कर

विंडसर पैलेस गोलचक्कर

टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग

रेल भवन गोलचक्कर

जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग

आउटर सर्कल कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड टी-पॉइंट

गोल डाक खाना गोलचक्कर

पटेल चौक गोलचक्कर

जय सिंह रोड-अशोक रोड टी-पॉइंट

RML हॉस्पिटल गोलचक्कर

आउटर सर्कल कनॉट प्लेस-संसद मार्ग टी-पॉइंट।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना प्रदर्शन जारी रखने की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की घोषणा के मद्देनजर दिल्ली में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवानों की तैनाती की योजना है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया था। प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

अवैध सभाओं को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली से लगती सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। CJP की ओर से अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद सुरक्षा के ये इंतजाम किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 120 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जमीनी स्तर पर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है और होटलों, गेस्ट हाउस, लॉज तथा धर्मशालाओं में लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को जुटाने की कोशिशों का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी नजर रखी जा रही है।

ये भी पढ़ें- CJP Protest Updates: अभिजीत दीपके, रांका और दास गिरफ्तार! थोड़ी देर में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी! आज जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का ऐलान, ध्रुव राठी रिहा

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक घोषणाओं की जानकारी ले लें।

CJP Protest Updates: अभिजीत दीपके, रांका और दास गिरफ्तार! थोड़ी देर में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी! आज जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का ऐलान, ध्रुव राठी रिहा

CJP Protest Updates: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को गिरफ्तार किए जाने के बाद आज यानी रविवार (11 अक्तूबर) को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। न्यूज एजेंसी ANI ने पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह के हवाले से यह जानकारी दी है। वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर के नेतृत्व में वकीलों की एक टीम CJP नेताओं की ओर से पैरवी कर सकती है। इस बीच, CJP ने चुनावी वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के विरोध में आज जंतर-मंतर पर एक बार फिर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

हिरासत के बाद अरेस्ट हुए CJP नेता

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। उन्हें आज रविवार को दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।”

पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय राजधानी में उनका विमान उतरने के बाद उन्हें हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शनिवार को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोक दिया था।

रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट कर बताया कि अभिजीत, आशुतोष और सौरव दास को सुबह दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने उन्हें सुबह इस बारे में जानकारी दी। CJP की लीगल हेड होने के नाते वह अन्य वकीलों के साथ पुलिस स्टेशन पहुंचेंगी।

दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान से हिरासत में लिए गए CJP नेता

CJP के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक विमान से हिरासत में लिया गया था। ये नेता जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने की तैयारी में थी।

यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर आयोजित किया जाना था। राजधानी में प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए और प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

आज फिर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी CJP

CJP ने हिरासत और पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपने आंदोलन को जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी ने आज जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी की मांग है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली में CJP के आह्वान पर प्रस्तावित जुटान को रोकने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

चार पूर्व मुख्यमंत्री भी हिरासत में लिए गए

दिल्ली में हिरासत में लिए गए लोगों में चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल थे। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) के अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की संस्थापक ममता बनर्जी, वामपंथी नेता पिनराई विजयन और माणिक सरकार के नाम शामिल हैं। प्रदर्शन को लेकर पुलिस और आयोजकों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। उसका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, CJP ने वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर अपना विरोध जारी रखने का फैसला किया है।

ध्रुव राठी को छोड़ा गया, जंतर-मंतर पहुंचने पर फिर कार्रवाई की चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार देर रात रिहा कर दिया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यदि वह जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश करते हैं तो उनके खिलाफ दोबारा कार्रवाई की जा सकती है। एक अधिकारी ने रविवार सुबह बताया, “हरियाणा के गुरुग्राम में हिरासत में लिए जाने के बाद यूट्यूबर ध्रुव राठी को देर रात रिहा कर दिया गया।” राठी को आज तड़के 3 बजे रिहा किया गया।

दिल्ली में लगातार हो रही हिरासत की कार्रवाइयों और CJP के नए प्रदर्शन के ऐलान के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनी हुई है। अब सबकी निगाहें आज होने वाली मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी हैं।

सीईसी के इस्तीफा देने तक पीछे नहीं हटेंगे

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तब तक प्रदर्शन जारी रखने का संकल्प जताया, जब तक मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। CJP ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

इस बीच, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित पाबंदियों को लेकर चेतावनी जारी की है। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉजपा के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।’” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की।

शिंदे ने CJP संस्थापक अभिजीत दीपके और सह-संयोजकों सौरव दास तथा आशुतोष रांका की हिरासत के बारे में भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए जाने के 12 घंटे बाद भी तीनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।

CJP Protest: ‘आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं’; दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों पर UN की टिप्पणियों पर भारत का पलटवार

CJP Protest: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शनिवार (10 अक्तूबर) को राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने का आग्रह किया। इसके बाद जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए उन्हें गलतफहमी पर आधारित और देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप बताया।

भारत ने स्पष्ट किया कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है। लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधित्व से जुड़े एक्स (X) अकाउंट पर जारी पोस्ट में भारत ने अपना पक्ष रखा।

भारत के स्थायी मिशन ने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार हमारे संविधान में निहित है और मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा स्वतंत्र मीडिया द्वारा इसकी रक्षा की जाती है।” उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हर लोकतंत्र की तरह, भारत के नागरिक भी सार्वजनिक व्यवस्था के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं।”

सुरक्षा बलों ने ‘जेन-जी’ के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों को मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोक दिया, जिसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनावी सुधारों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों से इनकार किया है।

UN ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थमीम अल-खीथान ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कार्यालय दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर चिंतित है। बयान में कहा गया, “हम अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करने और उसे सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।”

अल-खीथान ने भारतीय अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि कानून लागू करने वाले कर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते समय अत्यंत संयम बरतें। उन्होंने कहा कि ऐसा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा किया जाना चाहिए।” संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों से व्यापक स्तर पर व्यक्त की गई चिंताओं का समाधान करने के लिए अर्थपूर्ण संवाद करने का भी आग्रह किया।

क्या है पूरा मामला?

CJP ने मध्य दिल्ली के प्रमुख स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था और सड़क मार्गों पर लगाए गए अवरोधकों के कारण अधिकतर प्रदर्शनकारी इलाके में नहीं पहुंच सके। CJP ने बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचे उनके विमान के उतरने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

ये भी पढ़ें- Nana Patekar viral video: ‘हमको 12 मन लकड़ी लगेगी, यही मेरी संपत्ति है’; नाना पाटेकर ने मौत को भी बना दिया जिंदगी का सबसे सच्चा सबक

CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, “बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।”