‘लंदन की लाखों की कमाई और आरामदायक जिंदगी छोड़ देश के लिए लड़े आशुतोष और सौरभ…’ , CJP नेता अभिजीत दिपके ने लिखी इमोशनल पोस्ट

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फांउडर अभिजीत दिपके ने पार्टी के सदस्य आशुतोष रांका और सौरव दास के समर्थन में एक इमोशनल नोट लिखा है। आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को लगातार छठे दिन न्यायिक हिरासत में रहे। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में अभिजीत दिपके ने बताया कि दोनों ही लंदन में लाखों की कमाई कर रहे थे। अभिजीत ने उनकी पुरानी जिंदगी, देश के लिए कुछ बेहतर करने के फैसले और दूसरों के हक में आवाज उठाने के जज्बे को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे दोनों ने अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़कर उन लोगों के लिए लड़ने का रास्ता चुना, जिन्हें मदद की जरूरत है।

दिपके ने किया इमोशनल पोस्ट

X पर किए गए पोस्ट में अभिजीत दिपके ने लिखा, “कुछ साल पहले आशुतोष रांका लंदन में अच्छी सैलरी वाली कॉर्पोरेट नौकरी करते थे, जहां से उन्हें लाखों रुपये मिलते थे। वहीं, सौरव दास देश की कानूनी व्यवस्था पर लिख रहे थे और अपनी जिंदगी अच्छे से जी रहे थे। दोनों के पास सफल करियर, फाइनेंशियल सिक्योरिटी और अपनी बनाई हुई जिंदगी को आगे बढ़ाने के कई मौके थे।”

उन्होंने आगे लिखा, “लेकिन दोनों ने देश को बेहतर बनाने की उम्मीद में अपनी पुरानी जिंदगी छोड़ने का फैसला किया। उनके पास आरामदायक जीवन छोड़कर सड़कों पर उतरने, मुश्किलों का सामना करने और जेल जाने की कोई मजबूरी नहीं थी। इसके बावजूद, उन्होंने यह रास्ता चुना और देश के लिए कुछ बेहतर करने की कोशिश में जुट गए।”

बिता सकते थे आराम की जिंदगी

दिपके ने आगे लिखा, “इन दोनों की सबसे खास बात यह है कि अच्छी बैकग्राउंड से आने के बावजूद उन्होंने उन लोगों के हक में आवाज उठाने का फैसला किया, जिनके पास उनके जैसे मौके और सुविधाएं नहीं थीं। वे चाहते तो दूसरों की परेशानियों से दूर रहकर अपनी जिंदगी आराम से बिता सकते थे। वे उन लोगों की समस्याओं को भी नजरअंदाज कर सकते थे, जिन्हें वे जानते तक नहीं थे।”

यहीं है उनकी सबसे बड़ी खूबी

दिपके ने आगे लिखा, “उनसे किसी ने अपनी सुख-सुविधाएं छोड़ने या इतना बड़ा त्याग करने के लिए नहीं कहा था। इसके बावजूद उन्होंने ऐसा किया, क्योंकि वे सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि दूसरों की जिंदगी की भी परवाह करते थे। मेरे हिसाब से, किसी इंसान की सबसे बड़ी खूबी यही होती है कि वह अनजान लोगों के लिए भी आवाज उठाए, ऐसी लड़ाइयां लड़े जिनका सीधा संबंध उससे न हो और दूसरों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगाने को तैयार रहे। आशु और सौरव भी ऐसे ही इंसान हैं।” बता दें इससे पहले भी अभिजीत दिपके ने आशुतोष रांका और सौरव दास के लिए इमोशनल पोस्ट डाला था।

अमेरिकी डोनर्स दे रहे CJP को पैसा! ये दावा करने वाली अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन कौन हैं?

Mary Millben attacks CJP: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने अभिजीत दीपके की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके संगठन को अमेरिका में ऐसे डोनर से फंडिंग मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में भारत के भविष्य के खिलाफ हैं। मैरी मिलबेन ने भारत के युवाओं से अपील की है कि वे कथित तौर पर देश में अशांति फैलाने वाली ताकतों के खिलाफ आवाज उठाएं और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएं।

मिलबेन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब नई दिल्ली में विपक्षी दलों और CJP के समर्थकों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

PM मोदी के समर्थन में क्या बोलीं मैरी मिलबेन?

41 वर्षीय सिंगर मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर लिखे अपने मैसेज में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 साल तक भारत की सेवा की है, जिनमें 12 साल PM के रूप में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि PM मोदी लगातार तीन कार्यकाल के लिए चुने गए हैं। उनके अनुसार, वह अमेरिका से आने वाली कथित विघटनकारी ताकतों के सामने नहीं झुकेंगे। मिलबेन ने दावा किया कि कुछ अमेरिकी डोनर दुनियाभर में रूढ़िवादी विचारधारा वाले नेताओं को निशाना बनाने का एक पैटर्न अपनाते हैं।

उनके मुताबिक, पहले संबंधित देश के किसी अमेरिकी शिक्षित व्यक्ति को तलाशा जाता है। फिर उसे कट्टर विचारों की ओर प्रेरित कर वापस भेजा जाता है और उसके बाद कथित तौर पर अशांति फैलाने के लिए फंडिंग की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों का असर संबंधित देशों के विकास और शासन व्यवस्था पर पड़ता है। हालांकि, अमेरिकी डोनर से CJP को फंडिंग मिलने के अपने दावे के समर्थन में मिलबेन ने इस बयान में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।

युवाओं से की शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

मैरी मिलबेन ने भारत के युवाओं से अपील करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए ऐसे आंदोलनों के मुकाबले एक शांतिपूर्ण जनआंदोलन खड़ा करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में ऐसी नई आवाज उठनी चाहिए, जो देश की मिट्टी में पैदा हुई हो, यहीं पली-बढ़ी हो और यहीं शिक्षित हुई हो। उनके मुताबिक, युवाओं को संगठित होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।

भारत में क्यों लोकप्रिय हैं मैरी मिलबेन?

मैरी मिलबेन अफ्रीकी-अमेरिकी हॉलीवुड अभिनेत्री और मशहूर सिंगर हैं। भारत में वह खास तौर पर भारतीय राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और भक्ति गीत ‘ओम जय जगदीश हरे’ की अपनी प्रस्तुतियों के लिए लोकप्रिय हैं। वर्ष 2023 में अमेरिका में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में भी उन्होंने भारत का राष्ट्रगान गाया था। इस वजह से भारतीय दर्शकों के बीच उनकी पहचान बनी है। इस बीच, दिल्ली के जंतर-मंतर में जबरन घुसने के आरोप में CJP के दो नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री देश में अघोषित आपातकाल लागू कर रहे हैं।

दीपके ने नागपुर में पत्रकारों से कहा कि CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका ने जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर कौन सा अपराध कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शांति बनाए रखने के मुचलके के उल्लंघन और प्रदर्शन के लिए गैर-अधिसूचित क्षेत्र घोषित किए जा चुके जंतर-मंतर पर जबरन घुसने के आरोप में दास और रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

Delhi Traffic Advisory: CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, आज इन अहम रास्तों से जाने से बचें

Delhi traffic advisory for October 11: मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा फिर से विरोध-प्रदर्शन का ऐलान किए जाने के बीच, रविवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली के कई इलाकों में ट्रैफिक संबंधी कड़े प्रतिबंध लागू रहे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, रविवार सुबह छह बजे से ही वाहनों के मार्गों में बदलाव किया गया है। लुटियंस दिल्ली में जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक और कई अन्य प्रमुख चौराहों के आसपास ट्रैफिक प्रभावित रहने की आशंका है।

प्रभावित रूट्स में अशोक रोड-जंतर-मंतर रोड गोलचक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ चौराहा, जय सिंह रोड-संसद मार्ग चौराहा, रेल भवन गोलचक्कर, पटेल चौक, गोल डाकखाना और कनॉट प्लेस के आसपास के कई चौराहे शामिल हैं। इसके अलावा, मंडी हाउस, मिंटो रोड-दीन दयाल उपाध्याय मार्ग चौराहा, लोधी रोड फ्लाईओवर, नीला गुंबद गोलचक्कर, सम्राट होटल गोलचक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग चौराहा तथा भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर के नीचे बने अंडरपास पर भी यातायात प्रभावित रहने की आशंका है।

ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने और विशेष रूप से रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों तथा एयरपोर्ट जाने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी है। पुलिस ने बताया कि स्थिति का आकलन करने के बाद प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी या उनमें बदलाव किया जाएगा। ये पाबंदियां सुबह 6 बजे से शुरू हो गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि जमीनी हालात के आधार पर इन्हें लागू या बदला जा सकता है।

इन रास्तों को करें इग्नोर

शंकर रोड-वंदे मातरम टी-पॉइंट गोलचक्कर (नई दिल्ली की ओर)

धौला कुआं फ्लाईओवर

झंडेवालान गोलचक्कर

पंचकुइयाँ गोलचक्कर

मंडी हाउस गोलचक्कर

डॉ. दिनेश नंदिनी डालमिया चौक (W-पॉइंट)

राम चरण अग्रवाल चौक (A-पॉइंट)

मिंटो रोड और दीन दयाल उपाध्याय मार्ग

गुरु नानक चौक

चेम्सफ़ोर्ड रोड-आउटर सर्कल कनॉट प्लेस टी-पॉइंट

भैरौं रोड-MGM (रिंग रोड) टी-पॉइंट

लोधी रोड फ़्लाईओवर

नीला गुंबद गोलचक्कर

मदरसा टी-पॉइंट

सम्राट होटल गोलचक्कर

सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग क्रॉसिंग

भीकाजी कामा प्लेस के नीचे

मोती बाग फ़्लाईओवर के नीचे

रिंग रोड-सैन मार्टिन मार्ग टी-पॉइंट

अशोक रोड-जंतर मंतर रोड गोलचक्कर

विंडसर पैलेस गोलचक्कर

टॉल्स्टॉय-जनपथ क्रॉसिंग

रेल भवन गोलचक्कर

जय सिंह रोड-संसद मार्ग क्रॉसिंग

आउटर सर्कल कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड टी-पॉइंट

गोल डाक खाना गोलचक्कर

पटेल चौक गोलचक्कर

जय सिंह रोड-अशोक रोड टी-पॉइंट

RML हॉस्पिटल गोलचक्कर

आउटर सर्कल कनॉट प्लेस-संसद मार्ग टी-पॉइंट।

दिल्ली में सुरक्षा के कड़े प्रबंध

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना प्रदर्शन जारी रखने की कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की घोषणा के मद्देनजर दिल्ली में रविवार को लगातार दूसरे दिन भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवानों की तैनाती की योजना है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाया था। प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था।

अवैध सभाओं को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली से लगती सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कड़ी कर दी गई है। CJP की ओर से अपना आंदोलन जारी रखने की घोषणा के बाद सुरक्षा के ये इंतजाम किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था संभालने में दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 120 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जमीनी स्तर पर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं।

पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी है। वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है और होटलों, गेस्ट हाउस, लॉज तथा धर्मशालाओं में लोगों के सत्यापन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों को जुटाने की कोशिशों का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी नजर रखी जा रही है।

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पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा कर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक घोषणाओं की जानकारी ले लें।

CJP Protest: ‘आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं’; दिल्ली विरोध-प्रदर्शनों पर UN की टिप्पणियों पर भारत का पलटवार

CJP Protest: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय (OHCHR) ने शनिवार (10 अक्तूबर) को राजधानी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई। संयुक्त राष्ट्र ने भारतीय अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का सम्मान करने और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए लोगों को तत्काल रिहा करने का आग्रह किया। इसके बाद जिनेवा में भारत के स्थायी मिशन ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए उन्हें गलतफहमी पर आधारित और देश के आंतरिक मामलों में अनुचित हस्तक्षेप बताया।

भारत ने स्पष्ट किया कि देश में शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार संविधान के तहत प्राप्त है। लेकिन यह अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन है। जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र में भारत के आधिकारिक प्रतिनिधित्व से जुड़े एक्स (X) अकाउंट पर जारी पोस्ट में भारत ने अपना पक्ष रखा।

भारत के स्थायी मिशन ने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने का अधिकार हमारे संविधान में निहित है और मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका तथा स्वतंत्र मीडिया द्वारा इसकी रक्षा की जाती है।” उसने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हर लोकतंत्र की तरह, भारत के नागरिक भी सार्वजनिक व्यवस्था के हित में लगाए गए उचित प्रतिबंधों के अधीन इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं।”

सुरक्षा बलों ने ‘जेन-जी’ के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों को मध्य दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोक दिया, जिसके बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनावी सुधारों और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए आयोजित किया गया था। निर्वाचन आयोग और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों से इनकार किया है।

UN ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता थमीम अल-खीथान ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कार्यालय दिल्ली में आज बड़े पैमाने पर हुए प्रदर्शनों से पहले और उनके दौरान प्रदर्शनकारियों, आंदोलन के नेताओं, नागरिक समाज संगठनों के सदस्यों, वकीलों और पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की खबरों को लेकर चिंतित है। बयान में कहा गया, “हम अधिकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार का पूरी तरह सम्मान करने और उसे सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं।”

अल-खीथान ने भारतीय अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि कानून लागू करने वाले कर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से निपटते समय अत्यंत संयम बरतें। उन्होंने कहा कि ऐसा देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और मानवाधिकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धताओं के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा, “मनमाने ढंग से हिरासत में लिए गए सभी लोगों को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा किया जाना चाहिए।” संयुक्त राष्ट्र ने अधिकारियों से व्यापक स्तर पर व्यक्त की गई चिंताओं का समाधान करने के लिए अर्थपूर्ण संवाद करने का भी आग्रह किया।

क्या है पूरा मामला?

CJP ने मध्य दिल्ली के प्रमुख स्थल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की योजना बनाई थी। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था और सड़क मार्गों पर लगाए गए अवरोधकों के कारण अधिकतर प्रदर्शनकारी इलाके में नहीं पहुंच सके। CJP ने बताया कि उसके संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके साथी सौरव दास तथा आशुतोष रांका को मुंबई से दिल्ली पहुंचे उनके विमान के उतरने के तुरंत बाद हिरासत में ले लिया गया। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों, कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने कहा कि संगठन इस कार्रवाई के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।

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CJP के प्रमुख नेताओं के हिरासत में रहने के बीच प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिंदे ने कहा, “आप चाहे जितने लोगों को हिरासत में लें। लेकिन जब तक सबसे बड़े गद्दार और देशद्रोही ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, हम पीछे नहीं हटेंगे। हम कल सुबह 10 बजे फिर जंतर-मंतर जाएंगे।” उन्होंने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने और पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी विरोध जारी रखने की अपील की। शिंदे ने कहा, “बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें और दिल्ली पुलिस जहां भी आपको रोके, वहीं प्रदर्शन करें।”

Jantar Mantar Protest: दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को लिया हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, वृंदा करात समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली पुलिस ने मुंबई से दिल्ली आए CJP फाउंडर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरते ही हिरासत में ले लिया था।

CEC ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा था कि वह अपने परिवार के साथ 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होंगे। उन्होंने पूरे देश के लोगों से अपील की थी कि वे अधिक से अधिक संख्या में जंतर-मंतर पहुंचें। शनिवार को AAP ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल के आवास के आसपास कड़ा पहरा लगा दिया।

गोपाल राय भी हिरासत में

ताजा अपडेट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान केजरीवाल को हिरासत में ले लिया गया है। AAP के नेता गोपाल राय को भी हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने ममता बनर्जी समेत TMC के दूसरे MPs को भी हिरास​त में लिया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात और कई अन्य नेताओं को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर विरोध-प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके की दादी का निधन, अभी हिरासत में हैं CJP फाउंडर

पंजाब में मनीष सिसोदिया डिटेन

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शनिवार को AAP के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया को पंजाब में कई पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सिसोदिया चंडीगढ़ में CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के दफ्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस प्रदर्शन के दौरान AAP नेता और कार्यकर्ता CEO के दफ्तर की ओर मार्च कर रहे थे, चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगा रहे थे और जवाबदेही की मांग कर रहे थे। जब प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की तो तनाव बढ़ गया, जिसके बाद पुलिस को दखल देना पड़ा। इसके बाद सिसोदिया, हरपाल सिंह चीमा और पंजाब के प्रमुख पार्टी नेताओं समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

Delhi Protest: ‘गिरफ्तार होने ही आया हूं…’, अभिजीत दीपके हिरासत में; IGI एयरपोर्ट पर प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस

Delhi Protest: IGI एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके के प्लेन में घुसी दिल्ली पुलिस, CJP ने लगाया हिरासत में लेने का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार को दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उसके नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को राष्ट्रीय राजधानी में उनका प्लेन उतरने के बाद हिरासत में ले लिया। सोशल मीडिया पर प्लेन के वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में दिल्ली पुलिस कह रही है कि यह गिरफ्तारी नहीं है। CJP ने एक बयान जारी कर कथित रूप से हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। दावा किया कि है यह उसके नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा है।

CJP के नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी ने इस कार्रवाई को बेरोकटोक आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं को तत्काल और बिना किसी शर्त के रिहा करने की मांग की। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने का आरोप लगा है। साथ ही वोटर रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप भी हैं। इसी मुद्दे को लेकर CJP ने विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया है।

“…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं”

अभिजीत दीपके की फ्लाइट कुछ ही मिनट पहले इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर उतरी है। वीडियो में अभिजीत दीपके दिल्ली पुलिस से कहते हुए दिख रहे हैं, “…मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं; कर लीजिए गिरफ्तार।” वहीं दिल्ली पुलिस के जवान कह रहे हैं कि “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।”

ध्रुव राठी को लिया हिरासत में

News18 की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर ध्रुव राठी को भी हिरासत में ले चुकी है। पुलिस ने राठी को शनिवार सुबह गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया। सुबह करीब 7:48 बजे पुलिस सेक्टर 56 के सेंट्रल पार्क विहार में उनके घर पहुंची। शुक्रवार देर रात से ही उनके आवास के बाहर लगभग 50 पुलिसकर्मी तैनात हो गए थे। शनिवार सुबह सिविल ड्रेस और पुलिस की वर्दी में पहुंचे लगभग 50 पुलिसकर्मियों ने औपचारिक रूप से ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया।

Delhi Traffic Advisory Today: जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, उन 31 पॉइंट्स की लिस्ट जहां ट्रैफिक डायवर्जन लागू

200 प्रदर्शनकारी हिरासत में

दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शन को रोकने के लिए चलाए जा रहे इस व्यापक अभियान के तहत पुलिस ने कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 200 प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। नई दिल्ली के पूरे इलाके में पुलिस प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पुलिस सूत्रों का कहना है कि एहतियाती उपायों के तहत राष्ट्रीय राजधानी के सभी 15 जिलों में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Delhi Internet Shutdown: दिल्ली में आज रात 10 बजे से कल रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद, 4 किमी के दायरे में रहेगी पाबंदी

Delhi Internet Shutdown: चुनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी के आरोपों के बीच Cockroach Janata Party (CJP) दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन की तैयारी में है। इसी को देखते हुए मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में आज रात 10 बजे से सभी इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी जाएंगी।

बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने CJP और कुछ छात्र संगठनों को 10 अक्टूबर को प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। नई दिल्ली रेंज की जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नूपुर प्रसाद ने बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, आवेदन देर से दिया गया था और दूसरा, CJP के पिछले प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन हुआ था।

नूपुर प्रसाद ने कहा, “हमें Cockroach Janata Party के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन मिला है। इसमें 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की सूचना दी गई थी।”

4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट नहीं

गृह मंत्रालय के आदेश के बाद, नई दिल्ली में जनपथ-कर्तव्य पथ क्रॉसिंग के 4 किलोमीटर के दायरे में 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।

इस रोक में सभी तरह की मोबाइल इंटरनेट टेक्नोलॉजी शामिल होगी। दिल्ली पुलिस ने टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल, वोडाफोन आइडिया, जियो और MTNL को इस आदेश को लागू करने का निर्देश दिया है। बता दें कि यह आदेश टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 और टेलीकॉम सेवाओं के अस्थायी निलंबन नियम, 2024 के तहत जारी किया गया है।

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दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन बंद रहेंगे

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने राजधानी में 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और इन स्टेशनों पर ट्रेनों की फ़्रीक्वेंसी कम करने का ऐलान किया है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक, ये उपाय शुक्रवार रात 9 बजे से शुरू होंगे और 10 अक्टूबर को हालात सामान्य होने तक लागू रहेंगे। इस अनुरोध में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के 57 स्टेशन शामिल हैं।

यह कदम तब उठाया गया है जब ट्रांसपोर्ट रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस ने DMRC से चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों पर ज़रूरी उपाय करने का अनुरोध किया। उन्होंने नई दिल्ली जिले में जंतर-मंतर और दूसरी जगहों पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों और संवेदनशील इलाकों की ओर बेकाबू भीड़ के बढ़ने की आशंका का हवाला दिया।

गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कथित “वोट चोरी” को लेकर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।

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दिल्ली प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, मेट्रो चलने पर नहीं लगाई जाएगी पूरी रोक, कहा- सेवाएं बंद करने के बजाय रेगुलेट करें

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि 10 अक्टूबर को CJP के विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली मेट्रो और राजधानी आने वाली ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक न लगे। क्योंकि सब कुछ पूरी तरह से ठप नहीं कर सकते।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस बागची और वी. मोहना की बेंच ने केंद्र से कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी कारण से सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने दिया जाए। बेंच ने इस बात पर जोर दिया कि पूरी तरह रोक लगाने और सेवाओं को नियंत्रित तरीके से चलने देने में फर्क है।

बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की बात पर ध्यान दिया कि वे अधिकारियों से रोक पर फिर से विचार करने और मेट्रो ट्रेनों व अन्य रेलवे सेवाओं को उचित रूप से नियंत्रित तरीके से चलने देने के लिए कहेंगे ताकि आम जनता को कोई असुविधा न हो और आनुपातिकता के सिद्धांत का ध्यान रखा जा सके।

उन्होंने कहा कि हम यह साफ करते हैं कि मेट्रो ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जाएगी।” बेंच ने आगे कहा, “हम निर्देश देते हैं कि मेट्रो ट्रेनों और अन्य रेलवे सेवाओं की उचित रूप से नियंत्रित तरीके से आवाजाही के बारे में अधिकारियों द्वारा लिए गए सोच-समझकर किए गए फैसले का उचित प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम जनता को होने वाली असुविधा कम से कम हो।”

बेंच ने ये भी कहा कि दिल्ली में ट्रैफिक की आवाजाही के संबंध में भी इसी तरह के विज्ञापन जारी किए जाने चाहिए। बेंच ने कहा कि सड़कों पर बैरिकेडिंग के मामले पर भी फिर से विचार किया जाना चाहिए और वैकल्पिक रास्तों का उचित प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

बता दें कि  दिल्ली में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होने वाला है। प्रदर्शन से पहले मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और कई ट्रेनों को रद्द करने का सरकार ने फैसला किया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका को दाखिल किया गया था। CPI(M) के महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद एमए बेबी ने याचिका दाखिल कर कोर्ट से इस फैसले में दखल देने को कहा गया था। प्रदर्शन मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया (SIR) और चुनाव आयोग के खिलाफ किया जाने वाला है। इसके चलते दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) को पत्र लिखकर 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखने का ऐलान किया था। यह बंद  9 अक्टूबर की रात 9 बजे से शुरू होकर हालात सामान्य होने तक जारी रखने के लिए कहा गया है।

Piyush Mishra: ‘स्मित मच्छार की बहादुरी और LPU पर भी एक कमेंट हो जाता तो…’, CJP प्रोटेस्ट में शामिल होने पर पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह पर कसा तंज

Piyush Mishra: हाल ही में पीयूष मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह पर ‘चुनिंदा एक्टिविज्म’ (selective activism) का आरोप लगाया। नसीरुद्दीन शाह हाल ही में मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘द कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके से मिले थे, जहां प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी।

वीडियो में पीयूष ने नसीरुद्दीन से सवाल किया कि वे झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की घटना पर तो चुप रहे, लेकिन CJP के विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। कैप्टन स्मित ने अपने को-पायलट द्वारा चाकू मारे जाने के बावजूद उड़ान के दौरान 174 यात्रियों की जान बचाई थी, जिसके लिए देश ने उनकी तारीफ की थी।

‘कृपया स्मित मच्छार की बहादुरी पर भी कमेंट करें’

सोशल मीडिया पर पीयूष का शेयर किया गया वीडियो अब ऑनलाइन खूब देखा जा रहा है। इसमें उन्होंने कहा- “नसीर साहब, आपको मेरा नमस्कार। मैं पीयूष मिश्रा हूं, आपका पुराना परिचित। आपको अभिजीत दीपके से मिलते हुए देखकर अच्छा लगा। सर, हाल ही में एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना फ्लाई दुबई की फ्लाइट 1073 में हुई, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी।

इसमें मिस्टर स्मित मच्छार ने बहादुरी दिखाई और 180 लोगों की जान बचाई। कृपया इस पर भी कमेंट करें, कैप्टन को बधाई दें, उन्हें अच्छा लगेगा।” पीयूष ने LPU की घटना और झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर नसीरुद्दीन की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने आगे कहा, “दूसरी बात, सर, कृपया लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के छात्रों को भी कोई संदेश दें। वे भी वहां पढ़ते हैं और वहां एक बहुत खतरनाक घटना हुई है।

UP Smart Schools: एक ओर यूपी के 14,429 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने का ऐलान, दूसरी ओर नोएडा के स्कूल की CJP ऑडिट पर बवाल

UP smart schools: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत 14,429 सरकारी प्राइमरी स्कूलों को ‘स्मार्ट स्कूलों’ के तौर पर विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। यह फैसला लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इस योजना के तहत, राज्य के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चुने गए स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास शुरू की जाएंगी। इन स्कूलों के छात्रों को स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल किताबें और डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी। टेक्नोलॉजी-आधारित लर्निंग सिस्टम के तहत शिक्षक टैबलेट का भी इस्तेमाल करेंगे।

300 करोड़ रुपये मंज़ूर

योगी सरकार ने इस पहल के लिए 300 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। स्मार्ट क्लास लगाने के लिए ‘श्री ट्रॉन इंडिया लिमिटेड’ को लागू करने वाली एजेंसी के तौर पर चुना है। इंस्टॉलेशन का काम कॉम्पिटिटिव टेंडरिंग (प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया) के जरिए किया जाएगा। प्रस्तावित दर 2,07,910 रुपये प्रति स्कूल तय की गई है, जिसमें सैनिटेशन चार्ज और GST शामिल हैं। अगर टेंडर प्रक्रिया में दर कम आती है, तो सरकार 300 करोड़ रुपये की सीमा के भीतर बची हुई रकम का इस्तेमाल और स्कूलों को कवर करने के लिए कर सकती है।

1,129 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा

राज्य में पहले से ही 32,000 से ज़्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास चल रही हैं। 15,000 से ज्यादा स्कूलों में ICT लैब की सुविधा भी है। जबकि 1,129 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा दी गई है। सरकार ने उत्तर प्रदेश में 2.61 लाख से अधिक शिक्षकों को टैबलेट भी उपलब्ध कराए हैं। उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास 2021 में शुरू हुई थीं। जबकि इनका औपचारिक संचालन 2022-23 शैक्षणिक सत्र से शुरू हुआ।

नई स्मार्ट स्कूल योजना सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा की पहुंच को और बढ़ाएगी। सरकार छात्रों की संख्या और एनरोलमेंट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट क्लास और ICT लैब सुविधाओं का विस्तार करेगी। इस पहल का मकसद सरकारी स्कूलों के बच्चों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है।

CJP ने नोएडा में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मंगलवार को नोएडा में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू कर दिया। इसके तहत संगठन ने युवाओं से अपने आसपास के स्कूलों का निरीक्षण करने और शिक्षण सुविधाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करने की अपील की। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि 15 अगस्त से जारी इस अभियान का उद्देश्य युवाओं को अपने क्षेत्र में स्कूलों की स्थिति और वहां दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

दास ने पत्रकारों से कहा, “आज हम ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत एक स्कूल का ऑडिट करने के लिए नोएडा आए हैं। हम देखना चाहते हैं कि यहां बच्चे किन परिस्थितियों में पढ़ रहे हैं। चूंकि, नोएडा उत्तर प्रदेश के बेहतर जिलों में से एक है, इसलिए उम्मीद की जाती है कि यहां के स्कूलों की स्थिति अच्छी होगी।” उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत सामने लाने के लिए उत्तर प्रदेश के युवाओं को भी आगे आकर अपने आसपास के स्कूलों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए।

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इससे पहले, दास ने X पर एक पोस्ट में कहा था कि वह अप्रैल 2026 में नोएडा में हुए श्रमिकों के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कथित तौर पर प्रताड़ित किए गए और अनुचित तरीके से जेल में डाले गए लोगों के परिजन और मित्रों से मुलाकात करेंगे। दास ने कहा था कि संविधान उचित वेतन की मांग करने और अमानवीय रूप से लंबी पाली के खिलाफ प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा करता है।